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आदर्श चंपावत का हो निर्माण, यही हमारी प्रतिबद्धता -पुष्कर सिंह धामी

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देहरादून,19 फरवरी, सोमवार मुख्यमंत्री आवास में हिमालयन बास्केट का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया।
इस अवसर पर चंपावत से वर्चुअल रूप से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हिमालयन बास्केट की शुरुआत वर्ष 2018 में सुमित और स्नेहा थपलियाल ने की थी। सुमित पेशे से एक इंजीनियर हैं और स्नेहा एक मार्केटिंग पेशेवर हैं। देवभूमि से होने के कारण, दोनों हमेशा स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए कुछ अलग करना चाहते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों ने डेयरी, खेती और उनके पहलुओं से संबंधित विकल्पों पर विचार कर हिमालयन बास्केट की स्थापना का निर्णय लिया।

हिमालयन बास्केट के तहत दूध, हल्दी, पुदीना जैसे कृषि उत्पाद खरीदकर इनसे अलग-अलग उत्पाद बनाकर विदेशों में सप्लाई करते हैं। उत्पाद बनाने के लिए 200 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। जो अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा दायी भी है !

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध से बनने वाले उत्पाद ‘चुरपी’ और ‘घी’ की अधिक डिमांड है। क्योंकि चुरपी गाय के दूध से बना एक विशेष कठोर पनीर है और दोनों ने उत्तराखंड में इसके उत्पादन का बीड़ा उठाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह सरकार और जिला प्रशासन की मदद से दोनों को बागवानी कोल्ड स्टोर लीज पर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भी इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं हमारी सरकार उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा स्वप्न और संकल्प है कि एक आदर्श चंपावत बनाएं। इसके लिए हमें चाहिए कि चंपावत के जो भी उत्पाद हैं, वो सभी आदर्श होने चाहिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी नवनीत पांडे व भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल मेहरा सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुम्बई में 21 से 25 फरवरी को अश्वमेध महायज्ञ का आयोजन

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मुंबई। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में पेठपाड़ा मैट्रो स्टेशन, खारघर, नवी मुंबई में 21 से 25 फरवरी को अश्वमेध यज्ञ का आयोजन किया गया है।

अखिल भारतीय गायत्री परिवार से जुड़े मुंबई के रहने वाले डॉ. सी आर सरोज ने जानकारी देते हुए बताया कि यह महान अश्वमेध यज्ञ गुरुदेव एवं माताजी के सूक्ष्म संरक्षण में किया जा रहा है। शांतिकुंज हरिद्वार से डॉ. प्रण्डव पंड्या, सैल जीजी, डॉ. चिन्मय पंड्या मुम्बई के मनुभाई पटेल आदि के द्वारा यह प्रोग्राम वसुधैव कुटुम्बकम के भाव को सुदृढ़ करते हुए, मानवता के सशक्तिकरण एवं चिर शांति व संवृद्धि हेतु एक आध्यात्मिक प्रयोग है। यह भारतीय संस्कृति के दिव्य ज्ञान, एक संस्कृति भविष्य में दुनिया की संस्कृति बन किस्मत में प्रसार करने के लिए आयोजित किया गया है।
अश्वमेध यज्ञ पारिस्थितिकी संतुलन के लिए और आध्यात्मिक वातावरण की शुद्धि के लिए गायत्री मंत्र से जुड़ा है।
‘अश्व’ समाज में बड़े पैमाने पर बुराइयों का प्रतीक है और ‘मेधा’ सभी बुराइयों और अपनी जड़ों से दोष के उन्मूलन का संकेत है।
इस अनुष्ठान द्वारा राष्ट्र की सामूहिक चेतना को जगाने के लिए आगे और पीछे दोनों निष्क्रिय प्रतिभा और जनता की बौद्धिक प्रतिभा लाने के लिए किया गया है।
यह आध्यात्मिक अभ्यास अपने प्रतिभागियों के अथक तपस्या की भावना को आत्मसात करने के लिए और अधिक से अधिक अच्छे के लिए महान त्याग करने को प्रेरित करती है।
अश्वमेध यज्ञ वृद्धि की इच्छा शक्ति के साथ प्रतिभागियों को आशीर्वाद देता है उनके दोष से छुटकारा पाने के लिए और उनके अच्छे गुण और गुणों में वृद्धि से बेहतर नागरिक बनने के लिए।
अश्वमेध यज्ञ का आयोजन किया गया है,और व्यापक भारतीय संस्कृति की एक शानदार प्रदर्शन, जो ज्ञान की आज की समस्याओं को हल किया जा सकता है के माध्यम से।
जहाँ भी इन अश्वमेध यज्ञ का प्रदर्शन किया गया है, उन क्षेत्रों में अपराधों और आक्रामकता की दर में कमी का अनुभव किया है।
अश्वमेध यज्ञ इतना है कि हम उज्ज्वल भविष्य की दिशा में प्रगति कर सकते हैं। समाज, राष्ट्र, महाद्वीपों और पूरी दुनिया को एकजुट करने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
अश्वमेध यज्ञ सूर्य देवता का पवित्र प्रसाद है ताकि लोग सूरज की चेतना के माध्यम से लाभ उठा सकते हैं।
इस महायज्ञ में 1008 अग्निवेदियों (यज्ञ कुंड) की भव्य यज्ञशाला बनाई गई है। 50 दिव्यतीर्थों की रज एवं जल से संस्कारित कलशों की भव्य कलशयात्रा निकाली जाएगी। वैदिक संस्कार सभी प्रकार के संस्कार निःशुल्क कराए जाएंगे। विचारक्रांति के दिव्य सन्देस का विचार मंच भी है।हजारों दीपकों के साथ अनुपम दीपमहायज्ञ भी होगा। जन समुदाय के लिए जीवनोपयोगी पुस्तक मेला भी लगाया गया है। इस यज्ञ में भारतीय संस्कृति विरासत एवं वैज्ञानिक अध्यात्मवाद जैसे विषयों पर भव्य पोस्टर प्रदर्शनी भी है। एक लाख लगाए गए वृक्षारोपण अभियान की पूर्णाहुति, रक्तदान, व्यसन मुक्ति,फ्री चिकित्सीय जांच, तथा अंगदान, जागरूकता शिविर, 180 बेड का हॉस्पिटल, 20 एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।सांस्कृतिक कार्यक्रमो के माध्यम से प्रेरणा जगाने वाले मनोरंजक मंच-कला की व्यवस्था की गई है। 80 देशों से लाखों परिजनों की सहभागिता होगी। सभी के लिए दिव्य महाप्रसाद की व्यवस्था रहेगी।
आपकी सक्रिय सहभागिता, समर्थ सहयोग, इस अलौकिक एवं परोपकारी आयोजन हेतु किए जा रहे सामूहिक प्रयासों को द्विगुणित करेगा। आध्यात्मिक वातावरण और सकारात्मक प्रभावों को अनुभव प्राप्त करने हेतु आपने परिवार और मित्रगणों के साथ अवश्य पधारे।नालासोपारा गायत्री परिवार युवा प्रज्ञा मण्डल ट्रष्ट की तरफ से आप सभी का हार्दिक स्वागत है।

