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Mann Ki Baat 100th Episode Updates: प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम का यह 100वां एपिसोड था. देश की हर विधानसभा में 100 स्थानों पर इस कार्यक्रम को सुनने की व्यवस्था की गई.

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Mann Ki Baat 100th Episode: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. मन की बात कार्यक्रम का यह 100वां एपिसोड था, जो हर महीने के आखिरी रविवार को सुबह 11 बजे प्रसारित होता है.
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 100वें एपिसोड को लेकर हजारों चिठ्ठियां और संदेश मिले. ये चिठ्ठियां पढ़कर मन भावुक हो गया. पीएम ने कहा कि लोगों ने मुझे मन की बात के 100 एपिसोड पूरे होने पर बधाई दी है लेकिन असल बधाई के पात्र तो इसके श्रोता है.
पीएम ने कहा, मुझे आप सबकी हजारों चिट्ठियां मिली हैं, लाखों सन्देश मिले हैं और मैंने कोशिश की है कि ज्यादा से ज्यादा चिट्ठियों को पढ़ पाऊं, देख पाऊं, संदेशों को जरा समझने की कोशिश करूं.
पहले एपिसोड को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के पहले एपिसोड को याद किया. उन्होंने कहा, 3 अक्टूबर 2014 को विजया दशमी का वो पर्व था और हम सबने मिलकर विजया दशमी के दिन ‘मन की बात’ की यात्रा शुरू की थी. विजया दशमी यानी, बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व, ‘मन की बात’ भी देशवासियों की अच्छाइयों का सकारात्मकता का एक अनोखा पर्व बन गया है. एक ऐसा पर्व, जो हर महीने आता है, जिसका इंतजार हम सभी को होता है.
उन्होंने आगे कहा, ‘हम इसमें पॉजिटिविटी को सेलीब्रेट करते हैं. हम इसमें लोगों की भागीदारी को भी सेलीब्रेट करते हैं. कई बार यकीन नहीं होता कि ‘मन की बात’ को इतने महीने और इतने साल गुजर गए. हर एपिसोड अपने-आप में खास रहा.’
मन की बात से खड़े हुए जन आंदोलन
पीएम मोदी ने कहा कि मन की बात के जरिए कितने की आंदोलन खड़े हुए. ‘मन की बात’ जिस विषय से जुड़ा, वो जन आंदोलन बन गया. खिलौनों की इंडस्ट्री को फिर से स्थापित करने का मिशन मन की बात से ही शुरू हुआ था. हमारे भारतीय श्वान यानी देसी डॉग्स के बारे में जागरूकता बढ़ाने की शुरुआत भी मन की बात से ही शुरू हुई थी. इसके साथ ही गरीब और छोटे दुकानदारों से झगड़ा न करने की मुहिम भी शुरू की गई थी. ऐसे हर प्रयास समाज में बदलाव का कारण बने हैं.
मेरे मन की आध्यात्मिक यात्रा- मोदी
मेरे लिए ‘मन की बात’ ईश्वर रूपी जनता-जनार्दन के चरणों में प्रसाद की थाल की तरह है. ‘मन की बात’ मेरे मन की आध्यात्मिक यात्रा बन गया है. ‘मन की बात’ स्व से समिष्टि की यात्रा है. ‘मन की बात’ अहम् से वयम् की यात्रा है. आज देश में टूरिज्म बहुत तेजी से ग्रो कर रहा है. हमारे ये प्राकृतिक संसाधन हों, नदियां, पहाड़, तालाब या फिर हमारे तीर्थ स्थल हों, उन्हें साफ़ रखना बहुत ज़रूरी है. ये टूरिज्म इंडस्ट्री की बहुत मदद करेगा.
पीएम ने कहा, मैं हमेशा ही कहता हूं कि हमें विदेशों में घूमने जाने से पहले अपने देश के कम से कम 15 टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर जरुर जाना चाहिए. यह जगह जिस राज्य में आप रहते हैं, वहां के नहीं होने चाहिए. आपके राज्य से बाहर किसी अन्य राज्य के होने चाहिए.
मन की बात कार्यक्रम के 100वें एपिसोड को ऐतिहासिक बनाने के लिए बीजेपी ने जबर्दस्त तैयारियां की हैं. देश की हर विधानसभा में 100 स्थानों पर इस कार्यक्रम को सुनने की व्यवस्था की गई है.

