Haryana Assembly Election Results 2024 -हरियाणा विधानसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी का जादू
नई दिल्ली: हरियाणा विधानसभा चुनाव का परिणाम करीब-करीब साफ हो चुका है. राज्य में बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है. यह पहली बार होगा कि राज्य में कोई पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी. हरियाणा के इस चुनाव परिणाम से यह पता चलता है कि हरियाणा में इस चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी का जादू किस कदर सिर चढ़कर बोल रहा है. हरियाणा चुनाव के लिए बीजेपी ने जो रणनीति बनाई थी, लगता है कि उसकी वह रणनीति काम कर गई है और राज्य में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनाने जा रही है. आइए देखते हैं कि हरियाणा में बीजेपी ने यह कारनामा कैसे कर दिखाया.
बीजेपी के साथ कौन सी जातियां खड़ी हैं
बीजेपी 2014 में पहली बार हरियाणा की सत्ता पर काबिज हुई.लोगों को उम्मीद थी कि किसी जाट को ही मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलेगी, क्योंकि पिछले कई दशक से हरियाणा का मुख्यमंत्री जाट ही बन रहा था, भले ही वो किसी भी दल का हो.लेकिन बीजेपी ने पंजाबी समाज के मनोहर लाल खट्टर को सीएम की कुर्सी पर बिठा दिया. पहली बार विधायक बने खट्टर को पीएम नरेंद्र मोदी की पसंद बताया गया.खट्टर को सीएम बनाने के बाद ही यह चर्चा चल उठी कि बीजेपी जाट राजनीति को खत्म करने की कोशिश कर रही है. बीजेपी से जाटों की नाराजगी यहीं से शुरू हुई. बीजेपी कभी जाटों को मनाने की कोशिश करती हुई नजर नहीं आई.उसने पंजाबी, ओबीसी और दलित वोटों को एकजुट रखने की कोशिशें जारी रखीं.मनोहर लाल खट्टर को लेकर लोगों में नाराजगी नजर आई तो बीजेपी ने उन्हें हटाकर नायब सिंह सैनी को सीएम की कुर्सी पर बैठा दिया. सैनी की माली जाति हरियाणा की बड़ी और ताकतवर ओबीसी जाति है.यानी कि बीजेपी की गैर जाट जातियों को जोड़ने का फार्मूला एक बार फिर काम कर गया है.हरियाणा में गैर जाट जातियां आज भी बीजेपी के साथ मजबूती से खड़ी नजर आ रही हैं.
क्या जाटों ने बीजेपी का समर्थन किया है
ऐसा नहीं है कि जाट बीजेपी से नाराज ही हैं. हम यह इसलिए कह रहे हैं कि इस बार के चुनाव में बीजेपी ने जाट बहुल सीटों पर भी अच्छा प्रदर्शन किया है.बीजेपी ने 2019 के चुनाव में 30 फीसद जाट बहुल सीटें जीत ली थीं. वहीं 2024 के चुनाव में उसने 51 फीसदी जाट बहुल सीटों पर बढ़त बनाई है. इसका मतलब यह हुआ कि जाट बीजेपी से बहुत नाराज नहीं हैं. हालांकि हरियाणा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस को मिले वोटों का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है. चुनाव आयोग के मुताबिक बीजेपी ने अभी तक 39.98 फीसदी और कांग्रेस ने 39.13 फीसदी वोट हासिल किए हैं, यानी की दोनों के वोट शेयर में मात्र 0.85 फीसदी की ही अंतर है.
क्या अभी भी मिर्चपुर कांड ओर गोहाना कांड से डरे हुए हैं दलित
इस साल के चुनाव प्रचार में बीजेपी मिर्चपुर कांड ओर गोहाना कांड को जोर-शोर से उठाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन दोनों कांडों का इस्तेमाल अपने चुनाव भाषणों में किया.दरअसल मिर्चपुर हरियाणा के हिसार जिले का एक गांव है. वहां 21 अप्रैल 2010 को वाल्मीकि समुदाय के लोगों के दर्जनों घर को जमींदोज कर दिया गया था.प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था हमलावर भीड़ की ओर ले लगाई गई आग में एक बुजुर्ग और उनकी विकलांग बेटी की जलकर मौत हो गई थी. इसका आरोप जाट जाति के लोगों पर लगा था. यह मामला अदालत तक पहुंचा था.अदालत ने इस मामले के 20 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. अदालत का फैसला आने से पहले ही मिर्चपुर गांव से 125 से अधिक दलित परिवार पलायन कर गए. वो आज तक वापस नहीं लौटे हैं. वहीं सोनीपत के गोहाना में 2005 में दलितों के 50 घर जला दिए गए थे. इसकी शुरुआत तब हुई जब गांव के एक दलित पर ऊंची जाति के व्यक्ति की हत्या का आरोप लगा.ये दोनों कांड जब हरियाणा में हुए तो वहां बीजेपी की सरकार थी. और भूपेंद्र सिंह हुड्डा वहां के मुख्यमंत्री थे. हुड्डा पर इन दोनों कांड के आरोपियों के साथ नरमी बरतने के आरोप लगे थे.
भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप क्या थे
बीजेपी ने मिर्चपुर कांड ओर गोहाना कांड उठाकर दलितों के मन में कांग्रेस और भूपेंद्र सिंह हुड्डा को लेकर डर बिठाने की कोशिश की. वह इसमें कामयाब भी हो गई. चुनाव की मतगणना के रूझानों को देखते हुए लगता है कि दलितों ने बड़ी संख्या में बीजेपी को वोट किया है. इसका परिणाम यह नजर आ रहा है कि 2019 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 29 फीसदी सीटें जीतने वाली बीजेपी ने 2024 में 52 फीसदी एससी सीटों पर बढ़त बनाई है.
गुजरात के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की
Delhi गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया:
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया है:
गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।
Chief Minister of Gujarat, Shri @Bhupendrapbjp, met Prime Minister @narendramodi. pic.twitter.com/GQbLFbsnvN
— PMO India (@PMOIndia) October 8, 2024
Haryana की जनता ने कांग्रेस को नकारा , भाजपा को 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा में लगभग 5o सीटें जीतने की संभावना
हरियाणा विधानसभा चुनाव ने राजनीतिक पूर्वानुमानों को झुठलाते हुए एक आश्चर्यजनक परिणाम दिया है। रुझानों के अनुसार, सत्तारूढ़ भाजपा को 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा में लगभग 5o सीटें जीतने की संभावना है। भाजपा ने इसको लेकर जश्न मनाना शुरू कर दिया है। केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर का भी बयान सामने आया है। मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि मुद्दा (चुनाव का) यह था कि हमने हरियाणा के पहलवानों, किसानों, युवाओं के लिए जो काम किया है, वह कांग्रेस कभी नहीं कर सकती।
खट्टर ने आगे कहा कि मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि इस जीत का श्रेय हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं और राज्य के लोगों को जाता है। हमारे सीएम ने पहले ही कहा था ‘एक दिन आएगा जब जनता देगी जवाब और कांग्रेस एक ही बात कहेगी कि ईवीएम खराब है। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस पार्टी को नकार दिया है। जनता ने यह संदेश दिया है कि पीएम मोदी की नीतियों का राज्य की जनता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। हरियाणा में यह रिकॉर्ड है कि कोई पार्टी तीसरी बार सत्ता में आई है।
नायब सिंह सैनी ने अपने बयान में कहा कि मैं लाडवा की जनता और हरियाणा की 2.80 करोड़ आबादी को धन्यवाद देना चाहता हूं। इस जीत का श्रेय पीएम मोदी को जाता है। हरियाणा की जनता ने पीएम मोदी की नीतियों पर मुहर लगा दी है। सैनी ने कहा कि मैं प्रमाणपत्र लेने जाऊंगा और फिर ज्योतिसर मंदिर में भगवान कृष्ण की पूजा करूंगा। हरियाणा की 2.80 करोड़ जनता ने इस सरकार को चुना है और हम पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ेंगे। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने साफ तौर पर कह दिया है कि एक मोदी सब पर भारी हैं। उन्होंने कहा कि हम ‘एक मोदी सब पर भारी’ के नतीजे देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोगों ने उन्हें (राहुल गांधी) सबक सिखा दिया है।’ उन्हें राहुल गांधी के बयानों पर नहीं बल्कि पीएम मोदी पर भरोसा है। सभी किसान और पहलवान हमारे साथ हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि हमने जम्मू-कश्मीर में भी कांग्रेस पार्टी को हराया है। वे भाजपा के सामने कहीं नहीं टिकते। उन्होंने (राहुल गांधी) फारूक अब्दुल्ला का समर्थन किया। बवानी खेड़ा विधानसभा सीट से बीजेपी के प्रमुख उम्मीदवार कपूर सिंह ने कहा कि मैं जीत गया हूं क्योंकि लोगों ने मुझे अपना समर्थन दिया है। लोगों ने साबित कर दिया है कि जो काम करता है वह कभी नहीं हारता। उन्होंने कहा कि मैं लोगों के बीच रहा हूं…लोगों ने मुझे अपना आशीर्वाद दिया है। जैसे ही भाजपा की सरकार बनी जनता ने केंद्र में तीसरी बार, हरियाणा में भी तीसरी बार भाजपा की सरकार बनाने का मन बना लिया है।
महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक रद्द ,विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज
हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजे साफ हो चुके हैं। अब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। महा विकास अघाड़ी (MVA) में कांग्रेस ने मुंबई की 36 विधानसभा सीटों में से 18 सीटों की मांग की है। मुंबई में कुल 36 विधानसभा सीटें हैं, जिसमें से 22 सीटों पर चर्चा हो चुकी है, बाकी 14 सीटों पर चर्चा होनी बाकी है। मुंबई की 22 विधानसभा सीटों में से 12 सीटें शिवसेना, 8 सीटें कांग्रेस, 1 सीट समाजवादी पार्टी और 1 सीट एनसीपी (शरद पवार गुट) गुट लड़ेगी। बाकी मुंबई की 14 विधानसभा सीटों पर चर्चा बाकी है, लेकिन मुंबई की 5 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जिस पर ना ही शिवसेना, ना कांग्रेस और ना एनसीपी दावा कर रही है।
इससे पहले मुंबई के ट्राइडेंट होटल में सोमवार को सीट बंटवारे को लेकर महा विकास अघाड़ी (MVA) के नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों में से करीब 180-90 सीटों पर तीनों पार्टियों में सहमति बनी थी। हालांकि, अभी भी करीब 100 सीटों पर बात अटकी है। जिन सीटों पर बात अटकी है उनमें विदर्भ, मुंबई कोंकण रीजन, मराठवाड़ा और कुछ सीटें उत्तर महाराष्ट्र से हैं। सीट शेयरिंग को लेकर आज भी महा विकास आघाड़ी की बैठक हो रही है। सोमवार को बैठक के बाद महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि सकारात्मक चर्चा हुई है और MVA का प्रयास रहेगा कि दशहरे के बाद सीट बंटवारे को लेकर कुछ सीटों का ऐलान किया जाए।
महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक रद्द
वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीमार होने की वजह से मुंबई के सह्याद्री राज्य अतिथि गृह में दोपहर बाद होने वाली महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक रद्द कर दी गई। इसके अतिरिक्त, शिंदे की सोलापुर की योजनाबद्ध यात्रा, जहां वह लड़की बहिन कार्यक्रम में भाग लेने वाले थे, को भी रद्द कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे की बीमारी पिछले कुछ दिनों में जागरण सहित विभिन्न नवरात्रि कार्यक्रमों में भाग लेने से हुई अत्यधिक थकान के कारण हुई है। उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है और वह फिलहाल अपने आधिकारिक आवास वर्षा में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।
जेके टायर ने अपने ईवी बेड़े के लिए वर्टेलो के साथ साझेदारी की
पंजाब में एक और गाय की मौत, भड़के गो भक्त, पढ़ें पूरा मामला
रूपनगर : रूपनगर में गौहत्या के मामले में एक और गाय की मौत हो गई, जिससे यह मामला और भी पेचीदा होता जा रहा है। इस मामले को लेकर गौभक्तों में पहले से ही काफी गुस्सा है और अब दूसरी गाय की मौत के बाद लोगों में गुस्सा और भड़क गया है।
गौरतलब है कि करीब दस दिन पहले एक स्थानीय गाय डेयरी पर कुछ लोगों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया था, जिसमें छह गायें गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, जिनमें से एक गाय की मौत हो गई थी और अब दूसरी गाय की आज मौत हो गई, जो पिछले दस दिनों से उपचाराधीन थी। गौहत्या के मुद्दे को लेकर गौभक्तों में भारी रोष था, इसी सिलसिले में सनातन धर्म सभा ने व्यापार मंडल के सहयोग से रूपनगर बंद का आह्वान किया था, जो पूरी तरह सफल रहा।
इसके बाद गौ रक्षा दल ने सिटी पुलिस स्टेशन रूपनगर का घेराव किया और धरना दिया। अब पुलिस को एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया गया, लेकिन इस बीच एक और गाय की मौत हो गई। इस संबंध में सनातन धर्म सभा द्वारा प्रत्येक मंगलवार को रात्रि 8 बजे श्री कृष्ण मंदिर गांधी चौक, रूपनगर में एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई है। सनातन धर्म सभा के सचिव अनुप गुप्ता ने कहा कि गौहत्या का मुद्दा उठाया जाएगा इस बैठक में चर्चा की जाएगी। वहीं आंदोलन को तेज करने के लिए अन्य धार्मिक व सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा।
जिला गौ सेवा समिति का सम्मेलन, मंत्री जोराराम बोले- लाभ देककर सरकार गोपालकों को दे रही है संबल
झुंझुनू खेमी शक्ति मंदिर परिसर में झुंझुनू जिला गौ सेवा समिति के जिला स्तरीय प्रतिनिधि समेलन में भाग लिया। कैबिनेट मंत्री ने इस दौरान गोशाला के संचालन,अनुदान, भूमि, चारा अन्य प्रशासनिक समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं से गोपालकों को सहायता और संबल प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार गोशालाओं को और भी सुविधाजनक बनाने की कार्य योजना बनाकर कार्य कर रही है इस दौरान रमाकान्त टीबड़ा मुंबई,एडीएम अजय कुमार आर्य, बनवारीलाल सैनी,महेंद्र चंदवा,प्रांत प्रचारक बाबूलाल, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ.सुरेश सूरा, बजरंगलाल सोलानावाला जयपुर,राजकुमार टीबड़ा, श्यामसुन्दर सौंथलिया मुम्बई, रतनलाल जाखोदिया दिल्ली,वी. एन. शर्मा चैन्नई, रामप्रकाश बिरमीवाला बिसाऊ की उपस्थिति में गौ माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। स्वागत उदबोधन समिति अध्यक्ष ताराचंद गुप्ता एवं कार्यकारी अध्यक्ष निरंजन सिंह जानू ने दिया। कार्यक्रम का संचालन कैलाश व्यास लिखवा ने किया।
इस दौरान जिले की सर्वश्रेष्ठ तीन गोशालाओं की घोषणा की गई , जिसमें प्रथम जमवाय माता गौशाला भौड़की, द्वितीय श्री गोपाल गौशाला झुन्झनू व तृतीय पिंजरापोल गौशाला बिसाऊ रही। सांत्वना पुरस्कार की हकदार पिलानी गौशाला रही, जिसके प्रतिनिधियों को 20 अक्टूबर 2024 को पिलानी गौशाला में पिलानी के प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा पारितोषिक प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में जिला समिति द्वारा प्रकाशित कामधेनु स्मारिका का भी विमोचन भी किया गया, जिसमें पूरे जिले की सभी गौशालाओं का विवरण प्रकाशित किया गया है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ हत्या को लेकर पीएम मोदी पर सवाल उठाए
रायपुर : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ी बात कही है. अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ हत्या को लेकर पीएम मोदी पर सवाल उठाए हैं. आपको बता दें कि अविमुक्तेश्वरानंद देश में गौ हत्या के खिलाफ मुहिम छेड़े हुए हैं. शंकराचार्य सभी राज्यों में गौ ध्वज स्थापना करने के लिए भारत यात्रा कर रहे हैं. अब तक शंकराचार्य ने 8 राज्यों की यात्रा की है. जिसमें चार राज्यों में उन्हें एंट्री दी गई है. चार राज्यों में उन्हें घुसने नहीं दिया गया. इसके साथ ही अविमुक्तेश्वरानंद ने महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता मानने से इंकार किया है.
पीएम मोदी को शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती बता चुके हैं एजेंट : इससे पहले अंबिकापुर में शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने मोदी को गौ हत्या का एजेंट बताया है. इस सवाल के जवाब में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि साल 2014 में हमने मोदी जी से आशा की थी कि यह व्यक्ति देश में गौ हत्या बंद करेगा. यही सोचकर हमने वोट दिया था और हमें आशा भी थी. लेकिन बिल्कुल भी ऐसा नहीं हुआ.
साल 2014 में हमने मोदी को यही सोचकर आशा करते हुए वोट दिया था कि यह देश में गौ हत्या बंद कर देगा. लेकिन जितनी बड़ी आशा हमने की थी इतनी बड़ी निराशा भी हमें हाथ लगी है. जितने ज्यादा ऊपर हम पहुंचे थे उतने ही हमें नीचे पहुंचना पड़ा. मोदी जी से हम कम आशा रखते तो कम दुख होता. उन्होंने बड़ी आशा जताई थी इसलिए हमें बड़ा दुख हुआ है: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
गौ हत्याओं पर प्रतिबंध क्यों नहीं ?: शंकराचार्य ने कहा कि जब देश में एक टैक्स, वन नेशन, एक इलेक्शन की बात होती है तो फिर एक देश में गाय के लिए एक कानून होना चाहिए. गौ हत्या बंद होनी चाहिए. लेकिन कुछ राज्यों में गौ हत्या पर प्रतिबंध लगा हुआ है और कुछ राज्यों में आज भी लगातार गौ हत्या हो रही है. ऐसे में पूरे देश में गौ हत्या बंद हो इसके लिए एक कानून होना चाहिए. इसी को लेकर हम पूरे देश में गौ ध्वज स्थापना के तहत भारत यात्रा कर रहे हैं.लेकिन चार राज्यों में एंट्री नहीं मिली.
हमारी यात्रा को लेकर राज्य की सरकारें और वहां विरोध करने वाले लोगों को हमने धन्यवाद देते हुए कहा कि विरोध के कारण हमारी बात वहां तक पहुंच गई. भारत देश की आर्थिक राजधानी के रूप में अपनी पहचान रखने वाला मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने हमें आमंत्रित किया था. वहां के मुख्यमंत्री ने कहा कि हम गाय को राष्ट्र माता तो घोषित नहीं कर सकते लेकिन हमारे राज्य का नाम महाराष्ट्र है इसलिए हम गाय को महाराष्ट्र माता घोषित करते हैं: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
छत्तीसगढ़ के नेताओं से अपील : छत्तीसगढ़ को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि यहां के विधायक और सांसद गौ माता को लेकर काफी गंभीर हैं. हम समझते हैं कि छत्तीसगढ़ में गाय को छत्तीसगढ़ महतारी का दर्जा देगा. शंकराचार्य ने छत्तीसगढ़ सरकार से अपेक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ी में कहा कि मुझे छत्तीसगढ़ की सरकार से काफी उम्मीद है और विश्वास भी है कि छत्तीसगढ़ में भी गौ माता को दर्जा मिलेगा. उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से अपेक्षा की और कहा कि कौशल्या मां के राज्य में गाय को भी राज माता का दर्जा मिलेगा.
पाकिस्तान के राष्ट्रपिता मोहम्मद अली जिन्ना बने क्योंकि पाकिस्तान नया जन्मा था. लोग अफवाह फैलाते हैं कि मोहनदास करमचंद गांधी राष्ट्रपिता हैं. यदि राष्ट्रपिता हैं तो बताओं कि उन्होंने किस राष्ट्र को जन्म दिया. भारत तो पहले से था, भारत को किसी ने नहीं जन्मा. कोई भी यहां राष्ट्रपिता के पर पद प्रतिष्ठित नहीं किया जा सकता.: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
“गाय को सिर्फ चाहिए सम्मान” : शंकराचार्य ने कहा कि गाय कुछ नहीं चाहती लेकिन गाय इतना जरूर चाहती है कि उसका सम्मान हो. गाय को अनुदान नहीं चाहिए. कई राज्यों की सरकारी गाय को अनुदान देती है. गाय को अनुदान की जरूरत नहीं है बल्कि सम्मान की जरूरत है. अगर आप गाय को सम्मान नहीं देते हैं तो हम गाय के भक्त हैं और हम गाय का सम्मान करेंगे. उन्होंने सरकारों से कहा है कि गौ माता को पशु की सूची से हटाकर उनका सम्मान सुनिश्चित करें. यदि वह ऐसा करते हैं तो स्वागत है. वे गौ की सेवा करते हैं तो स्वागत है. अगर वह नहीं करते हैं तो कोई बात नहीं वह हम करेंगे.











