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चार गौ तस्कर गिरफ्तार, तीन फरार

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गुरुग्राम। थाना सेक्टर-65 क्षेत्र में बीते शनिवार की रात गोवंशों को मेवात में गोकशी के लिए ले जा रहे चार गोतस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस दौरान उनका पीछा कर रहे गोरक्षकों और पुलिस पर गो-तस्करों ने चलती गाड़ी से पत्थर भी फेंके। काफी दूरी तक पीछा करने के बाद गो तस्करों की गाड़ी का पहिया टूटकर निकलने से वह पलट गई। इसमें चार तस्कर मौके पर पकड़े गए, जबकि तीन फरार होने मे कामयाब हो रहे। आरोपियों में नामी गोतस्कर खली और गुल्ला भी शामिल हैं। गोरक्षक चमन खटाना के अनुसार उनको सूचना मिली थी कि तस्कर कुछ गोवंश को वजीराबाद गांव के पास सर्विस लेन से चोरी करके मेवात में गोकशी के लिए ले जाएंगे। यह सूचना मिलते ही गो रक्षकों की टीम ने मोर्चा संभाल लिया। कुछ देर बाद आई गो तस्करों की गाड़ी को उन्होंने रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन तस्करों ने गाड़ी को भगा लिया। गाड़ी का पीछा कर रहे गोरक्षक दल पर तस्करों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। जब गो तस्करों की गाड़ी कादरपुर गांव के पास पहुंची तो अचानक उसका पहिया टूटकर निकल गया और गाड़ी पलट गई।

गाड़ी से तस्कर निकलकर भागने लगे तो गो रक्षकों ने उनको पकड़ लिया। इस दौरान तीन तस्कर भागने में कामयाब हो गए। पुलिस ने गो तस्करों की गाड़ी को कब्जे में ले लिया। आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-65 में मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरु कर दी है। जांच अधिकारी विनोद ने बताया कि चार तस्करों को गिरफ्तार करके पूछताछ की जा रही है।

महाराष्ट्र ड्रीम अचीवर अवार्ड-2025 का भव्य समारोह सम्पन्न, आयोजन में 25 विभूतियां हुई शामिल

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मुंबई। नई पीढ़ी के युवाओं को देश प्रेम के जज़्बे के साथ भारतीय सेना में जाने की प्रेरणा देने के उद्देश्य से मुंबई की प्रमुख सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था स्नेहा इवेंट्स एंड मैनेजमेंट के तत्वावधान में महाराष्ट्र ड्रीम अचीवर अवार्ड्स 2025 का आयोजन वेदा कुनबा ऑडिटोरियम अंधेरी पश्चिम, मुंबई में संपन्न हुआ।
महाराष्ट्र ड्रीम अचीवर अवार्ड सीजन 3 द्वारा मुंबई में सैनिक परिवारों के सम्मान हेतु, भारतीय सेना के विभिन्न अमर शहीदों के परिवारजनों को विंध्य आइकॉनिक सोल्जर सम्मान सीजन 2 के लिए चैरिटी हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
समारोह की जानकारी देते हुए स्नेहा इवेंट्स एंड मैनेजमेंट, मुंबई के डायरेक्टर और समारोह के संयोजक विष्णु मिश्रा ने बताया कि यह समारोह दर्शकों के साथ आमंत्रित अतिथियों की भी संवेदना को छू लेने वाला रहा। यह आयोजन इतने बेहतरीन ढंग से हुआ कि सभी के लिए यादगार बन गया।
इस भावनात्मक समारोह में मुख्य अतिथि मैनेजिंग डायरेक्टर एंड सीईओ लॉजी ट्रस्ट ग्लोबल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक डॉक्टर पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह और सेलिब्रिटी गेस्ट सुरेन्द्र पाल, विशेष अतिथि आईपीएस और स्पेशल आईजी मोहन राठौड़, विशिष्ट अतिथि असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस अधीक्षक महाराष्ट्र एसीपी संजय पाटील की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर डॉ. पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह ने इस कार्यक्रम और संस्था के विभिन्न कार्यों की सराहना की और सभी को संबोधित किया।
बॉलीवुड सेलिब्रिटी एंकर सिमरन आहूजा ने बेहतरीन ढंग से मंच का संचालन किया और इस आयोजन को सफल बनाया।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया और महाराष्ट्र ड्रीम अचीवर अवार्ड सीजन 3 में पच्चीस विभूतियों को विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया। जिनमें
प्रिंस सिंह राजपूत को सर्वश्रेष्ठ युवा मॉडल अभिनेता सम्मान, पायस पंडित को सर्वश्रेष्ठ टीवी अभिनेत्री सम्मान, डॉ. योगेश सुभाष को सर्वश्रेष्ठ सामाजिक गतिविधियों हेतु सम्मान, सामाजिक कार्यकर्ता और नारी सम्मान संगठन की संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सुंदरी ठाकुर को सर्वश्रेष्ठ सामाजिक गतिविधियों हेतु सम्मान, रत्न विज्ञान, टैरो कार्ड रीडर डॉ. श्रुतिकीर्ति शुक्ला को सर्वश्रेष्ठ ज्योतिष सम्मान, एसीपी संजय पाटिल सहायक पुलिस आयुक्त महाराष्ट्र को सम्मान, डॉ. आदित्य शुक्ला (रत्नशास्त्र, वास्तु स्वर्ण पदक विजेता) को सर्वश्रेष्ठ ज्योतिष सम्मान, विवेक शुक्ला (महालक्ष्मी कैटरर्स) को सर्वश्रेष्ठ होटल सेवा सम्मान, डॉ. सैयद आबिद हुसैन को सर्वश्रेष्ठ सामाजिक गतिविधियों हेतु सम्मान प्रदान किया गया।
इसके साथ ही कामना सिंह चंदेल को सर्वश्रेष्ठ थिएटर अभिनेत्री सम्मान, कविता जैन को सर्वश्रेष्ठ गायिका, राजेन्द्र पांडे सर्वश्रेष्ठ लेखक (पुस्तक-राम कथा मानस सरल के लिए), राज आशू सर्वश्रेष्ठ बॉलीवुड संगीतकार, राजकुमार आर पांडे सर्वश्रेष्ठ लेखक निर्देशक (भोजपुरी फिल्म अग्निसाक्षी हेतु), भोजपुरी अभिनेता देव सिंह राजपूत (बेस्ट सपोर्टिंग रोल), प्रदीप पांडे ‘चिंटू’ को फिल्म अग्निसाक्षी के लिए बेस्ट एक्टर, संस्कृति सिंह (संस्कृति वेलफेयर फाउंडेशन की संस्थापक ट्रस्टी, उत्तरप्रदेश) को शिक्षा और बाल मनोविज्ञान के लिए परामर्श के लिए, मास्टर मुहम्मद अली शेख (निर्देशक फॉर्च्यून लाइफलाइन इंडस्ट्री,आर्टली स्टूडियो) सर्वश्रेष्ठ सिनेमेटोग्राफी, बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय अभिनेता जीत रैदत्त (सर्वश्रेष्ठ डिप्लोमैट फिल्म में सपोर्टिंग रोल), बिपिन लोधिया (लंदन) सामाजिक कार्यकर्ता, निशा संजयकुमार लोधिया, संजय कुमार यूके (फाउंडर, एस के फिल्म), अनसुइया लक्ष्मी चंद्र लोधिया को प्रतिष्ठित पुरस्कार ड्रीम अचीवर अवार्ड्स से सम्मानित किया गया।

