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एकनाथ शिंदे बनेंगे महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री, फडणवीस रहेंगे सरकार से बाहर

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Eknath Shinde: एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेस में ये ऐलान किया। फडणवीस ने बताया कि आज साढ़े 7 बजे शिंदे का अकेले का शपथग्रहण होगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ शिंदे ही शपथ सीएम पद की शपथ लेंगे और मैं सरकार से बाहर रहुंगा। फडणवीस ने कहा कि सरकार अच्छे से चले ये मेरी कोशिश होगी।

एकनाथ शिंदे ने क्या कहा-

महाराष्ट्र के सीएम की घोषणा के बाद एकनाथ शिंदे ने कहा, ” हमने जो फैसला लिया है उस बारे में आप सब जानते हैं। मैं पहले भी बोल चुका हूं कि बालासाहेब का हिंदुत्व, उनकी भूमिका और विधायकों के विकास कार्य करने के लिए हम आगे बढ़ रहे।” शिंदे ने कहा कि दो तिहाई से ज्यादा लोग हमारे साथ हैं और 50 से विधायक हम सबके साथ हैं। पिछले कुछ दिनों से ढ़ाई साल में जो हुआ वो आप जानते है। सीएम ठाकरे को हम अपनी परेशानी बताते थे, मैंने भी कई बार उनसे चर्चा की थी।

शिंदे ने आगे कहा कि हमने मन में कोई स्वार्थ नहीं रखा। हमारा बीजेपी के साथ नैचुरल गठबंधन था। विधायकों ने आगे के चुनाव को ध्यान में रख बीजेपी के साथ जाने की बाते कही। एकनाथ शिंदे ने कहा, मैं भी सरकार में काम कर रहा था पर राज्य के हित मे कुछ नहीं हो रहा था। महाविकास आघाड़ी में कुछ फैसले हुए उसका स्वागत है पर वैचारिक मतभेद से हम कुछ मामलों पर आगे नही बढ़ सकते थे। उन्होंने कहा कि राज्य के हित और भविष्य की दृष्टि से जो कुछ हो रहा था, MVA की वजह से हम कुछ फैसले नहीं ले पा रहें थे।

“देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा दिल दिखाया”

शिंदे ने आगे कहा कि 39 हम और 11 निर्दलिय विधायक जब अलग फैसला लेते हैं तो समझना चाहिए था। बड़े पैमाने पर 50 लोग साथ आते, वो लोग मुझे अपनी समस्याएं बताते। हमने ये निर्णय राज्य के हित में जनता की उम्मीदें पूरी करने के लिए लिया है। उन्होंने कहा कि फडणवीस साहब ने जो फैसला लिया, 120 विधायकों की ताकत उनके पास थी, फडणवीस सीएम पद ले सकतें थे लेकिन उन्होंने बाल ठाकरे के शिवसैनिक को इस पद के लिए चुना, इसके लिए शुक्रिया।

एकनाथ शिंदे ने कहा, “देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बीजेपी के पास 120 लोग हैं। मुख्यमंत्री पद संख्याबल के आधार पर वो ले सकते थे लेकिन उन्होंने बड़े दिल से बालासाहेब के शिवसैनिक को मुख्यमंत्री बनाया। मैं मोदीजी, अमित शाह, देवेंद्र जी धन्यवाद व्यक्त करता हूं। ये पद किसी लालसा में नहीं हुआ, मैंने भी कोई पद नही मांगा था। हम राज्य को विकास की तरफ ले जाएंगे। देवेंद्र बड़े दिल के व्यक्ति हैं। मंत्रिमंडल में न होते हुए उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा।”

शिंदे ने आगे कहा कि 50 विधायकों ने बालासाहेब और धर्मवीर दिघे की भूमिका को आगे ले जाने का काम  किया। उन्होंने विश्वास जताया, उनका शुक्रिया। 120 और 50, आज 170 की ताक़त है, आगे और भी जुड़ेंगे। मोदी सरकार की ताकत खड़ी रहेगी तो हमारी राह में कोई अड़चन नहीं आएगी।

फडणवीस बोले- मैं सरकार से रहूंगा बाहर

राज्यपाल से मिलने के बाद  देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं सरकार से बाहर रहूंगा पर सरकार ठीक से चले ये मेरी जिम्मेदारी होगी। मुझे उम्मीद है कि फिर से हिंदुत्व विचारों की, बालासाहेब के विचारों की सरकार बनेगी। उन्होंने आगे कहा, “मुझे विश्वास है कि विकास, ओबीसी आरक्षण और अन्य विषय को वो आगे ले जाएंगे और सभी को न्याय देंगे।”

अटल बिहारी वाजपेयी की बायोपिक बना रहे हैं विनोद भानुशाली और संदीप सिंह

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मुम्बई। अटल बिहारी वाजपेयी भारत के एक अनुकरणीय नेता, प्रसिद्ध कवि, लेखक, भारत के पूर्व प्रधान मंत्री, उत्कृष्ट वक्ता और मानवीय राजनीतिज्ञ थे। विनोद भानुशाली और संदीप सिंह ने भारत के बेस्ट सेलिंग बुक ‘3 टाइम प्राइम मिनिस्टर’ के अधिकार हासिल कर लिए हैं, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सह-संस्थापक और वरिष्ठ नेता भी थे।
फिल्म ‘मैं रहूं या ना रहूं, ये देश रहना चाहिए – अटल’ जो पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब ‘द अनटोल्ड वाजपेयी: पॉलिटिशियन एंड पैराडॉक्स’ का एक नाटकीय रूपांतरण है जिसे प्रसिद्ध लेखक उल्लेख एन पी ने लिखा है।
विनोद भानुशाली और संदीप सिंह ने देश के सबसे शानदार लीडर अटल बिहारी वाजपेयी जी की एपिक लाइफ पर फिल्म बनाने के लिए हाथ मिलाया है।

निर्माता विनोद भानुशाली कहते हैं कि मैं अपनी पूरी लाइफ में अटल जी का सबसे बड़ा प्रशंसक रहा हूं। जो एक जन्मजात नेता,उत्कृष्ट राजनेता,और दूरदर्शी थे। हमारे राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अद्वितीय है, और यह हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है कि भानुशाली स्टूडियोज लिमिटेड उनकी विरासत को सिल्वर स्क्रीन पर ला रहा है।
निर्माता संदीप सिंह का कहना है कि अटल बिहारी वाजपेयी जी भारतीय इतिहास के महानतम नेताओं में से एक थे, जिन्होंने अपने शब्दों से दुश्मनों का दिल जीता था, उन्होंने सकारात्मक रूप से राष्ट्र का नेतृत्व किया और प्रगतिशील भारत का प्रिंट तैयार किया। एक फिल्म निर्माता होने के नाते, मुझे लगता है कि सिनेमा ऐसी अनकही कहानियों को प्रस्तुत करने का सबसे अच्छा माध्यम है, जो न केवल उनकी राजनीतिक विचारधाराओं पर प्रकाश डालेगी, बल्कि उनके मानवीय और काव्यात्मक पहलुओं को भी उजागर करेगी, जिसने उन्हें सबसे प्रिय “विपक्ष का नेता” और साथ ही भारत का सबसे प्रगतिशील प्रधानमंत्री बना दिया था।
फिल्म के निर्माता जल्द ही फिल्म के अभिनेता और निर्देशक की घोषणा करेंगे। फिल्म की शूटिंग 2023 के शुरुआत में शुरू की जाएगी, जो भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की 99 वीं जयंती, क्रिसमस 2023 में रिलीज होगी।
भानुशाली स्टूडियोज लिमिटेड और लीजेंड स्टूडियो द्वारा प्रस्तुत ‘अटल’  विनोद भानुशाली, संदीप सिंह, सैम खान, कमलेश भानुशाली और विशाल गुरनानी द्वारा निर्माण किया जा रहा है, और जूही पारेख मेहता, जीशान अहमद और शिव शर्मा इस फिल्म को सह निर्माण कर रहे हैं।

राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2022 का आयोजन 20 जुलाई को

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मुम्बई (अंधेरी) स्थित मेयर हॉल में 22 जुलाई की शाम को कृष्णा चौहान फाउंडेशन के द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2022’ समारोह में समाज सेवा और मानव सेवा का उल्लेखनीय योगदान देने वाले शख़्सियतों को अवार्ड दे कर सम्मानित किया जाएगा।
विदित हो कि मुम्बई में जून 2022 को केसीएफ व केसीपी प्रस्तुत ‘मिस बॉलीवुड ऑनलाइन ब्यूटी कॉन्टेस्ट 2022’ का भव्य आयोजन किया गया था जहां रोज़ खान विनर बनी। इस ब्यूटी कांटेस्ट के ज्यूरी मेम्बर्स में डॉ कृष्णा चौहान, डॉ परिन सोमानी (अंतरराष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर) और आर राजपाल (पब्लिसिटी डिज़ाइनर) शामिल थे।
फिलवक्त अवार्ड समारोह के आयोजक डॉ कृष्णा चौहान ‘राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2022’ समारोह को लेकर काफी उत्साहित हैं। डॉ कृष्णा चौहान का हिंदी अल्बम ‘ज़िक्र तेरा’ हाल ही में रिलीज हुआ है। इस पुरस्कार समारोह के बाद डॉ कृष्णा चौहान अपनी नवीनतम हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘आत्मा डॉट कॉम’ की शूटिंग शुरू करने जा रहे हैं, जिसका हाल ही में भव्य मुहूर्त किया गया था। इस फिल्म के संगीतकार दिलीप सेन हैं।

गौ तस्करी 6 आरोपी गिरफ्तार, 3 वाहनों से 26 गायों को मुक्त कराया

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कानवन। पुलिस ने गोवंश तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है। वाहनों में ठूस-ठूसकर गोवंश भरा था। जिससे अवैध तरीके से गोवंश ले जा रहे आरोपियों के खिलाफ कानवन पुलिस टीम ने कार्रवाई की हैं, हालांकि वाहन सहित आरोपियों को अरेस्ट करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा, क्योंकि वाहन के पिछले हिस्सों को आरोपियों ने त्रिपाल से पूरी तरीके से बंद करके रखा था, साथ ही रात के अंधेरे में पशुओं का परिवहन किया जा रहा था। ऐसे में मुखबिर तंत्र की सूचना के आधार पर आज सुबह प्रभात गश्त के दौरान पुलिस ने नाकाबंदी कर दो वाहनों को जब्त किया है। इन वाहनों के अंदर रखे गोवंश को राजस्थान से महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा था।

इसके पहले ही पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए प्रकरण दर्ज कर लिया है। जिले में अवैध गोवंश के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अभियान चलाया जा रहा हैं, जिसमें आचार संहिता के दौरान अवैध गतिविधियों पर अंकुश के लिए एसपी आदित्य प्रतापसिंह के मार्गदर्शन में पूरे जिले में कार्रवाई की जा रही है। टीआई दीपक सिंह चौहान के अनुसार ग्राम खंडीगारा में नाकाबंदी के दौरान पिकअप वाहन क्रमांक एमपी-09 जीजी-5259, ट्रक क्रमांक आरजे-51 जीए-1665 व आरजे-14 जीजे-5611 को पुलिस द्वारा रोका गया था। तथा वाहनों की चेकिंग के दौरान गाये अंदर मिली थी। तीन में से एक वाहन कल शाम को व दो वाहनों के खिलाफ आज कार्रवाई की गई है। पुलिस ने तीनों वाहनों में सवार दीपक पिता मोतीलाल, नारायण पिता शंकरलाल, अल्ताफ पिमा मीराबक्स, इद्रिश पिता अनवर, शाहरुख पिता अजीज व मांगीलाल पिता नारायण को गिरफ्तार किया गया। इन वाहनों में कुल 26 गाये आरोपियों के चंगुल से छुडवाई गई हैं, जिन्हें समीप की गौशाला में भेजा गया है। साथ ही तीनों वाहनों को राजसात करने की कार्रवाई भी पुलिस ने शुरु कर दी है।

 

उद्धव ठाकरे ने छोड़ी सीएम की कुर्सी

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता भी छोड़ दी है। लाइव ब्रॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि शिवसैनिकों का खून बहे इसलिए मैं पद छोड़ रहा हूं। आप चाहें तो इसकी खुशी मना सकते हैं। आपको बता दें कि राज्यपाल ने 30 जून को फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था। आज यानी 29 जून को सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसी बीच उद्धव ने इस्तीफा दे दिया।

कांग्रेस-एनसीपी को धन्यवाद,

उद्धव ठाकरे ने कहा, आज मंत्रिमंडल की बैठक हुई, मुझे इसका संतोष है कि बालासाहेब ठाकरे ने जिन शहरों का जो नाम रखा था, औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर और उस्मानाबाद का नाम धाराशिव आज हमने उनको वे नाम आधिकारिक तौर पर दिए हैं. उन्होंने कहा,  NCP और कांग्रेस के लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने मेरा साथ दिया. आज शिवसेना से सिर्फ मैं, अनिल परब, सुभाष देसाई और आदित्य ये चार ही लोग उस प्रस्ताव के पास होने के समय मौजूद रहे.

महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज,

मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र में हलचल तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक होटल में कोर कमिटी की बैठक कर रहे हैं. इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र के निर्दलीय विधायक रवि राणा ने कहा, पहले ही मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए था. उनकी बंद मुट्ठी में जो पावर थी वह भी निकल गयी है. जो हनुमान चालीसा का अपमान करता है, उनको सबक हनुमान भक्तों ने सिखाया है. सभी चाहते हैं देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनना चाहिए.

जैव विविधता के महत्व को रेखांकित करती है सनातन भारतीय संस्कृति,

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सनातन हिंदू संस्कृति में किसी भी जीव की हत्या निषेध है और ऐसा माना जाता है कि अपने लिए पूर्व निर्धारित भूमिका को निभाने के उद्देश्य से ही विभिन्न जीव इस धरा पर जन्म लेते हैं एवं सभी जीवों में आत्मा का वास होता है। इसलिए हिंदू धर्मावलम्बियों द्वारा पशु, पक्षियों, पेड़, पौधों, नदियों, पर्वतों, आदि को भी ईश्वर का रूप मानकर पूजा जाता है। कई पशु एवं पक्षी तो हमारे भगवानों के वाहन माने जाते हैं। जैसे, भगवान गणेश का वाहन मूषक को माना जाता है, मां दुर्गा का वाहन शेर को माना जाता है, भगवान शिव के गले में सर्प हमेशा वास करते हैं एवं नंदी को उनका वाहन माना जाता है, भगवान विष्णु का वाहन गरुड़ को माना जाता है, भगवान कार्तिक का वाहन मोर को माना जाता है एवं धन की देवी लक्ष्मी माता का वाहन उल्लू को माना जाता है।

हिंदू समाज में भगवानों की पूजा के साथ-साथ उनके वाहनों के रूप में पशु एवं पक्षियों की भी पूजा अर्चना की जाती है। नाग पंचमी नामक त्यौहार के दिन सांप को दूध पिलाया जाना शुभ माना जाता है।विकसित देशों में वैज्ञानिकों द्वारा लगातार की जा रही शोधों के आधार पर अब यह कहा जा रहा है कि दरअसल पूरे विश्व में केवल सनातन हिंदू संस्कृति ही लाखों वर्षों से बहुत ही वैज्ञानिक आधार पर चल रही है। पशु, पक्षी, पेड़, पौधे, नदियों, पर्वतों, जंगलो के संरक्षण की बात इस महान संस्कृति के मूल में है। इस धरा पर समस्त जीवों का अपना महत्व है एवं इन्हें अपनी भूमिका का निर्वहन इस धरा पर करना होता है। जैसे गंदगी साफ करने में कौआ और गिद्ध की प्रमुख भूमिका पाई गई हैं।

परंतु दुर्भाग्य का विषय है कि हाल ही के समय में गिद्ध शहरों ही नहीं बल्कि जंगलों में भी लुप्तप्रायः हो गए हैं। हम लोग जानते ही नहीं है कि गिद्धों के न रहने से इस पृथ्वी ने क्या खोया है।वर्ष 1997 में पूरी दुनिया में रेबीज नामक बीमारी से 50 हजार से अधिक लोग मर गए थे। भारत में सबसे ज्यादा 30 हजार से अधिक मौतें हुई थीं। स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि ऐसा गिद्धों की संख्या में अचानक आई कमी के कारण हुआ था जिसके फलस्वरूप चूहों और कुत्तों की संख्या में एकाएक वृद्धि हो गई थी। अध्ययन में यह भी बताया गया था कि कुछ पक्षियों की प्रजातियों के समाप्त होने से मृत पशुओं की सफाई, बीजों का प्रकीर्णन और परागण जैसे कार्य बहुत बड़ी हद्द तक प्रभावित हुए हैं। अमेरिका जैसा देश अपने यहां चमगादड़ों को संरक्षित करने का अभियान चला रहा है। सामान्यतः हम सोचते हैं कि चमगादड़ तो पूरी तरह से बेकार जीव है।

मगर वैज्ञानिकों के अनुसार चमगादड़ मच्छरों के लार्वा खाता है। यह रात्रिचर परागण करने वाला प्रमुख पक्षी है एवं यह खेती का मित्र है, जिसका मुख्य भोजन चूहा है। इसीलिए भारतीय संस्कृति में पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन की बात कही गई है। अर्थात, जैव विविधता को बनाए रखने की बात केवल हिंदू सनातन संस्कृति में ही बहुत पहिले से मानी जाती रही है। परंतु विकसित देशों द्वारा अपनाए गए विकास के मॉडल के अंतर्गत जैव विविधता के महत्व को कम आंकने के चलते अब इस पृथ्वी पर पर्यावरण एवं प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना लगभग असम्भव सा हो गया है।

हमारे जीवन में जैव विविधता का बहुत महत्व है। इस पृथ्वी पर अब एक ऐसे पर्यावरण का निर्माण करना एक आवश्यकता बन गया है, जो जैव विविधता में समृद्ध, टिकाऊ और आर्थिक गतिविधियों के लिए हमें निरंतर अवसर प्रदान करता रहे। जैव विविधता में असंतुलन आने से प्राकृतिक आपदाएं जैसे अत्यधिक वर्षा, तूफान, बाढ़, सूखा और भूकम्प आदि आने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमारे लिए जैव विविधता का संरक्षण करना अब बहुत जरूरी हो गया है। हमारा जीवन प्रकृति का अनुपम उपहार है। अत: पेड़-पौधे, अनेक प्रकार के जीव-जंतु, मिट्टी, हवा, पानी, महासागर-पठार, समुद्र-नदियां इन सभी का संरक्षण जरुरी है क्योंकि ये सभी हमारे अस्तित्व एवं विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

जैव विविधता को कई कारणों से नुकसान हो रहा है। जैसे, जगलों के क्षेत्र में लगातार हो रही कमी, प्रदूषण, प्राकृतिक एवं मानवजन्य आपदाएं, जलवायु परिवर्तन, कृषि का आधुनिकीकरण, जनसंख्या वृद्धि, पशु एवं पक्षियों का शिकार और उद्योगों एवं शहरों का प्रसार। अन्य कारणों में सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव, भू-उपयोग में परिवर्तन, खाद्य श्रृंखला में हो रहे परिवर्तन तथा जीवों की प्रजनन क्षमता में कमी इत्यादि भी शामिल हैं।

आज आवश्यकता इस बात की है कि विकास के लिए जैव विविधिता के साथ बेहतर तालमेल बनाया जाए। विकास और जैव विविधिता को दो अलग अलग अवधारणाओं के रूप में नहीं देखा जा सकता। जैव विविधिता के संरक्षण के बिना विकास का कोई महत्व नहीं है। जैव विविधता का संरक्षण करना मानव जीवन के अस्तित्व के लिए आवश्यक है। अतः पूरे विश्व को ही आज सनातन भारतीय संस्कृति को अपनाने की आवश्यकता है अन्यथा तो इस पृथ्वी पर रहना ही लगभग असम्भव होने जा रहा है।

भारत को भारत की आंखों से देखने का समय,

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आज जो विषय सबसे ज्यादा जरूरी है, उसका चिंतन और मंथन हो रहा है। गडकरी जी पानी की बात कर रहे थे कि पानी से गाड़ी चलेगी। पानी ही अगला ईंधन है। पानी के लिए शेयर मार्केट होगी। अभी खरीदेंगे और बीस साल बाद बेचेंगे। हमारे यहां बहुत पहले ही ऋगवेद में इसकी चर्चा है। हम अपने बच्चों को वैज्ञानिक तरीके से पानी के बारे में बताएं। मुझे लगता है कि आने वाले दस साल में यही पानी की बोतल, तीन सौ रुपये तक की होगी। दस साल में भारत में पीने का पानी जितना चाहिए, उससे आधा रह जाएगा। बीस साल में दुनिया में जितना पानी है, उसका आधा रह जाएगा। पानी है तो गंगा है, तो कुंभ है, प्रयाग है। पानी है तो सब कुछ है।

वेदों से लेकर आज तक यही कहा गया है कि पंचतत्व से मिलकर ही यह शरीर बना है। हमारे यहां भगवान में पंचतत्व हैं।
1- भूमि 2- गगन 3- वायु 4- अग्नि 5- नीर

