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MP में कांग्रेस नेता करेंगे गौशालाओं की निरीक्ष्ण

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MP में कांग्रेस नेता करेंगे गौशालाओं की निरीक्ष्ण, PCC चीफ ने कहा- सरकार गाय की सुरक्षा पर

MP News: जीतू पटवारी ने कहा कि बीते छह माह में राज्य में अलग-अलग हिस्सों में एक हजार से ज्यादा गायों की हत्या हो चुकी है. इतना ही नहीं, हर रोज 100 गाय सड़क हादसे में अपनी जान गंवा रही है, गाड़ियों के नीचे दबकर गायों की मौत हो रही है, गायों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार की है, मगर सरकार बेखबर है.

 

Gaushala in MP: कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य में गायों की स्थिति पर सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में गाय मर रही हैं, उनकी हत्या की जा रही है, मगर सरकार की ओर से गाय सुरक्षा के कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं. राज्य की गौशालाओं की स्थिति प्रदेश की जनता के सामने लाने के लिए आने वाले दिनों में कांग्रेस नेता गौशालाओं का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे. दरअसल, बीते दिनों मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद को गाय पालक बताया था, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने को गाय पालने वाला बताते हैं, मगर राज्य में गायों की स्थिति बहुत खराब है.

सरकार बेखबर

जीतू पटवारी ने कहा कि बीते छह माह में राज्य में अलग-अलग हिस्सों में एक हजार से ज्यादा गायों की हत्या हो चुकी है. इतना ही नहीं, हर रोज 100 गाय सड़क हादसे में अपनी जान गंवा रही है, गाड़ियों के नीचे दबकर गायों की मौत हो रही है, गायों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार की है, मगर सरकार बेखबर है.

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पटवारी ने मुख्यमंत्री यादव से आग्रह किया है कि गायों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए जाएं और मुख्यमंत्री इन स्थितियों में सुधार लाएं. ऐसा नहीं हुआ तो आगामी एक सप्ताह बाद पूरी कांग्रेस पार्टी गौशालाओं पर पहुंचेगी और स्थिति का जायजा लेगी. किसी भी तरह की खराब स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के जरिए जनता के बीच ले जाएगी.

मुख्यमंत्री के बयान पर तंज कसते हुए पटवारी ने कहा, “मुख्यमंत्री खुद को गाय का रक्षक बताते हैं, मगर वास्तविकता सामने है. गायों की स्थिति बताना विपक्ष और कांग्रेस की जिम्मेदारी है, उसे हम आने वाले समय में सबके सामने लाएंगे. अब भी सरकार के पास समय है; वे आगामी एक सप्ताह में गायों की सुरक्षा, दाना पानी व चारा आदि की व्यवस्था नहीं करते हैं तो कर लें. आने वाले समय में कांग्रेस के नेता गौशालाओं तक जाएंगे और पोल खोलेंगे. यह आंदोलन एक सप्ताह चलेगा.”

वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पटवारी ने मुख्यमंत्री यादव से आग्रह किया है कि वे गाय की रक्षा के लिए गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाएं. राज्य सरकार ने गायों की रक्षा और उनके संरक्षण के लिए कई कदम उठाए हैं; गौशाला में गायों के लिए प्रति दिन चारा पर होने वाले व्यय को भी बढ़ाया है. गौशालाएं बढ़ाई जा रहीहैं.. उसके बाद भी गाय सड़कों पर नजर आती हैं.

Nepal PM News: नेपाल में अंतरिम PM पर ट्विस्ट, अब सुशीला कार्की की जगह कैसे आया कुलमन घिसिंग का नाम