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर BJP कर रही बड़ा खेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

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मुंबई: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र में लोकतंत्र का मजाक बनाया जा रहा है, महाराष्ट्र में कोई चुनाव नहीं है, मुख्यमंत्री के होर्डिंग लगाना बचकाना हरकत है। जब कोई मुद्दा ही नहीं है तो बीजेपी ऐसा खेला क्यों करवा रही है? जनता के मामले को बीजेपी डायवर्ट कराना चाहती है इसलिए बीजेपी ने ये मुद्दा बनाया है।’ नाना पटोले ने कहा, ‘बीजेपी लोकतंत्र का मजाक बना रही है। जनता के मुद्दे को डायवर्ट करने के लिए यह किया जा रहा है। यह खेला है।’ 

रिफाइनरी मामले पर भी बोले नाना

रिफाइनरी मामले के संबंध में बातचीत करते हुए नाना पटोले ने कहा कि सरकार यह स्पष्ट करे कि एक-डेढ़ साल में कितने लोगों ने वहां पर जमीन खरीदी है। लोगों पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
नाना ने कहा, ‘1 मई को कांग्रेस महाराष्ट्र की एक विशेष बैठक महाराष्ट्र दिवस के दिन बुलाई है। इसमें तमाम पदाधिकारी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जिलाध्यक्ष और अलग-अलग कांग्रेस के सेलों के अध्यक्षों को बुलाया गया है। यहां पर कांग्रेस अपनी आगामी रणनीति तय करेगी और संगठनात्मक बदलाव किस तरीके से किया जाए, उस पर भी चर्चा की जाएगी। नाना पटोले ने कहा कि कांग्रेस ने महानगर पालिका एवं विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है।

रामदास अठावले भी सीएम पद की दावेदारी को लेकर सियासी मैदान में कूद गए

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महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में सियासी हलचल जारी है और इन सबके बीच कई दलों के नेता खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बता रहे हैं। इन दावों के बीच, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले भी सीएम पद की दावेदारी को लेकर सियासी मैदान में कूद गए हैं, उन्होंने कहा कि जब सबलोग सीएम बन रहे हैं तो वह भी महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री बनने के इच्छुक हैं। उन्होंने एनसीपी प्रमुख शरद पवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की पेशकश भी की।
तो मैं भी सीएम बनने को तैयार हूं-आठवले
रामदास अठावले ने महाराष्ट्र के सांगली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आजकल हर कोई महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने की होड़ में लगा है। हालांकि, यह तभी संभव है जब किसी के पास बहुमत हो।उन्होंने आगे कहा कि सुशील कुमार शिंदे के बाद से राज्य में कोई दलित मुख्यमंत्री नहीं हुआ है। इसके बाद उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसा कोई विचार है तो मैं निश्चित तौर पर मुख्यमंत्री बनने को तैयार हूं। लेकिन वर्तमान में हमारी सरकार स्थिर है और एकनाथ शिंदे अच्छे से काम कर रहे हैं। वह दिन में 16 से 18 घंटे काम करते हैं। वह एक कुशल मुख्यमंत्री हैं।”
शरद पवार को एनडीए में आना चाहिए
अठावले ने पेशकश की “शरद पवार ने हमें राजनीति सिखाई है। उनके जैसे अनुभवी लोगों को एनडीए में आना चाहिए। अलग-अलग विचारधारा के लोग, जैसे जॉर्ज फर्नांडिस और नीतीश कुमार भी एनडीए में आए। इसलिए, पवार साहब को भी इस प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए।”
बता दें कि शरद पवार के भतीजे और एनसीपी नेता अजीत पवार ने पिछले हफ्ते कहा था कि वह भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। उनकी प्रतिक्रिया इस सवाल पर आई कि क्या अगले साल महाराष्ट्र में चुनाव होने पर उनका लक्ष्य शीर्ष पद के लिए था।