इंडो हॉलीवुड म्यूज़िकल फिल्म “मिलेनेयर्स ऑफ लव” की मुंबई में घोषणा, मिथुन, रिक्की केज, अनूप सोनी, मो. फैज़, निर्माता मुकेश पारिख की उपस्थिति

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मुंबई। हाल ही में पहली इंडो हॉलीवुड म्यूज़िकल फ़िल्म “मिलेनेयर्स ऑफ लव” की घोषणा पीवीआर सिनेमा, जुहू, मुंबई में की गई। अमेरिका के लेखक निर्माता मुकेश पारिख की इस फिल्म के सह निर्माता सोमेंद्र हर्ष हैं। दो बार फिल्मफेयर अवार्ड विनर संगीतकार मिथुन ने इसका संगीत दिया है और तीन बार ग्रामी विनर रिक्की केज गेस्ट कम्पोज़र हैं। इस ऑफिशियल घोषणा के अवसर पर निर्माता मुकेश पारिख, सह निर्माता सोमेंद्र हर्ष, मिथुन, रिक्की केज, गीतकार सईद कादरी, सिंगर मो. फैज और अतिथि के रूप में एक्टर अनूप सोनी उपस्थित थे। इस फिल्म के लिए सईद कादरी ने गीत लिखे हैं और मोहम्मद फैज़ ने एक गीत गाया है। कार्यक्रम में सभी को परंपरागत पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया।

