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मुख्यमंत्री मोहन दिलाएंगे मनमोहन मुरली वाले से मध्य प्रदेश को नई पहचान

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(पवन वर्मा-विनायक फीचर्स)

भगवान मनमोहन श्रीकृष्ण के कारण देश में अब तक मथुरा, वृंदावन, द्वारका, बेटद्वारका,नाथद्वारा,और महाभारत की युद्ध भूमि कुरुक्षेत्र खासे चर्चित और धार्मिक स्थल के रूप में विख्यात और विकसित हुए हैं।भगवान श्रीकृष्ण और मध्यप्रदेश की पावन भूमि का रिश्ता भी अटूट और अनंत हैं। जिसका उल्लेख विभिन्न धार्मिक ग्रंथों एवं पुराणों में भी विस्तार से मिलता है। भगवान मुरलीधर नंदकिशोर ने मध्यप्रदेश में लंबा समय बिताया, उनकी शिक्षा दीक्षा भी यहीं पर हुई लेकिन मध्यप्रदेश भगवान कृष्ण के उस अलौकिक समय को लगभग भूल ही गया था। अब समय बदल रहा है और यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि भगवान भूतभावन महाकाल(उज्जैन),ओंकार- मांधाता(ओंकारेश्वर) ,भगवान राम(ओरछा), देवी शारदा(मैहर),माता बगुलामुखी(नलखेड़ा, आगर मालवा) और मां पीताम्बरा (दतिया)के साथ ही अब भगवान श्रीकृष्ण मनमोहन मुरली वाले से भी मध्यप्रदेश को नई पहचान मिलने जा रही है।अब श्रीकृष्ण से भी मध्यप्रदेश जाना और पहचाना जाए इसका बीड़ा उठाया है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने।

मध्यप्रदेश और योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का बड़ा ही अद्भुत रिश्ता रहा है।।इसके कई जीवंत उदाहरण भी हैं। इस रिश्ते को और व्यापक प्रचार प्रसार देने के लिए प्रदेश में अब श्रीकृष्ण पाथेय प्रोजेक्ट की शुरूआत होने वाली है। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के स्थलों को मध्य प्रदेश सरकार तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय ले चुकी है।इस प्रोजेक्ट के जरिए श्रीकृष्ण के तीन हजार से ज्यादा मंदिरों का रख रखाव किया जाएगा।सांदीपनि गुरूकुल की पुनर्स्थापना भी की जाएगी। यह वह जगह है जहां पर भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की थी। इस गुरूकुल में 64 प्रकार की कलाओं की शिक्षा दी जाने की योजना प्रदेश सरकार की है। शिक्षा के अलावा संस्कृति पर भी यहां पर ध्यान दिया जाएगा। गुरुकुल में खेती से संबंधित कार्य होंगे, गोवंश का पालन पोषण भी यहां पर किया जाएगा। पौराणिक कथाओं और जानकारों के अनुसार सांदीपनि आश्रम के साथ ही इंदौर के जानापाव में भी भगवान श्रीकृष्ण आए थे। भगवान परशुराम की जन्मभूमि जानापाव में ही भगवान श्रीकृष्ण ने विनम्र भाव से भगवान परशुराम से सुदर्शन चक्र लिया था। मध्यप्रदेश में श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता हुई थी,इसके अलावा मध्यप्रदेश की महिदपुर तहसील के ग्राम नारायणा को कृष्ण-सुदामा मैत्री स्थल के रुप में जाना जाता है।यहीं के ग्राम चिरमिया में स्वर्ण गिरि पर्वत पर भी कृष्ण और सुदामा के चरण चिन्ह हैं।धार जिले के अमझेरा में रुक्मिणी हरण स्थल है। कहा जाता है कि यहां के अंबिकालय(अमका-झमका माता मंदिर) से भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी हरण किया था।यानि मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के कई बार चरण पडे़।

उज्जैन में श्रीकृष्ण के दर्शन मात्र से यमलोक नहीं देखना पड़ता

स्कन्दपुराण में भी भगवान श्रीकृष्ण और उनके भाई बलराम का उल्लेख उज्जैन को लेकर मिलता है। स्कन्दपुराण के आवन्त्यखण्ड-आवन्तीक्षेत्र-माहात्म्य के अंक पाद तीर्थ महिमा में इसका पूरा उल्लेख है। जिसमें बताया गया है कि अवन्ति जो अब उज्जैन है, में अंकपाद तीर्थ में भगवान श्रीकृष्ण और श्रीबलराम दोनों के दर्शन करने से मनुष्य को यमलोक नहीं देखना पड़ता। वह बैकुण्ठधाम में निवास करता है। क्षिप्रा में स्नान करने के बाद युगल अंक पादों (भगवान श्री कृष्ण के चरण चिन्ह)का दर्शन करके श्रीकृष्ण और बलराम का दर्शन किया जाता है।वैसे उज्जैनवासियों के अनुसार सांदीपनि आश्रम के नजदीक स्थित अंकपात नामक स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण अपनी अंक पट्टिका(स्लेट)धोते थे,यहां उनके अंक गिरे इसलिए यह स्थान अंकपात कहलाया।
अपने नाना के कहने पर आए थे उज्जैन
स्कन्दपुराण में यह भी उल्लेख है कि श्रीकृष्ण अपने नाना उग्रसेन के कहने पर विद्या अध्ययन के लिए उज्जैन आए थे। अंक पाद तीर्थ की महिमा में वर्णन है कि श्रीकृष्ण ने कंस और चाणूर को मारकर अपने नाना उग्रसेन का अभिषेक किया और पूछा, किअब मेरे लिए क्या आज्ञा है?इस पर राजा उग्रसेन ने कहा कि कृष्ण मेरा सब कार्य सिद्ध है, अब तुम दोनों कृष्ण और बलराम उज्जयिनी पुरी में जाकर विद्या पढ़ो। राजा का यह आदेश पाकर कृष्ण और बलराम आचार्य सांदीपनि मुनि के घर गए और उनसे विद्या ग्रहण की।
चौंसठ दिन-रात में सारा ज्ञान प्राप्त किया
स्कन्दपुराण के आवन्त्यखण्ड-आवन्तीक्षेत्र-माहात्म्य के अंक पाद तीर्थ महिमा में यह भी वर्णन है कि श्रीकृष्ण और बलराम ने कितने दिन और रात में पूरा ज्ञान प्राप्त कर लिया था। स्कन्दपुराण के अनुसार सांदीपनि आश्रम में जाकर उन्होंने चारों वेदों को कण्ठस्थ किया, सम्पूर्ण आचार-विचार का ज्ञान प्राप्त किया और रहस्य तथा संहार सहित धनुर्वेद की शिक्षा प्राप्त की और यह सारा ज्ञान मात्र चौंसठ दिन-रात में ही श्रीकृष्ण और बलराम ने प्राप्त कर लिया था।उस समय उज्जैन को अवंतिका के नाम से जाना जाता था और यहां पर राजमाता देवीराजा जयसिंह की पत्नी का शासन था। वासुदेव उन्हें अपनी मुंहबोली बहन कहते थे। इस हिसाब से वह श्री कृष्ण की बुआ थी। लगभग 5266 साल पहले श्री कृष्ण अपने भाई बलराम के साथ पैदल मथुरा से उज्जैन पहुंचे। उस समय उनकी उम्र 11 साल 7 दिन थी। 64 दिनों तक उन्होंने महर्षि सांदीपनि से 64 कलाएं सीखी। 4 दिन में चार वेद, 16 दिन में 16 विधाएं ,6 दिन में छह शास्त्र, 18 दिन में 18 पुराण और 20 दिन में उन्होंने गीता का समस्त ज्ञान प्राप्त कर लिया था।

भगवान महाकाल ने दिए थे साक्षात दर्शन
स्कन्दपुराण के इसी खंड़ में बताया गया है कि सांदीपनि मुनि ने श्रीकृष्ण और बलराम के ज्ञान प्राप्त करने के असम्भव और अलौकिक कर्म देखकर यह आभास किया कि साक्षात सूर्य और चंद्रमा उनके यहां पर आए हैं। इसके बाद वे अपने शिष्यों के साथ स्नान करने के लिए महाकाल तीर्थ में गए। इन शिष्यों में श्रीकृष्ण और बलराम भी थे। जब दोनों भाईयों ने भगवान महाकाल को प्रणाम किया तब महाकाल साक्षात प्रकट होकर बोले थे, तुम सम्पूर्ण देवताओं के स्वामी हो। अब तुम दोनों को मुनियों, सिद्धों और देवताओं का पालन करना चाहिए।

जनश्रुतियों के अनुसार उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा जी के साथ शिक्षा ग्रहण की थी।मध्यप्रदेश की महिदपुर तहसील के ग्राम नारायणा में भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा का मैत्री स्थल है। इसी के समीप महिदपुर तहसील के ग्राम चिरमिया में स्वर्ण गिरी पर्वत स्थित है। धार्मिक व पौराणिक मान्यता के अनुसार गुरुमाता के आदेश पर श्रीकृष्ण व सुदामा भोजनशाला के लिए इसी स्वर्ण गिरी पर्वत पर लकड़ियां लेने आए थे।

इस तरह मध्यप्रदेश भी भगवान कृष्ण की लीलाओं का साक्षी रहा है और भगवान कृष्ण की ही यह अद्भुत लीला है कि अब यहां राम वन गमन पथ की तरह ही श्री कृष्ण पाथेय भी बन रहा है और इसे बनाने का भार उठाया है भगवान कृष्ण के ही एक लोकप्रिय नाम वाले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने।(विनायक फीचर्स)

IMD ने दे दिया है बड़ा अलर्ट गुजरात में बारिश मचाएगी कोहराम

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Weather Update Today: भारत में मानसून का मौसम चरम पर है और देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, ओडिशा और तेलंगाना समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों में उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान में व्यापक रूप से व्यापक रूप से हल्की से मध्यम वर्षा, तथा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी राजस्थान में छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई है.

