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गाय के गोबर से उड़ेगा रॉकेट, इस देश ने दुनिया को दिखाया साइंस का दम

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 दुनिया को दिखाया साइंस का दम

Science News: जापानी अंतरिक्ष स्टार्टअप इंटरस्टेलर टेक्नलॉजीज़ ने जीरो रॉकेट के लिए होक्काइडो स्पेसपोर्ट में अपने कॉसमॉस इंजन की सफल लॉन्चिंग कर पूरी दुनिया को चौंका दिया है.

जापानी अंतरिक्ष स्टार्टअप इंटरस्टेलर टेक्नलॉजीज़ ने जीरो रॉकेट के लिए होक्काइडो स्पेसपोर्ट में अपने कॉसमॉस इंजन की सफल लॉन्चिंग कर पूरी दुनिया को चौंका दिया है.   2/6

खास बात यह है कि इस रॉकेट में गाय के गोबर से बनी मीथेन गैस का इस्तेमाल किया गया और यह कारगर साबित हुई. जापान यह कारनामा करने वाला पहला देश बन गया है.

इस रॉकेट के परीक्षण में 10 सेकंड के लिए इंजन को ताकतवर एनर्जी दी और इसमें शक्तिशाली नीली फ्लेम भी साफ देखी गई.

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यह उपलब्धि यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के गोबर-ईंधन वाले रॉकेट इंजन के विकास के बाद हुई है, लेकिन इंटरस्टेलर टेक्नलॉजीज़ ऐसा करने वाली पहली प्राइवेट कंपनी है.

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रॉकेट के लिए तैयार किया गया बायोमीथेन ईंधन लोकल डेयरी फार्मों की गायों के गोबर के इस्तेमाल से बनाया गया है.

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सुनील ग्रोवर, सोनू निगम, सहित कई हस्तियां मलाड मस्ती में रहीं उपस्थित

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कॉमेडियन सुनील ग्रोवर, सिंगर सोनू निगम, अभिनेता हिमांश कोहली, गायिका भूमि त्रिवेदी सहित कई हस्तियों ने मलाड मस्ती 2023 में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई  जिसका आयोजन विधायक असलम शेख ने किया। रविवार 17 दिसम्बर की सुबह कई बॉलीवुड सितारे मलाड मस्ती में आए और सभी ने जनता का खूब मनोरंजन किया। सिंगर सोनू निगम भी यहां उपस्थित रहे और उन्होंने अपनी जादुई आवाज़ से मलाड वासियों को बहुत एंटरटेन किया। सोनू निगम ने रणबीर कपूर स्टारर ब्लॉकबस्टर फ़िल्म एनिमल के खूबसूरत गीत “पापा मेरी जान” को जब स्टेज पर गाया तो पब्लिक ने खूब तालियां बजाईं।
      सुनील ग्रोवर ने अपनी कॉमेडी से खूब मस्ती की। सुनील ग्रोवर ने कहा कि मुम्बई में नाइट पार्टी तो खूब देखी सुनी है लेकिन इतनी सुबह सुबह मलाड मस्ती में लोगों की भीड़ और उत्साह देखकर अचंभित हूँ। मैंने भी खूब मस्ती की और लोग भी यहाँ काफी मस्ती कर रहे हैं।
      अभिनेता हिमांश कोहली ने अपने सुपरहिट सॉन्ग “पानी पानी” पर एंट्री की। वह अपने फैन्स और लोगों से मिले साथ ही उन्होंने अपनी आने वाली शॉर्ट फिल्म “गहवारा” के बारे में बताया। लेखक निर्देशक तारिक मोहम्मद की इस फ़िल्म के फर्स्ट पोस्टर में हिमांश कोहली का लुक सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।
    विधायक असलम शेख ने मलाड मस्ती के माध्यम से लोगों को खूब एन्जॉय करवाया। यहां आए सभी सेलेब्रिटी गेस्ट्स ने एमएलए असलम शेख को इस मलाड मस्ती के आयोजन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दीं और इसे एक शानदार और मस्ती भरा इवेंट बताया।
      उल्लेखनीय है कि मलाड मस्ती का यह 7वां साल है। इस वर्ष का थीम है कि स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार को सम्मानित किया जाएगा। आजादी की लड़ाई में शहीद हुए हिन्दुस्तानियो के परिवार को मलाड मस्ती के अंतिम रविवार के दिन विधायक असलम शेख सम्मान देंगे।
      मलाड मस्ती रविवार की सुबह को आयोजित किया जाता है। यहां लोग कई तरह के खेल, पेंटिंग्स और कई प्रकार की एक्टिविटी को एन्जॉय करने हजारों की संख्या में आते हैं।
     बता दें कि मलाड मस्ती 2023 मलाड वेस्ट के इनऑर्बिट मॉल के पास आयोजित किया गया। इस तरह के कार्यक्रम को आयोजित करने का कॉन्सेप्ट यह है कि लोग मोबाइल टीवी से आजाद होकर अपने घर से बाहर निकलें, नई चीजें देखें और मस्ती के साथ जीवन को एन्जॉय करें। वास्तव में मलाड मस्ती लोगों को घरों से बाहर एक मस्ती भरा सन्डे गुजारने का अवसर देता है। यह प्रोग्राम सिर्फ मनोरंजन के उद्देश्य से नहीं किया जाता है बल्कि मस्ती भरे वातावरण में लोगों, परिवारों को कनेक्ट करने और सोसाइटी मे जागरूकता फैलाने का एक माध्यम भी है।
विधायक असलम शेख हर वर्ष बहुत जोश के साथ मलाड मस्ती का आयोजन करते आ रहे हैं और इसमे फिल्मी सितारे पहुंचकर इस कार्यक्रम की शोभा और बढ़ा देते हैं।