फिल्म इस बारे में है कि सपने देखना कभी मत छोड़ें। सत्य घटना पर आधारित इस फिल्म में राजस्थान की कहानी है।
प्रोड्यूसर मुकेश पारिख की एक शॉर्ट फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई जिसे कई पुरुस्कार भी मिले हैं। इस इंडो हॉलीवुड प्रोजेक्ट के बारे में उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट शक्तियों का मेला है। मैंने काफी रिसर्च करके यह स्टोरी लिखी है। सच्चे इवेंट्स पर आधारित फ़िल्म में ब्यूटीफुल लव स्टोरी है। कुछ दिन पहले मैं भारत आया और यशराज स्टूडियो में गाने की रिकॉर्डिंग की। सईद कादरी को मैं अल्फ़ाज़ का बादशाह कहता हूं और मिथुन का म्युज़िक तो कमाल का रहता है। यह एक बहुत ही प्यारी लव स्टोरी है। राजस्थान मेरा पसंदीदा राज्य रहा है, वहां की सच्ची कहानी को प्रस्तुत करना मुझे पसन्द आया। म्युज़िक की कोई भाषा नहीं होती। राजस्थान के लोकगीत और वेस्टर्न म्युज़िक की सिम्फोनी कमाल की होगी।
फिल्म के को प्रोड्यूसर सौमेन्द्र हर्ष ने सभी टीम का आभार जताते हुए हुए कहा कि हम सभी राजस्थान से जुड़े हुए हैं। हमने काफी रिसर्च किया, यह पहला राजस्थान का प्रोजेक्ट है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बन रहा है। मुझे गर्व है कि यूएस और राजस्थान मिलकर यह प्रोजेक्ट बना रहे हैं। इससे रीजनल सिनेमा को बढ़ावा मिलेगा।
आशिकी 2 और कबीर सिंह जैसी फिल्मों के संगीतकार मिथुन ने बताया कि संगीत भारतीय सिनेमा में जरूरी रहा है। मैं अपने देश की मिट्टी के लिए, संगीत के लिए कुछ करना चाहता हूं। यह कहानी संगीत के माध्यम से कही जाने वाली है। संगीत के प्रति मुकेश जी का हौसला देखने लायक है। संगीत के माध्यम से वह स्टोरी बताना चाहते हैं। राजस्थान की उस कम्युनिटी का संगीत मैंने खूब सुना, जिससे इंस्पायर होकर यह कहानी बन रही है। मुझे मुकेश जी का दर्शन पसन्द आया। मुझे लगा कि यह सही समय है इस फ़िल्म से जुड़ने के लिए और इसके लिए संगीत कंपोज करके बहुत खुश हूं।
रिक्की केज ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में काम करना मेरे लिए गर्व की बात रही। मिथुन भारत के प्रतिभाशाली संगीतकार हैं। लगान जैसी फिल्मों का संगीत इस धरती की जड़ों से जुड़ा हुआ था इसलिए उन्हें विश्व भर में पहचान मिली। इस फिल्म का संगीत भी भारतीय जड़ों से जुड़ा हुआ है।
शब्दो के बादशाह सईद कादरी ने बताया कि मुझे इस फिल्म के जरिए अपनी मिट्टी के कर्ज को चुकाने का अवसर मिला है। मैं राजस्थान में जन्मा हूँ, मैं उसी प्यासी ज़मीन से आया हूँ इसलिए मेरे दिल मे एक हूक है जहां मैं अपनी मिट्टी की बात कह सकता हूँ।
अनूप सोनी ने कहा कि मैं जयपुर का रहने वाला हूँ, स्कूल कॉलेज की पढ़ाई से लेकर रंगमंच की शुरुआत जयपुर में हुई। राजस्थान का कल्चर बहुत पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। जहां के आप होते हैं वहां से एक गहरा नाता रहता है। मैं जयपुर में एक साल पहले मुकेश जी से मिला, कहानी और म्युज़िक के बारे में सुना और मेरे पास उनका मेल आया तो मैंने पूरी स्क्रिप्ट पढ़ी और हां कर दिया। मुकेश ने जो किरदार क्रिएट किए हैं वो बहुत रियल हैं वे सभी आसपास के किरदार लगेंगे। अपने आप को भाग्यशाली मानता हूं कि इस फिल्म का हिस्सा हूँ।
गायक मोहम्मद फ़ैज़ ने कहा कि मैं जब रियल्टी शो में था तब से मुकेश जी से जुड़ा हूँ। मैं लक्की हूँ कि रिक्की जी के साथ एक गाना गाने का मुझे मौका मिला।
इस म्यूज़िकल ड्रामा फिल्म की 60 प्रतिशत शूटिंग राजस्थान में होगी और फिल्म में 4 गाने रखे गये हैं। इस फिल्म का निर्माण मिलेनेयर्स ऑफ लव फिल्मस एल एल पी के बैनर पर किया जा रहा है।

ग्लोबल स्टार राम चरण और मेगास्टार सलमान खान “ऑपरेशन वेलेंटाइन” का ट्रेलर लॉन्च करेंगे

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मुंबई (अनिल बेदाग) : यह सभी प्रशंसकों के लिए खुशी मनाने का समय है। वरुण तेज और मानुषी छिल्लर स्टारर सोनी पिक्चर्स इंटरनेशनल प्रोडक्शंस का ऑपरेशन वेलेंटाइन कल अपना बहुप्रतीक्षित ट्रेलर लॉन्च करेगा। तेलुगु ट्रेलर ग्लोबल स्टार राम चरण द्वारा लॉन्च किया जाएगा और हिंदी ट्रेलर मेगास्टार सलमान खान द्वारा डिजिटल रूप से लॉन्च किया जाएगा।
पहले कभी नहीं देखे गए हवाई एक्शन दृश्यों के साथ एक देशभक्ति-थ्रिलर फिल्म मानी जाने वाली यह फिल्म विशेष रूप से अपने ‘फर्स्ट स्ट्राइक’ यानी टीज़र के लॉन्च के बाद से शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
‘ऑपरेशन वैलेंटाइन’ सोनी पिक्चर्स इंटरनेशनल प्रोडक्शंस, संदीप मुड्डा की रेनेसां पिक्चर्स द्वारा निर्मित और गॉड ब्लेस एंटरटेनमेंट (वकील खान) और नंदकुमार अब्बिनेनी द्वारा सह-निर्मित है। अनुभवी विज्ञापन-फिल्म निर्माता और वीएफएक्स प्रशंसक शक्ति प्रताप सिंह हाड़ा इस फिल्म के साथ अपने निर्देशन की शुरुआत करेंगे। शक्ति प्रताप सिंह हाड़ा, आमिर खान और सिद्धार्थ राज कुमार द्वारा लिखित यह फिल्म 1 मार्च 2024 को तेलुगु और हिंदी में रिलीज़ होगी।

ISIS स्टाइल में काट दिया गोसेवक का गला

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आपइण्डिया रिपोर्ट के अनुसार  गोसेवक साधराम यादव की हत्या के मामले में आरोपितों पर छत्तीसगढ़ में गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कश्मीर से लौटने के बाद अयाज खान ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस्लामी आतंकी संगठन ISIS के स्टाइल में गोसेवक का गला रेत दिया था। ऐसा अयोध्या के राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा से पहले दहशत फैलाने के इरादे से किया गया था।
20 जनवरी 2024 को छत्तीसगढ़ के कवर्धा में लालपुर गाँव में अयाज, इदरीश, मेहताब और शेख रफीक समेत 6 ने मिलकर गोसेवक साधराम यादव (50) की ISIS आतंकियो की तरह गला रेत कर हत्या कर दी थी। राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी को हुई थी।
पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपितों पर UAPA की धारा 16 लगाई है। अयाज और इदरीश का आतंकी कनेक्शन भी सामने आया है। अयाज के कश्मीर जाने और इदरीश के संदिग्ध के लोगों से मिलने की जानकारी भी मिली है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है राज्य में नक्सलियों के अलावा किसी मामले में पहली बार UAPA का उपयोग किया गया है।
आरोपितों ने साधराम यादव से पहले भी जान-बूझकर विवाद किया था और ‘सर तन से जुदा’ करके हत्या कर दी। उनकी हत्या के बाद कवर्धा में लोगों का गुस्सा भड़क उठा था। प्रशासन ने आरोपितों को पकड़ने के साथ ही इनके घरों पर बुलडोजर भी चलाया था।
पुलिस ने जाँच के बाद आरोपितों के खिलाफ UAPA की धारा भी जोड़ी है। कवर्धा के एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया है हत्या करने वाले आरोपितों में से अयाज का कश्मीर आना-जाना लगा रहता था, वहीं इदरीश के संदिग्ध लोगों से बात करने के सबूत मिले हैं।
उन्होंने बताया है कि अयाज खान को गिरफ्तार कर उसके मोबाइल की जाँच की गई तो उसके लगातार कई बार जम्मू-कश्मीर जाने की जानकारी सामने आई। जब छत्तीसगढ़ से टीम जम्मू-कश्मीर भेजी गई तो आतंकवादियों से कनेक्शन सामने आए। एक अन्य आरोपित इदरीश खान के संदिग्धों से बात करने सम्बंधित जानकारी मिली है।
उधर हिन्दू संगठन लगातार इस मामले में जल्दी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। गोसेवक साधराम यादव की पत्नी ने हाल ही में सरकार से मिले ₹5 लाख का चेक भी लौटा दिया था। साधराम यादव की पत्नी ने कहा था कि उन्हें सहायता राशि नहीं, बल्कि हत्यारों पर कड़ी कार्रवाई चाहिए।

वर्तमान के वर्धमान आचार्य विद्यासागरजी अनंत यात्रा पर

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                                          ( विष्णुदत्त शर्मा-विनायक फीचर्स)

 छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चन्द्रगिरी तीर्थ से आध्यात्मिक चेतना के तेजस्वी सूर्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने अपनी अनंत यात्रा के लिए प्रस्थान कर लिया है। संत के रूप में पूज्यश्री का संपूर्ण जीवन ही दर्शन का सुदर्शन संदर्भ है। जिनके आचरण में ही जीवों के लिए करूणा पल्लवित होती हो, जिनके विचारों में प्राणी मात्र के कल्याण का शुभ संकल्प हो, जिनकी देशना में जन-मन के अंतःकरण की जागृति का संदेश हो, ऐसी दिव्यात्मा की भू-लोक से अनुपस्थिति अनंतकाल तक अंधेरे की उपस्थिति का अनुभव करवाएगी। महाराजश्री के विचार भारतीयता के प्रति अगाध निष्ठा, राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यपरायणता से भी ओतप्रोत रहे। इसीलिए, अनंत अवसरों पर अखंड रूप से इस विचार की आवृत्ति होती रही कि आचार्यश्री के विचारों को संकलित करना छोटी-सी अंजुली में सागर को भरने का असंभव प्रयास है।

पूज्यश्री की सहज और प्रवाहमयी उपमाएं जन सामान्य को भी दुर्लभ विषय समझने में सरलता प्रदान करती हैं। सत्संग और सानिध्य के कालखंड में आचार्य श्री ने अनेक अवसरों पर स्पष्ट किया कि जैन धर्म दो शब्दों से बना है – जैन और धर्म। जैन से अभिप्राय ‘जिन’ के उपासक से है। “कर्मारातीन जयतीति जिनः” अर्थात जिसने काम, क्रोध, मोह आदि अपने विकारी भावों को जीत लिया है, वह ‘‘जिन” कहलाता है। “जिनस्य उपासकः जैनः” अर्थात् ‘जिन’ के उपासक को जैन कहते हैं। जो व्यक्ति ‘जिन’ के द्वारा बताए मार्ग पर चलते हैं और उनकी आज्ञा को मानते हैं, वे जैन कहलाते हैं। ऐसे जैन के धर्म को जैन धर्म कहते हैं। यही जैन धर्म का भी शाब्दिक अर्थ है।

