गुजरात खनिज विकास निगम लिमिटेड खनन पीएसयू एंटरप्राइज अग्रणी ने पहली तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की
अनिल बेदाग
अनिल बेदाग
मुम्बई। तारा ज्योतिष साधना केंद्र के अध्यक्ष और अंतर्राष्ट्रीय भविष्यवक्ता पंडित रविंद्र आचार्य का राजस्थान से मुम्बई आगमन हुआ है। बॉलीवुड में अवार्ड शो के लिए चर्चित कृष्णा चौहान ने मुम्बई में उनसे मुलाकात की तो इस अवसर पर पंडित रविंद्र आचार्य ने कृष्णा चौहान को बाबा खाटूश्यामजी का दुपट्टा पहना कर और मोर पंख देकर सम्मानित किया। और चौहान को आशीर्वाद दिया कि वह खूब आगे बढ़े, खूब उन्नति करें।
निर्देशक के रूप में कार्यरत कृष्णा चौहान ने कहा कि पं. रवीन्द्र आचार्य से मिल के बहुत अच्छा लगा। उन्होंने मुझे जो सम्मान दिया उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद पं. रवीन्द्र आचार्य एवं पं. हरिओम शर्मा जी।
बता दें कि कृष्णा चौहान फ़िल्म डायरेक्टर प्रोड्यूसर और सोशल वर्कर हैं। पं. रवीन्द्र आचार्य ने कहा कि कृष्णा चौहान समाज हित के लिए काफी काम कर रहे हैं। उनसे मिलना बहुत सुखद क्षण रहा। वह बड़ी श्रद्धा के साथ समाज के लिए काम कर रहे हैं, कृष्णा चौहान बहुत ही इमानदार नेक दिल के व्यक्ति हैं उन्होंने बहुत ही सराहनीय कार्य किया है।
हरियाणा के मेवात से लेकर गुरुग्राम और सोहना तक जिस हिंसा की आग में सारा इलाका झुलसा उसकी तपिश सियासत के गलियारों तक महसूस की गई। यहां तक कि हरियाणा सरकार के गृहमंत्री को सामने आकर यहां तक कहना पड़ा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कोई भी शामिल मिला उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि धुएं के साथ सुलगते इल्जामों के बीच जिस मोनू मानेसर का जिक्र आया उसके बारे में यही कहा जा रहा है कि उसने उस धार्मिक यात्रा में शामिल होने का ऐलान किया तो लोगों को ऐतराज हुआ और उन्होंने जब इस पर आपत्ति जताई तो वहां गुटबाजी शुरू हो गई और देखते ही देखते बात बातों को हद से निकलकर एक बड़े बतंगड़ में बदल गई और उसने एक बवाल की शक्ल अख्तियार कर ली।

दावा किया जा रहा है कि मोनू मानेसर के एक वीडियो ने सारा बवाल खड़ा किया और दो समुदाय देखते ही देखते हदों को लांघकर एक दूसरे के सामने दुश्मनी निकालने की गरज से आकर खड़े हो गए। जाहिर है इस पूरे वाकये में जिस एक नाम ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा वो था मोनू मानेसर। आजतक ने मोनू मानेसर से इस पूरे मामले में बात की तो उसका कहना है कि उसने ऐसा कोई भड़काऊ बयान नहीं दिया जिससे आग लग जाए।
खुद मोनू मानेसर का कहना है कि जो गौ तस्कर हैं ये सब उनका किया धरा है। मैंने न कोई उकसाने वाली बात कही और न ही कोई काम किया। मैं तो इस यात्रा में भी नहीं गया। लेकिन हमारे पदाधिकारियों और भाई बहनों पर, घरवालों पर फायरिंग हुई। हैरानी ये है कि ये फायरिंग AK-47 से की गई है। ऐसे में ये बहुत दुर्भाग्य की बात है और अब हिन्दू किसी भी सूरत में सहने वाला नहीं है।
मोनू मानेसर ने इस पूरे वाकये के लिए जिसे जिम्मेदार ठहराया उसका नाम मामन खान बताया जा रहा है। मैंने यहां तक सुना है कि उसने मुसलमानों को भड़काया कि मैं मदद करूंगा। मोनू ने कहा, मेरा मानना है कि अगर जंग लड़नी है तो युद्ध में जाओ…ये मेरी बदकिस्मती है कि कोई चुहा भी मरता है तो मेरा नाम ले लिया जाता है। गौ माता को बचाना हर हिंदू और सनातनी का काम है। मेरा नाम नासिर और जुनैद की हत्या के लिए भी लिया गया लेकिन मेरा उनसे कोई लेना देना नहीं। हम क्या बता सकते हैं कि किसने जलाया, लेकिन इल्जाम सरासर गलत है। और मुझे कानून और पुलिस पर भरोसा है।
ये बात गौर करने वाली है कि नूंह की इस आगजनी और हिंसा के दौरान दो होमगार्र्ड और तीन बेकसूर लोगों की जान गई है। 10 से ज़्यादा पुलिसवाले घायल भी हुए हैं। सोहना में भी आगजनी हुई और हिंसा भड़काने के लिए मोनू मानेसर को दोषी बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि मोनू ने जब यात्रा में शामिल होने का वीडियो जारी किया बस बात तभी से बिगड़ गई। और माहोल खराब हो गया।
दरअसल, नूंह में हिंदू संगठनों द्वारा निकाली जा रही ब्रजमंडल यात्रा में हंगामा हो गया था। मोनू मानेसर ने पहले ही वीडियो शेयर कर यात्रा में अधिक से अधिक लोगों से पहुंचने की अपील की थी। इतना ही नहीं मोनू मानेसर ने कहा था कि वह खुद भी इस रैली में शामिल होगा, लेकिन वो नहीं आया। कहा जा रहा है कि बिट्टू बजरंगी नाम के कथित गोरक्षक के यात्रा में शामिल होने पर तनाव बढ़ गया। अब क्या मोनू की बिट्टू से रार है? या फिर हिंसा के पीछे दूसरी वजह है, जांच जारी है। नूंह में दूसरे पक्ष के लोगों ने जमकर बवाल काटा और तभी यह पथराव हुआ। इसके बाद इसकी चपेट में कई और जिले भी आ गए।
अब आपको मोनू के बारे में बताते हैं। मोनू का असली नाम मोहित यादव है। वो गांव मानेसर का रहने वाला है। मोनू शादी शुदा है और उसके दो बच्चे है। मोनू के पिता की मौत हो चुकी है। उसका एक छोटा भाई है। उसकी बहन की शादी हो चुकी है। मोनू मानेसर पिछले 10 -12 सालों से बजरंग दल से जुड़ा हुआ है। लेकिन उसके नाम को लेकर अब नूंह की हिंसा की बात कही जा रही है।
मोनू मानेसर का नाम उस वक्त सुर्खियों में सामने आया जब उसने 2019 में गौ तस्करों का पीछा करते हुए गोली चलाई थी। मोनू काउ प्रोटेक्शन टास्क फोर्स का सदस्य भी बताया जाता है। असल में हरियाणा में गाय को सरंक्षण देने के लिए गाय संरक्षण कानून लागू होने के बाद एक टास्क फोर्स बनाई थी और मोनू को उस टास्क फोर्स का सदस्य बनाया गया था। लेकिन मोनू का नाम उस वक़्त सुर्खियों में छा गया था जब इसी साल फरवरी में एक बोलेरो गाड़ी में दो कंकाल मिले जिनकी पहचान नासिर और जुनैद के तौर पर हुई थी। इल्जाम यही लगाया गया कि मोनू ने अपने साथियों के साथ मिलकर इन दोनों को पकड़ा और दोनों की जमकर पिटाई करने के बाद दोनों को कार समेत आग के हवाले कर दिया।
मोनू अक्सर सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ अपनी तस्वीरों और वीडियो को शेयरकिया करता है। हरियाणा में ही मोनू के खिलाफ कई मुकदमें दर्ज हैं। लेकिन किन्हीं वजह से उन मुकदमों को वापस लिया जा चुका है जिसको लेकर सियासत तेज है। पुलिस का दावा है कि वो मोनू मानेसर की तलाश करने के लिए छापामारी कर रही है लेकिन वो उनकी पकड़ से दूर है। राजस्थान की पुलिस का दावा है कि वो मोनू को गिरफ्तार करने के बेहद करीब पहुँच गई थी लेकिन कामयाब नहीं हो सकी।

ASI धर्मेंद्र की तहरीर पर IPC की धारा 148, 149, 295 ए, 332, 353, 186, 188, 427, 435, 307, शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 4 के तहत केस दर्ज किया गया है। नामजद आरोपितों में लुकमान, साहिल, वाज़िद हुसैन, ज़ाकिर और मुश्ताक हैं। इनके अलावा, 800-900 हमलावर अज्ञात दिखाए गए हैं।
ASI धर्मेंद्र ने अपनी शिकायत में कहा है कि जलाभिषेक यात्रा के दौरान वो ASI अरुण सिंह, हेड कॉन्स्टेबल जितेंद्र, होमगार्ड बीर सिंह, होमगार्ड त्रिलोक, होमगार्ड एजाज, एसपीओ नरेंद्र और ड्राइवर मोहम्मद बिलाल के साथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात थे।
शिकायत में आगे बताया गया है कि मंदिर में चल रहे कार्यक्रम के दौरान समुदाय विशेष के लगभग 800 से 900 अज्ञात लोग साजिश के तहत पहुँच गए। वो एक साजिश के तहत धार्मिक कार्यक्रम में उपद्रव मचाने के लिए शिव मंदिर की तरफ बढ़े। ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाती भीड़ के पास लाठी-डंडे, पत्थर और अन्य अवैध हथियार थे।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने अपनी टीम के साथ इस भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने मजहबी नारे लगाते हुए जलाभिषेक के लिए मौजूद श्रद्धालुओं और पुलिसकर्मियों को मारने की नीयत से उन पर हमला कर दिया।
FIR के मुताबिक, इस गोलीबारी में होमगार्ड बीर सिंह और त्रिलोक घायल हो गए। रोकने की पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद भीड़ ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा कर मंदिर की तरफ बढ़ना जारी रखा। इस बीच पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की।
