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एक पिता की क्या थी मजबूरी? 4 बेटियों के साथ की आत्महत्या

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार बुराड़ी जैसा कांड सामने आया है और संत कुंज के रंगपुरी गांव में एक ही परिवार के 5 लोगों ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह 10:18 बजे पड़ोसियों से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने फ्लैट का ताला तोड़कर शवों को बाहर निकाला गया. पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति और उसकी चार बेटियों ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली.

जानकारी के अनुसार, 50 साल के हीरालाल मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और परिवार के साथ वसंत कुंज के रंगपुरी इलाके में किराए के मकान में रहते थे. उनकी पत्नी की मौत एक साल पहले कैंसर से हो गई थी. अब उन्होंने अपनी चार बेटियों 18 साल की नीतू, 15 साल की निशि, 10 साल की नीरू और 8 साल की निधि के साथ आत्महत्या कर ली है.

आत्महत्या के कारणों का नहीं चल पाया है पता

घटनास्थल के कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और इस वजह से अब तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है. लेकिन, जानकारी के अनुसार, चारों बेटियां दिव्यांग थी और चल-फिरने में असमर्थ थीं. एक बेटी को आंख से दिखता नहीं था और एक को चलने में थी. इस वजह से शख्स परेशान रहता था और पत्नी की मौत के बाद से परेशानी ज्यादा बढ़ गई थी. पुलिस को मौके से सल्फास के पाउच मिले हैं.

जांच में जुटी पुलिस, तलाश रही अलग-अलग एंगल

पुलिस ने बताया कि घटना के बाद सभी के शव एक कमरे में पड़े थे. मौके पर पहुंची दिल्ली FSL, सीबीआई FSL और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं. पुलिस इस केस को हर एंगल से जांच कर रही है. पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि पांचों ने आत्महत्या जैसा कमद क्यों उठाया? क्या किसी ने इनको उकसाया?

Disclaimer: जीवन अनमोल है. जी भरकर जिएं. इसका पूरी तरह सम्‍मान करें. हर पल का आनंद लें. किसी बात-विषय-घटना के कारण व्‍यथित हों तो जीवन से हार मारने की कोई जरूरत नहीं. अच्‍छे और बुरे दौर आते-जाते रहते हैं. लेकिन कभी जब किसी कारण गहन हताशा, निराशा, डिप्रेशन महसूस करें तो सरकार द्वारा प्रदत्‍त हेल्‍पलाइन नंबर 9152987821 पर संपर्क करें.

 

मेघालय में भी ‘गौ ध्वज यात्रा’ का आयोजन अनिश्चित

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शिलांग/कोहिमा, 28सितंबर   नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के बाद मेघालय में भी ‘गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा’ का आयोजन अनिश्चित बना हुआ है, क्योंकि पूर्वी खासी हिल्स जिले के जिला मजिस्ट्रेट ने धारा 163 बीएनएसएस के तहत निषेधाज्ञा जारी कर जिले में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पहले गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने और गोहत्या रोकने के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग करते हुए पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों में ‘गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा’ आयोजित करने की घोषणा की थी।

लेकिन ‘गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा’ को क्षेत्र के कई राज्यों में विभिन्न संगठनों की ओर से कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

नागालैंड और मेघालय ईसाई बहुल राज्य हैं, जबकि कई पूर्वोत्तर राज्यों में गोमांस लोगों द्वारा खाया जाने वाला सबसे आम और लोकप्रिय मांस है।

मेघालय राज्य की राजधानी शिलांग के पूर्वी खासी हिल्स जिले के जिला मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा कि प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ संगठन शिलांग में गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा आयोजित करने की योजना बना रहे हैं, हालांकि आयोजकों ने यात्रा निकालने के लिए अनुमति नहीं मांगी है।

डीएम आर.एम. कुरह ने अपने आदेश में कहा, “…..ऐसी रैली से शिलांग शहर और पूर्वी खासी हिल्स जिले में कानून और व्यवस्था बिगड़ सकती है,…..और किसी भी समूह को जुलूस/रैली निकालने से रोकने के उद्देश्य से, जो सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित कर सकती है, शिलांग शहरी क्षेत्र सहित पूरे शिलांग शहर की सीमा के भीतर किसी भी रैली या जुलूस के उद्देश्य से पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया जाता है।”