गाजियाबाद पुलिस ने रॉ एजेंट बनकर नौकरी लगवाने के नाम पर फ्रॉड करने वाले तीन लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया

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गाजियाबाद: आपने अक्षय कुमार की फिल्म स्पेशल 26 देखी होगी। इसमें आपने देखा होगा कि कैसे कुछ लोग खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर कई लोगों को फर्जी नियुक्ति करते हैं। कुछ ऐसी ही नौकरी देने वालों की गैंग को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह लोग खुद को रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत RAW का बड़ा अधिकारी बताते थे और बेरोजगार लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी का शिकार बनाते थे।
गाजियाबाद पुलिस ने रॉ एजेंट बनकर नौकरी लगवाने के नाम पर फ्रॉड करने वाले तीन लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इनके पास से रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय की कई फर्जी मिली हैं। डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया, पकड़े गए आरोपी अनिकेत दत्ता निवासी पश्चिम बंगाल, मुकुल वर्मा, अभिषेक शर्मा निवासी गाजियाबाद हैं। पूछताछ में अनिकेत दत्ता ने बताया कि वो खुद को रक्षा मंत्रालय की रिसर्च एंड एनालिसिस विंग में तैनात होना बताता था। अनकेत से हरविंदर सिंह नाम की आईडी भी मिली है, जिस पर उसे भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर बताया हुआ है। भारतीय थलसेना लिखा हुआ फर्जी ऑफर लेटर भी आरोपियों से बरामद हुआ है।
नौकरी लगवाने का झांसा देकर ऐंठते थे पैसे
पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया कि वो एक-दूसरे को रक्षा मंत्रालय के अधीन बताते थे और बेरोजगारों को अपने जाल में फंसाते थे। वे उन्हें नौकरी लगवाने का झांसा देते थे और रकम ऐंठते थे। कई बार वो ऐसे बेरोजगारों को फर्जी नियुक्ति पत्र तक थमा देते थे। इस गिरोह में मुकुल वर्मा का काम अपने लैपटॉप पर फर्जी आईडी और फर्जी नियुक्ति पत्र बनाना होता था। अभिषेक शर्मा ऐसे लोगों को ढूंढता था, जो नौकरी की तलाश में भटक रहे होते हैं। जब ऐसे बेरोजगार मिल जाते थे तो वो उनकी मुलाकात अनिकेत दत्ता से कराता था। अनिकेत दत्ता खुद को बड़ा अधिकारी बताकर उन लड़कों के इंटरव्यू लेता था।
अब तक कर चुके हैं 12 लोगों को ठगी का शिकार
ये तीनों प्रत्येक बेरोजगार से करीब सवा लाख रुपए लेते थे। आरोपियों ने अभी तक 12 लड़कों से ठगी करने की बात कुबूली है। डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों न्यू पंचवटी कॉलोनी निवासी रविपाल और उनके साले मुकेश आर्य ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स तैयार कर सेना व रेलवे में नौकरी के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपए ठगने का मुकदमा नगर कोतवाली में दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस ने इस केस की जांच-पड़ताल शुरू की और गैंग को पकड़ने में सफलता हासिल हुई।

महाराष्ट्र में लोकतंत्र निशाने पर है: आदित्य ठाकरे

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मुंबई: महाराष्ट्र के रत्नागिरी रिफायनरी प्रोजेक्ट पर घमासान जारी है। प्रदशर्नकारियों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने की घटना सामने आने के बाद ठाकरे सेना आक्रामक हो गई है। दरअसल ये रिफायनरी प्रोजेक्ट शिंदे सरकार के गले की फांस बनता नजर आ रहा है। एक तरफ प्रोजेक्ट स्थल पर स्थानीय जनता सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन कर रही है, वहीं सियासी मैदान में मुख्यमंत्री शिंदे पर ठाकरे सेना टूट पड़ी है।