गौशाला श्रेष्ठ मंदिर और गौ माता सर्वश्रेष्ठ : गोपाल मणि जी महाराज

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Chaibasa (Ramendre Kumar Sinha) : कामधेनु सेवा समिति चाईबासा की ओर से गौ गंगा कृपाकांछी पूज्य श्री गोपाल मणि जी महाराज द्वारा शंभू मंदिर परिसर में प्रवचन शुरू हुआ. इस प्रवचन के दौरान महाराज जी ने कहा कि कोरोना के कार्यकाल के दौरान मंदिर कार्यालय सभी जगह पर ताले लटक गए पर गौशाला में कुछ नहीं हुआ

इससे यह प्रमाणित हो चुका है कि गौशाला ही मंदिर है और गौ माता ही सर्वश्रेष्ठ है. इस कार्यक्रम से पूर्व करणी मंदिर से शंभू मंदिर तक एक कलश यात्रा निकाली गई इस कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं ने भाग लिया और इस कलश यात्रा का समापन शंभू मंदिर में हुआ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा स्थापित कैंटीन का किया उद्धघाटन

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19 दिसम्बर 2023,मंगलवार, देहरादून
संजय बलोदी प्रखऱ
मीडिया समन्वयक उत्तराखण्ड प्रदेश

देहरादून,19 दिसम्बर, मंगलवार को सचिवालय परिसर में गढवाल मण्डल विकास निगम द्वारा स्थापित कैन्टीन का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारम्भ!
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जी.एम.वी.एन. द्वारा प्रकाशित कॉफी टेबल बुक ‘‘दि होली गंगा’’ का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय परिसर में जी.एम.वी.एन. की कैन्टीन खुलने से सचिवालय कार्मिकों के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से सचिवालय आने वाले आगन्तुकों को भी जलपान व भोजन आदि की अच्छी सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने जी.एम.वी.एन. को कैन्टीन के माध्यम से लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

जी.एम.वी.एन. के प्रबंध निदेशक विनोद गिरी गोस्वामी ने मुख्यमंत्री को जी.एम.वी.एन. द्वारा संचालित कार्यकलापों की जानकारी दी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी सहित जी.एम.वी.एन. के अधिकारीगण उपस्थित थे।

गौ तस्करी के मामले में पुलिस ने किया पांच आरोपियों को गिरफ्तार

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झुंझुनू, झुंझुनू जिले के जेजूसर ग्राम के चर्चित गौ तस्करी के मामले में पुलिस को पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल हुई है। 12 दिसंबर को मुकुंदगढ़ थाना क्षेत्र स्थित गांव जेजुसर में एक हरियाणा नंबरी वाहन में मेवाती व बंजारा लोगों द्वारा गांव के गोवंश को बेरहमी व निर्दयता से ट्रक में मुंह व पैर बांधकर ठूस कर भरने की सूचना पर कार्रवाई करते हुए थाना अधिकारी सरदार मल जाट द्वारा एक हरियाणा नंबरी ट्रक को 14 गौ वंश सहित जप्त कर राजस्थान गौ वंश अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद गहन अनुसंधान और तकनीकी सबूत के आधार पर मौके से फरार आरोपियों में से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गो तस्करी के इस मामले को लेकर आमजन में भारी आक्रोश व्याप्त था जिसके परिणाम स्वरूप 13 दिसंबर 2023 को दोनों पक्षों में आपसी मारपीट की घटनाएं हुई जिस पर थाने में अन्य चार प्रकरण दर्ज हुए हैं। प्रकरण की गंभीरता को देखते पुलिस द्वारा शीघ्र ही निष्पक्ष एवं पारदर्शी अनुसंधान कर वास्तविक अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। वही मुकानगढ़ पुलिस ने मुलजिम श्रवण कुमार निवासी पुलिस थाना सदर भीलवाड़ा, मेंबर बंजारा निवासी भीलवाड़ा, मेंबर बंजारा पुत्र बिहारी बंजारा, सरमा पुत्र मेंबर बंजारा, किशन उर्फ गटटया जिला केकड़ी को गिरफ्तार किया गया है।