उन्होंने कहा: “उक्त आदेश का कोई भी उल्लंघन बीएनएस की धारा 223 के तहत दंडात्मक प्रावधानों को आकर्षित करेगा, और कोई भी अन्य जो उचित और उचित समझा जाएगा।”

जगद्गुरु शंकराचार्य को अपने दल के साथ शुक्रवार को शिलांग हवाई अड्डे पर पहुंचना था, लेकिन हिंदू संत के चार्टर्ड विमान से शनिवार को हवाई अड्डे पर उतरने की संभावना थी। जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज के प्रवक्ता शैलेंद्र योगीराज सरकार ने कहा कि वह (जगद्गुरु शंकराचार्य) शनिवार को गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा के तहत गाय का झंडा स्थापित करेंगे, जिसमें गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने और गौहत्या रोकने के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग की जाएगी। इससे पहले शुक्रवार को खासी छात्र संघ (केएसयू) सहित विभिन्न संगठनों के सैकड़ों प्रदर्शनकारी उमरोई में शिलांग हवाई अड्डे के बाहर एकत्र हुए, ताकि संत और उनके दल को हवाई अड्डे से बाहर जाने से रोका जा सके। री-भोई के जिला अधिकारियों ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हवाई अड्डे पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए। भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि लोगों ने हवाई अड्डे के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया और फिर तितर-बितर हो गए। दबाव समूहों के कार्यकर्ताओं ने घोषणा की कि वे मेघालय में गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा आयोजित नहीं होने देंगे।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि राज्य के साथ-साथ री भोई और पूर्वी खासी हिल्स जिले में कानून और व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, मेघालय सरकार ने कथित तौर पर भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण से शनिवार को अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विमान को उतरने की सुविधा देने से इनकार करने का अनुरोध किया।

इस बीच, गुरुवार को चार्टर्ड विमान से अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के हवाई अड्डों पर पहुंचने के बाद अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को वापस भेज दिया गया।

अरुणाचल प्रदेश के होलोंगी में डोनी पोलो हवाई अड्डे पर पहुंचे आध्यात्मिक नेता को अखिल अरुणाचल प्रदेश छात्र संघ (AAPSU) के सदस्यों के विरोध का सामना करना पड़ा।

सरस्वती, जिन्हें 28 सितंबर को कोहिमा में ‘गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा’ को संबोधित करना था, को गुरुवार को दीमापुर हवाई अड्डे से अपने निर्धारित कार्यक्रम को पूरा किए बिना वापस लौटना पड़ा क्योंकि अधिकारियों ने उन्हें हवाई अड्डे से बाहर आने से रोक दिया था।

नागालैंड सरकार ने 11 सितंबर को घोषणा की कि वह 28 सितंबर को कोहिमा में ‘गौ महासभा’ और गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा के आयोजन की अनुमति नहीं देगी।

विभिन्न नागरिक समाजों के नेताओं ने कहा कि गोमांस कई दशकों से लोकप्रिय नागा व्यंजनों का हिस्सा रहा है और सरकार और कोई भी अन्य संगठन लोगों की भावनाओं और राज्य की परंपराओं को नुकसान नहीं पहुंचा सकता।

सत्तारूढ़ नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी), उसके सहयोगी भाजपा और नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ), और प्रभावशाली नागा मदर्स एसोसिएशन और नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन सहित विभिन्न नागरिक समाज संगठनों ने ‘गौ महासभा’ के आयोजन का कड़ा विरोध किया।

Riya Barde बांग्लादेशी है महाराष्ट्र पुलिस ने खोली पोल

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भारत में पोर्न स्टार का काम करने वाली रिया तो बांग्लादेशी निकली. महाराष्ट्र पुलिस ने उसकी पोल खोल दी है. पोर्न स्टार रिया बर्डे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पोर्न इंडस्ट्री में रिया को आरोही बर्डे या बन्ना शेख के नाम से भी जाना जाता है. महाराष्ट्र के उल्हासनगर स्थित हिललाइन पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारत में रहने के आरोप में पोर्न स्टार रिया को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पुलिस ने रिया के खिलाफ आईपीसी 420, 465, 468, 479, 34 और 14 ए के तहत मामला दर्ज किया है.
पुलिस की मानें तो रिया पर आरोप है कि वह मूल रूप से बांग्लादेशी है और वह, उसकी मां, भाई और बहन फर्जी दस्तावेज बनाकर भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं. खास बात यह है बांग्लादेशी होने के बावजूद भारतीय कागजात बनाने के लिए रिया की मां ने अमरावती के एक शख्स से शादी की थी. फिलहाल इस मामले में पुलिस ने रिया के अलावा उसकी मां अंजली बर्डे उर्फ ​​रूबी शेख, पिता अरविंद बर्डे, भाई रविंद्र उर्फ ​​रियाज शेख और बहन रितु उर्फ ​​मोनी शेख को भी आरोपी बनाया है.

रिया की मां ने रची साजिश?
पुलिस के मुताबिक, रिया की मां अंजली बांग्लादेश की रहने वाली है और वह अपनी दो बेटियों रिया और बेटे के साथ भारत में अवैध रूप से रह रही थी. रिया की मां ने पश्चिम बंगाल का होने का दावा करते हुए अमरावती निवासी अरविंद बर्डे से शादी की और बाद में खुद और बच्चों के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और अन्य फर्जी दस्तावेज बनवाकर भारतीय नागरिक का पासपोर्ट बनवा लिया, ताकि वह अपनी भारतीय पहचान साबित कर सके.

पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि पोर्न स्टार रिया की मां और पिता दोनों फिलहाल कतर में रह रहे हैं. जबकि पुलिस उसके भाई और बहन की भी तलाश कर रही है. पुलिस ने बताया कि रिया को पहले मुंबई पुलिस ने वेश्यावृत्ति से जुड़े एक मामले में अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था. पूरा मामला तब सामने आया जब रिया के दोस्त प्रशांत मिश्रा को पता चला कि वह मूल रूप से बांग्लादेश की रहने वाली है और देश में अवैध रूप से रह रही है. उन्होंने पुलिस में उसकी शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने उसके दस्तावेजों की जांच की और पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया.

भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह के खिलाफ पटना में FIR दर्ज

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पटना. भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और पावर स्टार के नाम से मशहूर पवन सिंह से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. मिली जानकारी के अनुसार पटना में फिल्म अभिनेता पवन सिंह के खिलाफ हत्या की धमकी देने का केस दर्ज हुआ है. जानकारी के अनुसार एक महिला युटुबर ने पटना के कदमकुआं थाना में पवन सिंह के खिलाफ हत्या की धमकी देने का केस दर्ज कराया है. केस दर्ज होने के बाद पटना की कदमकुआं थाने की पुलिस मामले में छानबीन में जुट गयी है.

दरअसल यह पूरा मामला पत्नी ज्योति सिंह के विवाद से जुड़ा है. फिलहाल पुलिस अलग-अलग एंगल से मामले की जांच कर रही है. जानकारी के अनुसार एक महिला यूट्यूबर ने जान से मारने का धमकी का आरोप लगाते हुए मंगलवार यानि 24 सितंबर को कदमकुआं थाने में आवेदन दिया था, जिसके बाद बीते बुधवार यानि 25 सितंबर को पवन सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

पवन सिंह के समर्थकों ने दी धमकी

पीड़िता के आवेदन के अनुसार ज्योति सिंह और पवन सिंह के बारे में न्यूज दिखाने को लेकर उनके समर्थकों ने उन्हें धमकी दी है. पवन सिंह के समर्थकों ने धमकी देते हुए कहा कि अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भी पवन भैया के बारे में कुछ नहीं बोलोगी पवन भैया बहुत गुस्सा में हैं. तुम पवन भैया के बारे में अपना मुंह बंद रखो नहीं तो गोली मारेंगे तुम्हारे कपार में, धमकी देने के बाद वे लोग भाग गए. बता दें, पीड़िता ने थाने को दिए आवेदन में पवन सिंह के साथ-साथ प्रियांशु नाम के एक और युवक पर भी आरोप लगाया है. आवेदन में पीड़िता ने अपने लिए सुरक्षा माहिया करने की भी मांग की है उन्होंने कहा कि मुझे एक अंगरक्षक प्रदान किया जाए क्योंकि मुझे अपनी जान का खतरा है.

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा – रोगाणुरोधी प्रतिरोध पर उच्च स्तरीय बैठक

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New Delhi – केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री, श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में बढ़ते हुए एएमआर के खतरे से जल्द से ज्लद से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

सभा को संबोधित करते हुए, श्रीमती पटेल ने बल देकर कहा कि “एएमआर वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है, जो आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में हुए दशकों की प्रगति को कमजोर कर रहा है।” उन्होंने “विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में एएमआर रोकथाम रणनीतियों का तत्काल एकीकरण करने का आह्वान किया, जिसमें महामारी की तैयारी, स्वास्थ्य प्रणाली का सुदृढ़ीकरण और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज में संसाधनों के उपयोग पर निरीक्षण से ज्यादा रोकथाम और शमन पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।”

केंद्रीय मंत्री ने भारत में अप्रैल, 2017 में राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपी एएमआर) की शुरूआत के बाद से एएमआर से निपटने की दिशा में देश की महत्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने मानव और पशु दोनों क्षेत्रों में निगरानी नेटवर्क के विस्तार, संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण में सुधार करके अस्पताल में प्राप्त संक्रमण में कमी लाने और मानव एवं पशु स्वास्थ्य क्षेत्रों में जिम्मेदार रोगाणुरोधी उपयोग को बढ़ावा देने में हुई प्रगति को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि “स्वास्थ्य कर्मियों के व्यापक और देशव्यापी प्रशिक्षण के माध्यम से संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण (आईपीसी) को मजबूत किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत आने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वच्छता, सफाई और संक्रमण नियंत्रण में सुधार किया गया है।”

श्रीमती पटेल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि “देश में स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े संक्रमणों (एचएआई) की एक व्यवस्थित और मानकीकृत राष्ट्रव्यापी निगरानी शुरू की गई है” उन्होंने आगे कहा कि “रोगाणुरोधकों की पर्चे-आधारित बिक्री सुनिश्चित करने के लिए नियम मौजूद हैं। रोगाणुरोधकों के उचित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए, राष्ट्रीय उपचार दिशा-निर्देशों को नियमित आधार पर अपडेट किया जाता है।”

यह जानकारी दी गई कि भारत ने एक सूक्ष्मजीवरोधी प्रबंधन (एएमएस) कार्यक्रम विकसित किया है जिसका उद्देश्य अनावश्यक एंटीबायोटिक पर्चे और बढ़ते हुए एएमआर खतरे से निपटना है। यह कार्यक्रम संसाधन-सीमित सेटिंग्स के लिए तैयार किया गया है और इसे देश के कई अस्पतालों में अपनाया जा रहा है।

भारत ने अपने अपडेटेड एनएपी-एएमआर 2.0 के भाग के रूप में अंतर-क्षेत्रीय सहयोग को भी प्राथमिकता दी है, जिसमें प्रत्येक क्षेत्र के लिए बजटीय कार्य योजनाएं और स्पष्ट रूप से परिभाषित निगरानी और मूल्यांकन तंत्र शामिल हैं। देश में मौजूदा “वन हेल्थ” संरचना का उपयोग एएमआर से निपटने में मानव, पशु और पर्यावरण क्षेत्रों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। नवाचार के साथ-साथ, पर्यावरण पर एएमआर के प्रभाव को कम करने का उपाय खोजने के लिए परिचालन अनुसंधान को प्राथमिकता दी गई है।

केंद्रीय मंत्री ने एएमआर पर उच्च स्तरीय मंत्रिस्तरीय घोषणा का मसौदा तैयार करने में संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों की कोशिशों की सराहना करते हुए अपनी टिप्पणी समाप्त की। उन्होंने राष्ट्रीय एवं वैश्विक दोनों प्रयासों के माध्यम से एएमआर से निपटने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

श्रीमती पटेल ने कहा कि “भारत व्यापक क्षेत्रीय एवं अंतर-क्षेत्रीय कोशिशों के माध्यम से एएमआर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। साथ मिलकर काम करके, हम एएमआर से उत्पन्न जोखिमों को कम कर सकते हैं और वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के भविष्य की रक्षा कर सकते हैं।”

गो माता के विषय में कुछ रोचक जानकारी

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1-हर व्यक्ति जन्म लेता है गो-पुत्र के रूप में-इसलिये उसका एक गोत्र होता है।
2-हर व्यक्ति अपना विवाह मुहूर्त चाहता है -गो धूलि बेला में।
3-हर व्यक्ति मृत्यु के बाद जाना चाहता है गोलोक धाम,हर  आत्मा चाहती है गोलोकवास
4-हर जीव वैतरणी पार करना चाहता है -मृत्यु से पहले गो दान करके।
   सोचिये ! हर कामना पूरी करने के लिए गो माता का सहारा। लेकिन उसी गो माता की सेवा के लिए समय नही होता है।

गो माता के विषय में कुछ रोचक जानकारी
1. गौ माता जिस जगह खड़ी रहकर आनन्दपूर्वक चैन की सांस लेती है। वहाँ वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं।
2. जिस जगह गौ माता खुशी से रभांने लगे उस जगह देवी देवता पुष्प वर्षा करते हैं।
3. गौ माता के गले में घंटी जरूर बांधे ; गाय के गले में बंधी घंटी बजने से गौ आरती होती है।
4. जो व्यक्ति गौ माता की सेवा पूजा करता है उस पर आने वाली सभी प्रकार की विपदाओं को गौ माता हर लेती है।
5. गौ माता के खुर्र में नागदेवता का वास होता है। जहाँ गौ माता विचरण करती है उस जगह सांप बिच्छू नहीं आते।
6. गौ माता के गोबर में लक्ष्मी जी का वास होता है।
7. गौ माता कि एक आँख में सुर्य व दूसरी आँख में चन्द्र देव का वास होता है।
8. गौ माता के दुध मे सुवर्ण तत्व पाया जाता है जो रोगों की क्षमता को कम करता है।
9. गौ माता की पूँछ में हनुमानजी का वास होता है। किसी व्यक्ति को बुरी नजर हो जाये तो गौ माता की पूँछ से झाड़ा लगाने से नजर उतर जाती है।
10. गौ माता की पीठ पर एक उभरा हुआ कुबड़ होता है, उस कुबड़ में सूर्य केतु नाड़ी होती है। रोजाना सुबह आधा घंटा गौ माता की कुबड़ में हाथ फेरने से रोगों का नाश होता है।
11. एक गौ माता को चारा खिलाने से तैंतीस कोटी देवी देवताओं को भोग लग जाता है।
12. गौ माता के दूध घी मक्खन दही गोबर गोमुत्र से बने पंचगव्य हजारों रोगों की दवा है। इसके सेवन से असाध्य रोग मिट जाते हैं।
13. जिस व्यक्ति के भाग्य की रेखा सोई हुई हो तो वो व्यक्ति अपनी हथेली में गुड़ को रखकर गौ माता को जीभ से चटाये गौ माता की जीभ हथेली पर रखे गुड़ को चाटने से व्यक्ति की सोई हुई भाग्य रेखा खुल जाती है।
14. गौ माता के चारों चरणों के बीच से निकल कर परिक्रमा करने से इंसान भय मुक्त हो जाता है।
15. गौ माता के गर्भ से ही महान विद्वान धर्म रक्षक गौ कर्ण जी महाराज पैदा हुए थे।
16. गौ माता की सेवा के लिए ही इस धरा पर देवी देवताओं ने अवतार लिये हैं।
17. जब गौ माता बछड़े को जन्म देती तब पहला दूध बांझ स्त्री को पिलाने से उनका बांझपन मिट जाता है।
18. स्वस्थ गौ माता का गौ मूत्र को रोजाना दो तोला सात पट कपड़े में छानकर सेवन करने से सारे रोग मिट जाते हैं।
19. गौ माता वात्सल्य भरी निगाहों से जिसे भी देखती है उनके ऊपर गौकृपा हो जाती है।
20. काली गाय की पूजा करने से नौ ग्रह शांत रहते हैं। जो ध्यानपूर्वक धर्म के साथ गौ पूजन करता है उनको शत्रु दोषों से छुटकारा मिलता है।
21. गाय एक चलता फिरता मंदिर है। हमारे सनातन धर्म में तैंतीस कोटि देवी देवता है, हम रोजाना तैंतीस कोटि देवी देवताओं के मंदिर जा कर उनके दर्शन नहीं कर सकते पर गौ माता के दर्शन से सभी देवी देवताओं के दर्शन हो जाते हैं।
22. कोई भी शुभ कार्य अटका हुआ हो बार-बार प्रयत्न करने पर भी सफल नहीं हो रहा हो तो गौ माता के कान में कहिये रूका हुआ काम बन जायेगा।
23. गौ माता सर्व सुखों की दातार है।
  हे मां आप अनंत ! आपके गुण अनंत ! इतना मुझमें सामर्थ्य नहीं कि मैं आपके गुणों का बखान कर सकूँ। जय गौ माता जय गोपाल अखिल विश्व कामधेनु सेवक ज्योतिषाचार्य अंकित रावल ब्राह्मण सिरोही राजस्थान।।🙏🏿
   

हमने किसी को रिजेक्ट नहीं किया, सबकुछ स्वीकार किया है -मोहन भागवत

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महाराष्ट्र के नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि पिछले 2000 सालों से सभी प्रयोग हुए हैं। सभी प्रयोग जीवन में सुख शांति लाने में सब असफल है। भौतिक विकास चरम पर पहुंच रहा है, लेकिन भौतिक विकास के कदम मानवता को विनाश की ओर ले जा रहा है। इसका उत्तर हमारी परंपरा के पास है, हमने किसी को रिजेक्ट नहीं किया, सब को स्वीकार किया है, जैसे कि हमारी परंपरा है, आस्तिक दर्शन भी है, नास्तिक दर्शन भी है।

“भौतिक विकास के कदम विनाश की तरफ”

उन्होंने आगे कहा, “पिछले 2000 वर्षों में सारे प्रयोग हुए हैं, इश्वर को मानकर या ईश्वर को न मानकर, व्यक्ति को प्रमुख मानकर या समाज को प्रमुख मानकर शुरू हुए होंगे तो प्रमाणिक हेतु से शुरू हुए होंगे, लेकिन सब प्रयोग कोई तंत्र दे गए, लेकिन जीवन में सुख शांति लाने में सब असफल रहे। भौतिक विकास चरम पर पहुंच रहा है, लेकिन भौतिक विकास के कदम मानवता को विनाश की तरफ ले जा रहे। इस दुनिया के सभी चिंतक मान रहे हैं, तो इसका उत्तर क्या है? इसका उत्तर हमारी परंपरा के पास है, इन सारी बातों को मानते हुए हमने किसी को रिजेक्ट नहीं किया है, हमने सबको स्वीकार किया है, जैसी हमारी परंपरा है, आस्तिक दर्शन में और नास्तिक दर्शन में।”

“विविधता को मिटाओ, जबरदस्ती एक करो यह रास्ता नहीं”

आरएसएस चीफ ने कहा, “विचार में अपने-अपने अनुभव से आते हैं। सत्य क्या है? ऐसे बोलने पर जो बोलता नहीं है वह ज्ञानी है। बोलते हैं इसका मतलब वह जानते हैं, ऐसा जो है हमारे मनीषियों ने उनको जाना तो उनके ध्यान में आया कि जबरदस्ती दुनिया को एक करने हम चले हैं। दुनिया वास्तव में एक है, उस एक की ही इच्छा है, मैं विविध बनूं, इसलिए विविधता है। इस विविधता को मिटाओ और जबरदस्ती एक करो यह रास्ता नहीं है। इसी में रहकर इस को स्वीकार करते हुए यह समझो कि हम एक हैं, विविधता कुछ आगे तक जाती है, क्योंकि एकता ही शाश्वत है, वही सत्य है, हमारे पास है।”

उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के बीजेपी के कार्यकर्ता दीनदयाल उपाध्याय की यह कहानी सुनते हैं तो उन्हें विश्वास नहीं होता कि ऐसा हुआ है, क्योंकि वह इतने ऊपर हैं, इतने ऊपर कि हम पहुंच जाएंगे यह संभव नहीं और आवश्यक भी नहीं, हमें यही कहना चाहिए कि आपके (दीनदयाल उपाध्याय) तेज का शतांश भी हमें मिल गया तो दसों दिशाओं को हम उजाला दे पाएंगे।

PoK जम्मू-कश्मीर में होगा शामिल’, यूपी के सीएम योगी ने घाटी की जनता से किया वादा

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श्रीनगरः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामगढ़ में बीजेपी उम्मीदवारों के समर्थन में रैली की। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने घाटी की जनता से बड़ा वादा करते हुए कहा कि अगर भाजपा सत्ता में वापस आती है तो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) जम्मू-कश्मीर का हिस्सा होगा। सीएम योगी ने कहा कि यहां बीजेपी की सत्ता में वापसी के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भी जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बनने जा रहा है। यही पाकिस्तान में हलचल है, वे हैं अपने लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

पीओके के लोग भारत में शामिल होने के लिए उठा रहे हैं आवाज

सीएम योगी ने कहा कि एक तरफ भारत है और दूसरी तरफ पाकिस्तान है, वहां भोजन की कमी है, स्वाभाविक रूप से, कंगाल पाकिस्तान आज खुद को संभाल नहीं पा रहा है, पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर उससे अलग होने की आवाज उठा रहा है। पीओके के लोग कह रहे हैं कि हमें भी जम्मू-कश्मीर चुनाव में भाग लेने का अधिकार है। बलूचिस्तान कह रहा है कि हमारी केमिस्ट्री पाकिस्तान से मेल नहीं खाती। क्योंकि पाकिस्तान मानवता का दुश्मन है, यह मानवता का कैंसर है। दुनिया को इस कैंसर से मुक्त करना होगा।

सीएम योगी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

सीएम आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जो जम्मू-कश्मीर के लिए अलग झंडे की बात की है क्या वे उसका समर्थन करते हैं? क्या राहुल गांधी नेशनल कॉन्फ्रेंस की अनुच्छेद 370 और 35A को वापस लाने और जम्मू-कश्मीर को अशांति और आतंकवाद के युग में धकेलने की मांग का समर्थन करते हैं? क्या कांग्रेस कश्मीर के युवाओं की कीमत पर पाकिस्तान से बात करके फिर से अलगाववाद को बढ़ावा देने का समर्थन करती है?

सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस हो या पीडीपी या नेशनल कॉन्फ्रेंस, इन सभी ने जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद का ‘वेयरहाउस’ बना दिया था। बीजेपी की सरकार केंद्र में बनने के बाद यहां पर विकास कार्य करवाए गए। धारा 370 को खत्म कर यहां पर खुशहाली लाने का काम किया गया।

उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर साधा निशाना

वहीं, पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा से तो हम और कुछ उम्मीद नहीं करते हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस वो पार्टी है जिसने पिछले 35 सालों में हजारों कुर्बानियां दी हैं। हमें अगर पाकिस्तान के एजेंडा के मुताबिक चलना होता तो हम 35 साल पहले चलते तो शायद हमारे 4500 से ज्यादा साथी कुर्बान नहीं होते। अगर अमित शाह नेशनल कॉन्फ्रेंस की उन कुर्बानियों को नजरअंदाज करना चाहते हैं तो मैं उसमें क्या कर सकता हूं।

 

दूसरे राज्य से गौ-मांस की तस्करी कर रहे 2 आरोपी गिरफ्तार

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जशपुर। ग्राम केरसई थाना तपकरा के जागरूक जनता की सूचना पर गौ-मांस की तस्करी कर रहे आरोपीगण तौसिफ हुसैन एवं सद्दाम हुसैन को जशपुर पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ लिया है। आरोपियों से गौ-मांस 59 किलो एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटर सायकल को जप्त कर लिया गया है। पकड़े गए दोनों आरोपीगण ओड़िसा राज्य के निवासी है। पुलिस दोने आरोपी  को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

26 सितंबर के प्रातः 06 बजे केरसई की जागरूक जनता से थाना तपकरा को सूचना मिला कि ग्राम केरसई के पास रोड में मोटर सायकल क्र. ओ.डी. 23 ए/2318 में बनडेगा की ओर से तौसिफ हुसैन एवं सद्दाम हुसैन द्वारा गौ-मांस की तस्करी करते हुये आ रहे थे, जिन्हें ग्रामीणों द्वारा पकड़कर रखा गया है, इस सूचना पर थाना तपकरा से पुलिस स्टाॅफ द्वारा तत्काल मौके पर जाकर दोनों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने के उपरांत तलाषी लेने पर उनके रखे बोरे एवं प्लास्टिक की तलाषी लेने पर कुल 59 किलो ग्राम गौ-मांस मिलने पर उसे मोटरसायकल सहित जप्त कर थाना में लाया गया, पूछताछ में आरोपियों ने उक्त गौ-मांस को बनडेगा से कुनकुरी की ओर ले जाना बताये। दोनों आरोपियों का कृत्य छ.ग. कृषि पशु परि.अधि. 2004 की धारा 5, 6, 10 का अपराध घटित करना पाये जाने पर उन्हें 26 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी तपकरा उप निरीक्षक खोमराज ठाकुर, स.उ.नि. रामनाथ राम, आर. 529 पुनीत साय, आर. 349 अनिल पैंकरा एवं अन्य स्टाॅफ का सराहनीय योगदान रहा है।

पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह द्वारा कहा गया है कि – ”केरसई क्षेत्र के जागरूक ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस द्वारा दूसरे राज्य से गौ-मांस की तस्करी कर रहे 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अपने आस-पास किसी भी प्रकार की अवैधानिक कार्य हो रहे हैं तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को देवें।“

नागालैंड ने गौ ध्वज यात्रा पर प्रतिबंध लगाया -स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पूछा, मुझे क्यों रोका जा रहा है

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नगालैंड सरकार ने गाय के वध पर प्रतिबंध लगाने वाली गौ ध्वज स्थापना यात्रा को कई जिलों में संभावित सार्वजनिक शांति भंग होने के डर के कारण प्रतिबंधित कर दिया है। यह आदेश दीमापुर में पुलिस आयुक्त के कार्यालय द्वारा जारी किया गया है, जिसमें सार्वजनिक व्यवस्था में विघ्न की आशंका को प्रतिबंध का मुख्य कारण बताया गया है।

Nagaland नागालैंड : नागालैंड सरकार ने संभावित सार्वजनिक अशांति की आशंका के चलते कई जिलों में गौहत्या पर प्रतिबंध लगाने वाले कार्यक्रम गौ ध्वज यात्रा पर रोक लगा दी है।दीमापुर में पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आदेश में सार्वजनिक व्यवस्था में व्यवधान की आशंका को प्रतिबंध का प्राथमिक कारण बताया गया है।यह प्रतिबंध दीमापुर, चुमौकीडेमा और निउलैंड जिलों पर लागू है। यह राज्य सरकार के निर्देशों का पालन करता है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371 (ए) में निहित प्रावधानों पर आधारित है।दीमापुर के पुलिस आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट केविथुटो सोफी ने 26 सितंबर के आदेश पर हस्ताक्षर किए।गृह आयुक्त, पुलिस महानिदेशक और विभिन्न जिला अधिकारियों सहित स्थानीय अधिकारियों को प्रतिबंध लागू करने और आवश्यक कार्रवाई करने के लिए अधिसूचित किया गया है।

 

इससे पहले 25 सितंबर को सिक्किम में अपनी गौध्वज स्थापना भारत यात्रा के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राज्य सरकार द्वारा नागालैंड में प्रवेश न दिए जाने पर निराशा और हताशा व्यक्त की थी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सवाल किया, “मैंने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है और न ही किसी व्यक्ति के बारे में बुरा कहा है। मैं बस लोगों तक अपना संदेश पहुंचाने का मौका चाहता हूं। मुझे क्यों रोका जा रहा है?” उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे उनकी यात्रा में बाधा न डालें और उन्हें गोहत्या और संरक्षण के विवादास्पद मुद्दों पर खुली चर्चा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

नगा संगठन कर रहे हैं विरोध
कई नगा संगठनों ने 28 सितंबर को कोहिमा में होने वाली ‘गौ ध्वज यात्रा’ का जोरदार विरोध किया है। यह रैली देशव्यापी गाय के वध पर प्रतिबंध के समर्थन में आयोजित की जा रही है, लेकिन इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक सद्भावना के लिए खतरा बताया गया है। नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन (एनसीएफ) ने प्रस्तावित यात्रा की निंदा करते हुए कहा कि यह नगा लोगों की सामाजिक और सांस्कृतिक धारा का अपमान है। एनसीएफ के मुताबिक, यह घटना संविधान के अनुच्छेद 371A के तहत मिले अधिकारों को चुनौती देती है, जो नगा लोगों की परंपराओं और धार्मिक प्रथाओं की रक्षा करती है।

एनसीएफ ने जोर दिया कि नगालैंड विधान सभा और राज्य सरकार ने “गाय के वध पर प्रतिबंध अधिनियम 2019” को लागू नहीं करने का निर्णय लिया है, जो नगा परंपराओं की रक्षा करने वाले अनूठे प्रावधानों को दर्शाता है। एनसीएफ ने चेतावनी दी कि इन प्रावधानों के विपरीत कानून लागू करने का कोई भी प्रयास अस्वीकार्य है और ऐसे कदम क्षेत्र की शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की भावना को नुकसान पहुंचा सकता है।