“सिद्धि प्रार्थना” दिव्यांगों के पुनर्वसन हेतु समर्पित एक आध्यात्मिक मिशन की शुरुआत

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मुंबई। प्रार्थना की चमत्कारी शक्ति को समर्पित “सिद्धि प्रार्थना” नामक अद्भुत आध्यात्मिक कृति का लोकार्पण एक अत्यंत गरिमामय व प्रेरणादायी समारोह में पद्मश्री भजन सम्राट अनूप जलोटा और विश्वविख्यात आध्यात्मिक भजन गायक शैलेंद्र भारती के पावन हस्तों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर साहित्य, समाजसेवा और अध्यात्म के अनेक प्रतिष्ठित चेहरे उपस्थित रहे।

लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार शैलेश जायसवाल द्वारा लिखित यह पुस्तक प्रार्थना, ध्यान और सकारात्मक ऊर्जा की शक्ति को वैज्ञानिक, धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। पुस्तक का प्रकाशन Pen & Paper Publication द्वारा किया गया है।

इस पुस्तक की विशेषता यह है कि इससे प्राप्त होने वाली संपूर्ण आय गरीब, जरूरतमंद एवं दिव्यांगजनों के पुनर्वसन हेतु समर्पित की जा रही है। यह केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि समाज सेवा से जुड़ा एक आध्यात्मिक आंदोलन है।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि पुस्तक के विमोचन से पूर्व ही इसे पाठकों द्वारा अभूतपूर्व प्रतिसाद मिला। 500 से अधिक प्रतियां ऑनलाइन माध्यम से पहले ही बिक चुकी थीं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। लेखक शैलेश जायसवाल ने इस स्नेह और विश्वास के लिए पाठकों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

लोकार्पण समारोह में प्रमुख रूप से शिवसेना व्यापार विभाग के संस्थापक अध्यक्ष व विभाग प्रमुख ज्ञानेश्वर सावंत, लेखक की धर्मपत्नी व प्रेरणास्त्रोत श्रीमती गीता शैलेश जायसवाल, स्पीकवेल इंग्लिश एकेडमी के निदेशक व शिवसेना शिक्षण समिति अध्यक्ष महेश जोशी, समर्पित सहयोगी अनुराग शुक्ल, अभिषेक शुक्ल, तथा लेखक के निष्ठावान व मेहनती सहयोगी नितेश परमार आदि मान्यवर उपस्थित थे।

इन सभी ने अपने सशक्त समर्थन और उपस्थिति से लेखक का उत्साहवर्धन किया और इस कार्य को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।

लेखक ने अपील की है कि “सिद्धि प्रार्थना” सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने के लिए है। आप सभी इस पुस्तक को जरूर पढ़ें, और किसी दिव्य आत्मा के जीवन को बदलने के इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें।

जावेद अख्तर, शंकर महादेवन, सोनू निगम, प्रसून जोशी ने लॉन्च किया आर्टिस्ट ऑन एप “गुनगुनालो”

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मुंबई। भारतीय संगीत जगत के इतिहास में एक ऐतिहासिक दिन दर्ज हो गया जब जावेद अख्तर, शंकर महादेवन, सोनू निगम, समीर अंजान, प्रसून जोशी, सलीम मर्चेंट, अरुणा साईराम, हरिहरन, आनंद – मिलिंद, मनन शाह, राजू सिंह और संगीत क्षेत्र की 30 से अधिक जानी-मानी हस्तियों की उपस्थिति में “गुनगुनालो” नामक भारत का पहला आर्टिस्ट-ओन कल्चरल ऐप लॉन्च किया गया। यह भव्य कार्यक्रम मुंबई के जियो वर्ल्ड, बीकेसी, बांद्रा के स्टूडियो थिएटर में आयोजित किया गया।

गुनगुनालो एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे कलाकारों ने खुद के लिए और अपने जैसे कलाकारों के लिए बनाया है। यह ऐप न सिर्फ संगीत को समर्पित है, बल्कि कविता, कहानी और अन्य रचनात्मक अभिव्यक्तियों को भी स्थान देता है। इस पर ओरिजिनल कंटेंट, अनरिलीज़ क्लासिक, मार्गदर्शन सत्र, मास्टर क्लास, जैम सेशन, ओपन माइक और फैंस के साथ डायरेक्ट कनेक्शन जैसे फीचर्स होंगे।

गुनगुनालो के संस्थापक सदस्यों में जावेद अख्तर, शंकर महादेवन, सोनू निगम, श्रेया घोषाल, अरिजीत सिंह, प्रसून जोशी, समीर अंजान, विशाल ददलानी, अमित त्रिवेदी और अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं। टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ श्रीधर रंगनाथन द्वारा यह ऐप डेवलप किया गया है और इसके सीईओ की भूमिका में हैं शरली सिंह।

गुनगुनालो के बारे में जावेद अख्तर ने कहा”5 मई 2025 एक ऐतिहासिक दिन है। गुनगुनालो कलाकारों को अपनी मर्जी से रचना करने की आजादी देता है। यहां किसी निर्माता या म्यूजिक कंपनी की शर्तें नहीं होंगी, बल्कि कलाकार अपनी आत्मा से संगीत रच सकेंगे। यह दुनिया भर में पहली तरह की चीज है। ऐसा पहले कहीं नहीं हुआ है। म्युजिशियन, गीतकार और गायक मिलकर एक कंपनी शुरू करें उसमे वे शेयर होल्डर हों, ऐसा ऐप है गुनगुनालो। इसमे पूरी रचनात्मक आजादी के साथ कलाकार गीत क्रिएट करेंगे और कोई कमेटी उनके काम को चेक नहीं करेगी। एक प्लेटफॉर्म पर इतने सारे आर्टिस्ट हैं लेकिन वे एक दूसरे के काम में दखलंदाजी नहीं करेंगे। इसके जो मेंबर्स हैं वे नई प्रतिभाओं को भी परिचित कराएंगे। नए गायकों, गीतकारों और कंपोज़र को भी एक्सपोजर मिलेगा।

