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ट्रैवेलर्स चॉइस अवार्ड्स में ‘रामबाग पैलेस’ विश्व के नंबर 1 होटल रैंकिंग से सम्मानित

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मुंबई। भारत की सबसे बड़ी हॉस्पिटैलिटी कंपनी, इंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसीएल) ने घोषणा की है कि रामबाग पैलेस, जयपुर को दुनिया की सबसे बड़ी ट्रेवल साइट, ट्रिपएडवाइज़र ने प्रतिष्ठित 2023 ट्रैवेलर्स चॉइस अवार्ड्स में विश्व के नंबर 1 होटल का रैंकिंग देकर सम्मानित किया है।

पुनीत छटवाल (मैनेजिंग डायरेक्टर-चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, इंडियन होटल्स कंपनी) ने कहा कि रामबाग पैलेस, जयपुर को ट्रिपएडवाइज़र द्वारा 2023 ट्रैवेलर्स चॉइस अवार्ड्स में विश्व के नंबर 1 होटल के रूप में सम्मानित किया जाना हमारे मेहमानों द्वारा इतने सालों में हम पर रखे हुए भरोसे को दर्शाता है। यह वैश्विक सम्मान हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। ताज जैसे आइकोनिक ब्रांड द्वारा एक असली पैलेस सेटिंग में वैश्विक स्तर की हॉस्पिटैलिटी को वास्तव में साकार किए जाने का यह सच्चा प्रतिबिंब है। पिछले एक शतक से ताज ब्रांड को उत्कृष्टता के हॉलमार्क के रूप में पहचाना जा रहा है, हमारे मेहमानों को ख़ुशी और संतुष्टि प्रदान करने और ‘ताजनेस’ की जादू फ़ैलाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
‘ज्वेल ऑफ़ जयपुर’ के नाम से मशहूर रामबाग पैलेस का निर्माण 1835 में हुआ था। रानी की सबसे पसंदीदा दासी का यह घर, बाद में शाही अतिथिगृह और शिकार लॉज बना। 1925 में रामबाग पैलेस जयपुर के महाराजा का स्थायी निवास बना। राजपूत आतिथ्य की बेहतरीन परंपरा को निभाते हुए, रामबाग पैलेस अपने मेहमानों को विलासिता और शान का असाधारण अनुभव प्रदान करता है। सुरुचिपूर्ण ढंग से बनाए गए कमरों, संगमरमर के गलियारों, हवादार बरामदों और 47 एकड़ में फैले राजसी उद्यानों में इतिहास की गूंज सुनाई देती है।
ट्रैवेलर्स चॉइस अवार्ड्स में सैलानियों के पसंदीदा डेस्टिनेशन, होटल, रेस्टोरेंट, थिंग्स-टू-डू आदि को, 12 महीनों में ट्रिपएडवाइज़र पर दुनिया भर के सैलानियों और डाइनर्स से जमा किए गए रिव्यू और राय के आधार पर सम्मानित किया जाता है।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने ‘बैंक ऑफ बड़ौदा राष्ट्रभाषा सम्मान’ के अंतर्गत घोषित की 12 चयनित प्रविष्टियों की लंबी सूची

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यह सम्‍मान भारतीय भाषाओं के साहित्यिक लेखन और उनके हिंदी अनुवाद को सम्‍मानित करेगा और यह मूल लेखक तथा अनुवादक दोनों को प्रदान किया जाएगा

प्रसिद्ध लेखिका और बुकर पुरस्कार विजेता सुश्री गीतांजलि श्री 5 सदस्यीय निर्णायक मंडल की अध्यक्ष हैं।

