Home Blog Page 319

रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां की जमीन हड़पने के मामले में गिरफ्तारी संभव

0

रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां की जमीन हड़पने के मामले में हो सकती है गिरफ्तारी, हाईकोर्ट में याचिका खारिज

राजस्थान हाईकोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा के खिलाफ जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में याचिका खारिज कर दी है। दोनों को ईडी की जांच में सहयोग करने को कहा है। साथ ही दो हफ्ते तक गिरफ्तारी से राहत दी गई है।

राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह की बेंच ने साफ कहा है कि रॉबर्ट और उनकी मां को इस मामले में ईडी की जांच में सहयोग करना होगा। दो हफ्ते में अपील की मोहलत दी गई है। तब तक गिरफ्तारी पर रोक कायम रहेगी। मामला बीकानेर में सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त में हुई धोखाधड़ी से जुड़ा है। इस मामले में रॉबर्ट और उनकी मां मौरीन की गिरफ्तारी पर पहले भी रोक लगा रखी थी।

बीकानेर के कोलायत में जमीन की खरीद-फरोख्त के मामले में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा की कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी के खिलाफ फर्जीवाड़ा होने के आरोप होने के चलते ईडी ने कार्यवाही शुरू की थी। 2018 में हाईकोर्ट में वाड्रा ने याचिका लगाकर ईडी की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी। इस मामले में 80 से अधिक सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने ईडी की करवाई पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। इसके बाद ईडी किसी भी समय रॉबर्ट वाड्रा को पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर सकती है।

क्या है मामला
यह मामला 2018 में बीकानेर के कोलायत में सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने कोलायत में सरकारी जमीन फर्जीवाड़े के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद सीबीआई ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली। सरकारी जमीन के फर्जीवाड़े को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक ईसीआर दर्ज की थी। स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी एलएलपी कंपनी के साझेदारों के खिलाफ ईडी ने साक्ष्य एकत्रित किए हैं। ईडी ने रॉबर्ट और उनकी मां मौरीन की गिरफ्तारी के लिए भी याचिका लगाई थी, जिस पर कोर्ट ने रोक लगा रखी है। बीकानेर के कोलायत क्षेत्र स्थित जमीन खसरा नंबर 711/499 , 710/499 की 120 बीघा जमीन की अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में खरीद कर वर्ष 2010 में रजिस्ट्री करवाई गई। इसके लिए रॉबर्ट वाड्रा और मां मौरीन वाड्रा ने एक चेक दिया था। इस चेक द्वारा बिचौलिए महेश नागर ने अपने ड्राइवर के नाम जमीन खरीदकर पूरे घोटाले को अंजाम दिया था। मामले में 2014 में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें 12.65 हैक्टेयर सरकारी जमीन के लिए सरकारी कर्मचारी व अधिकारी व भू-माफिया से सांठगांठ कर दस्तावेज बनाकर खरीद-फरोख्त कर सरकारी जमीन हड़पने के मामले में कोलायत के तत्कालीन थानाधिकारी बूटा सिंह ने धारा 420, 467, 468, 471, 120B में मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश की हैं।

उत्तराखंड की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष ने की गंगा आरती

0

उत्तराखंड की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष ने अस्सी घाट पर उतारी मां गंगा की आरती

उत्तराखंड की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी बुधवार को वाराणसी पहुंचीं।  अस्सी घाट पर नमामि गंगे टीम के साथ मां गंगा की आरती उतारी, फिर श्रमदान करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता संदेश को आगे बढ़ाया।

गंगा महज नदी नहीं, बल्कि राष्ट्र की जीवनधारा है। नदियां संस्कृति की संरक्षक और संवाहक भी हैं। हमें मिलकर नदियों का संरक्षण करना है।  यह कहना है उत्तराखंड की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी का। वह बुधवार को वाराणसी आईं और स्वच्छता का संदेश भी दिया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी बुधवार को अस्सी घाट पहुंची। सबसे पहले नमामि गंगे टीम के साथ मां गंगा की आरती उतारी, फिर श्रमदान करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता संदेश को आगे बढ़ाया। साथ ही आम जनता से स्वच्छता बनाए रखने की अपील भी की। विधानसभा अध्यक्ष ने अस्सी घाट से भव्य-दिव्य गंगा द्वार तक घाटों की आभा को निहारा। नौका विहार कर काशी के चौरासी घाटों की महिमा की जानकारी ली। इसी दौरान नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा के प्रति हमारे जो सरोकार हैं, उसे समझना होगा। इसे ईमानदारी से निभाना भी पड़ेगा। इस मौके पर शिवदत्त द्विवेदी, बीना गुप्ता, सारिका गुप्ता, सीमा चौधरी मौजूद रहीं।

