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Gujarat Assembly Election 2022: पहले चरण की 40 सीटों पर प्रचार में सीएम योगी, शिवराज, हिमंता समेत 29 दिग्गज नेता

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गुजरात में चुनाव प्रचार करते गृहमंत्री अमित शाह (Photo Source- Twitter/ @AmitShah)

Gujarat Assembly Election: गुजरात चुनाव के पहले चरण के प्रचार के समाप्त होने में सिर्फ 10 दिन बचे हैं। ऐसे में सत्ताधारी BJP कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। पार्टी ने देश और प्रदेश स्तर के तमाम दिग्गज नेताओं को राज्य में प्रचार अभियान पर लगा दिया है। भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा (J P Nadda), केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों सहित भाजपा के राष्ट्रीय नेता शुक्रवार को 40 सीटों पर उतरे। गौरतलब है कि पहले चरण में 89 सीटों पर 1 दिसंबर 2022 को मतदान होगा।

जेपी नड्डा सहित लगभग 15 राष्ट्रीय भाजपा नेताओं ने 40 से अधिक जनसभाओं को संबोधित किया। इन नेताओं में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और अनुराग ठाकुर, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मैदान में उतरे। इसके अलावा भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या और लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग त्सेरिंग नामग्याल ने भी गुजरात में अपनी पार्टी के लिए प्रचार किया।

गुजरात में चुनाव प्रचार करते गृहमंत्री अमित शाह (Photo Source- Twitter/ @AmitShah)

पंडित नेहरू एक ‘महिला’ के कहने के कारण देश का विभाजन करने पर सहमत हुए थे – रंजीत सावरकर

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‘हनीट्रैप में फँसे नेहरू के कारण देश बँटा, 12 साल तक वे देश की खुफिया रिपोर्ट अंग्रेजों को भेजते रहे’: सावरकर के पोते ने PM मोदी से की जाँच की माँग

माउंटबेटन का हवाला देते हुए रंजीत ने कहा, “वायसराय ने लिखा था कि उनके भारत छोड़ने के बाद पंडित नेहरू ने उन्हें 12 वर्षों तक हर दिन अपनी रिपोर्ट भेजी थी।” रंजीत सावरकर ने कहा कि यह खुफिया एजेंसियों की बड़ी नाकामी है। उन्होंने कहा कि नेहरू को हनीट्रैप में फँसाया गया था और वे फँस गए थे।

 

Mumbai – Maharashtra – कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी (Congress Leader Rahul Gandhi) ने ‘भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra)’ के दौरान महाराष्ट्र में विनायक दामोदर सावरकर (Vinayak Damodar Savarkar) पर देश के साथ धोखा देने का आरोप लगाया था। अब सावरकर के पोते ने राहुल गाँधी के नाना पंडित जवाहरलाल नेहरू पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सावरकर के पोते रंजीत सावरकर (Ranjit Savarkar) ने राहुल गाँधी के आरोपों का खंढन करते हुए कहा कि पंडित नेहरू एक ‘महिला’ के कहने के कारण देश का विभाजन करने पर सहमत हुए थे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 12 वर्षों तक पंडित नेहरू ने देश की गुप्त जानकारियाँ अंग्रेजों के साथ साझा की थी। रंजीत सावरकर ने इस पर राहुल गाँधी से जवाब माँगा है।

बता दें महाराष्ट्र के वाशिम में राहुल गाँधी ने सावरकर पर देश से गद्दारी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि सावरकर अंग्रेजों को पत्र लिखकर उनका नौकर बने रहने के लिए कहा था और आजीवन पेंशन लेते रहे थे। इस दौरान उन्होंने सावरकर का एक पत्र भी मंच से लोगों को दिखाया था।