मुंबई। बैंक ऑफ बड़ौदा (बैंक), जो भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक है, ने “बैंक ऑफ़ बड़ौदा राष्ट्रभाषा सम्मान” 2023 के प्रथम संस्करण हेतु नामित 12 उपन्यासों की सूची की घोषणा की। इस अनूठे अवार्ड की शुरुआत (संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल) विभिन्न भारतीय भाषाओं के साहित्यिक लेखन को सम्मानित और संवर्धित करने हेतु की गई है। साथ ही, इसका उद्देश्य हिंदी पाठकों को अनुवाद के जरिए श्रेष्ठ भारतीय साहित्य को उपलब्ध कराना है ताकि पाठकों की रूचि को विस्तार प्राप्‍त हो सके और उपन्यासों को एक बड़े पाठक वर्ग तक पहुंचाया जा सके।
“बैंक ऑफ़ बड़ौदा राष्ट्रभाषा सम्मान” मूल कृति के लेखक के साथ-साथ उसके हिंदी अनुवादक को भी प्रदान किया जाएगा। विजेता कृति के मूल लेखक तथा उसके हिंदी अनुवादक को क्रमश: रु. 21 लाख तथा रु. 15 लाख की सम्मान राशि दी जाएगी। इसके अलावा अन्य 5 चयनित श्रेष्‍ठ कृतियों के मूल लेखकों और उनके हिंदी अनुवादकों को क्रमशः रु. 3 लाख और रु. 2 लाख की सम्मान राशि दी जाएगी।
लंबी सूची की घोषणा करते हुए संजीव चड्ढा (प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, बैंक ऑफ़ बड़ौदा) ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है, जहां संस्कृतियां, धर्म और भाषाएं एक दूसरे की पूरक हैं। इसकी विविधता ही इसकी शक्ति और विशिष्टता है। हमारा मानना है कि सभी भारतीय भाषाओं के साहित्य के संवर्धन से हमारी सांस्कृतिक विविधता और सुदृढ़ होगी। हमने “बैंक ऑफ़ बड़ौदा राष्ट्रभाषा सम्मान” की शुरुआत भारतीय भाषाओं के मूल साहित्य और उनके हिंदी अनुवाद को सम्मानित और प्रोत्साहित करने हेतु की है। “बैंक ऑफ़ बड़ौदा राष्ट्रभाषा सम्मान” देश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभावान भारतीय लेखकों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा तथा भारतीय भाषाओं के साहित्य लेखन और उनके अनुवाद कर्म को बढ़ावा देगा।
सम्‍मान निर्धारण हेतु गठित पांच सदस्यीय निर्णायक मंडल की अध्यक्षता प्रसिद्ध लेखि‍का और बुकर पुरस्कार विजेता सुश्री गीतांजलि श्री कर रही हैं। निर्णायक मंडल के अन्य चार सदस्यों में प्रसिद्ध कवि अरुण कमल, शिक्षाविद् और इतिहासकार पुष्पेश पंत, समकालीन भारतीय कवयित्री और उपन्यासकार अनामिका और हिंदी कथा लेखक और अनुवादक प्रभात रंजन शामिल हैं।
बैंक ने मार्च-अप्रैल 2023 के दौरान प्रविष्टियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की थी और बैंक को इस सम्‍मान हेतु विभिन्न भारतीय भाषाओं में लिखी गई कई प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें से निर्णायक मंडल ने 12 पुस्तकों की एक लंबी सूची तैयार की है।

पुस्तकों का विवरण यादृच्छिक आधार (रैंडम बेसि‍स) पर दिया गया है:- मूल उपन्‍यास का नाम, मूल भाषा, मूल लेखक का नाम, अनूदित उपन्‍यास का नाम, अनुवादक का नाम
1.अभिप्रेत काल (उडिया) – पारमिता शतपथी, अभिप्रेत काल – अजय कुमार पटनायक। 2. अल्लाह मियां का कारखाना (उर्दू) – मोहसिन खान,
अल्लाह मियां का कारखाना – सईद अहमद। 3. बाक़ी सफ़ा 5 ते (पंजाबी) – रूप सिंह, बाक़ी सफ़ा 5 पर – सुभाष नीरव। 4. चीनी कोठी (उर्दू)- सिद्दीक आलम, चीनी कोठी – अर्जुमंद आरा। 5. एक खंजर पानी में (उर्दू) – खालिद जावेद, एक खंजर पानी में – रिजवानुल हक। 6.फात्सुंग
(नेपाली) – छुदेन काविमो, फात्सुंग: कहानी मिट्टी की – नम्रता चतुर्वेदी। 7. घर पलानो छेले (बंगाली) – मनोरंजन ब्यापारी, भागा हुआ लड़का – अमृता बेरा। 8. महानदी (बंगाली) – अनिता अग्निहोत्री, महानदी – लिपिका साहा। 9. नदीष्ट (मराठी) – मनोज बोरगावकर, नदीष्ट – गोरख थोरात। 10. नेमत खाना (उर्दू) – खालिद जावेद, नेमत खाना – जमान तारिक। 11. पोईमुगम (तमिल) – वासंती, मुखौटा – एस भाग्यम शर्मा। 12. Thirakkaatha Jannalkal (तमिल) – वासंती, बंद खिडकियां – एस भाग्यम शर्मा।
‘बैंक ऑफ़ बड़ौदा राष्ट्रभाषा सम्मान’ के विजेता की घोषणा 10 जून, 2023 को दिल्ली में की जाएगी।