महाराष्ट्र में लोकतंत्र निशाने पर है: आदित्य ठाकरे

रिफायनरी मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा है, ‘महाराष्ट्र में लोकतंत्र निशाने पर है। युद्ध का नया मैदान? बारसू। विरोधी? असंवैधानिक सरकार। दांव पर क्या है? न केवल एक रिफाइनरी परियोजना बल्कि राज्य की आत्मा और लोकतंत्र का सार। इस विवाद की जड़ सीधी है, लोग विकास चाहते हैं, विनाश नहीं। वे प्रगति चाहते हैं, प्रदूषण नहीं। और सबसे बढ़कर, वे स्पष्टता चाहते हैं।’

इस प्रोजेक्ट को सरकार ने अहंकार का मुद्दा बनाया है: ठाकरे

आदित्य ठाकरे ने कहा, ‘महाराष्ट्र के रत्नागिरी में रिफाइनरी परियोजना एक विवादास्पद मुद्दा रहा है। यह एक ऐसा फ्लैशप्वाइंट है, जिस पर दोनों बीजेपी सरकारों ने लचीलेपन की जगह कठोरता और सहानुभूति की जगह अहंकार को चुना। पिछली भाजपा सरकार (2014-2019) को इसी परियोजना के लिए नाणार में कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था, और इसके जवाब में, हमने लोगों के अपील पर ध्यान में रखकर नाणार को रद्द कर इस परियोजना को तेजी से स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा।’

ठाकरे ने कहा, ‘परियोजना को खोने से बचाने के लिए, हमने प्रस्ताव दिया कि परियोजना को अपेक्षाकृत कम घनी आबादी वाले बारसू क्षेत्र में ले जाया जाए। इसीलिए महाराष्ट्र उद्योग विकास निगम (एमआईडीसी) और परियोजना प्रस्तावक को हमारा स्पष्ट निर्देश था कि पहले लोगों को वह स्पष्टता दें जो वे चाहते हैं। अगर उन्हें प्रोजेक्ट चाहिए तो उन्हें चुनने दें। ऐसा लगता है कि बातचीत के इरादे को बगल में रखकर मौजूदा शिंदे- बीजेपी सरकार ने इस मुद्दे को अपने अहंकार का मुद्दा बना लिया है और अपने अधिपतियों के आदेश पर लोगों की भावनाओं के विरुद्ध इस परियोजना को लागू करना चाहते हैं।’

बारसू पर लगता है कि बातचीत के दरवाजे बंद हो गए: आदित्य

आदित्य ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में बारसू पुलिस राज्य में तब्दील हो गया। स्थानीय सांसद विनायक राउत को उनके क्षेत्र के लोगों से मिलने से रोक दिया गया और बाद में हिरासत में लिया गया। महिलाओं को पुलिस द्वारा आक्रामक तरीके से पीटा गया। कुछ लोगों के अहंकार को शांत करने के लिए गांव वालों को पीटा गया। आदित्य ने आगे कहा कि कल्पना कीजिए कि इस तानाशाही के बजाय अगर इस असंवैधानिक शासन ने हमारा दृष्टिकोण अपनाया होता तो शांतिपूर्ण बैठक हो सकती थी, शंकाओं और चिंताओं को दूर किया जा सकता था, समझ को बढ़ावा दिया जा सकता था। लेकिन इसके बजाय, लोगों की स्पष्टता की मांग को अनसुना कर दिया गया। 

आदित्य ने कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से लगता है कि बातचीत के दरवाजे बंद हो गए हैं। कोंकण से प्रकृति की संपदा को लूटने की चाहत रखने वाली सरकार आक्रमणकारियों की तरह व्यवहार बंद करना बंद करें।

जब बारसू में हालात बेकाबू हो रहे थे तब मुख्यमंत्री अनुपस्थित थे: आदित्य

आदित्य ने आरोप लगाया कि एक ओर हम उन कंपनियों और परियोजनाओं को देखते हैं, जिनका महाराष्ट्र ने खुले हाथों से स्वागत किया। वेदांता-फॉक्सकॉन, एयरबस-टाटा, बल्क ड्रग पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, सोलर एनर्जी इक्विपमेंट पार्क, पुओ चेन प्राइवेट लिमिटेड, ये सभी दूसरे राज्यों में स्थानांतरित हो गए। जबकि दूसरी ओर पुलिस की ताकत से गांववालों पर नाणार/बारसू जैसे प्रोजेक्ट थोपे जा रहें है। जब बारसू में हालात बेकाबू हो रहे थे तब मुख्यमंत्री अनुपस्थित थे, इस मुद्दे पर शिंदे पूरी तरह विफल रहे हैं। मुख्यमंत्री को समझना चाहिए कि जनता की इच्छा ही लोकतंत्र का आधार होता है। शिंदे सरकार को लगता है कि वह लोगों से श्रेष्ठ हैं।

महाराष्ट्र को प्यार से जीत सकते हैं नफरत से नहीं: आदित्य

आदित्य ने सरकार को नसीहत दी कि विश्वास बनाया जाता है, न कि खरीदा और थोपा जाता है। सबसे अहम महाराष्ट्र को प्रेम और विश्वास से जीत सकते हैं, न कि नफरत, बल या विश्वासघात से। जबकि महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि बारसू में लाठीचार्ज नहीं किया गया। लोगों की सहमति से ही इस प्रोजेक्ट पर विचार किया जाएगा। फिलहाल बारसू में मिट्टी का परीक्षण किया जा रहा है, परीक्षण का जो भी नतीजा आएगा उसके बाद इस प्रोजेक्ट पर फैसला लिया जाएगा।

विश्वभारती मॅरेथॉन २०२३ ( 4 जून 2023 बेळगाव येथे)

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विश्वभारती कला क्रीडा संघटनेच्या माध्यमातून ठेवण्यात येणाऱ्या मॅरेथॉन बद्दल दिनांक 28- 4 -2023 रोजी हनुमान मंदिर खानापूर येथे मीटिंग भरवण्यात आली होती या ठिकाणी झालेल्या चर्चेत येणाऱ्या ४ जून रोजी होणाऱ्या मॅरेथॉन बद्दल चर्चा करण्यात आली , कारगिल येथील जवानांना श्रद्धांजली वाहण्याच्या उद्देशाने व माजी सैनिकांच्या आग्रहाखातील या स्पर्धेचे आयोजन केले आहे. पुणे येथील शरहरद फाउंडेशन या संस्थेमार्फत दरवर्षी 16 सप्टेंबरला गेली पाच वर्ष ही स्पर्धा आयोजित केली जाते आणि त्यांच्या प्रेरणेने ही स्पर्धा विश्वभारती कला क्रीडा संघटनेने आयोजित केली आहे.

या स्पर्धेतील विजयी खेळाडूंना कारगिल येथील 16 सप्टेंबर 2023 या कारगिल मॅरेथॉन मध्ये सहभाग होण्याची संधी मिळणार आहे. ही स्पर्धा 4 जून 23 रोजी बेळगाव येथे पहिल्यांदाच आयोजित केली आहे. या सर्व विजयी उमेदवारांना आकर्षक बक्षिसे व त्यांना कोचिंग मिळण्याची संधी संघटनेमार्फत उपलब्ध करून देण्यात येणार आहे्.
तरी या संधीचा सर्व खेळाडूंनी उपयोग करून घ्यावा ही विनंती आहे.
स्पर्धेचे अटी व नियम.
1) फुल मॅरेथॉन /42.195 किलोमीटर अंतराची असेल
खुल्या गटासाठी वयोमर्यादा 18 वर्षावरीलत प्रवेश फी प्रत्येकी 700 रुपये
2) हाफ मॅरेथॉन 21 किलोमीटर अंतराची असेल
पुरुष व महिला गट 18 वर्षांवरील
प्रवेश फी 600 रुपये
3) दहा किलोमीटर पुरुष व महिला गटासाठी 18 वर्षावरील
प्रवेश फी 500 रुपये
4) दहा किलोमीटर अंतर पुरुष व महिला गट वयोमर्यादा 35 वर्षावरील प्रवेश फी 500 रुपये
5) ड्रीम मॅरेथॉन सर्वांसाठी खुली
स्पर्धा प्रवेश फी 300 रुपये
स्पर्धकासाठी प्रवेश प्रक्रिया
1. मेडिकल सर्टिफिकेट आवश्यक
2. आधार कार्ड आवश्यक
3. डिजिटल पेमेंट ची सुविधा

Contact For More Information – 9591451091

निर्माता राजू भारती की हिंदी फ़िल्म ‘बेरा एक अघोरी’ को 300 सिनेमाघरों में मिली शानदार ओपनिंग

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मुम्बई। निर्माता राजू भारती की हिंदी फ़िल्म ‘बेरा एक अघोरी’ को 300 सिनेमाघरों में बंपर ओपनिंग मिली है। हालांकि इस सप्ताह 28 अप्रैल को मिथुन चक्रवर्ती के बेटे नमोशी चक्रवर्ती और अमरीन अभिनीत राजकुमार संतोषी की फ़िल्म बैड बॉय और ऐश्वर्या राय बच्चन अभिनीत मणि रत्नम की फ़िल्म पीएस 2 भी सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इसके अलावा सलमान खान की फ़िल्म किसी का भाई किसी की जान भी दूसरे सप्ताह में चल रही है। उसके बावजूद अच्छे कंटेंट के कारण बेरा एक अघोरी को लोग पसन्द कर रहे हैं। निर्माता राजू भारती की प्रशंसा करनी होगी कि उन्होंने नए कलाकारों पर विश्वास जताया और कहानी को हीरो मानते हुए हॉरर थ्रिलर फिल्म बनाई जो दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने में सफल हो रही है।
धिराल एंटरटेनमेंट प्रेजेंट्स हिंदी फ़िल्म “बेरा-एक अघोरी” के निर्माता राजू भारती हैं जबकि मुख्य कलाकार प्रेम धिराल, शक्ति वीर धिराल और अभिनेत्री प्राजक्ता शिंदे हैं। हालांकि निर्माता राजू भारती का ये प्रथम प्रयास है। लेकिन फ़िल्म का विषय और इसकी अनूठी कहानी होने की वजह से ऑडिएंस इसे लाइक कर रही है। फ़िल्म को सिनेमाघरों में काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।
फ़िल्म देखने वाले दर्शकों ने पब्लिक रिव्यु में इसे सराहा है। लोगों का कहना है कि हॉरर जॉनर में होने के बावजूद फ़िल्म में यह महत्वपूर्ण सन्देश है कि अंत में जीत सत्य की होती है। इस हिंदी फिल्म में शक्ति वीर धिराल और प्रेम धिराल ने मुख्य भूमिकाओं को निभाया है। फ़िल्म के गाने नक्काश अज़ीज़, शाहिद माल्या और वैशाली ने गाए हैं।
‘बेरा एक अघोरी’ में एंटरटेनमेंट का पूरा तड़का है। रोमांस, रोमांच, सस्पेन्स के साथ फ़िल्म में बेहतरीन म्युज़िक भी है। बेरा एक अघोरी का प्रस्तुतिकरण अनूठा है। फ़िल्म में बहुत एनिमेशन और वीएफएक्स का भी इस्तेमाल किया गया है।
फ़िल्म के लेखक शक्ति वीर धिराल, निर्देशक प्रेम धिराल, म्युज़िक डायरेक्टर प्रेम शक्ति, कैमरामैन रौशन खड़गी हैं। फ़िल्म को ऑडियो लैब मीडिया कारपोरेशन द्वारा दुनिया भर में रिलीज किया गया है।
फिल्म में कलाकारों के काम को दर्शकों के साथ साथ क्रिटिक्स ने भी खूब सराहा है।
इस फिल्म के निर्माता राजू भारती चंद्रपुर के और प्रेम धिराल व शक्ति धिराल नागपुर के रहने वाले हैं। फिल्म में विदर्भ, नागपुर के प्रतिभाशाली कलाकारों ने अभिनय किया है।

गैंगस्टर केस में MP-MLA कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा सुनाई, पांच लाख का लगाया जुर्माना

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पूर्वांचल माफिया इस वक्त डर से कांप रहे हैं। अतीक अहमद और अशरफ की पुलिस कस्टडी में हत्या के बाद पूर्वांचल में योगी सरकार की दहशत फैल गई है। गैंगस्टर मामले में गाजीपुर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट शनिवार को 15 साल बाद फैसला सुनाया कहाकि, गैंगस्टर केस में मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी दोषी हैं। कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को दस साल की सजा और पांच लाख का जुर्माना लगाया है। अफजाल अंसारी भी दोषी पाए गए पर उन पर फैसला 2 बजे के बाद आएगा। 15 साल बाद आने वाले इस फैसले की पहले डेट 15 अप्रैल थी। जिसे बढ़ाकर 29 अप्रैल कर दी गई थी। बांदा जेल में बंद मुख्‍तार अंसारी जहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी में शामिल होगा। वहीं उसका भाई अफजाल अंसारी कोर्ट में पहुंच चुके हैं।
अफजाल अंसारी को अगर सजा हुई तो जाएगी सांसदी
कोर्ट परिसर संगीनों के साए में हैं। गैंगस्टर के मामले में 2 साल से ज्यादा की सजा होने पर अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता खत्म हो सकती है। भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में दर्ज केस के आधार पर अफजाल अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर का केस दर्ज हुआ था। मुख्तार अंसारी के खिलाफ भाजपा विधायक कृष्णानंद राय और नंदकिशोर गुप्ता रुंगटा की हत्या के मामले में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज है। दोनों भाईयों के खिलाफ मुहम्मदाबाद थाने में 2007 में क्राइम नंबर 1051 और 1052 दर्ज हुआ था।
भारी पुलिस बल की तैनाती
गाजीपुर की सांसद-विधायक अदालत, माफिया मुख्तार अंसारी और उसके भाई अफजाल अंसारी पर अपहरण और हत्या के मामले में आज फैसला सुनाएगी। इसके मद्देनजर अदालत के बाहर भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गई। माफिया मुख्तार अंसारी और उसका भाई अफजल अंसारी गाजीपुर की सांसद-विधायक कोर्ट पहुंच गए हैं।

रवींद्रन BYJU के 3 ठिकानों पर ईडी ने ली तलाशी, FEMA के नियमों के तहत हुई कार्रवाई

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बेंगलुरु: प्रवर्तन निदेशालय  (Enforcement Directorate) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के प्रावधानों के तहत रवींद्रन बायजू और उनकी कंपनी ‘थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड’ के मामले में बेंगलुरु (Bangalore) में तीन परिसरों (2 व्यावसायिक और 1 आवासीय) में तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की है. कंपनी बायजूज के नाम से पॉपुलर ऑनलाइन एजुकेशन पोर्टल (Online Education Portal) चलाती है. तलाशी और जब्ती कार्रवाई के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किया गया है. ईडी ने कहा कि कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2020-21 से अपने वित्तीय विवरण तैयार नहीं किए हैं और खातों का ऑडिट नहीं कराया है जो अनिवार्य है.
कंपनी को 2011 से 2023 कर 28 हजार करोड विदेशों से मिले
फेमा की तलाशी से यह भी पता चला है कि कंपनी को 2011 से 2023 की अवधि के दौरान करीब 28000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है. इसके अलावा, कंपनी ने विदेशों को 9754 करोड़ रुपये भेजे हैं. विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के नाम पर इसी अवधि के दौरान अधिकार क्षेत्र कंपनी ने विज्ञापन और विपणन व्यय के नाम पर लगभग 944 करोड़ रुपये बुक किए हैं, जिसमें विदेशी अधिकार क्षेत्र में भेजी गई राशि भी शामिल है.
पैसों के लेनदेन की बैंकों के जरिए हो रही हैं जांच 
ईडी का कहना है कि कंपनी द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों की वास्तविकता की बैंकों से जांच की जा रही है. विभिन्न निजी व्यक्तियों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर मंच के खिलाफ जांच शुरू की गई थी. ईडी द्वारा की गई जांच के दौरान, संस्थापक और सीईओ रवींद्रन बायजू को कई समन जारी किए गए, हालांकि, वह हमेशा टालमटोल करते रहे और जांच के दौरान कभी पेश नहीं हुए. इसके बाद ईडी ने तीन परिसरों पर छापेमारी की.

मैं पूरी तरह निर्दोष, अपराधी बनकर नहीं दूंगा इस्तीफा” : WFI चीफ बृजभूषण सिंह

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दिल्ली पुलिस भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह  (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ महिला पहलवानों द्वारा लगाये गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के सिलसिले में दो प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है. अब इस मामले में खुद सामने आकर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “मैं पूरी तरह निर्दोष हूं, इसलिए अपराधी बनकर इस्तीफा नहीं दूंगा. मुझे किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है. मैं किसी भी जांच में सहयोग करूंगा. मुझे हमेशा एजेंसियों में विश्वास रहा है. मेरे समर्थक और मुझे विश्वास है कि मुझे न्याय मिलेगा.”
कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख (WFI Cheif) ने अपना बचाव करते हुए कहा कि मैं निर्दोष हूं और सभी आरोपों का सामना करूंगा. ये पहलवानों का नहीं बल्कि षडयंत्रकारियों का धरना है. इस मामले की जांच पूरी हो, मुझे सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है. धरने पर बैठे पहलवानों की मांगें लगातार बदल रही हैं. उन्होंने सबसे पहले मेरा इस्तीफा मांगा, जिस पर मैंने कहा कि इसका मतलब आरोपों को स्वीकार करना होगा. 4 महीने के लिए वे लोगों को मेरे खिलाफ भड़काते हैं और नए लोगों को मेरे खिलाफ खड़ा करते हैं. मैंने हमेशा सरकार का सम्मान किया है.
बृजभूषण शरण सिंह ने साथ ही कहा कि वे कह रहे हैं कि मुझे जेल में होना चाहिए, मैं एक लोकसभा सांसद हूं. मेरा ओहदा विनेश फोगाट के कारण नहीं है, यह लोगों की वजह से है, जिन्होंने मुझे वोट देकर चुना है. आखिरकार एक ही परिवार और एक अखाड़ा ही सिर्फ मेरा विरोध क्यों कर रहा है? मैं बहुत मेहनत कर रहा हूं, यह मेरे खिलाफ साजिश है. जंतर-मंतर पर पप्पू यादव और केजरीवाल जैसे नेता क्यों आ रहे हैं. प्रियंका गांधी को नहीं पता कि दीपेंद्र हुड्डा ने मेरे खिलाफ कैसे साजिश रची. पहले दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट का इंतजार क्यों नहीं कर सके. रिपोर्ट के बाद जंतर-मंतर क्यों नहीं गए ?

महिला पहलवानों द्वारा बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के संबंध में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को दो प्राथमिकी दर्ज कीं. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया था कि महिला पहलवानों की शिकायत पर कनॉट प्लेस थाने में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. उन्होंने कहा था कि पहली प्राथमिकी एक नाबालिग द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित है, जिसके तहत यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम समेत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और डराने-धमकाने का आरोप लगाने वाले पहलवानों ने 23 अप्रैल से एक बार फिर अपना आंदोलन शुरू किया, इससे पहले, उन्होंने जनवरी में धरना दिया था.