रंजीत सावरकर ने शुक्रवार (18 नवंबर 2022) को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि तत्कालीन वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन की पत्नी एंडविना और पंडित नेहरू के बीच हुए पत्रचारों को अंग्रेजों से वापस माँगा जाए और उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा, “इससे पता चलेगा कि जिसे देश चाचा नेहरू कहता है, उसने देश के साथ कैसे धोखा किया।”

स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए रंजीत सावरकर ने कहा कि पंडित नेहरू 9 मई से 12 मई 1947 के बीच अकेले हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला गए थे वे वहाँ चार दिनों तक रहे। रंजीत ने आगे कहा, “उस दौरान एडविना के ब्रिटिश सरकार को लिखे पत्रों में कहा गया था कि मैंने पंडित नेहरू को अपना अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है।”

श्रद्धा मर्डर केस (Shraddha Walker Murder) – शव काटते-काटते थक गया तो मंगाया खाना, बीयर पी और रातभर देखी वेब सीरीज

व्यक्तिगत संबंधों को लेकर एडविना के पत्र में उल्लेखित बातों का जिक्र करते हुए रंजीत सावरकर ने कहा, पंडित नेहरू बहुत व्यस्त हैं। इसलिए वे ‘नर्वस ब्रेकडाउन’ के करीब पहुँच रहे हैं। उन्होंने मेरे साथ चार दिन बिताए। हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए हैं और यह दोस्ती लंबे समय तक चलेगी।” रंजीत सावरकर ने यह कहा कि एडविना ने अपने पत्र में लिखा था कि ‘पंडित नेहरू मेरे काबू में आ गए हैं’।

रंजीत यहीं नहीं रूके। उन्होंने कि पंडित नेहरू ने देश की सुरक्षा को दरकिनार कर लॉर्ड माउंटबेटन को वायसराय नियुक्त किया था। उन्होंने कहा, “बलवंत सिंह ने कहा था कि माउंटबेटन वायसराय होने के कारण पाकिस्तान में सेना नहीं भेज सकते। 20,000 लड़कियों का अपहरण कर पाकिस्तान ले जाया गया। नरसंहार को देखकर भारतीय नेताओं को समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें, इसलिए मैंने पूर्ण नियंत्रण ले लिया।”

विनायक दामोदर सावरकर पर टिप्पणी – उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गाँधी पर किया पलटवार

माउंटबेटन का हवाला देते हुए रंजीत ने कहा, “वायसराय ने लिखा था कि उनके भारत छोड़ने के बाद पंडित नेहरू ने उन्हें 12 वर्षों तक हर दिन अपनी रिपोर्ट भेजी थी।” रंजीत सावरकर ने कहा कि यह खुफिया एजेंसियों की बड़ी नाकामी है। उन्होंने कहा कि नेहरू को हनीट्रैप में फँसाया गया था और वे फँस गए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसकी जाँच की माँग करते हुए रंजीत ने कहा कि पीएम को इस पूरे मामले की जाँच कराना चाहिए। इसके पहले भी कई लोग हनीट्रैप में पकड़े जा चुके हैं और उन्हें सजा भी दी जा चुकी है, लेकिन नेहरू की बता कौन करे। उन्होंने इस हनीट्रैप पर राहुल गाँधी से जवाब माँगा।

श्रद्धा मर्डर केस (Shraddha Walker Murder) – शव काटते-काटते थक गया तो मंगाया खाना, बीयर पी और रातभर देखी वेब सीरीज

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श्रद्धा मर्डर केस (Shraddha Walker Murder) सुन कर और पढ़ कर रोंगटे खड़े हो जा रहे है। उसके क़ातिल आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग उठ रही है। न्यायपालिका को भी इस हत्याकांड पर जल्द संज्ञान ले कर क़ातिल को सजा निश्चित कर देना चाहिए क्योकि यह किसी भी सभ्य समाज के लिए अच्छी बात नहीं है।

श्रद्धा मर्डर केस (Shraddha Walker Murder) में हर रोज़ नए नए खुलाशे हो रहे है , एक और जानकारी सामने आ रही है। दावा किया जा रहा है कि आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) ने नवंबर 2020 में श्रद्धा वाकर को मौत के घाट उतारने की कोशिश की थी। उसे बहुत पीटा था। इस बात का खुलासा श्रद्धा के दोस्त गॉडविन ने किया है।

गॉडविन ने इंडिया टुडे को बताया कि आफताब उसकी दोस्त के साथ दरिंदों जैसा व्यवहार करता था। उन्होंने आफताब के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन वह उसे बार-बार फोन करता रहता, धमकी देता कि अगर वह उसके पास वापस नहीं आई, तो वह अपनी जान दे देगा। आफताब के आत्महत्या की धमकी देने के बाद श्रद्धा उसके पास वापस चली गई।

2020 में श्रद्धा वाकर का इलाज करने वाले एक डॉक्टर ने भी खुलासा किया है कि आफताब अमीन पूनावाला उस वक्त अस्पताल में मौजूद था, जब श्रद्धा को कंधे और पीठ में तेज दर्द के लिए भर्ती कराया गया था। नालासोपारा के ओजोन मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में दो साल पहले श्रद्धा का इलाज करने वाले डॉ एसपी शिंदे ने कहा कि श्रद्धा को कोई गंभीर चोट नहीं आई थी, लेकिन उसने कंधे और पीठ में तेज दर्द की शिकायत की थी।

ओजोन मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में श्रद्धा वाकर ने हालाँकि इसका खुलासा नहीं किया था कि उसे ये दर्द किस वजह से हो रहा था। जब वह अस्पताल में भर्ती थी, उस वक्त श्रद्धा के परिवार का कोई भी सदस्य वहाँ मौजूद नहीं था। वहाँ केवल आफताब दिखाई दे रहा था।

श्रद्धा वाकर के दोस्तों द्वारा किए गए खुलासे के मुताबिक, श्रद्धा और आफताब 2018 से रिलेशनशिप में थे, लेकिन श्रद्धा ने आफताब के बारे में अपने दोस्तों को 2019 में बताया था। श्रद्धा के एक और दोस्त राहुल राय ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया , राहुल राय के अनुसार, “अगले दिन पुलिस ने उसे (श्रद्धा) थाने बुलाया, जहाँ उसने कहा कि वह आफताब से बहुत डरती है। वह उसे मार डालेगा। क्योंकि वह इससे पहले भी उसे जान से मारने की कोशिश कर चुका है और उसे कई बार बुरी तरह पीटा है। आफताब ने उसे घर में बंद कर दिया था। उसका एक और अफेयर चल रहा था। वह दूसरी और लड़कियों से भी बात करता था। उसने कहा था कि आफताब ड्रग्स लेता है।

 

विनायक दामोदर सावरकर पर टिप्पणी – उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गाँधी पर किया पलटवार

क़ातिल आरोपी आफताब का क़बूलनामा

श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब ने पूछताछ में पुलिस को एक और बात बताई है कि श्रद्धा की हत्या करने के बाद वह बाहर से आरी लाया और बाथरूम में ले जाकर श्रद्धा का शव काटने लगा। कुछ देर बाद जब वह थक गया तो उसने बाहर से खाना मंगाया। उसने वहीं शव के सामने बैठकर खाना खाया। इस दौरान उसने बीयर भी पी और उसके बाद वेब सीरीज देखी।

गुरुवार को साकेत कोर्ट ने पांच दिनों के लिए आफताब की कस्टडी बढ़ा दी है। पेशी से पहले कोर्ट के बाहर वकीलों ने जमकर हंगामा किया। वकीलों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। वकीलों की मांग थी कि आफताब को मौत की सजा दी जाए।

वकीलों ने जमकर आरोपी के लिए फांसी की मांग को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद आफताब की फिजिकल हीयरिंग की बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरीये सुनवाई हुई। आरोपी आफताब पूनावाला ने गुरुवार की पूछताछ में कबूल किया कि उसने श्रद्धा के सिर समेत शरीर के कई टुकड़ों को फ्रिज में पांच महीने से ज्यादा समय तक रखा था। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से भी इसकी पुष्टि हुई है।

आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि उसने श्रद्धा के शव के सिर्फ 16 टुकड़े किए थे। इस दौरान पहले की तरह वह मुस्कुराता रहा। उसके चेहरे पर दुख या पश्चाताप का कोई भाव नहीं दिख रहा है।

हत्या के अगले दिन उसने श्रद्धा के शव को बाथरूम में रख दिया था। शव एक दिन बाथरूम में पड़ा रहा। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि इसके बाद उसने श्रद्धा के शरीर के कुछ टुकड़े पॉलिथीन में पैक कर जंगल में फेंक दिए थे। श्रद्धा का सिर, धड़, पैरों के पंजे और हाथों की उंगुलियों को फ्रीज में पॉलिथीन में पैककर रख दिया था। आरोपी का कहना है कि उसे शव के इन टुकड़ों को फेंकने का मौका नहीं मिला था।

विनायक दामोदर सावरकर पर टिप्पणी – उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गाँधी पर किया पलटवार

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Deputy Chief Minister Devendra Fadnavis
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा विनायक दामोदर सावरकर पर टिप्पणी करने के बाद से विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस, बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पलटवार करते हुए कहा कि महात्मा गांधी भी इस तरह के पत्र लिखते थे।
भावनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए भाजपा नेता ने कांग्रेस सांसद की आलोचना करने हुए कहा कि उन्हें गांधी-नेहरू परिवार को छोड़कर राष्ट्रीय नायकों का अपमान करने का शौक है।
राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान एक दस्तावेज का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि सावरकर ने अंग्रेजों की मदद की थी और दया याचिकाएं लिखी थीं।

 

Deputy Chief Minister Devendra Fadnavis
गुजरात में भाजपा की एक प्रचार रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, राहुल गांधी ने जो कुछ भी कहा वह बचकाना था। वह जिस तरह के पत्र दिखा रहे हैं..मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि महात्मा गांधी जी ने भी ऐसे पत्र लिखे थे। लोगों ने उन्हें प्रकाशित भी किया है। वह हमेशा हमारे सम्मानीय राष्ट्रीय शख्सियतों का अपमान करते हैं सिवाय गांधी-नेहरू परिवार के।

बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पर उद्धव ‘सेना’ ने छिड़का गोमूत्र

भाजपा नेता ने आगे कहा, वह सावरकर या नेताजी सुभाष चंद्र बोस या सरदार पटेल में विश्वास नहीं करते हैं। इसके बजाय वह हमेशा उन्हें बदनाम करने की कोशिश करते हैं।
महाराष्ट्र के अकोला में गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गांधी ने मीडियाकर्मियों को एक कागज दिखाया, जिसमें दावा किया गया था कि यह सावरकर द्वारा अंग्रेजों को लिखा हुआ पत्र था। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में कहा, मैं आखिरी पंक्ति पढ़ूंगा, जो कहती है- मैं आपका सबसे आज्ञाकारी सेवक बने रहने की विनती करता हूं और वीडी सावरकर ने हस्ताक्षर किए हैं।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी भाजपा उम्मीदवारों के प्रचार के लिए सूरत में हैं। उन्होंने भी राहुल गांधी के बयान की आलोचना की और कहा कि विपक्षी दल और उसके नेता कभी भी एक से परिवार से आगे नहीं देख पाएंगे।

राहुल गांधी का बयान महाराष्ट्र में उनके सहयोगी दल उद्धव ठाकरे की शिवसेना के लिए गले की हड्डी बन चुका है

बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पर उद्धव ‘सेना’ ने छिड़का गोमूत्र