शंकर महादेवन ने कहा “गुनगुनालो प्लेटफॉर्म आर्टिस्ट के लिए और आर्टिस्ट द्वारा बनाया गया है। यह संगीत का अगला अध्याय लिखने का मंच है। आज हम सब आर्टिस्ट के लिए बहुत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन है। तमाम आर्टिस्ट का जो सपना रहा है, वो इस प्लेटफार्म के माध्यम से पूरा होने जा रहा है। हर सफल और पॉपुलर आर्टिस्ट के मन में भी कुछ अलग करने की ललक होती है जो गुनगुनालो के जरिए पूरी होगी।

सोनू निगम ने कहा कि 90 के दशक में जब मैं मुंबई आया था, तब भी हम कुछ अलग करना चाहते थे। अब गुनगुनालो उस क्रिएटिव फ्रीडम का मंच है जिसकी हमें तलाश थी।

समीर अंजान ने कहा, म्युज़िक क्षेत्र के लोगों के लिए इससे बेहतर कोई दिन नहीं हो सकता। वर्षो के सपने और बहुत कोशिशों के बाद यह ऐप लॉन्च हुआ है। चाहे वे लोकगीत गाने वाले सिंगर हों या क्लासिकल गाने वाले, हर कलाकार के लिए इससे बेहतर प्लेटफार्म नहीं मिल सकता। क्रिएटर को यहां संपूर्ण आजादी दी जाती है कि वे जो करना चाहते हैं उसे कर सकते हैं। गीतकार कंपोज़र को शिकायत थी कि वे फ़िल्मों के लिए निर्माता निर्देशक और सिचुएशन के अनुसार काम करते हैं मगर गुनगुनालो उन्हें रचनात्मक स्वतंत्रता देता है। यह इतिहास के पन्नों पर दर्ज होने वाली शुरुआत है।

प्रसून जोशी ने कहा, “लोगों को लगता है कि आर्टिस्ट के पास माईक है, मंच है, तो उन्हें कहने के लिए और किस चीज़ की जरूरत है। मगर जो लेखक, संगीतकार होते हैं उन्हें एहसास होता है कि वे अपनी बात नहीं कह रहे हैं बल्कि किसी और की बात कह रहे हैं। यह एक ऐसा प्लेटफार्म है जहां वो अपने मन की बात कह सकते हैं। फ़िल्मों के लिए काम करते हुए यदि उन्हें लग रहा था कि उनके पंख उड़ते समय किसी इमारत से टकरा रहे थे तो अब इस ऐप के रूप में उनके पास उड़ान के लिए खुला आसमान है। शास्त्रीय गायक बंदिशों को गाते हैं जबकि फ़िल्मों के लिए हमें बंदिशों में काम करना पड़ता है पर अब इस ऐप के आने से वो बंदिशें कलाकारों पर से हट जाएगी। गुनगुनालो हमें बिना किसी बंधन को सोचने और रचने की स्वतंत्रता देता है। सुनने वालों का भी हक है कि उन्हें कलाकारों के दिल की आवाज सुनने को मिले।

श्रीधर रंगनाथन (संस्थापक सदस्य) ने बताया कि पिछले 4 साल से हम लोग इस ऐप पर काम कर रहे हैं। सभी आर्टिस्ट को एक साथ लाना काफी चुनौतियों भरा काम रहा मगर वर्षों की मेहनत के बाद अब यह प्लेटफार्म तैयार है जिस पर हर उम्र के श्रोताओं और दर्शकों के लिए ओरिजिनल कंटेंट है। www.goongoonalo.com पर जाकर कोई भी कलाकार या प्रशंसक रजिस्टर कर इस रचनात्मक परिवार का हिस्सा बन सकता है।”

शरली सिंह (सीईओ) ने कहा कि अगर आप सपने देखने वाले हैं, तो गुनगुनालो वह जगह है जहां आपको होना चाहिए। यह गणित बदलने वाला प्लेटफार्म है। आम तौर पर जब किसी आर्टिस्ट का कोई गीत रिलीज होता है तो उसका अधिकार मेकर्स या म्युज़िक लेबल के पास होता है मगर यहां खुद आर्टिस्ट अपने गाने का मालिक होता है क्योंकि यह कंपनी उसकी भी है तो जो भी रेवेन्यू आता है वह उसका भागीदार बनता है।

हरिहरन ने कहा, “यह मंच दूसरे प्लेटफॉर्म से इसलिए अलग है क्योंकि आर्टिस्ट इस कंपनी के मालिक स्वयं हैं। मुझे उम्मीद है कि कुछ बेहतरीन म्युज़िक प्रोड्यूस किया जाएगा, जो श्रोता गुनगुनालो पर सुन सकेंगे।

सलीम मर्चेंट ने कहा, “ये कला, संगीत के लिए बहुत बड़ा मौका है। हम सब किसी और के बताए हुए कहानी पर लिखने, कंपोज करने के आदी हो चुके हैं मगर यह ऐसा ऐप है जहां आप जो महसूस करते हैं, जो सोचते हैं, उसे जाहिर कर सकते हैं। हमारे यहां फिल्म म्युज़िक को हीरो समझा जाता है हालांकि पिछले कुछ सालों में इंडिपेंडेंट म्युज़िक ने श्रोताओं को खूब लुभाया है। हमारी कम्युनिटी बहुत सारे लोगों को प्रेरित करेगी।
यह ऐप मास्टर क्लास, बिहाइंड द सीन कंटेंट जैसे अनोखे फीचर्स से भरा है।”

सुलेमान मर्चेंट ने कहा,”यह एक ऐतिहासिक पहल है, जो कलाकारों को सशक्त बनाएगी। यह अपनी तरह का पहला स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म है। यह बहुत बड़ी चीज है. ये कंपनी तमाम आर्टिस्ट, गीतकारों और गायकों की है।

राजू सिंह ने कहा “यह मंच हमारे उन अधूरे सपनों को पूरा करेगा जो हम मार्केटिंग दबाव के कारण नहीं साकार कर पाए। हम अपनी आजादी के साथ अपने ख्याल को यहां पेश कर सकेंगे। हम सब बहुत उत्साहित हैं कि नया क्या क्या कर सकते हैं।

ललित पंडित ने कहा,”हम इस दिन की वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे थे, और अब यह ऐतिहासिक ऐप हमारे सामने है।”

आनंद – मिलिंद ने कहा, गुनगुनालो उन रचनाओं को सामने लाएगा जो हमारे दिल के करीब हैं। गुनगुनालो गीतकार, संगीतकार और गायक सभी आर्टिस्ट के लिए बहुत महत्वपूर्ण और बेहतरीन प्लेटफार्म है। फिल्म इंडस्ट्री में संगीतकार गीतकार को निर्माता निर्देशक म्युज़िक कंपनी से लेकर हीरो हीरोइन तक कई लोगों को संतुष्ट करना पड़ता है। लेकिन यह ऐसा प्लेटफार्म है जहां हम अपनी पसंद के, दिल से बनाए गाने देंगे और हमें विश्वास है कि वे गीत श्रोताओ को अवश्य पसंद आएंगे। हम गीतों मे मेलोडी और शायरी वापस लाने का प्रयास करेंगे।