हालाँकि, इस फायरिंग के बाद भीड़ ने भागने के बजाय मंदिर की तरफ जा रहीं गाड़ियों को जलाना शुरू कर दिया। ‘अल्लाह-हू-अकबर’ और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए हिंसक भीड़ ने वाहनों पर पेट्रोल बम फेंक दिया आग लगा दी।
मुंबई। पेंटिंग्स हमारे जीवन के विभिन्न रंगों से जुड़ी एक भावना होती है जिसे चित्रकार कैनवास पर उकेर कर अपनी अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करता है। कुछ पेंटिंग वास्तविक होते हैं तो कुछ काल्पनिक, चित्रकार नयनाभिराम प्रकृति के सौंदर्य को सजीव प्राणियों व निर्जीव वस्तुओं तथा विभिन्न घटनाओं को कला के माध्यम से जीवंत रूप देते हैं इसके अलावा कुछ चित्रकार कल्पना को आधार बनाकर प्रस्तुत करते हैं।
पेंटिंग्स और प्रतिभाशाली आर्टिस्टों को प्रमोट करने में जुटी ज्योति यादव ने बॉलीवुड अभिनेता विंदु दारा सिंह के साथ हाल ही में द क्लब, अंधेरी में कुछ विशेष कलाकृतियों की प्रदर्शनी रखी थी। उसी अवसर पर बॉलीवुड से अभिनेता मुकेश ऋषि, शाहबाज खान, अनिल जॉर्ज, राजन मोदी, अभिनेत्री पूजा बत्रा, शशि शर्मा, एक्सहोबज की निदेशक हर्षला विघे, सुशीलाजीत साहनी और राकेश चौधरी की विशेष उपस्थिति रही। ज्योति यादव ने बताया कि मैं पिछले दस वर्ष से आर्ट इंडस्ट्री में सक्रिय हूँ। कुछ महीने बाद गोरेगांव एक्जीबिशन केंद्र में 9 से 11 नवम्बर 2023 को तीन हजार आर्टिस्टों की लगभग दस हजार पेंटिंग्स की प्रदर्शनी रखी जायेगी। उसके बाद 2024 में बेंगलुरु और दिल्ली में एक्जीबिशन रखा जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि देश के कोने कोने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभासंपन्न कलाकारों को एक मंच पर लाकर उन्हें आर्थिक रूप से सम्पन्न भी करना है। आर्ट प्रेमी विंदु दारा सिंह जी का हमें सहयोग मिल रहा है। दादा विला में उनका एक आर्ट गैलरी है। हमारे साथ हर्षला विघे तीन साल से जुड़ी हैं जो कलाकृतियों से प्रभावित हैं।

विंदू दारा सिंह ने कहा कि कला में जीवन को बदलने और सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति है। हमारा लक्ष्य एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहां कलाकार फल-फूल सकें, खुद को अभिव्यक्त कर सकें और व्यापक दर्शकों तक पहुंच सकें।
द हाट ऑफ आर्ट एक पहल है जो कला समुदाय पर स्थायी प्रभाव डालने का वादा करती है। नई प्रतिभाओं को बढ़ावा देकर और रचनात्मकता का जश्न मनाकर, यह कला की दुनिया में कई हजारों लोगों के लिए नए रोजगार को भी बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं।
बॉलीवुड हस्तियों और कला प्रेमियों के उत्साहपूर्ण समर्थन के साथ, द हाट ऑफ आर्ट एक अविस्मरणीय कार्यक्रम बनने के लिए तैयार है जो कला को देखने के हमारे तरीके को फिर से परिभाषित करेगा।
द हाट ऑफ आर्ट, एक्सहोबज प्राइवेट लिमिटेड की इस पहल का उद्देश्य एक ऐसा मंच बनाना है जहां विविध पृष्ठभूमि के प्रतिष्ठित, अनुभवी व उभरते कलाकार अपनी उत्कृष्ट कृतियों का प्रदर्शन कर सकें और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी कला उद्योग में पहचान हासिल कर सकें। नवीनता, अभिव्यक्ति और कल्पना पर ध्यान देने के साथ, प्रदर्शनी से नए दृष्टिकोण और रचनात्मकता की लहर सामने आने की उम्मीद है जो कला समुदाय को उत्साहित करेगी।
मंत्रमुग्ध कर देने वाली पेंटिंग से लेकर विस्मयकारी मूर्तियों तक, यह कार्यक्रम कला प्रेमियों और खरीदारी के लिए वादा करता है। प्रदर्शनी पूरे देश में आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है जिससे कई शहरों में कला प्रेमियों को रचनात्मकता के इस उत्सव का अनुभव करने का मौका मिलेगा।
ज्योति यादव और विंदू दारा सिंह ने विभिन्न प्रकार के कलाकारों की कलाकृतियों को साथ में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है, जो सामाजिक मुद्दों से लेकर अमूर्त चिंतन तक के विषयों का पता लगाती हैं, जो विशेष कलाकारों की बहुमुखी प्रतिभा और गहराई को प्रदर्शित करती हैं।