सीखें दिव्य चिकित्सा मंत्र अश्विनी गुरु जी के साथ मुंबई में

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आपने गुरु शुक्राचार्य द्वारा प्रतिपादित संजीवनी विद्या के बारे में जरूर सुना होगा, जिसमें मृत को जीवित कर सकने की क्षमता थी। अथवा संजीवनी बूटी नामक एक निश्चित जड़ी-बूटी मौजूद थी, जिसके उपयोग से लक्ष्मणजी के प्राण बचाए गए थे। ऋषि दधीचि के पास मौजूद मधु विद्या या ब्रह्मविद्या के बारे में भी आपने जरूर सुना होगा जो किसी को भी अमरता प्रदान करने में सक्षम सकती थी। या ऋषि च्यवन की युवावस्था को अनन्त समय तक बनाए रखने लिए अश्विनी कुमारों द्वारा तैयार किए गए च्यवनप्राश के बारे में सुना होगा। ये सब बातें कहानियाँ या काल्पनिक कृतियाँ नहीं हैं। वैदिक ऋषि सृष्टि के स्वामी थे। मानव शरीर उसका एक सूक्ष्म भाग था। और अगर प्रमाण चाहिए कि ये बातें काल्पनिक नहीं हैं थे, तो यह इस तथ्य साबित हो जाता है कि अधिकांश आधुनिक वैज्ञानिक खोजें वास्तव में वैदिक शास्त्रों से ली गई हैं। कौन सी वैज्ञानिक खोज किस शास्त्र से हुई है, यह जानने के लिए आप www.dhyanfoundation.com पर जा सकते हैं।
ध्यान आश्रम के अश्विनी गुरु जी कहते हैं, “हालांकि कलियुग की धूल में अधिकांश प्राचीन वैदिक उपचार विज्ञान खो गए हैं और ज्यादातर जड़ी-बूटियां विलुप्त हो चुकी हैं। तथापि उनमें से कुछ अंश तक अभी भी पहुंचा जा सकता है। वह अंश भी आश्चर्यजनक परिणाम प्रदान करने में पर्याप्त है।” योगी जी ने तीन दशकों से अधिक समय तक वैदिक विज्ञान पर शोध और व्यावहारिक प्रयोग किया है।
गुरुजी कहते हैं “मानव शरीर वह नहीं है जिसे आप हर सुबह दर्पण में देखते हैं, इसमें कई परतें होती हैं। और वह केवल भोजन और वायु नहीं है, जो आपके शरीर को चलाता है। शरीर वास्तव में चेतना से संचालित होता है। वैदिक गुरु चेतना के इस विज्ञान का उपयोग करने में सक्षम थे और इसके माध्यम से शरीर में परिवर्तन को प्रभावित करते थे।, ”
गुरु जी ने दिव्य चिकित्सा (दिव्य उपचार) विषय के अंतर्गत वैदिक ऋषियों के उत्तम स्वास्थ्य, चमक और चमक के रहस्यों का विवरण दिया हैं।
एक विशेष दिव्य चिकित्सा मंत्र का सेशन 22 दिसंबर को शाम 4 बजे से शाम 6 बजे तक और 23 दिसंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए कृपया इस दो नंबर 9004424321,
9819009144 पर संपर्क करें।
ध्यान फाउंडेशन विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों, भौगोलिक क्षेत्रों और जीवनशैली से आने वाले स्वयंसेवकों और साधकों का एक गैर-व्यावसायिक, गैर-सरकारी आध्यात्मिक और धर्मार्थ निकाय है जो योग के प्रामाणिक मार्ग को जीने और साझा करने के लिए एक साथ आए हैं। ध्यान फाउंडेशन उन्नत योग तकनीक, मंत्र और ध्यान सिखाता है। इन प्रथाओं के अग्रदूत के रूप में, कार्मिक शुद्धि आवश्यक है। इसलिए हम अपना समय और प्रयास मनुष्यों, जानवरों और पर्यावरण की सेवा के लिए समर्पित करते हैं। सभी साधक ध्यान आश्रम के अश्विनी गुरु जी से प्रेरणा लेते हैं जो योग, मंत्र, वैदिक मार्शल आर्ट और ऊर्जा उपचार के प्राचीन विज्ञान में निपुण हैं। उन्होंने वैदिक विज्ञान की अभूतपूर्व शक्ति को सामान्य लोगों के लिए एक नियमित अनुभव(सनातन क्रिया) में अनुवादित किया । हजारों साधक इसे सीख रहे हैं और अनुसरण कर रहे हैं।

IIFA AWARD 2023 , डॉ.मुस्तफ़ा युसूफ अली गोम को मिला दादा साहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवॉर्ड

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मुंबई – होटल सहारा स्टार में आयोजित आईआईएफए अवॉर्ड समारोह में मुंबई के जाने माने उद्योगपति और समाजसेवी तथा केयर टेकर्स एक्सटीरियर एंड इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड ” के प्रबंध निदेशक डॉ.मुस्तफ़ा युसूफ अली गोम को दादा साहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया उन्हें यह सम्मान फिल्म अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे और एसीपी संजय पाटिल , युवा राजनेता अभिजीत राणे के हाथों दिया गया।
ज्ञात हो कि डॉ. मुस्तफ़ा यूसुफ़ अली गोम , मुंबई के कांदिवली में अंजुमन ए नजमी दाऊदी बोहरा जमात के सचिव हैं। अपनी अंजुमन के माध्यम से वह सामाजिक कार्य भी करते है। अब तक श्री गोम को उनके अच्छे सामाजिक कार्यों के लिए कई सम्मान मिल चुके हैं। महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें “गऊ भारत भारती” के सर्वोत्तम सम्मान के साथ-साथ केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान द्वारा पूर्व में वाग्धारा सम्मान से सम्मानित किया है साथ ही साथ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने भी राजभवन में डॉ. बीआर अंबेडकर पुरस्कार दे कर सम्मानित किया है। इसके आवला अन्य बहुत सी सामाजिक संस्थाओ ने आप को सम्मानित किया है।
सुप्रसिद्ध समाजसेवी मुस्तफा गोम की कंपनी ” केयर टेकर्स एक्सटीरियर एंड इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड ” के आप प्रबंध निदेशक है। जो पुरानी ईमारतो के मरम्मत का काम करती है। आप की Institute of Entrepreneurship And Management Studies द्वारा प्रशस्ति पत्र दे कर उन्हें सम्मानित किया गया है , इसके अतिरिक्त श्री गोम वर्ल्ड ह्यूमन राईट प्रोटेक्शन कमीशन से भी जुड़ कर देश की सेवा कर रहे है।
डॉ. गोम 1989 से भवन मरम्मत और पुनरुद्धार क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 500 से अधिक पुरानी ईमारतो का काम किया है। इनकी कंपनी ” केयर टेकर्स एक्सटीरियर एंड इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड उच्तम क़्वालिटी और भरोसेमंद काम को करती आ रहे है।
दादा साहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवॉर्ड के मिलने पर श्री गोम कहते है -” हमें बड़ी ख़ुशी है , और हम अपने संस्थान के सभी कर्मचारियों का शुक्रगुज़ार भी हूँ ही सभी की मेहनत का या परिणाम है कि आज सिनेमा जगत में भी हमें पहचान मिल रही है।
हमारी कंपनी ‘ केयर टेकर्स एक्सटीरियर एंड इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड हमेशा से अपनी सादगी और प्रतिबद्धत्ता के प्रति सजग रहा है। महानगर मुंबई ही नहीं आज अन्य स्थानों पर भी हम उन पुरानी ईमारतो के नवीनीकरण पर बड़ी तेजी के साथ आगे बढ़ रहे है।
इस कार्यक्रम के मुख्य आयोजक अखिलेश सिंह थे।

डॉ निकेश जैन माधानी को मिला पद्मिनी कोल्हापुरे और एसीपी संजय पाटिल के हाथों दादा साहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवॉर्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवॉर्ड