अरुणा साईराम ने कहा, “मैं आज बहुत खुश हूं क्योंकि गुनगुनालो के शेयर होल्डर में मैं भी शामिल हूँ। मैं शास्त्रीय संगीत की गायिका हूं लेकिन मन में विचार था कि कभी गैर शास्त्रीय कलाकारों के साथ कुछ गाने बनाऊं। गुनगुनालो के माध्यम से मुझे वो संभावना नजर आ रही है।

पापोन ने कहा, “दुनिया में ऐसा कोई ऐप नहीं है जो कलाकारों को इतनी आज़ादी और साझेदारी दे। विश्व भर में इस तरह के ऐप का कोई उदाहरण नहीं मिलता। इसमे सभी आर्टिस्ट मिलकर काम करेंगे और बनाए गए गाने किसी म्युज़िक कंपनी द्वारा जारी नहीं किए जाएंगे बल्कि गुनगुनालो के प्लेटफार्म पर ही इसे रिलीज किया जाएगा। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है और अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि ऐसा हकीकत में हो रहा है। यही म्युज़िक का भविष्य होने वाला है।

शान ने कहा कि यह वास्तव में ऐतिहासिक है। इस की शुरुआत बहुत अच्छी नियत के साथ हुई है। और जो भी दिल से किया जाता है उसका परिणाम अच्छा ही निकलता है। हमारी कोशिश होगी कि हम अपना बेस्ट सांग गुनगुनालो मे रखें, और हमें ऐसे ही श्रोता मिलेंगे जो संगीत प्रेमी हों और म्युज़िक को समझने वाले होंगे।

एहसान नूरानी ने कहा, “यह मंच हमें अपनी शर्तों पर कुछ नया और अलग रचने का मौका देता है। यह एक यूनिक प्लेटफार्म है जिसके ओनर भी आर्टिस्ट ही हैं। इसमें नए नए कोलेब्रेशन की बेशुमार संभावनाएं हैं। इसमे न तो फिल्म मेकर, स्टार्स का कोई प्रेशर होगा न सीन की मांग के अनुसार क्रिएट करने की शर्त होगी बल्कि बहुत हेल्दी माहौल में शुद्ध संगीत तैयार किया जाएगा। संभावना यह भी है कि गुनगुनालो पर रिलीज हुआ कोई गीत फिल्म वालों को पसंद आ जाए और वे इसे अपनी फिल्म के लिए इस्तेमाल करें।

श्वेता मोहन ने कहा,”इंडिपेंडेंट गानों की आत्मा को यह ऐप सहेजेगा और लोगों तक पहुंचाएगा।”

अनुषा मणि ने कहा, “इस प्लेटफॉर्म से जुड़ी टीम ही इतनी प्रेरक है कि मैं तुरंत इसका हिस्सा बन गई। हमारे जैसे आर्टिस्ट चाहते हैं कि इंडस्ट्री मे हमें ऐसा सपोर्ट मिले। यह प्लेटफार्म हमारे क्रिएटिव एक्सप्रेशन का जरिया है। अपना मन चाहा म्युज़िक हम शेयर कर सकें और उससे रेवेन्यू भी कमा सकें, यह हम सब के लिए बहुत बड़ी बात है।

मनन शाह ने कहा,”म्युज़िक के लीजेंड के साथ गुनगुनालो का हिस्सा बनना मेरे लिए सम्मान की बात है। पूरी क्रिएटिव स्वतंत्रता के साथ यहां गीत बनाना एक अलग ही अनुभव होने वाला है। यह ऐप कलाकारों के लिए वरदान साबित होगा।”

अमिताभ भट्टाचार्य ने कहा,”उम्मीद है कि ये प्लेटफार्म म्युज़िक से जुड़े कलाकारों के लिए गेम चेंजर सिद्ध होगा। फ़िल्मों के लिए काम करने के दौरान हमें कई आइडिया आते हैं, जिन्हें करने की इच्छा होती है उन्हें इस प्लेटफार्म के द्वारा किया जा सकेगा। आनंद मिलिंद, ललित पंडित जैसे संगीतकारों के साथ मुझे काम करने का मौका नहीं मिला, गुनगुनालो के माध्यम से उनके साथ सहयोग करने का अवसर मिलेगा।

सिद्धार्थ महादेवन ने कहा,”हम आर्टिस्ट अपने गाने अपनी ही कंपनी गुनगुनालो पर रिलीज करेंगे। इसकी यूएसपी यह भी है कि हर आर्टिस्ट एक दूसरे के गीतों को प्रमोट करेगा जिससे सभी तरह के कलाकारों के हर प्रकार के गाने श्रोताओं की बहुत बड़ी संख्या तक पहुंच सकेंगे। अभी इसमें 30 से ज्यादा म्युज़िक के दिग्गज जुड़े हैं लेकिन जल्द ही इससे सैकड़ों हजारों कलाकार जुड़ेंगे।

इस ऐप के अंतर्गत ‘गुनगुनालो ओरिजिनल्स’ के तहत श्रेया घोषाल का विशेष गीत सबसे पहले रिलीज़ होगा। साथ ही अरिजीत सिंह के साथ गायकी वर्कशॉप, इरशाद कामिल के साथ लिरिक्स लैब और सलीम-सुलेमान के प्रोडक्शन सेशन जैसी गतिविधियां होंगी। ‘फैनवर्स’ फीचर में फैंस मर्चेंडाइज डिज़ाइन करेंगे, क्राउडफंडिंग करेंगे और वर्चुअल मीटअप्स में हिस्सा लेंगे।

शंकर महादेवन ने अंत में कहा, “यहां अरुणा साईराम और सोनू निगम या विशाल-शेखर और कौशिकी चक्रवर्ती जैसे अद्वितीय कोलेब्रेशन देखने को मिलेंगे। यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा का नया डिजिटल स्वरूप है।”

27 एयरपोर्ट 9 मई तक रहेंगे बंद

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भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संघर्ष के चलते कई एयरपोर्ट्स पर कामकाज रोक दिया गया है। बुधवार तड़के पाकिस्तान और पीओके में  भारतीय सेनाओं द्वारा ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया गया था। इसमें 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। इसके बाद राजस्थान, गुजरात, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ समेत कम से कम 27 एयरपोर्ट्स को बंद कर दिया गया है। ये एयरपोर्ट्स 9 मई तक बंद रहेंगे।

ये एयरपोर्ट्स रहेंगे बंद

  • चंडीगढ़
  • श्रीनगर
  • अमृतसर
  • लुधियाना
  • भुंतर
  • किशनगढ़
  • पटियाला
  • शिमला
  • गग्गल
  • बठिंडा
  • जैसलमेर
  • जोधपुर
  • बीकानेर
  • हलवारा
  • पठानकोट
  • लेह
  • जम्मू
  • मुंद्रा
  • जामनगर
  • राजकोट
  • पोरबंदर
  • कांडला
  • केशोद
  • भुज
  • धर्मशाला
  • ग्वालियर
  • हिंडन