 

कोरोना मामलों की जीनोम सीक्वेंसिंग फिर से शुरू 

0

कोरोना के पॉजिटिव मामलों की जीनोम सीक्वेंसिंग फिर से शुरू । केंद्र सरकार के आदेश के बाद दिल्ली सरकार के लोकनायक और आईएलबीएस अस्पताल में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पाजिटिव सैंपलों को जुटाया जा रहा

चीन समेत कुछ देशों में एक बार फिर सिर उठा रहे कोरोना को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसके बाद मंडाविया ने कहा कि कोरोना अभी गया नहीं है। सभी संबंधित पक्षों को इसे लेकर सतर्क व सावधान रहना है। उधर, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि कोरोना टीकों की तीसरी या ऐहतियाती खुराक अनिवार्य है। इसे सभी को लेना चाहिए।
बैठक के बाद मंडाविया ने ट्वीट कर कहा, ‘कुछ देशों में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए हमने विशेषज्ञों व अधिकारियों के साथ देश में हालात की समीक्षा की। कोविड अभी गया नहीं है। सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और निगरानी को मजबूत करें। हम किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार हैं
दिल्ली में जीनोम सीक्वेंसिंग शुरू
इस बीच, कोरोना के पॉजिटिव मामलों की जीनोम सीक्वेंसिंग फिर से शुरू की गई है। केंद्र सरकार के आदेश के बाद दिल्ली सरकार के लोकनायक और आईएलबीएस अस्पताल में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पाजिटिव सैंपलों को जुटाया जा रहा है। लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ सुरेश कुमार ने बताया कि पॉजिटिव सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग की दैनिक आधार पर जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी। इससे पता चल पाएगा की कोरोना का कोई नया वैरिएंट तो नहीं पनप रहा है। गौरतलब है कि जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील, चीन और अमेरिका में कोरोना के नए मामले चिंताजनक तरीके से बढ़ रहे हैं।
आईजीआई एयरपोर्ट पर होगी रेंडम जांच
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बार फिर से रेंडम जांच की जाएगी। सूत्रों की माने तो कोरोना प्रभावित देशों से आ रहे लोगों की अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि किसी भी यात्री में कोई लक्षण तो नहीं। यदि किसी में लक्षण पाए जाते हैं तो उसे क्वारंटाइन कर दिया जाएगा।
देश में हालात अभी नियंत्रण में 
पिछले कुछ दिनों के कोरोना आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पिछले हफ्ते संक्रमण के चलते भारत में 12 मौतें दर्ज की गई हैं। पिछले तीन दिनों से एक भी मौत का मामला सामने नहीं आया है। मार्च 2020 के बाद दैनिक मृत्यु के मामले में यह सबसे कम है। कोरोना के मामलों की बात करें तो पिछले सप्ताह कोरोना के 1103 नए मामले दर्ज किए गए है।
चीन में ओमिक्रॉन के बीएफ.7 का कहर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि चीन में फिलहाल बढ़े मामलों के लिए ओमिक्रॉन BF.7 सब-वैरिएंट जिम्मेदार है। वहां अगले तीन माह में तीन कोरोना लहरें आने का खतरा है। इससे 80 करोड़ लोग संक्रमित हो सकते हैं और 10 लाख से ज्यादा मौतों की आशंका जताई गई है।

गुजरात में मिला था पहला केस
इस वैरिएंट का खतरा भारत में भी हो सकता है। अक्तूबर में गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर ने देश में इस वैरिएंट के कारण संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि की थी। भारत के अलावा कई यूरोपीय देशों में भी इस वैरिएंट के कारण संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है।
INSACOG डेटा से पता चलता है कि दुनियाभर में पाए गए ओमिक्रॉन के लगभग सभी सब-वेरिएंट भारत देखे जा चुके हैं। फिलहाल हम स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि भारत में स्थिति नियंत्रण में है।