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री और दुनिया के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी से भी आचार्यश्री का गहरा जुड़ाव रहा है। वर्ष 2016 में भोपाल की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री जी ने उनसे भेंट भी की थी। राष्ट्र धर्म और जन सेवा के पवित्र उद्देश्य की व्याख्या करने के लिए 28 जुलाई 2016 को पूज्यश्री ने मध्यप्रदेश विधानसभा में अपना प्रवचन भी दिया और गत वर्ष चंद्रगिरि तीर्थ पर ही आचार्यश्री का आशीर्वाद मा. प्रधानमंत्री जी को प्राप्त हुआ।

संत शिरोमणि 108 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी का जन्म 10 अक्टूबर 1946 को कर्नाटक के बेलगाम जिले में हुआ। उनका बचपन का नाम विद्याधर था। इसके बाद उन्होंने दीक्षा राजस्थान में ली थी। उल्लेखनीय यह भी है कि महाराजश्री के शिष्य मुनि क्षेमसागर ने उनके ऊपर जीवनी भी लिखी। इसका अंग्रेजी अनुवाद “इन द क्वेस्ट ऑफ सेल्फ” के रूप में किया गया है। महाराजश्री शास्त्रीय (संस्कृत और प्राकृत) और कई आधुनिक भाषाओं, हिंदी, मराठी और कन्नड़ के विशेषज्ञ थे। वे हिंदी और संस्कृत के एक विपुल लेखक भी रहे हैं। कई शोधकर्ताओं ने स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट डिग्री के लिए उनके कार्यों का अध्ययन किया है।

विद्यासागर महाराज को आचार्य पद की दीक्षा आचार्य श्री ज्ञान सागर महाराज ने 22 नवंबर 1972 को अजमेर राजस्थान के नसीराबाद में दी थी। इसके बाद आचार्य श्री ज्ञान सागर महाराज ने आचार्य श्री के मार्गदर्शन में ही 1 जून 1973 को समाधि ली थी। ऐसा पहली बार हुआ था, जब एक गुरु ने पहले शिष्य को दीक्षित किया और फिर उन्हीं के मार्गदर्शन में समाधि ली। दिगंबर मुनि परंपरा के आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज देश के ऐसे अकेले आचार्य थे, जिन्होंने अब तक 505 मुनियों को दीक्षा दी।

जिन उपासना की और उन्मुख आचार्यश्री तो सांसारिक आडंबरो से विरक्त रहे । इस युग के तपस्वियों की परंपरा में आचार्यश्री अग्रगण्य थे। परमात्मा के उपदेशों पर चलने वाले इस पथिक का प्रत्येक क्षण जागरूक व आध्यात्मिकता से भरपूर रहा।

उनके विशाल व विराट व्यक्तित्व के अनेक पक्ष थे, तथा सम्पूर्ण भारतवर्ष उनकी कर्मस्थली थी।

ज्ञान, करुणा व सद्भावना से परिपूर्ण उनकी शिक्षाएं सदैव समाज और संस्कृति के उत्कर्ष के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती रहेंगी। समाधिस्थ आचार्य श्री के चरणों में मेरा कोटिशः नमन।(विनायक फीचर्स)

(लेखक- मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं खजुराहो से लोकसभा सांसद हैं।)

यूसीसी लागू करने पर नवी मुंबई में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रवासियों ने व्यक्त किया आभार

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नवी मुंबई, (वाशी) 17 फरवरी 2024, मुंबई स्थित प्रवासी उत्तराखंडियों की प्रसिद्ध संस्था “कौथिग महोत्सव” व “देवभूमि स्पोर्ट्स फाउंडेशन” के संयुक्त तत्वाधान में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सम्मान में आभार समारोह आयोजित किया गया!
आभार आयोजन का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री धामी द्वारा हाल ही में पारित किया गया बहुत चर्चित, महत्वपूर्ण व नागरिक हितैषी विधेयक समान नागरिक संहिता(UCC) का उत्तराखंड विधानसभा में पारित करना था !
इस अवसर पर कौथिग व स्पोर्ट्स फॉउंडेशन के मुख्य पदाधिकारियों सहित प्रवासी गणमान्य बंधुओं द्वारा ससम्मान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हेतु आभार पत्र मुंबई में उपस्थित उनके प्रतिनिधि(अनो) व मीडिया समन्वयक संजय बलोदी प्रखर को प्रदान किया गया।
इस अवसर पर नवी मुंबई स्थित अन्य संस्था “देवभूमि जय माँ नंदादेवी चैरिटेबल ट्रस्ट” पदाधिकारियों द्वारा भी मुख्यमंत्री का आभार प्रकट एवं पत्र प्रेषित किया गया. !
स्पोर्ट्स फॉउंडेशन के मुख्य संयोजक मनोज भट्ट व अध्यक्ष सुरेश राणा द्वारा यह कार्यक्रम विशेष रूप से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर संजय बलोदी प्रखर द्वारा उत्तराखंड में यूसीसी ड्राफ्ट निर्माण से लेकर विधानसभा पटल तक रखे जाने की प्रक्रिया का संक्षिप्त विवरण दिया गया !
कार्यक्रम में कौथिक फाउंडेशन के अध्यक्ष हीरा सिंह भाकुनी, स्पोर्ट्स फॉउंडेशन के संयोजक मनोज भट्ट व नवी मुंबई पार्षद व सलाहकार बहादुर सिंह बिष्ट सहित अन्य प्रवासी गणमान्यों ने न केवल मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त किया बल्कि उनके निर्णय व महत्वपूर्ण फैसलों की सराहना भी की। इस विशेष महत्वपूर्ण आयोजन में गणमान्य उत्तराखंडी प्रवासियों में महावीर पैन्यूली,, ज्योति राठौर, के.एस वोरा, गिरवीर नेगी, प्रवीण ठाकुर, अमन बर्त्वाल,राकेश खंकरियाल सहित काफी संख्या में प्रवासी बंधु-बांधव विशेष रूप में उपस्थित थे !

डॉ निकेश जैन माधानी को रामायण की सीता दीपिका चिखलिया ने दादासाहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवार्ड से किया सम्मानित

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मुंबई। रामायण धारावाहिक में सीता की भूमिका निभाने वाली ख्याति प्राप्त अभिनेत्री दीपिका चिखलिया के हाथों बिजनेसमैन डॉ. निकेश ताराचंद जैन दादासाहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए।

फिल्मोरा मीडिया नेटवर्क द्वारा प्रस्तुत यह पुरस्कार समारोह 18 फरवरी 2024 को सहारा स्टार होटल, मुंबई में सम्पन्न हुआ जिसका आयोजन अखिलेश सिंह ने किया।
17 फरवरी को ही गायक उदित नारायण के हाथों बिजनेसमैन डॉ. निकेश ताराचंद जैन माधानी अखंड भारत गौरव अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए हैं।
विदित हो कि पिछले दिनों डॉ निकेश जैन माधानी को एक्टर सोनू सूद ने एसियन एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया था और गोल्डन जुबली फिल्म फेस्टिवल में भी सम्मानित हुए। इसके साथ ही उन्हें सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, एसीपी संजय पाटिल, यूनियन लीडर अभिजीत राणे के हाथों दादासाहेब फाल्के अवार्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवार्ड 2023 मिला है।
आपको बता दें कि कुछ माह पूर्व दिल्ली में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री काजल अग्रवाल एवं भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव के हाथों ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री एवं बिजनेस अवार्ड और विंदू दारा सिंह के हाथों आत्मनिर्भर एक्सीलेंस अवार्ड भी मिल चुका है।
इसके साथ ही 2022 में निकेश जैन मधानी को महाराष्ट्र राज्य के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों गऊ भारत भारती अवार्ड तथा इस वर्ष कैबिनेट मंत्री परषोत्तम रूपाला (मत्स्य, दुग्ध व उद्योग मंत्री) के हाथों से गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुरस्कार 2023 प्राप्त हुए हैं। उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार 2021 भी मिल चुका है। पिछले दिनों ब्राइट आउटडोर के सीएमडी योगेश लखानी ने अपने जन्मदिन पर निकेश जैन को बिज़नेस आइकॉनिक ब्राइट अवार्ड एवं ब्राइट आउटडोर बी.एस.सी. आईपीओ आने की खुशी में बिज़नेस अवार्ड 2023 से सम्मानित किया। निकेश को परफेक्ट वुमेन अचीवर अवॉर्ड, गोल्डन ह्यूमेनिटी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं आईपीएस कृष्ण प्रकाश नायर 2021 और 2022 में उन्हें अवॉर्ड देकर सम्मानित कर चुके हैं।
डॉ निकेश जैन मधानी फाइनेंस एडवाइजर हैं इनके कई बिजनेस हैं जैसे कि मधानी फाइनेंस, मधानी एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शन, मधानी ट्रेडिंग कंपनी, मधानी न्यूज लाइव 24×7 और मधानी इंटरप्राइज इत्यादि। इसके साथ ही निकेश की माँ के नाम पुष्पा गृह उद्योग कंपनी और पुष्पम पापड़ कंपनी है। जल्द ही मधानी कंपनी की लिस्टिंग हो जायेगी।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी ने एक हिंदी कॉमेडी फिल्म प्रोड्यूस की है। इसके पहले उन्होंने 12 म्यूजिक एल्बम ओर शॉर्टफिल्म को माधानी एंटरटेनमेंट और प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है।
निकेश ताराचंद जैन मधानी ने लॉ बुक में इतिहास बनाया है। दरअसल उनके ऊपर 2014 में ईडी पीएमएलए का केस हो गया था। फिर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ते हुए 2017 में सुप्रीम कोर्ट से धारा 45 ए रद्द हुआ जिससे कानून के किताब में डॉ निकेश जैन मधानी का नाम दर्ज हुआ और उनके ऊपर लगे धारा को हटाने में प्रसिद्ध वकील मुकुल रोहतगी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। निकेश जैन की कानून लड़ाई में जाने माने वकील साजल यादव, वकील नेमीचंद शर्मा और वकील मनीष वोरा ने भी सहयोग किया।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी सबसे सफल व्यवसायी रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम आदानी और लक्ष्मी मित्तल से प्रेरित हैं।

– संतोष साहू

उदित नारायण के हाथों अखंड भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित हुए डॉ निकेश जैन माधानी 

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मुंबई। फिल्म जगत के प्रसिद्ध पार्श्व गायक उदित नारायण के हाथों बिजनेसमैन डॉ. निकेश ताराचंद जैन माधानी अखंड भारत गौरव अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए। यह पुरस्कार समारोह 17 फरवरी 2024 को मुक्ति ऑडिटोरियम अंधेरी, मुंबई में सम्पन्न हुआ जिसका आयोजन राजकुमार तिवारी और पुनीत खरे ने किया। इस अवार्ड शो में उदित नारायण सहित ब्राइट आउटडोर के योगेश लखानी की विशेष उपस्थिति रही।

विदित हो कि पिछले दिनों डॉ निकेश जैन माधानी को एक्टर सोनू सूद ने एसियन एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया था और गोल्डन जुबली फिल्म फेस्टिवल में भी सम्मानित हुए। इसके साथ ही उन्हें सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, एसीपी संजय पाटिल, यूनियन लीडर अभिजीत राणे के हाथों दादासाहेब फाल्के अवार्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवार्ड 2023 मिला है।
आपको बता दें कि कुछ माह पूर्व दिल्ली में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री काजल अग्रवाल एवं भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव के हाथों ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री एवं बिजनेस अवार्ड और विंदू दारा सिंह के हाथों आत्मनिर्भर एक्सीलेंस अवार्ड भी मिल चुका है।
इसके साथ ही 2022 में निकेश जैन मधानी को महाराष्ट्र राज्य के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों गऊ भारत भारती अवार्ड तथा इस वर्ष कैबिनेट मंत्री परषोत्तम रूपाला (मत्स्य, दुग्ध व उद्योग मंत्री) के हाथों से गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुरस्कार 2023 प्राप्त हुए हैं। उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार 2021 भी मिल चुका है। पिछले दिनों ब्राइट आउटडोर के सीएमडी योगेश लखानी ने अपने जन्मदिन पर निकेश जैन को बिज़नेस आइकॉनिक ब्राइट अवार्ड एवं ब्राइट आउटडोर बी.एस.सी. आईपीओ आने की खुशी में बिज़नेस अवार्ड 2023 से सम्मानित किया। निकेश को परफेक्ट वुमेन अचीवर अवॉर्ड, गोल्डन ह्यूमेनिटी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं आईपीएस कृष्ण प्रकाश नायर 2021 और 2022 में उन्हें अवॉर्ड देकर सम्मानित कर चुके हैं।
डॉ निकेश जैन मधानी फाइनेंस एडवाइजर हैं इनके कई बिजनेस हैं जैसे कि मधानी फाइनेंस, मधानी एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शन, मधानी ट्रेडिंग कंपनी, मधानी न्यूज लाइव 24×7 और मधानी इंटरप्राइज इत्यादि। इसके साथ ही निकेश की माँ के नाम पुष्पा गृह उद्योग कंपनी और पुष्पम पापड़ कंपनी है। जल्द ही मधानी कंपनी की लिस्टिंग हो जायेगी।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी ने एक हिंदी कॉमेडी फिल्म प्रोड्यूस की है। इसके पहले उन्होंने 12 म्यूजिक एल्बम ओर शॉर्टफिल्म को माधानी एंटरटेनमेंट और प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है।
निकेश ताराचंद जैन मधानी ने लॉ बुक में इतिहास बनाया है। दरअसल उनके ऊपर 2014 में ईडी पीएमएलए का केस हो गया था। फिर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ते हुए 2017 में सुप्रीम कोर्ट से धारा 45 ए रद्द हुआ जिससे कानून के किताब में डॉ निकेश जैन मधानी का नाम दर्ज हुआ और उनके ऊपर लगे धारा को हटाने में प्रसिद्ध वकील मुकुल रोहतगी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। निकेश जैन की कानून लड़ाई में जाने माने वकील साजल यादव, वकील नेमीचंद शर्मा और वकील मनीष वोरा ने भी सहयोग किया।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी सबसे सफल व्यवसायी रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम आदानी और लक्ष्मी मित्तल से प्रेरित हैं।

– संतोष साहू

मुंबई के फोर्टिस हॉस्पिटल ने सफलतापूर्वक 100 बोन मैरो ट्रांसप्‍लांट्स किये

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मुंबई (अनिल बेदाग): फोर्टिस हॉस्पिटल मुलुंड ने 100 बोन मैरो ट्रांसप्‍लांट्स (बीएमटी) सफलतापूर्वक पूरा करके चिकित्‍सा के इतिहास में एक महत्‍वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि खून की बीमारियों के मरीजों की आशा, मजबूती और बदलाव लाने वाली देखभाल का एक शानदार सफर दिखाती है।
बोन मैरो ट्रांसप्‍लांट्स (बीएमटी) भारत में लगातार बढ़ रहे हैं और हर साल लगभग 2500 ट्रांसप्‍लांट्स किये जा रहे हैं। लेकिन यह देश की असल जरूरत के 10% से भी कम है। इसके कई कारण हैं, जैसे कि उपचार विकल्‍पों पर जागरूकता का अभाव, सीमित पहुँच, खर्च और सही समय पर रोग-निदान न होना। इन चुनौतियों को दूर करने और उपचार तक पहुँचने की कमियों को ठीक करने के‍ लिये फोर्टिस हॉस्पिटल मुलुंड में इंस्टिट्यूट ऑफ ब्‍लड डिसऑर्डर्स की स्‍थापना हुई थी।
फोर्टिस हॉस्पिटल मुलुंड में हीमैटोलॉजी, हीमैटो-ओन्‍कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्‍लांट (बीएमटी) के डायरेक्‍टर डॉ. सुभाप्रकाश सान्‍याल ने अपनी सक्षम टीम के साथ मिलकर खून की विभिन्‍न बीमारियों के मरीजों के लिये सफल बोन मैरो ट्रांसप्‍लांट्स की एक श्रृंखला चलाई। उनकी टीम में हीमैटोलॉजी एवं बीएमटी के कंसल्‍टेन्‍ट डॉ. हम्‍जा दलाल, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन की असोसिएट कंसल्‍टेन्‍ट डॉ. अलीशा केरकर, इंफेक्शियस डिसीजेस की कंसल्‍टेन्‍ट डॉ. कीर्ति सबनीस, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के हेड डॉ. ललित धानतोले, आदि जैसे विशेषज्ञ थे। उन्‍होंने खून की जिन बीमारियों के लिये बीएमटी किये, उनमें मल्‍टीपल मायलोमा, लिम्‍फोमा, ल्‍युकेमिया, मीलोडिस्‍प्‍लास्टिक सिंड्रोम, मीलोफाइब्रोसिस, एप्‍लास्टिक एनीमिया, आदि शामिल थीं।
फोर्टिस हॉस्पिटल मुलुंड में हीमैटोलॉजी, हीमैटो-ओन्‍कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्‍लांट (बीएमटी) के डायरेक्‍टर डॉ. सुभाप्रकाश सान्‍याल ने बताया कि हॉस्पिटल ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि केन्‍या, तंजानिया और बांग्‍लादेश से आने वाले मरीजों का भी इलाज किया। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि बीएमटी की जरूरत पर जागरूकता की कमी के कारण चुनौती होती है और इस कारण विशेषज्ञों से परामर्श लेने में अक्‍सर विलंब होता है। खून की बीमारियों पर जागरूकता कार्यक्रमों समेत डॉ. सान्‍याल की कोशिशों ने उपचार की कमी को दूर करने और खून की बीमारियों के ज्‍यादा मरीजों तक पहुँचने में योगदान दिया है।
बीएमटी की विधियों में हालिया प्रगति से इलाज में काफी बदलाव आया है, परिणामों में सुधार आया है और दुष्‍प्रभाव कम किये हैं। डॉ. सान्‍याल ने सीएआर टी-सेल थेरैपी के महत्‍व पर रोशनी डाली। यह अत्‍याधुनिक इम्‍युनोथेरैपी है, जो कैंसर का मुकाबला करने के लिये इम्‍युन सिस्‍टम को आनुवांशिक तरीके से रिप्रोग्राम करती है। इस प्रकार एग्रेसिव लिम्‍फोमा, ल्‍युकेमिया और मल्‍टीपल मीलोमा के मरीजों को निजीकृत एवं लक्षित समाधान मिलते हैं।
फोर्टिस हॉस्पिटल मुलुंड के फैसिलिटी डायरेक्‍टर डॉ. विशाल बेरी ने कहा कि ब्‍लड कैंसर और सही समय पर होने वाले इलाज के महत्‍व पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि ब्‍लड कैंसर का जल्‍दी पता लगने से जीवित रहने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। उन्‍होंने दोहराया कि उपचार के दूसरे विकल्‍पों से थक चुके मरीजों को उम्‍मीद देने में बीएमटी का प्रभाव काफी बदलाव कर सकता है।  टी-सेल थेरैपी को मानक उपचार बताते हुए डॉ. बेरी ने एग्रेसिव लिम्‍फोमाज से मुकाबला करने में चिकित्‍सा के आधुनिक तरीकों को शामिल करने पर जोर दिया। यह आधुनिक औषधि-विज्ञान में एक महत्‍वपूर्ण प्रगति है।