Home Entertainment भारत की पहली अंडरवाटर एनिमेशन फिल्म ‘पानीलोक’

भारत की पहली अंडरवाटर एनिमेशन फिल्म ‘पानीलोक’

इंसान की गतिविधियों की वजह से होने वाले गंभीर पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में बात करते हुए, यह फ़िल्म एक छोटे बच्चे के खोजी दिमाग की सुंदरता को भी सामने लाती है क्योंकि यह बच्चा रोमांच की खोज करता है और पानी की दुनिया से परे क्या है, वह इस बात की तलाश करता है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि पर्यावरण प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर आधारित एक अंडरवाटर थीम पर बेस्ड फीचर फिल्म बन रही है। यह फिल्म हिंदी और अंग्रेजी में होगी और 2023 में दुनिया भर में रिलीज होगी। फ़िल्म से जुड़े अधिकतर लोग आसाम से सम्बन्ध रखते हैं। प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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परिचय एनिमेशन स्टूडियो द्वारा बनाई जा रही पहली अंडरवाटर एनिमेशन थीम वाली फीचर फिल्म ‘पानीलोक’ की 40 प्रतिशत शूटिंग कंप्लीट हो चुकी है। 
निर्माता निर्देशक अंकित दे, ईपी अनूप दे की इस फिल्म में विख्यात वाइस ओवर आर्टिस्ट सोनल कौशल व संजय केनी ने अपनी आवाज़ दी है। पिछले दिनों मुम्बई के मेट्रोपोलिस होटल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया जहां फ़िल्म के निर्माता निर्देशक अंकित दे, सह निर्देशक दीपशिखा देका, एग्जेक्युटिव प्रोड्यूसर अनूप दे, वाइस ओवर आर्टिस्ट सोनल कौशल और संजय केनी मौजूद थे।
 भारतीय एनीमेशन के विकास के बारे में बात करते हुए, परिचय एनिमेशन स्टूडियो के प्रमुख और फिल्म के निर्देशक अंकित दे ने बताया कि आज भारतीय निर्देशक और एनीमेशन हाउस विश्व स्तरीय फिल्मों का निर्माण करने में सक्षम हैं, ‘पानीलोक’ बनाने के पीछे का विचार यह दिखाना था कि यह संभव है कि भारत में भी विश्व स्तरीय एनिमेशन फिल्म बनाई जा सकती है। उन्होंने आगे कहा कि, “भारतीय एनिमेशन इंडस्ट्री वास्तव में पिछले दशक में काफी विकसित हुई है।
नई तकनीकों को अपनाने और रचनात्मक दिमाग के साथ काम करने की वजह से विश्व स्तर के एनीमेशन स्टूडियो की तुलना में हमारा सफर संभव हो पाया है।”    गुणवत्ता के मामले में पानीलोक अन्य भारतीय एनीमेशन फिल्मों की तुलना में बहुत बेहतर है। हम एक बेंचमार्क स्थापित करना चाहते हैं और इस इंडस्ट्री में एक क्रांति लाना चाहते हैं।
फिल्म की सह-निर्देशक दीपशिखा देका कहती हैं, “हमने इस फिल्म को इसलिए चुना क्योंकि यह कुछ ऐसा है जिसने हमारी दिलचस्पी तुरंत बढ़ा दी है।
मैं अपने लेखकों द्वारा दी गई कहानी से प्रभावित हूं क्योंकि इसने मुझे यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि अगर हमें अपने भारतीय एनिमेशन इंडस्ट्री के लिए कुछ बड़ा हासिल करना है तो हमें एक ऐसे कार्य को पूरा करने के लिए खुद को चुनौती देनी होगी जो हमारे लिए नया हो और जो भारतीय एनीमेशन इंडस्ट्री में एक क्रांति ला दे।
इंसान की गतिविधियों की वजह से होने वाले गंभीर पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में बात करते हुए, यह फ़िल्म एक छोटे बच्चे के खोजी दिमाग की सुंदरता को भी सामने लाती है क्योंकि यह बच्चा रोमांच की खोज करता है और पानी की दुनिया से परे क्या है, वह इस बात की तलाश करता है।
ऐसा पहली बार हो रहा है कि पर्यावरण प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर आधारित एक अंडरवाटर थीम पर बेस्ड फीचर फिल्म बन रही है। यह फिल्म हिंदी और अंग्रेजी में होगी और 2023 में दुनिया भर में रिलीज होगी। फ़िल्म से जुड़े अधिकतर लोग आसाम से सम्बन्ध रखते हैं।
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