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मध्य प्रदेश तमाशा -ए -आईएएस बेलगाम अफसर, शिष्टाचार होता तार-तार

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 *पवन वर्मा, विनायक फीचर्स*
मध्य प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस )के अफसर हो या भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस ) के अफसर हो, अधिकांश को  अपने कुशल व्यवहार और शिष्टाचार के लिए जाना जाता रहा है। मध्य प्रदेश के लोग भी शिष्टाचार के लिए अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं, लेकिन पिछले कुछ महीनों से भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसर अपने व्यवहार से पूरे देश की ब्यूरोक्रेसी में चर्चा का विषय बन गए हैं।  मध्य प्रदेश के ये अफसर अपने अच्छे कामों की जगह  अपने खराब व्यवहार और शिष्टाचार को तार-तार करने के कारण पूरे देश में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। खासबात यह है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव  खराब व्यवहार और काम के प्रति लापरवाह अफसरों को लेकर सख्त है, इसके बाद भी अफसर उसी परिसर में भिड़ गए जहां मुख्यमंत्री स्वयं बैठते हैं। 
ताजा मामला जेल विभाग के प्रमुख सचिव (प्रिंसिपल सैकेट्री) मनीष रस्तोगी और इसी विभाग के सचिव ललित दाहिमा का सामने आया है। दोनों ही आईएएस अफसर हैं। अंतर इतना है कि मनीष रस्तोगी डायरेक्ट आईएएस बने हैं, जबकि दाहिमा मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा से पदोन्नत होकर आईएएस अवार्ड हुए हैं। दोनों अफसरों का विवाद उस परिसर में हुआ जिसमें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सहित सभी मंत्री और मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव वीरा राणा का दफ्तर हैं। उसी परिसर में दोनों अफसरों के बीच जमकर तू-तू-मैं-मैं हो गई।
 * आखिर क्यों देश भर में चर्चित हुए मध्य प्रदेश के अफसर* 
विभाग के सचिव ललित दाहिमा ने विवाद से एक दिन पहले ही कार्यभार संभाला था। बीस मार्च की सुबह लगभग दस बजे प्रमुख सचिव की पीए ने फोन कर सचिव दाहिमा, उपसचिव कमल नागर और अन्य संबंधित अफसरों – कर्मचारियों को चर्चा के लिए बुलाया था। दाहिमा मंत्रालय आए तो चार मिनट लेट हो गए। रस्तोगी अपने सचिव के देरी से आने पर नाराज हो गए और इसके साथ ही विवाद शुरू हो गया। दोनों अफसर एक दूसरे से तेज आवाज में बात करने लगे। मनीष रस्तोगी के कक्ष के दरवाजे बंद नहीं रहते इसलिए आवाज बाहर तक जा रही थी और मंत्रालय के कई कर्मचारी  और अन्य लोग वहां एकत्रित हो गए। रस्तोगी ने फाइलों पर नोटिंग को लेकर भी आपत्ति जताते हुए दाहिमा को इससे रोका। इससे विवाद और बढ़ गया। अब मामला मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव वीरा राणा तक पहुंच गया है। ललित दाहिमा ने इस पूरे मामले की शिकायत मुख्य सचिव को की है। जब यह विवाद हुआ तब प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी के चैम्बर का दरवाजा खुला हुआ तो जेल विभाग के अधिकांश अफसरों और कर्मचारियों ने इस विवाद को देखा और सुना। इसके बाद यह खबर मध्य प्रदेश की सुर्खियों में आ गई।
 *रस्तोगी का विवादों से रहा है नाता-* 
सामान्य प्रशासन विभाग और जेल विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी का विवादों से पुराना नाता रहा है। राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव रहते हुए उनके अधीनस्थ उपसचिव रहे राजेश ओगरे से भी उनका विवाद हो चुका है। ओगरे अपनी बहन के दिवंगत होने पर तीन दिन छुट्टी लेकर चले गए थे। वापस आने पर बातचीत के दौरान रस्तोगी ने उनसे यह बोल दिया था कि किसी की मृत्यु होने से कामकाज नहीं रुक जाता। इस पर ओगरे पंद्रह दिन की मेडिकल लीव लेकर चले गए और दुबारा यहां वापस नहीं आए। उनकी मेडिकल लीव रस्तोेगी ने स्वीकृत नहीं की। इसी तरह राजस्व विभाग में पोस्टिंग के बाद काम नहीं मिलने पर प्रमुख सचिव से मिलने पहुंची उपसचिव नेहा मारव्या से भी रस्तोगी का विवाद हो गया था। नेहा ने इसकी शिकायत भी उच्च स्तर पर की थी।
 *आईएएस अफसर कन्याल दिखा रहे थे ड्राइवर को औकात* 
शाजापुर के पूर्व कलेक्टर किशोर कन्याल बीते दिनों ट्रक ड्राइवर को ‘तुम्हारी औकात क्या है’ से चर्चा में आ गए थे। दरअसल ट्रक ड्राइवर्स के साथ मीटिंग में तत्कालीन कलेक्टर किशोर कन्याल उग्र हो गए, क्योंकि एक ड्राइवर ने उनकी बात काट कर अपनी बात रखी। इस पर कलेक्टर साहब ने ट्रक ड्राइवर को कह दिया कि तुम्हारी औकात क्या है।इस घटना का  वीडियो देश भर में जमकर वायरल हुआ। इसके बाद कलेक्टर को यहां से हटाया गया। यह मामला दो महीने पहले का है।(विनायक फीचर्स)

कामदेव की पूजा का पर्व :  होली

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(डॉ. हरिप्रसाद दुबे – विनायक फीचर्स)

प्रेम की होली ऐसी है जिसका रंग कभी नहीं छूटता। अन्य सारे रंग कच्चे रंग हैं। होली बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है। यह प्रेम के रंग में रंगकर आनन्द लुटाने आती है। होली प्रेम के विस्तार का पर्व है।  बसन्तोत्सव, कामोत्सव अथवा मदनोत्सव या होली सभी काम के उदात्तीकरण के उत्सव हैं।
फाल्गुन मास की पूर्णिमा को अनंग उत्सव मनाने की परम्परा ही होलिका दहन के रूप में परिवर्तित हो गई। होली प्रकृति का रसीला पर्व है। बसंत के मुख्य मास चैत्र, बैसाख ‘मधुमाधव  है। बसन्त में मधु रस वर्षण होता है। कवि कालिदास ऋतुसंहार में कहते हैं बसन्त आगमन पर सभी वृक्ष फूलों से लदे हैं जल में कमल खिले हैं। स्त्रियां मतवाली हो चली हैं। सांझ सुहावनी दिन सुन्दर हो गए हैं।  मानव की मूल प्रवृत्ति काम को देवत्व प्रदान करना भारतीय मनीषा द्वारा ही संभव है। काम का संदर्भ ऋग्वेद से लेकर उपनिषद तक सर्वत्र प्राप्त होता है। महाकाव्य परम्परा और पौराणिक परंपरा में कामदेव वेशभूषा के देवता के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इनके लिए पूजा, यज्ञ, मंत्र का विधान है। कामदेव पूजा का पात्र बनते हैं। शिशिर से ठिठुरी प्रकृति जब बसन्त में अंगड़ाई लेकर जाग जाती है तब उसकी अनुभूति अधिक ही होती है। यही कारण है कि संस्कृत परम्परा में बसन्त को कामदेव का सहचर मित्र कहा गया है। मनुष्य ही नहीं प्रकृति भी काम से झंकृत होती है। होली भेद मिटाने आती है। काम उल्लास, उमंग आनन्द के गीत गाता अपने मित्र बसन्त सहित होली में आता है।
इसी बसन्तोत्सव में काम, मदन या मदन गोपाल कृष्ण की तो कहीं कामदेव रूप में प्रद्युम्न आदि की अर्चना स्त्री, पुरुष करने लगे। आम्रमज्जरी देव को समर्पित किया जाता था। इसका प्रसाद रूप ग्रहण करते थे। पूजा के साथ-साथ यज्ञ भी होता था। पुष्प पराग, कस्तूरी चन्दन से परस्पर खेलने की परम्परा थी। जीवन ऊर्जा, प्राण-ऊर्जा काम से है। मानव ने इस काम ऊर्जा को ग्रहण कर अपना धर्म मानते हुए सृष्टि संवर्धन में सहयोग दिया।  गीता में कृष्ण धर्मानुकूल काम की उपादेयता स्वीकारते हैं। काम अर्थ लोकोपकारक है भोग का अधिक आश्रय विनष्ट करता है। भारतीय संस्कृति में काम त्यागभावना पर आधारित रहा है। पार्वती तप करते करते जब अपर्णा बनती हैं, शिव जब तीसरे नेत्र की अग्रि से कामदेव को भस्म कर देते हैं तब काम अनंग बनकर मंगलमय बनता है। इसी समय असुर विनाशक कुमार संभव कुमार का अवतरण होता है। ‘काम’ प्रेम-सौन्दर्य की अभिव्यक्ति करता है। कामदेव कामनाओं का देव, प्रेम का देव, सुन्दरता का देव है। जिसे ईश्वर सृजन की कामना से रचता है, वह सत्यं-शिवं-सुन्दरम्ï है। सृष्टिï मूल सनातन तत्व काम अपने देवत्व में सत्य-शिव है। सत्य-शिव कभी असुन्दर नहीं हो सकता। अत: काम मात्र भोग दमन नहीं है बल्कि जागरण ज्ञान है। बसन्त उत्सव विद्या की देवी सरस्वती के जन्मोत्सव का भी पर्व है। ज्ञान से काम आत्मसात करने पर कला मर्मज्ञ बनेंगे। संस्कृति की चौसठ कलाओं में मानवता को समाविष्ट करने पर ही होली, काम का दर्शन पूर्णता पाएगा। होली की रात मंत्र जाप सिद्ध ही नहीं होता बल्कि विशेष फलदायक और सुरक्षा कवच बनता है। होली कामदेव की पूजा का उत्सव है। (विनायक फीचर्स)

इम्पा की पहल के बाद सरकारी भूमि पर मुफ्त होगी फिल्मों की शूटिंग, महाराष्ट्र सरकार ने की घोषणा

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मुंबई। महाराष्ट्र में अब सरकारी भूमि पर शूटिंग के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। राज्य सरकार ने बकायदे 16 मार्च 2024 को एक आदेश कर स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर फिल्मों, वृत्तचित्रों और विज्ञापनों की मुफ्त शूटिंग की अनुमति दी जाएगी। इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इम्पा) द्वारा किए गए लगातार पत्र व्यवहार का यह सकारात्मक परिणाम दिखा है।

राज्य सरकार की घोषणा के मुताबिक महाराष्ट्र में सरकारी भूमि (मुंबई में दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी और कोल्हापुर में फिल्मसिटी को छोड़कर) में मुफ्त शूटिंग की घोषणा की गई है। इम्पा के प्रेसिडेंट अभय सिन्हा ने महाराष्ट्र सरकार के इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि निर्माताओं के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करते हुए, महाराष्ट्र फिल्म थिएटर और सांस्कृतिक विकास महामंडल, गोरेगांव, मुंबई में एक एकल खिड़की योजना शुरू की गई है। संशोधित फैसले के अनुसार, शूटिंग नि:शुल्क होगी। हालांकि, विज्ञापनों के लिए 40,000 रुपये, टीवी धारावाहिकों के लिए 1 लाख रुपये और फिल्मों के लिए 2.5 लाख रुपये की मामूली सुरक्षा जमा राशि आवश्यक है। सिन्हा ने कहा है कि राज्य सरकार की सुव्यवस्थित मंजूरी प्रक्रिया और मुफ्त फिल्मांकन सुविधाओं का प्रावधान महाराष्ट्र को फिल्म निर्माताओं के लिए एक अधिक आकर्षक स्थान बनाता है और इम्पा जो सक्रिय रूप से फिल्म उद्योग को समर्थन और बढ़ावा देने वाले उपायों की वकालत कर रही है, इस प्रगतिशील पहल के लिए महाराष्ट्र सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करती है।

संजय निरुपम का उत्तर भारतीयों के बीच अच्छा नाम है -चंद्रशेख बावनकुले

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Maharashtra News: क्या बीजेपी संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) को अपने खेमे में लेना चाहती है? दरअसल, यह चर्चा अचानक इसलिए होने लगी जब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेख बावनकुले )Chandrashekhar Bawankule) ने शुक्रवार को एक बयान दिया. बावनकुले ने कहा कि संजय निरुपम का उत्तर भारतीयों के बीच अच्छा नाम है. उन्होंने मुझसे अभी तक कोई बात नहीं की है लेकिन मैं इतना कहूंगा कि अगर कोई मोदी के काम से कोई प्रभावित होता है तो बीजेपी हमेशा उन जैसे लोगों के लिए तैयार है.

बीजेपी की तरफ से खुला ऑफर ऐसे समय में दिया जा रहा है जब कांग्रेस ने पश्चिम मुंबई लोकसभा सीट का दावा छोड़ दिया है. सूत्र बताते हैं कि इसी सीट से संजय निरुपम लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे. इस फैसले को संजय निरुपम के लिए झटका माना जा रहा है. संजय निरुपम मुंबई उत्तर सीट से सांसद रहे हैं. हालांकि 2014 के चुनाव में उन्हें बीजेपी के गोपाल शेट्टी के हाथों हार झेलनी पड़ी थी.

शिंदे गुट के पास मुंबई पश्चिम सीट
जिस मुंबई पश्चिम  सीट से वह चुनाव लड़ना चाहते हैं वहां से एकनाथ शिंदे के गुट वाली शिवसेना के गजानन कीर्तिकर सांसद हैं. महाराष्ट्र में लोकसभा की छह सीटें हैं. माना जा रहा है कि महाविकास अघाड़ी के बीच हुए तय हुए फॉर्मूले के तहत चार सीटों पर शिवसेना-यूबीटी और दो पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी. इसी वजह से यह सीट से कांग्रेस अपना दावा हटा रही है.

चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका
महाराष्ट्र में न तो महाविकास अघाड़ी और न ही महायुति गठबंधन ने सीट शेयरिंग को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा की है. हालांकि बीजेपी ने कई सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. जबकि चुनाव से पूर्व दल-बदल का सिलसिला जारी है. कांग्रेस नेता नितिन कोडवते और उनकी पत्नी चंदा कोडवते बीजेपी में शामिल हो गए जिसको लेकर बावनकुले ने कहा कि दोनों के हमारी पार्टी ज्वाइन करने से गढ़चिरौली जिले में बीजेपी मजबूत होगी.

एकता कपूर और रिया कपूर का “क्रू” के ट्रेलर को मिल रहे पॉजिटिव रिस्पॉन्स से नहीं है खुशी का ठिकाना

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जब से क्रू का जबरदस्त एंटरटेनमेंट ट्रेलर रिलीज हुआ है पूरे देश भर में इसी की चर्चा हो रही है। ट्रेलर को फैंस और ऑडियंस से बहुत पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला रहा। बता दें कि सभी को फिल्म में मौजूद कॉमेडी एलिमेंट के साथ, तब्बू, करीना कपूर खान और कृति सेनन की सेंसेशनल तिगड़ी के साथ -साथ दिलजीत दोसांझ और कपिल शर्मा की मौजूदगी को खास तौर पर पसंद किया जा रहा है।

ट्रेलर ने ऑडियंस की उत्सुकता को और भी बढ़ा दिया है और यह वादा करता है की फिल्म एकदम क्रेज़ी और एंटरटेनिंग राइट होने वाली है। सब तरफ से तारीफों को पाते हुए, हर तरफ बढ़ रही चर्चा को देख कर प्रोड्यूसर, एकता कपूर और रिया कपूर ने फैंस और ऑडियंस को अपना आभार व्यक्त किया है।

कंटेंट क्वीन एकता आर कपूर ने रिस्पांस के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, “हम ट्रेलर को मिल रहे जबरदस्त रिस्पांस से बहुत खुश हैं! ये देखना बहुत ख़ुशी भरा है कि ओसिएनस ‘क्रू’ के मज़ेदार सिचुएशन और दिलचस्प किरदारों के साथ किस तरह जुड़े हैं। ऑडियंस से मिल रहा प्यार हमें और भी अनोखी कहानियाँ बनाने के लिए प्रेरणा देती हैं और हमारे जुनून को और भी बढाती हैं!”

रिस्पॉन्स से बेहद खुश होकर रिया कपूर ने कहा है, “मैं क्रू के ट्रेलर को मिले रहे शानदार रिस्पॉन्स से बहुत खुश हूं। हमने प्रोजेक्ट में अपना दिल डाला है और इससे दर्शकों के बीच पसंद करते हुए देखना बेहद संतुष्ट करने वाला है।”

“क्रू” राजेश ए कृष्णन के डायरेक्शन और बालाजी टेलीफिल्म्स और अनिल कपूर फिल्म एंड कम्युनिकेशन नेटवर्क के सहयोग में बनी है, यह फिल्म 29 मार्च 2024 को सिनेमाघर में रिलीज होने के लिए तैयार है। फिल्म से उम्मीद है कि यह एक ऐसी सिनेमैटिक स्पेक्टाकल देगी जो यादगार पलों में ले जाएगी।

बदायूं – साजिद ने 24 बार किए बच्चों पर वार

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बदायूं: उत्तर प्रदेश का बदायूं (Badaun Case) शहर सदमे से बाहर नहीं निकल सका है। हर शख्स की जुबां पर मासूम बच्चों के साथ हुए जघन्य हत्याकांड की ही चर्चा है। सवाल बना हुआ है कि आखिर साजिद और जावेद ने आखिर क्यों इस वहशियाना घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने जघन्य तरीके से वारदात को अंजाम दिया। जिस किसी ने भी घटनास्थल पर जाकर उस मंजर को देखा, उसके होश उड़ गए। गर्दन काटने के बाद भी शरीर के अन्य हिस्सों पर वार करते रहे।

गर्दन, सीने, पीठ, हाथ पर कई वार
हेयर ड्रेसर साजिद और जावेद ने घर में आकर उधार लेने और चाय पीने के बाद ऊपर जाकर मासूम बच्चों को मार डाला। कमरे में अचानक से मुंह दबाकर गर्दन पर उस्तरे से गर्दन काट दिया। फिर सीने, पीठ, हाथ पर ताबड़तोड़ कई वार किए। आयुष और अहान के साथ नृशंसता की हदें पार कर दी गईं। दोनों बच्चे करीब 10 मिनट तक जान बचाने के लिए जूझते रहे।

साजिद ने 24 बार किए बच्चों पर वार
पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में यह बात स्पष्ट हुई है कि साजिद ने 24 बार उस्तरे और चाकू से वार किया। रिपोर्ट के अनुसार छोटे बच्चे अहान के शरीर पर 9 वार और आयुष के शरीर पर 14 वार हुए। बुधवार सुबह ही दोनों बच्चों का पोस्टमॉर्टम कर दिया गया। फिर 10 बजे कछला घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं आरोपी साजिद का एनकाउंटर के बाद पोस्टमॉर्टम हुआ, जिसमें उसके शरीर में 3 गोलियां लगी मालूम हुईं। सखानू में उसे सुपुर्दे खाक कर दिया गया।

रिलायंस कैपिटल के लिए हिंदूजा ने लगाई बोली

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नई दिल्ली: कर्ज में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए कोर्ट ने 27 मई की डेडलाइन रखी है। इसे खरीदने के लिए हिंदूजा ग्रुप की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) ने 9,650 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था। लेकिन इसके लिए फंड जुटाना मुश्किल हो रहा है। कोई भी बैंक कंपनी को सस्ता लोन देने को तैयार नहीं है। सूत्रों के मुताबिक IIHL ने 8,000 करोड़ रुपये तक फंड जुटाने के लिए जापानी बैंकों से संपर्क साधा है। जापानी बैंकों के लिए अच्छी बात यह है कि रिलायंस कैपिटल का निप्पॉन लाइफ के संबंध रहा है। दोनों का भारत में एक जॉइंट इश्योरेंस वेंचर है। माना जा रहा है कि जापानी बैंक IIHL को अन्य बैंकों की तुलना में सस्ते दर पर लोन दे सकते हैं।

ईटी ने सबसे पहले 12 जुलाई को बताया था कि रिलायंस कैपिटल की डील को फंडिंग करने के लिए हिंदूजा ग्रुप ग्लोबल प्राइवेट क्रेडिट फंड्स से एक बिलियन डॉलर जुटाने की कोशिश में है। लेकिन उन स्रोतों से फंड 15-16% की दर से मिल सकता है। यही वजह है कि ग्रुप अब सस्ते स्रोतों की तलाश में है। सूत्रों के अनुसार हिंदूजा ग्रुप की तीन जापानी बैंकों मिजुहो, SMBC और MUFG के साथ बातचीत चल रही है। ग्रुप को यह लोन पांच साल के लिए सालाना 8-9% की दर पर मिल सकता है। लेकिन फंडिंग को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। IIHL इस नए रूट के जरिए से कम से कम आधी राशि जुटा सकता है लेकिन हिंदूजा परिवार को कुल फंडिंग की बाकी राशि अपनी जेब से भरनी होगी। हिंदूजा ग्रुप ने इस बारे में ET के सवालों का जवाब नहीं दिया। मिजुहो के अधिकारी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे जबकि MUFG और SMBC ने प्रतिक्रिया देने से इन्कार कर दिया।

सेल्फ़ डिस्कवरी वाया रीडिस्कवरी इंडिया’ प्रदर्शनी का आयोजन

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                      कला, सिनेमा और उससे संबंधित क्षेत्र की जानकारियां सार्वजनिक रूप से लोगों के साथ साझा करने के उद्देश्य से तुली रिसर्च सेंटर के संचालक नेविल तुली ने ‘सेल्फ़ डिस्कवरी वाया रीडिस्कवरी इंडिया’ प्रदर्शनी का आयोजन मैक्स मुलर मार्ग, नई दिल्ली स्थित ‘इंडिया इंटरनैशनल सेंटर गैलेक्सी’ के प्रेक्षागृह में ‘सेल्फ़ डिस्कवरी वाया रीडिस्कवरी इंडिया’ प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया है।15 मार्च से 30 मार्च तक चलने वाले इस प्रदर्शनी में तुली रिसर्च सेंटर ऑफ़ इंडिया स्टडीज़ की ओर से भारत की मूल व डिजिटाइज़्ड कलाकृतियों, आर्टिफ़ैक्ट्स, आरकाइव्स, स्मृति चिह्नों को शामिल किया गया है।
उल्लेखनीय है कि इस प्रदर्शनी के केंद्र में मुख्यत: भारत और भारतीय सिनेमा, आधुनिक व समसामयिक ललित कला व प्रचलित कला, फ़ोटोग्राफ़ी, वास्तुशिल्प संबंधी विरासत, पशु कल्याण, पारिस्थितिकीय जीव विज्ञान और समाजशास्त्र है। बकौल नेविल तुली यह प्रदर्शनी एक शख़्स के नज़रिए से  क़दम-दर-क़दम लोगों तक भारत के दिल, दिमाग और आत्मा की अद्भुत झलक दिखलाने की एक नायाब कोशिश है। ज़मीनी स्तर पर इसे तीन स्तर पर तैयार किया गया है। वस्तुनिष्ठ रूप में, आरकाइव के तौर पर और डिजिटल फॉर्मेट में शोध संबंधी इसकी 16 श्रेणियां हैं जो भारतीय शिक्षा संबंधी फ़्रेमवर्क की नींव हैं। भारत को लेकर मेरी सैद्धांकित व व्यवहारिक समझ और ज्ञान पिछले 30 सालों के अनुभवों का नतीजा है जो दिनों-दिन उन्नत होती गई है प्रतिफल स्वरूप इस प्रदर्शनी का आयोजन मैने किया है।
आज ज़रूरत इस बात की है कि कला और संस्कृति को सिर्फ़ संप्रभु और इच्छुक लोगों तक ही नहीं, बल्कि आम जनमानस तक पहुंचाया जाए. भारतीय शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाना इसे आम लोगों तक पहुंचाने का सबसे आदर्श तरीका है। इस पहली प्रदर्शनी के आयोजन का मूल मक़सद एकनिष्ठ रूप से प्राचीन, मध्यकालीन व आधुनिक भारत की आत्मा को आकर्षक रूप में लोगों के सम्मुख रखना है।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश सुबह भूकंप के झटकों से हिल उठे.

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Earthquake in Arunachal Pradesh: महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश गुरुवार (21 मार्च) सुबह भूकंप के झटकों से हिल उठे. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया है कि देश के पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 मापी गई है, जबकि पूर्वोत्तर के अरुणाचल में आया भूकंप 3.7 की तीव्रता वाला था. सुबह-सुबह आए भूकंप की वजह से अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है.

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, महाराष्ट्र के हिंगोली में 10 किमी की गहराई पर भूकंप का केंद्र रहा है. भूकंप के झटकों को सुबह 6.08 बजे महसूस किया गया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 मापी गई. 4 से लेकर 4.9 की तीव्रता वाले भूकंप को हल्के भूकंप के तौर पर परिभाषित किया जाता है. ऐसे में महाराष्ट्र में आया भूकंप हल्की तीव्रता वाला रहा, लेकिन इसकी वजह से लोगों के मन में डर जरूर पैदा हुआ. कुछ लोग झटके महसूस करने के बाद घर से बाहर निकल आए.

भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप का पहला झटका अरुणाचल प्रदेश में रिपोर्ट किया गया. देश के पूर्वोत्तर राज्य में कुछ घंटों के अंतराल पर भूकंप के दो झटके महसूस किए गए. भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि सबसे पहला झटका गुरुवार तड़के 1.49 बजे रिकॉर्ड किया गया. राज्य के पश्चिमी कामेंग में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए. इसका केंद्र 10 किमी की गहराई में था. रिक्टर स्केल पर भूकंप के झटकों की तीव्रता 3.7 मापी गई.

वहीं, दो घंटों बाद अरुणाचल प्रदेश एक बार फिर से भूकंप के झटकों से हिल उठा. सुबह 3.40 बजे राज्य में धरती के हिलने की जानकारी मिली. इस भूकंप की तीव्रता 3.4 मापी गई. भूकंप का केंद्र पश्चिमी कामेंग रहा. इस भूकंप के केंद्र की गहराई 5 किमी थी. रिक्टर स्केल पर 3 से 3.9 की तीव्रता के बीच रहने वाले भूकंप के झटकों को मामूली भूकंप के तौर पर जाना जाता है. यही वजह है कि अभी तक जान माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.

 

मुंबई में महिला डाक्टर ने अटल सेतु से लगाई छलांग

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Atal Setu - फोटो : सोशल मीडिया
Atal Setu - फोटो : सोशल मीडिया

दक्षिण मुंबई को नवी मुंबई से जोड़ने के लिए समुद्र पर बनाए गए अटल सेतु से एक महिला ने छलांग लगा दी। पेशे से वह चिकित्सक बताई जा रही हैं। उनकी उम्र करीब 43 साल रही होगी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब तक महिला के शव का पता नहीं लग सका है, लेकिन उनके मुंबई स्थित आवास से कथित सुसाइड नोट जरूर मिला है।

अवसाद से पीड़ित थीं महिला
पुलिस ने बताया कि पेशे से डॉक्टर किंजल कांतिलाल शाह अवसाद से पीड़ित थीं। उनका इलाज चल रहा था। वह अपने पिता के साथ मुंबई के परेल इलाके में दादा साहब फाल्के रोड स्थित नवीन आशा इमारत में रहती थीं। सोमवार की दोपहर किंजल ने अपने घर के पास से अटल सेतु जाने के लिए टैक्सी ली और वहां से समुद्र में छलांग लगा दी।

चालक ने तुरंत नवी मुंबई पुलिस को जानकारी दी
न्हावा शेवा पुलिस थाना के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेंद्र कोटे ने बताया कि महिला ने पुल पर टैक्सी चालक से गाड़ी रोकने को कहा। चालक ने इनकार कर दिया तो उन्होंने उस पर दबाव बनाया। जिद की वजह से चालक ने गाड़ी रोक दी। इसके बाद वह गाड़ी से बाहर निकलीं और पुल से कूद गईं। टैक्सी चालक ने तुरंत नवी मुंबई पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद तटीय पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों और बचाव दल की मदद से उसे ढूंढने के लिए अभियान चलाया।

सुसाइड नोट में किए गए कई दावे
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, महिला ने सोमवार को अपने पिता को फोन करके बताया था कि वह किसी काम से बाहर जा रही है। जब उसके पिता घर लौटे तो उन्होंने उसका सुसाइड नोट देखा। इसमें लिखा था कि वह अपनी जिंदगी खत्म करने के लिए अटल सेतु जा रही है। सुसाइड नोट में महिला ने आत्महत्या के लिए आठ साल से चल रहे गंभीर अवसाद को जिम्मेदार बताया। महिला के पिता ने मुंबई के भोईवाडा पुलिस थाना में मामले की शिकायत दर्ज कराई।