दिल्ली एयरपोर्ट ने जारी की एडवाइजरी

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जारी रहने के कारण दिल्ली एयरपोर्ट ने एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें यात्रियों से उड़ान की स्थिति के लिए संबंधित एयरलाइनों से संपर्क करने का आग्रह किया गया। दिल्ली हवाई अड्डे ने एक्स पर पोस्ट किया, “दिल्ली हवाई अड्डे के सभी टर्मिनल और सभी 4 रनवे पर संचालन सामान्य रूप से जारी है। हालांकि, हवाई क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों के कारण कुछ उड़ानों पर असर पड़ा है।”

ऑपरेशन सिंदूर के बाद हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण 200 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं हैं। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट, एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और कई विदेशी एयरलाइनों ने कई प्रमुख हवाई अड्डों से और के लिए संचालन निलंबित कर दिया। इंडिगो ने घोषणा की है कि उसने अमृतसर और श्रीनगर जैसे प्रमुख केंद्रों से 165 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं और 10 मई की सुबह तक व्यवधान जारी रहने की उम्मीद है। एयर इंडिया ने हवाई अड्डा बंद होने पर सरकार की अधिसूचना के जवाब में जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट सहित कई शहरों से और के लिए उड़ानें भी निलंबित कर दीं।

आपरेशन सिंदूर आरंभ, प्रहार का स्वागत

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(राकेश अचल-विनायक फीचर्स)
आधी रात के बाद, जब आतंकवादी चैन की नींद सो रहे थे, भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया। जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम हमलों के जवाब में की गई, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हो गई थी। हम युद्ध के समर्थक नहीं हैं किंतु भारत की संप्रभुता पर हुए दुस्साहसिक हमले के प्रतिकार के लिए जबावी कार्रवाई आवश्यक मानते हैं।

भारतीय सेना ने रात 1.44 बजे जारी किए गए एक बयान में कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सैन्य हमले किए गए। जिसमें आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसमें पीओके और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आतंकवादियों के लॉन्चिंग पैड को टारगेट कर हमला किया, जिसमें 90 से ज्यादा आतंकवादियों के मारे जाने की खबर है।
भारत की ओर से लक्ष्यवेधी प्रहार किया गया। भारत ने पाकिस्तान और पीओके में उन ठिकानों पर हमला किया है जहां से आतंकवादी हमलों की योजना बनाई जा रही थी और उन्हें निर्देशित किया जा रहा था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत रातभर चले सटीक हमलों में कुल नौ ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें लश्कर के 3 और जैश के 4 लॉन्चिंग पैड भी हैं।

इस युद्ध की नौबत ही न आती यदि पाकिस्तान आतंकवाद को पालता, पोषता नहीं। अच्छी बात यह है कि पाकिस्तान को हर समय इमदाद देने वाले अमेरिका ने भी भारतीय सेना की कार्रवाई का समर्थन किया है।अमेरिकी के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि-  ‘मैं भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति पर करीबी नज़र रख रहा हूं। मैं आज पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों से सहमत हूं। उम्मीद है कि यह जल्द ही समाप्त हो जाएगा। शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारतीय और पाकिस्तानी नेतृत्व दोनों के साथ बातचीत जारी रहेगी।

आधी रात को पाकिस्तान पर हमले के बाद भारतीय विमानन प्राधिकरण ने पाकिस्तान सीमा से लगे एयरपोर्ट को बंद कर दिया है। श्रीनगर, जम्‍मू, अमृतसर, लेह, चंडीगढ़, बीकानेर और धर्मशाला से ऑपरेट होने वाली सारी फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं। विमान कंपनियों ने यात्रियों से स्टेट्स चेक करके ही घर से निकलने को कहा है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह कार्रवाई भारत की सोची-समझी सैन्य प्रतिक्रिया मानी जा रही है। भारतीय सेना की इस कार्रवाई में पाकिस्तान के पंजाब के मुरीदके पर हमला शामिल था। यह लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय का घर है। इसे पाकिस्तान की “आतंक नर्सरी” के रूप में जाना जाता है। मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा और उसके प्रमुख संगठन जमात-उद-दावा का मुख्यालय लगभग 200 एकड़ में फैला हुआ है। यहां मस्जिदें, स्कूल, अस्पताल, खेत और एक आतंकी प्रशिक्षण शिविर शामिल हैं।

पाकिस्तानी सेना ने भी बयान जारी कर दिया है। उन्होंने माना है कि भारत ने उनकी 6 जगहों पर हमला किया है। 24 मिसाइल दागे गए हैं। बता दें कि पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया है। इसमें ज्यादातर मस्जिद हैं, जहां से जैश-ए-मोहम्मद आतंकी पैदा करता था।

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते, बुधवार को श्रीनगर हवाई अड्डे से सभी उड़ानें रद्द रहेंगी। इसके अलावा, जम्मू, धर्मशाला लेह और अमृतसर के एयरपोर्ट्स भी बंद किए गए हैं जिसके चलते फ़्लाइट ऑपरेशंस पर असर पड़ेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर नजर बनाए रखी। देर रात करीब 1 बजकर 44 मिनट पर भारत की तीनों सेनाओं ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादियों के 9 ठिकाने तबाह कर दिए। सेना के ऑपरेशन के दौरान रक्षा मंत्रालय में सारी रात अफसर मौजूद रहे। शायद इसी वजह से पिछले दो दिन से आर्मी का स्ट्रेट कॉम मीडिया के लिए बंद रखा गया था।

जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में एक पाकिस्तानी फाइटर जेट जेएफ-17 गिरा है। जिसका वीडियो स्थानीय युवक ने बनाया हालांकि फाइटर में पायलट नहीं हैं। स्थानीय लोग उस फाइटर जेट को देखने के लिए वहां पहुंच रहे है।
सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने कई देशों के अपने समकक्षों से बात की है और पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी कैम्पस पर भारत के मिसाइल हमलों के बारे में जानकारी दी है। इनमें अमेरिका, यूके, सऊदी अरब, यूएई और रूस शामिल हैं। अभी तक जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक भारत के हमले में 12 आतंकवादी मारे गए हैं।

भारत के मिसाइल हमलों पर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने कहा, “भारत ने पाकिस्तान के पांच स्थानों पर हमला किया है। पाकिस्तान को इस युद्ध जैसे कृत्य का जोरदार जवाब देने का पूरा अधिकार है, और एक मजबूत प्रतिक्रिया दी जा रही है। पूरा देश पाकिस्तान सशस्त्र बलों के साथ खड़ा है, और पूरे पाकिस्तानी राष्ट्र का मनोबल और उत्साह ऊंचा है। पाकिस्तानी राष्ट्र और पाकिस्तान सशस्त्र बल अच्छी तरह जानते हैं कि दुश्मन से कैसे निपटना है. हम कभी भी दुश्मन को अपने नापाक इरादों में सफल नहीं देंगे।

