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अभिषेक रे – अन्वेशा के गीत ‘लेट इट रेन’ को मिली मिलियन व्यूव

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मुम्बई। म्यूजिक कम्पोजर अभिषेक रे द्वारा हाल ही बारिश सॉन्ग ‘लेट इट रेन’ लॉन्च हुआ। इस गाने की परिकल्पना उन्होंने ही की है। अभिषेक के साथ अन्वेशा ने इस गीत को गाया है साथ ही दोनों ने अभिनय भी किया है।
गाने की शूटिंग मुम्बई के पास समुद्री तट और किले पर बारिश के मौसम में की गई है। अभिषेक-अन्वेशा की केमेस्ट्री इस गाने की प्रस्तुति को आकर्षक बनाती है।
अभिषेक ने जहां ‘पानसिंह तोमर, वेलकम बैक, साहिब बीवी और गैंगस्टर, आई एम कलाम जैसी फिल्मों का म्यूजिक कंपोज किया है वहीं अन्वेशा ‘प्रेम रतन धन पायो, गोलमाल रिटर्न फिल्म सहित कई भाषाओं के लिए गाना गा चुकी हैं।
अभिषेक ने बताया कि प्रकृति के साथ मेरा गहरा लगाव है यही मेरे प्रेरणास्रोत हैं। इसीलिए मैं शूटिंग के लिए ऐसे जगह को चुनता हूँ जहां खुला आसमान हो, जंगल, नदी, पहाड़ के साथ साथ पक्षियों का मनमोहक कलरव हो।
धुन बनाते समय ही मैंने शब्दों का संकलन करते हुए गीत की रचना किया। मेरे आदर्श प्रसिद्ध गीतकार गुलज़ार साहब हैं जिनके गीत मुझे प्रेरित करते हैं और मैं उन्हीं का अनुसरण करते हुए गीत की रचना करता हूँ।
शूटिंग के दौरान कभी बारिश तो कभी धूप छांव का अनुभव शानदार रहा।
आपको बता दें कि इस गीत को यूट्यूब पर मिलियन व्यूव मिले हैं।
इसके अलावा अभिषेक ने दो गीत ‘बिस्मिल और रेशमी धागे’ का भी स्क्रीनिंग किया जिसमें अन्वेशा ने उनका साथ दिया है।


गौरतलब है कि अभिषेक रे ने हिमालय में सिताबानी नामक एक उजाड़ भूमि को खरीदकर हराभरा किया है जहां अब कई बाघ का डेरा है। इस सराहनीय कार्य के लिए उन्हें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के हाथों अमेजिंग इंडियन अवार्ड मिल चुका है।

गोरेगांव में महा मंगलकारी अनुष्ठान की भव्य तैयारियाँ

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साध्वी कुमुद लता के सानिध्य में हजारों लोग करेंगे साधना, मेवाड़ संघ द्वारा बांगुर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हो रहा है भव्य अनुष्ठान

मुंबई। गोरेगांव पश्चिम में 25 सितंबर को महासती कुमुदलता महाराज के सानिध्य में आयोजित होने जा रहे महामंगलकारी अनुष्ठान की जोरदार तैयारियां चल रही है। इस बात की जानकारी देते हुए साध्वी कुमुदलता जी महाराज ने मुंबई की मीडिया को संबोधित किया और कहा कि विश्व कल्याण और गोमाता को लम्पी वायरस से बचाने के लिए यह अनुष्ठान आयोजित हो रहा है।
मेवाड़ भवन में साध्वीश्री कुमुद लता जी महाराज के सांनिध्य में हुई प्रेस काफ्रेंस में मेवाड संघ के महामंत्री महावीर तातेड़ ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर अनुष्ठान समिति अध्यक्ष नेमीचंद धाकड़ के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारियों ने आयोजन स्थल जाकर वहां चल रही तैयारियों का जायजा लिया। कार्यक्रम स्थल पर बन रहे विशाल डोम में बैठक व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था और अतिथि सत्कार व्यवस्था आदि का निरीक्षण किया गया।
तातेड़ ने बताया कि विभिन्न राज्यों से पदाधिकारियों के मुंबई पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। अनुष्ठान को सफल बनाने के लिए मेवाड़ भवन में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम में मेवाड़ संघ की अहम भूमिका हैं और विश्व शांति के लिए किया जा रहा यह कार्यक्रम स्वर्णिम इतिहास रचेगा। प्रेस काँफ्रेंस में संघ के कोषाध्यक्ष लक्ष्मी लाल वडालमिया, व्यवस्था मंत्री प्रकाश नाहर और पारसमल बाफना भी मौजूद रहे।

इंडिया जेम एंड ज्वैलरी शो (जीजेएस) त्योहारी सीजन के दौरान तेजी से बिक्री बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार

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22 से 25 सितंबर तक ‘ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी)’ द्वारा आयोजित इस एक्सपो में 450 से अधिक जेम एंड ज्वैलरी प्रदर्शक भाग लेंगे

मुम्बई। बी2बी जीजेएस एक्सपो के इस दिवाली संस्करण का उद्घाटन 22 सितंबर को सम्मानित अतिथि राजीव गर्ग, संयुक्त आयकर आयुक्त और शीर्ष उद्योग निकाय द्वारा किया गया। यह प्रतिष्ठित एक्सपो 22 से 25 सितंबर तक बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर (NESCO), मुंबई में आयोजित किया जाएगा। उद्घाटन के अवसर पर आशीष पेठे (अध्यक्ष, जीजेसी), सैयम मेहरा (जीजेसी के उपाध्यक्ष) और जीजेएस के संयोजक और व्यापार के अन्य प्रतिष्ठित सदस्य उपस्थित रहे।
जीजेएस में 400 से अधिक प्रदर्शक होंगे, जो लगभग 2,00000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैले होंगे। एक्सपो में उद्योग के प्रमुख खिलाड़ियों द्वारा विभिन्न वर्तमान और भविष्य के रुझानों पर इंटरैक्टिव शैक्षिक सेमिनार और कार्यशालाएं भी होंगी।


वर्षों से यह एक्सपो खुदरा विक्रेताओं के लिए विभिन्न संस्कृतियों और स्थानों से विभिन्न विशिष्ट और ट्रेंडसेटिंग ज्वैलरी का पता लगाने के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। इस संस्करण में भी यह त्योहारों के इस मौसम की शुरुआत के दौरान सही ग्राहक की पूर्ति के लिए मजबूत व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों को प्रोत्साहित और सुविधा प्रदान करेगा।
राजीव गर्ग (संयुक्त आयकर आयुक्त) ने कहा, “मैं इस व्यापार कार्यक्रम का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं। यह प्रमुख रूप से देखा गया है कि भारतीय आभूषण एक पारिवारिक व्यवसाय है और ब्रांड और विश्वास विभिन्न पीढ़ियों के माध्यम से निर्मित और पारित होते हैं। जेम एंड ज्वैलरी को भारत का सबसे स्वच्छ और पवित्र व्यवसाय माना जाता है। भारतीय आभूषण दुनिया भर में अपनी शिल्प कौशल, डिजाइन और महारत के लिए भी जाना जाता है। मैं कामना करता हूं कि यह आयोजन सफलता का एक और प्रतीक बन जाए और इसके और आने वाले कई और संस्करणों के लिए एक मशाल वाहक के रूप में एक महत्वपूर्ण मंच बन जाए।
प्रदर्शकों और खरीदारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, जीजेसी के अध्यक्ष आशीष पेठे ने कहा, “त्योहारों के मौसम की शुरुआत से ठीक पहले इस परिमाण का एक शो समय की आवश्यकता है और हमें खुशी है कि हम इसे सफलतापूर्वक आयोजित कर सके। दुनिया भर के प्रदर्शकों और आगंतुकों का समर्थन मिल रहा है। मैंने देखा कि इस बार प्रदर्शक नए और नए उत्पाद लेकर आए हैं, खासकर इस उत्सव के लिए। मुझे उम्मीद है कि यह संस्करण एक बड़ी सफलता होगी और पूरे उद्योग के लिए एक नया बेंचमार्क स्थापित करेगा।
जीजेसी के उपाध्यक्ष और जीजेएस के संयोजक सैयम मेहरा ने कहा, “शो के इस नए संस्करण में, हम अपने व्यापारिक सदस्यों के अनुरोध को पूरा करने में प्रसन्न हैं, जो शुरुआत से पहले एक प्रभावी बी 2 बी शो की मांग कर रहे हैं। मुझे यकीन है कि प्रदर्शकों और खरीदारों को न केवल इस शो के परिमाण से बल्कि भारत और विश्व स्तर पर सोने और आभूषणों की मांग में वृद्धि से अत्यधिक लाभ होगा, विशेष रूप से विनाशकारी महामारी और अच्छे समय की शुरुआत के बाद।
नीलेश शोभावत (सह-संयोजक, जीजेएस) ने कहा, “मैं बहुत उत्साहित हूं कि महीनों की तैयारियों के बाद, हम सभी यहां व्यापारियों और आगंतुकों के लिए इस शानदार संस्करण को पेश करने के लिए तैयार हैं। हमारा ध्यान बिरादरी के लिए एक ऐसा मंच तैयार करने और वितरित करने पर था जो महामारी के बाद उनके आत्मविश्वास को फिर से जगाएगा। इस शो को नए विचारों, डिजाइनों, रणनीतियों, रुझानों और आगामी योजनाओं से लेकर विभिन्न एक्सचेंजों के लिए उनके लिए एक उपयुक्त बाज़ार बनाने का विचार था।
जीजेएस में रत्न और आभूषण के शीर्ष निर्माताओं और थोक विक्रेताओं के साथ-साथ पूरे उद्योग के डीलर शामिल हैं। यह शो पूरे भारत के सर्वश्रेष्ठ खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं, निर्माताओं, व्यापारियों और प्रतिनिधियों को इकट्ठा करता है। जीजेएस व्यवसाय करने के लिए अंतिम सोर्सिंग प्लेटफॉर्म है और भारतीय बाजार में हर जौहरी के लिए एक जरूरी कार्यक्रम है।
जीजेसी के बारे में बता दें कि अखिल भारतीय रत्न और आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) घरेलू रत्न और आभूषण उद्योग के निर्माताओं, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, वितरकों, प्रयोगशालाओं, जेमोलॉजिस्ट, डिजाइनरों और संबद्ध सेवाओं सहित लाखों व्यापार घटकों का प्रतिनिधित्व करती है। उद्योग के हितों की रक्षा करते हुए, परिषद अपने विकास को बढ़ावा देने और प्रगति करने के लिए 360° दृष्टिकोण के साथ उद्योग, उसके कामकाज और उसके कारण को संबोधित करने के उद्देश्य से कार्य करती है। जीजेसी, पिछले 15 वर्षों से, उद्योग की ओर से और उद्योग के लिए विभिन्न पहल करके सरकार और व्यापार के बीच एक सेतु का काम कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर एक अक्टूबर को नई दिल्ली में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

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नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (यूएनआईडीओपी) के अवसर पर चरिस्ता फाउंडेशन की ओर से 1 अक्टूबर को नई दिल्ली के रफी मार्ग स्थित कॉन्सीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में दोपहर 2.30 बजे से शाम 7.00 बजे तक बुजुर्गों की  देखभाल पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर सार्वजनिक क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित और जाने-माने व्यक्ति मंच पर आएंगे और बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य और बुजुर्गों के लिए संबंधित मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करेंगे, जो हमारी आबादी का एक बड़ा हिस्सा हैं। इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि होंगे भारत के पूर्व राजदूत और प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ दीपक वोहरा, अन्य प्रख्यात अतिथियों में फाउंडर और चेयरमैन ट्रस्ट ग्रेडल पूर्व आईपीएस डॉ. विपिन बी चौधरी, भाजपा के प्रवक्ता और मेंबर ऑफ गवर्निंग काउसिंल विनित गोयनका अपना वक्तव्य देंगे। अन्य वक्ताओं में लाईफ कोच मनीषा शर्मा, रत्न ज्योति दत्ता- वरिष्ठ पत्रकार और चरिस्ता  फाउंडेशन के वरिष्ठ सलाहकार, डॉ आभा मयार्दा बनर्जी- भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित महिला प्रेरक, वक्ता, डॉ. केएम बहरूल इस्लाम- प्रोफेसर और चेयरपर्सन, सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस, आईआईएम काशीपुर,डॉ शिवानी खेतान -चर्चित कोच, डॉ अमन खेरा, को-फाउंडर और डायरेक्टर, केयर 4 पेरेंट्स, डॉ अंजलि गोगिया- फाउंडर पार्टनर, टॉक टू बिग इयर्स एंटरप्रेन्योर फॉर इम्पेथेटिक लिसनर, डॉ. पतांजलि देव नय्यर- पूर्व क्षेत्रीय सलाहकार डब्लू एच ओ.और लेडी सिंधम किरण सेठी भी अपना विचार प्रकट करेंगी। इस संगोष्ठी का आयोजन वरिष्ठ नागरिकों के विषय को समाज के अन्य सभी प्रबुद्ध वर्गो से जोड़ना एवं इस विषय को केन्द्र में रखना है। यह संगोष्ठी सरकार, समाज, मीडिया, कॉरपोरेट्स, सामाजिक प्रभावितों और बुजुर्गों को एक मंच पर लाकर बुजुर्गों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के मुद्दे को सुर्खियों में लाने का एक प्रयास है।

विधानसभा में चर्चा – 25 सांसद जीते, गौ माता के लिए एक फूटी कौड़ी नही- विधायक संयम लोढा

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जयपुर/सिरोही | लम्पी बिमारी पर बहस के दौरान राजस्थान विधानसभा में विधायक संयम लोढा ने सभी गौ भक्तों का धन्यवाद दिया जिन्होंने इस गम्भीर बिमारी में गौ माता की सेवा की। लम्पी बिमारी को लेकर हुई चर्चा में विधायक संयम लोढा ने कहां कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने गौवंश का अनुदान बढाया। सरकार ने गौवंश का अनुदान 32 से बढाकर 40, 16 से बढाकर 20 रूपये किया। आंकडे सामने है, 5 साल भाजपा की सरकार रही है लेकिन गौवंश का अनुदान नही बढाया गया।भाजपा सरकार बनते ही 2014-15 में 1 हजार 475 हजार मैट्रीक टन गायो के मांस का निर्यात हुआ। 33 में से 32 जिलो में गौ माता कहर है। राजस्थान में कुछ विधायको ने इस बिमारी में अपने मद से रूपया दिया लेकिन राजस्थान की मुख्यमंत्री रही वसुंधरा राजे के नाम के आगे शून्य लगा हुआ है, 10 साल राज्य की मुख्यमंत्री रहने के बाद भी राजे ने विधायक कोष से एक रूपया भी गौ माताओं के ईलाज के लिए नही दिया है। यह बहुत शर्म की बात है।
विधायक लोढा ने कहां कि गायो के प्रति हम सबकी संवेदना कम हो रही है, गायो के प्रति प्रेम से दूर जा रहे है, कत्ल खाने दिन प्रतिदिन बढ रहे है। हजारो की तादाद में गाय लम्बी बिमारी से मर रही है। गुजरात में गायो की लाशों के ढेर लगे हुए है लेकिन देश के प्रधानमंत्री व देश की सरकार ने किसी भी राज्य में लम्पी बिमारी से जुझ रही है गायो के लिए कोई मदद नही की। लोढा ने कहां कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री कोष में लम्पी के लिए अलग खाता खोला और सदस्यों की सूची विधायक मद रियायत दी उसके बाद हमने लम्पी की बिमारी के लिए पैसे दिये। विधायक मद से कुछ विधायकों ने गौ माता के साथ खडे रहे लेकिन सांसद मद में एक भी सांसद ने पैसे नही दिया।
भारत सरकार सांसद स्थानीय विकास योजना में दवाईयां खरीदना अनुमत करे 
विधायक संयम लोढा ने विधानसभा में कहां कि भारत सरकार से विनती करना चाहता हूं कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना में लम्पी से पीडित गौ माता की सेवा के लिए दवाईयां इंजेक्शन खरीदना अनुमत किया है उसी तरह भारत सरकार भी सांसद स्थानीय विकास योजना में लम्पी बिमारी से जुझ रही गौवंश के उपचार के लिए दवाईयां इंजेक्शन खरीदना अनुमत करे।
25 सांसद जीते, गौ माता के लिए एक फूटी कोडी नही- विधायक संयम लोढा ने कहां कि अनुमत नही होने के बाद भी जालोर सिरोही सांसद ने 25 लाख, भीलवाडा सांसद ने 10 लाख, अलवर सांसद ने 15 लाख, राजसमंद सांसद ने 16 लाख, अजमेर सांसद ने 14 लाख सहित 80 लाख की अनुशंसा में एक रूपया भी राजस्थान के पशुपालन विभाग को प्राप्त नही हुआ है। लोढा ने कहां कि चार दिन पहले उन्होंने टवीट् भी किया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान के गौवंश पर कृपा करो, गौ माता की सेवा के लिए सांसद कोष को अनुमत करे। 25 सांसद जीताने के बाद भी गौ माता के लिए एक फूट कोडी नही देना बहुत शर्म का विषय है।उन्होंने कहां कि यह राजस्थान के लिए कलंकित, कांलिक कभी नही मिटेगी।
चीत्ता देखने गये है…
विधायक संयम लोढा से विधानसभा में एक सदस्य ने पूछा कि प्रतिपक्ष के नेता, उप नेता, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया सदन में नही दिख रहे है, कहां चले गये तो लोढा ने जवाब दिया कि चीता देखने गये है, यहां गौ मातायें मर रही है और नेता चीता देखने में लगे हुए है।
लोढा ने कहां कि लम्पी स्कीन डिजीज 3 साल से लगातार है लेकिन पहले मृत्यु दर बहुत कम थी। अगस्त 2022 में राजस्थान 29 जिलो से 125 गांवो से सेम्पल राजस्थान की रेफरल लैब में भेजे गये। लम्पी स्कीन डीएनए वायरस रोग है। सैम्पल के बाद यह पता चला कि लम्पी स्कीन का वैरिंयंट बदल गया है। नये वेरियंट से गौ माता पर कहर टूटा है, हमे हजारो गौ माताओं को खोना पडा। हम सबको अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। पीसीआर टेस्ट की व्यवस्था हो, ताकि पूरे राजस्थान, पूरे भारत में इस तरह की परिस्थितियां बनती है तो जांच व टीकाकरण किया जा सके। पीसीआईसीडीए एक्ट में केन्द्र सरकार प्रावधान कर नियंत्रण ऐरिया घोषित करे ताकि उस पर काबू पाया जा सकता है। लोढा ने कहां कि गौ ऋषि दंतशरणानंद जी महाराज ने गौ संरक्षण का काम किया है, सिक्किम, बांगलादेश तक गौवंश जाता है, सीमा पर जाक दत्तशरणानंद जी महाराज ने गौशाला की स्थापना की। रघुनाथ सिंह राजपुरोहित पथमेडा पाली स्टेडियम में गायो की स्थिति पर पाली कलक्टर से बातचीत की तारबंदी कराकर, लाईट लगवायी, अनेक जिलो में रथ भेजे है, गौ संरक्षण का काम कर रहे है।
आइसोलेशन सेंटर में सभी व्यवस्था की जाए
लोढा ने पशुपालन मंत्री से आग्रह किया कि जिन गौशालाओं में आईसोलेशन सेंटर चल रहा है, वहां श्रमिको की मजदूरी, दवाईयां, इंजेक्शन, डॉक्टर, कम्पाउंडर की व्यवस्था करे और जहां आईसोलेशन नही चल रहा है वहां पंचायत के माध्यम से आईसोलेशन सेंटर खोले। पंचायत एसएफसी में खर्चा कर सकती है। चिकित्सालय मोबाईल यूनिट प्रत्येक तहसील स्तर पर चालू करे ताकि गौ माताओं का ईलाज कर सके। कमजोर गौ माताओं के लिए पशु आहार की व्यवस्था गौ शालाओं में की जाएगा। सरकार से आग्रह किया मृतक का गौवंश का सर्वे करावाया जाए, गायो की मौत जहां हुई है उन पशुपालकों को मुआवजा दिलावे।

Cow Economy – गोमूत्र व गोबर का होगा विभिन्न कार्यों में उपयोग

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आगर-मालवा. जिले के सुसनेर सालरिया में स्थित एशिया के सबसे बड़े गौ-अभयारण्य की बागडोर अब निजी हाथों में रहेगी। इसके लिए बकायदा राज्य सरकार ने राजस्थान के पथमेड़ा गौशाला ट्रस्ट से एमओयू करते हुए तमाम व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उसे सौंप दी है। एनजीओ ने बागडोर भी संभाल ली है। इसकी पुष्टि आगर प्रवास पर आए गौसंवर्धन बोर्ड अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी महाराज ने की है।

एक रिपोर्ट के अनुसार अध्यक्ष ने समाचारपत्र पत्रिका से चर्चा में बताया कि विधिवत तरीके से राज्य सरकार ने राजस्थान के पथमेड़ा गौशाला ट्रस्ट को गौ-अभयारण्य की तमाम व्यवस्थागत जवाबदारी निर्धारित शर्तों के आधार पर सौंपी दी है। एनजीओ ने कामकाज आरंभ कर दिया गया है। प्रति गौवंश 50 रुपए के मान से सरकार द्वारा प्राथमिक रूप से एनजीओ को राशि दी जाएगी। अब तमाम व्यवस्था एनजीओ के माध्यम से ही संचालित होगी लेकिन नियंत्रण सरकार का रहेगा। यह अनुबंध कुछ वर्षों के लिए है। यदि शर्तों के अनुसार उचित कार्य हुआ तो आगे अनुबंध बढ़ाया जाएगा अन्यथा निरस्त करने के अधिकार सरकार के पास है। 1400 एकड़ के विशाल क्षेत्रफल में फेले अभयारण्य की क्षमता 8 हजार गौवंश की है पर 3200 गौवंश निवासरत हैं।

प्राकृतिक संसाधनों को विकसित करना लक्ष्य
अध्यक्ष ने बताया अभयारण्य में अभी कोई जंगल नहीं है। इस वजह से गौवंश प्राकृतिक रूप से विचरण नहीं कर पा रहे है। यहां प्राकृतिक वातावरण की उपलब्धता बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं जिसमें समय लगना स्वाभाविक है। जब जंगल विकसित हो जाएगा तो यहां बहुत सारी गायों का प्रवेश हो सकता है इसलिए जंगल लगाने का कार्य किया जा रहा है। पौधारोपण कार्य जारी है विशेष प्रजाति के पौधे रोपे जा रहे हैं। आने वाले समय में यहां गौवंश को प्राकृतिक वातावरण मिलेगा।

गोमूत्र व गोबर का होगा विभिन्न कार्यों में उपयोग

अध्यक्ष ने योजना बताते हुए कहा कि अभयारण्य से कई उत्पाद तैयार किए जाएंगे। बायो गैस, गोबर गैस सहित अन्य ऐसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे जिनसे आय के अवसर उपलब्ध होंगे और राशि को यहीं लगाया जाएगा। क्षेत्र के किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा, औषधियां तैयार की जाएंगी। गाय का भोजन जंगल में और जंगल का भोजन गाय के पास होगा। इस प्राकृतिक समीकरण को आकार देने का कार्य करने की एक शुरुआत हो गई है।

गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर गौशालाओं के लिए करें आरक्षित
गाय करुणा, दया का प्रतीक है। गौशालाओं में गायों की अच्छे से सेवा करें। जिले की गौशालाएं अनुसंधान पर आत्मनिर्भर बनेंं यह बात मप्र गौ संवर्धन बोर्ड अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी ने मंगलवार को कलेक्टोरेट में जिले के गौशाला संचालकों की बैठक में कही। अध्यक्ष ने संचालकों की समस्या सुनते हुए समस्याओं का निराकरण एवं समाधान करने का आश्वासन दिया।
अध्यक्ष ने बताया गोचर एवं चरनोई भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर गोवंश के चारागाह के रूप में उपयोग करने के लिए समिति गठन का प्रस्ताव किया है। जिले में शासकीय गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करवाकर उन्हें गोशालाओं के गोवंशों के लिए चारागाह विकसित करने हेतु आरक्षित की जाए। लंपी के संबंध में सभी संचालकों को जल्द से जल्द गायों का टीकाकरण करवाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि बीमार गायों को अलग रखा जाकर उपचार किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करवाकर गोशालाओं के लिए आरक्षित करने हेतु पशु चिकित्सक डॉ. जीमल खान को नोडल बनाया है।

लंपी स्किन डिजीज – भाजपा का हल्ला बोल , पूनियां को धक्का मार पुलिस ने नीचे गिराया

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जयपुर, । लंपी स्किन डिजीज, बढ़ते अपराध समेत कई मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी मंगलवार को सड़क पर उतर गई। भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन करते हुए विधानसभा की तरफ कूच किया। प्रदेश भाजपा मुख्यालय से प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के नेतृत्व में कार्यकर्ता और नेता पैदल ही विधानसभा की ओर रवाना हुए, लेकिन 22 गोदाम सर्किल से पहले पुलिस ने उन्हें रोक दिया। यहां सांसदों के साथ प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां व अन्य नेता धरने पर बैठ गए और पुलिस को गिरफ्तारियां दीं। इस दौरान उनकी पुलिस से तीखी झड़प भी हुई।
सहकार मार्ग पर कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग भी तोड़ दी। इस बीच बैरिकेडिंग पर चढ़े बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां को पुलिसवालों ने धक्का मार दिया। जिससे वे नीचे गिर गए। कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। इससे पहले सुबह 11 बजे सी-स्कीम स्थित बीजेपी ऑफिस से सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूनिया के नेतृत्व में भाजपा कार्यालय से विधानसभा घेराव के लिए कूच किया, लेकिन सहकार मार्ग पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। यहां पार्टी नेताओं की ओर से नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गिरफ्तारी दी। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते कार्यकर्ता सतीश पूनिया के रथ के साथ आगे बढ़ रहे थे। पहले पुलिस अधिकारियों की ओर से उनकी समझाइश की, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक पीछे धकेलने का प्रयास किया।
प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां के नेतृत्व में निकाले जाने वाले इस जुलूस में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, जयपुर संभाग और टोंक-सवाई माधोपुर से बीजेपी नेता, पार्टी के सभी 7 माेर्चा- बीजेपी किसान मोर्चा, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, एससी मोर्चा, एसटी मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। सांसद घनश्याम तिवाड़ी, रामचरण बोहरा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, पूर्व विधायक सुरेंद्र पारीक, मोहनलाल गुप्ता, अशोक परनामी समेत पार्टी के मंडलों का कार्यकर्ता और जयपुर ग्रेटर और हेरिटेज से पार्षद भी मौजूद रहे।
विधानसभा कूच से पहले प्रदेश भाजपा मुख्यालय के बाहर एक बड़ी जनसभा हुई, जिसे पार्टी से जुड़े नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां सहित अन्य वक्ताओं ने मौजूदा गहलोत सरकार को गौ हत्यारी सरकार करार दिया। पूनिया ने यह तक कह दिया कि अभी श्राद्ध पक्ष चल रहे हैं और जल्द ही प्रदेश की कांग्रेस सरकार का श्राद्ध हो जाएगा। पूनियां ने कहा कि राजस्थान में जिस प्रकार लंपी के बीच गहलोत सरकार की संवेदनहीनता देखने को मिली है, उससे आम जनता आक्रोशित हैं। हम विपक्ष के नाते सदन में और सड़क पर भी इस मामले को उठा रहे हैं। सरकार से मांग करते हैं कि इस बीमारी से जिस पशुपालक के गोवंश की मौत हुई है उसे 50000 का मुआवजा दें।
पूनियां ने कहा गहलोत सरकार केंद्र सरकार से इस बीमारी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग करती है, लेकिन मुख्यमंत्री जनता को केवल गुमराह कर रहे हैं। गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा में स्थानीय प्रदेश सरकारों ने इस रोग से बचाव के लिए बेहतरीन उपाय किए। राजस्थान की सरकार इसमें नाकाम रही, क्योंकि प्रदेश की सरकार की गौ माता के प्रति संवेदनाएं मर चुकी हैं, यह सरकार गौ हत्यारी सरकार है। भाजपा मुख्यालय से पैदल मार्च के रूप में रवाना हुए बीजेपी प्रदर्शनकारियों को 22 गोदाम सर्किल पर पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान सतीश पूनिया और भाजपा नेताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर विधानसभा की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें वहीं रोक दिया। इसके बाद नेता यहां धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद भाजपा प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को गिरफ्तारियां दीं। पुलिस बल ने बसों में बिठाकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और तमाम नेताओं को हिरासत में लिया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान पूनियां की पुलिस से झड़प भी हुई। वे बेरिकेडिंग पर चढ़ गए। पूनियां कुछ देर तक बैरिकेडिंग पर ही रहे। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ अरुण चतुर्वेदी को भी हल्की चोट आई, उन्हें उपचार के लिए एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में ले जाया गया। कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक मरा हुआ बछड़ा भी सड़क के बीच में रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान यह कार्यकर्ता कहते रहे कि पहले नगर निगम वाले इस मरे हुए बछड़े को यहां से लेकर जाएं उसके बाद ही वह यहां से रवाना होंगे।

लंपी बीमारी – धौलपुर नगर परिषद में एक महत्वपूर्ण बैठक

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धौलपुर, । प्रदेश के साथ साथ जिले में भी लंपी बीमारी से गोवंश को बचाने के लिए प्रशासन की ओर से कवायद की जा रही है। इसी क्रम में धौलपुर नगर परिषद सभापति खुशबू सिंह ने मंगलवार को धौलपुर नगर परिषद में एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक के बाद में सभापति सिंह तीर्थराज मचकुंड सरोवर क्षेत्र में बनाए गए आइसोशेलश सेंटर का दौरा भी किया।
नगर परिषद में आयोजित बैठक में सभापति खुशबू सिंह ने लंपी बीमारी के संबंध में अब तक किए गए उपायों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शासन और सरकार की मंशा लंपी बीमारी से गौ वंश को बचाने की है। इसके लिए राज्य सरकार तथा प्रशासन के स्तर के साथ साथ नगर परिषद द्वारा भी कई उपाय किए गए हैं। सभी अधिकारी और कर्मचारी मिलकर गौ वंश को लंपी बीमारी से बचाने के लिए शासन और सरकार के प्रयासों में अपनी भागीदारी निभाएं। बैठक के बाद में सभापति खुशबू सिंह मचकुंड सरोवर क्षेत्र पंहुचीं तथा यहां पर आइसोलेशन सेंटर की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह ने बताया कि लंपी बीमारी से गौ वंश को बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की कडी में मचकुंड सरोवर क्षेत्र में आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। इससे एक से दूसरे गौ वंश को बीमारी ना फैले। इस सेंटर पर बीमार गौ वंश को आइसोलेट करके उनके उपचार की व्यवस्था की जा रही है। इस दौरान नगर परिषद के बृजमोहन सिंघल तथा मोहन सिंह थनवार सहित अन्य अधिकारी तथा कार्मिक मौजूद रहे।

भाजपा विधायक की गाय भागी,डोटासरा ने ली चुटकी

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जयपुर। राजस्थान विधानसभा के सातवें चरण का दूसरा सत्र सोमवार से शुरू हुआ। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के कारण दो बार सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। वहीं विधानसभा के बाहर भी एक रोचक वाकया हुआ। भाजपा इस सत्र में सरकार को गायों में फैल रही लम्पी बीमारी पर घेरने की तैयारी में थी।

पुष्कर से भाजपा विधायक सुरेश रावत एक गाय लेकर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन विधानसभा के बाहर से ही गाय रस्सी छुड़ाकर भाग गई। गाय के अचानक भागने से वहां मौजूद मीडियाकर्मी और गाड़ियों से गुजर रहे लोगों में घबराहट फैल गई। इस पर विधायक रावत ने कहा कि पुलिस और सरकार से नाराज होकर गाय भागी है। गाय की नाराजगी मेरे से नहीं है क्योंकि मैंने तो 10 लाख रुपए दिए हैं।
डोटासरा ने ली चुटकी
वहीं इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा भी भाजपा पर हमला करने से नहीं चूके। उन्होंने घटनाक्रम का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा: ‘अब तो गौ माता को भी भाजपा की “नौटंकी” समझ आ गई, आज राजस्थान विधानसभा के सामने भाजपा की झूठी गौभक्ति की पोल खुद गौ माता ने खोली।’

लंपी वायरस को लेकर घांची समाज की मुहिम, चंदा इकट्ठा कर गौ सेवा में जुटे

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सिरोही: गौवंश में लगातार फैल रही लंपी स्किन डिजीज (Lumpy Skin Disease) को लेकर घांची समाज के 3 परगना द्वारा आगे आकर एक मुहिम चलाकर गायों को बचाने का कार्य किया जा रहा है. समाज के लोग पिछले कई दिनों से अहम भूमिका निभा कर गायों को बचाने में जुट गए हैं. घांची समाज के 3 परगना सिरोही, जावाल और रामसीन परगना के युवा समाज के लोगों से चंदा इकट्ठा कर तन मन धन से गायों की सेवा में जुटे हुए हैं.
घांची समाज द्वारा सिरोही (Sirohi) के सरकारी अर्बुदा गौशाला, आम्बेश्वर गौशाला, पीएफए में बीमार गायों को आयुर्वेदिक लड्डू खिलाया गया. साथ ही बाल गोपाल गौशाला में भी लड्डुओं का वितरण किया गया. वहीं समाज के लोगों द्वारा प्रत्येक गौशाला में दवाइयों का किट भी पहुंचाया जा रहा है. समाज के युवाओं ने बताया कि हम लोग गायों को तड़प-तड़प कर मरने नहीं देंगे. हम लोग पूरी तरह से गायों की सेवा में जुटे हुए हैं. सिरोही तहसील क्षेत्र के करीब 40 गांव में भी आयुर्वेदिक लड्डुओं का वितरण किया जा रहा है.
हमारा लक्ष्य है करीब एक लाख आयुर्वेदिक लड्डू बनाकर सभी गौशालाओं में वितरण करने का है ताकि गायों की बीमारी जल्द से जल्द समाप्त हो सके. पशुपालकों को दवाइयां और इंजेक्शन वितरित: वहीं इलाज के अलावा भी दवाइयां और इंजेक्शन समाज के द्वारा जरूरतमंद पशुपालकों को दिया जा रहा है ताकि गाय काल का ग्रास ना बन सके. वहीं सराहनीय महिम को लेकर माली समाज के समाज सेवी रघुनाथ माली और अन्य समाज के लोगों ने घांची के लोगों का माला पहनाकर स्वागत किया।