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मुंबई: शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे (Balasaheb Thackeray Death Anniversary) की पुण्यतिथि पर महाराष्‍ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के उनके स्‍मारक पर जाने को लेकर राजनीत‍ि शुरू हो गई है। एकनाथ श‍िंदे अपने गुट के विधायकों के साथ शिवाजी पार्क स्थित बालासाहेब की समाधि पर पहुंचे और उन्हें नमन किया। एकनाथ शिंदे के वहां से जाते ही यह बात सामने आई है कि उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं ने स्मारक पर जाकर गोमूत्र छिड़का। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी भी की। इससे पहले भी केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की ओर से बालासाहेब के समाधि स्थल पर सलामी देने के बाद ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं ने गोमूत्र छिड़का और क्षेत्र का शुद्धिकरण किया।

दरअसल एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद बालासाहेब ठाकरे का असली वारिस कौन? इसी को लेकर महाराष्‍ट्र में ठाकरे और शिंदे गुट के बीच तनातनी चल रही है। इसी तरह बालासाहेब ठाकरे का 10वां स्मृति दिवस मनाया गया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिंदे गुट के विधायकों के साथ बुधवार को शिवाजी पार्क में बालासाहेब के स्मारक का दौरा किया ताकि गुरुवार को कोई अप्रिय घटना न हो।

श‍िंदे के जाते ही बालासाहेब के स्‍माकर पहुंचे उद्धव गुट के सैनिक
हालांकि, जैसे ही एकनाथ शिंदे का काफिला वहां से निकला, ठाकरे गुट के कार्यकर्ता बालासाहेब के स्मारक पहुंचे और उस पर गोमूत्र छिड़का। खास बात यह है कि इस मौके पर सांसद अरविंद सावंत भी मौजूद थे। सांवत ने कहा क‍ि बालासाहेब का स्मृति दिवस है। उन्होंने जीवन भर हम पर हिंदू धर्म को बिठाया। उन्हें देशद्रोहियों पर बहुत गुस्सा आया। उन्होंने इसी शिव तीर्थ से आदेश दिया था कि अगर कोई शिवसेना छोड़ता है तो ऐसे विधायकों को सड़क पर रौंदा जाए।

स्‍मारक पर गोमूत्र छ‍िड़कने के बाद पानी से सफाई

सांसद अरविंद सावंत ने इस बात पर प्रतिक्रिया दी कि ऐसे बदनसीब लोग उनके समाधि स्थल पर आ गए और शिवसैनिकों ने इसे संस्कृति की तरह गोमूत्र से साफ कर दिया। इसके बाद स्‍मारक वाली जगह को शुद्ध करने के लिए गौमूत्र के बाद पानी भी छिड़का।

शिंदे गुट ने की निंदा
उधर, उद्धव गुट के इस कदम से श‍िंदे गुट खुश नहीं है। बालासाहेबची शिवसेना के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने कहा क‍ि हम इस कृत्य की निंदा करते हैं। बालासाहेब किसी एक व्यक्ति या एक पार्टी के नहीं थे… उन्हें हर पार्टी का सम्मान और सम्मान प्राप्त था।

राहुल गांधी का बयान महाराष्ट्र में उनके सहयोगी दल उद्धव ठाकरे की शिवसेना के लिए गले की हड्डी बन चुका है

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मुंबई: एक तरफ देश में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की भारत जोड़ो यात्रा चल रही है। दूसरी तरफ गुजरात (Gujrat) और हिमाचल प्रदेश में चुनावी माहौल है। ऐसे में राहुल गांधी का वीर सावरकर (Veer Savarkar) को लेकर दिया बयान गुजरात और हिमाचल के चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हालत खराब कर सकता है। राहुल गांधी का यह बयान महाराष्ट्र (Maharashtra) में उनके सहयोगी दल उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की शिवसेना के लिए गले की हड्डी बन चुका है। जिसे न तो उद्धव ठाकरे उगल पा रहे हैं और न ही निगल पा रहे हैं। सियासी नफा-नुकसान का आंकलन करते हुए उद्धव ठाकरे ने खुद को और पार्टी को राहुल गांधी के इस बयान से अलग कर लिया है। वहीं शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा है कि जब महाराष्ट्र में भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा था तो राहुल गांधी को इस तरह का विवादित बयान देने की क्या आवश्यकता थी। सूत्रों की माने तो इस मुद्दे पर शिवसेना (Shivsena) ने अपने सभी प्रवक्ताओं को बोलने से मना किया है। कुछ महीनों पहले तक महाराष्ट्र में चल रही महाविकास अघाड़ी सरकार (Mahavikas Aghadi Government) को तो राहुल गांधी बचा नहीं पाए।

अब सावरकर पर बोलकर गुजरात में भी पार्टी का बंटाधार कर रहे हैं। शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न लिखने की शर्त पर कहा कि यह सब जानते हैं कि गुजरात में कांग्रेस पार्टी की लड़ाई पहली पोजीशन के लिए नहीं बल्कि दूसरी और तीसरी पोजीशन के लिए चल रही है। बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के बीच में होने वाली टक्कर में अब आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल भी कूद पड़े हैं। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय हो चुका है। गुुजरात के गंभीर सियासी हालातों के बार भी राहुल गांधी ने यह बयान देकर पार्टी नेताओं के लिए मुसीबत पार्टी के लिए मुसीबत मोल ले ली है। शिवसेना की तरह एनसीपी (NCP) के प्रवक्ता भी राहुल गांधी के साल पर जवाब देने से बचते हुए नजर आ रहे हैं।

महाराष्ट्र में बीजेपी के निशाने पर राहुल गांधी
इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा था कि वह स्वतंत्रता सेनानी के बारे में पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राहुल को चेतावनी देते हुए कहा कि वीर सावरकर के अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महाराष्ट्र के लोग हिंदू विचार के किसी भी शख्स का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।

क्या बोले थे राहुल गांधी?
दरअसल राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मंगलवार को वाशिम जिले में विनायक दामोदर सावरकर पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने सावरकर की चिट्ठी पढ़ते हुए कहा कि उन्होंने अंग्रेजों की मदद की थी और कारागार में रहने के दौरान उन्होंने माफीनामे पर हस्ताक्षर करके महात्मा गांधी और अन्य समकालीन भारतीय नेताओं को धोखा दिया था। राहुल गांधी ने विनायक सावरकर के ‘माफीनामे’ की एक प्रति दिखाते हुए निशाना साधा।

उन्होंने दावा किया, ‘सावरकर जी ने अंग्रेजों की मदद की। उन्होंने अंग्रेजों को चिट्ठी लिखकर कहा – सर, मैं आपका नौकर रहना चाहता हूं।’ राहुल गांधी ने यह भी कहा, ‘जब सावरकर जी ने माफीनामे पर हस्ताक्षर किए तो उसका कारण डर था। अगर वह डरते नहीं तो वह कभी हस्ताक्षर नहीं करते। इससे उन्होंने महात्मा गांधी और उस वक्त के नेताओं के साथ धोखा किया।

कानपुर – साढ़ में गौ तस्कर सक्रिय, बंधे मिले गोवंश

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कानपुर (ब्यूरो) साढ़ थाना क्षेत्र के छांजा गांव निवासी सरोज, मुनौवर, विमल, नदनलाल पूर्व प्रधान समेत ग्रामीणों ने बताया कि बीते तीन दिनों से देर शाम लगभग आधा दर्जन पुरुष और महिलाएं गोद में बच्चे लिए खुद को राजस्थानी बताकर अन्ना गौवंश को अपने झुंड में शामिल कर गांव के किनारे ऊसर में ले जाते थे। वहीं पर गौ तस्कर का यह गिरोह बीते दो दिनों से रुके हुए थे, पास खेत में पानी लगाए लोगों को शक हुआ तो उन्होंने शोर मचाया।

एक दूसरे से रस्सी के सहारे
गौतस्कर गौवंश छोड़कर भाग गए। ग्रामीणों ने देखा तो अन्ना गौवंश को एक रस्सी के सहारे एक दूसरे से बांध रखा था, वहीं दो गौवंश मृत पड़े हुए थे, ये लोग गांव गांव खुद को राजस्थानी बताकर अन्ना गौवंश को पकड़कर एक जगह पर इकठ्ठा करते हैं। जिसके बाद वह कंटेनर बुलावकर अन्ना गौवंशो को लादकर बहार भेज देते थे। ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की सूचना दी मौके पर पहुंची पुलिस घटना की जांच में जुटी गई है।

तस्करों की नहीं मिली जानकारी
थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गौवंशों को ग्राम प्रधान को सुपुर्द कर गौशाला भिजवाने के लिए कहा गया है। वहीं गौतस्करों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

India Forex Reserves: भारत के लिए अच्छी खबर, विदेशी मुद्रा भंडार में आया 14.72 अरब डॉलर का उछाल

India Forex Reserves: भारत के लिए अच्छी खबर, विदेशी मुद्रा भंडार में आया 14.72 अरब डॉलर का उछाल

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प्रतिकात्मक फोटो
प्रतिकात्मक फोटो

India Foreign Currecy Reserves: भारत के लिए अच्छी खबर है. विदेशी मुंद्रा भंडार (India Forex Reserves) में जबरदस्त उछाल आया है. 11 नवंबर, 2022 को खत्म हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार में 14.72 अरब डॉलर का उछाल आया है.  आरबीआई ( Reserve Bank Of India) के मुताबिक विदेशी मुद्रा भंडार 14.72 अरब डॉलर बढ़कर 544.715  अरब डॉलर पर जा पहुंचा है. इससे पहले 4 नवंबर को समाप्त हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 1.09 अरब डॉलर घटकर 529.99 अरब डॉलर रह गया था. विदेशी करेंसी एसेट्स जो कुल रिजर्व का प्रमुख हिस्सा माना जाता है वो 11.8 अरब डॉलर बढ़कर 482.53 अरब डॉलर रहा है. गोल्ड रिजर्व 2.64 अरब डॉलर बढ़कर 39.70 अरब डॉलर पर जा पहुंचा है.

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़े इजाफे की वजहों पर नजर डालें तो माना जा रहा है कि हाल के दिनों में आरबीआई ने डॉलर की जबरदस्त खरीदारी की है. तो अमेरिकी डॉलर में मजबूती पर ब्रेक लगा है ऐसे में रिवैल्यूशन गेन के चलते भी विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा हुआ है. इससे पहले 28 अक्टूबर, 2022 को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार में 6.56 अरब डॉलर का इजाफा हुआ था और ये बढ़कर 531.08 अरब डॉलर पर जा पहुंचा था जो सितंबर 2021 के बाद सबसे बड़ा उछाल था.

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इस वर्ष मार्च में 607 अरब डॉलर था जो 3 सितंबर 2021 के 642.45 अरब डॉलर से 97.73 अरब डॉलर कम है. हालांकि 21 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में 117.93 अरब डॉलर की गिरावट आ चुकी थी जब विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 524.52 अरब डॉलर पर जा पहुंचा था. और उन लेवल से रिजर्व में सुधार देखा जा रहा है. बीते 13 हफ्ते में से 11 हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट दर्ज की गई है. महंगे आयात और रूस यूक्रेन युद्ध के बाद से लगातार विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट देखने को मिली थी.

दरअसल डॉलर के मुकाबले रुपये को गिरने से बचाने के लिए आरबीआई को दखल देते हुए डॉलर बेचना पड़ा था इसके चलते  विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आई थी. हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व महंगाई पर नकेस कसने के लिए ब्याज दरें बढ़ाता रहा है तो डॉलर इससे मजबूत होता जाएगा. कई जानकारों का मानना है कि विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 510 अरब डॉलर तक गिर सकता है.

काजोल की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘सलाम वेंकी’ 9 दिसंबर को रिलीज होगी

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कनेक्टिकट मीडिया की नवीनतम प्रस्तुति इमोशनल फिल्म ‘सलाम वेंकी’ 9 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म से बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल हिंदी सिनेमा में अपनी दूसरी पारी शुरू कर रही है। बीमार बेटे और मां की भावनात्मक कहानी को इस फिल्म की कथावस्तु का आधार बनाया गया है।पिछले दिनों काजोल की इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया, जो काफी इमोशनल है और दर्शकों से सीधा कनेक्ट हो रहा है। 2 मिनट 18 सेकंड के इस ट्रेलर में कलाकारों की शानदार एक्टिंग, बहुत सारा इमोशन्स और मजाक मस्ती शामिल है। एक सच्ची कहानी पर आधारित इस फिल्म के ट्रेलर की शुरुआत काजोल और विशाल जेठवा के साथ होती है, जो मां और बेटे के किरदार में है। काजोल पूरे ट्रेलर में अपने बेटे का ध्यान रखती हुई दिखी हैं। ट्रेलर में सुपरस्टार राजेश खन्ना की हृदयस्पर्शी फिल्म ‘आनंद’ का एक डायलॉग भी है, जिसमें काजोल का बेटा कहता है, ‘जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए।’

 

बी लाइव प्रोडक्शंस और आर टेक स्टूडियोज के संयुक्त तत्वाधान में सूरज सिंह, श्रद्धा अग्रवाल और वर्षा कुकरेजा द्वारा निर्मित फिल्म ‘सलाम वेंकी’ का निर्देशन रेवती ने किया है। इस फिल्म में काजोल और विशाल जेठवा के अलावा राहुल बोस, राजीव खंडेलवाल, प्रकाश राज और अहाना कुमरा भी खास किरदार में नजर आएंगे।

बकौल निर्माता सूरज सिंह ‘सलाम वेंकी’ के जरिए हमलोग सिनेदर्शकों को भावनात्मक व सशक्त कहानी देने में सक्षम हुए हैं। काजोल और रेवती मैम के साथ जुड़ना एक अद्भुत अनुभव था, उनके सहयोग के बग़ैर कुछ भी संभव नहीं था। हमें पूरा विश्वास है कि ‘सलाम वेंकी’ एक ऐसी कहानी है, जो लाखों दिलों को छू लेगी।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

शार्ट फिल्म ‘एक अजनबी शाम’ की शूटिंग सम्पन्न

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एनी फिल्म्स एवं एम के आर्ट्स के सहयोग से अवि फिल्म्स के बैनर तले बन रही शार्ट फिल्म ‘एक अजनबी शाम’ की शूटिंग पिछले दिनों सम्पन्न हो गई। इस शार्ट फिल्म के निर्माता जानेमाने लेखक राज गोपाल सिंह वर्मा हैं। विदित हो कि राज गोपाल सिंह वर्मा द्वारा लिखी कई पुस्तकों को उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है। इनमें ‘दुर्गावती’ और ‘बेगम समरु का सच’ उल्लेखनीय हैं। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के निकटवर्ती इलाकों में फिल्माई गई शार्ट फिल्म

‘एक अजनबी शाम’ में अभिनेता बिक्रम सिंह और अभिनेत्री हेजल अरोड़ा की मुख्य भूमिका है। बिक्रम सिंह की संजय मिश्रा के साथ अभिनीत फिल्म ‘त्वमेव सर्वम’ रिलीज हो चुकी है। चर्चित निर्देशक संजय कुमार सिंह द्वारा निर्देशित फिल्म ‘एक अजनबी शाम’ में अभिनेता अजय पाल और नितिन तेजराज भी महत्वपूर्ण भूमिका में नज़र आएंगे।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय