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आख़िर पशुओं को आवारा छोड़ने वालों पर कैसे और कब होगी कार्यवाही, गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने से पहले उनका संरक्षण जरूरी।

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रिपोर्ट:सत्यपाल नेगी
रूद्रप्रयाग। देवभूमि उत्तराखंड में आय दिन जगह जगह गायों से लेकर अन्य पशुओं को आवारा छोड़कर उन्हे निराश्रित बनाने की संख्या बढ़ती ही जा रही है,ऐसे में पशुओं का सही संरक्षण कैसे होगा।एकदिवसीय जनपद भ्रमण पर पहुंचे उत्तराखंड राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं.राजेंद्र प्रसाद अंथवाल ने विकास भवन सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की तथा जनपद में निराश्रित गौ-पशुओं के लिए बनाए जा रहे गोसदन एवं की जा रही व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली।
बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गौ-सेवा ही भगवान की सेवा है।वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली है जिसे गो सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है।उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म में गाय की सेवा से मोक्ष प्राप्त होता है इसलिए सभी को संपूर्ण सेवा भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए निराश्रित गौ की सेवा करनी चाहिए।उन्होंने पशुपालन विभाग,नगर पालिका व नगर पंचायत के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनपद में निराश्रित गौ एवं निराश्रित पशुओं के संरक्षण के लिए गौ सदन बनाए जाने हेतु स्थान चिन्हित करने के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए तथा जनपद के सभी स्थानों में निराश्रित पशुओं को चिन्हित करते हुए उनके लिए छह माह के भीतर सभी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी निराश्रित गाय यदि घायल हो जाती है तो उसके लिए उचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए।इसके लिए पशु एंबुलेंस की भी व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने कहा कि जो भी निराश्रित गाय का निधन होता है तो उचित ढंग से उसे दफनाने की कार्यवाही की जाए तथा इसकी वीडियो व फोटोग्राफी कराने के भी निर्देश दिए।उन्होंने गौ सेवा से जुड़े सभी प्रतिनिधियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में निराश्रित पशुओं पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है,उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा किसी पशु के साथ किसी भी तरह की पशु क्रूरता की जाती है तो उसके विरुद्ध पशु-क्रूरता अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार ने जनपद आगमन पर गौसेवा आयोग के अध्यक्ष का स्वागत करते हुए कहा कि उनके द्वारा बैठक में जो भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं उनका संबंधित अधिकारियों से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।बैठक में सदस्य राज्य गौसेवा आयोग धर्मवीर सिंह,अजय सेमवाल,प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.दीपमणी गुप्ता,मुख्य शिक्षा अधिकारी हेमलता भट्ट,जिला पंचायत राज अधिकारी प्रेम सिंह रावत,पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध कुमार घिल्डियाल,अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत तिलवाड़ा वासुदेव डंगवाल,सहायक अभियोजन अधिकारी प्रमोद चंद्र आर्य,वन क्षेत्राधिकारी संजय कुमार,डाॅ.अमित सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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