इन पांचों में जो पहले अक्षर का समावेश है, वही भगवान है।

बात भारत की हो रही है तो भारत को भारत की आंखों से देखने का समय आ गया है। मैं तो कहूंगा कि जो खोया, उसी का गम नहीं, जो बचा है, वह भी कम नहीं। उन्होंने कहा कि अब सशक्त नेतृत्व है। अब संस्कारी सरकार है। प्रधानमंत्री पूरे देश को दृष्टि दे रहे हैं। विदेश में भारत के संस्कार के छाप छोड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब पहली बार मैडिसन स्क्वायर में भाषण दिया, वह दृश्य सभी ने देखा। मैंने पहली बार किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष के प्रति इतना सम्मान देखा। इस देश का सौभाग्य है कि एक फकीर इस देश को मिला है।

समय पाञ्चजन्य के नाद का,

आज पांचजन्य को नई दृष्टि से बजने की जरूरत है। आज फिर पांचजन्य को बजना है। पांचजन्य कुरुक्षेत्र में बजा था, वहां महाभारत हुआ। आज फिर पांचजन्य बजेगा। अब महान भारत बनाने की बारी है। महाभारत से महान भारत तक की यात्रा। पांचजन्य वहां भी बजा था। कुरुक्षेत्र में बजा था, लेकिन अब यह हर घर बजेगा। पांचजन्य संस्कारों के संरक्षण का। संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का।

पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया 20 हजार का इनामी, गौ तस्करी मामले में चल रहा था फरार

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मुरादाबाद में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक बदमाश घायल हो गया. घटना सिविल लाइन थाना इलाके के अगवानपुर की है. बदमाश का एक अन्य साथी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा. पैर में गोली लगने के बाद पुलिस ने बदमाश को पकड़ लिया और इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है. पकड़ा गया आरोपी गौ तस्की मामले में फरार चल रहा था. पुलिस ने 20 हजार रुपये का इनाम भी रखा था.

पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़

पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने पुलिस को जान से मारने की नीयत से फायरिंग की. आत्मरक्षा में पुलिस की चलाई गोली से एक बदमाश मोहसिन पुत्र इंतजार निवासी अगवानपुर घायल हो गया. पुलिस ने मौके पर ही घायल बदमाश को पकड़ कर अस्पताल में भर्ती करवाया. दूसरा आरोपी नासिर पुत्र ताहिर निवासी अगवानपुर फरार हो गया. एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि थाना सिविल लाइन पुलिस अगवानपुर चौकी क्षेत्र में तलाशी कर रही थी.

पुलिस पार्टी पर बदमाशों ने फायर किया. जवाबी फायरिंग में एक बदमाश घायल हुआ है. पूछताछ में नाम मोहसिन बताया है. मोहसिन पर पूर्व से गौकशी के कई मुकदमे दर्ज हैं. वांछित बदमाश पर 20 हजार रुपए का इनाम भी था. बदमाश का एक साथी नासिर मौके का फायदा उठाकर भाग गया. सिविल लाइन पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है. उम्मीद है गिरफ्तारी से गौकशी पर अंकुश लगेगा.

शिंदे गुट और महानायक ने असम बाढ़ पीड़ितों के लिए दान किए 51 लाख रुपए

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महाराष्ट्र में सियासी संकट जारी है। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने 30 जून को स्पेशल सेशन बुलाया है। उन्होंने सीएम ठाकरे को फ्लोर टेस्ट कराने को कहा है। इसके अलावा एक खबर ये भी सामने आई है कि बागी नेता एकनाथ शिंदे कल यानी गुरुवार को मुंबई जाएंगे। वह फ्लोर टेस्ट में शामिल होंगे। आज शिंदे ने कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन भी किए हैं।

वही खबर ये भी है कि इस गुट ने असम बाढ़ के राहत कोष में ५१ लाख का अनुदान किया है। महानायक अमिताभबच्चन ने भी आगे बढ़ कर मानवता की मिशाल पेश करते हुए ५१ लाख की धनराशि धान की है
असम में बाढ़ की वजह से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।

बाढ़ की चपेट में काजीरंगा नेशनल पार्क भी आ गया है, जिससे जानवरों को भी परेशानी हो रही है। बाढ़ से बिगड़े हालात के बाद मदद के लिए कई लोग सामने आए हैं। मदद करने वालों में बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन भी शामिल हैं।

अमिताभ न सिर्फ बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए हैं बल्कि उन्होंने दूसरों से भी मदद की अपील की है। महानायक ने ट्वीट कर कहा है कि ‘असम संकट में है, बाढ़ ने बहुत नुकसान पहुंचाया है। हमारे भाइयों और बहनों के लिए देखभाल और सहायता भेजें। सीएम राहत कोष में उदारता से योगदान करें। मैंने अभी-अभी किया है, क्या आपने किया?’

जघन्यहत्या , निर्मम हत्या , मज़हबी हत्या , तालिबानी हत्या ,जिहादी बनने की स्पेशल ट्रेनिंग

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उदयपुर हत्याकांड का पाक कनेक्शन सामने आया है। बताया जा रहा है कि कन्हैया का गला काटने वाले दोनों आरोपी पाकिस्तान के दावत-ए-इस्लामी संगठन से जुड़े हुए थे। यह संगठन 100 से ज्यादा देशों में सक्रिय है और इस्लाम के प्रचार-प्रसार के लिए कई तरह के ऑनलाइन कोर्स भी चला रहा है। इससे पहले भारत में इस इस्लामी संगठन पर धर्मांतरण के भी आरोप लग चुके हैं। ऐसी भी खबरें आई हैं कि इस संगठन द्वारा जगह-जगह पर दान पेटियां रखी जाती हैं। आरोप है इनके माध्यम से आने वाले धन को गलत गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता है। आइए जानते हैं क्या है दावत-ए-इस्लामी, किस तरह से 100 से ज्यादा देशों में फैला है इसका नेटवर्क…

जानते हैं क्या है दावत-ए-इस्लामी?

दावत-ए-इस्लामी खुद को गैर राजनीतिक इस्लामी संगठन करार देता है। इसकी स्थापना 1981 में पाकिस्तान के कराची में हुई थी। मौलाना अबू बिलाल मुहम्मद इलियास ने इस इस्लामिक संगठन की स्थापना की थी। भारत में यह संगठन पिछले चार दशकों से सक्रिय है। शरिया कानून का प्रचार-प्रसार करना और उसकी शिक्षा को लागू करना संगठन का उद्देश्य है। इस समय यह संगठन करीब 100 से ज्यादा देशों में अपना नेटवर्क फैला चुका है।
कौन से 32 ऑनलाइन कोर्स चला रहा?
दावत-ए-इस्लामी की अपनी खुद की वेबसाइट है। वेबसाइट के माध्यम से यह इस्लामिक संगठन कट्टर मुसलमान बनने के लिए शरिया कानून के तहत इस्लामी शिक्षाओं का ऑनलाइन प्रचार-प्रसार कर रहा है। करीब 32 तरह के इस्लामी कोर्स इसकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। महिलाओं व पुरुषों दोनों के लिए अलग-अलग तरह के कोर्स हैं। इसके अलावा यह संगठन कुरान पढ़ने और मुसलमानों को हर तरीके से शरिया कानून के लिए तैयार करता है।

जिहादी बनने की दी जाती है स्पेशल ट्रेनिंग

दावत-ए-इस्माली संगठन पर कई बार धर्मांतरण के आरोप भी लगे हैं। यह संगठन अपनी वेबसइट पर एक न्यू मुस्लिम कोर्स भी संचालित करता है। यह कोर्स भी पूरी तरह से ऑनलाइन है। इसका उद्देश्य धर्मांतरण कर नए-नए मुसलमानों को इस्लामी शिक्षाओं से रूबरू कराना है। इस कोर्स के माध्यम से धर्मांतरण करने वालों को जिहादी बनने की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है।

ऑनलाइन कोर्स से जुड़े थे दोनों आरोपी

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या करने वाले दोनों आरोपी मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ‘दावत-ए-इस्लामी’ नाम के संगठन से जुड़े हुए हैं। ये दोनों इस्लामी संस्था के ऑनलाइन कोर्स से जुड़े हुए हैं। हत्या के बाद दोनों आरोपी अजमेर दरगाह जियारत के लिए जाने वाले थे। दरअसल, यह संगठन दुनिया भर में सुन्नी कट्टरपंथ को बढ़ावा देता है।

एनआईए और एसआईटी करेगी जांच

हत्या की जांच करने के लिए राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया। एसआईटी टीम उदयपुर पहुंच गई है। इस हत्याकांड की जांच एनआईए भी करेगी। एनआईए की टीम भी आज उदयपुर पहुंचेगी। दरअसल, इस हत्याकांड के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश की बात भी सामने आ रही है। नुपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी के बाद आतंकवादी संगठन अलकायदा भी धमकी दे चुका है।