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Nepal PM News: जेन-जी प्रदर्शन के बाद से ही नेपाल की सियासत में हलचल जारी है. नेपाल में नई सरकार कब बनेगी और कैसी होगी, इस पर सस्पेंस बरकरार है. इस बीच नेपाल में अंतरिम PM के नाम पर नया मोड़ सामने आया है. अब नेपाल में चीफ जस्टिस रहीं सुशीला कार्की अंतरिम पीएम नहीं होंगी. उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया है. अब उनकी जगह कुलमन घिसिंग का नाम सामने आया है. बताया जा रहा है कि जेन-जी ने ही कुलमन घिसिंग का नाम आगे बढ़ाया है.  दरअसल, नेपाल में Gen-Z के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों ने सियासी पिक्चर को पूरी तरह बदल दिया है. केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद अंतरिम सरकार के गठन पर चर्चा तेज है. मगर अब इसमें एक बड़ा ट्विस्ट आया है. शुरू में पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने पर सहमति बनती दिख रही थी, मगर अब नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के पूर्व सीईओ कुलमन घिसिंग का नाम तेजी से उभरा है. जी हां, खुद Gen Z प्रदर्शनकारियों ने कुलमन घिसिंग का नाम आगे बढ़ाया है.

दरअसल, यह यूटर्न Gen Z प्रदर्शनकारियों की वर्चुअल मीटिंग्स और आंतरिक बहसों का नतीजा है. पहले नेपाल पीएम की रेस में सुशीला कार्की सबसे आगे थीं. उसके बाद काठामांडू के मेयर ही फेवरिट थे. मगर उनके नाम पर सहमति नहीं बनी. खुद मेयर बालेन उर्फ बालेंद्र शाह ने सुशीला कार्की के नाम पर सहमति दी और उनका समर्थन किया. 10 सितंबर को 5000 से ज्यादा Gen Z युवाओं की वर्चुअल मीटिंग में सुशीला कार्की का नाम सबसे आगे आया था. मगर आर्मी चीफ के साथ आज यानी गुरुवार को बातचीत के बाद अब सुशीला कार्की का नाम पीछे हट गया. अब कुलमन घिसिंग पीएम की रेस में सबसे आगे हो गए हैं.

सुशीला कार्की खुद नहीं बनना चाहतीं? 

दरअसल, सुशीला कार्की 72 साल की हैं. वह नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रह चुकी हैं. वह अपनी ईमानदारी और भ्रष्टाचार विरोधी फैसलों के लिए जानी जाती हैं. उन्होंने कम से कम 1,000 हस्ताक्षरों की मांग की थी, जो 2,500 से ज्यादा हो गए. सुशीला कार्की वैसे भी अंतरिम पीएम नहीं बनना चाहती थीं. खुद आर्मी चीफ ने उन्हें 15 घंटे की मिन्नत करने के बाद मनाया था. सुशीला कार्की भारतीयों और नेपाली लोगों के रिश्तों को महत्व देती हैं और पीएम मोदी का सम्मान करती हैं.
मीटिंग में ही हुआ यूटर्न 

आज यानी गुरुवार को आखिरी दौर की मीटिंग हुई. यह मीटिंग सुशीला कार्की के नाम पर सहमति को लेकर थी. कारण कि उनके नाम पर पेच फंसा था. Gen Z गुट के ही कुछ लोग आपत्ति जता रहे थे. मीटिंग में कुछ ग्रुप्स ने सुशीला कार्की की उम्र और राजनीतिक अनुभव की कमी पर सवाल उठाए. यहीं से नेपाल के अंतरिम पीएम पर यूटर्न आया. इसी बैठक में कुछ प्रदर्शनकारियों ने कुलमन घिसिंग को वैकल्पिक नाम के रूप में पेश किया.
कौन हैं कुलमन? 

कुलमन घिसिंग नेपाल में लोडशेडिंग खत्म करने के लिए ‘हीरो’ माने जाते हैं. वह कुशल प्रशासक और गैर-राजनीतिक व्यक्ति हैं. वैसे मीटिंग में कई अन्य नामों पर भी चर्चा हुई, मगर कुलमन घिसिंग को ज्यादा सपोर्ट मिला. इसकी वजह है कि कुलमन घिसिंग नेपाल में ऊर्जा क्षेत्र में सुधार लाने वाले हैं और भ्रष्टाचार से दूर माने जाते हैं. माना जा रहा है कि आर्मी चीफ ने भी कुलमन घिसिंग के नाम पर अपनी हामी भर दी है. इसके अलावा, Gen-Z का एक धड़ा मानता है कि कुलमन घिसिंग नई चुनावों तक स्थिरता ला सकते हैं.