भारत द्वारा आतंकवादी ठिकानों पर हमले के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। इतना ही नहीं, सभी स्कूल-कॉलेज भी अगले आदेश तक बंद रहेंगे।
पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादियों के ठिकाने पर भारत की तरफ से बरसाए गए मिसाइल हमलों के बाद पड़ोसी देश में डर का माहौल है। इसी के मद्देनजर उन्होंने लाहौर और सियालकोट एयरपोर्ट को अगले 48 घंटे के लिए बंद कर दिया है।

सारा भारत इस मुद्दे पर एकजुट है, लेकिन जरुरत इस बात की है कि ये युद्ध लंबा न खिंचे। राजनीतिक दल इस युद्ध का राजनैतिक लाभ लेने की कोशिश न करें। अनावश्यक बयान बाजी से बचें। युद्धकाल में एकता, समरसता सबसे महत्वपूर्ण कारक है। आपरेशन सिंदूर के जवाब में हताश पाकिस्तान आपरेशन लोभान चालू कर सकता है इसलिए सतर्क रहिये,सुरक्षित रहिए। हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान बहुत जल्द भारत के सामने घुटने टेक देगा क्योंकि पाकिस्तान के पास भारत का लंबे समय तक मुकाबला करने की कूबत ही नहीं है। (विनायक फीचर्स)

मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों की रोमांचक झलक अब किडजानिया में

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जंगल सफारी से रिवर राफ्टिंग तक, बच्चों ने किया मध्यप्रदेश का वर्चुअल सफर
मुंबई (अनिल बेदाग) : मध्यप्रदेश इतिहास, संस्कृति, अध्यात्म और वन्यजीव का अद्भुत मिश्रण है। प्रदेश की वैभवशाली विरासत, वन्यजीव और समृद्ध संस्कृति को रोचक और आकर्षक रूप में किडजानिया के माध्यम से भावी पीढ़ी तक पहुंचाया जायेगा। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक, एमपी टूरिज्म बोर्ड, श्री शिव शेखर शुक्ला किडजानिया मुंबई में एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर के शुभारंभ अवसर को संबोधित कर रहे थे। इसी के साथ किडजानिया दिल्ली में भी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर शुरू हो गया। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश में सभी के लिए सब कुछ है। देश में उपलब्ध लगभग सभी पर्यटन आकर्षण मध्यप्रदेश में है। विशेष रूप से मध्यप्रदेश की स्थानीय जनजातीय संस्कृति का अनुभव पर्यटकों के लिए अनोखा होता है। प्राचीन समय से जनजातीय संस्कृति को संरक्षित रखते हुए मूल स्वरूप में सहेजा गया है। साथ ही इतिहास प्रेमियों के लिए तो मध्यप्रदेश स्वर्ग की तरह है। यहां यूनेस्को के 18 विश्व विरासत स्थल है। इसमें से 3 स्थायी सूची में और 15 अस्थायी सूची में शामिल हैं। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने सभी का कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए धन्यवाद देते हुए उन्हें मध्यप्रदेश में पर्यटन के लिए आमंत्रित किया।
चीफ बिजनेस ऑफिसर किडजानिया श्री तरणदीप सिंह शेखोंन ने कहा कि प्रदेश के पर्यटन स्थलों को बच्चों के जरिए परिवारों तक पहुंचाने के पहली बार किसी राज्य ने नवीन पहल की है। मध्यप्रदेश का यह नवाचार बच्चों को भविष्य का जिम्मेदार पर्यटक बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में अतिरिक्त प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड सुश्री बिदिशा मुखर्जी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पर्यटन स्थलों को देश भर के बच्चों तक पहुंचाने के लिए यह नवीन प्रयोग किया गया है। जंगल सफारी और रिवर राइड के माध्यम से बच्चे प्रदेश के वन्य जीव, नदियों, इतिहास और संस्कृति से परिचित होंगे। आने वाले समय में इसे और अधिक रोचक बनाया जाएगा।
कार्यक्रम में किडजानिया और एमपी टूरिज्म के बीच एमओयू एक्सचेंज सेरेमनी की गई। किडजानिया के डायरेक्टर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर श्री यजदी खंबाटा ने प्रमुख सचिव श्री शुक्ला को एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर की चाबी भेंट की। इसके बाद किडजानिया के बच्चों के संग केक कटिंग कर सेंटर के शुभारंभ की खुशी मनाई गई। किडजानिया के  मैस्कॉट और बच्चों के साथ किडजानिया परेड के साथ किडजानिया सिटी घूमते हुए सभी अतिथि एमपी टूरिज्म के एक्सपीरियंस सेंटर पहुंचे। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बच्चों के साथ रिबन खोल के एक्सपीरियंस सेंटर का शुभारंभ किया।
मध्यप्रदेश टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर का उद्देश्य बच्चों को प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, जैव विविधता, नदियों और सांस्कृतिक विरासत से रोचक और रचनात्मक तरीके से जोड़ना है। यह पहल न केवल बच्चों को रोमांचक अनुभव प्रदान करती है, बल्कि उनके माध्यम से पूरे परिवार को भी मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों के प्रति आकर्षित करने का कार्य करती है।
इस सेंटर में दो प्रमुख वर्चुअल अनुभव प्रस्तुत किए जा रहे हैं – जंगल सफारी और रिवर राफ्टिंग। जंगल सफारी के दौरान बच्चे वर्चुअल जीप सफारी में मध्यप्रदेश के घने जंगलों, राष्ट्रीय उद्यानों और जंगली जानवरों को नजदीक से देखने का अनुभव करते हैं। वहीं, रिवर राफ्टिंग में वे प्रदेश की नदियों की लहरों पर सवारी करते हुए प्राकृतिक सौंदर्य और जलजीवों को जानने का रोमांच महसूस करते हैं। इन अनुभवों को और अधिक वास्तविक बनाने के लिए वर्चुअल रियलिटी, मोशन सेंसिंग तकनीक, एनवायरनमेंटल सिमुलेशन और 3D इफेक्ट्स का प्रयोग किया गया है।
सेंटर में बच्चों को हरे रंग की सफारी जैकेट पहनाई जाती है जिससे वे खुद को एक असली पर्यटक की भूमिका में महसूस कर सकें। हर अनुभव लगभग 10 मिनट का होता है। अनुभव के बाद बच्चों से दस प्रश्न पूछे जाते हैं और सही जवाब देने पर उन्हें किडजानिया करेंसी (kidZos) इनाम स्वरूप दी जाती है। बच्चों को खुद का पर्सनलाइज्ड पोस्टकार्ड भी डिजाइन करने का अवसर मिलता है, जिसका प्रिंटआउट वे साथ ले जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त एमपी टूरिज्म की ओर से विशेष गिवअेज़ – जैसे कस्टम स्टिकर्स, बच्चों की डायरी और रंगीन पेंसिल्स भी वितरित किए जा रहे हैं।
इस पहल के माध्यम से बच्चे कई महत्वपूर्ण कौशल भी विकसित कर रहे हैं – जैसे जानवरों की पहचान के माध्यम से मनोदैहिक कौशल, पर्यवेक्षण और विश्लेषण क्षमता बढ़ाने वाले संज्ञानात्मक कौशल, वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता को प्रोत्साहित करने वाले भावनात्मक कौशल और समूह में संवाद व साझा अनुभव के माध्यम से सामाजिक कौशल।
एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर का m नवाचार बच्चों को न केवल मनोरंजन और सीखने का अवसर दे रहा है बल्कि उन्हें भविष्य में जिम्मेदार और जागरूक पर्यटक बनने के लिए भी प्रेरित कर रहा है। यह एक ऐसा अनुभव है जिसे बच्चे जीवनभर याद रखेंगे और प्रदेश की यात्रा के लिए अपने परिवारों को भी प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर मुंबई के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, मीडिया प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में बच्चे और उनके अभिभावक शामिल हुए।