भारत में जोखिम कम : डॉ. अरोड़ा
भारत में कोरोना के जोखिम के बारे में टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के चेयरमैन डॉ एन के अरोड़ा कहते हैं, चीन में व्यापक रूप से कोविड संक्रमण की खबरें हैं। जहां तक भारत में इसके खतरे की बात है तो यहां बड़े पैमाने पर लोगों का टीकाकरण हो चुका है, जिससे संक्रमण का जोखिम काफी कम है।

भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने गौ तस्करों से बचाया गाय ट्वीट कर कहा कि बंगाल में ‘गौ तस्करी जोरों पर है

0

चीन में कोरोना का कहर , लाशें रखने के लिए जगह भी नहीं

कोलकाता: भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने मंगलवार को दावा किया कि उन्होंने सीमा पार मवेशियों की तस्करी के प्रयास को विफल कर दिया है और नौ मवेशियों को छुड़ाया है. पॉल ने एक ट्वीट में दावा किया कि उन्होंने आसनसोल से कोलकाता जाते समय राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर गायों से लदे एक ट्रक को रोका था। उन्होंने अपने ट्वीट में आरोप लगाया, “गायों से लदे एक ट्रक को रोका, कागजात मांगे, लेकिन कुछ नहीं मिला…गौ तस्करी जोरों पर है।” “तस्करी” की अनुमति देने के लिए रिश्वत दी गई थी।

पॉल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी ने आश्चर्य जताया कि क्या पहली बार भाजपा विधायक बने गौरक्षकों का काम संभाल लिया है। टीएमसी प्रवक्ता ने कहा, “गायों को राज्य के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में मैटाडोर और ट्रक जैसे वाहनों में ले जाया जाता है। इसमें कोई नई बात नहीं है। भाजपा विधायक द्वारा मवेशी तस्करी का एंगल खोजने की कोशिश करना और कुछ नहीं बल्कि मामले का राजनीतिकरण करने का प्रयास है।” कुणाल घोष ने कहा।

यह भी पढ़ें: इस तारीख को पीएम मोदी से फिर मिल सकती हैं ममता बनर्जी, कोलकाता में ‘मेगा’ मीटिंग को लेकर अटकलें

बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए पॉल ने कहा कि जब उन्होंने ट्रक को पकड़ा तो चालकों ने स्वीकार किया कि मवेशियों को भारत-बांग्लादेश सीमा पर ले जाया जा रहा था।

“जब मैंने गायों से भरे ट्रक को पकड़ा, तो ड्राइवरों ने स्वीकार किया कि वे इसे तस्करी के लिए सीमा पर ले जा रहे थे। हमने ट्रक और ड्राइवर को पुलिस को सौंप दिया है। मुझे उम्मीद है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह घटना। यह साबित करता है कि पुलिस द्वारा इसे रोकने के लिए कोई प्रयास किए बिना राज्य में मवेशियों की तस्करी जारी है।”

इस साल की शुरुआत में, सीबीआई और ईडी ने टीएमसी नेता अनुब्रत मोंडल को गाय की तस्करी में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया, जिससे राज्य में मवेशी तस्करी के आरोपों पर राजनीतिक सुर्खियों में आ गया। टीएमसी ने भ्रष्टाचार के आरोपों को करार दिया है।

चीन में कोरोना का कहर , लाशें रखने के लिए जगह भी नहीं

0

चीन में कोरोना का कहर: लाशें रखने के लिए जगह भी नहीं, अस्पतालों में बेड और दवाओं की कमी

चीन में एक बार फिर से कोरोना ने कहर ढाना शुरू कर दिया है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या में  85 से 95 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। आलम ये है कि अस्पतालों में बेड की कमी हो गई है। मरीजों को फर्श पर लेटाकर उनका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ की भी कमी हो गई है। दवा और ऑक्सीजन का संकट भी गहराने लगा है।

हर रोज सैकड़ों लोग दम तोड़ रहे हैं। इतनी मौतें हो चुकी हैं कि अस्पतालों में अब लाश रखने की जगह भी नहीं बची है। रूम से लेकर अस्पताल के बाहर तक लाशों को रखा जा रहा है। कब्रिस्तानों में अंतिम संस्कार के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रहीं हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि अगले दो से तीन महीने के अंदर चीन के 80 करोड़ लोग कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं.

सड़कों पर सन्नाटा
कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते चीन की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया है। स्वस्थ्य लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं और बीमार लोग अस्पतालों में मौत से जूझ रहे हैं। इसके पहले चीन की सरकार ने कोरोना के रोकथाम के लिए लॉकडाउन भी लगाया था। हालांकि, शंघाई के रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर लोगों की भारी भीड़ जरूर देखने को मिलती है। लोग यहां से दूसरे शहरों की ओर जा रहे हैं। शंघाई में कोरोना सबसे तेजी से बढ़ा है।
जांच केंद्रों पर लोगों की भारी भीड़ 
कोरोना जांच केंद्रों पर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लग रहीं हैं। एनबीआर की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस साल ठंड में चीन के आठ करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो सकते है। रिपोर्ट में कहा गया है कि संक्रमण के बढ़ने की रफ्तार सबसे तेज होगी।
अस्पतालों में बेड, दवाओं का संकट
अस्पतालों में मरीजों की संख्या में हुए इजाफे की वजह से बेड और दवाइयों की कमी होने लगी है। अभी चीन में एक लाख लोगों के बीच केवल 10 आईसीयू बेड की व्यवस्था है। ऐसे में संक्रमितों की लगातार बढ़ती संख्या और बेड की कमी के चलते मरीजों को फर्श पर लिटाया जा रहा है।
लाश रखने की जगह भी नहीं, कब्रिस्तानों में वेटिंग लिस्ट
हर रोज सैकड़ों लोग दम तोड़ रहे हैं। कोविड प्रोटोकॉल के हिसाब से अस्पतालों में लाशों को रखने के लिए जगह भी कम पड़ गई है। वहीं, कब्रिस्तानों में भी अंतिम संस्कार के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन कोरोना के आंकड़ों को लगातार छिपा रहा है। नवंबर मध्य तक 11 मौतों की आधिकारिक सूचना दी गई है, जबकि रोज 10,000 से ज्यादा संक्रमित मिल रहे थे। उधर, अंत्येष्टि स्थलों और अस्पतालों के वीडियो कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि चीन के अस्पताल कोरोना मरीजों से भरे पड़े हैं और अंत्येष्टि के लिए कतारें लग रही हैं। शव घरों (mortuaries) के कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती करानी पड़ी है, क्योंकि कोविड से मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
स्कूल बंद हुए, व्यवसायिक क्षेत्र पर भी असर
चीन के कई शहरों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। व्यवसायिक क्षेत्र पर भी संक्रमण का असर देखने को मिला है। इन केंद्रों पर कामगारों की एक साथ ज्यादा भीड़ न जुटे, इसके लिए व्यवस्था की जा रही है।
60 प्रतिशत से ज्यादा लोग चपेट में आएंगे
जियाओफेंग लियांग सीडीसी चीन के निदेशक हैं। उन्होंने एक पब्लिक स्टेटमेंट जारी कर बताया है कि चीन में इस लहर के दौरान 60 प्रतिशत से ज्यादा लोग चपेट में आ सकते हैं। दस लाख से ज्यादा लोगों की मौत भी हो सकती है। महामारी विशेषज्ञ एरिक फेगल-डिंग ने भी कई वीडियो शेयर किए हैं। उन्होंने कहा है कि चीन में कोरोना की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। देशभर में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। डिंग अमेरिकी सार्वजनिक स्वास्थ्य वैज्ञानिक हैं। वे वर्तमान में न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स सिस्टम्स इंस्टीट्यूट में कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख हैं।
दुनिया के 10 प्रतिशत से ज्यादा लोग अगले 90 दिनों में संक्रमित होंगे
सीडीसी चीन के निदेशक जियाओफेंग लियांग ने दावा किया है कि अगले 90 दिन के अंदर पूरी दुनिया में कोरोना का कहर देखने को मिलेगा। दुनिया के 10 प्रतिशत से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। महामारी विशेषज्ञ बेन काउलिंग भी इस दावे से सहमत हैं। काउलिंग हॉन्गकॉन्ग विश्वविद्यालय से हैं। वे कहते हैं, ‘दुर्भाग्य से कोरोना के मामलों में बहुत तेजी से उछाल आने वाला है। यह सबसे बुरी बात है। अगर संक्रमण फैलने की रफ्तार धीमी होती तो चीन के पास इससे निपटने के लिए तैयारी करने का समय होता। यह चीन के सभी शहरों में तेजी से फैल रहा है।’ काउलिंग के अनुसार, चीन में कोरोना की अब तक की सबसे तेज रफ्तार है।
अमेरिका से भी बुरी हो सकती है हालत
कोरोना की रफ्तार समझने के लिए विशेषज्ञों ने एक मैथमेटिकल मॉडल का सहारा लिया है। इसके अनुसार, अभी औसतन हर 100 में दो से तीन लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। ये आंकड़ा बढ़कर 16 से ज्यादा हो सकता है। अमेरिका में जब ओमिक्रॉन की लहर आई थी, तब हर 100 में 10 से 11 लोग संक्रमित हो रहे थे। मतलब अमेरिका से भी बुरी हालत अब चीन की हो सकती है। अगले तीन महीने के अंदर चीन में 80 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित हो सकते हैं।
वैक्सीन का क्या फायदा?
महामारी विशेषज्ञ बेन काउलिंग के अनुसार, चीन में 18 साल से अधिक आयु के लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को चीनी टीके के दो डोज लगाए जा चुके हैं, लेकिन यह संक्रमण से बचाने में सफल नहीं होगा। यह कोरोना के गंभीर बीमारी और मौत का रिस्क कम कर सकता है, लेकिन संक्रमण से नहीं बचा सकता है। अभी भी 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना का टीका नहीं लगाया गया है। ये सबसे ज्यााद हाई रिस्क जोन में हैं।

नक्सली कर रहे लड़कियों की भर्ती

0

नक्सली कर रहे लड़कियों की भर्ती, एक्शन में सुरक्षा एजेंसी

एनआईए ने बयान जारी कर बताया कि सोमवार को आंध्र के विजयवाड़ा स्थित विशेष कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। यह केस विशाखापत्तनम पुलिस ने इस साल के आरंभ में दायर किया था। इसके बाद जांच एनआईए को सौंपने पर दोबारा केस दायर किया गया।

आंध्र प्रदेश में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी (CPI Maoist) में लड़कियों की भर्ती का मामला सामने आया है। इस केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पांच लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। इसमें संगठन पर आरोप लगाया गया है कि वह युवा लड़कियों की भर्ती कर उन्हें कट्टरपंथी बना रहा है।

एनआईए ने बयान जारी कर बताया कि सोमवार को आंध्र के विजयवाड़ा स्थित विशेष कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। यह केस विशाखापत्तनम पुलिस ने इस साल के आरंभ में दायर किया था। इसके बाद जांच एनआईए को सौंपने पर दोबारा केस दायर किया गया।

आरोप पत्र में राधा नामक लड़की को भाकपा माओवादी के कैडर के रूप में भर्ती किए जाने का जिक्र है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी डोंगरी देवेंद्र, दुबासी स्वप्ना और चुक्का शिल्पा ने राधा को चैतन्य महिला संघ (सीएमएस) में शामिल होने के लिए प्रेरित किया और बाद में उसे कट्टरपंथी बनाकर भाकपा (माओवादी) के नेतृत्व में प्रतिबंधित संगठन में भर्ती करा दिया।

एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि भूमिगत माओवादियों, आरके (अब मृतक) उदय, अरुणा आदि इस संगठन के नेता थे। जांच में पाया गया कि आरोपी देवेंद्र राधा को इलाज के बहाने जंगल में ले गया था। वहां उदय और अरुणा ने उसे प्रतिबंधित संगठन में शामिल होने के लिए मजबूर किया। एनआईए का कहना है कि आरोपियों ने कुछ अन्य लड़कियों व अन्य को भी इस प्रतिबंधित संगठन में भर्ती किया।

प्रवक्ता ने कहा कि देवेंद्र ने सामाजिक कार्य के नाम पर भोलीभाली लड़कियों को सीएमएस की ओर आकर्षित किया था। मामले में किसी बड़ी साजिश की आशंका को देखते हुए सीएमएस और संगठन के अन्य नेताओं की भूमिका की जांच की जा रही है।

उत्तराखंड में ठंडक, बर्फबारी का इंतजार

0

उत्तराखंड में ठंडक, बर्फबारी का इंतजार

उत्तराखंड के मौसम में ठंडक लगातार बढ़ रही है। पहाड़ से लेकर मैदान तक ठिठुरन है। कहीं धुंध तो कहीं पाला परेशानी बढ़ा रहा है। मंगलवार सुबह भी मौसम का मिजाज बिगड़ा दिखाई दिया।
सुबह कई जगहों पर कोहरे की चादर दिखाई दी। जिससे ठिठुरन महसूस हुई। ऐसे में लोग पहले की अपेक्षा अधिक गर्म पकड़े पहनकर घरों से बाहर निकले। उधर, मसूरी के कंपनी गार्डन में पाला जमने से जमीन सफेद हो गई है।

वहीं, बर्फबारी का इंतजार भी अब खत्म होने वाला है। मौसम विभाग ने मसूरी के साथ हीधनोल्टी, औली, हर्षिल समेत उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 27 दिसंबर के बाद बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई है।प्रदेश में भले ही कई दिनों से बारिश और बर्फबारी न हुई हो लेकिन तापमान में तेजी से गिरावट आ रही है। पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड के चलते पाला मुसीबत बढ़ा रहा है तो मैदान में कोहरा परेशानी खड़ा कर रहा है।

नीती घाटी में इन दिनों कड़ाके की ठंड के चलते यहां बहने वाले सभी नदी और नाले पूरी तहर से जम चुके हैं। घाटी में रात को तापमान माइनस 15 डिग्री तक पहुंच रहा है।उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी से सुरक्षा एजेंसियों की चुनौतियां बढ़ गई हैं। यहां तापमान शून्य डिग्री से नीचे पहुंच गया है। इन हालातों में भी हिमवीर चीन सीमा पर जुटे हैं। वे बर्फ पिघलाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि प्रदेश में अभी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ है। यही कारण है कि हर साल दिसंबर में जो मौसम रहता है, वह इस बार देखने को नहीं मिल रहा है। लेकिन जल्द ही मौसम बदलने की संभावना है।

छेडा नगर जंक्शन फ्लाईओवर का निर्माण महत्वपूर्ण चरण में

0

छेडा नगर जंक्शन फ्लाईओवर का निर्माण महत्वपूर्ण चरण में
छेडा नगर जंक्शन फ्लाईओवर नं 2 में सेंट्रल ऑब्लिगेटरी स्पैन का पहला भाग सफलतापूर्वक लांच

मुंबई-ठाणे। सेंट्रल ऑब्लिगेटरी स्पैन का पहला भाग फ्लाईओवर नं. 2 छेडानगर जंक्शन फ्लाईओवर के मानखुर्द-ठाणे दिशा में सफलतापूर्वक लांच किया गया। सेंट्रल ऑब्लिगेटरी स्पैन काफी महत्वपूर्ण और कठिन है क्योंकि यह काफी घुमावदार आकार में है। इस स्पैन का निर्माण ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर मौजूदा फ्लाईओवर के ऊपर लेवल 2 पर किया जा रहा है।
इस 202 मीटर सेंट्रल ऑब्लिगेटरी स्पैन को छह भागों में विभाजित किया गया है और इसका निर्माण स्ट्रक्चरल स्टील के साथ किया जा रहा है। इस गर्डर का कुल वजन लगभग 890 मीट्रिक टन है। ज्ञात हो कि लांच किया गया स्पैन 6 में से एक स्पैन है। यह स्पैन तीन गर्डर्स का संयोजन है जो 31 मीटर लंबा और दो मीटर प्रत्येक ऊंचाई का है जिसका कि वजन लगभग 110 मीट्रिक टन है।
महानगर एमएमआरडीए के आयुक्त व एस वी आर श्रीनिवास (आईएएस) ने इस संदर्भ में बताया कि छेड़ा नगर जंक्शन सुधार परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर है। हैदराबाद में निर्मित सभी गर्डर्स साइट पर पहले ही आ चुके हैं, अब उन्हें इकट्ठा किया जा रहा है। शेष बचे हुए हिस्सों को अगले 20 दिनों के भीतर लांच करने की योजना बनाई गई है।

 

कर्नाटक विधानसभा में सावरकर की तस्वीर लगाने पर हंगामा

0

कर्नाटक विधानसभा में सावरकर की तस्वीर लगाने पर हंगामा, धरने पर बैठे कांग्रेस नेता

कर्नाटक विधानसभा के हॉल में वीर सावरकर की तस्वीर लगाने पर बवाल पैदा हो गया है। इसके खिलाफ विपक्ष के नेता सिद्धारमैया व अन्य नेताओं ने विधानसभा के बाहर धरना देकर विरोध प्रकट किया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष ‘भाजपा’ चाहता है कि सदन की कार्यवाही नहीं चले, इसलिए वह खुद व्यवधान डालना चाहता है। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक डीके शिवकुमार ने कहा कि हम सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मामले उठाना चाहते थे, इसलिए वे ये तस्वीर लेकर आ गए और विवाद खड़ा कर दिया। उनका विकास का कोई एजेंडा नहीं है।

वाल्मीकि, आंबेडकर व पटेल की भी तस्वीरें लगाएं
कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने स्पीकर को पत्र लिखकर मांग की कि सदन में वाल्मीकि, बासवन्ना, कनक दास, बी. आर. आंबेडकर, सरदार वल्लभ भाई पटेल व अन्य नेताओं की भी तस्वीरें लगाई जाएं।

सिद्धारमैया ने यह भी कहा कि वे यह हमारा विरोध नहीं, बल्कि मांग है कि अन्य समाज सुधारकों की तस्वीरें भी विधानसभा हॉल में लगाई जाएं। स्पीकर ने मनमाने ढंग से सिर्फ सावरकर की तस्वीर लगाई है। उन्होंने कहा, ‘मैं किसी की तस्वीर लगाने के खिलाफ नहीं हूं। राज्य सरकार लोगों का कानून व्यवस्था समेत तमाम असल मुद्दों की ओर से ध्यान हटाने के लिए ऐसे कदम उठाती है।’

सावरकर विवादित शख्सियत : सिद्धारमैया
इसके पहले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सावरकर को विवादित शख्सियत बताया था। उनका कहना था कि इस तस्वीर के अनावरण को लेकर मुझे कोई न्योता नहीं दिया गया। ये बीजेपी का एजेंडा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सावरकर महात्मा गांधी की हत्या में शामिल थे। वे एक विवादित शख्सियत हैं।
यह कोई पहला मौका नहीं है, जब देश में वीर सावरकर को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी कई बार उन्हें लेकर देश में विवाद खड़े हो चुके हैं। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि देश में एक ओर वीर सावरकर हैं और दूसरी ओर महात्मा गांधी के विचारों की लड़ाई है।

सीमा विवाद को लेकर विरोध प्रदर्शन, धारा 144 लागू
इस बीच, महाराष्ट्र एकीकरण समिति और राकांपा के सदस्यों ने अंतरराज्यीय सीमा विवाद को लेकर आज कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा के पास कोग्नोली टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद इलाके में धारा 144 लगा दी गई है। पुलिस का कहना है कि सीमा मुद्दे को लेकर पहले से ही वह अलर्ट है।

 

फ्रांस को हराकर अर्जेंटीना ने जीता फीफा विश्व कप

0

अर्जेंटीना ने जीता फीफा विश्व कप, फ्रांस से लिया 2018 का बदला

अर्जेंटीना की टीम फीफा विश्व कप 2022 की चैंपियन बन गई है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले चर्चाओं का बाजार गर्म था कि इस बार यूरोपियन दबदबा टूटेगा या नहीं। पिछले 16 सालों से यूरोपीय देशों ने फीफा विश्व कप पर अपना एकाधिकार जमा रखा था। 2002 में अंतिम बार यूरोप से बाहर दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील विश्व चैंपियन बना था और 2006 विश्व कप तक चैंपियन रहा था। 2006 से लेकर 2022 तक यूरोपीय देश ही फीफा विश्व कप चैंपियन रही।

तब से यूरोपीय देशों ने हर विश्व कप में खिताब के प्रबल दावेदार बनने के बावजूद ब्राजील और अर्जेंटीना को फीफा विश्व ट्रॉफी से दूर रखा था। कतर में जब नेमार और लियोनल मेसी की अगुआई में ब्राजील और अर्जेंटीना अपनी दावेदारी पेश करने उतरी थी तो दोनों देशों के सामने 16 साल से चले आ रहे यूरोपियन दबदबे को तोड़ने की चुनौती थी।