 

यमुना की तेज धारा में फंसी गाय

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उत्तराखंड में बारिश के चलते कई नदियां उफान पर हैं. सैलाब की मार से इंसान और बेजुबान दोनों ही परेशान हैं. इसी बीच उत्तराकाशी से एक गाय के रेस्क्यू की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें फायर टीम बडकोट के जवानों ने यमुना नदी के बीच में फंसी एक गाय को बचा रहे हैं. बताया जा रहा है कि गाय यमुनोत्री की तरफ से बहकर आई थी, जो टापू में रेत और बोल्डर के बीच फंस गई और काफी दिनों से भूखी भी है.

फायर टीम ने रस्सी के सहारे किया रेस्क्यू

दरअसल मामला यमुनोत्री हाईवे से लगते हुए गंगनानी स्थित श्मशान घाट के पास यमुना नदी का है. फायर टीम बडकोट को सूचना मिली की नदी के तेज बहाव के बीच एक गाय फंस गई है. जानकारी मिलते ही फायर टीम मौके पर पहुंची और नदी के तेज बहाव के बीच से गाय को एक रस्सी के सहारे बहार निकाल लिया

 

श्रद्धा से किया गया कर्म है श्राद्ध

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(विजय कुमार शर्मा -विभूति फीचर्स)

श्राद्ध की चर्चा होते ही मन में एक पारंपरिक दृश्य उभरता है – पिंडदान, तर्पण, ब्राह्मण भोज,परंतु इन कर्मों के पीछे जो भाव है, वह कहीं अधिक गहरा है। वह है श्रद्धा। श्रद्धा-जो केवल स्मृति नहीं, बल्कि आत्मा की पुकार है।
श्राद्ध का मूल अर्थ है श्रद्धा से किया गया कर्म। यह कर्मकांड नहीं, एक संवेदनशील संवाद है-हमारे और हमारे पूर्वजों के बीच। यह वह क्षण है जब हम मृत्यु को केवल अंत नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक सेतु मानते हैं।
जब कोई पुत्र अपने पिता के लिए जल अर्पित करता है, तो वह जल केवल एक भौतिक अर्पण नहीं होता। वह उस पुत्र की आत्मा से निकली हुई कृतज्ञता की धारा होती है। जब कोई बेटा अपने दादा के नाम से ब्राह्मण को भोजन कराता है, तो वह भोजन केवल अन्न नहीं होता- वह स्मृति का प्रसाद होता है।
श्राद्ध में श्रद्धा होनी चाहिए। श्रद्धा नहीं तो श्राद्ध केवल एक रस्म बनकर रह जाता है और जब श्रद्धा होती है, तो श्राद्ध एक जीवंत अनुभव बन जाता है,जिसमें मृत्यु भी मौन नहीं, बल्कि संवाद करती है।

पूर्वजों की उपस्थिति: अदृश्य, पर सजीव

भारतीय परंपरा में यह विश्वास है कि पूर्वज केवल शरीर छोड़ते हैं, संबंध नहीं। वे हमारे कर्मों में, हमारे संस्कारों में, हमारी स्मृति में जीवित रहते हैं।
– जब हम श्राद्ध करते हैं, तो हम उन्हें आमंत्रित करते हैं।
– यह एक आत्मिक पुनर्मिलन है, जिसमें हम उन्हें कहते हैं- “आप गए नहीं हैं, आप हमारे भीतर हैं।”

श्राद्ध का यह भाव हमें मृत्यु के भय से मुक्त करता है। यह हमें सिखाता है कि जीवन केवल सांसों का नाम नहीं, बल्कि स्मृति और श्रद्धा का विस्तार है।