पाकिस्तानियों से शादी- केवल प्रेम कहानियां या सुनियोजित षडयंत्र

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(संदीप सृजन-विनायक फीचर्स)

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया तो एक नया मुद्दा सार्वजनिक हो उठा। भारत की अनेक महिलाओं की पाकिस्तान में शादी हुई और वे भारत में रह कर बच्चे पैदा कर रही है। यह मुद्दा तब और जटिल हो जाता है जब इन महिलाओं के बच्चे या पति पाकिस्तानी नागरिकता रखते हैं। इस दौरान, कई ऐसी महिलाएं सामने आईं, जिनके पास भारतीय पासपोर्ट था, लेकिन उनके पति या बच्चे पाकिस्तानी नागरिक थे। इन मामलों ने यह सवाल उठाया कि क्या ऐसी व्यवस्था भारत की सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है?

भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध हमेशा से तनावपूर्ण रहे हैं। ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक कारणों से दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी रही है। हाल के दिनों में, एक नया मुद्दा चर्चा में आया है, जो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक संरचना के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। पाकिस्तान में शादी करने वाली भारतीय महिलाओं का भारत की नागरिकता बनाए रखना। कुछ लोग इसे केवल व्यक्तिगत पसंद या पारिवारिक मामला मान सकते हैं, लेकिन गहरे विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक एकता और भारत की संप्रभुता पर गंभीर सवाल उठाता है।

भारत का संविधान एकल नागरिकता की व्यवस्था करता है, जिसका अर्थ है कि कोई व्यक्ति एक साथ दो देशों का नागरिक नहीं हो सकता। नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत, भारतीय नागरिकता प्राप्त करने, निर्धारित करने और रद्द करने के नियम स्पष्ट हैं। फिर भी, हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां भारतीय महिलाएं, जिन्होंने पाकिस्तान में शादी की है, भारत की नागरिकता बनाए रखती हैं। कुछ मामलों में, ऐसी महिलाएं अपने पाकिस्तानी पति और बच्चों के साथ भारत में रह रही हैं, या बार-बार भारत-पाकिस्तान के बीच यात्रा कर रही हैं।

पाकिस्तान के साथ भारत का रिश्ता हमेशा से संवेदनशील रहा है। सीमा पर तनाव, आतंकवादी हमले, और जासूसी के मामले दोनों देशों के बीच अविश्वास को बढ़ाते हैं। ऐसे में, भारतीय नागरिकता रखने वाली महिलाएं, जो पाकिस्तानी नागरिकों से विवाहित हैं, संभावित रूप से जासूसी या आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो सकती हैं। यह केवल एक आशंका नहीं है, बल्कि हाल के कुछ मामलों ने इस खतरे को उजागर किया है।

उदाहरण के लिए, सीमा हैदर का मामला चर्चा में रहा है। सीमा, जो पाकिस्तान की नागरिक थीं, ने नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया और एक भारतीय नागरिक सचिन मीणा से शादी की। हालांकि सीमा ने दावा किया कि उन्होंने हिंदू धर्म अपना लिया और भारत में रहना चाहती हैं, लेकिन उनके अवैध प्रवेश और पाकिस्तानी पृष्ठभूमि ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया। ऐसे मामलों में, यह सवाल उठता है कि क्या ऐसी शादियां केवल व्यक्तिगत प्रेम कहानियां हैं, या इनके पीछे कोई सुनियोजित साजिश हो सकती है?

कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि ऐसी शादियां भारत में “स्लीपर सेल” बनाने का हिस्सा हो सकती हैं। हालांकि ये दावे पूरी तरह सत्यापित नहीं हैं, लेकिन यह सच है कि भारत की उदार नागरिकता नीतियों का दुरुपयोग संभव है। विशेष रूप से, पाकिस्तान जैसे देश के साथ, जहां आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं, ऐसी शादियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।

भारत का नागरिकता कानून इस तरह के मामलों को संबोधित करने में अपर्याप्त प्रतीत होता है। नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत, यदि कोई भारतीय नागरिक किसी विदेशी से शादी करता है, तो उनकी नागरिकता स्वतः रद्द नहीं होती। हालांकि, यदि कोई भारतीय नागरिक किसी अन्य देश की नागरिकता स्वीकार करता है, तो उनकी भारतीय नागरिकता समाप्त हो जाती है। समस्या तब उत्पन्न होती है जब ऐसी महिलाएं पाकिस्तान की नागरिकता के लिए आवेदन नहीं करतीं और भारत की नागरिकता बनाए रखती हैं।

पाकिस्तान में भी नागरिकता कानून पक्षपाती हैं। वहां, यदि कोई पुरुष विदेशी महिला से शादी करता है, तो उस महिला को पाकिस्तानी नागरिकता मिल सकती है, लेकिन यदि कोई पाकिस्तानी महिला विदेशी पुरुष से शादी करती है, तो उसके पति को नागरिकता नहीं मिलती। यह असमानता भारतीय महिलाओं को भारत की नागरिकता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करती है, क्योंकि उनके पति को पाकिस्तानी नागरिकता मिलने की संभावना कम होती है।

इसके अलावा, भारत में लंबे समय तक रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को नागरिकता देने की प्रक्रिया भी जटिल है। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 के तहत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी जा सकती है, लेकिन यह प्रावधान मुस्लिम प्रवासियों पर लागू नहीं होता। इससे उन मामलों में भेदभाव का आरोप लगता है, जहां पाकिस्तानी मुस्लिम पुरुष भारतीय महिलाओं से शादी करते हैं।