फुटबॉल पर आधारित फिल्म ‘चिड़ियाखाना’ को टैक्स फ्री करवाना चाहते हैं एक्टर रवि किशन

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मुम्बई। फिल्म ‘चिड़ियाखाना’ रिलीज होने के लिए बस कुछ ही दिन रह गए हैं। हाल ही में इस फिल्म के प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरी स्टार कास्ट पहुँची। इसके ट्रेलर को मिल रहे पॉजिटिव रेस्पॉन्स से फिल्म की यूनिट काफी खुश हैं। अभिनेता और सांसद रवि किशन, एक्ट्रेस अवनीत कौर, लीड एक्टर ऋत्विक सहोर, प्रशान्त नारायण, राजेश्वरी सचदेव, अंजन श्रीवास्तव और डायरेक्टर मनीष तिवारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे। फुटबाल खेल पर बनी इस फिल्म के लिए रवि किशन ने काफी खुशी की जाहिर की और कहा कि क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल माना जाता है, लेकिन और भी खेल हैं उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता हूं। मैं चाहता हूं कि देश में सभी खेलों पर ध्यान दिया जाए और लोगों को प्रोत्साहित किया जाए। और जगह स्टेडियम बनाये जाए। साथ ही रवि किशन ने कहा कि मैं सरकार से बात करूंगा कि चिड़ियाखाना फ़िल्म को एंटरटेनमेंट टैक्स फ्री करे।


फिल्म के डायरेक्टर मनीष तिवारी कहते हैं कि फिल्म ‘चिड़ियाखाना’ एक ऐसे लड़के की कहानी है जिसकी जुनूनीयत फुटबॉल हैं। और जिसकी लगन देखकर उसके करीबी भी उस खेल में जुड़ जाते हैं और इस प्रक्रिया में न केवल खुद को बल्कि अपने दोस्तों और अपने शैक्षिक संस्थान को भी सशक्त बनाता है। फिल्म का नायक सूरज बिहार से मुंबई अपनी मां के साथ आता है और इस शहर की भूल भुलैया में अपने पैर जमाता है। इस फिल्म का निर्माण राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) द्वारा किया गया है।
अवनीत कौर ने कहा कि मेरे फिल्मी करियर की शुरुआत के लिए चिड़ियाखाना एक बहुत अच्छी फिल्म हैं। वर्कशॉप के दौरान मैंने अपने बहुत कुछ सीखा है और साथ ही इतने सारे सीनियर एक्टर्स के साथ काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मुझे डायरेक्टर मनीष तिवारी की धीरजता काफी अच्छी लगी।
फिल्म ‘चिड़ियाखाना’ में अभिनेता अंजन श्रीवास्तव स्कूल के प्रिंसिपल की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ऐसा होना चाहिए जिसके जरिए एक सार्थक संदेश दिया जा सके। ये फ़िल्म बहुत अच्छा मैसेज देती हैं।
फ़िल्म चिड़ियाखाना में एक्टर ऋत्विक सहोर के साथ अवनीत कौर एक खास किरदार में नजर आ रही हैं। इसके अलावा रवि किशन, प्रशांत नारायण, राजेश्वरी सचदेव, गोविंद नामदेव और अंजन श्रीवास्तव भी अहम भूमिकाओं में दिखाई दे रहे हैं। फ़िल्म 2 जून 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

PM मोदी बॉस हैं, रॉकस्टार का भी नहीं हुआ ऐसा स्वागत , ऑस्ट्रेलियाई PM, गूँजा वैदिक मंत्रोच्चार

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ़िलहाल ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर हैं। सिडनी स्थित कुडोस बैंक एरिना में भारतीय समुदाय का एक भव्य कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथोनी अल्बानीज भी पहुँचे हैं। पीएम मोदी का स्वागत भारतीय परंपरागत तरीके से किया गया। हजारों लोग इस कार्यक्रम में पहुँचे हुए हैं। जब वो कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे, तो हजारों लोगों के आवाज़ से एरिना गूँज उठा।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने भी हाथ हिला कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पीएम मोदी भारतीय समुदाय को संबोधित भी करने वाले हैं। लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी मजाकिया लहजे में ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथोनी एल्बानीज के कान में कुछ कहते भी नजर आए, जिसके बाद दोनों हँस पड़े। फिर भारत और ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रगान हुआ। पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पीएम मोदी का स्वागत किया।

भारत से हजारों किलोमीटर दूर ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े देश के प्रधानमंत्री के सामने वैदिक मंत्रों का उच्चारण हुआ। ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा कि पिछली बार उन्होंने इस मंच पर ब्रूस स्प्रिंगस्टीन को देखा था। बता दें कि ब्रूस स्प्रिंगस्टीन को अमेरिका सहित अंग्रेजी संगीत के अन्य प्रेमी आइकॉन मानते हैं। ‘E स्ट्रीट बैंड’ के साथ उनकी जुगलबंदी के करोड़ों लोग दीवाने हैं। अपने 6 दशक के करियर में 73 वर्षीय ब्रूस ने 21 स्टूडियो एल्बम जारी किए, जो चार्टबस्टर रहे।

ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा कि जैसा स्वागत पीएम मोदी को मिल रहा है, वैसे ब्रूस स्प्रिंगस्टीन को भी नहीं मिला था। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बॉस हैं।” ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने इस दौरान अपने भारत दौरे को याद करते हुए कहा कि उन्होंने गुजरात में होली खेली थी और दिल्ली में महात्मा गाँधी की समाधि पर माल्यार्पण किया था। उन्होंने कहा कि अगर भारत को समझना है तो ट्रेन या बस से यात्रा कीजिए। उन्होंने भारतीय समुदाय को भी सराहा।

श्री राधा निकुंज विद्या भवन में हुई फिल्म ‘जिंदगी तेरे नाम’ की शूटिंग

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मध्यप्रदेश के पाटन नगर में गुरु मोहल्ला स्थित बंगला श्री राधा निकुंज विद्या भवन में छत्तीसगढ़ की फिल्म की शूटिंग की गई, जिसमें छत्तीसगढ़ फिल्मी दुनिया के बड़े कलाकारों द्वारा अभिनय किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ‘जिंदगी तेरे नाम’ फिल्म के कई सीन पाटन नगर के गुरु मोहल्ला में फिल्माए गए। मुम्बई के संदीप पटेल एवं एजाज सिद्दीकी के निर्देशन में फिल्म के कई सीन राधा निकुंज बंगले से शूट किए गए। पायल प्रोडक्शन की फ़िल्म में छत्तीसगढ़ के कई बड़े चेहरे नजर आए जिसमें मुख्य भूमिका में प्रिंस दीवान एवं कंचन विश्वकर्मा ने अदा की, तो वहीं साइड रोल में अनिल सोनी, आनंद तांबे, चारू दुबे, शिवांश पटेल एवं मोनिका जैन अभिनय कर रहे हैं।
संतोष मालवीय एवं पवन मालवीय द्वारा कैमरे में फिल्म के सीन कैद किया गया। ज्योति नामदेव प्रोड्यूसर एवं लेखक कन्हैया पटनिहा के अनुसार फिल्म ‘जिंदगी तेरे नाम’ में एक्शन के साथ दर्शकों को एक अच्छी लव स्टोरी भी देखने को मिलेगी।

‘अरे घंटा’ का पोस्टर संग्राम शिर्के ने किया लॉन्च

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एस वी ए एम प्रोडक्शन निर्मित ‘अरे घंटा’ हिंदी म्युजिक अल्बम का पोस्टर लॉन्च