श्रद्धा: आत्मा की भाषा

श्रद्धा वह शक्ति है जो हमें हमारे मूल से जोड़ती है। यह केवल भाव नहीं, बल्कि एक आंतरिक प्रकाश है।
– यह हमें विनम्र बनाती है, क्योंकि हम जानते हैं कि हम किसी के त्याग की विरासत हैं।
– यह हमें कृतज्ञ बनाती है, क्योंकि हम समझते हैं कि जो कुछ हमें मिला है, वह किसी के तप का फल है।

श्राद्ध के माध्यम से हम उस श्रद्धा को कर्म में बदलते हैं। यह वह क्षण होता है जब धर्म, संस्कृति और आत्मा एकत्रित होते हैं।

आधुनिक संदर्भ में श्राद्ध

आज की भागदौड़ भरी दुनिया में श्राद्ध को अक्सर एक “अनिवार्य रस्म” के रूप में देखा जाता है। लोग पंडित बुलाते हैं, विधि करवाते हैं, भोज कराते हैं-परंतु श्रद्धा कहीं खो जाती है।

श्राद्ध तब ही सार्थक होता है जब वह भीतर से किया जाए, न कि केवल बाहर से।
– जब हम तर्पण करते हैं, तो वह केवल जल नहीं, बल्कि अश्रु और आत्मा का अर्पण होना चाहिए।
– जब हम मंत्र उच्चारित करते हैं, तो वह केवल ध्वनि नहीं, बल्कि भाव और भक्ति की प्रतिध्वनि होनी चाहिए।

श्राद्ध को पुनः श्रद्धा से करना ही आज की आवश्यकता है। तभी यह कर्मकांड नहीं, कर्मयोग बन सकेगा।
संतों ने सदैव कहा है-“जो गया है, वह मिटा नहीं है।” यह वाणी श्राद्ध की आत्मा है।
– जब हम श्राद्ध करते हैं, तो हम उस वाणी को जीते हैं।
– हम मृत्यु को स्वीकारते हैं, परंतु उसे वियोग नहीं, योग मानते हैं।
श्राद्ध वह अवसर है जब हम संतों की वाणी को कर्म में बदलते हैं। यह वह क्षण है जब हम अपने जीवन को धार्मिक नहीं, आध्यात्मिक बनाते हैं। (विभूति फीचर्स)

दृष्टिकोण पड़ोस की आँच पर अराजकता के सपने

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(डॉ. सुधाकर आशावादी-विनायक फीचर्स)

स्वस्थ लोकतंत्र जियो और जीने दो की अवधारणा में विश्वास करता है। वह चाहता है कि उसका पड़ोस भी खुशहाल रहे, किन्तु किसी भी राष्ट्र का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ चिंतक हो, ऐसा कहना उचित नहीं कहा जा सकता। वैचारिक दृष्टि से हर किसी की मानसिकता राष्ट्रवाद के प्रति समर्पित नहीं होती। बहुधा अपने देश में ही बुद्धिजीवी प्रबुद्ध कहे जाने वाले विचारकों के बयान सुनें, तो लगता है, कि बिना किसी आधार के अतार्किक बयान देने में भारतीय मुंगेरीलाल अग्रणी रहना चाहते हैं।

विचारकों के भी गुट बन गए हैं, कुछ विचारकों का कार्य ही राष्ट्रविरोधी तत्वों के समर्थन में खड़े रहना है तथा भारत की विकास गति को नकारना है, साथ ही अराजक और राष्ट्र विरोधी तत्वों को भारत में उपद्रव मचाने के लिए प्रेरित करना है।

