‘मिट्टी बचाओ आंदोलन’ कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी- ‘पर्यावरण संरक्षण के लिए कई प्रयास कर रहा है भारत’

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विज्ञान भवन में ‘मिट्टी बचाओ आंदोलन’ पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम ने कहा आप सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं। सद्गुरु और ईशा फाउंडेशन आज बधाई के पात्र हैं, मार्च में इनकी संस्था ने मिट्टी बचाओ आंदोलन की शुरुआत की थी और 27 देशों से होते हुए उनकी यात्रा 75वें दिन यहां पहुंची। वहीं, पीएम मोदी आज वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए वैश्विक पहल ‘लाइफस्टाइल फार द एनवायरनमेंट (LiFE) मूवमेंट’ का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस कार्यक्रम में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष बिल गेट्स भी शामिल होंगे। वहीं, गुजरात के सूरत के पांडेसरा इलाके में बीती रात एक कपड़ा मिल में आग लग गई। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर हैं। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर बंजर जमीन को रिस्टोर करने पर भी काम कर रहा है। पर्यावरण की रक्षा के लिए आज भारत नई नवीनता और प्रो पर्यावरण प्रौद्योगिकी पर लगातार जोर दे रहा है।

पीएम मोदी ने कहा हमने अपनी स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता का 40 परसेंट गैर-जीवाश्म-ईंधन आधारित स्रोत से हासिल करने का लक्ष्य तय किया था। ये लक्ष्य भारत ने तय समय से 9 साल पहले ही हासिल कर लिया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा भारत आज जैव विविधता और वन्यजीव से जुड़ी जिन नीतियों पर चल रहा है, उसने वन्य-जीवों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि की है। आज चाहे बाघ, शेर, तेंदुआ या फिर हाथी हो सभी की संख्या देश में बढ़ रही है। आज भारत ने पेट्रोल में 10 प्रतिशत इथेनाल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है। आपको ये जानकर भी गर्व की अनुभूति होगी, कि भारत इस लक्ष्य पर तय समय से 5 महीने पहले पहुंच गया है।

नैचुरल फार्मिंग का एक विशाल कारिडोर बनाएंगे- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा इस साल के बजट में हमने तय किया है कि गंगा के किनारे बसे गांवों में नैचुरल फार्मिंग को प्रोत्साहित करेंगे, नैचुरल फार्मिंग का एक विशाल कारिडोर बनाएंगे। इससे हमारे खेत तो कैमिकल फ्री होंगे ही, नमामि गंगे अभियान को भी नया बल मिलेगा। पीएम ने कहा हम कैच द रेन जैसे अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण से देश के जन-जन को जोड़ रहे हैं। इस साल मार्च में ही देश में 13 बड़ी नदियों के संरक्षण का अभियान भी शुरू हुआ है। इसमें पानी में प्रदूषण कम करने के साथ-साथ नदियों के किनारे वन लगाने का भी काम किया जा रहा है। पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि पहले हमारे देश के किसान के पास इस जानकारी का अभाव था कि उसकी मिट्टी किस प्रकार की है, उसकी मिट्टी में कौन सी कमी है, कितनी कमी है। इस समस्या को दूर करने के लिए देश में किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड देने का बहुत बड़ा अभियान चलाया गया।
उन्होंने कहा मिट्टी को बचाने के लिए हमने पांच प्रमुख बातों पर फोकस किया है पहला- मिट्टी को केमिकल फ्री कैसे बनाएं। दूसरा- मिट्टी में जो जीव रहते हैं उन्हें कैसे बचाएं। तीसरा- मिट्टी की नमी को कैसे बनाए रखें, उस तक जल की उपलब्धता कैसे बढ़ाएं। चौथा- भूजल कम होने की वजह से मिट्टी को जो नुकसान हो रहा है, उसे कैसे दूर करें और पांचवा, वनों का दायरा कम होने से मिट्टी का जो लगातार क्षरण हो रहा है, उसे कैसे रोकें। 

पीएम मोदी ने कहा मुझे संतोष है कि देश में पिछले 8 साल से जो योजनाएं चल रही है, सभी में किसी न किसी रूप से पर्यावरण संरक्षण का आग्रह है। पर्यावरण रक्षा के भारत के प्रयास बहुआयामी रहे हैं। भारत ये प्रयास तब कर रहा है जब जलवायु परिवर्तन में भारत की भूमिका न के बराबर है। पीएम ने कहा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत ने CDRI और इंटरनेशनल सोलर अलायंस के निर्माण का नेतृत्व किया है। पिछले वर्ष भारत ने ये भी संकल्प लिया है कि भारत 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य हासिल करेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विज्ञान भवन में मिट्टी बचाओ आंदोलन पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम ने कहा आप सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं। सद्गुरु और ईशा फाउंडेशन आज बधाई के पात्र हैं, मार्च में इनकी संस्था ने मिट्टी बचाओ आंदोलन की शुरुआत की थी और 27 देशों से होते हुए उनकी यात्रा 75वें दिन यहां पहुंची।

 

 

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