मुम्बई। जब कुछ अलग किस्म का कार्य किया जाता है तो वह निश्चित तौर पर लोगों की नज़रों में आ जाता है। और उसकी चर्चायें भी निरन्तर होने लगती है। ऐसा ही कुछ हटके कार्य एस वी ए एम प्रोडक्शन द्वारा किया गया है।
हाल ही में इस प्रोडक्शन द्वारा निर्मित ‘अरे घंटा’ हिंदी म्युजिक अल्बम साँग का पोस्टर वेस्टर्न इंडिया फिल्म एण्ड टीवी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन अध्यक्ष संग्राम शिर्के एवं जनरल सेक्रेटरी (विफा) दिलीप दलवी के हाथों लॉन्च किया गया। उसी दौरान कार्यालय में कई फिल्मी दिग्गजों की उपस्थिति भी रही।
अध्यक्ष शिर्के ने ‘अरे घंटा’ को सुनकर इसे अनोखा हास्य गाना बताया। और बरबस ही उन्हें दादा कोंडके के गोल्डन जमाने की याद आ गई। उन्होंने गीतकार राजेंद्र बोडारे एवं संगीतकार श्रीहरि वझे की खुले दिल से तारीफ की और ढेर सारी शुभकामनाएं दी।
उसी अवसर पर एस वी ए एम प्रोडक्शन के निर्माता शशिकांत अंकुश ने भी सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और इस खास मौके पर उन्होंने घोषणा की कि इसके बाद हम एक से बढ़कर एक गाना लाँच करते रहेंगे। ‘अरे घंटा’ हिंदी साँग एस वी ए एम प्रोडक्शन युट्यूब चॅनल पर लाँच किया है। हमें खुशी है कि इस गाने को सम्पूर्ण भारतवर्ष से बहुत अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
नीचे लिंक पर जाकर गाने की रिकॉर्डिंग देखा जा सकता है।
Link : https://youtu.be/AABospxTHNg

– संतोष साहू

रायपुर – गोठानों को लेकर छत्तीसगढ़ में भाजपा -कांग्रेस में राजनीति तेज

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रायपुर। गोठानों को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी तकरार जोरों पर है। चलबो गोठान, खोलबो पोल के अभियान के तहत प्रदेश के तमाम दिग्गज भाजपा नेता गोठनों का निरीक्षण करते हुए नजर आ रहे हैं। इस बीच पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल गोकुल नगर और फुंडहर स्थित गौठान में पहुंचे, इस दौरान उन्होंने देखा कि, गोबर की खरीदी बंद कर दी गई है। संचालन समूहों को पैसे न मिलने, चारा, खाद का बंदोबस्त न होने जैसी स्थितियां भी सामने आई है।
बता दें, पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन ने जब फुंडहर स्थित गौठान गए तो पता चला कि, 3 महीने से गोबर की खरीदी बंद है और 12,64,500 किलो का गोबर गायब नजर आया। जब अफसरों से इस बात की जानकारी ली, तो निगम के कर्मचारियों ने मुस्कुराकर बात को टाल दिया।
इसी मुद्दे पर अब कांग्रेस के नेताओ ने पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन को घेरते हुए INC Chhattisgarh ने एक ट्वीट कर के वीडियो पोस्ट किया है। प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि – गौ-माता के भोजन पात्र पर जूता रखने वाले गौ-हत्यारे भाजपाइयों का झूठ अब और नहीं।

नासिर-जुनैद हत्याकांड में -हरियाणा के गौ-रक्षा दल अध्यक्ष समेत 30 को माना आरोपी

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हरियाणा में भरतपुर के दो मुस्लिम युवकों नासिर और जुनैद को जलाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। चार्जशीट में पुलिस ने 8 नहीं 30 लोगों को आरोपी माना है। इसमें मुख्य रूप से हरियाणा का यूट्यूबर और गौ रक्षा दल का प्रमुख मोनू मानेसर समेत हरियाणा गौ रक्षा दल के अध्यक्ष योगेंद्र आचार्य का नाम भी शामिल है।

हालांकि पुलिस की ओर से जोड़े गए 21 आरोपियों का क्या रोल था, उसकी अभी जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि इनका कनेक्शन कहीं न कहीं इस हत्याकांड से रहा है।

वहीं अभी तक इस मामले में हरियाणा के रहने वाले रिंकू सैनी के साथ मोनू राणा और गोगी की गिरफ्तारी हो चुकी है। 6 आरोपी अभी भी फरार है।

