भगवान श्रीराम जी की १६ कलाएं
यदि किसी भी भगवदभक्त को श्रीराम मंत्र की दीक्षा लेनी है तो इंपीरियल हेरिटेज बिल्डिंग c विंग ११ वें महले पर प्रातः ११ से १२ बजे दोपहर तक आ सकते हैं! श्री गुरुदेव भगवान ने उनके जन्मोत्सव पर होने वाली १००८ कुंडीय श्री हनुमद महायज्ञ एवं श्रीराम कथा श्री सालासर धाम,चुरू राजस्थान हेतु विशेष यजमान बनने का स्वर्णिम अवसर भी ज्ञात कराया! जिसकी तिथि है १२ से २० जनवरी २०२३ और यजमान बनने की सहयोग राशि मात्र एकतिश हजार रूपए है! आप सभी राष्ट्र प्रेमी और भगवद भक्तों का स्वागत है ।
भारत बायोटेक की कोरोना नेजल वैक्सीन के लिए कीमत हुई तय
भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन के लिए कीमत हुई तय
नाक के जरिए दी जाने वाली भारत बायोटेक की इंट्रानैसल कोरोना वैक्सीन INCOVACC की कीमत तय कर दी गई है।
नाक के जरिए दी जाने वाली भारत बायोटेक की इंट्रानेजल कोरोना वैक्सीन INCOVACC की कीमत तय कर दी गई है। भारत सरकार के अनुसार प्राइवेट अस्पतालों में इसकी एक डोज की कीमत 800 रुपये होगी। इसके अलावा पांच फीसदी जीएसटी भी देनी होगी। रिपोर्ट के अनुसार निजी अस्पतालों को एक डोज के लिए 150 रुपये का एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज लगाने की भी मंजूरी है। इस प्रकार इस वैक्सीन की एक खुराक की कीमत फिलहाल लगभग 1000 रुपये पड़ेगी। वहीं सरकारी अस्पतालों में इस वैक्सीन की कीमत 325 रुपये होगी। बता दें कि पिछले हफ्ते ही भारत बायोटेक की इंट्रानेजल वैक्सीन iNCOVACC को कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया था।
जनवरी के अंत तक होगी उपलब्ध
इंट्रानेजल वैक्सीन को पहले कोवाक्सीन (Covaxin) या कोविशील्ड (Covishield) के साथ पूरी तरह से टीका लगाए गए लोगों के लिए बूस्टर शॉट के रूप में मंजूरी मिली थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी के अंत तक ये उन लोगों के लिए उपलब्ध होगी जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ली है।
मंडाविया ने की थी घोषणा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को कहा था कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण अभियान में iNCOVACC को शामिल करने को मंजूरी दे दी है। उन्होंने यह भी कहा था कि शुरुआत में वैक्सीन निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगी और इसे CoWin ऐप में जोड़ दिया जाएगा।
इस नेजल वैक्सीन को वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार किया
भारत बॉयोटेक ने इस नेजल वैक्सीन को वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार किया है। भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एला के अनुसार, ‘इनकोवैक’ कोविड के खिलाफ कारगर है। यह कोविड-19 के खिलाफ म्यूकोसेल इम्युनिटी प्रदान करता है। डॉ. एला ने बताया कि इस टीके के जरिए हमने ऐसा कोविड प्रतिरक्षक तंत्र विकसित किया है, जो अमेरिका में भी नहीं है। यह नेजल वैक्सीन आईजीए म्यूकोसेल इम्युनिजी IgA mucosal immunity प्रदान करता है। बता दें, चीन में ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट बीएफ.7 के कारण बुरा हाल है। लाखों की संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं और हजारों मौतें हो रही हैं। ब्राजील व अमेरिका में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी की खबर है।
निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण रद्द
निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण रद्द, कोर्ट ने चुनाव का दिया आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को रद्द कर दिया है और जल्द से जल्द चुनाव कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सरकार की दलीलों को मानने से इनकार कर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने यूपी के निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर निर्णय दे दिया है। हाईकोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को रद्द करते हुए फौरन चुनाव कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सरकार की दलीलों को नहीं माना।
कोर्ट में सुनवाई चलते रहने के कारण राज्य निर्वाचन आयोग के अधिसूचना जारी करने पर रोक लगा दी गई थी। कोर्ट ने कहा है कि जब तक ट्रिपल टेस्ट न हो तब तक ओबीसी आरक्षण नहीं होगा। कोर्ट ने बिना आरक्षण के तत्काल चुनाव कराने के निर्देश दिए।
मामले में याची पक्ष ने कहा था कि निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण एक प्रकार का राजनीतिक आरक्षण है। इसका सामाजिक, आर्थिक अथवा शैक्षिक पिछड़ेपन से कोई लेना देना नहीं है। ऐसे में ओबीसी आरक्षण तय किए जाने से पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई व्यवस्था के तहत डेडिकेटेड कमेटी द्वारा ट्रिपल टेस्ट कराना अनिवार्य है।
जिस पर राज्य सरकार ने दाखिल किए गए अपने जवाबी हलफनामे में कहा था कि स्थानीय निकाय चुनाव मामले में 2017 में हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सर्वे को आरक्षण का आधार माना जाए। सरकार ने कहा है कि इसी सर्वे को ट्रिपल टेस्ट माना जाए। सरकार ने ये भी कहा था कि ट्रांसजेंडर्स को चुनाव में आरक्षण नहीं दिया जा सकता।सुनवाई में हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा था कि किन प्रावधानों के तहत निकायों में प्रशासकों की नियुक्ति की गई है? इस पर सरकार ने कहा कि 5 दिसंबर 2011 के हाईकोर्ट के फैसले के तहत इसका प्रावधान है।
कैसे होता है रैपिड सर्वे
रैपिड सर्वे में जिला प्रशासन की देखरेख में नगर निकायों द्वारा वार्डवार ओबीसी वर्ग की गिनती कराई जाती है। इसके आधार पर ही ओबीसी की सीटों का निर्धारण करते हुए इनके लिए आरक्षण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाता है।
क्या है ट्रिपल टेस्ट
नगर निकाय चुनावों में ओबीसी का आरक्षण निर्धारित करने से पहले एक आयोग का गठन किया जाएगा, जो निकायों में पिछड़ेपन की प्रकृति का आकलन करेगा। इसके बाद पिछड़ों के लिए सीटों के आरक्षण को प्रस्तावित करेगा। दूसरे चरण में स्थानीय निकायों द्वारा ओबीसी की संख्या का परीक्षण कराया जाएगा और तीसरे चरण में शासन के स्तर पर सत्यापन कराया जाएगा।
श्रीमद् भागवत महाकथा के यज्ञ स्थल का भूमिपूजन !
By – Ankit Tiwari
मुंबई: भुवनेश्वरी परिवार द्वारा 8 जनवरी 2023 से होने वाले महायज्ञ एकादश कुण्डीय सवालक्ष रूद्र चण्डी हवनात्मक महायज्ञ एंव संगीतमय श्रीमद् भागवत महाकथा के 16 वें वर्ष के यज्ञ स्थल का भूमिपूजन कांदिवली पूर्व ठाकुर गांव स्थित मनोरंजन मैदान में संपन्न हुआ। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली एवं स्थानीय पूर्व नगरसेविका माधुरी योगेश भोईर ने पूजन कर भूमिपूजन किया और यज्ञ का पंडाल बनाने का शुभकार्य प्रारंभ किया गया।
भुवनेश्वरी परिवार के संस्थापक अध्यक्ष – देवेन्द्र शुक्ला, धर्माचार्य राममूर्ति शास्त्री, निर्देशक इन्दुप्रकाश तिवारी, उपाध्यक्ष संतोष मिश्रा, उमाशंकर तिवारी, बी एम शुक्ला, धनीलाल पांडे, मुन्ना मिश्रा, संतोष दुबे, सुमन पाठक, मंजुला तिवारी, अनिरुद्ध तिवारी, सुभाष मिश्रा, देवानंद पाठक, दशरथ दुबे, रामप्रकाश तिवारी, रामचंद्र साहनी, संगम पांडे वरुण तिवारी, किशोर त्रिवेदी, राव साहेब गडाख , मनोज पावसकर के अलावा भारी संख्या में लोग उपस्थित थे। निर्देशक इन्दुप्रकाश तिवारी ने बताया कि 8 जनवरी 2023 को भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। 8 जनवरी 2023 से 16 जनवरी 2023 तक सवालक्ष रूद्र चण्डी हवनात्मक महायज्ञ एवं संगीतमय श्रीमद् भागवत महाकथा आयोजित की गई है।
टीआरपी गिर जाएगी गर मैं सुधर गई : किशोरी शहाणे विज
मुम्बई। मराठी फिल्म इंडस्ट्री में किशोरी शहाणे विज का नाम खूब बड़ा है। किशोरी ने कुछ हिंदी फिल्मों व घारावाहिकों में भी काम किया है। अब किशोरी की लोकप्रियता में चार चांद लग गये हैं और इसका श्रेय जाता है धारावाहिक ‘गुम है किसी के प्यार में’ को। पिछले दो सालों से इसका प्रसारण स्टार प्लस चैनल पर हो रहा है और इसने नंबर एक या दो की पोजिशन पर खुद को कायम रखा हुआ है।
किशोरी शहाणे द्वारा इसमें घर की मुखिया भवानी देवी की भूमिका निभायी गयी है और धारावाहिक को लोकप्रिय बनाने में इस किरदार का बड़ा हाथ रहा है।
इस भूमिका के बारे में किशोरी कहती है, “मेरे कैरियर में एक समय वह आ गया था जब मुझे रटी रटायी भूमिकाएं ऑफर हो रही थी और कैरियर में ठहराव सा आ गया था। मैं खुद भी इस तरह की भूमिकाओं से बोर होने लगी थी। लॉकडाउन के दौरान जब खाली बैठी थी तो सोचने लगी कि कैरियर में बदलाव लाने का यही सही समय है। इस बदलाव की शुरुआत कैसे होगी इस बारे में सोच रही थी कि मुझे इस धारावाहिक की ऑफर मिली। पहले मैं पशोपेश में भी थी कि क्या मैं भवानी देवी के किरदार संग न्याय कर पाउंगी क्योंकि यह किरदार ग्रे शेड्स लिये है। फिर ख्याल आया कि टीवी के कई ग्रे शेड्स वाले किरदार भी खूब लोकप्रिय हुये हैं। तो मैंने इस किरदार के लिये हां कह दी। इस किरदार के लिये मैंने न तो तो भारी मेकअप का इस्तेमाल किया है न ही बड़ी बिंदी लगायी है। बस, अपनी आंखों से अभिनय किया है। यहाँ भवानी देवी अपनी हर बात अपनी आँखों से कह जाती है और दर्शकों को यह अंदाज खूब पसंद आ गया है। इस किरदार की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से भी मिलता है कि हाल ही में मुझे बहु प्रतिष्ठित एवार्ड आयटीए (इंडियन टेलिविजन एकेडमी) से भी सम्मानित किया गया। स्वयं चैनल वालों के मुताबिक भवानी देवी का किरदार इस सीरियल की जान है।
अब आलम यह है कि किशोरी जहां कहीं जाती है तो लोग उन्हें घेर लेते हैं और अमूमन एक ही सवाल पूछते हैं कि आप क्यों दूसरों को तंग करती रहती हो? लोगों की ऐसी प्रतिक्रिया को किशोरी अपने किरदार की जीत मानती है। कहानी में मोड़ लाने के लिये कई बार किरदार में बदलाव लाते भी देखा गया है, तो आगे चल भवानी देवी भी क्या अपने तीखे तेवर छोड़ नरम बन जाएगी? इस सवाल के जवाब में मीठी मुस्कान बिखेरते हुए किशोरी कहती है, “गर मैं सुधर गयी तो सीरियल की टीआरपी गिर जाएगी।” यानि भवानी देवी का तीखा अंदाज़ इस धारावाहिक में जारी रहने वाला है।
रियल स्टोरी के साथ अपने बेटे बॉबी को लॉन्च करने जा रहे हैं दीपक बलराज विज
मुम्बई। निर्माता-निर्देशक के तौर पर दीपक बलराज विज का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। जान तेरे नाम, स्टंटमैन, सैलाब सहित दो दर्जन के करीब फिल्में बनाने वाले दीपक बलराज ने कई नए कलाकारों को भी ब्रेक दिया है। आदित्य पंचोली, रोनित रॉय, जैकी श्रॉफ से लेकर माधुरी दीक्षित, मंदाकिनी आदि के साथ फिल्में बनाने वाल दीपक बलराज अब अपने बेटे बॉबी विज को बतौर हीरो इंट्रोड्यूस कर रहे हैं और फिल्म का नाम है ‘शॉट इन द डार्क – हे राम’।
अलग से टायटल वाली यह फिल्म वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है। फिल्म के विषय वस्तु पर प्रकाश डालते हुए दीपक बलराज कहते हैं, “मैंने तकरीबन दो साल तक इस फिल्म की कहानी पर काम किया है। हुआ यह कि पूरी दुनिया जब कोरोना काल से गुजर रही थी और हर तरफ मायूसी का माहौल था। यह देख मुझे लगा कि लोगों को इस गमगीन माहौल से बाहर निकालने के लिए एक ऐसी फिल्म बनानी चाहिए जिसका संगीत सुन दिल खुश हो जाए और फिल्म देख चेहरे पर चमक आ जाए। इसे ध्यान में रख मैं ‘जान तेरे नाम-2’ की कहानी पर काम करने लगा। इसी दौरान मेरा ध्यान हथियारों के गैरकानूनी कारोबार की खबर पर गया। गन कल्चर की वजह से दुनिया के सभी देश परेशान हैं और हर किसी को सहना पड़ रहा है। हमारे देश में गन कल्चर खूब एक्टिव है सो मैं हथियार के गैरकानूनी कारोबार को केंद्र में रख इस कहानी पर काम करने लगा। कहानी यह है कि एक युवा अयोध्या में अपनी मां के साथ रह रहा होता है। जॉब के सिलसिले में वह मुंबई आता है और यहां उसका परिचय गन कल्चर से होता है। वह अनुभव करता है कि हथियार के दम पर धाक जमायी जा सकती है। वह हथियार की ताकत से खूब प्रभावित हो जाता है और यह प्रभाव उसे किसी दुष्चक्र में फंसा देता है। यह कहानी का सार है।”
बेटे बॉबी के चयन के बारे में दीपक बलराज कहते हैं, “बॉबी यंग है और यह यंग लड़के की कहानी है। सो किरदार के लिये मुझे सही लगा। मैंने उसका स्क्रीन टेस्ट लिया और चार पन्ने के संवाद दिये। वह पूरे आत्मविश्वास के साथ सभी संवाद बिना किसी गलती के बोल गया। तिस पर वह ग्लेडरेग्स प्रतियोगिता का विजेता भी है। सो वह खुद को सही ढंग से प्रस्तुत करने की कला में माहिर है। उसने एक्शन की भी बाकायदा तालीम ले रखी है यानि फिल्म के किरदार के लिए वो फिट लग रहा था इसलिए मैंने उसका चयन कर लिया।
कहना गलत ना होगा कि अभिनय बॉबी की रगों में दौड़ रहा है। उसके दादा बलराज विज अपने जमाने के नामी हीरो थे और दिग्गज़ निर्देशक बिमल राय ने उन्हें “पहला आदमी” में ब्रेक दिया था। बॉबी की माता किशोरी शहाणे विज भी जानी मानी अभिनेत्री है। चाचा आनंद बलराज भी अदाकार हैं तो वहीं पिता निर्देशक। ऐसे में भला बॉबी अभिनय से कैसे दूर रह पाता।
बोबी खुद को खुशनसीब मानता है कि एक रियलास्टिक फ़िल्म से उसकी पारी की शुरुआत हो रही है। खुशी इस बात की भी है कि फिल्म में मां की भूमिका किशोरी शहाणे द्वारा निभायी जा रही है। इससे माँ बेटे की केमिस्ट्री पर्दे पर और निखरेगी व नेचुरल लगेगी। फिल्म के बाकी कलाकारों का चयन भी जारी है।
दीपक बलराज ने इस फ़िल्म का मुहूर्त अयोध्या में किया और भगवान श्री राम का आशीर्वाद लेकर यह फ़िल्म शुरू कर दी है।
उम्मीद है कि यह आशीर्वाद फिल्म के लिये जरूर रंग लाएगा।
भारत अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित : नित्यानंद राय
भारत अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित, राजद नेता सिद्दीकी को गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय का जवाब
बिहार के पूर्व मंत्री सिद्दीकी ने देश में मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर विवादित बयान दिया है। सिद्दीकी ने कहा कि देश मुसलमानों के लिए असुरक्षित हो गया है। मुसलमानों के लिए माहौल खराब है, इसलिए विदेश में पढ़ाई कर रहे अपने बच्चों को मैंने देश नहीं लौटने की सलाह दी है।
‘देश में अब अल्पसंख्यकों का रहना मुश्किल हो गया है’, राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के इस आरोप का केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कड़ा जवाब दिया है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री राय ने कहा कि भारत एकमात्र देश है, जहां अल्पसंख्यक समेत सभी समुदायों के लोग सुरक्षित हैं।
बता दें, अब्दुल बारी सिद्दीकी के बयान से विवाद गरमाया हुआ है। बिहार के पूर्व मंत्री सिद्दीकी ने देश में मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर विवादित बयान दिया है। सिद्दीकी ने कहा था कि देश मुसलमानों के लिए असुरक्षित हो गया है। देश में मुसलमानों के लिए माहौल खराब है, इसलिए विदेश में पढ़ाई कर रहे अपने बच्चों को मैंने देश नहीं लौटने की सलाह दी है। यह बयान उन्होंने बिहार में एक कार्यक्रम के दौरान दिया था।
‘उधर ही नौकरी कर लो, नागरिकता मिले तो ले लो’
बिहार के राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने अपने बयान में कहा था, ‘मेरा एक बेटा है जो हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ता है। एक बेटी है, जो लंदन स्कूल ऑफ इकानॉमिक्स से पास हुई है। भारत के माहौल को देखते हुए मैंने उन्हें उधर ही नौकरी करने और नागरिकता मिले तो ले लेने को कहा है।’
‘चले जाइये, जाने का खर्च में दूंगा’ : भाजपा नेता
बिहार के पूर्व मंत्री सिद्दीकी के बयान से भाजपा बुरी तरह नाराज है। राज्य के भाजपा नेता रामसूरत राय ने तो राजद नेता को देश छोड़ने की सलाह तक दे दी। राय ने कहा कि ‘जिस देश में माहौल ठीक है उस देश में चले जाइये, वहां जाने का खर्च मैं दूंगा।’ इतना ही नहीं बिहार के मंत्री मदन सहनी ने भी सिद्दीकी के बयान को गलत बताया था। सहनी ने कहा कि यह उनका निजी बयान है। भारत में अमन चैन कायम है।
ओवैसी ने कहा ‘हमसे अब दूसरी हिजरत नहीं होने वाली, फैसला यहीं होगा..
सिद्दीकी के बयान के जवाब में एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी शेर ट्वीट किया था। ओवैसी ने ट्वीट किया, ‘अबके जो फैसला होगा वो यहीं पर होगा, हमसे अब दूसरी हिजरत नहीं होने वाली’।
विवाद होने पर मांगी माफी, बोले- 10 बार यहीं जन्म लेंगे
सिद्दीकी ने अपने बयान पर सियासी विवाद खड़ा होने के बाद माफी मांग ली। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया। हम तो भारत की मिट्टी के ही बने हैं। 10 बार भी जन्म हो तो यहीं हो।
लालू के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस सीबीआई ने दोबारा खोला
लालू के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस सीबीआई ने दोबारा खोला
इस मामले में सीबीआई ने मई 2021 में जांच बंद कर दी थी। तब रिपोर्ट्स में सामने आया था कि सीबीआई को लालू के खिलाफ आरोपों पर पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।
सीबीआई ने राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक केस को दोबारा खोलने का फैसला किया है। बिहार सीएम नीतीश कुमार के भाजपा से अलग होकर राजद के साथ गठबंधन में शामिल होने के बाद सीबीआई के इस कदम से राज्य में राजनीतिक भूचाल आना तय है। गौरतलब है कि सीबीआई ने 2018 में लालू यादव के खिलाफ रेलवे प्रोजेक्ट आवंटन मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद शुरू किया था। आरोप था कि लालू ने यह गड़बड़ियां यूपीए सरकार में रेलवे मंत्री रहने के दौरान की थीं।
इस मामले में सीबीआई ने मई 2021 में जांच बंद कर दी थी। तब रिपोर्ट्स में सामने आया था कि सीबीआई को लालू के खिलाफ आरोपों पर पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। इस मामले में लालू के अलावा उनके बेटे और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और उनकी बेटी चंदा यादव के खिलाफ भी जांच बिठाई गई।
इस मामले में कहा गया था कि लालू यादव ने रेलवे के प्रोजेक्ट्स निजी कंपनी को देने के एवज में दक्षिणी दिल्ली की एक प्रॉपर्टी रिश्वत के तौर पर हासिल की थी। आरोप था कि इस निजी कंपनी ने एक शेल कंपनी के जरिए प्रॉपर्टी काफी कम दाम में खरीदी और फिर इस शेल कंपनी को तेजस्वी यादव और लालू यादव के संबंधियों ने खरीद लिया। शेल कंपनी को खरीदने के लिए महज चार लाख रुपये की राशि शेयर ट्रांसफर के जरिए चुकाई गई। बदले में दक्षिण दिल्ली का बंगाल
बिहार में जदयू और राजद गठबंधन लगातार केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाता रहा है। इस बीच लालू के खिलाफ केस दोबारा खुलने की खबरों से राज्य में एक बार फिर सियासत गर्म होने की आशंका है।