मौसम विभाग के अनुसार अगले 6 दिनों में उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है, 25 से 26 अगस्त तक उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में, 25 से 27 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान में तथा 27 और 28 अगस्त को हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. 25 और 26 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

दिल्ली का मौसम
वहीं देश की राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने एक बार फिर जोरदार बारिश की संभावना जताई है. 24 अगस्त को कई जगहों पर बारिश तो हुई ही. अब अगले कुछ दिनों के लिए मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR में जोरदार बारिश का अलर्ट जारी किया है. IMD ने दिल्ली में 27 और 28 अगस्त को जोरदार बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान तेज रफ्तार हवाएं भी चल सकती है. हालांकि बीच में भी छिटपुट हल्की बारिश हो सकती है

गुजरात में बाढ़ जैसे हालात
IMD ने 25 अगस्त को छत्तीसगढ़ में, 25 से 26 अगस्त के दौरान कोंकण और गोवा में, 25 से 28 अगस्त के दौरान गुजरात में, 25 से 26 अगस्त के दौरान मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश में और 25 अगस्त को विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की भविष्यवाणी की है. 25 से 26 अगस्त के दौरान गुजरात क्षेत्र में, 26 और 27 अगस्त के दौरान सौराष्ट्र और कच्छ में तथा 25 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान है. बता दें कि गुजरात में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं.

अगले 24 घंटे का मौसम
स्काईमेट वेदर के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान, मिजोरम, त्रिपुरा, गंगीय पश्चिम बंगाल, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में मध्यम से भारी बारिश संभव है. तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.

शेष पूर्वोत्तर भारत, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश संभव है. जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में हल्की बारिश संभव है.

श्री कृष्ण जन्मोत्सव के मौके पर गौ आश्रय स्थलों में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी

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मेरठ : यूपी सरकार अब जन्माष्टमी के पर्व को खास बनाने जा रही है. इस बार भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव के मौके पर गौ आश्रय स्थलों में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी. इतना ही नहीं इस दिन गौवंशों की खास सेवा और पूजा की जाएगी. आइए जानते हैं क्या है पूरी प्लानिंग?

प्रदेश की योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सरकार ने इस बार बेसहारा गोवंशों को लेकर खास आदेश पारित किया है. इस बार जन्माष्टमी के पर्व पर प्रदेश भर की प्रत्येक गौशाला में गायों की पूजा-अर्चना की जाएगी. इस बारे में बीते कुछ समय पूर्व ही लिखित आदेश भी जारी किया जा चुका है. गौ-आश्रय स्थलों में भी श्री कृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाएगी. जन्माष्टमी पर गौ आश्रय स्थलों में गौ-पूजन होगा. स्कूली बच्चों को गौ आश्रय स्थलों का भ्रमण कराया जाए ऐसा भी शासन ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और पशुपालन विभाग के जिम्मेदारों को निर्देश जारी किए हैं.

इस बारे में पशुपालन विभाग के मेरठ मंडल के अपर निदेशक राजेंद्र कुमार शर्मा ने ईटीवी भारत को बताया कि जन्माष्टमी का जिक्र हो और भगवान श्री कृष्ण के साथ-साथ गोवंश का जिक्र न हो ऐसा कभी हो नहीं सकता. उन्होंने कहा कि यह पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण है और श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के तौर पर जहां इस दिन इस पर्व को मनाया जाना है वहीं, गौ आश्रय स्थलों में जन्माष्टमी का पर्व उत्साह पूर्वक मनाया जाएगा. खास तौर से वहां गौवंशों की सेवा का कार्य किया जाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहने वाली है. उन्होंने कहा कि इस बारे में शासन स्तर से जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है.

उन्होंने कहा कि उनके स्तर से भी मंडल से संबंधित सभी जिम्मेदारों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं. अपर निदेशक ने बताया कि यह पहला मौका है जब जन्माष्टमी पर गौ आश्रय स्थलों को सजाया संवारा जा रहा है. उन्होंने बताया कि हालांकि गोवर्धन पूजा और गोपाष्टमी पर अब तक गौ आश्रय स्थलों में गौ पूजन और गौ सेवा का कार्य किया जाता रहा है, लेकिन इस बार सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जन्माष्टमी पर्व पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं. इस मौके पर गोवा से स्थलों में रौनक रहने वाली है और दीपक उत्सव का कार्यक्रम भी वहां पर आयोजित किया जाएगा. इस दौरान जनप्रतिनिधियों के द्वारा भी अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर सेवा कार्य किए जाने हैं. इस आदेश का शत-प्रतिशत पालन कराने के लिए गौ से स्थलों में तैयारी भी शुरू हो गई है.

इस बारे में पशुपालन विभाग के मेरठ मंडल के अपर निदेशक राजेंद्र कुमार शर्मा ने ईटीवी भारत को बताया कि जन्माष्टमी का जिक्र हो और भगवान श्री कृष्ण के साथ-साथ गोवंश का जिक्र न हो ऐसा कभी हो नहीं सकता. उन्होंने कहा कि यह पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण है और श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के तौर पर जहां इस दिन इस पर्व को मनाया जाना है वहीं, गौ आश्रय स्थलों में जन्माष्टमी का पर्व उत्साह पूर्वक मनाया जाएगा. खास तौर से वहां गौवंशों की सेवा का कार्य किया जाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहने वाली है. उन्होंने कहा कि इस बारे में शासन स्तर से जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है.

उन्होंने कहा कि उनके स्तर से भी मंडल से संबंधित सभी जिम्मेदारों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं. अपर निदेशक ने बताया कि यह पहला मौका है जब जन्माष्टमी पर गौ आश्रय स्थलों को सजाया संवारा जा रहा है. उन्होंने बताया कि हालांकि गोवर्धन पूजा और गोपाष्टमी पर अब तक गौ आश्रय स्थलों में गौ पूजन और गौ सेवा का कार्य किया जाता रहा है, लेकिन इस बार सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जन्माष्टमी पर्व पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं. इस मौके पर गोवा से स्थलों में रौनक रहने वाली है और दीपक उत्सव का कार्यक्रम भी वहां पर आयोजित किया जाएगा. इस दौरान जनप्रतिनिधियों के द्वारा भी अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर सेवा कार्य किए जाने हैं. इस आदेश का शत-प्रतिशत पालन कराने के लिए गौ से स्थलों में तैयारी भी शुरू हो गई है.

“गौ संरक्षण के बिना पर्यावरण संरक्षण नहीं हो सकता: अजीत मोहापात्रा

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*समस्त महाजन के अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दूसरे दिन समस्त महाजन अंतरराष्ट्रीय अवार्ड से कई राष्ट्रीय विभूतियां को सम्मानित किया गया….
“गौ संरक्षण के बिना पर्यावरण संरक्षण नहीं हो सकता: अजीत मोहापात्रा
विशेष हाईलाइट:
# समस्त महाजन ने किया 3 इंटरनेशनल अवार्ड का शुभारंभ
# गौशाला पशुओ के भरण पोषण की अनुदान धनराशि ₹100 बढ़ाई जाए
# भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण 21 अगस्त के अध्यादेश को वापस लें
भाभर/शंखेश्वर (गुजरात) राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संस्था समस्त महाजन के द्वारा आयोजित तीन दिवसीय गौशाला विकास एवं पशु कल्याण के तीन दिवसीय कार्यक्रम जहां 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने धर्मज गांव के चारा विकास, नाली के पानी से खेत की सिंचाई और ग्राम विकास का राष्ट्रीय उदाहरण देख,वहीं पर अहमदाबाद के निकट संचालित अत्यंत लोकप्रिय बंसी गिर गौशाला की पारंपरिक आधारित वैज्ञानिक संवर्धन की आंखों देखा हाल भी देखी। सेमिनार के दूसरे दिन, 24 अगस्त 2024 को विरमगाम पंजरापोल के व्यवस्था को देखा, जहां चार विकास के अद्भुत ऐसे प्रकल्प को देखा जहां 200 एकड जंगल साफ सुथरा कर के चार विकास का ऐसा अद्भुत नमूना पैदा किया जिससे 13 लाख के वार्षिक चारे की खर्च को घटाकर ₹4 लाख के खर्च पर गौशाला पशुओं को चारा उपलब्ध कर रहे हैं।
विरमगाम पंजरापोल के प्रांगण में समस्त महाजन द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में समस्त महाजन के द्वारा शुरू की गई पुरस्कारों की एक श्रृंखला की उद्घोषणा की गई। इन पुरस्कारों में पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यरत शिप्रा पाठक को पर्यावरण रक्षक अवार्ड, जल रत्न अवॉर्ड दिलीप भाई को तथा विजय भाई को वृक्ष रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में पांच बच्चों को समस्त महाजन का गोपाल सेवा सम्मान प्रदान किया गया। समस्त महाजन दो संस्थाओं को 15 लाख और 11 लाख का चेक भी प्रदान किया।
इस अवसर पर समस्त महाजन के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ गिरीश जयंती लाल शाह ने सभी गौशाला प्रतिनिधियों के साथ गौशाला पशुओं के भरण पोषण की एक समान राशि ₹100 प्रति पशु प्रतिदिन जारी करने के लिए अपील की। डॉ शाह ने यह भी कहा कि सभी लोग एक जुट होकर के यह समन्वित प्रयास करें कि यह मिशन सफल हो जाए और देश भर में भरण पोषण की धनराशि ₹100 हो जाए। डॉक्टर जयंतीलाल शाह ने यह भी भी कहा कि अभी अगस्त 2024 को जारी किए गए ए 1/ ए 2 दूध के मामले में जारी किए गए निर्देश को भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण वापस ले। क्योंकि इससे तमाम तरह की भ्रामक स्थितियां पैदा हो रही है और इससे गौसेवा या पशुपालन के क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन किस क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों को नुकसान होगा।
कार्यक्रम का समाप्त करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गौ रक्षा प्रकोष्ठ के प्रभारी अजीत महापात्रा ने गौ संरक्षण से पर्यावरण संरक्षण की कई ज्वलंत उदाहरण दिए। लोकेशन मोहोपात्र जी ने अभी कहां की पृथ्वी पर जब जीव जंतुओं का उसे समय वृक्षों की उत्पत्ति हुई और बृक्षो की रक्षा के लिए मनुष्य तथा अन्य जीव जंतु पैदा हुए और यही पारिस्थितिकी संतुलन का नियम है। उन्होंने अपने संबोधन में शाकाहार की प्रशंसा की और कहां की मनसाहर पोषित बच्चे कई तरह की नकारात्मक विचारों से गिर जाते हैं और अपराधिक प्रवृत्ति के होते हैं। राष्ट्रीय सेवक संघ के गौ सेवा गतिविधि एवं पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय प्रभारी गोपाल आर्यन गौ सेवा के कई पर्यावरणीय महत्व को बताते हुए गोपालन को बढ़ावा देने तथा गौशालाओ के विकास की बात बताई।
इस कार्यक्रम में समस्त महाजन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे जिसमें गिरीशभाई सतरा, मित्तलभाई खेतानी, देवेंद्रभाई जैन, परेशभाई शाह, आकाश भाई साह आदि महान भाव ने सेमिनार की व्यवस्था में अमूल्य योगदान दिया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पुरुषोत्तम केजरीवाल को डॉक्टरेट की उपाधि से किया सम्मानित

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मुंबई। पद्मश्री लता मंगेशकर हॉल, मीरा भायन्दर में विश्व भ्रष्टाचार निरोधक जन परिषद की ओर से श्री बाल गंगाधर तिलक सेवा सम्मान 2024 का आयोजन किया गया। यह एक अनूठा सम्मान समारोह रहा जिसमें स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बालगंगाधर तिलक की देशसेवा को स्मरण किया गया और उनकी गरिमा को सम्मान सहित प्रचारित किया गया। इस अवसर पर जनसेवा और देशसेवा करने वाले विशेष व्यक्तित्व के लोगों को यह सम्मान देकर प्रोत्साहित किया गया। वहीं दिव्यांगजनों को भी पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पुरुषोत्तम केजरीवाल को इंटरनेशनल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूमिनिटी हेल्थ साइंस एंड पीस की ओर से डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया। कार्यक्रम में शैतान सिंह पाल (चेयरमैन, डायरेक्टर – मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड), महामंडलेश्वर 1008 दादू जी महाराज शनि साधक, जोगी विजेंद्र नाथ (श्री महादेव मंदिर पीठाधीश्वर दिल्ली), निर्देशक रंजन कुमार सिंह और अभिनेता खेसारी लाल यादव की विशेष उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान परफॉर्मर अंकित सिसोदिया ने विशेष अंदाज में अतिथियों का मनोरंजन किया साथ ही कई दिव्यांग लड़के लड़कियों ने नृत्य, गायन की शानदार प्रस्तुति दी।
आपको बता दें कि पुरुषोत्तम केजरीवाल मेरिट ऑर्गनिक्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उनकी कंपनी गत 40 वर्षों से भारत में दवा निर्माण का कार्य कर रही है और भारत तथा विदेशों में अपना विशेष योगदान दे रही है। कोरोना काल में भी इन्होंने लोगों की सेवा कार्य में सक्रिय योगदान दिया और लोगों की जान बचानें में सहायता की। ऐसे भारत के समाजसेवी व्यक्ति को श्री बाल गंगाधर तिलक सेवा सम्मान 2024 के अवसर पर डॉक्टरेट की उपाधि पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के हाथों प्राप्त हुआ। व्यवसायी डॉक्टर पुरुषोत्तम केजरीवाल बिहार के भागलपुर के निवासी हैं। कई वर्षों से वह महाराष्ट्र की धरती पर सेवा कार्य कर रहे हैं उनके परिवार में भी लगभग सभी डॉक्टर और मेडिकल क्षेत्र से संबंधित हैं और लोगों की सहायता का कार्य कर रहे हैं।

– संतोष साहू

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए 6 सूत्र: श्री शिवराज सिंह चौहान

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बिहार की प्रतिभा विश्व में विलक्षण है, इसका सही उपयोग न केवल बिहार को भारत का अग्रणी बल्कि भारत को दुनिया का अग्रदूत बनाएगा: श्री शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज पटना, बिहार में किसानों से चर्चा की। श्री चौहान ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसकी आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें किसानों की सेवा का कार्य सौंपा है,  इसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं और श्री चौहान के लिए किसानों की सेवा करना ईश्वर की आराधना के समान है। हम देश के किसानों के कल्याण को सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले से संबोधन में कहा है कि हम तीन गुना तेजी से काम करेंगे और देश के किसानों का कल्याण करने का पूरा प्रयास करेंगे। श्री चौहान ने बिहार सरकार, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कृषि विभाग को बधाई दी, क्योंकि वे लगातार खेती-किसानी के कल्याण के काम में लगे हुए हैं। श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज उन्होंने स्टॉल देखे- मखाना, चावल, शहद, मक्का, चाय सब कुछ अद्भुत है। उन्होंने बिहार के किसानों का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे पास जमीन के बड़े टुकड़े नहीं हैं, 91 प्रतिशत सीमांत किसान हैं, लेकिन फिर भी किसान कमाल कर रहे हैं।

कृषि मंत्री और किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेती में आय दोगुनी करने का अभियान शुरू किया है और उनके पास किसानों के लिए 6 सूत्र हैं, जिन पर वे काम कर रहे हैं। पहला उत्पादन बढ़ाना, जिसके लिए अच्छे बीज जरूरी हैं। उत्पादन अच्छा है, लेकिन संभावनाएं और भी हैं। फल, सब्जी, अनाज, दलहन और तिलहन के अच्छे बीज जरूरी हैं। उन्हें प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री ने 65 फसलों के बीजों की 109 प्रजातियां किसानों को समर्पित की हैं। उन्होंने बताया कि चावल की एक किस्म ऐसी है जिसे 30 फीसदी कम पानी की जरूरत होती है। बाजरा की एक किस्म ऐसी है जिसकी फसल 70 दिन में तैयार हो जाती है। ऐसे बीज हैं, जो जलवायु के अनुकूल हैं और बढ़ते तापमान में भी बेहतर उत्पादन देते हैं। यहां के किसानों को बीज उपलब्ध हो, इसके लिए वे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से बात करेंगे। श्री चौहान ने बताया कि उत्पादन की लागत कम करना उनका दूसरा संकल्प है, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से किसानों को काफी मदद मिलती है, किसान क्रेडिट कार्ड से खाद के लिए सस्ते ऋण मिलते हैं। तीसरा संकल्प उपज का सही मूल्य दिलाना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार का मखाना धूम मचा रहा है और एक्सपोर्ट क्वालिटी का मखाना तैयार हो रहा है और जब इसका निर्यात होता है तो किसानों को अधिक लाभ होता है। केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि वे इससे संबंधित एक कार्यालय बिहार में खोलने का प्रयास करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि का विविधीकरण सरकार के रोडमैप में है और हम परंपरागत फसलों के साथ-साथ अधिक आय वाली फसलों को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वे खाद्य प्रसंस्करण के बारे में भी बात करना चाहेंगे। बिहार की प्रतिभा विश्व में विलक्षण है। इस प्रतिभा का सही उपयोग बिहार को न केवल भारत का अग्रणी बनाएगा, बल्कि भारत को दुनिया का अग्रदूत बनाएगा। श्री चौहान ने कहा कि हम नए विचारों के साथ किस तरह से खेती में उपयोग कर सकते हैं, हम कब तक रासायनिक खाद का उपयोग करते रहेंगे? इससे उर्वरा क्षमता भी कम होती है और उत्पादन तथा मानव शरीर पर प्रतिकूल असर पड़ता है। आजकल केंचुए गायब हो गए हैं। खाद डालकर उन्हें खत्म कर दिया गया है। केंचुए 50-60 फीट जमीन के नीचे जाते हैं और ऊपर आ जाते हैं, इससे जमीन उपजाऊ रहती है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती का मिशन शुरू हो रहा है। इससे उत्पादन कम नहीं होगा, बल्कि बढ़ेगा।

श्री चौहान ने कहा कि अगली बार वे खेतों में ही कार्यक्रम करेंगे, व्यावहारिक समस्याओं पर भी विचार करेंगे। किसान के बिना दुनिया नहीं चल सकती। बाकी चीजें तो फैक्ट्री में बन जाएंगी, लेकिन गेहूं-चावल कहां से लाओगे? हम सब मिलकर काम करेंगे।

‘हर घर तिरंगा अभियान’ राष्ट्रीय ध्वजों की बिक्री 1101 प्रतिशत तक बढ़ी

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पिछले तीन वर्षों में, जब से तिरंगा यात्रा की शुरूआत हुई है, खादी के राष्ट्रीय ध्वजों की कुल बिक्री 33 करोड़ रुपये को पार कर गयी है।

वर्ष 2013-14 में देश में जहां खादी से बने राष्ट्रीय ध्वजों की बिक्री सिर्फ 87 लाख थी, वहीं वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 10.45 करोड़ रुपये तक पहुंच गयी।
अध्यक्ष केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने कहा कि पीएम मोदी की ब्रांड शक्ति से खादी विकसित भारत की गारंटी बन गयी है।

New Delhi पूरे देश में खादी राष्ट्रीय ध्वज के उत्पादन और बिक्री को बढ़ाने और देश की सभी खादी संस्थाओं को सशक्त बनाने व प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने बोरीवली स्थित सी. वी. कोरा ग्रामोद्योग संस्थान में शुक्रवार को खादी राष्ट्रीय ध्वज कार्यकर्ता संवाद का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अध्यक्ष केवीआईसी, श्री मनोज कुमार ने खादी कार्यकर्ताओं को संबोधित  किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने राष्ट्र निर्माण में खादी कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना की और कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने खादी के राष्ट्रीय ध्वजों की मांग में भारी वृद्धि की है।

खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष ने इस अवसर पर कहा, “यह आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक खादी को और अधिक प्रासंगिक बनाने का प्रयास है, जो राष्ट्र के प्रति हमारी अटूट श्रद्धा को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा कि खादी आत्मनिर्भर भारत की आत्मा है। ग्रामीण भारत के अर्थतंत्र का आधार है। विश्व में खादी ही एक ऐसा वस्त्र है जिसका अपना गौरवशाली इतिहास है। सही मायने में खादी को ‘नयी शक्ति’ 2014 में तब मिली जब देश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व वाली सरकार बनी। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जिस खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री वित्तवर्ष 2013-14 के दौरान 31154.20 करोड़ रुपये थी वो 5 गुना बढ़कर वित्तवर्ष 2023-24 में 155673.12 करोड़ रुपये पहुंच गयी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और एमएसएमई मंत्रालय के मार्गदर्शन में स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार खादी और ग्रामोद्योग के कारोबार ने 1 लाख 55 हजार करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर नया कीर्तिमान बनाया है। पहली बार इस क्षेत्र में 10.17 लाख नए रोजगार सृजित हुए हैं।

अपने विचार व्यक्त करते हुए आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चले ‘हर घर तिरंगा अभियान’ ने खादी के राष्ट्रीय ध्वजों की बिक्री को 1101.15 प्रतिशत तक बढ़ाया है। वर्ष 2013-14 में देश में जहां खादी से बने राष्ट्रीय ध्वजों की बिक्री सिर्फ 87 लाख थी, वहीं वर्ष 2023-24 में ये बढ़कर 10.45 करोड़ रुपये तक पहुंच गयी। पिछले तीन वर्षों में, जब से तिरंगा यात्रा की शुरूआत हुई है, खादी के राष्ट्रीय ध्वजों की कुल बिक्री 33 करोड़ रुपये को पार कर गयी है। इस बिक्री का सीधा लाभ खादी कारीगरों को अतिरिक्त पारिश्रमिक के रूप में हो रहा है, जो इस बात को सिद्घ करता है कि तिरंगा यात्रा से खादी जगत को सबसे ज्यादा लाभ हुआ है। अध्यक्ष केवीआईसी ने आगे कहा कि पिछले 10 वर्षों में पूज्य बापू की विरासत खादी विकसित भारत की गारंटी बन गयी है।

अध्यक्ष केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी क्रांति ने भारतीय धरोहर खादी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। लेकिन कुछ लोग अपने दूषित विचारों से पूज्य बापू की खादी के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है, पहले भी ऐसे असफल प्रयास हुए हैं। लेकिन पूज्य बापू के नेतृत्व में खादी ना तो स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों सामने झुकी थी, ना ही आज ‘भ्रामक प्रचार’ करने वालों के सामने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में झुकेगी। खादी के 5 लाख कारीगर, जिसमें 80 प्रतिशत महिलाएं हैं, अपनी शक्ति और सामर्थ्य से खादी को नयी ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। खादी के विरूद्ध हर भ्रामक प्रचार को देशभर के खादी प्रेमी स्वयं विफल करेंगे।

खादी राष्ट्रीय ध्वज कार्यकर्ता संवाद समारोह में स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों, खादी उद्योग के प्रतिनिधियों और क्षेत्र के नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस इकाई के माध्यम से खादी उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में केवीआईसी के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन खूब हंगामा

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गुजरात सरकार को अक्सर ड्रग्स के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा घेरा जाता रहा है. ऐसे में गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन खूब हंगामा हुआ. विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर थी. गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने प्रेस से बातचीत करते हुए उल्टा विपक्ष पर हमलावर हो गए. उन्होंने कहा कि ड्रग्स से जुड़े सभी नेक्सस पर कार्रवाई की जा रही है. गुजरात सरकार सभी पर नकेल कसने की पूरी तैयारी में है. साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष ने चर्चा को रोकने की कोशिश की. वे नहीं चाहते कि ड्रग्स के मुद्दे पर चर्चा हो.
गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात विधानसभा में गुजरात के गृह मंत्री होने के नाते मैंने स्पीकर से अनुरोध किया कि वे मुझे विपक्ष द्वारा ड्रग्स के मुद्दे पर उठाए गए सभी प्रश्नों का उत्तर देने की अनुमति दें. विपक्ष केवल जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए बैनर लेकर खड़ा है. विपक्ष ने चर्चा को रोकने की कोशिश की. साथ ही उन्होंने विपक्ष पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अगर वे चर्चा नहीं करना चाहते थे तो वे बैनर क्यों पकड़े हुए थे?

सुरक्षित राज्यों में है गुजरात

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने गुजरात को सुरक्षित राज्यों में से एक बताया है. उन्होंने कहा कि गुजरात सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक है. गुजरात राज्य ने पिछले तीन वर्षों में ड्रग्स के खिलाफ सक्रिय कदम उठाए हैं. ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी. हमने ड्रग्स से संबंधित लगभग सभी नेक्सस पर नकेल कसा है. गुजरात सरकार इसके खिलाफ शक्ति से पेश आ रही है.

गुजरात में बन रहा साइक्लोनिक सर्कुलेशन

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अहमदाबाद: गुजरात में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होगी। अहमदाबाद में भी भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने बताया है कि उत्तर पूर्व अरब सागर में गुजरात के पास एक चक्रवाती हवा का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे राज्य में और ज्यादा बारिश हो सकती है। आने वाले दिनों में गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

आने वाले दिनों में ऐसा रहेगा मौसम

24 अगस्त से 28 अगस्त तक बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है। बनासकांठा, पाटन और अहमदाबाद सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 24 अगस्त को, वडोदरा, छोटा उदयपुर और आनंद जैसे स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाएगा। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा भी हो सकती है। 23 अगस्त से 26 अगस्त तक अहमदाबाद में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और भारी बारिश होगी। तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। 27 और 28 अगस्त को, मौसम में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। सप्ताह भर लगातार बारिश जारी रहने की उम्मीद है, जिसमें भारी बारिश होने की संभावना है। शहर में नमी और बादल छाए रहेंगे।

बारिश की वजह से उड़ानों में देरी
भारी बारिश की वजह से उड़ानों में देरी हुई है। इसका कारण घूर्णी देरी और परिचालन संबंधी बाधाओं को बताया गया है। आईएमडी का कहना है कि खराब मौसम की वजह से उड़ानें लेट हो रही हैं। देश भर में भारी बारिश की वजह से उड़ानों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की ताज़ा जानकारी लेते रहें और भारी बारिश के कारण होने वाली किसी भी परेशानी के लिए तैयार रहें।
बारिश की वजह से अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय (SVPI) हवाई अड्डे पर भी काफी दिक्कतें आई हैं। गुरुवार को खराब मौसम के कारण 19 उड़ानें लेट हो गईं। दुबई और शारजाह जैसे अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानों में कम से कम दो घंटे की देरी हुई, जबकि दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों के लिए घरेलू उड़ानें 35 मिनट से तीन घंटे तक देरी से चलीं।

गौ तस्करी पर जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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जशपुर (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन शंखनाद की शुरुआत की है. इस अभियान के तहत जशपुर जिले के रास्ते से झारखंड होते हुए पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक की गौवंश तस्करी को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं. इस ऑपरेशन में अब तक 13 पिकअप वाहनों को राजसात किया गया है, जिनकी कुल कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है. यह पहली बार है जब प्रदेश में मवेशी तस्करी के वाहनों को राजसात किया गया है. कलेक्टर रवि मित्तल ने इन वाहनों को राजसात करने के आदेश जारी किया है.पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जनवरी 2024 से अब तक गौ-तस्करों के विरूद्ध विशेष अभियान चलाकर कुल 36 प्रकरणों में 43 आरोपियों को गिरफ्तार कर 431 गौवंशों को तस्करी होने से बचाया गया. गौ तस्कर तस्करी करने में पीकअप वाहन और ट्रक का प्रयोग करते है. इस दौरान लगातार पुलिस कार्रवाई में तस्करों से कुल 26 वाहन को जब्त किया गया है. जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2 से 2.5 करोड़ रुपये है. जब्त किये गए वाहनों में अधिकतर वाहन झारखंड के हैं.7 अगस्त 2024 को पुलिस अधीक्षक, अति. पुलिस अधीक्षक और 125 अधिकारियों की टीम ने सांईटांगरटोली में ऑपरेशन चलाया. इस दौरान 10 तस्कर गिरफ्तार किए गए और 67 गौवंशों को मुक्त कराया गया. एसपी ने जशपुर के द्वारा समस्त थाना और चौकी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस प्रकार के अवैध गतिविधि में सम्मिलित व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाई करें और उक्त कार्य में लगे व्यक्त्यिों के विरूद्ध निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी.गौवंश तस्करी में पुलिस की इस कार्रवाई पर डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने सराहना की है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा छत्तीसगढ़ में पशु तस्करी और क्रूरता नहीं चलेगी. अकेले जशपुर जिले में पशु तस्करी के 10 प्रकरणों में 13 वाहन का राजसात. गौवंश की रक्षा के लिए विष्णुदेव सरकार ने कड़े प्रावधान किए हैं.