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स्मार्ट एजुकेशन इंग्लिश हाईस्कूल के बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित

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मुम्बई। राष्ट्रीय परशुराम सेना की ओर से दिवा पूर्व के मुंब्रा देवी कॉलोनी स्थित स्मार्ट एजुकेशन इंग्लिश हाईस्कूल के बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई. किताबें और पेंसिल पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे. कार्यक्रम की शुरूआत राष्ट्रीय परशुराम सेना के संरक्षण सचिन चौबे ने दीप प्रज्वलित कर किया.
इस अवसर पर संरक्षक सचिन चौबे ने कहा कि मां के बाद दूसरा गुरू शिक्षक ही होता है. शिक्षक के बिना कोई भी आगे नहीं बढ़ सकता है. आगे बढ़ने की पहली सीढ़ी आपकी पाठशाला होती है. जहां गुरू आपको ज्ञान प्रदान कर आगे बढ़ाता है.


राष्ट्रीय परशुराम सेना के संरक्षक सचिन चौबे के हाथों शैक्षणिक सामग्री वितरण का कार्यक्रम शुरू हुआ. उसके बाद कार्यक्रम में मौजूद सभी गणमान्यों ने नर्सरी, जूनियर केजी और सीनियर केजी के बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की. कार्यक्रम को सफल बनाने में स्मार्ट एजुकेशन इंग्लिश हाईस्कूल के प्रबंधक मनीष तिवारी, प्रधानाध्यापिका संगीता तिवारी के साथ अध्यापिका स्मिता शुक्ला, अंकिता विश्वकर्मा, खुशी जायसवाल, प्रियंका चौधरी ने विशेष योगदान दिया. इस अवसर पर समाजसेवी विद्या सागर दूबे, सेना के दिवा अध्यक्ष संतोष तिवारी, सुशील पांडेय, केडी मिश्रा, राम सजीवन दूबे, विभा पांडेय, नेहा मिश्रा, लालचंद तिवारी, सूर्यकांत दूबे, विजय (नाना) मिश्रा, रामभक्त विपिन दूबे, चंदन मिश्रा, कृष्ण चंद पाठक, अनुराग चौबे सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ बच्चों के अभिभावक भी बड़ी संख्या में मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन प्रदीप शुक्ला ने किया. आभार व्यक्त स्कूल के प्रबंधक मनीष तिवारी ने किया.

गाय के गोबर से पशुपालक बनाएंगे धूप और अगरबत्ती

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गाय के गोबर से अब पशुपालक बनाएंगे धूप और अगरबत्ती

बरठीं। लोग कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं के मार्गदर्शन में गाय के गोबर से धूप, अगरबत्ती, हवन की समिधा और गमले बनाना सीख रहे हैं। पशुपालकों को रोजगार देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं ने अनूठी पहल शुरू की है। विज्ञान केंद्र ने बल्ह सीहणा गांव को गोद लिया है। कृषि विज्ञान केंद्र की तरफ से गांव के सौ लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है। ये लोग कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं के मार्गदर्शन में गाय के गोबर से धूप, अगरबत्ती, हवन की समिधा और गमले बनाना सीख रहे हैं। गांव में तीन लाख रुपये की मशीनें भी स्थापित कर दी गई हैं। यहां पर गाय के गोबर के गमले भी बनाए जाएंगे। इनकी विशेषता यह होगी कि यह गमले सस्ते भी होंगे और पौधों को इनसे जरूरी पोषक तत्व भी मिलते रहेंगे। यदि गोबर बच जाता है तो उसको सूखाकर इसका पाउडर बद्दी की फैक्ट्रियों में भेजा जाएगाए जहां पर भट्ठियों में ईंधन के रूप में इसका उपयोग होगा। इसके अलावा कोयले के पाउडर को गोबर में मिलाकर उपले बनाने पर ईंधन के रूप में उपयोग किया जाएगा। जिले में बहुत लोग पशुपालन से जुड़े हैं। इन लोगों के पास अपनी जरूरत को पूरा करने के बाद पशुओं का गोबर बच जाता है, जिसका अब उपयोग हो पाएगा। इससे गांव और शहरों में स्वच्छता भी होगी और इसके उपयोग से लोग अपनी आर्थिकी भी मजबूत कर सकेंगे। दावा किया जा रहा है कि कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं इस प्रकार की पहल करने वाला प्रदेश का पहला केंद्र है।
पशुओं का गोबर जो उपयोग से बच जाता है उसका उपयोग गमले, धूप और अगरबत्ती आदि बनाने क लिए किया जा सकेगा। बल्ह सीहणा गांव में ट्रायल किया जा रहा है। सफल होने पर अन्य जगह भी इस पर कार्य किया जाएगा।

– डॉ. सुमन, प्रभारी, कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं

 

गौ मांस के साथ 12 रोहिंग्या सहित 13 गिरफ्तार

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गौ मांस के साथ 12 रोहिंग्या सहित 13 गिरफ्तार

जालंधर। गौ रक्षा दल के प्रधान सतीश ने बताया कि जब पुलिस के साथ छापेमारी की गई तो चौकीदार मौके से गेट बंद करके भाग गया। जब काफी देर तक गेट नहीं खुला तो पुलिस दीवार फांद कर फैक्ट्री में गई। मौके पर 13 लोगों को पकड़ा गया जबकि कुछ लोग छापेमारी की सूचना मिलते ही मौके से फरार हो गए। हिंदू संगठनों की शिकायत और इनपुट पर जालंधर देहात पुलिस ने थाना आदमपुर के गांव घोगड़ी में स्तिथ फैक्ट्री में छापेमारी कर गौ का मांस पकड़ा है। रोड पर स्थित नेहा टोका नाम की बंद पड़ी फैक्ट्री को किराये पर लेकर दिल्ली का एक मास विक्रेता मुस्लिम व्यापारी इमरान यहां पर गैर कानूनी तरीके से गौ मांस की पैकिंग करवा रहा था। गौ मांस की पैकिंग कर रहे 13 लोगों को भी पुलिस ने पकड़ा है, जिनमें से 12 रोहिंग्या मुस्लिम हैं, जबकि एक बिहार का मुसलमान है। हिंदू संगठनों के नेता गौ सेवा कमीशन के पूर्व चेयरमैन कीमती भगत, शिवसेना नेता ईशांत शर्मा ने कहा कि जालंधर की सड़कों पर घूम रही गायों को पकड़कर यहां काटा जा रहा था और विदेशों में एक्सपोर्ट हो रहा था। बड़ी मात्रा में गाय का मांस बरामद होने पर एसएसपी देहात मुखविंदर सिंह ने भी फैक्ट्री का जायजा लिया और टीमों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिये। गौ रक्षा दल के प्रधान सतीश ने बताया कि जब पुलिस के साथ छापेमारी की गई तो चौकीदार मौके से गेट बंद करके भाग गया। जब काफी देर तक गेट नहीं खुला तो पुलिस दीवार फांद कर फैक्ट्री में गई। मौके पर 13 लोगों को पकड़ा गया जबकि कुछ लोग छापेमारी की सूचना मिलते ही मौके से फरार हो गए। पुलिस की पूछताछ में बिहार के युवक ने बताया कि वह दो दिन ही फैक्ट्री पहुंचा था। उसे कहा गया था कि वहां पर चिकन पैकिंग का काम है लेकिन यहां पर मोटा मांस पैक हो रहा था। युवक ने कहा कि यहां पर जानवरों को काटा नहीं जाता। यहां पर कटा हुआ मांस आता है।
यह सिर्फ पैकिंग यूनिट है। यहां से मास पैक होकर दिल्ली और अन्य राज्यों में जाता हैं। गैर कानूनी तरीके से चलाई जा रही गौ मांस पैकिंग फैक्ट्री में टनों के हिसाब के पैक मांस मिला है। हिंदु संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कहा कि इससे पहले बिहार, दिल्ली और राजपुरा में भी गौ मांस की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। उसी से उन्हें जानकारी मिली थी कि जालंधर में भी गौ मांस का धंधा चल रहा है। इसके बाद जब उन्हें लोकेशन मिली तो पहले रेकी की गई। जब सब कुछ कन्फर्म हो गया तो पुलिस को सूचना देकर छापेमारी करवाई। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

Amit Shah in Maharashtra – दादा आप बहुत समय बाद सही जगह पर बैठे हैं

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पुणे: अजीत (पवार) दादा उपमुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार आए हैं। मैं उनके साथ मंच पर पहली बार कार्यक्रम कर रहा हूं। मैं उनसे कहना चाहूंगा, दादा आप बहुत समय बाद सही जगह पर बैठे हैं। यह जगह सही थी लेकिन आपने बहुत देर कर दी। यह बातें केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पुणे में कही। अमित शाह की मौजूदगी में केंद्रीय सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार की ओर से विकसित वेबसाइट का उद्घाटन चिंचवड़ के रामकृष्ण मोरे सभागार में किया गया। इस वेबसाइट का उद्घाटन शाह ने दोपहर में किया।

अम‍ित शाह ने कहा क‍ि महाराष्ट्र सहकारिता की राजधानी रहा है। यहीं से सहकारिता के संस्कार देश में फैले। विट्ठलराव विखे पाटील जी, धनंजयराव गाडगिल जी और वैकुंठभाई मेहता जी जैसे अनेक सहकारी महर्षियों ने महाराष्ट्र को सहकारिता के क्षेत्र में विशेष स्थान दिलाया जिससे यहां का मॉडल देश भर में पहुंचा। उन्‍होंने कहा क‍ि सहकारिता आंदोलन के विकास की दिशा देखेंगे तो गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक जो पुराने मुंबई के हिस्से थे वहीं से सहकारिता आंदोलन बढ़ा और व‍िकस‍ित हुआ।

शाह ने कहा क‍ि आज मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव को संचालित करने वाले सेंट्रल रजिस्ट्रार (CRCS) कार्यालय का कार्य पूर्णतः डिजिटल हो रहा है। इससे सहकारी समितियों के सभी तरह के कार्य चाहे अपनी ब्रांच बढ़ानी हो, दूसरे राज्य में जाना हो या ऑडिट करना हो हर काम अब ऑनलाइन ऑफिस से हो जाएंगे।

सहकारिता से बेहतर होगा जीवन
अमित शाह ने कहा क‍ि पीएम मोदी ‘सहकार से समृद्धि’ का जो विचार रखा है उसमें एक गहरा तत्वदर्शन है। 9 सालों में पीएम मोदी ने करोड़ों गरीबों को घर-शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं दी हैं। अब गरीब समृद्ध होने के सपने देख रहा है। इसके लिए पूंजी की जरूरत है और यह पूंजी सहकारिता के माध्यम से ही संभव है। ‘सहकार से समृद्धि’ का अर्थ है, छोटे से छोटे व्यक्ति को अपने जीवन को बेहतर बनाने का मौका देना और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देने के लिए एक मंच प्रदान करना और सहकारिता के माध्यम से उसके जीवन का उद्धार करना।

42% मल्टी-स्टेट सहकारी समितियां महाराष्‍ट्र में
शाह ने कहा क‍ि आज CRCS पोर्टल का शुभारंभ हुआ है, इसी के आधार पर राज्यों में सहकारिता के रजिस्ट्रारों के कार्यालय का भी कम्प्यूटरीकरण किया जाएगा जिससे वे राज्यों में स्थित सभी सहकारी समितियों से सीधे जुड़ जाएंगे। देश में अब तक 1,555 मल्टी-स्टेट कोआपरेटिव समितियां रज‍िस्‍टर्ड हैं। इसमें से 42% मल्टी-स्टेट सहकारी समितियां महाराष्‍ट्र में हैं। इससे पता चलता है यहां सहकारिता कितनी मजबूत है।

अमित शाह को महाराष्ट्र से ज्यादा प्यार
इस अवसर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ राज्य के सहकारिता मंत्री दिलीप वलसे पाटिल और अन्य मंत्री और नेता उपस्थित थे। इस मौके पर अजित पवार ने अमित शाह की तारीफ की। अजित पवार ने कहा कि अमित शाह को महाराष्ट्र से ज्यादा प्यार है। देवेंद्र फडणवीस ने भी आगे बढ़कर अमित शाह और महाराष्ट्र का कनेक्शन बता दिया।

गहरी खदान में रेस्क्यू कर बजरंगियों ने बचायी गौ माता की जान

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महोबा। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा एक ऐसा सेवा कार्य किया गया है जिसे हर कोई सराह रहा है। सैकड़ो फीट गहरी पहाड़ की खदान में भरे पानी के बीच से गौ माता को सुरक्षित बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बाहर निकाला है। इस सेवा कार्य को लेकर लोग बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की सराहना कर रहे हैं। पूरा मामला कबरई थाना क्षेत्रान्तर्गत पचपहरा पहाड़ के पास की सैकडों फीट गहरी एक खदान का हैं। जहाँ पर एक गौ माता अचानक गिर गयी थी।
खदान में गौ माता गिरे होने की सूचना कबरई के बजरंग दल को मिली। जिसको लेकर मौके पहुंचे विहिप नगर अध्यक्ष अमित शिवा द्विवेदी व नगर सम्पर्क प्रमुख अक्षय ने अपनी जान की बाजी लगाकर खदान में कूदकर गौ माता को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू के दौरान सहयोग में प्रखंड संयोजक प्रदीप सिंह, सह प्रखंड संयोजक सुमित तिवारी, जिला सह संयोजक रणधीर सिंह परिहार, सह नगर संयोजक राजन सिंह, नगर सह गौ रक्षा प्रमुख अंशु द्विवेदी, बल उपासना प्रमुख राजेश अवस्थी, नगर सह गौ रक्षा प्रमुख नितेश कुशवाहा, प्रखण्ड मिलन केंद्र प्रमुख सोमेंद्र सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता रहे। बजरंग दल द्वारा महोबा जिला प्रशासन से गहरी खदानों पर बाउण्ड्रीवाल करवाने की भी मांग की गई है। ताकि आगे ऐसे हादसे न सो सकें।

पैन इंडिया फिल्म “रिची” का पलक मुच्छल द्वारा गाया गीत अतरंगी मुंबई में हुआ लॉन्च

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फिल्म “रिची” का गीत अतरंगी अभिनेता रिची, ऎक्ट्रेस रमोला की मौजूदगी में हुआ लॉन्च

साउथ सिनेमा ने पिछले कुछ वर्षों में हिंदी ऑडिएंस का पूरा ध्यान खींचने में कामयाबी हासिल किया है। साउथ की फिल्मों के स्टार बॉलीवुड के स्टार पर आज भी हावी होते दिखाई देते हैं। केजीएफ और कांतारा की जबरदस्त सफलता के बाद अब एक और कन्नड़ फ़िल्म “रिची” को हिंदी में भी डब करके सिनेमाघरों में रिलीज किया जा रहा है। इस हिंदी डब फ़िल्म का एक प्यारा सा गीत अतरंगी मुम्बई के स्टार थिएटर में फ़िल्म की स्टार कास्ट के साथ लॉन्च किया गया। बॉलीवुड की मशहूर सिंगर पलक मुच्छल ने इस गीत को गाया है। गीत के लॉन्चिंग पर प्रोड्यूसर डायरेक्टर एक्टर रिची, एक्ट्रेस रमोला, सह निर्माता वेंकटाचलया और क्रिएटिव डायरेक्टर काली गौड़ा मौजूद थे।
फिल्म रिची के अतरंगी गीत को गीतकार विमल कश्यप ने लिखा है। फ़िल्म जल्द ही रिलीज होने जा रही है।
बड़े पर्दे पर इस स्पेशल गाने को दिखाने से पहले पलक मुच्छल का एक वीडियो दर्शाया गया जिसमें उन्होंने कहा कि अतरंगी बेहद खूबसूरत गीत है जो अपकमिंग फिल्म रिची के लिए है। यह दर्शकों को अवश्य पसन्द आएगा।
पैन इंडिया फिल्म रिची का पहला गीत चन्ना वे भी काफी पसन्द किया गया है जिसे जावेद अली ने अपनी आवाज दी है। यह फिल्म मूल रूप से कन्नड़ में फिल्माई गई है और हिंदी में डब की गई है। फिल्म के अन्य गीतों को सोनू निगम, कुणाल गांजावाला ने गाया है।
अतरंगी सॉन्ग का संगीत अगस्त्य संतोष ने दिया है। गाने को मशहूर कोरियोग्राफर चिन्नी धनंजय और राम किरण ने कोरियोग्राफ किया है। रिची ने न केवल इस फिल्म का निर्देशन किया है बल्कि अभिनय भी किया है। कन्नड़ की मशहूर टीवी स्टार रमोला इस फिल्म की हिरोइन हैं।
उल्लेखनीय है कि रिची एक रोमांटिक, सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है जिसमें डिफरेंट डैनी द्वारा कुछ असाधारण रोमांचकारी एक्शन दृश्य डिज़ाइन किए गए हैं। रिची अपने हैरान कर देने वाले लुक के साथ दर्शकों का सामना करने के लिए उत्साहित हैं। इस फिल्म के निर्माता रिची और सह निर्माता टी वेंकटचैया और राकेश राव हैं। काली गौड़ा ने फिल्म की क्रिएटिव टीम को संभाला है।

हथौड़े से पीट-पीटकर की हत्या -भाइयों ने दोस्त के साथ मिलकर नदी में फेंका शव

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Bad things happen in life.

महाराष्ट्र के थाणे जिले की पुलिस ने दो भाइयों समेत तीन लोगों को एक युवक की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तीनों ने मिलकर अपनी बहन के लिव इन पार्टनर की हथौड़े से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद तीनों ने शव को उल्हास नदी में फेंक दिया। अभी तक शव बरामद नहीं हुआ है, जिसकी पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है। आरोपियों की पहचान शोएब शेख, इरशाद शेख और उनके दोस्त हेमंत बिछवाड़े के रूप में हुई है।

बहन से झगड़ा करने से नाराज थे भाई
खबर के अनुसार, शोएब और इरशाद की बहन मुमताज शहबाज शेख (25) नामक युवक के साथ लिव इन रिलेशन में रहती थी।  दोनों बीते कई सालों से लिव इन रिलेशन में रहते थे और दोनों के दो बच्चे भी थे। मुमताज तलाकशुदा है। शुक्रवार को शहबाज घर नहीं लौटा तो उसके पिता ने कल्याण के खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो शक की सुईं मुमताज के दो भाइयों शोएब और इरशाद की तरफ मुड़ गई। इन दोनों का दोस्त  हेमंत बिछवाड़े भी पुलिस के शक के घेरे में आ गया। पुलिस ने तीनों को उठाकर सख्ती से पूछताछ की तो तीनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि उनकी बहन का लिव इन पार्टनर शहबाज शेख अक्सर उनकी बहन से मारपीट और झगड़ा करता था। साथ ही उनका परिवार बहन के लिव इन रिलेशन में रहने से भी शहबाज से नाराज था।

हथौड़े से पीट-पीटकर की हत्या
आरोपियों ने बताया कि शुक्रवार को शहबाज और उनकी बहन का फिर झगड़ा हुआ। झगड़े के चलते शहबाज अपने एक बेटे को लेकर तीतवाला में रहने वाले अपने माता-पिता के घर जाने के लिए घर से निकला था। रास्ते में ही शोएब और इरशाद ने अपने दोस्त हेमंत के साथ मिलकर उसे पकड़ लिया। तीनों ने बेटे को वापस लेकर घर छोड़ दिया और शहबाज को जबरन अपने साथ ले गए। इसके बाद आरोपियों ने हथौड़े से पीट-पीटकर शहबाज की हत्या कर दी और उसके शव को कल्याण में उल्हास नदी में फेंक दिया।

पुलिस का कहना है कि बारिश के चलते नदी का प्रवाह तेज है, इसकी वजह से शव को ढूंढने में परेशानी हो रही है। पुलिस की एक टीम शव को ढूंढने में जुटी हुई है।

गाय ने सांप को चूम लिया!आगे क्या हुआ खुद देख लीजये

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Snake Viral Video: माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में जब सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को एक गाय और एक सांप को साथ खेलते हुए देखा गया तो वह बहुत खुश हुए. घटना का वीडियो भारतीय वन सेवा अधिकारी सुशांत नंदा ने साझा किया. 17 सेकंड के वीडियो में एक भूरी गाय और एक सांप को एक साथ चिपके हुए और एक दूसरे के साथ खेलते हुए देखा गया, उनके बीच डर या लड़ाई जैसी कोई बात नहीं थी.
नंदा ने वीडियो साझा किया और लिखा, “समझाना मुश्किल है. शुद्ध प्रेम से विश्वास प्राप्त हुआ.” गाय और सांप के अकथनीय व्यवहार वाले वीडियो ने सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर लोगों का ध्यान खींचा है. पिछले 15 घंटों में इसे लगभग 3 लाख बार देखा गया है और सोशल मीडिया साइट एक्स पर इसे लगभग 5,000 लाइक्स मिले हैं. कई उपयोगकर्ताओं ने पोस्ट पर दिलचस्प कमेट किए हैं.
एक यूजर ने कमेंट किया है कि “कुदरत को समझना मुश्किल है. आप केवल अनुभव के माध्यम से प्रकृति को समझ सकते हैं. मुझे प्रकृति को विस्तार से देखना पसंद है और मैंने कई चीजें देखी हैं जो आज भी मुझे मंत्रमुग्ध कर देती हैं. वे अचानक मेरे दिमाग में आ जाती हैं.” एक दूसरे यूजर ने लिखा, “सद्भाव की एक प्यारी अभिव्यक्ति. आज की दुनिया में मानवता को इन प्यारी आत्माओं से सीखना चाहिए.” एक तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, “गाय और सांप दोनों का व्यवहार समझ से परे है, लेकिन फिर भी, उनकी अपनी एक भाषा है, जो मानवीय समझ से परे है.”
हालाँकि, कुछ यूजर ने वीडियो के सच होने पर सवाल उठाया है. एक यूजर ने लिखा कि, “यह महज एक मनगढ़ंत वीडियो है. हर साल सांप के काटने से बहुत सारे पशु मर जाते हैं. और हमारे पास इस पर कोई विश्वसनीय डेटा नहीं है.”

दुर्गा बनी अक्षरा सिंह गौरव झा संग आ रही हैं तांडव करने

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अक्षरा सिंह भोजपुरी फिल्मों में एक से बढ़कर एक चुनौतीपूर्ण चरित्र निभाते आई हैं , और वो जितनी संज़ीदगी से कोई चरित्र निभाती हैं वो अपनेआप में एक मिसाल बन जाती है । ऐसे में एक नई फिल्म में अक्षरा सिंह दुर्गा बनकर आ रही हैं और यह उनके फिल्मी कैरियर में एक मील का पत्थर साबित होने वाला है । फ़िल्म दुर्गा का भव्य मुहूर्त गाने की रिकॉर्डिंग के साथ आज मुम्बई में सम्पन्न हुआ । फ़िल्म के लेखक व निर्देशक भोजपुरी जगत के जाने माने निर्देशक रवि सिन्हा हैं । इस फ़िल्म के निर्माता श्रेयांश मिश्रा हैं । रवि सिन्हा ने भोजपुरी फ़िल्म जगत में एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दिया है और यह उनकी सिल्वर जुबली फ़िल्म होने वाली है । उनके पास फ़िल्म लेखन और निर्देशन का एक वृहद लम्बा अनुभव है , और भोजपुरी फ़िल्म जगत के हर कलाकार उनके निर्देशन में काम करना पसन्द करते हैं । फ़िल्म दुर्गा में संगीत दिया है भरत चौहान ने, जबकि प्रोडक्शन डिजाइन किया है सन्तोष प्रजापति ने । इस फ़िल्म के पोस्टर व डिजाइन प्रशांत ने किया है ।
एकेबी प्रोडक्शन और जेआर फिल्म्स के जॉइंट वेंचर में बन रही फिल्म दुर्गा एक सामाजिक ताने बाने के ऊपर बनी हुई पारिवारिक फ़िल्म है, जिसमें एक नारी के संघर्ष की गाथा बताई गई है । जैसे कि टाइटल से लग भी रहा है कि कहीं यह देवी दुर्गा का एक रूप लेकर माइथोलॉजिकल फ़िल्म तो नहीं है, इस विषय पर बात करते हुए फ़िल्म के निर्देशक रवि सिन्हा कहते हैं कि यह धार्मिक फ़िल्म नहीं है लेकिन नारी का संघर्ष ऐसा है और हर कठिन परिस्थिति से निकलकर आने का जो जज्बा इन दुर्गा ने दिखाया है उस जज्बे को देखते हुए इस फ़िल्म का नाम दुर्गा रखा गया है । फ़िल्म में अक्षरा सिंह के साथ गौरव झा, नीरज यादव , राधा सिंह ,शाहिद शम्स की प्रमुख भूमिका है । फ़िल्म के प्रचारक संजय भूषण पटियाला हैं । आज ही फ़िल्म का भव्य मुहूर्त मुम्बई के गोरेगांव पश्चिम स्थित कृष्ना ऑडियो स्टूडियो में प्रियंका सिंह व मोहन राठौर की आवाज़ में गाने की रिकॉर्डिंग के साथ किया गया ।

उत्तराखंड में वन्यजीवों से होने वाली शारीरिक क्षति पर पीड़ितों को मिलेगी 15 दिन के भीतर राहत राशि-पुष्कर सिंह धामी

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-संजय बलोदी प्रखर
(मीडिया समन्वयक उत्तराखंड प्रदेश )
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने त्वरित फैसलों व कठोर निर्णय के लिए सदैव चर्चित रहते हैं उनकी दूरदर्शिता और राज्य की धरातल की समस्याओं के प्रति उनकी जानकारी या मजबूत पकड़ इनकी कार्य करने की पद्धति को विशिष्ट पहचान देती है।
उत्तराखंड पर्वतीय प्रदेश होने के कारण अपने वन संपदा व प्राकृतिक संसाधनों की बहुलता व उनके उपभोग के लिए जाना जाता है! यहां के मूल निवासी सैकड़ों वर्षो से वन व प्रकृति पर ही पूर्णतय: निर्भर रहते हैं। पर्वतीय प्रदेश होने के कारण यहां राज्य के विकास में वन महत्वपूर्ण अंग है..! वन संपदा का राज्य की विकास योजनाओं के निर्माण व उसके स्वरूप को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण स्थान है।
किंतु विकास के इस विस्तारीकरण की व्यवस्था में स्थानीय जनमानस व वन्यजीवों के मध्य संघर्ष बना रहता है। बढ़ती आबादी घटते वनों के कारण दोनों पक्षों (मानव व वन्यजीवों) के आपसी संघर्ष में हानि होती है, जिस कारण यह समय-समय पर सामाजिक, राजनीतिक व मानवीय जीवन का मुद्दा बन जाता है।हालांकि राज्य सरकारें अपने स्तर पर मानव व वन्य जीवन संघर्ष के तहत होने वाली क्षतियों को कम करने व मानवीय सहायता के प्रयास करती रही है., किंतु वर्तमान परप्रेक्ष्य में वह नाकाफी हो रही थी।
इन सभी बिंदुओं व चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानव व वन्य जीवन संघर्ष के तहत मिलने वाली राहतों ,सहयोग ,सुविधाओं व लाभों में संशोधन कर त्वरित कार्रवाई की है ! इन संबंधित विषयों को लेकर उत्तराखंड राज्य वन जीव बोर्ड की 19वीं बैठक 4 अगस्त 2023 को देहरादून सचिवालय में की गई..! जिसमें वर्तमान व भविष्य की चिंताओं व चुनौतियो को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
जिसमें प्रथम- वन्यजीव व मानव के मध्य संघर्ष पर हुए जान-माल की हानि पर पीड़ित को 15 दिन के अंदर राहत राशि उपलब्ध कराना..!
द्वितीय- स्थानीय कृषकों के लिए सिरदर्द बन चुकी सूअरों व बंदरों की अनियंत्रित संख्या से खेतों की सुरक्षा हेतु ठोस कार्ययोजना की संकल्पना तैयार करना..!
तृतीय- वन्यजीवों से फसलों को सुरक्षित रखने हेतु बायोफेसिंग का नियोजन करना ….जबकि
वहीं किसानों की जान माल की हानि को कम से कम किया जाए इन बातों को विशेष महत्व देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने मानव -वन्य जीव संघर्ष को दृष्टिगत रखते हुए अति संवेदनशील क्षेत्रों को रेखांकित कर उन स्थानों पर अलर्ट सिस्टम स्थापित करना का निर्णय लिया .! मानव सुरक्षा की दृष्टि से जंगल की सीमा से सटे गावं में सोलर लाइट व अन्य वैकल्पिक व्यवस्था करने का भी मुख्यमंत्री ने आदेश दिया.!.” सुरक्षा की दृष्टि से जन सामान्य को वन्यजीवों के संरक्षण व उनके रेस्क्यू तथा स्वयं को सुरक्षित रखने हेतु जागरूकता व उचित वन्यकर्मियों की तैनाती का भी निर्देश दिया गया।.!
पहाड़ों में मधुमक्खियों तथा ततयों के हमले से होने वाली मृत्यु पर भी मुआवजा दिया जाएगा ऐसा प्रावधान उत्तराखंड की धामी सरकार द्वारा बनाया जाएगा यह आश्वासन मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया ..!
अपनी बैठक में मुख्यमंत्री ने न केवल मानवीय हितों को ही केंद्रित किया बल्कि भविष्य में वन्य जीव संरक्षण व राज्य के पर्यटन व विकास की रूपरेखा को भी दृष्टिगत रखते हुए कई निर्णय लिए .!बाघों की सुरक्षा को लेकर टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का शीघ्र गठन व संरक्षण हेतु संशोधन को भी उन्होंने प्राथमिकता दी। हालांकि इस बैठक में वन्यजीव बोर्ड द्वारा बाघ प्रजाति के गुलदारों की संख्या में उत्तरोत्तर वृद्धि दर्शाते हुए 3115 बताई गई जो सन्2008 में हुई गणना की संख्या 2335 से अधिक थी।
उत्तराखंड में इको टूरिज्म व वन्यजीव टूरिज्म की अपार संभावनाओं पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने इनके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर भी बल दिया, यही नहीं वनसांख्यकी , पर्यावरण व पारिस्थितिक तंत्र को व्यवस्थित व नियंत्रित रखने हेतु अनेक प्रकल्पों जैसे- पक्षी महोत्सव ,होली वेंडेड पीकॉक, पक्षी फिन्स वया के संरक्षण हेतु भी मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने वर्तमान व भविष्य की चिंताओं को संज्ञान में लेते हुए विस्तृत कार्य योजनाओं के संबंध में उन्हें धरातल पर क्रियान्वित करने का आदेश दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा टोल फ्री वन्यजीव हेल्पलाइन नंबर 1800 8909715 का भी लोकार्पण कर स्वयं मॉकड्रिल कर इस सुविधा की जांच की।