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मुम्बई। बिजनेसमैन डॉ. निकेश ताराचंद जैन माधानी प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, दिंडोशी मालाड के एसीपी संजय पाटिल और यूनियन लीडर अभिजीत राणे के हाथों दादा साहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवॉर्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवॉर्ड 2023 से सम्मानित हुए। यह अवार्ड उन्हें सक्सेसफुल बिजनेसमैन के रूप में मिला।
यह पुरस्कार समारोह 17 दिसम्बर 2023 को ओएस्टर बैंक्वेट हॉल, होटल सहारा स्टार मुम्बई में सम्पन्न हुआ जिसका आयोजन अखिलेश सिंह ने किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, रोहित चंदेल, आदिल खान दुर्रानी, ​​प्रिया आहूजा राजदा, अर्शी खान, दानिश अल्फ़ाज़, ट्विंकल कपूर, अदिति पाटिल, महक चौधरी, प्रमुख श्रमिक नेता अभिजीत राणे और दिंडोशी मालाड के एसीपी संजय पाटिल की उपस्थिति रही।
इसी महीने डॉ. निकेश ताराचंद जैन माधानी अभिनेता विंदू दारा सिंह के हाथों आत्मनिर्भर एक्सीलेंस अवार्ड 2023 से सम्मानित हुए जिसका आयोजन साक्षात इंटरटेनमेंट के संस्थापक राम कुमार पाल और मुम्बई रफ्तार न्यूज चैनल के सीईओ शैलेश पटेल ने किया था।
आपको बता दें कि कुछ माह पूर्व दिल्ली में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री काजल अग्रवाल एवं भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव के हाथों ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री एवं बिजनेस अवार्ड मिल चुका है।
इसके अलावा पिछले साल 2022 में निकेश जैन मधानी को महाराष्ट्र राज्य के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों गऊ भारत भारती अवार्ड तथा इस वर्ष कैबिनेट मंत्री परषोत्तम रूपाला (मत्स्य, दुग्ध व उद्योग मंत्री) के हाथों से गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुरस्कार 2023 प्राप्त हुए हैं। उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार 2021 भी मिल चुका है। पिछले दिनों ब्राइट आउटडोर के सीएमडी योगेश लखानी ने अपने जन्मदिन पर निकेश जैन को बिज़नेस आइकॉनिक ब्राइट अवार्ड एवं ब्राइट आउटडोर बी.एस.सी आईपीओ आने की खुशी में बिज़नेस अवार्ड 2023 से सम्मानित किया। निकेश को परफेक्ट वुमेन अचीवर अवॉर्ड, गोल्डन ह्यूमेनिटी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं आईपीएस कृष्ण प्रकाश नायर 2021 और 2022 में उन्हें अवॉर्ड देकर सम्मानित कर चुके हैं।
डॉ निकेश जैन मधानी फाइनेंस एडवाइजर हैं इनके कई बिजनेस हैं जैसे कि मधानी फाइनेंस, मधानी एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शन, मधानी ट्रेडिंग कंपनी, मधानी न्यूज लाइव 24×7 और मधानी इंटरप्राइज इत्यादि। इसके साथ ही निकेश की माँ के नाम पुष्पा गृह उद्योग कंपनी और पुष्पम पापड़ कंपनी है।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी ने एक हिंदी कॉमेडी फिल्म प्रोड्यूस की है जो जल्दी ही रिलीज होने वाली है। फिल्म में जाने-माने अभिनेता नज़र आएंगे। इसके पहले उन्होंने 12 म्यूजिक एल्बम ओर शॉर्टफिल्म को यू टुब चैनल मधानी एंटरटेनमेंट और प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। आगे वह नए प्रतिभाशाली कलाकारों को मौका देते रहेंगे।
डॉ. निकेश जैन मधानी डाउन टू अर्थ इंसान हैं, उन्होंने जीवन में बहुत संघर्ष किया है और आज एक सफल बिजनेसमैन बन गये हैं। उनके बॉलीवुड, कॉरपोरेट और पॉलिटिक्स में अच्छे संबंध हैं और कई मौकों पर उन्हें मान सम्मान मिलता रहता है।
निकेश ताराचंद जैन मधानी ने लॉ बुक में इतिहास बनाया है। दरअसल उनके ऊपर 2014 में ईडी पीएमएलए का केस हो गया था। फिर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ते हुए 2017 में सुप्रीम कोर्ट से धारा 45 ए रद्द हुआ जिससे कानून के किताब में डॉ निकेश जैन मधानी का नाम दर्ज हुआ और उनके ऊपर लगे धारा को हटाने में प्रसिद्ध वकील मुकुल रोहतगी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। निकेश जैन की कानून लड़ाई में जाने माने वकील साजल यादव, वकील नेमीचंद शर्मा और वकील मनीष वोरा ने भी सहयोग किया।
डॉ. निकेश कहते हैं कि आज मैं जो कुछ भी हूं वो सब मेरे माता पिता के आशीर्वाद का फल है।
आपको बता दें कि डॉ. निकेश जैन मधानी ने मुंबई से ग्रेजुएशन किया है और उन्होंने अपने पिता ताराचंद जैन मधानी के बिजनेस को आगे बढ़ाया है।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी सबसे सफल व्यवसायी रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम आदानी और लक्ष्मी मित्तल से प्रेरित हैं।

– संतोष साहू

आदर अभिनन्दन “आभार मिशन सिलक्यारा’’ कार्यक्रम में श्रमिक संगठनों ने मुख्यमंत्री धामी का किया आभार व्यक्त

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17 दिसंबर 2023,रविवार ,देहरादून
संजय बलोदी प्रखर
मीडिया समन्वयक उत्तराखण्ड प्रदेश

देहरादून ,17 दिसंबर ,मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘आदर अभिनन्दन, आभार मिशन सिलक्यारा’’ कार्यक्रम में श्रमिक संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग से 41 श्रमिकों को सकुशल निकालने के लिए सिलक्यारा रेस्क्यू में लगी केन्द्र एवं राज्य सरकार की सभी एजेंसियों द्वारा सराहनीय कार्य किया गया। इस मुश्किल घड़ी में श्रमिकों ने जो धैर्य रखा वो हम सभी को हमेशा प्रेरित करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और श्रमिकों की हिम्मत से ही यह रेस्क्यू अभियान सफल हुआ। प्रधानमंत्री प्रतिदिन इस रेस्क्यू ऑपरेशन की उनसे अपडेट लेते थे और श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के लिए विशेषज्ञों और आवश्यक उपकरणों की जो भी आवश्यकता पड़ी, प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में शीघ्रता से प्राप्त होते रहे। इस रेस्क्यू अभियान के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय की टीम व केन्द्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके.सिंह भी इस रेस्क्यू अभियान के दौरान लगातार सिलक्यारा में मौजूद रहे। केन्द्रीय एवं राज्य की एजेंसियों द्वारा समन्वय के साथ कार्य कर इस ऑपरेशन को सफल बनाया गया। यही नहीं सभी श्रमिकों के परिजनों ने उस चुनौतीपूर्ण समय में जिस संयम और साहस का परिचय दिया, उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वो कम है। उन्होंने इस बचाव अभियान में लगे सभी लोगों का भी राज्य की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनल में फंसे श्रमिकों के धैर्य ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी का मनोबल बढ़ाया। अनेक प्रयासों के बाद भी जब समय अधिक लग रहा था तो, श्रमिकों ने कहा कि अधिक समय लगने की उनको चिंता नहीं है, प्रयास हो कि वे सुरक्षित बाहर निकल जाएं। श्रमिकों के इन शब्दों ने रेस्क्यू अभियान में लगे सभी लोगों का हौंसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हमारे श्रमिक एक बेहतर और समृद्ध भारत की नींव तैयार कर रहे हैं। “श्रमेव जयते“ के मंत्र को ध्यान में रखकर केन्द्र व राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों के कल्याण के लिए निरंतर कटिबद्ध है। केंद्र सरकार ने श्रम कानूनों में अनेक बदलाव किए हैं। श्रम सुविधा पोर्टल शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत आठ अहम श्रम कानूनों को एक कर उनके सरलीकरण का काम किया गया है। आज हर श्रमिक को एक विशेष लेबर आइडेंटिफिकेशन नंबर दिया जा रहा है ताकि उसकी पहचान की जा सके जिससे उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके। श्रमिक और नियोजक के बीच बेहतर तालमेल हो सके इसके लिए नेशनल सर्विस पोर्टल भी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्वकर्मा जयंती पर 13 हजार करोड़ की “पीएम विश्वकर्मा योजना“ की शुरुआत की, जिससे देशभर के लगभग 30 लाख श्रमिक परिवारों को लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों सहित अन्य श्रमिक भाइयों को बिना गारंटी के न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण सहायता प्रदान की जाएगी। आजादी के बाद इतने बड़े स्तर पर इस योजना के लागू होने से स्पष्ट है कि अंत्योदय के सिद्धान्त पर कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

सचिव श्रम आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि मिशन सिलक्यारा एक चुनौतीपूर्ण टास्क था। पूरे देश और दुनिया की नजरें इस पर थी। उन्होंने कहा कि इस मिशन को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू में लगे लोगों का लगातार मनोबल बढ़ाया। कल्याणकारी राज्य हर वर्ग के प्रति संवेदनशील होता है, इसका परिचय मुख्यमंत्री ने दिया। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा शीघ्र ही श्रम विभाग की चौपाल आयोजित की जायेगी।

इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के सुमित सिंघल ने कहा कि सिलक्यारा मिशन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिस तरह मौके पर डटे रहे और हर पल की अपडेट लेते रहे, उन्होंने अपने जीवनकाल में किसी रेस्क्यू अभियान में इस दृढ़ता से कार्य करने वाले किसी मुख्यमंत्री को नहीं देखा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने किस तरह श्रमिकों की चिंता की और उनका जीवन बचाया, यह सबने देखा। उन्होंने कहा कि इस मिशन की सफलता के बाद श्रमिकों का मनोबल बहुत बढ़ा है।

ट्रेड यूनियन कॉर्डिनेशन के अध्यक्ष श्री नवीन कुरील ने कहा कि सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर रहकर जिस तरह सबका मनोबल बढ़ाया वह सराहनीय था। मिशन की सफलता के बाद सबके दिलों में उनके लिए अलग जगह बनी है।

इस अवसर पर श्रमायुक्त सुश्री दीप्ति सिंह, विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि और श्रमिकों के परिजन उपस्थित थे।

शहीदी दिवस : 17 दिसंबर महान परोपकारी व समाज कल्याणकारी श्री गुरू तेग बहादुर

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माधवदास ममतानी – विभूति फीचर्स
श्री गुरू नानक देवजी के नवें स्वरूप ‘श्री गुरू तेग बहादरजीÓ का जन्म पंजाब के प्रसिद्ध शहर अमृतसर में वैशाख वदी 5 संवत 1678 अर्थात 12 अप्रैल 1621 को हुआ। इनके पिता का नाम श्री हरगोबिंद है, जो सिख धर्म के छठवें गुरू हैं। इनकी माता का नाम नानकी है।

श्री गुरू तेग बहादुर को प्रारंभिक शिक्षा विद्वान बाबा बुढ्ढा से प्राप्त हुई। बालक तेग बहादुर को पंजाबी के साथ-साथ ब्रज (हिंदी) भाषा की शिक्षा भी दी गयी। सिख धर्मदर्शन के अधिकारी विद्वान भाई गुरदास ने बालक को दर्शन-साहित्य आदि विषयों में प्रवीण किया। बालक ने इसी दौरान हिंदू, इस्लाम आदि धर्मो का गहन अध्ययन किया।

महान परोपकारी व समाज कल्याणकारी:- श्री गुरु तेग बहादुर जी ने कीरतपुर शहर से 6 मील की दूरी पर स्थित रियासत कलिलूर दून में राजा भीमचंद के पिता दिलीपचंद से 5 मील ‘मुरबा माखोवलÓ गांव की जमीन 1 लाख 57 हजार रुपए में खरीदकर अनंदपुर नगर बसाया जो कि गुरूओं के बसाये गए पांच प्रमुख तख्तों में से एक है। समाज कल्याणकारी व परोपकारी गुरुजी ने साधसंगत व गरीबों-अनाथों के रहने के लिए यह नगर बसाया, जहां वे सुख व आराम को प्राप्त कर सकें। सन् 1721 विक्रमी को अनंदपुर साहिब का निर्माण कार्य संपूर्ण करने के पश्चात परिवार सहित कुछ संगत लेकर अंतर्यामी गुरुजी पूरब दिशा की ओर चल दिए। रास्ते में अनेक तीर्थ स्थानों पर संतों एवं नाम जपने वालों को सही राह बताई और श्रद्धालुओं-प्रेमियों को दर्शन देकर निहाल किया। गुरूजी ने अनेक अहंकारियों का अहंकार तोड़ उन्हें प्रभु सिमरन व सत व्यवहार का उपदेश देकर जगह-जगह गरीबों व जरुरतमंदों को अन्न-वस्त्र दान दिया। वे रोपड़ होकर मूलोवाल गांव पहुंचे। वहां के रहवासी भाई मैया और गोंदा गुरुजी का दर्शन करने आए और माथा टेककर गुरुजी के पास श्रद्धा से बैठ गए। गुरुजी ने कहा कि पीने का ठंडा जल लेकर आओ। भाई गोंदे ने कहा महाराज यहां जो कुंआ है उसका जल खारा है और उसमें बहुत कचरा पड़ा रहता है। गांव वाले इस कुंए का पानी नहीं पीते यदि आप हुकुम करें तो यहां से कुछ दूर एक कुंआ है उसका पानी लाएं।

परोपकारी गुरुजी ने कहा कि इस कुंए में से कचरा निकलवाकर मरम्मत कराओ व इस कुंए में से ‘वाहिगुरुÓ उच्चारण कर हमारे पीने के लिए पानी ले आओ। भाई गोंदा कुंआ साफ कर कुंए से पानी लेकर आया व पानी को मीठा, ठंडा व स्वच्छ देखकर हैरान हो गया। गुरुजी ने उस जल को पीकर प्रसन्न होकर वचन फरमाया कि यह जल स्वच्छ और बहुत मीठा है, आज से यह कुंआ ‘गुरु का कुंआÓ कहलाएगा। अब इसका पानी खारा नहीं रहेगा और गांव वालों को दूर-दूर से पानी लाने का कष्ट नहीं करना पड़ेगा। इस गांव में और नौ कुएं बनेेंगे परंतु यदि कोई ग्यारवां कुंआ बनवाएगा तो वह ढह जाएगा। गुरुजी के वचनानुसार आज तक उस गांव में दस ही कुंए हैं कोई ग्यारहवां कुंआ नहीं बना है।

जब लोगों को ज्ञात हुआ कि गुरु के वचन से कुंए का खारा जल मीठा हो गया है तो बड़ी श्रद्धा व भावना से भेंट लेकर गुरुजी के दर्शन के लिए आए और गुरुजी ने वहां सभी को सतिनाम और सतव्यवहार का उपदेश देकर परमात्मा के नाम से जोड़ा।

गुरुजी ने अपने जीवन काल में कई शहरों का भ्रमण किया व अपनी आध्यात्मिक वाणी से शिष्यों को उपदेश दिये। पूर्व के तीर्थों के उद्धार व सुधार के लिए चक माता नानकी (आनंदपुर) से यात्रा आरंभ की। चक माता नानकी के निर्माण के बाद पहले कीतरपुर से 3 मील दूर एक गांव में पड़ाव लगाया। उस समय वर्षा से उस क्षेत्र के गरीब किसानों व कामगारों की फसलें, कच्चे मकान इत्यादि तबाह होकर गिर गए थे। गुरुजी ने अपने कोषपति को हुकुम दिया कि वे उस भेंट में मिले धन को जिन-जिन गावों में मकान गिर गए हैं जिनकी फसलें तबाह हो गई हैं उन्हें सहायता देने में लगाएं। उस गांव में शुद्ध पानी की गंभीर समस्या थी। गुरुजी ने नए कुंए बनाने के लिए पर्याप्त धन की सहायता की। गुरुजी उस गांव के लोगों के भोलेपन व भक्तिभाव पर इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने उस गांव वालों को वर दिया कि ”जो आपको दुख देगा वह कभी सुखी नहीं रहेगा।

कीरतपुर के पश्चात गुरुजी सेफाबाद पहुंए। वहां के नवाब सैफुद्दीन की हार्दिक तमन्ना थी कि गुरुजी उसे परिवार सहित घर में दर्शन दें। गुरुजी सैफुद्दीन के यहां दो सप्ताह रहे व जाते समय गुरुजी ने उसे उपदेश दिया ”हर क्षण परमात्मा को याद रखना, आए हुए फकीरों व दरवेशों की सेवा करना, गरीबों अनाथों की सहायता करना तथा शुभ कर्मों से कभी भी संकोच न करना।ÓÓ इस तरह गुरुजी हमेशा दीन दुखियों की सहायता करने के लिए सभी को प्रेरित करते थे।
तद्नंतर गुरुजी केथल, पहोवा, बरना, करणखेड़ा होते हुए कुरुक्षेत्र पहुंचे। कुरुक्षेत्र में गुरुजी उस पवित्र स्थान के निकट ठहरे जहां गुरु नानक, गुरु हरिगोबिंद और गुरु हरिराय साहब ने चरण डाले थे। कुरुक्षेत्र से गुरुजी बानपुर पहुंचे, जहां एक किसान ने गुरुजी को गांव में पानी की विकट समस्या व गांव की गरीबी से अवगत कराया। तब दयालु गुरुजी ने मोहरों से भरा हुआ बदरा (थैली) दिया और आदेश दिया कि यहां एक कुंआ बनवाओ व जमीन खरीदकर सुंदर धर्मशाला बनवाओ जहां हरी सिमरन/कीर्तन हो। तब से इस गांव का नाम ‘बानी बदरपुरÓ के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

इस तरह गुरुजी ने अपनी यात्रा के दौरान दीन दुखियों व जरुरत मंदों की सामयिक सहायता की। उन स्थानों पर स्थित गुरुद्वारों में अभी भी संतों-फकीरों, यात्रियों को गुरु का लंगर व अन्य सहायता प्रदान होती हैं। परोपकारी गुरुजी परमात्मा के नाम से जोड़ने के साथ-साथ समाज कल्याण के कार्यों में भी रुचि रखते थे जिसके ज्वलंत उदाहरण उपरोक्त वर्णित है। अन्तत: हमें भी गुरुजी द्वारा बताए मार्ग पर चलकर प्रभु सिमरन के साथ-साथ समाज कल्याण के कार्यों एवं सतव्यवहार में रुचि लेनी चाहिए।

कालांतर में गुरुजी ने हिंदू धर्म के तिलक जनेऊ की रक्षा के लिए 19 दिसंबर 1675 ईसवी (साका मघर सुदी 5 संवत् 1732) को शहीदी दी। जिसकी समकक्ष अंग्रेजी तिथि इस वर्ष रविवार 17 दिसंबर 2023 को है। ऐसे महान परोपकारी व समाज कल्याणकारी श्री गुरू तेग बहादर को उनके शहीदी दिवस पर कोटि कोटि नमन। (विभूति फीचर्स)