विगत वर्ष बांग्लादेश में शेख हसीना को अपदस्थ करके वहाँ के हिन्दू मंदिरों को जिस प्रकार से निशाना बनाया गया तथा हिन्दुओं की हत्याएं की गई, उस समय भारत में अराजक तत्वों के समर्थकों ने बंगलादेश के विरूद्ध कोई आवाज नहीं उठाई और न ही मानवता के विरूद्ध किये गए कृत्यों का कोई विरोध किया। ऐसे तत्व भारत में बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध भी एक शब्द नहीं बोलते। बांग्लादेशी घुसपैठियों के समर्थन में उनकी संवेदनाएं अवश्य प्रकट होती रही हैं।
बहरहाल अब यह सामान्य है कि जब जब विदेशी धरती पर हिन्दुओं के प्रति दोहरा व्यवहार किया जाता है तथा हिन्दू धर्मस्थलों पर हमले होते हैं, तब तब भारत में रहने वाले अराजक तत्व चुप्पी साध लेते हैं तथा यही कामना करते हैं कि भारत में भी अराजकता फैले। फ़िलहाल भारत के छोटे भाई कहे जाने वाले नेपाल में जिस प्रकार से उपद्रव हुए तथा वहाँ के सत्ताधीशों के विरुद्ध जनआक्रोश देखने को मिला, उससे भी भारत में रहने वाले सत्ता विरोधी अराजक तत्व काफी प्रसन्न हैं। सोशल मीडिया पर उनकी टिप्पणियाँ स्पष्ट संकेत दे रही हैं, कि भारत में अराजकता फ़ैलाने में विफल और हताश लोग भारत में भी नेपाल जैसी अराजकता देखना चाहते है।

भारत में रहने वाले ये अराजक तत्व खुशहाली इंडेक्स में नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान , श्रीलंका, म्यांमार और अफगानिस्तान को भारत की अपेक्षा संपन्न सिद्ध करके कई बार भारत को कमतर घोषित कर चुके हैं। इन पड़ोसी देशों में महँगाई, भुखमरी और अराजकता भारतीय अराजक तत्वों के लिए कभी चिंतन का विषय नहीं रही। ऐसे में नेपाल में युवाओं द्वारा किए गए सत्ता विरोध को देखकर अराजक तत्व यह विमर्श प्रसारित करने का प्रयास कर रहे हैं, कि भारत में भी नेपाल जैसे प्रयास हो सकते हैं। मेरा मानना है कि अराजक कौवों के कोसने से किसी का भी अनिष्ट नहीं हो सकता। भारत का आम नागरिक सत्ता से संतुष्ट है। बेरोजगारी अंतरराष्ट्रीय समस्या है। राजनीति में भ्रष्टाचारियों के दिन लद चुके हैं। वंशवादी राजनीति को देश ने अस्वीकार कर दिया है। ऐसे में भारत में अराजक तत्वों के मंसूबे पूरे होने के आसार नजर नहीं आते।

हताश विपक्ष भी अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने हेतु संघर्ष कर रहा है। अपनी प्रासंगिकता खो चुके राजनीतिक दल और उनके स्वयंभू नेता बार बार जनता की अदालत में जाते हैं, भिन्न भिन्न नारे लगाते हुए पदयात्राएं करने का नाटक रचते हैं, किन्तु निष्कर्ष में अपनी दुर्गति ही कराते हैं।

कहने का आशय यही है कि भारत में अराजकता फ़ैलाने के लिए भले ही देशी विदेशी शक्तियां सत्ता विरोधी विपक्ष के साथ मिलकर कितने ही षड्यंत्र रच लें। भारतीय जनमानस की राष्ट्रवादी विचारधारा के सम्मुख भारत में अराजकता फ़ैलाने का स्वप्न देखने वाले तत्वों के मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे। (विनायक फीचर्स)

डॉ. सुधाकर आशावादी

मुंबई में महिला कौशल विकास एक्सपो का आयोजन, गाय के गोबर से बने उत्पादों ने खींचा ध्यान

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मुंबई में महिला कौशल विकास एक्सपो का आयोजन, गाय के गोबर से बने उत्पादों ने खींचा ध्यान, जैकी श्रॉफ ने की तारीफ

मुंबई, (वार्ता)। लोढा ग्रुप और जैन वुमन ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में ग्रांट रोड, मुंबई में एक महिला कौशल विकास एक्सपो का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश की महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना था।

