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विश्व पर्यावरण दिवस पर काउपैथी समुदाय का हुआ सम्मेलन

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दिल्ली: विश्व पर्यावरण दिवस पर, जबकि दुनिया ने उनके विचार धरती माँ को नष्ट करने का अपराध बोध और इसे कम करने के उपाय थे. इसके बजाय काउपैथी समुदाय ने सभी विशेषज्ञों को एक साथ लाया वैज्ञानिक समुदाय सहित अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्र, कृषि, डेयरी, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, फार्मा, सरकारी संगठनों, एफपीओ और यहां तक ​​कि उद्योग और सेवा उद्योग, पर डब्ल्यूएचओ के वन हेल्थ प्रोग्राम की पहल को पूरा करने के लिए वन प्लेटफॉर्म भारत

ऑर्गेनिक के आयोजन में तेजी लाने के उनके मिशन के अनुरूप और प्रकृति आधारित कृषि, विशेषज्ञ और सभी के हितधारक क्षेत्र, नए पर्यावरण के अनुकूल नवाचार लाने में मदद करने के लिए उन सभी का ज्ञान जो केमिकल से पलायन करने के इच्छुक हैं प्रकृति आधारित जीवन शैली के लिए। संस्थापक और अध्यक्ष प्रो. आर.एस. अध्यक्ष ने अभिजात वर्ग की मेजबानी की 45 से अधिक वैज्ञानिकों और 30 अन्य लोगों की उपस्थिति में शामिल हैं प्रकृति आधारित खेती में उद्यम करने वाले उद्यमी, हजारों किसान एफपीओ के माध्यम से संगठित समूहों में, फिर भी अन्य बेहतर संचार और नियंत्रण के लिए आईटी अवसंरचना में लाना खेती, और यहां तक ​​कि पर्यावरण के अनुकूल बायोमास आधारित शीत भंडारण में मदद करने के लिए भोजन की बर्बादी को कम करें। महासचिव सुश्री कानू प्रिया मानव संसाधन, विज्ञापन से पेशेवरों की उपस्थिति का समन्वय किया, कानूनी, प्रमाणन, लेखा परीक्षा आदि जिन्होंने विशेष सहायता की पेशकश की और क्षेत्र के लिए समर्थन।

गाय आधारित चिकित्सा ध्यान और स्वास्थ्य देखभाल जो पुरानी बीमारियों और बीमारियों से राहत दिलाती है: वेल सप्लीमेंट्स को कई सफलता की कहानियों के साथ साझा किया गया। गाय टिहरी, गढ़वाल में गौ तीर्थ आश्रम द्वारा पर्यटन पर भी प्रकाश डाला गया। यह देखा गया है कि प्राचीन भारतीय संस्कृति में गायों को भोजन सहित हमारे जीवन शैली प्रबंधन से लंबे समय से जुड़ा हुआ है खेती, डेयरी, स्वास्थ्य और आयुर्वेद, साथ ही, व्यापार और अधिकांश जीवन शैली प्रथाओं। चाहे प्रतीकात्मक रूप से कामधेनु के दिव्य उपहार के रूप में, या सदस्य के रूप में हर घर में, एक माँ के समान, गाय को मिला है महत्वपूर्ण महत्व, ज्यादातर इसलिए कि यह बिल्कुल अद्वितीय है इसके परिवेश पर प्रभाव! और इस प्रकार गाय के उत्पाद, संपूर्णता में, दूध, दुग्ध उत्पाद और यहां तक ​​कि अपशिष्ट सहित, पर विचार किया गया है शुद्ध और शुद्ध करने वाला।

पंचगव्य, 5 प्रमुख गाय उत्पादों का एक मिश्रण आयोजित किया गया है औषधीय और दैनिक शुद्धि ही नहीं में महत्वपूर्ण स्थान प्रथाओं, लेकिन विषहरण, कृषि और यहां तक ​​कि अनिवार्य में भी धार्मिक अनुष्ठान। आधुनिक युग में, कई दशकों के वैज्ञानिक निष्कर्षों में, वहाँ यह साबित करने के लिए सम्मोहक साक्ष्य रहा है कि ये मान्यताएँ आधारित हैं यथार्थ में। इस प्रकार, जबकि अधिकांश रोग केवल मानव से संबंधित मुद्दों को संबोधित करते हैं स्वास्थ्य, काउपैथी ही एकमात्र रोग है जो से संबंधित मुद्दों को भंग करता है मनुष्य जिन सभी समस्याओं का सामना कर रहा है और मानव स्वास्थ्य को संबोधित करता है, पर्यावरणीय स्वास्थ्य, मृदा स्वास्थ्य, पौधों का स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य, ग्रह स्वास्थ्य और यहां तक ​​कि सभी स्तरों पर औद्योगिक स्वास्थ्य और इस प्रकार आर्थिक स्वास्थ्य।

इस प्रकार एकमात्र वादा करने वाला वन स्टॉप सॉल्यूशन WHO का एक स्वास्थ्य कार्यक्रम वन पैथी काउपैथी में पाया जाता है गौ अनुसंधान केंद्र, नागपुर जैसे बड़े संगठन विहिप, इस्कॉन सिकंदराबाद के निदेशक श्री सुनील मानसिंहका स्वामी (डॉ.) सहदेव दासजी, स्वामी नारायण ट्रस्ट के स्वामी सुनील भगत ऋषिकेश, आर्ट ऑफ लिविंग के श्री हर्षवर्धन, शांतिकुंज हरिद्वार के डीपी सिंहजी, और बीजेपी गुजरात के प्रशांत वालाजी और इनोवेटिव प्रकाशन के निकिता पंडित, सभी शामिल हुए और समर्थन और सलाह की पेशकश की.

 

गौ तस्करी के आरोप में युवक को दी यातना, चौकी प्रभारी सहित 5 पुलिसकर्मी निलंबित

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बदायूं: यूपी पुलिस का एक और हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है, जिसमें पुलिस ने एक युवक को गौ तस्करी के शक में पहले थर्ड डिग्री दी, फिर 5 हजार की रिश्वत लेकर छोड़ दिया. मामले के तूल पकड़ते ही एसएसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए. जांच के बाद चौकी इंचार्ज, 4 सिपाही और 2 अज्ञातों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

परिजनों का आरोप है कि इस दौरान युवक की हालात इतनी बिगड़ गई कि उसे दौरे पड़ने लगे. जिसके चलते उसे बुलंदशहर के एक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. जब युवक की हालत ज्यादा बिगड़ती दिखी तो उन्होंने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई. जिस पर एसएसपी बदायूं ने मामले की जांच दातागंज सीओ को सौंपी. रिपोर्ट के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कराकर उन्हें निलंबित किया गया है। 

प्रकरण

पुलिस ने युवक को हिरासत में क्यों लिया?

अलापुर थाने की ककराला चौकी के पुलिसकर्मियों ने 2 मई को वार्ड नंबर 12 निवासी रेहान (20) को गौ तस्करों की मदद करने के शक में हिरासत में लिया था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने रातभर उसकी बेरहमी से पिटाई की और बिजली के करंट के झटके भी लगाए। इसी तरह पुलिसकर्मियों ने उसके निजी अंगों में डंडा भी डाल दिया था। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद अगले दिन पुलिसकर्मियों ने 5,000 रुपये की रिश्वत लेकर उसे छोड़ दिया।

खुलासा

कैसे हुआ घटना का खुलासा?

पुलिस की यातना से रेहान की हालत काफी खराब हो गई थी, लेकिन वह जैसे-तैसे कर अपने घर पहुंच गया। इसके बाद उसकी हालत देखकर परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसने परिजनों को पूरी घटना बता दी। पांच दिन पहले अस्पताल के जरिए घटना की सूचना पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गई।
इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ओपी सिंह ने दांतागढ़ के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) प्रेम कुमार थापा को मामले की जांच सौंप दी।

आरोप

परिजनों ने पुलिस पर लगाए रेहान को यातना देने के आरोप

SSP के आदेश पर DSP थापा ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन तब तक परिजन रेहान की हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए दिल्ली ले जा चुके थे।
परिजनों ने वापस आने पर DSP ने उनके बयान दर्ज किए। इसमें परिजनों ने आरोप लगाया कि ककराला चौकी पुलिसकर्मियों ने रेहान को हिरासत में यातनाएं दी और इसके कारण वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा है। वह पिछले 26 दिनों से उसका उपचार करा रहे हैं।

जानकारी

पुलिसकर्मियों ने रेहान को उपचार के लिए दिए थे 100 रुपये रेहान के परिजनों ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने 5,000 रुपये की रिश्वत लेकर रेहान को उपचार के लिए 100 रुपये देकर छोड़ दिया था। उन्होंने घटना के बारे में किसी को बताने पर कई मामले दर्ज कर जेल भेजने की धमकी भी दी थी।

