New Delhi – राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने  पुणे में सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज(एएफएमसी) को प्रेसिडेंट कलर प्रदान किया। उन्होंने कम्प्यूटेशनल मेडिसिन के लिए सशस्त्र बल केंद्र ‘प्रज्‍ना’ का भी वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि एएफएमसी ने चिकित्सा शिक्षा में उच्चतम मानक वाले संस्थान के रूप में प्रतिष्‍ठा प्राप्‍त की है। इस संस्थान के स्नातकों ने युद्ध, उग्रवाद विरोधी अभियानों, प्राकृतिक आपदाओं और महामारी का सामना करने में, देश के भीतर और हमारी राष्ट्रीय सीमाओं के बाहर अपनी समर्पित सेवा के माध्यम से देश को गौरवान्वित किया है।
राष्ट्रपति को यह जानकर प्रसन्‍नता हुई कि एएफएमसी से स्नातक करने वाली कई महिला कैडेटों ने सशस्त्र बल चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उच्च पदों पर कार्य किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनसे प्रेरणा लेकर और अधिक महिलाएं सशस्त्र बलों में अपना करियर चुनेंगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज हम चिकित्सा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रिसिजन मेडिसिन, 3डी प्रिंटिंग, टेलीमेडिसिन और अन्य प्रौद्योगिकियों का उपयोग देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएँ सैनिकों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य और युद्ध के लिए सदैव तैयार रखने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इसलिए, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी तीनों सेनाओं के सभी कर्मियों का चिकित्सा उपचार उच्चतम स्तर का हो। उन्होंने एएफएमसी की टीम से चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान पर बल देने और नवीनतम प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि एएफएमसी की टीम अपने सभी कार्यों में उत्कृष्टता के लिए प्रयत्‍न करती रहेगी।
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