इस एक्सपो में कई संस्थाओं और कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए, जहाँ उन्होंने महिलाओं के लिए विभिन्न प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों की जानकारी साझा की। इस कड़ी में, गिर गौ जतन संस्था द्वारा लगाया गया स्टॉल कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रहा। इस स्टॉल पर संस्था ने गाय के गोबर और गौमूत्र से निर्मित विभिन्न उत्पादों, जैसे कि अगरबत्ती, धूप, खाद और कीटनाशक आदि, की जानकारी दी और उन्हें बाजार में लाने के उद्देश्य से लोगों को जागरूक किया।

इस महत्वपूर्ण आयोजन में कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथियों में लोढा ग्रुप के संस्थापक श्री मंगल प्रभात लोढा कैबिनेट मंत्री महाराष्ट्र सरकार, जाने-माने समाजसेवी श्री बॉलीवुड कलाकार जैकी श्राफ, श्री रमेश भाई रूपारेलिया, श्रीमती मंजू जी लोढा अध्यक्ष जीवो, श्री भारत सिंह राजपुरोहित, सुश्री स्मिता जयकार और श्री अश्वनी पाटिल शामिल रहे।

सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सार्थक कदम हैं।

आचार्य लोकेशजी कज़ाख़िस्तान में विश्व धर्म कांग्रेस को संबोधित करेंगे

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आचार्य लोकेशजी की रूस, यूक्रेन, इज़राइल व फिलिस्तीन के प्रतिनिधियों से युद्ध विराम पर चर्चा होगी

विश्व धर्म कांग्रेस में आचार्य लोकेश सहित 60 देशों के 100 से अधिक धर्माचार्य व जनप्रतिनिधि शामिल

नई दिल्ली 12 सितंबर 2025 : अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक कज़ाख़िस्तान में आयोजित ‘विश्व धर्म कांग्रेस’ को संबोधित करेंगे | युक्रेन-रूस, इज़राइल व फिलिस्तीन के युद्ध व विश्व में बढ़ती धार्मिक असहिष्णुता के बीच विश्व के पारंपरिक धर्माचार्यों और जनप्रतिनिधियों की आठवीं कांग्रेस राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव की अध्यक्षता में “धर्मों का संवाद: भविष्य के लिए तालमेल” विषय पर आधारित 15 से 18 सितंबर तक कज़ाख़िस्तान की राजधानी आस्ताना में आयोजित हो रही है |

विश्व धर्म कांग्रेस में आचार्य लोकेश जी जैन धर्म और भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, साथ में मॉस्को के पैट्रिआर्क किरिल और अल-अजहर के ग्रैंड इमाम शेख अहमद अल-तैयब, ओआईसी के राजनीतिक मामलों के सहायक महासचिव यूसुफ अल-डोबे, विश्व बौद्ध फैलोशिप के अध्यक्ष फलोप थायरी, आदि शामिल होंगे |

विश्व शांति दूत आचार्य लोकेश जी इस दौरान युक्रेन, रूस, इज़राइल, फिलिस्तीन के प्रथिनिधियों के अलावा इस्लाम, ईसाई धर्म, बौद्ध धर्म, यहूदी धर्म, हिंदू धर्म, ताओ धर्म, पारसी धर्म के धर्माचार्यों से युद्ध विराम पर चर्चा कर विश्व शांति के लिए बैठक करेंगे | आचार्य लोकेशजी ‘डिजिटल वास्तविकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में आध्यात्मिक मूल्य का महत्व’ समसामयिक विषय को संबोधित करेंगे।
शांतिदूत आचार्य लोकेश जी विश्व के विभिन्न देशों के जनप्रतिनिधियों और धर्माचार्यों को भारत के विश्व शांति केंद्र मे शांति व सद्भावना पर आयोजित होने वाली संगोष्ठी के लिए आमंत्रित करेंगे |

समीक्षा गोस्वामी अब साउथ के दर्शकों का दिल जीतने के लिए बेकरार

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राजस्थान के कोटा की रहने वाली उभरती अभिनेत्री समीक्षा गोस्वामी ने हिंदी और भोजपुरी म्यूजिक वीडियो से दर्शकों का दिल जीतने के बाद अब साउथ फिल्मों की ओर कदम बढ़ा दिया है। कई सालों से मायानगरी मुंबई में रह रहीं समीक्षा अब तक पाँच से अधिक म्यूजिक वीडियो में नजर आ चुकी हैं। उनके चर्चित गानों में “एक हसीना थी एक दीवाना था”, “एग्रीमेंट” और “राजनीति” जैसे सांग्स यूट्यूब पर उपलब्ध हैं और दर्शकों द्वारा सराहे गए हैं।

जल्द ही भोजपुरी स्टार प्रमोद प्रेमी यादव के साथ उनका नया वीडियो सांग रिलीज होने जा रहा है। इसके अलावा समीक्षा की पहली साउथ फिल्म की शूटिंग भी लगभग पूरी हो चुकी है और वह अब फिल्मों में अपने अलग अंदाज से पहचान बनाने को तैयार हैं।

खास बात यह है कि समीक्षा केवल सुंदरता ही नहीं बल्कि आत्मविश्वास और बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। बेहद चुलबुली और हँसमुख स्वभाव वाली समीक्षा बतौर अभिनेत्री हर तरह के रोल निभाना चाहती हैं। उन्हें एकता कपूर के सुपरहिट शो “नागिन” का किरदार बेहद पसंद आया था और वह चाहती हैं कि भविष्य में फिल्मों में ऐसा रोल निभाने का मौका मिले। साथ ही गृहणी, अमीर महिला और ग्रे शेड्स वाले रोल्स करने में भी उन्हें खास दिलचस्पी है।

समीक्षा का कहना है कि कभी भी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। अगर मेहनत और लगन से काम करें तो अच्छे लोगों का साथ हमेशा मिलता है और मंज़िल भी मिलती है।”

भोजपुरी से लेकर साउथ इंडस्ट्री तक का सफर तय करने जा रहीं समीक्षा गोस्वामी आने वाले समय में दर्शकों को अपने अभिनय से नए रंग और नई कहानियाँ दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा के साथ कंट्री क्लब हॉस्पिटैलिटी एंड हॉलीडेज़ लिमिटेड ने की नवरात्रि बैश की घोषणा

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मुंबई। कंट्री क्लब हॉस्पिटैलिटी एंड हॉलीडेज़ लिमिटेड (CCHHL), जिसके पास दुनियाभर में 35 से अधिक ओन्ड क्लब और 50 से अधिक फ्रैंचाइज़ क्लब हैं, ने एशिया का सबसे भव्य नवरात्रि उत्सव आयोजित करने की घोषणा की है। इस शानदार कार्यक्रम की खासियत होंगी बॉलीवुड अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा, जो अपने ग्लैमर और स्टार पॉवर से कार्यक्रम की शान बढ़ाएँगी। यह आयोजन CCHHL के 20 लाख से अधिक सदस्यों के लिए अविस्मरणीय अनुभव देने के प्रयासों का हिस्सा है।

कंट्री क्लब के मैनेजिंग डायरेक्टर और “किंग ऑफ क्लब” कहे जाने वाले राजीव रेड्डी ने इस अवसर पर शर्लिन चोपड़ा को वीआईपी गोल्ड मेंबरशिप कार्ड प्रदान किया। उसी अवसर पर एंकर सिमरन आहूजा भी उपस्थित रहीं। फिर दोनों सुंदरियों के साथ राजीव रेड्डी ने गरबा नृत्य किया।

शर्लिन ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले कंट्री क्लब में ठहरना शुरू किया था और अब इस सदस्यता के तहत वह हर 10 दिनों में एक दिन रुककर स्विमिंग पूल, जिम और बैडमिंटन जैसी बेहतरीन सुविधाओं का आनंद ले सकती हैं। शर्लिन ने कहा कि कंट्री क्लब का वातावरण बेहद पारिवारिक है और यहां का माहौल वाकई शानदार है। मैं फ्री टाइम में सभी क्लबों में चिल करना चाहती हूं क्योंकि यहां समय बिताना सचमुच फैंटास्टिक फील देता है।