ब्राजील की टीम तो क्वार्टर फाइनल में क्रोएशिया से हारकर बाहर हो गई, लेकिन मेसी ने इस उम्मीद को टूटने नहीं दिया। उन्होंने एक दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना को चैंपियन बनाकर ही दम लिया। अर्जेंटीना ने फ्रांस को हराने के साथ ही 2018 की हार का बदला ले लिया। 2018 फीफा वर्ल्ड कप के प्री क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने अर्जेंटीना को 4-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था।

दक्षिण अमेरिका से ब्राजील, अर्जेंटीना, उरुग्वे बने हैं विजेता
सर्वाधिक पांच बार (1958, 1962, 1970, 1994, 2002) के विश्व चैैंपियन ब्राजील और इस विश्व कप से पहले दो बार खिताब जीतने वाले अर्जेंटीना (1978, 1986) इस बार भी जीतने के प्रबल दावेदारों में थी। हालांकि, तेज तर्रार और आक्रामक फुटबॉल खेलने वाली अर्जेंटीना की टीम रक्षात्मक और तकनीकि फुटबॉल खेलने वाले यूरोपीय देशों से आगे निकल गई और तीसरी बार खिताब अपने नाम किया।

ब्राजील और अर्जेंटीना के अलावा उरुग्वे तीसरा दक्षिण अमेरिकी देश है, जिसने फीफा विश्व कप जीता है। फीफा विश्वकप का पहला विजेता भी उरुग्वे 1930 में बना था। 1950 में भी उसने मेजबान ब्राजील को एक लाख 45 हजार दर्शकों के बीच मरकाना स्टेडियम में 2-1 से हराकर न सिर्फ विश्व खिताब जीता बल्कि उस दौरान का सबसे बड़ा उलटफेर भी किया। हालांकि, इस बार उरुग्वे की टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी।

2002 तक यूरोप के आठ के मुकाबले नौ खिताब जीते थे दक्षिण अमेरिकी देशों ने
2002 तक यूरोप और दक्षिण अमेरिकी देशों में खिताब को लेकर कांटे की टक्कर रहा करती थी। 2002 तक हुए 17 विश्व कप में नौ खिताब दक्षिण अमेरिकी देशों ने और आठ खिताब यूरोपीय देशों ने जीते थे, लेकिन इसके बाद बाजी पलट गई है। 2022 से पहले तक 12 बार यूरोपीय देश विश्व चैंपियन बन चुके हैं, जबकि दक्षिण अमेरिकी देश नौ फीफा ट्रॉफी पर ही लटके हुए थे। अब लियोनल मेसी और अर्जेंटीना ने दक्षिण अमेरिकी देशों को 10वीं बार खिताब दिलाया है।

2002 के बाद से हुए पांच विश्व कप में सिर्फ दूसरी बार दक्षिण अमेरिकी टीम फाइनल में जगह बना पाई। दोनों बार फाइनल में पहुंचने वाली टीम अर्जेंटीना ही रही। 2014 में जर्मनी ने मेसी की मौजूदगी में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया था। वहीं, 2022 में अर्जेंटीना की टीम 2018 के चैंपियन फ्रांस को हराकर खिताब अपने नाम किया। 2010 में उरुग्वे और 2014 में ब्राजील सेमीफाइनल में पहुंचे थे। दोनों देश चौथे स्थान पर रहे। मेसी और अर्जेंटीना ने 2002 के बाद से फीफा विश्व कप पर यूरोपियन फुटबॉल के दबदबे को खत्म कर दिया।

फीफा विश्व कप विजेता-दक्षिण अमेरिकी देश

  • 1930: उरुग्वे

  • 1950: उरुग्वे

  • 1958: ब्राजील

  • 1962: ब्राजील

  • 1970: ब्राजील

  • 1978: अर्जेंटीना

  • 1986: अर्जेंटीना

  • 1994: ब्राजील

  • 2002: ब्राजील

  • 2022: अर्जेंटीना

  • फीफा विश्व कप विजेता-यूरोपीय देश

    • 1934: इटली

    • 1938: इटली

    • 1954: पश्चिम जर्मनी

    • 1966: इंग्लैंड

    • 1974: पश्चिम जर्मनी

    • 1982: इटली

    • 1990: जर्मनी

    • 1998: फ्रांस

    • 2006: इटली

    • 2010: स्पेन

    • 2014: जर्मनी

    • 2018: फ्रांस