माेनू राणा और गोगी पकड़े गए तो बड़े नाम आए सामने
गोपालगढ़ पुलिस के मुताबिक 15 फरवरी को जुनैद के चचेरे भाई इस्माइल ने जुनैद-नासिर को किडनैप करके मारपीट और फिर उनकी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हरियाणा के पांच लोगों पर आरोप लगाया गया। इनमें मुरथल के अनिल, मरोड़ा के श्रीकांत, फिरोजपुर झिरका के रिंकू सैनी, होटल के लोकेश सिंगला और मानेसर के मोनू उर्फ मोहित शामिल थे।
16 फरवरी को हरियाणा के भिवानी में दोनों के शव बोलेरो गाड़ी सहित जले मिले थे। इसी मामले में सबसे पहले 17 फरवरी को रिंकू सैनी से पूछताछ की गई थी। रिंकू से हुई पूछताछ में 8 नाम सामने आए थे। बताया गया था कि ये मुख्य आरोपी है। इसके बाद आईजी गौरव श्रीवास्तव ने सभी 8 फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
भरतपुर पुलिस ने 13 अप्रैल को उत्तराखंड के देहरादून के पास से पहाड़ियों में छिपे भिवानी के रहने वाले मोनू राणा और गोगी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इन दोनों से पूछताछ की तो पता चला कि हरियाणा गौ रक्षा दल के अध्यक्ष और मोनू मानेसर समेत अन्य लोगों ने भी उनकी सहायता की थी।
कोर्ट में चार्जशीट पेश की तब हुआ खुलासा
पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ 16 मई को कोर्ट में चालान पेश किया था। तब इस बात का खुलासा हुआ है कि नासिर और जुनैद की हत्या में अभी 21 आरोपियों के खिलाफ जांच चल रही है। कुछ आरोपियों के नाम FIR में शामिल हैं, और कुछ अन्य आरोपी है, जिनकी पुलिस जांच में मिलीभगत नजर आई है।
10 दिन की पुलिस रिमांड में दोनों ने मोहित उर्फ मोनू मानेसर, श्रीकांत मरोड़ा, अनिल मूलथान, लोकेश सिंगला, विकास आर्य, विशाल जेवली उर्फ नटवर, कालू उर्फ कृष्ण, बादल, शशिकांत, देवी लाल, भोलू, नवनीत, संजय परमार, दीपक मतलोड़ा, आजाद आचार्य, किशोर सैन, शिवम, तुषार उर्फ तन्नू , राजवीर, मनोज गुहाना, हरियाणा गौ रक्षा दल के योगेन्द्र आचार्य, भोला सिलानी, रमेश उर्फ मेस्सा सिसर, आशु जांगडा, सुखविंदर उर्फ सुक्खी, प्रवेश बॉक्सर और रविंद्र उर्फ कालिया के नाम बताए थे। अभी पुलिस इन सभी के नामों को लेकर जांच कर रही है।
आईजी ने बताया था गौ रक्षा दल के पदाधिकारियों ने भी की है सहायता
13 अप्रैल को आईजी गौरव श्रीवास्तव ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था। इस खुलासे के दौरान उन्हाेंने आशंका जताई थी कि हरियाणा गौ रक्षा दल के कुछ पदाधिकारी भी इसमें शामिल हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया था कि अभी इसकी जांच चल रही है। आईजी ने बताया था कि फरारी के दौरान इन आरोपियों की कुछ लोगों ने मदद की थी, इनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
मोनू मानेसर को लेकर कहा था- उसका नाम एफआईआर और संदिग्ध लिस्ट में भी शामिल है। पूछताछ के बाद मोनू मानेसर के बारे में पता चलेगा कि उसका कितना रोल है। वहीं, इस पूरे मामले में हरियाणा गौ रक्षा दल के अध्यक्ष का नाम भी सामने आया था। इसके अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के साथ अन्य पदाधिकारियों का भी पूरे मामले में सहयोग रहा था। ऐसे में उन्हें नोटिस जारी किया गया है और अब पूछताछ होगी।

पूछताछ में हुए थे ये चार बड़े खुलासे

1. गौ तस्करों को पकड़ने के लिए नाकाबंदी की थी: भरतपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि मोनू राणा और गोगी समेत उनका पूरा गिरोह नाकाबंदी कर गौ तस्करी के संदेह में लोगों को पकड़ता है। 14 फरवरी की रात भी ऐसा ही कुछ हुआ था। इन आरोपियों की तीन टीमें वहां थीं। दो टीम भरतपुर आई थी और एक टीम नूंह मेवात इलाके से इनके साथ जुड़ी थी।

2. नासिर-जुनैद को किडनैप कर सरियों से पिटाई कर अधमरा किया: ये लोग नासिर और जुनैद को किडनैप कर फिरोजपुर झिरका (हरियाणा) ले गए थे। यहां पूरे एरिया में इन्हें गाड़ी में बैठाकर घुमाते रहे। फिर लाठी और सरियों से इनकी पिटाई की। पीट-पीटकर आरोपियों ने दोनों को अधमरा कर दिया। अधमरी हालत में आरोपी दोनों काे हरियाणा पुलिस के पास ले गए थे।

3. पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया तो हत्या का प्लान: नासिर और जुनैद की हालत देख हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार करने से मना कर दिया था। इन आरोपियों को जब पता चला कि हरियाणा पुलिस इन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी तो उन्हें डर सताने लगा कि दोनों युवकों को ऐसे ही छोड़ दिया तो उनके लिए मुसीबत बन जाएंगे। इसके बाद आरोपियों ने दोनों की हत्या का प्लान बनाया।

4. भिवानी लेकर गए, एक का गला घोंटा, दूसरे को पीटा: नासिर और जुनैद को आरोपी भिवानी लेकर गए। यहां नासिर की गला घोंटकर हत्या की गई। जुनैद की भी दोबारा पिटाई की गई। भिवानी के बाहर आते-आते दोनों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए भिवानी के लोहारू में दोनों के शव बोलेरो में रखे और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

सोशल मीडिया पर माेनू मानेसर के लाखों फाॅलोअर्स

बता दें कि मोनू मानेसर सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहता है। उसके फेसबुक पर 80 हजार तो यूट्यूब पर 2 लाख फॉलोअर्स हैं। कथित गौ-तस्करों को धमकी और रोड पर उनके साथ मुकाबला करते हुए कई बार मोनू मानेसर और उनकी टीम के वीडियो सामने आते रहे हैं।

कुछ दिन पहले ही गुरुग्राम में बगैर टायर सड़क पर खाली रिम से चिंगारी निकलती गाड़ी दौड़ाते हुए वीडियो सामने आया था। इसमें कुछ लोग गाड़ी से गाय भी फेंकते नजर आ रहे थे। बाद में मोनू मानेसर की टीम ने ही उन्हें पीछा कर पकड़ा था।

खड़ा कर दिया मजबूत नेटवर्क
साल 2016 तक मोनू मानेसर खुद को गौ रक्षा दल का प्रमुख चेहरा बनाने के लिए अपना नेटवर्क एक्टिव किया। उसके मुखबिरों का नेटवर्क हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, नूंह, सोनीपत, पलवल और झज्जर समेत कई शहरों में खड़ा हो गया। जहां उसकी टीम और बजरंग दल के लोग हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर काम करने लगे।

ये कथित गौ-तस्करों को पकड़ने के बाद उनको पुलिस को सौंप देते हैं। हालांकि खास बात यह है कि मोनू मानेसर का नेटवर्क ऐसा है कि गौ-तस्करी के मामले में पुलिस के पास बाद में सूचना पहुंचती है, पहले मोनू के ग्रुप को पता चल जाती है। उसकी टीम में काफी सारे युवा शामिल हैं।

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पुलिस और गौ तस्कर हुए आमने-सामने, पैर में गोली लगने से एक तस्कर हुआ घायल

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हरिद्वार। एक बार फिर से हरिद्वार में पुलिस और गौ तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। जिसमें पैर में गोली लगने से एक बदमाश घायल हो गया। पथरी थाना क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ में घायल बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि एक बदमाश की तलाश में कांबिंग चल रही है।