कंट्री क्लब के लगभग 2 मिलियन सदस्य हैं और यह संस्था न केवल वैश्विक स्तर पर गतिविधियाँ आयोजित करती है बल्कि भारत के हर त्यौहार को भी बड़े उत्साह से मनाती है।

बॉलीवुड सितारे गोविंदा, विवेक ओबेरॉय और मल्लिका शेरावत पहले से ही कंट्री क्लब से जुड़े हुए हैं। वहीं सलमान खान, शाहरुख खान, ऋतिक रोशन और सुष्मिता सेन भी कई मौकों पर क्लब के मालिक राजीव रेड्डी की तारीफ कर चुके हैं।

राजीव रेड्डी ने बताया कि इस बार हमारे क्लब में एशिया का सबसे बड़ा नवरात्रि बैश इवेंट होगा जिसमें 9 दिन तक चलने वाला संगीत, नृत्य और पारंपरिक उत्सवों से भरा भव्य आयोजन रहेगा। वहीं अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा कार्यक्रम में ग्लैमर और उत्साह जोड़ेगी।
इस नवरात्रि बैश इवेंट में दुनियाभर के 35 से अधिक ओन्ड क्लब और 50 से अधिक फ्रैंचाइज़ क्लब के सदस्य भाग लेकर विशेष लाभ उठा सकेंगे।

कंट्री क्लब हॉस्पिटैलिटी एंड हॉलीडेज़ लिमिटेड के बारे में बता दें कि 1989 से कंट्री क्लब भारत में संपूर्ण मनोरंजन, अवकाश और हॉस्पिटैलिटी सेवाएँ प्रदान करने वाला अग्रणी संस्थान है। लक्ज़री, किफ़ायती सेवाएँ और बेहतरीन अनुभव उपलब्ध कराने पर केंद्रित, कंट्री क्लब अपने सदस्यों को हाई-एंड क्लबिंग हब्स, आकर्षक हॉलीडे डेस्टिनेशन, अत्याधुनिक फिटनेस सेंटर्स और सितारों से सजे कार्यक्रमों का विशेष आनंद देता है।

कंट्री क्लब संभावित पार्टनर्स को फ्रैंचाइज़ अवसरों की खोज करने के लिए आमंत्रित करता है, जिससे सदस्य दुनियाभर में विशेष लाभ और इवेंट्स का हिस्सा बन सकें। हॉस्पिटैलिटी और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में मजबूत उपस्थिति के साथ, कंट्री क्लब लगातार लक्ज़री और मनोरंजन के नए मानक स्थापित कर रहा है।

– संतोष साहू

गौ-शालाएं स्वावलंबी बनाना जरूरी

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आत्मनिर्भर गौशालाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था में नई ताकत बन सकती हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं में गोबर, गोमूत्र और दुग्ध उत्पादों से आय के साधन विकसित किए जाएं और सौर ऊर्जा उत्पादन जैसी पहलें की जाएं। साथ ही, देसी नस्ल के गोपालन को बढ़ावा देने और पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में गौसंवर्धन बोर्ड की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आत्मनिर्भर गोशाला, प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। गौ-शालाएं गोबर, गोमूत्र आदि अपशिष्ट से धन अर्जित कर संपन्न बन सकती हैं। अतः स्वावलंबी गौशालाएं विकसित करने के लिए गौशालाओं में दुग्ध उत्पादों सहित गोमूत्र-गोबर आदि से निर्मित सामग्री के विक्रय की व्यवस्था विकसित की जाए। इसके साथ ही गौशालाओं में उपलब्ध स्थान का उपयोग सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के लिए भी किया जाए। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में स्थानीय परिवेश के अनुरूप देसी नस्ल के गोपालन को प्रोत्साहित किया जाए। गौशालाओं के प्रबंधन में धार्मिक संस्थाओं और दानदाताओं को जोड़ा जाए। प्रदेश में उपलब्ध पशुधन के अनुपात में पशु चिकित्सकों की संख्या कम है। गोवंश के बेहतर प्रबंधन और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए पशु चिकित्सकों की संख्या में बढ़ोतरी आवश्यक है। इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं।