प्राइम वीडियो पर सलीम-जावेद की शानदार सिनेमाई विरासत को दर्शाती डॉक्यूसिरीज़ “एंग्री यंग मैन” का ट्रेलर हुआ रिलीज़
मुंबई। ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म प्राइम वीडियो ने अपनी नई ओरिजिनल डॉक्यूसीरीज़, “एंग्री यंग मेन” का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज़ कर दिया है। तीन पार्ट वाली यह सीरीज़ मशहूर लेखक जोड़ी सलीम खान और जावेद अख्तर, जिन्हें सलीम-जावेद के नाम से जाना जाता है, के जीवन और करियर पर आधारित है। 1970 के दशक में सलीम-जावेद ने बॉलीवुड में ‘एंग्री यंग मैन’ हीरो को लाकर इंडियन सिनेमा को पूरी तरह से बदल दिया। उन्होंने रोमांस से हटकर एक्शन-ड्रामा पर ध्यान केंद्रित किया, जो बहुत पॉपुलर हुआ। सलमान खान फिल्म्स, एक्सेल मीडिया एंड एंटरटेनमेंट और टाइगर बेबी द्वारा प्रोड्यूस, एंग्री यंग मेन की सलमा खान, सलमान खान, रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर, जोया अख्तर और रीमा कागती एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। इसके साथ डायरेक्टर नम्रता राव अपना डेब्यू कर रही हैं। एंग्री यंग मेन का प्रीमियर 20 अगस्त को भारत और 240 से ज्यादा देशों में प्राइम वीडियो पर होगा। यह प्राइम मेंबर्स के लिए अवेलेबल लेटेस्ट शो है।
डॉक्युमेंट्री सीरीज के ट्रेलर में सलीम-जावेद की दिल छू लेने वाली और इंस्पायरिंग कहानी दिखाई गई है। यह दर्शकों को उनके द्वारा बनाई गई बॉलीवुड की दुनिया में ले जाता है और उनकी मशहूर फिल्मों जैसे दीवार, डॉन, शोले, त्रिशूल और दोस्ताना को दिखाता है, जिन्होंने इंडियन सिनेमा को बहुत प्रभावित किया है। यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज उनकी साधारण शुरुआत से लेकर मशहूर स्क्रीनराइटर बनने तक के सफ़र को दिखाती है। इसमें रेयर ओल्ड फुटेज शामिल है, जो उनकी निजी ज़िंदगी, दोस्ती और साथ में की गई 24 फ़िल्मों में उनकी क्रिएटिविटी को दिखाती है। इस डॉक्यूसीरीज में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, हेमा मालिनी, हेलेन, सलमान खान, ऋतिक रोशन, आमिर खान और करीना कपूर खान जैसे सितारों के बेहद प्यार कॉमेंट्स शामिल हैं। वे बताते हैं कि सलीम-जावेद ने उनके करियर को कैसे प्रभावित किया है।
*सलीम खान कहते हैं*, “मैंने अपना करियर एक अभिनेता के रूप में शुरू किया था, लेकिन पाया कि मेरी असली ताकत कहानी कहने में थी। इसलिए, मैंने लेखन पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया, जो मेरे लिए अधिक स्वाभाविक था। मैं जावेद से मिला, जो राइटिंग के लिए जुनूनी थे, और साथ में हमने कुछ बेहतरीन काम किए, जिन पर मुझे बहुत गर्व है। हमने एक सफल यात्रा की और इंडस्ट्री के नियमों को चुनौती दी। यह बहुत अच्छी बात है कि हमारी कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए रिकॉर्ड की जा रही है। मुझे उम्मीद है कि यह लोगों को अपना बेस्ट करने और समाज की सीमाओं से पीछे न हटने के लिए प्रेरित करेगी। मैं इस बात के लिए उत्साहित हूं कि हर जगह के लोग प्राइम वीडियो पर हमारी कहानी देखेंगे।”
*जावेद अख्तर कहते हैं*, “जब मैं एक युवा के रूप में इस शहर में आया था, तो मेरे पास न तो कोई नौकरी थी, न ही कोई संपर्क और न ही कोई पैसा, और मैं अक्सर भूखे पेट सो जाता था। इसके बावजूद, मैंने कभी हार नहीं मानी। मैं हमेशा यही जानता था कि मैं अपनी ज़िंदगी की कहानी दुनिया के साथ साझा करना चाहता हूँ। हम अपने परिवार, दोस्तों और इंडस्ट्री से मिले समर्थन से वाकई बहुत प्रभावित हुए हैं, क्योंकि हमने अपनी यात्रा साझा की है। मैं सभी को उनके प्यार के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ। हम प्राइम वीडियो पर अपनी कहानी दुनिया भर के लोगों के साथ साझा करने के लिए उत्साहित हैं, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे हम संघर्ष से अपने सपनों को हासिल करने तक पहुँचे।”
*एंग्री यंग मेन की डायरेक्टर नम्रता राव ने अपने डेब्यू प्रोजेक्ट के लिए अपना उत्साह शेयर करते हुए कहा है*, “सलीम-जावेद के बारे में इस डॉक्यूसीरीज का डायरेक्शन करना एक शानदार अनुभव रहा है। उनकी कहानी प्रेरणादायक और दिलचस्प पलों से भरी है। एक डायरेक्टर के तौर पर यह मेरे लिए एक शानदार शुरुआत रही है। सलीम और जावेद के साथ काम करने से मुझे लेखन, जीवन और कलाकारों द्वारा चुनौतियों का सामना करने के तरीके के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला है।
वे नेचुरल स्टोरी टेलर हैं – ईमानदार, मज़ेदार और जीवन से भरपूर। उनकी कहानियों में गहरे विचारों के साथ मज़ेदार यादें भी हैं। यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ 70 के दशक की बड़ी फ़िल्मों पर भी नज़र डालती है। मैं सभी को 20 अगस्त को भारत और 240 देशों में प्राइम वीडियो पर इन दो दिग्गजों की असली कहानी देखे जाने को लेकर उत्साहित हूँ।
पहली बार संतोकबा मानवतावादी पुरस्कार का मुंबई में आयोजन
साइरस पूनावाला, शिव नादर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ.अभय, डॉ.रानी बंग को सम्मानित किया
मुंबई। श्री रामकृष्ण नॉलेज फाउंडेशन (एसआरकेकेएफ), श्री रामकृष्ण एक्सपोर्ट्स (एसआरके) की परोपकारी शाखा, एक प्रसिद्ध प्राकृतिक हीरा कंपनी ने जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में संतोकबा मानवतावादी पुरस्कार समारोह की सफलतापूर्वक मेजबानी की। इस कार्यक्रम में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक साइरस पूनावाला, शिक्षा सुधारक और एचसीएल तथा शिव नादर फाउंडेशन के संस्थापक शिव नादर, सामाजिक कार्यकर्ता और सर्च फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. अभय बंग और डॉ. रानी बंग को सम्मानित किया गया। संतोकबा मानवतावादी पुरस्कार पहली बार ‘सपनों के शहर’ मुंबई में आयोजित किया गया, जिसमें अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी और महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान के अध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने मुख्य अतिथि के रूप में अध्यक्षता की।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अभय बंग और डॉ. रानी बंग भी प्रतिष्ठित संतोकबा पुरस्कारों के विजेताओं में शामिल थे, जिन्हें सर्च फाउंडेशन की स्थापना के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए उनके काम के लिए सम्मानित किया गया। दोनों ने होम-बेस्ड न्यूबॉर्न केयर (HBNC) पहल के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (CHWs) पहल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा नवाचार की शुरुआत करके आदिवासी समुदायों के उत्थान में अग्रणी भूमिका निभाई है। पुरस्कार समारोह में डॉ. अभय बंग ने कहा,“मैं स्वामी गोविंद देव महाराज और गोविंद देव ढोलकिया के दल का आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे और मेरी पत्नी को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मान किया । मैं पूरी विनम्रता के साथ गढ़चिरोली के लोगों की ओर से यह सम्मान स्वीकार करता हूँ। जिनके अटूट समर्थन और विश्वास ने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है।”
एसआरके, एसआरकेकेएफ के संस्थापक अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद गोविंद ढोलकिया द्वारा 2006 में स्थापित संतोकबा मानवतावादी पुरस्कार उनकी मां संतोकबा लालजी दादा ढोलकिया की निस्वार्थ भावना और दूरदर्शिता का प्रतीक है। श्री गोविंद ढोलकिया ने कहा,“संतोकबा पुरस्कार करुणा की शक्ति और दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव पैदा करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमें ऐसे व्यक्तियों को सम्मानित करने पर गर्व है जिन्होंने अपना जीवन बदलाव लाने और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करने के लिए समर्पित कर दिया है। यह सम्मान दयालुता की शक्ति और समाज पर इसके पड़ने वाले गहरे प्रभाव को रेखांकित करता है।“
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष एसआरकेकेएफ की मानवीय कारणों के प्रति समर्पित प्रतिबद्धता की 10वीं वर्षगांठ भी है। संतोकबा मानवतावादी पुरस्कार के पिछले प्राप्तकर्ताओं में उद्योगपति और परोपकारी रतन टाटा, आध्यात्मिक नेता परम पावन दलाई लामा, इंजीनियर और इनोवेटर सोनम वांगचुक, भारत की श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन, समाज सुधारक कैलाश सत्यार्थी और अंतरिक्ष वैज्ञानिक और इसरो के पूर्व अध्यक्ष ए.एस. किरण कुमार जैसी प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हैं।
गोपालन की पारंपरिक रखरखाव पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार
पशु कल्याण और पर्यावरण विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार 23 अगस्त से , गोपालन की पारंपरिक रखरखाव पर आधारित विश्व प्रसिद्ध तकनीक दिखाए जाएंगे
12 अगस्त 2024 ; अहमदाबाद/मुंबई/गोरखपुर और चेन्नई से डॉ आर बी चौधरी की रिपोर्ट
गौसंरक्षण-संवर्धन के लिए समर्पित राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संस्था समस्त महाजन संस्था के घोषणा के अनुसार दया, करुणा, पशु कल्याण पर आधारित पशुपालन एवं पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर एक तीन दिवसीय सेमिनार/ प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। समस्त महाजन संस्था के एक अधिकारी के आकलन के अनुसार इस सेमिनार में 400 से 500 प्रतिभागी शामिल होंगे। संस्था के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉक्टर गिरीश जयंतीलाल शाह ने बताया कि यह सेमिनार पूर्णतया व्यवहारिक कार्यों के प्रदर्शन पर आधारित विचार विमर्श एवं प्रशिक्षण के ऐसे संवाद पर आधारित है, जहां प्रतिभागियों को आंखों देखा हाल का अनुभव और ज्ञान प्राप्त होगा ताकि, इस दिशा में काम कर रहे व्यक्ति को स्वावलंबी संस्था संचालित करने के लिए सहायता मिल सके।
संस्था के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉक्टर शाह ने बताया कि यह कार्यक्रम राजस्थान और गुजरात के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण करते हुए विषय-वस्तु की गहराई में जानकारी दी जाएगी और तदनुसार, संबंधित विषय पर प्रतिभागियों को फील्ड में किया जा रहे कार्यों का अवलोकन कराया जाएगा ताकि लोग लोग स्वावलंबन की इस विधा को भली प्रकार समझ सके और घर लौटकर अपनी संस्था में इन तकनीकों को अपनायें । उन्होंने आगे बताया कि इस कार्यक्रम का शुभारंभ 23 अगस्त 2024 – शुक्रवार – धर्मज (तारापुर-बरोडा)से सुबह 9 से 12 आरंभ होगा जहां विस्तृत व्याख्यान के साथ 146 एकड़ जमीन पर घास उगाकर कैसे गांव का पशुधन प्रबंधन को स्वावलंबी बनाया जा सकता है।उन्होंने बताया कि इस गांव में 6,000 पशुओं को ग्राम पंचायत द्वारा उत्पादन कीमत पर घास उपलब्ध कराई जाती है जो एक अनोखा कार्य है। ग्राम सभा की की गई बागवानी जिसमें आंवला, आम और इमली के लगाए गए 17,000 वृक्षों के माध्यम से हर साल 50 लाख रुपये से अधिक की आमदनी मिलती हैं।
धर्मज गांव का भ्रमण करने और परिचर्चा के बाद शाम 5 बजे से 9 बजे तक अहमदाबाद स्थित देश की प्रख्यात पारंपरिक एवं प्राकृतिक तौर तरीके से से देसी गौ संरक्षण केंद्र – बंसी गीर गौशाला का भ्रमण किया जाएगा , जहां तकरीबन 700 गीर गायों के रखर-खाव की आधुनिक व्यवस्था से लेकर गाय एवं गौशाला उत्पादों के पारंपरिक विधि को अपनाते हुए वैज्ञानिक कसौटी पर खरे पाए जाने वाले तकनीक को दिखाया और समझाया जाएगा। इसी क्रम की अगली कड़ी में 24 अगस्त 2024 दिन शनिवार, सुबह 9 बजे से 12 बजे तक गुजरात के प्रख्यात स्थान वीरमगाम (अहमदाबाद के पास) का भ्रमण और व्याख्यान आयोजित किया जाएगा , जहां पर देश की विकसित एवं संरक्षित 1,200 एकड़ का वृहद गौचर प्रबंधन देखने को मिलेगा। साथ ही साथ जल प्रबंधन के लिए प्रयुक्त विशालकाय 4 तालाबों के साथ 5,000 पेड़, 2,700 गोवंशीय पशुओं का अद्भुत संरक्षण भी देखने को मिलेगा। 24 अगस्त, 2024 की शाम 3 बजे से 7 बजे तक जानी -मानी भाभर(बनासकांठा जनपद) गुजरात की जलाराम गौशाला का भ्रमण कराया जाएगा, जहां 11,000 से अधिक गोधन की पशु कल्याण के मापदंडों के अनुसार व्यवस्था का एक मॉडल देखने को मिलेगा।
इस सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव के रूप में 25 अगस्त, 2024 दिन रविवार को सुबह 9 से 12 बजे पावापुरी (आबू रोड के पास, राजस्थान) के ऐसे गौशाला प्रकल्प का भ्रमण कराया जाएगा , जहां गऊ-पर्यटन की अनुभूति के साथ गौसेवा के आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा। पावापुरी की व्यवस्थित ढंग से पूरे लाड-प्यार से पाली गई6,000 से अधिक गायों की गौशाला देखने और गौशाला के पृष्ठ-भूमि तथा विकास की जानकारी मिलेगी। यह बता दे कि यहां भी गौशाला के अधीन तकरीबन 1 लाख विभिन्न प्रकार के महत्वपूर्ण वृक्षों की सुंदर श्रृंखला देखने को मिलेगी। अंतिम पड़ाव के दिन शाम 4 बजे पिंडवाड़ा (आबू रोड के पास) संचालित वैज्ञानिक तरीके से बनाई गई गौशाला का भ्रमण करवा कर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।
कार्यक्रम के तीसरे एवं अंतिम दिन हर्षो-उल्लास से युक्त विदाई कार्यक्रम संपन्न होगा जिसमें गौशाला संचालकों/जीव जंतु कल्याण में नियम अनुसार संचालित संस्थाओं को अनुदान सहायता के साथ विदा किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पशु प्रेमियों/ गौशाला प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया जाता है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए संपर्क सूत्र : 9820020976/9825129111/9824221999
गोमाता को राष्ट्र माता घोषित कराने हेतु हस्ताक्षर एवं जन जागरण अभियान
गणेश पोल से रैली का शुभारंभ
राजगढ । अलवर लोक सभा क्षेत्र के नव नियुक्त गो सांसद कंदार नाथ शर्मा द्वारा गोवंश प्रेमियों के साथ गो जन जागरण रैली का आयोजन किया गया ।
रैली गणेश पोल से होती हुई मिनी सचिवालय तक पहुंची ।
रैली में महिला पुरुष व बच्चों ने भाग लिया एवं सभी ने गोमाता को राष्ट्र माता घोषित कराने हेतु हस्ताक्षर किए । रैली में नंदी गोशाला राजगढ़ भोरंगी गोशाला राजगढ एवं गणेश गोशाला माचाडी के कार्यकताओं ने भाग लिया ।
इस अवसर पर
गोमाता राष्ट्र माता
गोमाता राष्ट्र माता – घोषित हो घोषित हो
गोवंश को पशु सूचि से – अलग करें अलग करें
गोवंश को राज्य सूचि से निकाल कर – केन्द्र सूचि में रखें केन्द्र सूचि में रखें
भारत में सम्पूर्ण गोवंश हत्या पर – पूर्ण प्रतिबंध लगे प्रतिबंध लगे
धर्म सम्राट करपात्री जी महाराज की जय
गोवंश हमारी आस्था का प्रतीक है इसे हमें बचाना है
आदि उद्घोषों के साथ रैली आगे बढ़ती रही
इस अवसर पर
रघुबीर सैनी नीरज सैनी प्रशान्त संजय रमेश चंद शर्मा डार्विन जाहन्वी दीक्षित दुष्यंत कुमार शर्मा अनिल गुप्ता विजय कुमार शर्मा बसंत
आदि गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे
महाराष्ट्र में 94% युवा हाई सोशिएटल प्रेशर के बावजूद है आशावाद और आकांक्षाओं से भरपूर – द आईकू (iQOO) क्वेस्ट रिपोर्ट 2024
मुंबई। वीवो ग्रुप के सब-स्मार्टफोन ब्रांड आईकू (iQOO) ने साइबर मीडिया रिसर्च (CMR) के साथ अपनी पहली द आईकू (iQOO) क्वेस्ट रिपोर्ट 2024 जारी की की है, जो जेन जी (Gen Z) के सपनों, करियर और आकांक्षाओं के ट्रेट्स और ट्रेंड्स पर आधारित है। रिपोर्ट इस आशावादी पीढ़ी के सपनों और जुनून की यात्रा को सामने लेकर है, जो दुनिया भर में सबसे बड़ी पीढ़ी में से एक है। इसमें 20-24 साल की उम्र के 6,700 रेस्पोंडेंट्स के इनसाइट्स शामिल हैं, जो भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ब्राजील, मलेशिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे 7 देशों से हैं। रिपोर्ट में तीन क्षेत्रों को शामिल किया गया है: जेन जी (Gen Z) क्वेस्टर्स की भावना और अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा, उनके जुनून की खोज में आने वाली बाधाएं और रुकावटें, और उनके हितों को आगे बढ़ाने वाले करियर आप्शन शामिल है।
रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि महाराष्ट्र के युवाओं को हाई सोशिएटल प्रेशर का सामना करना पड़ता है। लेकिन हाई सोशिएटल प्रेशर के बावजूद आशावाद और आकांक्षाओं का स्तर 94% है।
रिपोर्ट में जेन जी (Gen Z) के लिए सफलता का क्या अर्थ है, इसके विभिन्न पहलुओं की गहराई से पड़ताल की गई है। इसमें क्वेस्टर्स की ड्राइव, जुनून और महत्वाकांक्षा को एक क्वांटिटी मीट्रिक – क्वेस्ट इंडेक्स या “QI” से समझाया गया है। परिणामों से पता चलता है कि भारत का QI 9.1 है, इसके बाद मलेशिया 8.7 QI, थाईलैंड और अमेरिका 8.2 QI, इंडोनेशिया 8.1 QI, यूनाइटेड किंगडम 8 QI और ब्राजील 7.8 QI के साथ आता है।
आईकू इंडिया के सीईओ निपुण मार्या ने कहा कि आईकू(iQOO) में क्वेस्ट की स्पिरिट है, जो हर कम्युनिकेशन में जेन जी (Gen Z) के साथ। सीमाओं को आगे बढ़ाने और अधिक प्रयास करने के लिए समर्पित ब्रांड के रूप में, आईकू इन मूल्यों को अपने जेन जी (Gen Z) दर्शकों तक पहुंचाता है। पिछले साल, आईकू (iQOO) ने कानपुर से भारत के पहले 23 साल के एक चीफ गेमिंग ऑफिसर को शामिल किया। हम युवाओं को अपने जुनून को आगे बढ़ाने के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ब्रांड सक्रिय रूप से उन पहलों में शामिल होता है जो व्यक्तियों को अपनी क्षमता का एहसास करने में मदद करते हैं और यह रिपोर्ट उस दिशा में एक प्रयास है। इसका उद्देश्य जेन जी (Gen Z) को कई चुनौतियों के बावजूद अपने खुद की खोज पर निकलने और अपने सपनों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है। रिपोर्ट के निष्कर्ष जेन जेड (Gen Z) को बेहतर ढंग से समझने में महत्वपूर्ण इनसाइट प्रदान करते हैं, जिससे हम उनकी जरूरतों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकते हैं।
अकबर ने शुरू किया गौशाला आज अकबर के पास 27 गायें और 39 भैंसें हैं.
धाराशिव: हिंदू धर्म में गाय को कामधेनु माना जाता है. इसलिए गायों की पूजा की जाती है. हाल ही में देशी गायों के संरक्षण की आवश्यकता उत्पन्न हुई है. इसलिए धाराशिव जिले के मुस्लिम समुदाय के अकबर कुशलदीन शेख ने एक गौशाला शुरू की है. उनकी गौशाला वास्तव में कई लोगों के लिए प्रेरणा है.
कैसे शुरू करें गौशाला?
अंडूर धाराशिव जिले के तुलजापुर तालुका में अकबर कुशलदीन शेख का एक गांव है. खेती करते समय उन्हें एहसास हुआ कि गाय का साथ समाज के लिए कितना महत्वपूर्ण है. उन्हें गाय होने की मानसिक संतुष्टि का अनुभव हुआ और उसी से उन्होंने देशी गायों के संरक्षण के लिए एक गौशाला शुरू करने का फैसला किया. दरअसल, उन्हें गौहत्या और गौ-पालन में अंतर का अनुभव हुआ और उन्होंने एक बड़ी गौशाला की शुरूआत की.
अकबर ने शुरू किया गौशाला
आज अकबर के पास 27 गायें और 39 भैंसें हैं. जिसमें कुछ गायें और भैंसें कत्लखाने जा रही थीं. पुलिस ने गाय-भैंसों को मुक्त कराया. अकबर उन गाय-भैंसों की देखभाल करता है. तो कुछ गायें ऐसी हैं जिन्हें उन्होंने कसाईयों से बचाया था. मुस्लिम होने के बावजूद गौशाला खोलने के उनके फैसले को कुछ विरोध का भी सामना करना पड़ा. लेकिन उन्होंने इसका बड़ी दृढ़ता से सामना किया. अकबर द्वारा शुरू की गई इस गौशाला में कई जानवर हैं. उन्हें गौहत्या और गौपालन में अंतर समझ में आया. गौशाला शुरू करने के बाद वे भाखड़ा गाय, अंधी गाय और भैंसों की देखभाल करते हैं. दरअसल, अकबर द्वारा शुरू की गई यह गौशाला कई लोगों के लिए प्रेरणा है.
पुलिस व गौ तस्करों के बीच मुठभेड़
संवाद सूत्र, बड़बिल (ओडिशा)। क्योंझर जिले के हरिचंदनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और गौ तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गयी। इस मुठभेड़ में एक तस्कर गोली लगने से घायल हो गया जबकि पुलिस के तीन जवान चोटिल हुए हैं।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन पिकअप वैन जब्त करते हुए पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है और कुल 25 मवेशियों को बचाया है। गिरफ्तार तस्करों में दो क्योंझर जिले के घटगांव क्षेत्र के रहने वाले हैं, जबकि तीन लोग मयूरभंज जिले के जशीपुर के निवासी हैं।
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरिक खान व शेख हाकिम घटगांव थाने के सामंतपुर गांव के हैं। सोनू मोहम्मद पंडापड़ा थाना के जंगीरा गांव का, दीपक कालिंदी और देबू कालिंदी जशीपुर थाने के बोकोला गांव के हैं।
इस संबंध में हरिचंदनपुर तथा पंडापाड़ा थाने में गौ माफियाओं के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम पंजीकृत कर जांच की जा रही है।
हरिचंदनपुर थाना अधिकारी ने यहां बताया कि की शनिवार की देर रात पुलिस ने कलियाहाटा की ओर से मवेशियों को ले जाने की योजना बना रहे गौ तस्करों के विरुद्ध छापेमारी की।
पुलिस के विशेष दस्ते ने पीछा कर पकड़ा
छापेमारी के दौरान अवैध मवेशी परिवहन करने वाले माफिया कलियाहोटा ग्राम पार कर रहे थे। पुलिस के विशेष दस्ते ने पीछा करते हुए उन्हें पिथागोला गांव में रोका। इस दौरान गौ तस्करों ने पुलिस दस्ते को गाली दी और फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस दस्ते ने आत्मरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई की।
इस प्रक्रिया में एक अपराधी आरिफ खान को दोनों पैरों में गोली लगी है। उसका इलाज हरिचंदनपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) व जिला अस्पताल क्योंझर में कराने के बाद एससीबी मेडिकल कटक रेफर कर दिया गया।
दूसरी ओर घटना में दो पुलिस कर्मियों को भी चोटें आईं। उनका इलाज हरिचंदनपुर सीएचसी में किया जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से 25 मवेशी बचाए। तीन पिकअप वैन और दो देशी बंदूक जब्त करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया।
कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश भेजे जाते हैं मवेशी
शनिवार रात पुलिस और गौ तस्करों के बीच मुठभेड़ में दो संदिग्ध गौ तस्करों और पुलिस के घायल होने की घटना ने जिले में चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे माफिया अब अपने अवैध कामों को अंजाम देने के लिए आग्नेयास्त्रों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब मवेशी तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की हो।
हाल ही में कटक से पहुंची एक टास्क फोर्स पर जुड़िया घाटी क्षेत्र में मवेशी तस्करों ने गोलीबारी की थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में बढ़ती गौ तस्करी की घटना को अंजाम देने वाले गौ तस्कर ओडिशा के विभिन्न हाटों से मवेशियों की खरीद कर और उन्हें कोलकाता के रास्ते अवैध रूप से बांग्लादेश में खपाते हैं।
निर्माता निर्देशक संजीव आर सिंह की अशोका ठाकुर और गंगा अधिकारी अभिनीत फिल्म “रंगीला दारूवाला” का ट्रेलर व म्युज़िक लॉन्च
मुंबई। इम्पा थियेटर, अंधेरी में 23 अगस्त को रिलीज होने वाली मनोरंजक हिंदी फिल्म “रंगीला दारूवाला” का ट्रेलर व म्युज़िक लॉन्च हुआ। फिल्म के निर्माता निर्देशक संजीव आर सिंह हैं और इस फिल्म में नवोदित अशोका ठाकुर और गंगा अधिकारी की मुख्य भूमिका है। संजीव आर सिंह के साथ चेतन प्रभुदास झाला और रवीना इस फिल्म के निर्माता हैं वहीं लेखक आनंद राव हैं।
गा मोशन पिक्चर्स और लैंडमार्क मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनी इस फिल्म में शाह आलम ने दारूवाला का किरदार निभाया है एवं कॉमेडियन सुनील पाल ने भी अभिनय किया है
जबकि क्रिएटिव डायरेक्टर सत्याजीत राजपूत ने भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
फिल्म के पोस्टर पर इसकी टैगलाइन लिखी है “नो लॉजिक, नो मैजिक ओनली एंटरटेनमेंट”।
फिल्म के निर्माता निर्देशक संजीव आर सिंह ही डीओपी हैं। भागलपुर, बिहार के रहने वाले संजीव आर सिंह ने जे जे स्कूल ऑफ आर्ट्स से डिग्री हासिल किया है। बतौर सिनेमैटोग्राफर उन्होंने 10 फिल्में की हैं और अब निर्देशक के रूप में इस फिल्म से अपनी पारी शुरू करने जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह एक सिचुएशनल कॉमेडी है जिसमे सभी एक्टर्स ने बड़ी मेहनत और शिद्दत से काम किया है। अशोका ठाकुर वास्तव में डैशिंग स्टार हैं जबकि गंगा ने इसमे नेचुरल एक्टिंग की है।
म्यूजिक लॉन्च के अवसर पर फिल्म के तीन गाने दैय्या रे आइटम सॉन्ग, टाइटल सॉन्ग और रोमांटिक गीत दिखाया गया। रोमांटिक गीत पर हीरो हीरोइन अशोका और गंगा ने बहुत सुंदर डांस प्रस्तुत किया। अशोका ठाकुर की यह पहली पिक्चर है और वह इसको लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि एक्ट्रेस गंगा के साथ काम करने का उनका अनुभव बहुत अच्छा रहा। दर्शकों को यह फिल्म हंसाएगी और भरपूर मनोरंजन भी करेगी।
हसीन अभिनेत्री गंगा अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस फिल्म से काफी आशाएं हैं। बेहद कॉमिक टाइमिंग वाली फ़िल्म है। निर्माता निर्देशक संजीव सिंह ने इसे बड़े पैशन के साथ बनाया है। इसके गाने भी बहुत ही अच्छे हैं।
इस फिल्म के संगीतकार एलेन कश्यप, गीतकार राजेश हंस, कोरियोग्राफर जोजो खान और एडिटर यूसुफ एम शेख, कला निर्देशक सुरेश पांडे, पार्श्व संगीत सुदीप डांगे और सह-निर्माता यश संजीव सिंह हैं।
राकेश तिवारी बने अमेठी संसदीय क्षेत्र (37 वीं लोकसभा) के गो_सांसद।
परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती १००८ द्वारा गठित भारत की पहली गो संसद् विगत दिनांक 2 अगस्त से प्रारम्भ हुई है। जो दिल्ली के तेरापंथ भवन में चल रही थी। गो संसद के दौरान जगद्गुरु शङ्कराचार्य जी महाराज के शिष्य व अमेठी के धर्मांसद राकेश तिवारी को अमेठी संसदीय क्षेत्र से गौ सांसद् मनोनीत किया गया है।
इस अवसर पर राकेश तिवारी ने गौरक्षा की शपथ लेते हुए गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने हेतु व गोकशी बंद कराने हेतु अपना श्रेष्ठ योगदान प्रदान करने का संकल्प लिया।
सर्वविदित है कि राकेश तिवारी गौरीगंज ने धर्मस्थापना ही अपने जीवन का लक्ष्य बना चुके हैं। अभी पिछले दिनों पूज्य गुरुदेव भगवान का गौरीगंज मुख्यालय पर आगमन हुआ था जिसमें विशाल धर्म सभा एवं प्रवचन का कार्यक्रम भी हुआ था, जिसमें पूज्य शंकराचार्य भगवान ने राकेश तिवारी को गौरीगंज में एक ज्योतिर्मठ बद्रिकाश्रम का स्थाई कार्यालय खोलने के लिए भी कहा था। जो की गौरीगंज जामो रोड पर निरंतर कार्यरत है। जिसमें क्षेत्र के तमाम धार्मिक लोग जुड़े हुए हैं।
राकेश द्वारा निःस्वार्थ धर्मस्थापना हेतु गौरीगंज में किए जा रहे कार्य से अनेकों लोग प्रेरणा प्राप्त कर अपना जीवन धर्मकार्य में लगा रहे हैं।
ज्ञातव्य है कि परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज का 22वां चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान दिल्ली में 22 जुलाई से 18 सितंबर तक सम्पन्न हो रहा है।जिसके दौरान अनेकों आध्यात्मिक मूल्यों के स्थापना हेतु विविध धर्मानुष्ठान आयोजित हो रहे हैं।इसी क्रम में 2 अगस्त से 6 अगस्त तक गौरक्षार्थ गो संसद का आयोजन किया जा रहा है।जिसमे राष्ट्र के समस्त जिलों से एक प्रमुख गौभक्त को गो सांसद बनाया जा रहा है जो गौमाता के रक्षा हेतु समर्पित होकर प्रण व प्राण से कार्य करेंगे।
राकेश तिवारी जी के गौ सांसद बनने से हर्षित क्षेत्र के कृष्णानंद पाण्डेय संकल्प होटल गौरीगंज, गंगासागर पांडेय मुसाफिरखाना, वकील पांडेय बरेहटी, पंडित गोलू तिवारी मऊ, संजय दूबे दयालापुर, चन्दन दुबे दयालापुर प्रमुख कपड़ा व्यापारी राजेश अग्रहरि, राजेश तिवारी, ज्ञान प्रकाश अग्रहरि, हरिभान सिंह, आदि गणमान्य लोगों ने व संसदीय क्षेत्र अमेठी के कोने कोने से गौभक्तों व सनातनधर्मियों ने उन्हें अपनी बधाई व मंगलकामना सम्प्रेषित की है।
उक्त जानकारी ज्योतिर्मठ बद्रिकाश्रम गौरीगंज अमेठी कार्यालय प्रभारी हरिप्रसाद दूबे के माध्यम से प्राप्त हुई है।












