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‘सुपर गाय’ एक दिन में देगी 150 लीटर दूध

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एक दिन में देगी 150 लीटर दूध, चीन के वैज्ञानिक क्लोनिंग के जरिए बना रहे ‘सुपर गाय’

प्रोजेक्ट लीड और नॉर्थवेस्ट ए एंड एफ यूनिवर्सिटी में वैज्ञानिक जिन यापिंग ने बताया कि उनकी टीम ने चीन में घरेलू दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सुपर गायों का पुनर्जन्म किया है।

चीन के वैज्ञानिक अपने शोध के चलते हमेशा विवादों में रहते हैं। इस बार चीनी वैज्ञानिकों ने जो किया है वह और भी चौंकाने वाला मामला है। दरअसल, चीनी वैज्ञानिकों ने तीन सुपर गाय बछड़ों का सफलतापूर्वक क्लोन किया है, जो एक बार पूरी तरह से विकसित हो जाने पर, औसत अमेरिकी गाय की तुलना में 50% अधिक दूध का उत्पादन करने में सक्षम हैं। ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, बछड़ों का जन्म लिंग्वू शहर में पिछले महीने स्वस्थ हुआ था। ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि पैदा हुए पहले बछड़े का वजन 120 पाउंड था और यह 2′ 6 “फीट लंबा था। वैज्ञानिकों ने राज्य के स्वामित्व वाले मीडिया आउटलेट को बताया कि बछड़ों का आकार और त्वचा का पैटर्न गायों के समान है।

गाय अपने जीवनकाल में एक लाख लीटर दूध देगी
चीनी वैज्ञानिकों ने कहा कि बछड़े अंततः प्रति वर्ष 18 टन दूध या अपने जीवनकाल में 1 लाख लीटर दूध का उत्पादन करेंगे। अमेरिकी कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, तुलनात्मक रूप से, औसत अमेरिकी गाय एक वर्ष में लगभग 12 टन दूध का उत्पादन करती है। यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों ने कहा है कि क्लोन गाय का दूध “पारंपरिक रूप से पैदा हुए जानवरों के भोजन के रूप में खाने के लिए सुरक्षित है।

होल्स्टीन फ्राइजियन गाय
तथाकथित सुपर गायों को हॉल्स्टीन फ्राइजियन गायों का उपयोग करके बनाया गया था, जो मवेशियों की एक डच नस्ल है जो दूध की औसत मात्रा से अधिक उत्पादन करने के लिए जानी जाती है। चीनी वैज्ञानिकों ने पिछले साल दुनिया के पहले आर्कटिक भेड़िये की क्लोनिंग के लिए सुर्खियां बटोरीं, लेकिन सुपर गाय प्रयोग को शोधकर्ताओं द्वारा एक और महत्वपूर्ण सफलता के रूप में सराहा गया, जिन्होंने यह भी नोट किया कि चीन गायों के आयात पर कितना निर्भर करता है। दूध और पनीर की बढ़ती मांग का सामना करते हुए, चीन अपनी डेयरी गायों का लगभग 70% अन्य देशों से आयात करता है। ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि राष्ट्र की सीमाओं के भीतर लगभग 6.6 मिलियन होल्स्टीन फ्रेशियन गाय हैं, लेकिन प्रत्येक 10,000 में से केवल पांच वास्तव में दूध की उच्च मात्रा का उत्पादन करने में सक्षम हैं।

म्यूजिक वीडियो ‘धुँआ धुँआ’ में दिखाई देंगी आश्रम फेम त्रिधा चौधरी 

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मुम्बई। निर्देशक प्रकाश झा की चर्चित वेब सीरीज ‘आश्रम’ में अपने बोल्ड लुक और अभिनय से सुर्खियां बटोरने वाली त्रिधा चौधरी जल्द ही एक बिग बजट म्युज़िक वीडियो धुआं धुआं में नजर आएंगी। धुआं धुआं सॉन्ग के निर्माता विनोद पालीवाल, अनवर शेख और सह निर्माता वृंदा भंडारी ने हाल ही में मुम्बई, जुहू के पांच सितारा होटल सी प्रिंसेस में अपनी टीम की क्रिएटिव हेड श्रुति शुक्ला के साथ ऎक्ट्रेस त्रिधा चौधरी को अनुबंधित किया। इस धमाकेदार म्युज़िक वीडियो की शूटिंग 14 फरवरी को मुंबई के एक स्टूडियो में बड़े पैमाने पर होगी।
इस सॉन्ग के निर्देशक देव थापे और ऋषि कुमार हैं जबकि कोरिओग्राफर देव थापे हैं और म्यूजिक डायरेक्टर विवियन रिचर्ड्स हैं।

बता दें कि कोलकाता की रहने वाली त्रिधा चौधरी रील के साथ साथ रियल लाइफ में भी काफी बोल्ड और बिंदास हैं। आश्रम वेब सीरिज में अपने अभिनय से उन्होंने खूब धमाल मचाया था। इस वेब सीरिज के द्वारा अपनी अदाकरी से लोगों को दीवाना बनाने वाली त्रिधा चौधरी ने खूब सुर्खियां बटोरी थी अब त्रिधा चौधरी अपने नए अवतार में धुआं धुआं के जरिये एक बार फिर लोगों का दिल जीतने वाली हैं।

होली 2023 में इस म्युज़िक वीडियो को रिलीज करने की योजना है। धुआं धुंआ एक खूबसूरत गीत और आकर्षक गीत है।

प्रोड्यूसर विनोद पालीवाल का दावा है कि धुआं धुआं एक ऐसा म्युज़िक वीडियो है जो ऑडिएंस के दिलों को छू लेगा। युवा पीढ़ी की पसन्द का ख्याल रखते हुए इसे बनाया जा रहा है और उम्मीद है कि यह वीडियो चार्टबस्टर और ब्लॉकबस्टर साबित होगा।

परोपकारी अभिनेता जैकी श्रॉफ के जन्मदिन को उनके फैन बना देते हैं विशेष दिन

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मुम्बई। मैन ऑफ द मासेस कहे जाने वाले जैकी श्रॉफ ने अपना जन्मदिन पिछले दिनों सेलिब्रेट किया। फिल्मों में अपने अभूतपूर्व प्रदर्शन और परोपकारी स्वभाव के कारण, उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। उनके प्रशंसकों ने हमेशा उनका समर्थन किया है और जब सामाजिक कार्यों की बात आती है तो जैकी दादा आगे रहते ही हैं साथ ही उनके फैन भी दान पुण्य करते हुए जन्मदिन को विशेष दिन बना देते हैं।
जैकी श्रॉफ को मैन ऑफ द मासेस कहे जाने का एक कारण यह भी है कि वे अपने जन्मदिन पर आश्रय गृहों और हाजी अली दरगाह पर दान करते हैं। इतना ही नहीं, बल्कि वह वंचित बच्चों और परिवारों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को भोजन, राशन, किराने का सामान और कंबल प्रदान करके उनकी मदद भी करते हैं।


अपने स्टार के परोपकारी नक्शेकदम पर चलते हुए, देश भर में जैकी श्रॉफ के प्रशंसक विभिन्न सामाजिक हित गतिविधियों और सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन भी करते हैं। दूसरी तरफ जैकी श्रॉफ के प्रशंसक उनके जन्मदिन को सबसे सार्थक तरीके से मनाते हैं।
नितिन नाम के एक प्रशंसक ने 10k से अधिक लोगों के लिए एक यज्ञ पूजा, एक बड़ा रक्तदान अभियान और भंडारा आयोजित किया। यह पहला साल नहीं है जब उनका यह फैन ऐसा कर रहा है। वह पिछले कुछ वर्षों से ऐसे कई अभियान और सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन कर रहा है।
उज्जैन, इंदौर के रवि परमार नाम के एक और प्रशंसक हैं जो पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न कम्युनिटी एक्टिविटी का आयोजन कर जैकी श्रॉफ के जन्मदिन के लिए दान करते हैं। वह एक भंडारा और पूजा हवन का आयोजन करते हैं और वंचित बच्चों को कंबल और किताबें भी वितरित करता है।
अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए जैकी श्रॉफ कहते हैं कि मैं वास्तव में अभिभूत और आभारी हूं कि मेरे ऐसे प्रशंसक हैं जो इस तरह की सामाजिक हित की गतिविधियों का आयोजन करते हैं। जो इस बात पर यकीन दिलाते हैं कि वास्तव में इस समाज में अच्छे लोग हैं। मुझे वास्तव में खुशी है कि मेरे प्रशंसक वर्षों से मेरे जन्मदिन के लिए इस तरह के सामुदायिक कार्यक्रम और ड्राइव आयोजित कर रहे हैं। यह एक ऐसा उपहार है जिसे मैं आने वाले कई सालों तक कभी नहीं भूलूंगा। मुझे उम्मीद है कि वे इस समाज की बेहतरी के लिए ऐसे अच्छे काम करते रहेंगे।

संतोष साहू

मोनू मानेसर की गौ रक्षक बनने की कहानी

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गुरुग्राम: 2012 में, मैं मानेसर में कॉलेज का छात्र था। पुलिस ने खून से लथपथ एक ट्रक जब्त किया था। उसमें लाशे थीं… उसी दिन से मैंने तय कर लिया था कि मैं किसी भी गाय को मरने नहीं दूंगा। यह कहना है खुद को सच्चा गौ रक्षक बताने वाले मोहित उर्फ मोनू मानेसर की। मोनू मानेसर की उम्र 28 साल है, जो गुरुग्राम-रेवाड़ी-नूंह क्षेत्र में लगभग 50 गौ रक्षकों के एक नेटवर्क की देखरेख करता है। मोनू का दावा के ही वो पुलिस की गौ तस्करों को पकड़ने में सहायता करता है। पिछले शनिवार को हरियाणा के नूंह जिले के तावडू-रेवाड़ी मार्ग पर गांव अतीतका मोड़ के निकट गोवंश लेकर जा रही कार व टेंपो की टक्कर के दौरान एक गौ तस्कर वारिस की मौत हो गई तथा 2 तस्कर गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसको लेकर परिजनों ने गौरक्षा दल के सदस्यों पर वारिस के साथ मारपीट कर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया था। वारिस के परिजनों का आरोप है कि मोनू ने वारिस की हत्या की है। हालांकि पुलिस ने इसे सड़क हादसा बताया है।

वारिस के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपो पर मोनू का कहना है कि उसके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। “मैं किसी को क्यों मारूंगा? जब हम उन तीनों युवकों का पीछा कर रहे थे, तब मैं अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइव था। उनका वाहन एक सब्जी विक्रेता की वैन से टकरा गया। वारिस स्टीयरिंग व्हील के पीछे था और टक्कर लगने से उसकी मौत हो गई। पुलिस की एक टीम वहां मौजूद थी और एक एंबुलेंस उन्हें अस्पताल ले गई। मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।’

यह पूछे जाने पर कि क्या उसने वारिस और उसके दो दोस्तों को पीटा, मोनू ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की ओर इशारा किया। उसने कहा कि इससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि वारिस की पिटाई नहीं की गई थी। मैं किसी समुदाय के खिलाफ नहीं हूं। मैं केवल नूंह के उन 10 प्रतिशत लोगों के खिलाफ हूं जो गायों की तस्करी और हत्या में शामिल हैं। मेरे कुछ सबसे अच्छे दोस्त मुस्लिम समुदाय से हैं। वे भी गायों की हत्या के खिलाफ हैं।

मोनू और उसका गौ रक्षकों का नेटवर्क 2017 से सक्रिय है। मोनू चोरी-छिपे काम नहीं करता। वह सोशल मीडिया पर एक गौ रक्षक के रूप में अपने काम के वीडियो शेयर करता है। मोनू के यूट्यूब पर लगभग 2 लाख और फेसबुक पर 80,000 से अधिक फोलोअर्स हैं। मोनू अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर गाय तस्करों का पीछा करने के वीडियो अपलोड करता है। मोनू की मानें तो उनकी टीम को जब गुप्त सूचना मिलती है, तो आरोपी का पता लगाया जाता है और पुलिस को सूचित किया जाता है।

मोनू से सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए अधिकांश विडियो 5 से 8 मिनट के होते हैं। मोनू का कहना है कि 2019 में ऐसे ही गाय तस्कर का पीछा के दौरान, उसे एक कथित तस्कर ने सीने में गोली मार दी थी और मेदांता में उसका इलाज किया गया था। मोनू ने कहा वो तो बस बेजुबान गए हैं जिनकों मैं बचाता हूं। उनकी दया थी कि मैं बच गया। इस घटना के बाद मोनू ने बंदूक के लाइसेंस के लिए अप्लाई किया। लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था। लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने 2022 में इसे मंजूरी दे दी।

मोनू मानेसर का कहना है कि मुखबिरों का मेरा नेटवर्क पानीपत, सोनीपत, रेवाड़ी, नूंह, पलवल और झज्जर में फैला हुआ है। मोनू के सोशल मीडिया पोस्ट में अक्सर पुलिस वाले दिखाई देते हैं, जो गौ रक्षकों द्वारा एक वाहन का पीछा करने के बाद मौके की जांच करते हुए दिखाई देते हैं।

 

‘तू झूठी मैं मक्कार’ फिल्म का गाना ‘तेरे प्यार में’ हुआ रिलीज

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मुम्बई। रणबीर कपूर- श्रद्धा कपूर की ‘तू झूठी मैं मक्कार’ का ट्रेलर रिलीज़ होने के बाद से ही हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है और दर्शक इसके कंटेंट और प्यार पर इसके फ्रेश टेक को काफी पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही स्क्रीन्स पर पहली बार रणबीर और श्रद्धा शानदार केमिस्ट्री को देखने के लिए फैन्स के बीच काफी उत्साह बना हुआ है।
फिल्म का लव सॉन्ग ‘तेरे प्यार में’ पहले ही दर्शकों का ध्यान खींच चुका है। सालों से, संगीत प्रेमियों ने फिल्मों में रणबीर-अरिजीत-प्रीतम-अमिताभ के संयोजन को पसंद किया है, और उनका एक साथ आना एक बार फिर हाई लेवल पर पहुंच गया है। गाने को पहले रिलीज करने की डिमांड को लेकर फैन्स का उत्साह चरम पर है। अब फाइनली निर्माताओं चाहने वालों के लिए फिल्म का ये गाना जारी कर दिया है।
https://bit.ly/TerePyaarMein-Song
‘तेरे प्यार में’ में ताजगी और रोमांस है। गाने को प्रीतम ने कंपोज किया हैं, जिसे निकिता गांधी के साथ रोमांटिक धुनों के बादशाह अरिजीत सिंह ने गाया है और इसके बोल अमिताभ भट्टाचार्य ने लिखे हैं। चार्टबस्टर्स का लकी चार्म एक बार फिर लोगों को लुभाने के लिए तैयार है।
इस गाने के बारे में बात करते हुए प्रीतम ने कहा, “अमिताभ और अरिजीत के साथ रणबीर कपूर के गाने पर सहयोग करना हमेशा खास होता है। पहले भी, जब भी हम संगीत के रूप में एक साथ आए हैं, तो दर्शकों ने हमारे संगीत को पसंद किया और इसकी सराहना की। मुझे उम्मीद है कि दर्शक हमारे नए गीत तेरे प्यार में को भी एंजॉय करेंगे और हमें उनका प्यार मिलता रहेगा।
रणबीर और श्रद्धा की उपस्थिति के साथ यह गीत प्यार और जीवंतता का एक सुंदर संयोजन लगता है जो युवाओं के साथ सही तालमेल बिठाता है। खैर, ‘तेरे प्यार में’ गाने के बारे में मस्ती, वाइब्ररेंसी और जीवंत संगीत ही एकमात्र अच्छी बात नहीं है। पूरे गाने में दिखाई गई स्पेन की अलग अलग खूबसूरत लोकेशन्स, स्टाइलिश ऑउटफिट और रणबीर और श्रद्धा के बीच स्पष्ट और आकर्षक केमिस्ट्री गाने की सुंदरता को बढ़ाते है।
तू झूठी मैं मक्कार लव रंजन द्वारा निर्देशित है। वहीं इस फिल्म को लव फिल्म्स के लव रंजन और अंकुर गर्ग द्वारा निर्मित किया गया है और टी-सीरीज़ के गुलशन कुमार और भूषण कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया है। यह फिल्म 8 मार्च 2023 को होली पर दुनिया भर में सिनेमाघरों पर रिलीज होगी।

प्रतिभा सम्पन्न के साथ आकर्षक व्यक्तित्व वाली है रीवा चौधरी

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मुम्बई। रीवा चौधरी जितनी खूबसूरत और चंचल है उतनी ही ज्यादा प्रतिभाशाली और आकर्षक व्यक्तित्व की है। इन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत मॉडलिंग और विज्ञापन फिल्मों से किया है। जी टीवी पर प्रसारित धारावाहिक ‘हमारी बहु सिल्क’ में बेहतरीन भूमिका निभाई है। रीवा बंगाल में जन्मी है और अपनी जन्मभूमि से उनका गहरा लगाव है। मुम्बई टेलीविजन और फिल्म इंडस्ट्री में वह काम कर रही है। वेबसीरीज़ में भी वह जल्द दिखाई देंगी। वह कई विज्ञापन फिल्मों में काम कर चुकी हैं जिसमें ज्वैलरी, साड़ी, ऑर्गेनिक खाद्यपदार्थ आदि में काम कर चुकी है। एक बार रीवा जस्टमायरुट के विज्ञापन में काम कर रही थी तब उन्हे मुस्कुराते हुए रसगुल्ला खाना था। लेकिन कुछ खामियो के कारण उन्हें पचीस रसगुल्ले खाने पड़ गए लेकिन रीवा ने धैर्य रखा और हर बार मुस्कुराते हुए अपना शॉट दिया बिना किसी झिझक के।
रीवा चौधरी अपने हेल्थ का बेहद ख्याल रखती है वह अपने समय का पूर्ण सदुपयोग करती है। अभिनय के प्रति वह बहुत समर्पित है। बचपन से उनके अंदर अभिनय क्षमता भारी है। बचपन में इतनी सरलता से अभिनय करती थी कि सभी उनकी इस अदा से हतप्रभ रहते थे।
रीवा को अभिनेता हॉलीवुड अभिनेता टॉम क्रूज पसंद है और बॉलीवुड में वह सलमान खान से प्रभावित है। रीवा कहती है कि जब बचपन में वह सलमान की ‘ओ ओ जाने जाना’ गाना देखती थी तो वह भी खुश होकर झूमने लगती थी। उन्होंने अपनी अभिनय प्रतिभा निखारने के लिए अतुल मोंगिया के एक्टिंग वर्कशॉप में अभिनय की बारीकियां सीखी। रीवा सदा खुश रहने में विश्वास रखती है। उनका मानना है कि परिस्थितियां कैसी भी हो हमें प्रसन्न रहना चाहिए। खुश होने की कभी वजह नहीं ढूंढनी चाहिए आपका मुस्कुराता चेहरा देख दूसरे के मन में सकारात्मकता आती है वह भी आपकी मुस्कान देख एक प्यारी सी मुस्कान देगा और खुश होगा। इससे आपके अंदर भी सकारात्मकता आती है। अपने शरीर का भी ध्यान रखना चाहिए इसके लिए योग या व्यायाम करना चाहिए।

देशी गौ-पालन को प्रोत्साहित करने एक से 15 फरवरी तक होंगी प्रतियोगिताएँ

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पशुपालकों को दिये जायेंगे 62 लाख रूपये से अधिक के पुरस्कार

31 जनवरी 2023, भोपाल: देशी गौ-पालन को प्रोत्साहित करने एक से 15 फरवरी तक होंगी प्रतियोगिताएँ – पशुपालन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश की मूल नस्ल की गायों- मालवी, निमाड़ी और केनकथा के साथ भारतीय उन्नत नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश में एक से 15 फरवरी तक प्रतियोगिताएँ की जायेंगी। पशुपालन विभाग का अमला पात्र पशुपालकों से आवेदन एकत्रित कर विभाग को भेज रहा है। विजेताओं को 62 लाख 61 हजार रूपये के 201 जिला स्तरीय और 6 राज्य स्तरीय पुरस्कार दिये जायेंगे। प्रदेश की मूल गौवंशीय और भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों की प्रतियोगिता जिलों में अलग-अलग की जायेंगी।

भारतीय उन्नत नस्ल गाय प्रतियोगिता सभी 52 जिलों में और मध्यप्रदेश मूल की 15 जिलों में की जायेगी। मालवी नस्ल की गायों की प्रतियोगिता आगर-मालवा, शाजापुर, राजगढ़, उज्जैन और इंदौर, निमाड़ी नस्ल की जिला खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, धार और केनकथा नस्ल की जिला दमोह, पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर और निवाड़ी जिले में होगी।

“प्रदेश की मूल गौ-वंशीय नस्ल एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारु गायों के लिये पुरस्कार योजना’’ में अधिक दूध देने वाली गायों के पशुपालकों को पुरस्कार दिया जायेगा। प्रदेश की मूल गौवंशी नस्ल-मालवी, निमाड़ी और केनकथा नस्ल गाय का प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन 4 लीटर या अधिक और भारतीय गाय का 6 लीटर या उससे अधिक होना चाहिए।

दोनों प्रतियोगिताओं में जिला स्तरीय प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार क्रमश: 51 हजार, 21 हजार और 11 हजार रूपये होगा। इसी तरह राज्य स्तरीय पुरस्कार भी क्रमश: 2 लाख, 1 लाख और 50 हजार रूपये का होगा। प्रतियोगिता के लिए सभी जिलों के विकासखंडों से पशुपालन विभाग का अमला भाग लेने के इच्छुक एवं पात्र पशुपालकों से आवेदन प्राप्त कर जिला स्तर पर उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएँ को भेज रहा है। तीनों पुरस्कार के अलावा शेष प्रतियोगी गायों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये जायेंगे। पुरस्कार प्राप्त समस्त पशुपालकों की सूची मय गायों की नस्ल और दुग्ध उत्पादन ब्यौंरे के साथ विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।

गायों को किलनी से निजात दिलाएगा हर्बल पाउडर और क्रीम

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पशुओं को किलनी से निजात दिलाएगा हर्बल पाउडर और क्रीम, आईवीआरआई ने बनाई दवा

भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली ने पशुओं को किलनी से निजात दिलाने के लिए हर्बल दवा बना ली है। आईवीआरआई को इस हर्बल दवा को बनाने में 14 साल लग गए, तब जाकर सफलता मिली।

गाय, भैंस और अन्य पशुओं को किलनी से निजात दिलाने के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली ने हर्बल दवा विकसित कर ली है। तीन अलग-अलग तरह के फार्मूले में एक पाउडर और दो क्रीम हैं। क्रीम में एक सिर्फ कुत्तों के लिए और दूसरी कुत्ते समेत गाय-भैंस के लिए भी है। पाउडर के व्यावसायिक इस्तेमाल की अनुमति मिल गई है। वहीं, क्रीम के फार्मूले को एग्री इनोवेट को सौंप दिया है। आईवीआरआई के परजीवी विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. श्रीकांत घोष के मुताबिक साल 2008 में यह शोध शुरू किया गया था। इसके तहत कोशिश थी कि एक ऐसा फार्मूला तैयार किया जाए जो पशुओं को किसी तरह का नुकसान पहुंचाए बगैर उन्हें किलनी से निजात दिला सके। इसका मनुष्यों पर भी दुष्प्रभाव न हो। शुरुआत में दिल्ली के इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ शोध कार्य शुरू हुआ। फिर लखनऊ के नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुजरात के डायरेक्टरेट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमेटिक प्लांट रिसर्च इंस्टीट्यूट, केरल के कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंस की विशेषज्ञ टीम का सहयोग लिया गया। पांच संगठन को शामिल करने का उद्देश्य था कि सर्वोत्तम गुणवत्ता का उत्पाद तैयार किया जा सके। धन की व्यवस्था नेशनल एग्रीकल्चर साइंस फंड से हुई।

साल 2020 में मिली थी पाउडर बनने में सफलता

डॉ. घोष ने बताया कि साल 2020 में पहला फार्मूला तैयार करने में सफलता मिली। यह पाउडर था। पानी के साथ मिलाकर प्रभावित स्थान पर इसका लेपन किया जाता है। इस एंटीटिक फाइट फार्मूलेशन का सफल परीक्षण उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड में 700 गाय, भैंस और कुत्तों पर किया गया। फिर इसे पुणे की निजी कंपनी को रिलीज किया गया। इसके बाद क्रीम को तैयार करने के लिए शोध कार्य शुरू हुआ। साल 2021-22 में यह भी तैयार कर लिया गया। जिसे हाल ही में दिल्ली के एग्री इनोवेट को सौंप दिया गया है।

एक किलनी पांच मिली लीटर तक पीती है खून

किलनी की 107 प्रकार की प्रजातियां होती हैं। ये शरीर पर चिपककर धीरे-धीरे खून चूसते हुए उन्हें कमजोर बना देती हैं। एक पशु पर औसतन एक साल में एक से दो हजार किलनी चिपकती हैं। एक किलनी दो से पांच मिली लीटर खून पीती है। इससे पशु की वृद्धि और उत्पादकता प्रभावित होती है। पशु के बीमार होने पर उसके दूध और मांस का सेवन मनुष्यों को भी नुकसान पहुंचाता है।

फूसगढ़ गोशाला में 45 गायों की मौत

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फूसगढ़ गोशाला में एक घंटे में 45 गायों की मौत, घास ठेकेदार पर रिपोर्ट दर्ज

करनाल। हरियाणा के करनाल में नगर निगम की फूसगढ़ स्थित गोशाला में वीरवार की रात को 45 गायों की मौत हो गई और 10 गायों की हालत खराब है। जिनका उपचार किया जा रहा है। सुबह मामले की जानकारी होने के बाद पुलिस व पशुपालन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया गया। उनके पेट के अंदर निकले चारे का सैंपल लेकर जांच के लिए पानीपत लैब भेजा गया है। वहीं अतिरिक्त निगमायुक्त व उप निगमायुक्त ने टीम के साथ मौके पर जाकर संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। निगमायुक्त ने मौत के कारणों का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। साथ ही संचालक संस्था के प्रबंधक की ओर से घास की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। जानकारी के अनुसार नगर निगम की इस गोशाला/नंदी ग्राम में कुल करीब 2800 गोवंशीय पशु हैं, जिसमें करीब 750 बछड़े व बैल हैं। जिसकी देखरेख पिछले तीन सालों से बाबा बंसी वाले गोसेवा धाम संस्था कर रही है। संस्था के प्रधान राजेश बंसल के अनुसार वीरवार को करनाल घास मंडी के ठेकेदार महेंद्र सिंह चौहान से 84.40 क्विंटल हरी घास खरीदकर लाई गई थी।
शेष पशुओं को पहले से मौजूद चारा डाला गया था लेकिन शेड संख्या एक, दो व तीन में मौजूद गायों को हरी घास ही डाली गई थी। जिसे खाने के बाद 45 गायों की मौत हो गई है। जब उन्हें जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग को दी। सेक्टर 32-33 थाने के एसएचओ रामपाल व पशु चिकित्सकों की टीम यहां पहुंची। इधर, गोशाला के चौकीदार जहीर खान ने बताया कि जब मध्यरात्रि को उसने देखा कि गायों की मौत हो रही है तो उसने संस्था प्रबंधक आदि को जानकारी दी थी। हालांकि रात्रि को तात्कालिक तौर पर कुछ नहीं किया गया।
सुबह ही संस्था प्रबंधक राजेश बंसल और बजरंग दल के जिला संयोजक संदीप राणा, पार्षद व आम आदमी पार्टी के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष बलविंद्र सिंह, श्रीराधा कृष्ण गोशाला के सचिव राम स्वरूप पोपड़ा आदि गोशाला पहुंचे। उन्होंने संस्था प्रबंधक पर गायों की देखरेख में बड़ी लापरवाही बरतने और चारे आदि में घोटाला किए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त गौरव कुमार, उप निगमायुक्त अरुण भार्गव आदि मौके पर पहुंचे और संस्था प्रबंधक, कर्मचारियों आदि के बयान दर्ज किए। मृत गायों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें बजरंग दल कार्यकर्ताओं व संस्था के कर्मचारियों के सहयोग से दफना दिया गया है। थाना प्रभारी रामपाल ने बताया कि संबंधित लोगों के बयान लिए गए हैं, रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गायों की मौत की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित
मृत गायों का पोस्टर्माटम कराकर उन्हें विधिवत तरीके से दफना दिया गया है। वीरवार को जो चारा डाला गया था, उसके सैंपल लेकर पानीपत स्थित हरियाणा टेस्टिंग हाउस की लैब में परीक्षण के लिए भेजा है। 45 गायों की मौत की पुष्टि हुई है और 10 की तबीयत खराब है, उनका पशुपालन विभाग के डॉक्टरों की ओर से उपचार किया जा रहा है। गायों की मौत कैसे हुई इसकी जांच के लिए अतिरिक्त निगमायुक्त गौरव कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो दो दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। इसमें उप निगमायुक्त अरुण भार्गव व मुख्य सफाई निरीक्षक राजेश कुमार को शामिल किया गया है। घास मंडी के आढ़ती महिन्द्र सिंह चौहान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

– अजय सिंह तोमर, निगमायुक्त करनाल 

निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो
बजरंग दल के जिला संयोजक संदीप राणा भी साथियों के साथ गोशाला पहुंचे और एक साथ 45 गायों की मौत में संचालक संस्था और नगर निगम पर गायों की देखरेख में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गोशाला संचालक संस्था के प्रधान ने स्वयं ही स्वीकार किया है कि हर रोज पांच छह गायों की मौत हो जाती है, आखिर ऐसा क्यों और कैसे हो रहा है। गोशाला में क्षमता कहीं अधिक गायों को रखा गया है। कीचड़ व गोबर में गायों को रखा जा रहा है। इसकी निष्पक्ष तरीके जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। नीलोखेड़ी में भी पिछले साल गायों की मौत हुई थी, जिसमें खाल उतारने वालों द्वारा जहर देकर मारने का मामला सामने आया था।

एक घंटे में ही हो गई सभी 45 गायों की मौत
गोशाला के चौकीदार जहीर खान ने बताया कि हरी घास तो शाम को डाली गई थी लेकिन मध्यरात्रि को अचानक गोशाला में गायों के रंभाने की आवाज सुनी तो देखने पहुंचा। जब तक वह कुछ समझ पाता, तब तक एक घंटे में ही 45 गायों की मौत हो गई।

घास उठाते ही हाथों में होने लगी थी खुजली
गोशाला में चारा डालने का कार्य करने वाले बेगूसराय (बिहार) के राजू और चित्रकूट (यूपी) के मिथलेश ने बताया कि जब शाम को वह हरी घास डाल रहे थे तो घास को उठाते समय भी उनके हाथ पैरों में तेज खुजली होने लगी थी। शायद घास में ही किसी जहरीली दवा का स्प्रे किया गया होगा।

हरी घास में जहरीले स्प्रे से मौत की आशंका
गोशाला में 45 गायों की मौत हुई है, आशंका है कि हरी घास में ही किसी जहरीली दवा का स्प्रे किया गया होगा। उनकी संस्था की जिम्मेदारी गायों को चारा आदि की है। यहां वह गाय लाई जाती हैं, जो काफी कमजोर, उम्रदराज होती है, यही कारण है कि हर रोज औसतन पांच छह गायों की मौत हो जाती है। हालांकि पशु चिकित्सक आते हैं, उपचार भी करते हैं। वीरवार को भी महेंद्र सिंह चौहान ठेकेदार से करनाल घास मंडी से ही 84.40 क्विंटल हरी घास खरीदी थी। वह सेवाभाव से कार्य कर रहे हैं।

-राजेश बंसल, प्रबंधक बाबा बंसी वाले गोसेवा धाम संस्था करनाल।

नील गाय से टकराकर बाइक सवार की मौत

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नील गाय से टकराकर सड़क पर गिरे बाइक सवार की मौत

अंबेहटा। सामने अचानक नील गाय के आ जाने से सड़क पर गिरकर बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के लिए हायर सेंटर ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मौत से परिवार में कोहराम मचा है। जानकारी के मुताबिक सिरसला गांव निवासी जहांगीर (40) पुत्र मुख्तियार शनिवार सुबह बाइक द्वारा अपने भांजे मोबीन पुत्र नजीर के साथ गंगोह सब्जी मंडी जा रहा था। सुबह करीब आठ बजे जैसे ही वह खेड़ा अंबेहटा मार्ग पर स्थित सत्संग भवन के पास पहुंचा तो अचानक नील गाय बाइक के सामने आ गई। इस कारण जहांगीर अपना संतुलन खो बैठा तथा सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि मोबीन को मामूली चोट लगी। राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी संदीप कुमार अधाना घायल को अंबेहटा सीएचसी लेकर गए, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

परिजन जहांगीर को सहारनपुर के निजी अस्पताल में ले गए, परंतु हालत गंभीर होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन घायल को देहरादून लेकर जा रहे थे कि रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव को गमगीन माहौल में सुपुर्दे खाक कर दिया।