रिपोर्ट

DSP की जांच में सही पाए गए आरोप- SSP

SSP सिंह ने बताया कि DSP थापा ने मामले की जांच की तो सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत कर दी।
उन्होंने बताया कि DSP की रिपोर्ट के आधार पर चौकी प्रभारी सत्यपाल सिंह, कांस्टेबल नरेंद्र सिंह, शेखर चावला, सोनू, और विपिन को तत्काल निलंबित कर दिया। इसके अलावा उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। हिरासत में यातना देना बेहद गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

FIR रेहान की मां की शिकायत के आधार पर सात लोगों पर FIR दर्ज SSP सिंह ने बताया कि मामले में रेहान की मां नजमा की शिकायत पर पांचों पुलिसकर्मियों सहित सात लोगों के खिलाफ मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने, आपराधिक धमकी सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिसकर्मियों के अलावा दो अन्य आरोपियों का पता लगाया जा रहा है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस पिटाई से घायल युवक की मेडिकल रिपोर्ट भी तैयार कराई जा रही है। वह कार्रवाई में अहम होगी।

 

8वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस योग प्रोटोकॉल प्रदर्शन का आयोजन , कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय ने की

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नई दिल्ली – 8वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई 2022) की 16 दिनों की उलटी गिनती के अवसर पर भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) के अधीन आज बीएचईएल (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) के नोएडा टाउनशिप में एक सामान्य योग प्रोटोकॉल प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग के विभिन्न आयामों और मानव जीवन को समृद्ध करने की इसकी क्षमता के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना था।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय ने की। इस अवसर पर बीएचईएल के सीएमडी डॉ. नलिन सिंघल और बीएचईएल बोर्ड के कार्यात्मक निदेशक उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में भारी उद्योग मंत्रालय और बीएचईएल के वरिष्ठ अधिकारी, बीएचईएल महिला कल्याण संघ के सदस्य और बीएचईएल के साथ-साथ अन्य सीपीएसई के कर्मचारियों व उनके परिवार के सदस्यों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इस समारोह का बीएचईएल और मंत्रालय के अधीन आने वाले अन्य सीपीएसई की सभी इकाइयों व कार्यालयों में सीधा प्रसारण किया गया। इस कार्यक्रम में मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के प्रशिक्षकों ने योग आसनों के बारे में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।

इस अवसर पर डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय ने एक सभा को संबोधित किया। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि माननीय प्रधानमंत्री की पहल का परिणाम संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित करने में हुआ। इसके कारण यह पूरे विश्व में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। मंत्री ने आगे कहा कि योग, विश्व को दिया गया भारत का उपहार है और यह मधुमेह (डायबिटीज), मोटापा, तनाव, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी कई सामान्य जीवन शैली की बीमारियों को रोकने में सहायता कर सकता है व मौजूदा समस्याओं के प्रभाव को कम कर सकता है। मंत्री ने कहा, “हमें योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। उस दिशा में उठाए गए एक कदम के रूप में हम योग कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि योग हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन जाए”।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डॉ. पाण्डेय ने इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों से पर्यावरण को बनाए रखने में वृक्षों के मूल्य को समझने और उसकी सराहना करने का आह्वाहन किया। उन्होंने स्मारक वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत बीएचईएल टाउनशिप में पौधारोपण भी किया।

प्रधानमंत्री 6 जून को वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालयों केआइकोनिक वीक समारोह का उद्घाटन करेंगे

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New Delhi – यह सप्ताह 6 से 11 जून, 2022 तक ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ (एकेएएम) के हिस्से के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर कल भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 6 जून, 2022 को सुबह 10:30 बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली में वित्त मंत्रालय और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालयों के आइकोनिक वीक समारोह का उद्घाटन करेंगे।

समाचार के अनुसार प्रधानमंत्री क्रेडिट लिंक्ड सरकारी योजनाओं के लिए राष्ट्रीय पोर्टल – जन समर्थ पोर्टल का भी शुभारंभ करेंगे। सरकारी  क्रेडिट योजनाओं को जोड़ने वाला वन-स्टॉप डिजिटल पोर्टल होगा । यह अपनी तरह का पहला मंच है जो लाभार्थियों को सीधे ऋणदाताओं से जोड़ता है।

जन समर्थ पोर्टल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के समावेशी विकास और प्रगति को सरल और आसान डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से सही प्रकार के सरकारी लाभों के साथ मार्गदर्शन प्रदान करना है। पोर्टल सभी लिंक की गई योजनाओं का संपूर्ण कवरेज सुनिश्चित करता है।

प्रधानमंत्री एक डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे जो पिछले आठ वर्षों में दोनों मंत्रालयों की यात्रा का पता लगाती है। प्रधानमंत्री 1 रुपए, 2 रुपए, 5 रुपए, 10 रुपए और 20 रुपए के सिक्कों की विशेष श्रृंखला भी जारी करेंगे।
सिक्को  की इन विशेष श्रृंखलाओं में केएएम के लोगो की थीम होगी और दृष्टिबाधित व्यक्तियों द्वारा भी आसानी से पहचाना जा सकेगा।

देश भर में 75  स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा और प्रत्येक स्थान को वर्चुअल मोड के माध्यम से मुख्य कार्यक्रम स्थल से जोड़ा जाएगा।

Allahabad High Court :गोवध कानून को ले कर न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने दिया अनोखा फैसला

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प्रयागराज, संवाददाता। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गोवध कानून के तहत गिरफ्तार बरेली जनपद में भोजीपुरा थाना क्षेत्र के सलीम उर्फ कालिया की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। हाई कोर्ट ने याची के वायदे के मुताबिक उसे रिहा होने के एक माह के भीतर बरेली की पंजीकृत गोशाला में एक लाख रुपये जमा करने तथा एक महीने तक गोशाला में गाय की सेवा करने का निर्देश दिया है। साथ ही इलाहाबाद कोर्ट ने कहा कि यदि शर्तों का पालन नहीं किया गया तो जमानत निरस्त करने का आधार होगा। इसके अलावा कोर्ट ने कई अन्य शर्तें भी लगाई है। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने दिया है।

याची की ओर से कहा गया कि वह निर्दोष है। पुलिस ने उसे झूठा फंसाया है। उसके पास से कोई बरामदगी नहीं की गई है। जो बरामदगी दिखाई गई है उसके स्वतंत्र गवाह नहीं है। वह तीन अगस्त 2021 से जेल में बंद हैं। केस का ट्रायल शीघ्र पूरा होने की संभावना नहीं है। वह हर तरह का सहयोग करेगा। जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा।

पहली जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अदालत में दूसरी अर्जी दी थी जमानत ने

इससे पहले कोर्ट पहली जमानत अर्जी खारिज कर चुका है। यह दूसरी जमानत अर्जी दी गई थी। इस अर्जी को कोर्ट ने याची द्वारा एक लाख रुपये गोशाला में जमा करने व गोशाला में गायों की एक माह सेवा करने का आश्वासन देने पर मंजूर कर ली है।

 

कवि निराला पर ऑन लाइन कवि सम्मेलन

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गुजरात , कवि निराला हिंदी साहित्य अकादमी नागदा जंक्शन मध्य प्रदेश गुजरात के सचिव डॉ गुलाब चंद पटेल अध्यक्ष महात्मा गांधी साहित्य मंच गांधीनगर द्वारा कवि निराला सूर्यकांत त्रिपाठी के विषय में हिंदी मे ऑन लाइन हिंदी कवि सम्मेलन आयोजित किया गया था . 

इस कार्यक्रम में सरस्वती वंदना के बाद कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी,इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध साहित्यकार इलाहाबाद से आदरणीय श्री विजयानंद जी ने कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया था, विशिष्ट अतिथि के रूप में खम्भों लज साहित्य सेवा संस्था के अध्यक्ष श्री शैलेष वाणिया, साहित्यकार एवं शिक्षक गुरु ज़न श्री धर्मेश कुमार जोशी गोधरा गुजरात एवं पूर्व बैंक अधिकारी श्री जे बी पटेल अहमदाबाद उपस्थित थे इन्होने कवियों को प्रोत्साहित किया गया था .

इस कार्यक्रम में डॉ गुलाब चंद पटेल अध्यक्ष जी ने अतिथि यों का शाब्दिक स्वागत किया था, इस कार्यक्रम में कुल मिलाकर 25 कवियों ने हिस्सा लेकर अपनी रचनाए प्रस्तुत किया गया था, अंत में राष्ट्र गीत ज़न गण मन प्रस्तुत किया गया था , इस कार्यक्रम में आभार व्याप्त कोषाध्यक्ष एवं एडवोकेट श्री कांति भाई पटेल गांधीनगर द्वारा किया गया था
– डॉ गुलाब चंद पटेल

नैचुरल फार्मिंग का एक विशाल कारिडोर बनाएंगे- पीएम मोदी

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‘मिट्टी बचाओ आंदोलन’ कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी- ‘पर्यावरण संरक्षण के लिए कई प्रयास कर रहा है भारत’

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विज्ञान भवन में ‘मिट्टी बचाओ आंदोलन’ पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम ने कहा आप सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं। सद्गुरु और ईशा फाउंडेशन आज बधाई के पात्र हैं, मार्च में इनकी संस्था ने मिट्टी बचाओ आंदोलन की शुरुआत की थी और 27 देशों से होते हुए उनकी यात्रा 75वें दिन यहां पहुंची। वहीं, पीएम मोदी आज वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए वैश्विक पहल ‘लाइफस्टाइल फार द एनवायरनमेंट (LiFE) मूवमेंट’ का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस कार्यक्रम में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष बिल गेट्स भी शामिल होंगे। वहीं, गुजरात के सूरत के पांडेसरा इलाके में बीती रात एक कपड़ा मिल में आग लग गई। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर हैं। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर बंजर जमीन को रिस्टोर करने पर भी काम कर रहा है। पर्यावरण की रक्षा के लिए आज भारत नई नवीनता और प्रो पर्यावरण प्रौद्योगिकी पर लगातार जोर दे रहा है।

पीएम मोदी ने कहा हमने अपनी स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता का 40 परसेंट गैर-जीवाश्म-ईंधन आधारित स्रोत से हासिल करने का लक्ष्य तय किया था। ये लक्ष्य भारत ने तय समय से 9 साल पहले ही हासिल कर लिया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा भारत आज जैव विविधता और वन्यजीव से जुड़ी जिन नीतियों पर चल रहा है, उसने वन्य-जीवों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि की है। आज चाहे बाघ, शेर, तेंदुआ या फिर हाथी हो सभी की संख्या देश में बढ़ रही है। आज भारत ने पेट्रोल में 10 प्रतिशत इथेनाल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है। आपको ये जानकर भी गर्व की अनुभूति होगी, कि भारत इस लक्ष्य पर तय समय से 5 महीने पहले पहुंच गया है।

नैचुरल फार्मिंग का एक विशाल कारिडोर बनाएंगे- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा इस साल के बजट में हमने तय किया है कि गंगा के किनारे बसे गांवों में नैचुरल फार्मिंग को प्रोत्साहित करेंगे, नैचुरल फार्मिंग का एक विशाल कारिडोर बनाएंगे। इससे हमारे खेत तो कैमिकल फ्री होंगे ही, नमामि गंगे अभियान को भी नया बल मिलेगा। पीएम ने कहा हम कैच द रेन जैसे अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण से देश के जन-जन को जोड़ रहे हैं। इस साल मार्च में ही देश में 13 बड़ी नदियों के संरक्षण का अभियान भी शुरू हुआ है। इसमें पानी में प्रदूषण कम करने के साथ-साथ नदियों के किनारे वन लगाने का भी काम किया जा रहा है। पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि पहले हमारे देश के किसान के पास इस जानकारी का अभाव था कि उसकी मिट्टी किस प्रकार की है, उसकी मिट्टी में कौन सी कमी है, कितनी कमी है। इस समस्या को दूर करने के लिए देश में किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड देने का बहुत बड़ा अभियान चलाया गया।
उन्होंने कहा मिट्टी को बचाने के लिए हमने पांच प्रमुख बातों पर फोकस किया है पहला- मिट्टी को केमिकल फ्री कैसे बनाएं। दूसरा- मिट्टी में जो जीव रहते हैं उन्हें कैसे बचाएं। तीसरा- मिट्टी की नमी को कैसे बनाए रखें, उस तक जल की उपलब्धता कैसे बढ़ाएं। चौथा- भूजल कम होने की वजह से मिट्टी को जो नुकसान हो रहा है, उसे कैसे दूर करें और पांचवा, वनों का दायरा कम होने से मिट्टी का जो लगातार क्षरण हो रहा है, उसे कैसे रोकें। 

पीएम मोदी ने कहा मुझे संतोष है कि देश में पिछले 8 साल से जो योजनाएं चल रही है, सभी में किसी न किसी रूप से पर्यावरण संरक्षण का आग्रह है। पर्यावरण रक्षा के भारत के प्रयास बहुआयामी रहे हैं। भारत ये प्रयास तब कर रहा है जब जलवायु परिवर्तन में भारत की भूमिका न के बराबर है। पीएम ने कहा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत ने CDRI और इंटरनेशनल सोलर अलायंस के निर्माण का नेतृत्व किया है। पिछले वर्ष भारत ने ये भी संकल्प लिया है कि भारत 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य हासिल करेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विज्ञान भवन में मिट्टी बचाओ आंदोलन पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम ने कहा आप सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं। सद्गुरु और ईशा फाउंडेशन आज बधाई के पात्र हैं, मार्च में इनकी संस्था ने मिट्टी बचाओ आंदोलन की शुरुआत की थी और 27 देशों से होते हुए उनकी यात्रा 75वें दिन यहां पहुंची।

 

 

Birthday of CM Yogi- गौपुत्र ,धर्मरक्षक , राष्ट्रनायक योगी आदित्यनाथ जी केजन्मदिन पर विशेष

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज 50वां जन्मदिन मनाया जा रहा है. इस मौके पर राज्य भर में विभिन्न संगठनों ने अलग-अलग तरीके से सीएम योगी का जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रखी है. वहीं मुख्यमंत्री को जन्मदिन पर बधाई देने वालों का भी तांता लगा हुआ है. इसमें सबसे बड़ा नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है, जिन्होंने ट्वीट करके सीएम योगी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं.
देश की राजनीति में प्रमुख स्थान रखने वाले योगी आदित्यनाथ उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री है जो की अपनी विकासवादी और राष्ट्रवादी छवि के लिए जाने जाते है। हाल ही में संपन्न हुये उतर-प्रदेश के विधानसभा चुनावो में भी भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला दिला कर दुरी बार मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ का आज जन्म दिन है परम गौभक्त , गौमाता को वैभव दिलवाने में मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ का मंत्रालय दिन रात काम कर रहा है। आज प्रदेश में गौवंश को ले कर बहुत साड़ी योजनाए कार्य कर रहे है। यैसे परम गौ भक्त महाराज श्री के जन्म दिन पर उन्हें ढेरों शुभकामनाएं देते हुए उनकी राजनीतिक यात्रा और जीवन पर थोड़ी पुष्ट अपुष्ट जानकारी आप के साथ साझा करते हुए -जयश्री राम

Birthday greetings to UP’s dynamic Chief Minister @myogiadityanath Ji. Under his able leadership, the state has scaled new heights of progress. He has ensured pro-people governance to the people of the state. Praying for his long and healthy life in service of the people.

कौन है योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ उत्तर-प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित गोरखनाथ मंदिर के महंत और प्रदेश के मुख्यमंत्री है। इन्होने वर्ष 1994 में गोरखनाथ मंदिर के महंत अवैद्यनाथ जी के सानिध्य में सिर्फ 22 वर्ष की उम्र में संन्यास ले लिया था। बाद में उन्हें वर्ष 2014 में इसी मठ का महंत भी बनाया गया था जिसके बाद 2017 में वे उतर-प्रदेश के 21 वे मुख्यमंत्री भी बने। योगी आदित्यनाथ को अधिकतर लोग एक प्रखर राष्ट्रवादी नेता के रूप में जानते है साथ ही वे विभिन धार्मिक समूहों से भी जुड़े है। वर्ष 2022 के हालिया चुनावो के परिणामो के आधार पर बीजेपी ने बहुमत हासिल किया है ऐसे में योगी का दुबारा सत्ता में आना तय है। इससे पहले भी वे लगातार 5 बार लोकसभा के सांसद रह चुके है।

योगी आदित्यनाथ का प्रारंभिक जीवन

योगी आदित्यनाथ के बचपन का नाम अजय सिंह बिष्ट रहा है। योगी आदित्यनाथ नाम इन्हे इनके गुरु द्वारा संन्यास ग्रहण करने के पश्चात प्रदान किया गया था। योगी का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखण्ड राज्य के पौड़ी जिले में यमकेश्वर तहसील में स्थित पंचूर ग्राम में आनंद सिंह बिष्ट के यहाँ हुआ। इनके पिताजी वन विभाग में फारेस्ट रेंजर थे जिनकी मृत्यु 20 अप्रैल 2020 को कोरोनाकाल के दौरान हो गयी थी। इनकी माता का नाम सावित्री देवी है जो की अभी भी योगी के पैतृक गाँव में रहती है। योगी के 3 भाई और 3 बहने है जिनमे से Yogi Adityanath 5वें नंबर की संतान है। योगी की प्रारंभिक शिक्षा टिहरी गढ़वाल के गजा क्षेत्र में स्थित स्कूल में हुई। इसके बाद ये आगे की शिक्षा के लिए ऋषिकेश आ गए जहाँ वर्ष 1989 में इन्होने भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

आपको बता दे की योगी आदित्यनाथ हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में स्नातक (BSc) है इसके अतिरिक्त इन्होने पोस्ट-ग्रेजुएशन के लिए भी एडमिशन लिया था परन्तु इस समय देश में राम-मंदिर का आंदोलन जोरो पर था ऐसे में इनका ध्यान भी आंदोलन की उठापटक के कारण विचलित हो गया जिससे की ये अपनी पोस्ट-ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी नहीं कर पाए। वर्तमान में योगी आदित्यनाथ की उम्र 49 वर्ष है।

संन्यासी जीवन का सफर

योगी आदित्यनाथ पर गुरु गोरखनाथ का गहरा प्रभाव रहा है ऐसे में गोरखनाथ के जीवन पर शोध करने के लिए ये वर्ष 1993 में गोरखपुर आ गए थे। यहाँ गोरखनाथ मंदिर के महंत अवैद्यनाथ की शरण में इन्होने दीक्षा ली और फलस्वरूप 15 फरवरी 1994 को ये पूर्ण रूप से नाथ सम्प्रदाय का हिस्सा बन गए। साथ ही इन्होने अपनी पुरानी पहचान त्यागकर योगी आदित्यनाथ नाम भी ग्रहण कर लिया। 12 सितंबर 2014 को गोरखनाथ मंदिर के महंत अवैद्यनाथ के निधन के पश्चात इन्हे मंदिर का नया महंत घोषित किया गया है साथ ही ये मंदिर के पीठाधीश्वर भी है। आपको बता दे की Yogi Adityanath द्वारा वर्ष 1994 में ही संन्यास लिया जा चुका है इसलिए इन्होने शादी नहीं की है।

एक संत से लेकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक

योगी आदित्यनाथ के जीवन का राजनैतिक सफर कॉलेज के दिनों से ही शुरू हो गया था। अपने विद्यार्थी जीवन में ये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के सक्रिय सदस्य भी रहे है। योगी द्वारा सबसे पहले वर्ष 1998 में बीजेपी के टिकट पर गोरखपुर सीट से जीत दर्ज की गयी थी। इसके बाद पुनः 1999 के लोकसभा चुनावो में उन्होंने जीत दर्ज की थी। बारहवीं लोक सभा के दौरान मात्र 26 वर्ष की उम्र में संसद पहुंचने वाले वे सबसे युवा सांसद थे। इसके बाद वर्ष 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावो में भी इन्होने लगातार 5 बार संसद बनने का रिकॉर्ड बनाया था। वर्ष 2017 में हुये यूपी विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत मिलने के कारण इन्हे मुख्यमंत्री बनाया गया था।

विवादों से रहा है पुराना नाता

हालांकि अपनी प्रखर छवि के बावजूद भी योगी आदित्यनाथ अपने बयानों के कारण अकसर चर्चा में रहते है। सन् 2002 में इनके द्वारा निजी सेना के रूप में हिन्दू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना भी की गयी है। 7 सितम्बर 2008 को प्रदेश के आजमगढ़ जिले में योगी पर जानलेवा हमला हुआ था जिसमे की वे बाल-बाल बचे थे। इसके अतिरिक्त भी गोरखपुर में हुये दंगो के दौरान योगी आदित्यनाथ को गिरफ्तार किया गया था।

 

जून महीना है दुधारू एवं अन्य सभी मवेशियों को अन्तं कृमि नाशक दवा देने का उपयुक्त समय

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गाय, भैंस के पेट में पलने वाले अदृश्य आंतरिक परजीवी जेसै फीताकृमि, गोलकृमि,लिवर फ्लयूक इत्यादि दुधारू पशुओं का प्रति ब्यांत 100 लीटर तक या प्रतिदिन आधा से 1.0 लीटर दूध उत्पादन कम कर देते हैं । एवं दूध उत्पादकता में 5 प्रतिशत तक की कमी हो जाती हैं। यही नहीं आन्तरिक कृमि मादा गो पशुओं की प्रजनन/गयाभिन होने की क्षमता भी 14 से 17 प्रतिशत तक कम कर देते है। और देशी पशुओं के कम दूध उत्पादन तथा कम होती प्रजनन क्षमता मुख्य कारण भी नियमित अंतराल पर कृमि नाशक दवा नहीं देना ही है।

साधारणतया माह मई, जून में पशु के पेट में पल रहे कृमियों का ब्रीडिंग सीजन होता है इसलिए जून माह में दवा दी जानी चाहिए। जुलाई, अगस्त माह में बरसाती पानी एवं बरसाती घांस,हरा चारा आदि खाना पीना पड़ता है जिनके साथ बरसाती कीड़े भी पशु के पेट में जाकर अपना डेरा जमा कर खून चूसना शुरू कर देते हैं। इनको समाप्त करने के लिए अक्टूबर माह में दवा दी जानी चाहिए।इसी प्रकार से नवम्बर, दिसंबर, जनवरी माह में रिजका,बरसीम, सरसों जैसे हरे चारे खिलाएं जाते हैं,इनके साथ भी विभिन्न प्रकार के कृमि पशु के पेट में चले जाते हैं। इनके निदान के लिए फरवरी माह में दवा दी जानी चाहिए।

इस प्रकार से मवेशियों को पेट के कीड़ों से मुक्त रखने के लिए फरवरी, जून एवं अक्टूबर माह में प्रति व्यस्क पशु अन्तः कृमि नाशक दवा एलबेंडाजोल या आईवरमेक्टीन या आक्सीकलोजेनाईड 100 एम एल दवा या अपने क्षेत्र के पशु चिकित्सक की सलाह अनुसार कोई भी एक दवा दलिया, गुड में मिलाकर लड्डू बनाकर दे देते हैं तो दूध उत्पादन में होने वाले उपरोक्त अदृश्य नुकसान से बच सकते हैं।

अतः समस्त गाय ,भेंस ,बछड़ों को समय-समय पर अन्त कृमि नाशक दवा अवश्य देवें। पशु शरीर पर पलने वाले ब्राह्य कृमि चिंचडे, जूं एवं पिस्सू इत्यादि भी काफी नुकसान पंहुचाते है। पशुओं को इनसे भी बचाये रखना आवश्यक है। एक चिंचडा प्रति दिन 1.5 एम एल खून चूस जाता है। बाजार में प्रचलित ब्यूटोक्स दवा को एक लीटर पानी में 5.0 एम एल मिला कर या कोई अन्य दवा का पशु चिकित्सक की सलाह अनुसार पशु शरीर पर पोंछा लगाना या छिड़काव करना चाहिए। बची हुई दवा को पशु शाला में भी छिड़क देना चाहिए।

सभी पशुओं को उनकी इच्छा अनुसार सेंधा या साधारण नमक भी नियमित रूप से बिना नागा के पीने के पानी में या अलग से चारे की ठान में या प्लास्टिक के आधे कटे ड्रम में भरकर पशु के सामने रख कर उपलब्ध कराते रहें। साधारण तया प्रति व्यस्क मवेशी 30 से 35 ग्राम नमक प्रति दिन अवश्य ही देना चाहिए। ‌‌ ‌

– डॉ महेंद्र गर्ग ‌

सेवानिवृत्त प्रोफेसर, कृषि विश्वविद्यालय ,कोटा
सलाहकार,बायोगेस यूआ तयईटी, कोटा
पूर्व सलाहकार, राष्ट्रीय कामधेनु आयोग,नई दिल्ली

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गोरखनाथ धाम में की गऊ पूजा

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गोरखपुर – राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी सविता कोविंद गीता प्रेस शताब्दी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद बाबा गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने पहुंचे। वहां संस्कृत वेदपाठी बच्चों द्वारा वैदिक रीति से उनका स्वागत किया जाएगा। इस दौरान सीएम योगी और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी मौजूद रहीं। राष्ट्रपति ने बाबा गोरखनाथ के दर्शन करके आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण किया।
मंदिर परिसर में वहीं, स्थित गोशाला में गोसेवा भी की गऊ माता को प्रसाद खिलाया इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी सविता कोविंद काफी मंत्र्मुग्द दिखाई दे रही थी , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी की अगुवाई करते हुए गौमाता की पूजा अर्चना करवाई। श्री गोरखनाथ मंदिर संस्थान के ऑफिसियल ट्वीटर से बड़ी खूबसूरत तस्वीरें ट्वीट की गई है।

समाचार के अनुसार गोरखपुर एयरपोर्ट राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी सविता कोविंद शनिवार दोपहर को पहुंचे। उनका स्वागत यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। यहां से वह सीधे गोरखपुर सर्किट हाउस के लिए निकल गए।

वहां आराम करने के बाद वह शाम 4.45 बजे गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल होने के लिए निकल गए। गीते प्रेस पहुंचते ही महामहिम ने लीलाचित्र मंदिर के दर्शन कर किए। उन्होंने हर एक तस्वीर को बड़े गौर से देखा और समझा। इसके बाद मंच पर सीएम योगी के साथ पहुंच गए।

गीता प्रेस में बने मंच पर महामहिम और देश की प्रथम महिला का जोरदार स्वागत किया गया। साथ में राज्यपाल और सीएम योगी को अंगवस्त्र और पुष्प भेंट किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शताब्दी वर्ष समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम में दो पुस्तकों का विमोचन किया। इसमें तीन सौ रंगीन चित्रों के साथ आर्टपेपर पर प्रकाशित ‘श्रीरामचरितमानस’ और गीता प्रेस के संस्थापक जयदयाल गोयंदका द्वारा लिखित ‘गीता तत्वविवेचनी’ के परिवर्धित संस्करण शामिल है।