फतेहपुर में पुलिस मुठभेड़ में घायल दो गौ-तस्कर गिरफ़्तार
फतेहपुर। फतेहपुर जिले में बिंदकी कोतवाली पुलिस और विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने मुठभेड़ में घायल दो गौ-तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश कुमार सिंह ने रविवार को बताया कि शनिवार रात करीब 11 बजे मुखबिर की सूचना पर बिंदकी कोतवाली पुलिस और एसओजी प्रथम की टीम आलमगंज प्रतापपुर गांव के पास पहुंची।
पुलिस टीम को देखते ही गौ-तस्करों ने गोलीबारी शुरू कर दी और जवाबी कार्रवाई में गौ-तस्कर अंसार और शाकिब उर्फ चींटा पैर में गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया, जबकि एक अन्य तस्कर फरार हो गया। एसपी ने बताया कि पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के पास से दो तमंचा, कारतूस, एक मोटर साइकिल, गोकशी में इस्तेमाल किये जाने वाले औजार और एक गाय बरामद की है। उन्होंने बताया कि अंसार के विरुद्ध गंभीर अपराधों के आठ मुकदमे दर्ज हैं और शाकिब के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं।
Cow Economy – 123 देशों तक फैलाया करोड़ों का कारोबार
Organic Farming: भारत में गाय को मां का दर्जा दिया गया है और कई सदियों से गाय (Cow) की पूजा-आराधना भी की जाती है. पौराणिक काल से ही गाय को खेती और दूध उत्पादन के लिहाज से भी अहम माना गया है. पुराने समय की कारगर मान्यताओं के बलबूते पर ही आज गाय आधारित खेती (Cow Based Farming) करके किसान अच्छा मुनाफा तो कमा ही रहे हैं, साथ ही इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी वापस लौट रही है. खासकर गुजरात में गाय आधारित खेती और इससे जुड़े डेयरी व्यवसायों (Dairy Business) को काफी बढ़ावा दिया जा रहा है. यही कारण है कि सबसे ज्यादा गाय आधारित खेती की सफलता इसी राज्य से उभर कर सामने आ रही है.
सफलता की इन्हीं कहानियों में शामिल है गोंडल, गुजरात के रमेशभाई रूपरेलिया का नाम, जिन्होंने 80 रुपये की मजदूरी करके जैविक उत्पादों का बड़ा एंपायर खड़ा कर दिया है. कभी पैसों की कमी के कारण रमेशभाई रुपरेलिया को अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी, लेकिन बचपन से ही दिमाग में उपज रहे गौ सेवा के बीज ने इन्हें आज 123 से भी ज्यादा देशों में लोकप्रियता दिलवाई है. बता दें कि आज रमेशभाई रुपरेलिया अपने गाय पालन (Cow Farming) और गाय आधारित खेती के जरिये उपजे अनाज, फल, सब्जी, दूध, मसालों के उत्पाद (Organic Products) बनाकर देश-विदेश में निर्यात कर रहे हैं. रमेशभाई के इन्हीं प्रयासों के चलते सम्मानित भी किए गए हैं.
बचपन से गौ सेवा में हुए लीन
रमेशभाई रुपरेलिया बचपन से ही संगीत के शौकीन रहे हैं, जो गांव में हार्मोनियम बजाकर गाय की महिमा का बखान करते थे. उसी समय से ही दिमाग में गौसेवा का बीज पनपा और लोगों को गौ मूत्र, गोबर और गाय के दूध के फायदे बताने लगे. घर में आर्थिक तंगी के कारण बचपन में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी और 7वीं पास रुपरेलिया मात्र 80 रुपये में मजदूरी करने लगे. उनके साथ उनके माता-पिता भी खेतों में खेतिहर मजदूर के तौर पर काम करते और अपना गुजारा चलाते. साल 1988 तक रमेशभाई का काम होता था दूसरों की गायों की सेवा करना और उन्हें चराने ले जाना. कई सालों तक गाय सेवा और आर्थिक तंगी में गुजारा चलता रहा.
जिंदगी में कुछ करने का जज़्बा और डटकर संघर्ष की चाह ने रमेशभाई को गाय आधारित खेती करने के लिए प्रेरित किया. रमेशभाई के पास खुद की जमीन नहीं थी, लेकिन मजदूरी के साथ-साथ एक जैन परिवार से जमीन किराए पर लेकर खेती करने लगे. खेती के लिए उन्होंने पूरी तरह जैविक विधि अपनाई और जैसे-तैसे गाय का गोबर और गौमूत्र का इंतजाम करके फसलों का उत्पादन लेने लगे. धीरे-धीरे गाय आधारित खेती का नुस्खा काम करने लगा और साल 2010 में 10 एकड़ जमीन से करीब 38,000 किलो प्याज का रिकॉर्ड उत्पादन लिया और जिलेभर में प्रसिद्धि हासिल की. दूसरा रिकॉर्ड उत्पादन हुआ हल्दी, एक एकड़ में गौ आधारित खेती करके हल्दी की 36,000 किलो पैदावार मिले. बस फिर क्या धीरे-धीरे रमेशभाई तरक्की करने लगे और खुद की 4 एकड़ जमीन खरीदकर जैविक खेती के साथ-साथ गौपालन करने लगे.
साइकिल पर डिलीवरी से लेकर ऑनलाइन मार्केटिंग सीखी
वैसे तो रमेशभाई ने सातवीं तक ही पढ़ाई की है, लेकिन समय की मांग को देखते हुए उन्होंने बेसिक कंप्यूटर कोर्स किया, ताकि अपने जैविक उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग कर सकें. इससे पहले रमेशभाई खेती और गौपालन के जरिये जैविक उत्पाद और घी आदि बानकर साइकिल पर ही डिलीवरी करते थे. उस समय ऑर्गेनिक प्रॉडक्ट्स को लेकर ज्यादा बातें नहीं होती थीं, इसलिए उत्पादों के भी सही दाम नहीं मिल पाते थे, लेकिन धीरे-धीरे ई-मेल मार्केटिंग और इंटरनेट का ज्ञान हासिल करने के बाद उन्होंने खुद ही ऑनलाइन मार्केटिंग शुरू कर दी.
बता दें कि रमेशभाई रूपरेलिया ने अपना यूट्यूब (Youtube Marketing) चैनल भी बानया है, जिसके जरिये वो गाय आधारित खेती (Cow Based Farming) और गौ पालन के अपने वीडियो अपलोड करके किसानों को जागरुक करते हैं. शुरूआत में इसी यूट्यूब चैनल के जरिये देश-दुनिया में उनके जैविक उत्पादों की डिमांड बढ़ने लगी थी.
123 देशों तक फैलाया करोड़ों का कारोबार
रमेशभाई की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर अडोस-पडोस के गांव से भी किसान ट्रेनिंग के लिये आने लगे. रिपोर्ट्स की मानें तो अभी तक रमेशभाई से करीब 23 देशों के 10 हजार लोगों ने जैविक खेती और गौपालन की ट्रेनिंग (Cow Farming Training) ली है. यहां किसानों ने गाय का देसी घी बनाना तक सीखा है. आज रमेशभाई की सफलता करीब 123 देशों तक फैल चुकी है. आज गोंडल के गोपाल- रमेशभाई रूपरेलिया (Ramesh Rupareliye) जैविक खेती के साथ-साथ ‘श्री गीर गौ कृषि जतन संस्था‘ नाम से गौशाला चलाते हैं.
इस तरह खेती और गौशाला से निकले उत्पादों का प्रसंस्करण और पैकेजिंग कर ऑनलाइन मार्केटिंग करते हैं. बता दें कि आज रमेशभाई रुपरेलिया जैविक उत्पाद और गाय का देसी घी (Cow Ghee) बेचकर सालाना 3 करोड़ से ज्यादा की आमदनी ले रहे हैं. वह खुद तो 150 से भी ज्यादा गौवशों की देखभाल और जैविक खेती (Organic Farming) करते ही है, साथ ही 100 से भी ज्यादा लोगों को अपनी इस सफलता से जोड़कर रोजगार उपलब्ध करवा रहे हैं.
पीएम मोदी जापान पहुंचे, दिवंगत प्रधानमंत्री शिंजो आबे के अंतिम संस्कार में होंगे शामिल
नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए टोक्यो पहुंच गए हैं। पीएम यहां से अकासाका पैलेस जाएंगे, जहां उनका अभिवादन किया जाएगा। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बताया कि इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री बुडोकन में राजकीय अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होंगे। पीएम मोदी की जापान यात्रा कुल 12 से 16 घंटे की है।
जापान के पीएम किशिदा के साथ करेंगे द्विपक्षीय बैठक
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी जापान के पीएम किशिदा और श्रीमती आबे से भी मुलाकात करेंगे। व्यक्तिगत रूप से अपनी संवेदना व्यक्त करने के लिए पीएम किशिदा के साथ अभिवादन के अवसर के अलावा, पीएम मोदी अपने जापानी समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

जाने से पहले पीएम ने किया ट्वीट
जापान जाने से कुछ घंटे पहले, पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि कि वह पूर्व पीएम शिंजो आबे जो कि एक प्रिय मित्र और भारत-जापान मित्रता के एक महान चैंपियन थे, उनके अंतिम संस्कार में भाग लेने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं सभी भारतीयों की ओर से प्रधानमंत्री किशिदा और श्रीमती आबे के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करूंगा। पीएम ने कहा कि हम आबे की परिकल्पना के अनुसार भारत-जापान संबंधों को और मजबूत करने के लिए काम करना जारी रखेंगे।
दुनिया भर के हजारों गणमान्य व्यक्ति होंगे शामिल
आबे का राजकीय अंतिम संस्कार आज होगा और इसमें दुनिया भर के हजारों गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों सहित सौ से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के इस अंतिम संस्कार में भाग लेने की उम्मीद है।
अपना प्रिय मित्र मानते थे मोदी
प्रधानमंत्री मोदी शिंजो आबे को अपना प्रिय मित्रा मानते थे। वे प्रधानमंत्री आबे के साथ गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते हुए कई बार बैठकें कर चुके है। दोनों नेताओं ने भारत-जापान संबंधों को विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी का दर्जा दिलाया है।
गोली मारकर की गई थी हत्या
बता दें कि शिंजो आबे की 8 जुलाई को नारा शहर में एक अभियान भाषण के दौरान हत्या कर दी गई थी। भारत ने शिंजो आबे के सम्मान में 9 जुलाई को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की थी।
गोपाल गौशाला में गायों को मिलेगा हरा चारा
27 सितम्बर 2022, कटनी: “गोपाल गौशाला में गायों को मिलेगा हरा चारा” – म. प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा जिला परियोजना प्रबंधक कटनी शबाना बेगम के नेतृत्व में विकासखण्ड रीठी के ग्राम जमुनिया में संचालित गौशाला में जैविक कृषि प्रशिक्षक राम सुख दुबे जी के सहयोग से परिसर में एजोला पिट का निर्माण कर एजोला खाद्य तैयार किये जाने का कार्य किया गया ।
इस दौरान श्री दुबे द्वारा गौशाला संचालनकर्ता पूर्णिमा स्वसहायता समूह के सदस्यों को एजोला तैयार करने की विधि, इसका महत्तव, उपयोग व देख-रेख का तरीका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ में उपस्थित प्रभारी जिला प्रबंधक कृषि म. प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन राम सुजान द्विवेदी ने बताया की गौशाला को सक्षम बनाने के लिए समूह द्वारा गोबर से लकडी (गौ-काष्ठ) बनाने की मशीन गौशाला में लाई गई है । जिसके माध्यम से उपलब्ध गोबर का इस्तेमाल किया जायेगा । वर्मी पिट एवं नाडेप के माध्यम से खाद निर्माण भी किया जा रहा है ।
गौ तस्करी से जुड़ा मामला – कोल स्मगलिंग केस में ईडी ने बंगाल के एसटीएफ के एडीजी को भेजा समन
पश्चिम बंगाल में गौ तस्करी मामले में टीएमसी के हैवीवेट नेता अनुब्रत मंडल फिलहाल जेल में है, लेकिन ईडी की कार्रवाई जारी है. पश्चिम बंगाल के आईपीएस अधिकरी आकास नागरिया को ईडी ने समन भेजा है. उनसे कोयला तस्करी मामले में पूछ ताछ की जा सकती है . वहीं पर 28 सितबंर को आला आईपीएस अधिकारी ज्ञानवंत सिंह को भी तलब किया गया है. ईडी सूत्रों के मुताबिक जब कोयला तस्करी के मूल आरोपी अनूप मांझी उर्फ लाला के नेतृत्व में राज्य के पश्चिमी जिलों में कोयले की तस्करी जोरों पर थी, तब ज्ञानवंत सिंह एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के पद पर थे. ऐसे में उन पर ईडी की पैनी नजर बनी हुई है.
अनूप मांझी ने किया था आईपीएस अधिकारियों के नामों का खुलासा
सूत्रों के अनुसार कोयला घोटाले के एक आरोपी अनूप मांझी उर्फ लाला से पूछताछ करने पर जांचकर्ताओं को ज्ञानवंत सिंह के नाम पता चला था. फिर उन्हें तलब किया गया था. एक बार फिर ज्ञानवंत सिंह को ईडी ने तलब किया है. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के पद पर रहने के बावजूद उनके समय में इस तरह से कोयले की तस्करी कैसे हुई. यह सवाल उठाया गया है. ईडी ने न केवल ज्ञानवंत, बल्कि कुल आठ लोगों को तलब किया था. ये सभी अलग-अलग समय पर महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं. क्या उन्हें कोयले की तस्करी की जानकारी थी ? पुलिस अधिकारियों के सामने कैसे हुई तस्करी ? इसको लेकर सवाल उठाया गया है.
ईडी ने इसके पहले आठ आला आईपीएस अधिकारियों को किया था तलब
ईडी ने कोयला तस्करी मामले में इसके पहले 8 आईपीएस अधिकारियों को तलब किया था, जिनमें ज्ञानवंत सिंह के अलावा आईपीएस श्याम सिंह, राजीव मिश्रा, तथागत बसु, सुकेश जैन, भास्कर मुखोपाध्याय, एस सेल्वामुरुगन और कोटेश्वर राव के नाम शामिल थे. उनमें से कुछ उस समय के डीआईजी, कुछ आईजी, कुछ पुलिस अधीक्षक पद पर कार्यरत थे. ऐसे में ईडी की पैनी नजर बंगाल के आईपीएस अधिकारियों पर टिकी हुई है. कोयला तस्करी मामले में हर रोज नये खुलासे हो रहे हैं.
पशु रोगों की समस्या के लिए ये महत्वपूर्ण नम्बर, संपर्क करें
सितम्बर ग्वालियर: पशु रोगों की समस्या के लिए ये महत्वपूर्ण नम्बर, संपर्क करें – गाय एवं भैंस वंशी पशुओं में फैल रहे संक्रामक रोगों से संबंधित समस्या के लिए शहर के नागरिक एवं पशु पालक पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर उनसे जानकारी एवं सलाह ले सकते हैं।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ. के एस बघेल ने बताया है कि ग्वालियर जिले में पशुओं के उपचार एवं अन्य सहायता के लिए कंट्रोल रूम भी गठित किया गया है। इस कंट्रोल रूम में उप संचालक डॉ. के एस बघेल मोबा. 9009926988, जिला नोडल अधिकारी डॉ. बी पी शर्मा मोबा. 9826503473 तथा सहायक नोडल अधिकारी डॉ. आर पी शर्मा मोबा. 9009173398 पर कोई भी व्यक्ति सूचना देकर जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसके साथ ही विकासखंड मुरार के लिये डॉ. जी एस दुबे मोबा. 8319204003, विकासखंड डबरा के लिये डॉ. एन बी खान मोबा. 8120047600, विकासखंड घाटीगाँव के लिये डॉ. अवनीश शर्मा मोबा. 9926288390 और विकासखंड भितरवार के लिये डॉ. बी एल स्वर्णकार मोबा. 9425063852 पर संपर्क कर बीमार गायों के संबंध में जानकारी एवं सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। नगरीय क्षेत्र में आवारा पशुओं, घायल पशुओं और बीमार पशुओं के संबंध में नगर निगम के कंट्रोल रूम 0751-2438358 पर कोई भी नागरिक सूचना देकर सहयोग प्राप्त कर सकता है।
लम्पी रोग के लक्षण एवं सुझाव
लम्पी रोग से पशुओं को शुरू में बुखार आता है और वे चारा खाना बंद कर देते हैं। इसके बाद चमड़ी पर गाँठें दिखाई देने लगती है, पशु थका हुआ और सुस्त दिखाई देता है, नाक से पानी बहना एवं लंगड़ा कर चलता है। यह लक्षण दिखाई देने पर पशुपालक तुरंत अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या पशु औषधालय से संपर्क कर बीमार पशुओं का उपचार कराएँ। पशु सामान्यत: 10 से 12 दिन में स्वस्थ हो जाता है।
क्या करें, क्या न करें
संक्रमित पशु को स्वस्थ पशु से तत्काल अलग करें। पशु चिकित्सक से तत्काल उपचार आरंभ कराएँ। संक्रमित क्षेत्र के बाजार में पशु बिक्री, पशु प्रदर्शनी, पशु संबंधी खेल आदि पूर्णत: प्रतिबंधित करें। संक्रमित पशु प्रक्षेत्र, घर, गौ-शाला आदि जगहों पर साफ-सफाई, जीवाणु एवं विशाणु नाशक रसायनों का प्रयोग करें। पशुओं के शरीर पर होने वाले परजीवी जैसे- किलनी, मक्खी, मच्छर आदि को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करें। स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण कराएँ और पशु चिकित्सक को आवश्यक सहयोग भी करें।
महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी व अग्निशिखा मंच का हिंदी दिवस कार्यक्रम संपन्न
मुख्य अतिथि पवन तिवारी ने हिंदी भाषा पर रखे विचार साथ अलका पांडेय ने साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया
नवी मुंबई। महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी मुम्बई और अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच के संयुक्त तत्वावधान में नवी मुंबई के सानपाडा स्थित होटल हाईवे व्यू शिकारा रेस्टोरेंट में भारतवर्ष के आज़ादी के 75वां अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत हिंदी व्याख्यान तथा काव्य पाठ का आयोजन सम्पन्न हुआ। उसी अवसर पर मुम्बई सहित अन्य राज्यों के साहित्यकारों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ाई।
मंच की अध्यक्ष अलका पाण्डेय ने बताया कि एक दिवसीय कार्यक्रम तीन सत्र में पूरा हुआ। पहला सत्र ‘हिंदी की लघु कथाएं और कहानी का वाचन’ की अध्यक्षता सेवासदन प्रसाद ने की तथा विशेष अतिथि के रूप में अरविंद राही और पूनम पटवा मंच पर विराजमान रहीं। कहानी और लघु कथा का वाचन चंद्रिका व्यास, वंदना श्रीवास्तव, ओम प्रकाश पांडे और नीरजा ठाकुर ने किया और मंच संचालन पवन तिवारी एवं कुमार जैन ने किया।
दूसरा सत्र ‘हिंदी व अन्य भाषाओं का महत्व और भ्रांतियां’ कार्यक्रम की अध्यक्षता पवन तिवारी ने की तथा विशिष्ट अतिथि हेमलता मिश्र मानवी, राम कुमार त्रिपाठी, अलका पांडेय, विधु भूषण त्रिवेदी मंच पर आसीन रहे। मंच संचालन अश्विन पांडे और संतोष पांडे ने किया वहीं डॉ. शिवदत्त शुक्ल स्मृति सम्मान साहित्य भूषण सम्मान से अलंकृत हुए। साहित्यकार, कवियत्री चित्रा देसाई को साहित्य भूषण से सम्मानित किया गया। विधु भूषण त्रिवेदी हृदयांगन को साहित्य सेवी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया तथा राम कुमार त्रिपाठी को हिंदी सेवी सम्मान से सम्मानित किया गया।

तीसरा सत्र काव्य पाठ का रहा जिसका संचालन पवन तिवारी ने किया और रेखा रोशनी ने अपनी शानदार रचनाओं से शमा बांधा।
मुख्य अतिथि पवन तिवारी ने कहा कि जिस देश में राष्ट्रभाषा नहीं वो राष्ट्र गूंगा होता है। हिंदी के महत्व को पहचानना होगा तथा शैक्षणिक व प्रसाशनिक कार्यों में हिंदी का प्रचलन अधिक से अधिक होना चाहिए तभी हम हिंदी को राजभाषा से राष्ट्रभाषा बनाने में सफल हो सकते हैं।

कार्यक्रम में कवि कल्पेश यादव, त्रिलोचन सिंह अरोड़ा, रामस्वरुप साहू, नंदलाल क्षितिज, संतोष पांडेय, तनुजा चौहान, शशि सिंह, मीनाक्षी शर्मा, अरुण प्रकाश मिश्र अनुरागी, दिलीप ठक्कर ने काव्य पाठ किया।
सभी कवियों को सम्मान पत्र देकर सम्मान किया गया व कुछ वरिष्ठ साहित्यकार भी सम्मानित हुए। विजय भटनागर, गोपी नाथ बुबना, शशि सिंह, विशंभर दयाल तिवारी, अशोक पांडे, परमिंदर सिंह आदि को अग्निशिखा गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में कोटक महिंद्रा बैंक के रिप्रेजेंटेटिव भी उपस्थित हुए और उन्होंने बुजुर्गों और गृहिणियों के लिए इनकम प्लान भी बताया जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
अंत में मंच की अध्यक्ष अलका पाण्डेय ने सबका आभार व्यक्त किया और राष्ट्र गीत के बात स्वादिष्ठ भोजन का आनंद साहित्य से जुड़े सभी अतिथियों ने लिया।
सभी अतिथियों को तुलसी का पौधा भेंटकर विदा किया गया।
– संतोष साहू
अभिषेक रे – अन्वेशा के गीत ‘लेट इट रेन’ को मिली मिलियन व्यूव
मुम्बई। म्यूजिक कम्पोजर अभिषेक रे द्वारा हाल ही बारिश सॉन्ग ‘लेट इट रेन’ लॉन्च हुआ। इस गाने की परिकल्पना उन्होंने ही की है। अभिषेक के साथ अन्वेशा ने इस गीत को गाया है साथ ही दोनों ने अभिनय भी किया है।
गाने की शूटिंग मुम्बई के पास समुद्री तट और किले पर बारिश के मौसम में की गई है। अभिषेक-अन्वेशा की केमेस्ट्री इस गाने की प्रस्तुति को आकर्षक बनाती है।
अभिषेक ने जहां ‘पानसिंह तोमर, वेलकम बैक, साहिब बीवी और गैंगस्टर, आई एम कलाम जैसी फिल्मों का म्यूजिक कंपोज किया है वहीं अन्वेशा ‘प्रेम रतन धन पायो, गोलमाल रिटर्न फिल्म सहित कई भाषाओं के लिए गाना गा चुकी हैं।
अभिषेक ने बताया कि प्रकृति के साथ मेरा गहरा लगाव है यही मेरे प्रेरणास्रोत हैं। इसीलिए मैं शूटिंग के लिए ऐसे जगह को चुनता हूँ जहां खुला आसमान हो, जंगल, नदी, पहाड़ के साथ साथ पक्षियों का मनमोहक कलरव हो।
धुन बनाते समय ही मैंने शब्दों का संकलन करते हुए गीत की रचना किया। मेरे आदर्श प्रसिद्ध गीतकार गुलज़ार साहब हैं जिनके गीत मुझे प्रेरित करते हैं और मैं उन्हीं का अनुसरण करते हुए गीत की रचना करता हूँ।
शूटिंग के दौरान कभी बारिश तो कभी धूप छांव का अनुभव शानदार रहा।
आपको बता दें कि इस गीत को यूट्यूब पर मिलियन व्यूव मिले हैं।
इसके अलावा अभिषेक ने दो गीत ‘बिस्मिल और रेशमी धागे’ का भी स्क्रीनिंग किया जिसमें अन्वेशा ने उनका साथ दिया है।

गौरतलब है कि अभिषेक रे ने हिमालय में सिताबानी नामक एक उजाड़ भूमि को खरीदकर हराभरा किया है जहां अब कई बाघ का डेरा है। इस सराहनीय कार्य के लिए उन्हें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के हाथों अमेजिंग इंडियन अवार्ड मिल चुका है।
गोरेगांव में महा मंगलकारी अनुष्ठान की भव्य तैयारियाँ
साध्वी कुमुद लता के सानिध्य में हजारों लोग करेंगे साधना, मेवाड़ संघ द्वारा बांगुर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हो रहा है भव्य अनुष्ठान
मुंबई। गोरेगांव पश्चिम में 25 सितंबर को महासती कुमुदलता महाराज के सानिध्य में आयोजित होने जा रहे महामंगलकारी अनुष्ठान की जोरदार तैयारियां चल रही है। इस बात की जानकारी देते हुए साध्वी कुमुदलता जी महाराज ने मुंबई की मीडिया को संबोधित किया और कहा कि विश्व कल्याण और गोमाता को लम्पी वायरस से बचाने के लिए यह अनुष्ठान आयोजित हो रहा है।
मेवाड़ भवन में साध्वीश्री कुमुद लता जी महाराज के सांनिध्य में हुई प्रेस काफ्रेंस में मेवाड संघ के महामंत्री महावीर तातेड़ ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर अनुष्ठान समिति अध्यक्ष नेमीचंद धाकड़ के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारियों ने आयोजन स्थल जाकर वहां चल रही तैयारियों का जायजा लिया। कार्यक्रम स्थल पर बन रहे विशाल डोम में बैठक व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था और अतिथि सत्कार व्यवस्था आदि का निरीक्षण किया गया।
तातेड़ ने बताया कि विभिन्न राज्यों से पदाधिकारियों के मुंबई पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। अनुष्ठान को सफल बनाने के लिए मेवाड़ भवन में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम में मेवाड़ संघ की अहम भूमिका हैं और विश्व शांति के लिए किया जा रहा यह कार्यक्रम स्वर्णिम इतिहास रचेगा। प्रेस काँफ्रेंस में संघ के कोषाध्यक्ष लक्ष्मी लाल वडालमिया, व्यवस्था मंत्री प्रकाश नाहर और पारसमल बाफना भी मौजूद रहे।