जिलेभर में पुलिस ने बॉर्डर से लेकर सभी मुख्य मार्गों पर चेकिंग कर वाहनों को खंगाला। मामले के अनुसार, शनिवार की मध्य रात्रि पथरी थाना क्षेत्र में पुलिस को सूचना मिली कि जंगल के अंदर गोकशी की तैयारी चल रही है। पुलिस और सीआईयू की टीम ने मौके पर पहुंचकर खंगाला शुरू किया। तभी दो लोग गोकशी करने की तैयारी करते मिले। जैसे ही पुलिस ने उनकी घेराबंदी शुरू की वैसे बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इधर से पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। जिसमें बदमाश जब्बार के पैर में गोली जा लगी। घायल बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि एक बदमाश भाग निकला।

जिसकी तलाश में कांबिंग शुरू की गई। सूचना मिलते ही एसएसपी अजय सिंह ने निर्देश देते हुए हरिद्वार पुलिस की कई टीमें बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगाई। जबकि अधीनस्थों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया। पुलिस रातभर तक कांबिंग करते हुए बदमाशों की तलाश में जुटी रही। जिले की फोर्स को अलर्ट कर दिया गया। जिलेभर में पुलिस चेकिंग में जुट गई। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हुआ है। जबकि दूसरा फरार हो गया। जिसकी तलाश की जा रही है।

असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने गौ-विज्ञान पर राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया

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गुवाहाटी (एएनआई): असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आधुनिक जीवन और चिकित्सा विज्ञान में गायों के महत्व पर चर्चा करने के लिए ‘गौ-विज्ञान’ पर आईआईटी-गुवाहाटी में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया है. शनिवार को उद्घाटन के बाद कटारिया ने कहा, ”गाय भारतीय सामाजिक-आर्थिक और कृषि व्यवस्था का अभिन्न अंग रही है. आज गौ-विज्ञान हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम कर रहा है. आयुष चिकित्सा”।

राज्यपाल ने यह भी कहा, “हमारी भारतीय संस्कृति में गायों का बहुत महत्व रहा है और वे माता के रूप में पूजनीय रही हैं। वेदों में गाय के दूध को अमृत के समान माना गया है। दूध की तरह गाय का गोबर और गोमूत्र भी मूल्यवान है। इसी तरह गाय का दूध, दही, घी और मक्खन मनुष्य के लिए पौष्टिक आहार है, उसी प्रकार गाय का गोबर और गोमूत्र धरती के लिए लाभदायक है। कटारिया ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि गाय कृषि उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

राज्यपाल ने कहा कि आलम यह है कि गाय धार्मिक और आर्थिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण है. बल्कि कुछ वैज्ञानिक तथ्य भी हैं, जो गाय के महत्व को बताते हैं। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और गायों को कृषि के लिए बहुत उपयोगी दिखाया गया है।

प्राकृतिक खेती गाय आधारित खेती का संशोधित रूप है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों और कीटनाशकों के रूप में गोबर और गोमूत्र के उपयोग से जैव विविधता मजबूत होती है। “मुझे खुशी है कि इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए, भारतीय गोवंश रक्षा संवर्धन परिषद के सहयोग से भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र (सीआईकेएस) और आईआईटी-गौहाटी द्वारा गौ-विज्ञान पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया है। मुझे बहुत खुशी है कि ध्यान दें कि इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में भारतीय इतिहास और परंपरा में गायों के महत्व, गौशालाओं और डेयरी फार्मों के प्रबंधन आदि को शामिल किया गया है,” असम के राज्यपाल ने कहा।

राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि सम्मेलन आधुनिक विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के साथ प्राचीन परंपराओं के एकीकरण के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि देश भर के विद्वानों से बहुमूल्य सुझाव भी प्राप्त होंगे। सम्मेलन में आईआईटी-जी के निदेशक प्रोफेसर परमेश्वर के अय्यर, भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र के प्रमुख प्रोफेसर उदय एस दीक्षित, गाय विज्ञान अनुसंधान केंद्र के मुख्य संयोजक, देवलापार, नागपुर सुनील मानसिंहका, भारतीय गोवंश संरक्षण संवर्धन परिषद के अध्यक्ष विनोद कयाल ने भाग लिया। अन्य गणमान्य व्यक्तियों के एक मेजबान के साथ। (एएनआई)