ऐसी शादियां भारत की जनसांख्यिकी को प्रभावित कर सकती हैं। यदि पाकिस्तानी नागरिक भारत में बसने लगते हैं, तो यह दीर्घकालिक रूप से भारत की सामाजिक और राजनीतिक संरचना को बदल सकता है। कुछ लोग इसे “सांस्कृतिक जिहाद” या “लव जिहाद” के रूप में भी देखते हैं, हालांकि ये शब्द विवादास्पद हैं और इन्हें सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए।

इस गंभीर मुद्दे से निपटने के लिए भारत को अपनी नीतियों और कानूनों में सुधार करना होगा। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि कोई भारतीय नागरिक पाकिस्तान जैसे संवेदनशील देश के नागरिक से शादी करता है, तो उनकी नागरिकता की समीक्षा की जाएगी। शादी के बाद एक निश्चित अवधि के भीतर विदेशी नागरिकता स्वीकार न करने पर भारतीय नागरिकता रद्द करने का प्रावधान हो सकता है। ऐसी शादियों और संबंधित व्यक्तियों की गतिविधियों पर खुफिया एजेंसियों को कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। विशेष रूप से, सीमा क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों में रहने वाले लोगों की जांच होनी चाहिए।

सामाजिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए, ताकि लोग ऐसी शादियों के संभावित खतरों को समझ सकें। यह विशेष रूप से उन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है, जो पाकिस्तान की सीमा से सटे हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच नागरिकता और विवाह से संबंधित मुद्दों पर स्पष्ट द्विपक्षीय समझौते होने चाहिए। इससे दोनों देशों के नागरिकों की स्थिति स्पष्ट होगी और दुरुपयोग की संभावना कम होगी। अवैध प्रवेश या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। सीमा हैदर जैसे मामलों में त्वरित और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

शादी पाकिस्तान में और नागरिकता भारत की रखने का मुद्दा केवल व्यक्तिगत पसंद का मामला नहीं है; यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। हालांकि हर मामला साजिश का हिस्सा नहीं हो सकता, लेकिन इसकी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भारत को अपनी नागरिकता नीतियों को और सख्त करना होगा, ताकि इस तरह के दुरुपयोग को रोका जा सके। साथ ही, सामाजिक जागरूकता और खुफिया निगरानी को बढ़ाकर इस मुद्दे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। यह मुद्दा न केवल भारत की सरकार, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए एक चेतावनी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी उदारता और सहिष्णुता का दुरुपयोग न हो, और हमारा देश सुरक्षित और एकजुट रहे। इस दिशा में त्वरित और प्रभावी कदम उठाना समय की मांग है। (विनायक फीचर्स)

कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले को कवर करेगा सुप्रीम कोर्ट

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मुंबई (अनिल बेदाग) : भारत के बेहतरीन और सबसे विश्वसनीय वकीलों में से एक सना रईस खान ने अपने गहन ज्ञान और जुनून के साथ एनडीटीवी के हाल ही में लॉन्च किए गए कानूनी शो ‘रूल ऑफ लॉ विद सना रईस खान’ को काफी सफल बनाने में कामयाबी हासिल की। सना रईस खान ने अपने अनुभव, ज्ञान और अंतर्दृष्टि के माध्यम से अब तक आम आदमी को देश की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ नागरिकों के रूप में उनके अधिकारों के बारे में सफलतापूर्वक शिक्षित किया है। शो में सना की भागीदारी के साथ-साथ सामग्री की विशिष्टता जो शो को पेश करनी है, उसे पहले ही सभी से बहुत सराहना मिल चुकी है और अब, हमारे पास आगामी एपिसोड का विवरण आ रहा है।
‘रूल ऑफ लॉ विद सना रईस खान’ के आगामी एपिसोड में हम उन्हें कुछ दिन पहले पूरे देश को हिला देने वाले दुखद पहलगाम आतंकवादी हमले को कवर करते हुए देखेंगे। सना घटना की गहराई में जाने के लिए पूरी तरह तैयार है और सभी को यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) की अवधारणा को समझने में मदद करेगी जो आतंकवादी गतिविधि की इस घटना को नियंत्रित करता है। उसी के बारे में सना ने कहा कि यह देखना बेहद निराशाजनक है कि पहलगाम में क्या हुआ। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं और दिवंगत आत्माओं को शांति मिले।
यूएपीए पर ज्ञान के प्रति बहुत जिज्ञासा और खोज है, विशेष रूप से इस दुखद घटना के बाद और इसलिए आगामी एपिसोड में मैं दर्शकों के लिए इसे आसानी से समझने योग्य बनाने के लिए इसके हर हिस्से को डिकोड कर रही हूं। इस भयावह घटना के बाद प्रभावित हुए प्रत्येक व्यक्ति के लिए मेरी प्रार्थनाएँ हैं। भगवान हम सभी की देखभाल करें।”कश्मीर के पहलगाम आतंकवादी हमले को कवर करने वाले सना रईस खान के एनडीटीवी शो ‘रूल ऑफ लॉ’ का नवीनतम एपिसोड 26 अप्रैल, 2025 (शनिवार) को रात 8:27 बजे प्रसारित होगा।

Chhattisgarh:राज्य के हर ब्लॉक में बनेंगे गोधाम

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Gaudham In Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में गोठानों को बंद कर गोवंश संरक्षण के लिए सरकार की नई योजना शुरू हो रही है.गायों की देखरेख सुव्यवस्थित करने के लिए हर ब्लॉक में बनेंगे गोधाम बनेंगे. शनिवार को बलौदाबाजार में इसके लिए एक बैठक भी हुई. ये बैठक छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल ने ली. उन्होंने इस बार में विस्तार से पूरी जानकारी दी.

200 गायों के रखने की होगी व्यवस्था

अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल ने कहा है कि गोठान योजना के स्थान पर अब राज्य सरकार “गौधाम योजना” शुरू करने जा रही है. इस योजना के तहत प्रत्येक विकासखंड में 10-10 स्थानों पर गोधाम बनाए जाएंगे,जहां दो-दो सौ गायों को रखने की व्यवस्था होगी. उन्होंने बलौदाबाजार प्रवास के दौरान ग्राम लटुवा में गौ ग्राम जनजागरण यात्रा में शामिल हुए और इसके बाद जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक और यज्ञशाला में खुले मंच को संबोधित किया .

घटती संख्या चिंता का विषय

उन्होंने कहा कि गौवंश की घटती संख्या चिंता का विषय है. गौ को भारतीय संस्कृति में माता का दर्जा प्राप्त है और उसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा. पटेल ने कहा कि गौवंश को “चलता फिरता रसायन शास्त्र” कहा जा सकता है. क्योंकि गोबर और गोमूत्र में औषधीय गुण होते हैं जो कई गंभीर बीमारियों के उपचार में सहायक हैं. बैठक में उन्होंने निराश्रित गोवंश के सर्वे, उनकी संख्या संकलन और बारिश के मौसम में सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए. साथ ही उन्होंने पुलिस विभाग को अवैध रूप से गोवंश के परिवहन पर कड़ी निगरानी और संबंधितों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए.