Home Blog Page 91

‘ गऊ भारत भारती ‘ का अहमदाबाद संस्करण जल्द ही शुरू होगा

0

मुंबई – राष्ट्रीय समाचारपत्र ” गऊ भारत भारती ” भारत का ऐसा पहला प्रकाशन है जिसे गौ वंश पर आधारित प्रथम समाचारपत्र के तौर पर जाना जाता है। ” गऊ भारत भारती ” गौ वंश के संरक्षण व संवर्धन से जुड़े व्यक्तियों व संस्थाओं की सक्रियताओं व गतिविधियों को प्रमुखता से प्रकाशित करता आ रहा है। इन १० वर्षो में ” गऊ भारत भारती ” अपने छोटे प्रकाशन समूह और सीमित संसाधनों के बावजूद गौवंश को ले कर अप्रतिम व अनुपम सजगता के साथ गौवंश और पर्यावरण बचाओ अभियान को सफलता पूर्वक लोगो तक पहुँचने में सफल रहा है।

अब इसका प्रकाशन डीजिटल और प्रिंट संस्करण जल्द ही अहमदाबाद से शुरू होने जा रहा है। गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल से प्रकाशन ने संस्करण के विमोचन के लिए तथा गौ भक्तों के सम्मान के लिए समय के लिए अनुरोध किया है संभवता जल्द ही गऊ भारत भारती को माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल का आशीर्वाद मिलेगा और समाचारपत्र का प्रकाशन शुरू हो सकता है।

श्री भूपेंद्र भाई पटेल खुद एक गौ भक्त है अभी हाल ही में उन्होंने अमरेली जिले का दौरा किया जहां मुख्यमंत्री ने सावरकुंडला पंथक में गौ सेवा के लिए प्रसिद्ध स्थान शिव दरबार आश्रम में जा कर श्रद्धेय उषा मैया को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। और गौ सेवा की। बता दे कि भूपेंद्र पटेल सरकार गुजरात में गौवंश पर बहुत अच्छा काम कर रही है , खुद मुख्यमंत्री ने शपथ से पहले गौमाता की पूजा कर के शपथ लिया था।

ज्ञात हो कि ” गऊ भारत भारती ” अपने माध्यम से गौ , गंगा , गीता , गायत्री के मूल मन्त्र को आत्मसात करते हुए इस विषय को जीवित रखने में तत्परता के साथ संघर्ष करते हुए देश में गौ वंश और पर्यावरण के साथ साथ हिन्दू सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार में मुख्य भूमिका निभाते हुए भारत के जनमानस में जागरूकता की ज्वाला जगाते हुए माँ भारती की सेवा कर रहा है।
समाचारपत्र के संपादक और प्रकाशक संजय शर्मा ने बताया कि , पिछले वर्ष १२ से १८ अक्टूबर तक भारत का पहला ” गऊ ग्राम महोत्सव ” – The Festival Of Cows Economy – काऊ बेस इकोनॉमी – अर्थवयवस्था ( Economy ) का पहला Cow Product Exhibition का आयोजन कर प्रकाशन समूह द्वारा एक मंच पर भारत के गौपालकों , किसानों को लाने और काऊ बेस इकोनॉमी के महत्व को बताने का हमारा प्रयास रहा। जिसमे भारत सरकार Animal Welfare Board of India , राष्ट्रीय कामधेनु आयोग , आरआर ग्लोबल , तथा महाराष्ट्र सरकार का भरपूर योगदान रहा।
उन्होंने आगे कहा कि – ” आप को मुझे यह बताते हुए बड़ा हर्ष हो रहा है कि ” गऊ ग्राम महोत्सव ” – The Festival Of Cows Economy – काऊ बेस इकोनॉमी – अर्थवयवस्था ( Economy ) का पहला Cow Product Exhibition के कार्यक्रम का यह परिणाम रहा कि इस से सम्बंधित गैर सरकारी संस्थान इस विषय पर अलग अलग प्रदेशो में कार्यक्रम कर रहे है और गौ आधारित भारतीय अर्थवयवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे है।
आज ”गऊ भारत भारती ” अपने सिमित संसाधनों के बावज़ूद भी गौ वंश से उत्पन्न काऊ बेस इकोनॉमी – अर्थवयवस्था ( Economy ) को ले कर बड़े पैमाने पर प्रचार -प्रसार का काम कर रहा है।
आप सभी के आशीर्वाद से अमेरिका, इंगलैंड, डेनमार्क, नार्वे, न्युजीलैंड तक इसकी ख्याति पहुंची। टाइम्स आफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस, स्क्रोल, द वायस, मलयाला मनोरमा, मुंबई मिरर, ओपेन, रिपब्लिक वर्ल्ड, महासंवाद, लोकमत टाइम्स, दैनिक भास्कर, लोकसत्ता, मायापुरी आदि पत्र- पत्रिकाओं में गऊ भारत भारती को अभूतपूर्व कवरेज मिली है ।
गऊ भारत भारती मेरे लिए एक समाचार पत्र की बजाय देश सेवा का साधन है। कोरोना काल में गऊ भारत भारती ने माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा स्थापित राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के साथ मिलकर एक राष्ट्रीय आनलाइन सेमिनार का आयोजन किया था जिसमें देश भर की 500 से ज्यादा गौशालाओं के संचालक सहभागी हुए थे। उस सेमिनार में तत्कालीन मंत्री गण गिरिराज सिंह, प्रताप सारंगी, संजीव बालियान, प्रमुख सचिव भारत सरकार अतुल चतुर्वेदी ,उपसचिव ओपी चौधरी के साथ राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के अजय भट्ट ने भी हिस्सा लिया और अमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया।  अब अहमदाबाद के बाद अन्य राज्यों में भी समाचारपत्र का प्रकाशन किया जायेगा जिस से लोगो में गौ माता के प्रति जनजागृति लाई जा सके।

 

फिल्म लेखक और निर्देशक नीरज सिंह बने उत्तर भारतीय विकास सेना के राष्ट्रीय सचिव

0

मुंबई। बॉलीवुड के लेखक निर्देशक नीरज सिंह ने सोमवार को उत्तर भारतीय विकास सेना की सदस्यता ग्रहण कर ली है। आगरा में जन्मे नीरज सिंह ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुनील शुक्ला के साथ एक विशेष समारोह में इस अवसर पर शामिल होकर पार्टी की आईटी शाखा का दायित्व संभालने की जिम्मेदारी ली है। उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय सचिव (आईटी सेल) नियुक्त किया गया है, और वह पार्टी के डिजिटल अभियानों के नेतृत्व में सहायक होंगे। इस नई भूमिका में नीरज का मुख्य उद्देश्य उत्तर भारतीय विकास सेना की विचारधारा को लोगों तक पहुँचाना और पार्टी की डिजिटल उपस्थिति को मजबूत बनाना होगा।

नीरज सिंह भारतीय फिल्म उद्योग में एक चर्चित लेखक और निर्देशक हैं, जिन्होंने कई शॉर्ट फिल्मों के अलावा सावधान इंडिया और क्राइम अलर्ट जैसे लोकप्रिय टेलीविजन शो में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी चर्चित फिल्म “बिकरू कानपुर गैंगस्टर” गैंगस्टर विकास दुबे के जीवन पर आधारित है, जिसमें उन्होंने लेखन और निर्देशन दोनों का कार्य संभाला है। इस फिल्म में उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों और आलोचकों से सराहना बटोरी और उन्हें ग्लोबल ताज इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार भी दिलवाया।

उत्तर भारतीय विकास सेना के विवादित कदमों के चलते चर्चा में बनी रहती है। हाल ही में पार्टी ने तब सुर्खियाँ बटोरीं जब उसने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को आगामी विधानसभा चुनाव लड़ाने का प्रस्ताव दिया। इस संदर्भ में पार्टी ने गुजरात की जेल में बंद बिश्नोई को पत्र भी भेजा। इसके अलावा पार्टी ने हाल ही में मुंबई में उत्तर भारतीय समुदाय के समर्थन में पोस्टर भी लगाए हैं जिनमें लिखा है, “उत्तर भारतियों, बटोगे तो पिटोगे।” इस संदेश के माध्यम से पार्टी ने उत्तर भारतीयों को एकजुट रहने का आह्वान किया है। पार्टी का यह संदेश समाज में जागरूकता लाने के उद्देश्य से साझा किया गया है, लेकिन इसने विभिन्न समुदायों के बीच बहस को जन्म दिया है।

नीरज सिंह का उत्तर भारतीय विकास सेना से जुड़ना फिल्म उद्योग में चर्चा का विषय बन गया है। नीरज ने मुंबई में एक फिल्म निर्देशक और लेखक के रूप में पहचान बनाई है, और उनके कार्यों का व्यापक प्रभाव रहा है। उनके परिवार का निवास आगरा के रामबाग क्षेत्र में है, जबकि नीरज स्वयं मुंबई में सक्रिय हैं।
पार्टी में नीरज सिंह की भूमिका पर बात करते हुए पंडित सुनील शुक्ला ने कहा कि नीरज का फिल्मी अनुभव और उनकी आईटी समझ पार्टी की डिजिटल मुहिम को नए स्तर पर ले जाएगी। उन्होंने कहा, “नीरज जैसे प्रतिभाशाली व्यक्ति का पार्टी से जुड़ना हमारे उद्देश्यों को साकार करने में सहायक होगा।”

अपने इस राजनीतिक सफर की शुरुआत करते हुए नीरज सिंह ने कहा कि उत्तर भारतीय विकास सेना का उद्देश्य मेरे दिल के करीब है। मैं इस पार्टी के जरिए उत्तर भारतीय समुदाय के अधिकारों और उनकी समस्याओं के प्रति जागरूकता फैलाना चाहता हूँ। नीरज का मानना है कि उनका फिल्मी और आईटी अनुभव पार्टी को डिजिटल माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचने में मदद करेगा।

नीरज सिंह का राजनीति में यह प्रवेश उन्हें एक नए स्तर पर स्थापित करने का अवसर देगा। उनकी इस नई जिम्मेदारी से न केवल उत्तर भारतीय विकास सेना को एक प्रभावशाली आईटी विभाग मिलेगा, बल्कि नीरज के निर्देशन का भी नया आयाम सामने आएगा।

बुधनी के रास्ते झारखंड और शिवराज निशाने पर* 

0
(पवन वर्मा-विनायक फीचर्स)
मध्य प्रदेश में भाजपा में आमतौर पर आपसी गुटबाजी कम ही दिखाई देती है। दूसरे राजनीतिक दलों की तरह यहां अपनी ही पार्टी के  नेता को कमजोर करने के किस्से भी कम ही सुनाई देते हैं। लेकिन मध्यप्रदेश में अब भाजपा बदल रही है। पार्टी  में शह मात और बड़े नेताओं को कमजोर करने की अंदरुनी बिसातें तेजी से बिछ रही है। इस बार मध्य प्रदेश भाजपा के कुछ नेताओं के निशाने पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं। शिवराज सिंह चौहान को कमजोर करने वाले  न सिर्फ शिवराज सिंह चौहान को बल्कि साथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी झारखंड में झटका दे रहे हैं। दरअसल झारखंड के साथ ही  मध्य प्रदेश के बुधनी में भी विधानसभा का उपचुनाव है। शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे से रिक्त हुई बुधनी विधानसभा सीट पर  चौहान की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। बुधनी में भाजपा लगातार कुछ न कुछ ऐसा कर रही हैं जिससे शिवराज सिंह चौहान की चिंता बढ़ती जा रही है। शिवराज सिंह की बढ़ती चिंता झारखंड चुनाव पर भी असर डाल सकती है।
शिवराज सिंह चौहान झारखंड चुनाव के पार्टी प्रभारी भी हैं। वे इन दिनों झारखंड में ज्यादा वक्त दे रहे हैं, लेकिन बुधनी की स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें लगातार यहां पर भी संपर्क में बने रहना पड़ रहा है। यह भी माना जा रहा है कि झारखंड में भाजपा की सरकार बनती है तो शिवराज सिंह चौहान का कद देश के साथ ही मध्य प्रदेश में भी और बढ़ जाएगा।
शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री के रूप में बुधनी विधानसभा से चुनाव लड़ते थे। इस बार उन्हें लोकसभा भेजा गया तो उन्होंने बुधनी विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। इस सीट पर अब उपचुनाव है। यहां पर भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान के करीबी एवं विदिशा लोकसभा के पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव को उम्मीदवार बनाया है। रमाकांत भार्गव का टिकट काटकर विदिशा लोकसभा सीट से शिवराज सिंह को चुनाव लड़ाया गया था।अब इन्हीं रमाकांत भार्गव को बुधनी विधानसभा से उपचुनाव के लिए भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। उपचुनाव के लिए रमाकांत भार्गव के टिकट का विरोध, भाजपा के अंदर  जिस तेजी से हुआ, उसने पूरे प्रदेश को आश्चर्य चकित कर दिया। शिवराज सिंह चौहान के निर्णय और उनके करीबी को टिकट दिए जाने का ऐसा विरोध होगा प्रदेश भर में किसी ने नहीं सोचा था। वैसे भी भाजपा में किसी उम्मीदवार को टिकट मिलने के बाद उसके विरोध की परम्परा नहीं है लेकिन उसी भाजपा में शिवराज सिंह के गढ़ माने जाने बुधनी में शिवराज के उम्मीदवार का पार्टी के भीतर जो विरोध हुआ उसने सबको चौंका दिया है।
 *सब पर भारी पड़ रही शिवराज की छवि*
शिवराज सिंह चौहान आज भी मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेता माने जाते हैं। महिलाओं में उनकी छवि भाई और मामा की है। प्रदेश में मामा के नाम से विख्यात शिवराज सिंह चौहान का जनता के बीच खासा प्रभाव लगातार बना हुआ है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश में कई नेता ऐसे हैं जो अपनी छवि को जनता के बीच में मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसमें सरकार और संगठन से जुड़े नेता भी शामिल हैं। केंद्र में पहुंचने के बाद भी शिवराज सिंह चौहान की छवि फिलहाल इन सभी नेताओं पर भारी है।
 *बुधनी में नयी चुनौती खड़ी करने का प्रयास*
जो नेता कल तक शिवराज सिंह चौहान के सामने बोल नहीं पाते थे, वे अचानक से कैसे इतने ताकतवर हो गए कि  शिवराज सिंह के फैसले पर खुलेआम सवाल खड़े करने लगे? यह वह सवाल है जो प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में तेजी से घूम रहा है। इसके पीछे कई नेता माने जाते हैं। संगठन की मजबूती और अनुशासन के चलते कोई भी नेता सीधे तौर पर इतने  बड़े नेता को कमजोर करने का प्रयास नहीं कर सकता, इसलिए भाजपा और सरकार के बड़े नेता ऐसा दांव खेल रहे हैं कि शिवराज सिंह चौहान को बुधनी में ही चुनौती दे दी जाए और फिर यह संदेश भोपाल से लेकर दिल्ली तक जाए कि प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की पकड़ कमजोर हो गई है।
 *ऐसे  हुआ विरोध*
रमाकांत भार्गव के भाजपा  उम्मीदवार बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल स्थित अपने आवास पर बुधनी के नेताओं की एक बैठक बुलाई। इस बैठक में  पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह राजपूत नहीं पहुंचे। शिवराज सिंह चौहान के खास समर्थक गुरुप्रसाद शर्मा भी इस बैठक में नहीं पहुंचे। अगले दिन राजेंद्र सिंह राजपूत और अन्य नाराज नेताओं ने भैरुंदा में अपने समर्थकों की एक बैठक  बुलाई। बैठक में पार्टी के कई कार्यकर्ता पहुंचे। जिन्हें मनाने के लिए शिवराज सिंह चौहान के करीबी एवं पूर्व मंत्री रामपाल सिंह यहां पर पहुंचे, लेकिन उन्हें भी वहां पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने परिणाम भुगतने की चेतावनी दे दी। इस चेतावनी का मतलब ही यह निकाला जा रहा है कि  प्रदेश की राजनीति में भाजपा के कोई ताकतवर नेता ही  इन लोगों को दम दे रहे हैं।
 *परिपक्व नेता ऐसी गलती कैसे कर सकते है?*
भाजपा के सभी बड़े नेताओं ने एक ऐसी गलती कर दी जिसने बुधनी के निर्वाचन अधिकारी सहित भाजपा उम्मीदवार रमाकांत भार्गव के साथ ही शिवराज सिंह चौहान का तनाव बढ़ा दिया  हैं। निर्वाचन आयोग के नियमानुसार नामांकन दाखिल करने के लिए प्रत्याशी के साथ चार लोग और जा सकते हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि रमाकांत भार्गव के नामांकन भरने के दौरान प्रत्याशी के साथ छह भाजपा नेता अंदर तक पहुंचे। कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा के प्रभारी महेंद्र सिंह के अलावा प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर और प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल  रमाकांत भार्गव के नामांकन दाखिल करते समय निर्वाचन अधिकारी के कक्ष में मौजूद थे।
 *शिवराज झारखंड में व्यस्त*
शिवराज सिंह चौहान भाजपा के झारखंड में चुनाव प्रभारी है। वे पिछले तीन महीने से लगातार झारखंड में सक्रिय है। चुनाव के दौरान वे अपना पूरा समय झारखंड को ही दे रहे हैं। यहां पर अभी झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। शिवराज सिंह चौहान के प्रयास है कि यहां पर भाजपा की सरकार बन सके। छोटा राज्य और विधानसभा की 81 सीटें होने से यहां पर मुकाबला कड़ा है, यहां पर सरकार बनाने के लिए 41 सीटों की जरुरत है। ऐसे में एक-एक सीट पर शिवराज सिंह चौहान का फोकस करना जरुरी है। यह तो तय है कि झारखंड में यदि भाजपा ने सरकार बना ली तो शिवराज सिंह चौहान का कद मध्य प्रदेश के साथ ही देश की राजनीति में और बढ़ जाएगा। शिवराज सिंह की योग्यता, क्षमता,नेतृत्व शैली और ऊर्जावान व्यक्तित्व के चलते झारखंड में भाजपा को उनसे काफी उम्मीदें भी हैं लेकिन यदि  बुधनी में बार-बार उनकी परेशानियां बढ़ती रही तो भाजपा के लिए झारखंड जीतना भी मुश्किल हो सकता हैं।कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह को कमजोर करने के प्रयास जारी हैं जो राजनीतिक हलकों में न केवल शिवराज सिंह बल्कि झारखंड के जरिए मोदी, शाह और भाजपा को कमजोर करने के प्रयास माने जा रहे हैं।(विनायक फीचर्स)

अल्मोड़ा के मार्चुला के पास भीषण बस दुर्घटना पर मुख्यमंत्री ने जताया दुख..हालचाल जानने पंहुचे अस्पताल

0

4 नवम्बर 2024,सोमवार,देहरादून  

घटना के तुरंत बाद रामनगर पहुचकर घायलों का जाना हालचाल।

बस दुर्घटना के मृतकों के परिजनों से मिलकर व्यक्त की शोक संवेदना।

अल्मोड़ा,4 नवम्बर, अल्मोड़ा जिले के सल्ट तहसील में मार्चुला के पास कूपी में आज सोमवार को हुई भीषण बस दुर्घटना में 36 व्यक्तियों की मृत्यु तथा 26 लोग घायल हुए है। इस दुःखद घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतकों की आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार जनों को इस दुख की घड़ी में दुख सहने की ईश्वर से कामना की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल मुआवजे का ऐलान करते हुए इस हादसे में हताहत हुए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये व घायलों को ₹1 लाख मुआवजे की घोषणा की मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वास्य लाभ की भी कामना की है।

इस दुःखद घटना की जानकारी प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य के निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को देने के साथ ही स्वयं रामनगर पंहुच कर मार्चुला में हुई बस दुघर्टना में घायलों की कुशल क्षेम जानी तथा मृतकों के परिजनों से शोक संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने रामनगर चिकित्सालय में भर्ती घायलों का हालचाल जाना तथा उनके बेहतर उपचार हेतु आवश्यक निर्देश सीएमओ व अन्य चिकित्सकों को दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घायल व्यक्ति को बेहतर से बेहतर उपचार मिले, अगर उन्हें हायर सेन्टर भेजने की आवश्यकता है तो एयर एंबुलेंस से तत्काल भेजा जाय इस दौरान मुख्यमंत्री घायलों के परिजनों से भी मिले तथा उन्हें घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने को आश्वस्त कराया।
इस घटना में गंभीर 6 घायलों को एयर एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश तथा 1 घायल को एसटीएच हल्द्वानी एयर एंबुलेंस के माध्यम से तथा 5 अन्य घायलों को 108 एम्बुलेंस से एस टीएच हल्द्वानी भेजा गया,5 घायलों को उनके परिजनों की मांग पर अन्य चिकित्सालयों में पंहुचाया गया। 9 घायल रामनगर चिकित्सालय में भर्ती हैं जिनका उपचार किया जा रहा है
घटना की सूचना के तुरंत बाद आयुक्त कुमाऊं/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत व अन्य अधिकारी भी मौके पर पंहुचे। इससे पूर्व आयुक्त ने रामनगर चिकित्सालय में भर्ती घायलों का हाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों को घायलों का बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए।
इस दौरान गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट,दर्जा राज्यमंत्री डॉ अनिल डब्बू,भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत जिलाधिकारी वन्दना,एसएसपी प्रहलाद मीणा,सीएमओ डॉ हरीश चन्द्र पंत सहित अन्य मौजूद रहे।

  • संजय बलोदी प्रखर
    लेखक मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक है उत्तराखंड प्रदेश में

अनोखी गौ पूजा, चांदी के आभूषण से सजी गौरी

0

जबलपुर: मध्य प्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर में हर साल गोवर्धन पूजा के दिन एक अनोखी परंपरा का निर्वहन किया जाता है, जिसमें गाय को बहू की तरह चांदी के आभूषणों से सजाया जाता है. खासकर यादव समाज और ग्वाल समाज के लोग इस दिन अपने घर की गाय को चांदी के मुकुट, माला, पायल और अन्य आभूषणों से अलंकृत करते हैं. इस परंपरा में गाय को एक विशेष रूप से सजाया जाता है, उसे स्नान करवाया जाता है और सुंदर कपड़े पहनाए जाते हैं. यह अनूठी परंपरा जहां स्थानीय संस्कृति को दर्शाती है, वहीं गोवर्धन पूजा के ऐतिहासिक महत्व को भी प्रकट करती है.

10 साल से सज रही है “गौरी”
जबलपुर के निवासी अजय यादव पिछले 10 सालों से अपनी गाय “गौरी” को इस परंपरा के अनुसार सजाते आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि वे हर साल दिवाली पर गाय के लिए नए चांदी के आभूषण खरीदते हैं, जिससे अब उनके पास करीब 1 से सवा किलो तक चांदी के जेवर हो चुके हैं. यह आभूषण गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौरी को पहनाए जाते हैं, जिसमें चांदी का मुकुट, छत्र, माला, पायल और अन्य आभूषण शामिल हैं. इस तरह गौरी को बहू की तरह सजाया जाता है, और गोवर्धन पूजा के दौरान उसे नचाकर, उसकी विशेष पूजा की जाती है.

गोवर्धन पूजा की परंपरा का महत्व
गोवर्धन पूजा का त्यौहार दिवाली के अगले दिन मनाया जाता है. यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा द्वापर युग में गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र देव के प्रकोप से ब्रजवासियों और पशुओं की रक्षा करने की घटना से जुड़ा हुआ है. इस दिन यादव समाज और अन्य लोग गोवर्धन पर्वत की पूजा करते हैं और गायों को सजाकर उनकी पूजा करते हैं. इस पूजा में “अन्नकूट” का प्रसाद तैयार किया जाता है, जो कि विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से मिलकर बनता है और भगवान कृष्ण को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है. यह पर्व न केवल आस्था और परंपरा का प्रतीक है, बल्कि पशुधन के महत्व को भी प्रकट करता है.

यादव समाज में गोमाता का महत्व
यादव समाज में गोमाता की पूजा विशेष महत्व रखती है. उनके लिए गाय केवल एक पशु नहीं है, बल्कि परिवार का हिस्सा है. इसलिए गोवर्धन पूजा के दिन विशेषकर गोमाता को सजा-संवार कर पूजा की जाती है. जबलपुर में यह परंपरा हर साल बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है, जिसमें परिवार के सभी सदस्य मिलकर गाय के लिए नए आभूषण खरीदते हैं. आभूषणों में चांदी की पायल, छत्र, मुकुट और माला शामिल होती है, जो गाय के सौंदर्य को और बढ़ा देते हैं.

राजनीतिक विश्लेषकों के लिए चुनौती साबित होते महाराष्ट्र चुनाव

0
**
(मुकेश कबीर -विभूति फीचर्स)
इस बार महाराष्ट्र का चुनाव नेताओं से ज्यादा कठिन है चुनावी पंडितों और विश्लेषकों के लिए । देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी राज्य में आठ पार्टियों के बीच में खींचतान हो रही है। गठबंधन एक दूसरे के खिलाफ तो लड़ ही रहे हैं साथ ही अंदर ही अंदर आपस में भी लड़ रहे हैं।ये चुनाव अंडरवर्ल्ड की गैंगवॉर जैसा हो गया है, आप घोड़ा लेकर सामने वाले को टारगेट कर ही पाते हो कि पीछे से आपका ही गुर्गे आपके अंदर गोली उतार देता हैं । इसलिए आज यह कह पाना मुश्किल है कि आखिरी तक कौन टिकेगा, कौन बिकेगा और कौन बचेगा।  सारे विश्लेषक चुपचाप बैठे हैं या फिर जिसको जो दिख रहा वैसा बोल रहा है ऑथेंटिक कोई नहीं है।
वैसे भी पिछले दो चुनाव में सारे विश्लेषक धराशायी हो चुके हैं। लोकसभा में सारे के सारे चार सौ पार कर रहे थे और बाद में हरियाणा में सब के सब बीजेपी को हरवा रहे थे लेकिन परिणाम आया तो दोनों चुनाव में नेताओं से ज्यादा विश्लेषकों की हार हुई ।इसलिए महाराष्ट्र के बारे में कोई कुछ बोलेगा इसकी उम्मीद कम ही है ,महाराष्ट्र जैसा चुनाव देश के इतिहास में आज तक नहीं हुआ । यहां नेता भी संशय में हैं और जनता भी,इसमें चुनाव के मुद्दे भी घालमेल हो गए हैं ,कहीं मराठी मानुष मुद्दा है तो कहीं हिंदुत्व। कहीं विकास तो कहीं  कानून व्यवस्था और इन सबसे बढ़कर कैंडिडेट की निष्ठा भी कसौटी पर है। इस बार गद्दारी भी एक मुद्दा है लेकिन मजे की बात यह है कि एक पार्टी के गद्दार के खिलाफ दूसरी पार्टी का गद्दार भी मुकाबले में है,कुल मिलाकर मामला गड़बड़ है।
वैसे यह चुनाव बहुत सरल हो जाता यदि महाविकास अघाड़ी उद्धव ठाकरे को सीएम कैंडिडेट घोषित कर देती। महायुति की तरफ से तो सीएम फेस शिंदे हैं ही लेकिन उनकी टक्कर का सामने कौन है  यह अभी तय नहीं है । यदि उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री घोषित किया जाता तो मामला न केवल बराबरी पर आ जाता बल्कि अघाड़ी सही में अघाड़ी हो जाता क्योंकि अभी तक जितने भी सर्वे आए हैं सभी में मुख्यमंत्री के रूप में उद्धव लोगों की पहली पसंद है । इसके अलावा ढाई साल बनाम ढाई साल का मुद्दा देखें तो उद्धव का कार्यकाल ज्यादा बेहतर था जनता की नजर में जबकि उद्धव ने स्वयं कोरोना जैसी महामारी को भी झेला था और उसके बाद भी मुंबई जैसे महानगर को सुरक्षित रखने में सफल हुए थे।
उद्धव के मुख्यमंत्रित्व काल में  लॉ एंड ऑर्डर भी बेहतर था खासकर मराठी मानुष और महिलाएं सुरक्षित महसूस करते थे जबकि शिंदे के कार्यकाल में लॉ एंड ऑर्डर उतना अच्छा नहीं है और रेप की भी काफी घटनाएं सामने आई हैं । महायुति के एक दो ऐसे नेता भी सामने आए हैं जिन्होंने अपने कमेंट में महिला विरोधी टिप्पणी की है।आदित्य ठाकरे ने  ऐसे दो नेताओं के नाम भी बताएं और आश्चर्य यह है कि वे नेता शिंदे सरकार में मंत्री हैं। यह महाराष्ट्र में बहुत संवेदनशील मामला रहेगा , वहां की राजनीति उत्तरभारत जैसी दागदार नहीं होती और दूसरी बात यह है कि बीजेपी ने खुद उद्धव के गृह मंत्री पर अपराधिक आरोप लगाए थे फिर उद्धव सेना क्यों चूकेगी ? और ट्विस्ट यह है कि जिस नवाब मालिक को बीजेपी ने दाऊद का रिश्तेदार बताया था,जिसे अंडरवर्ल्ड का मंत्री बताकर विरोध किया था उसी नवाब मालिक को महायुति ने टिकिट दिया है।अब देखते हैं चार तारीख को नवाब का नाम वापस होता है या नहीं,यदि नवाब चुनाव में आखिरी तक बने रहे तो महायुति को नुकसान उठाना पड़ेगा।आज भले ही महायुति के प्रवक्ता प्रेम शुक्ला  कहते हैं कि “नवाब मालिक बैठ जाएंगे”, लेकिन वास्तव में ऐसा मुश्किल लगता है क्योंकि अजित पवार नवाब मालिक को बैठाकर अपने मुस्लिम वोट बैंक को गवाना नहीं चाहेंगे और महायुति को भी उद्धव के मुस्लिम वोटर्स में सेंध लगाना है तो नवाब मलिक को चुनाव में रखना पड़ेगा इसलिए नवाब मलिक के बैठने की संभावना कम ही लगती है। यदि नवाब मालिक नहीं बैठे तो बीजेपी का हिंदुत्व दांव पर लगेगा।भाजपा ने उद्धव सरकार गिराते वक्त हिंदुत्व का ही नारा दिया था और नवाब मालिक को खास तौर से टारगेट किया गया था।खैर ,आगे देखते हैं क्या होता है। चुनाव से पहले तो बागियों को मनाने और बैठाने में ही राजनीतिक दलों की आधी ताकत तो खत्म हो ही जाएगी ।बचे खुचे बागी निस्संदेह बहुत बड़ा असर डालेंगे ।
आज के समय में सारे बागी सांप के मुंह में छछूंदर जैसे हो चुके हैं जिन्हे निगलना भी मुश्किल है और बाहर निकालना भी मुश्किल है।  महाराष्ट्र में इतने सारे ट्विस्ट के कारण ही विश्लेषकों को पसीने आ रहे हैं ।संभवतः इसीलिए किसी ने भी अभी तक किसी भी एक पक्ष को मजबूत या कमजोर नहींबताया है। इस चुनाव में एक और मजेदार बात है राज ठाकरे की एंट्री।राज की एंट्री भी रोचक असर डालेगी ।
लोकसभा में राज एनडीए के साथ थे इसलिए कई लोग राज को बीजेपी की बी टीम कह रहे हैं।  शिंदे ने राज ठाकरे का विरोध कर दिया है इसलिए राज अघाड़ी की बी टीम साबित हो सकते हैं । राज एकमात्र ऐसे नेता हैं जिनके सभी पार्टियों में समर्थक और विरोधी हैं और वे निष्पक्ष हैं ,उनके बारे में कहा जाता है  कि वो जीते नहीं तो वोट तो कटवा ही देते हैं,अब राज किसके वोट कटवाते हैं यह भी एक फैक्टर होगा परिणाम का। वैसे कुछ भी हो इस चुनाव में यदि कोई केंद्र बिंदु हैं तो वह हैं उद्धव ठाकरे,यह चुनाव असल में अग्निपरीक्षा उद्धव की ही है,उद्धव ने लोकसभा में दमदार परफार्मेंस देकर उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनाव अलग होता है सब जानते हैं लेकिन कितना अलग होगा यह कोई नहीं जानता और कोई जान भी नहीं पाएगा क्योंकि यह महाराष्ट्र का चुनाव अर्थात महाचुनाव है । इसमें सब कुछ महा है,कम कुछ भी नहीं है इसलिए परिणाम भी महा ही होने वाला है।
(विभूति फीचर्स)

Punjab : गौ तस्करों के मंसूबे पर फिरा पानी 2 तस्कर गिरफ्तार

0

बठिंडा (विजय): स्थानीय शहर बठिंडा के घनइया चौक पर थाना थर्मल की पुलिस और गौ सुरक्षा सेवा दल पंजाब के सदस्यों ने एक ट्रक को कब्जे में लिया, जिसमें 13 गायों को क्रूरता से बांध कर रखा गया था। गौ सुरक्षा सेवा दल के प्रधान संदीप वर्मा ने बताया कि मलोट से मिली गुप्त सूचना के आधार पर इस ट्रक को पकड़ा गया, जो गायों को पंजाब से बाहर बूचड़खानों में भेजने के मकसद से ले जाया जा रहा था। पुलिस और गौ सुरक्षा सेवा दल ने समय पर कार्रवाई करते हुए दो गौ तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। गायों को तुरंत हर्राएपुर गौशाला में सुरक्षित छोड़ दिया गया है।

संदीप वर्मा ने बताया कि पंजाब में तीन सौ से अधिक लोग गायों की तस्करी में संलिप्त हैं और उनकी सूची तैयार की जा रही है, जो जल्द ही डी.जी.पी. पंजाब को सौंपी जाएगी। इस मौके पर जिला प्रधान प्रिंस कोसल, सुखदेव सिंह काला और कई अन्य संगठनों के सदस्य भी उपस्थित थे।

रॉनी रॉड्रिग्स द्वारा आयोजित दिवाली स्नेह मिलन समारोह में मीनाक्षी शेषाद्रि, राहुल रॉय और दीपक तिजोरी की उपस्थिति

0

अनमोल उपहार देकर हाउसकीपिंग, सफाईकर्मी, सुरक्षाकर्मी, मीडियाकर्मी तथा वंचितों संग रॉनी रॉड्रिग्स ने मनाई दिवाली

मुंबई। फिल्म अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि (फिल्म हीरो, घायल, दामिनी, घातक), राहुल रॉय (फिल्म आशिकी, जुनून) और अभिनेता-निर्देशक दीपक तिजोरी (फिल्म आशिकी, खिलाड़ी, सड़क) ने पर्ल ग्रुप ऑफ कंपनीज के सीएमडी रॉनी रोड्रिग्स द्वारा आयोजित दिवाली मिलन समारोह में हिस्सा लिया।

समारोह के दौरान, रोड्रिग्स ने अपने कार्यालय परिसर के हाउसकीपिंग, सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों को विशेष दिवाली हैम्पर्स और आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया।

दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए, फिल्म अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि ने साझा किया कि मैं इस समारोह में आकर और जरूरतमंदों को दिवाली के अवसर पर अनमोल उपहार वितरित करने का अवसर पाकर खुद को भाग्यशाली महसूस कर रही हूं। रॉनी रॉड्रिग्स की यह पहल वास्तव में सराहनीय है, और यह मेरे लिए दिल को छू लेने वाला अनुभव रहा है। वहीं दीपक तिजोरी ने कहा कि रॉनी रॉड्रिग्स एक असाधारण व्यक्ति हैं जो सभी के साथ समान व्यवहार करते हैं। दूसरों को खुश करने के लिए उनकी प्रतिबद्धता प्रेरणादायक है, यहां तक ​​कि वे अपने कर्मचारियों को छुट्टियों के दौरान लंदन और विदेश के अन्य हिस्सों में भी ले जाते हैं। उनके जैसे दयालु कार्य आज दुर्लभ हैं। यहां होना और उपहार वितरित करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मीनाक्षी शेषाद्रि के साथ इस कार्यक्रम में उपस्थित होना, जिनके साथ मैंने कभी काम करने का सपना देखा था, मेरे लिए एक यादगार अनुभव है।
राहुल रॉय ने दिवाली की शुभकामनाएं दीं और रॉड्रिग्स के उदारता की प्रशंसा की।


व्यवसायी और परोपकारी रॉनी रॉड्रिग्स ने सभी को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैं दूसरों को खुशियां बांटने में आनंद और शांति महसूस करता हूं। सच्ची मानवता दूसरों के लिए जीने में निहित है।
अपने शांत परोपकारी कार्यों के लिए पहचाने जाने वाले रॉड्रिग्स अक्सर लाइमलाइट से बचते हैं, वे चुपचाप धर्मार्थ कार्य करते हैं। अगर उनका धन्यवाद किया जाता है, तो वे बस जवाब देते हैं, “भगवान का शुक्र है, मैं सिर्फ एक माध्यम हूं, असली दाता ऊपर है। रॉड्रिग्स हमेशा अपने कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार करते हैं, चाहे उनका जन्मदिन हो या कोई अन्य विशेष अवसर। अपनी टीम के साथ लंदन की यात्रा करते समय, वह सुनिश्चित करते हैं कि सभी को समान रूप से आवास मिले, एक ही होटल में ठहरें, एक ही स्थान पर भोजन करें और एक साथ अनुभव साझा करें।
उल्लेखनीय रूप से, रॉड्रिक्स अनाथ बच्चों और स्कूलों का भी समर्थन कर रहे हैं। उनके दिवाली मिलन समारोह में बड़ी संख्या में मीडियाकर्मियों को मिठाई, ड्राई फ्रूट्स और स्मार्टफोन प्रदान किया गया।
डिजिटल युग में, स्मार्टफोन मीडिया पेशेवरों के लिए अमूल्य हो गए हैं, और रॉड्रिक्स के इस आकर्षक उपहार का उद्देश्य उनके काम का समर्थन करना था। उनकी उदारता की सभी उपस्थित लोगों ने खुले दिल से सराहना की।

– संतोष साहू

सुमीत एसएसजी ने की भारत में उन्नत एम्बुलेंस बेड़ा पेश करने के लिए रणनीतिक पहल की घोषणा

0
मुंबई (अनिल बेदाग): सुमीत ग्रुप एंटरप्राइजेज और स्पेन स्थित एसएसजी मैट्रिक्स के बीच एक संयुक्त उद्यम सुमीतएसएसजी, ने आज भारत में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बदलने की अपनी योजना की घोषणा की। महाराष्ट्र में शुरू करते हुए, लगभग 1600 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ पूरे राज्य में नई ‘महाराष्ट्र आपातकालीन चिकित्सा सेवा’ (एमईएमएस) 108 एम्बुलेंस परियोजना को लागू किया जाएगा। सुमीतएसएसजी का लक्ष्य आपातकालीन स्थितियों के मुश्किल समय में इस्तेमाल के लिए विशेष चिकित्सा उपकरणों के साथ एडवांस्ड एम्बुलेंस बेड़ा पेश करना है।
ये एडवांस्ड एम्बुलेंस मोबाइल डेटा टर्मिनल (एमडीटी), टैबलेट पीसी, आरएफआईडी, जीपीएस, कॉलर लोकेशन ट्रैकिंग, सीसीटीवी और त्रिआज सिस्टम जैसी तकनीकों से लैस होंगी। इसके अतिरिक्त, इनमें इनबिल्ट कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (सीआरएम), कंप्यूटर-एडेड डिस्पैच (सीएडी), वाहन ट्रैकिंग और प्रबंधन प्रणाली (वीटीएमएस), और रोगी आगमन सूचना प्रणाली भी होगी।
बेड़े में एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस (एएलएस), बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस (बीएलएस), नवजात एम्बुलेंस, फर्स्ट रिस्पॉन्डर बाइक, समुद्री और नदी नाव एम्बुलेंस शामिल हैं। एमईएमएस १०८ के लिए आगे के एकीकरण में मेडिकल एप्लिकेशन ड्रोन और हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं शामिल होंगी।
यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज पेरेज कस्तीयोन के बीच चल रही द्विपक्षीय बैठकों की पृष्ठभूमि में की गई है, जो अपनी पहली भारत यात्रा पर हैं।
स्पेन-भारत व्यापार शिखर सम्मेलन के लिए मुंबई की अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री सांचेज़ ने व्यक्तिगत रूप से एमईएमएस १०८ के लिए लॉन्च किए जाने वाले नए बेड़े का निरीक्षण और अनावरण किया। उन्होंने भारत में उन्नत स्वास्थ्य सेवा पहलों के महत्व के बारे में संक्षेप में बात की और इस पहल को आगे बढ़ाने में उनके प्रयासों के लिए सुमीतएसएसजी टीम को बधाई दी। सुमीतएसएसजी टीम के साथ अपनी बातचीत में, उन्होंने भारत में स्वास्थ्य सेवाओं में इस उन्नयन की प्रशंसा की और देश में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे के समग्र सुधार के बारे में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी चर्चाओं का उल्लेख किया।
लॉन्च के मौके पर सुमीत ग्रुप एंटरप्राइजेज, इंडिया के वाइस चेयरमैन, श्री शिखर सालुंके ने कहा, “मैं भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करना चाहता हूं कि उन्होंने स्पेन के माननीय प्रधानमंत्री श्री पेड्रो सांचेज़ पेरेज़ कस्तीयोन और उनके व्यापार प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा पर मेजबानी की। हमने स्पेन के प्रधानमंत्री को अपने नवीनतम बेड़े और अभिनव सेवा मॉडल का गर्व से प्रदर्शन किया, जिसे विशेष रूप से यूरोप के सबसे बड़े एम्बुलेंस सेवा ऑपरेटरों में से एक एसएसजी के साथ साझेदारी में भारतीय बाजार के लिए विकसित किया गया है। यह सहयोग भारत के आपातकालीन चिकित्सा सेवा (ईएमएस) क्षेत्र में परिवर्तनकारी बदलाव लाने की क्षमता रखता है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि सुमीतएसएसजी भारत-स्पेन संबंधों को मजबूत करने में एक गेम चेंजर साबित होगा।”
स्पेन के एसएसजी मैट्रिक्स एसएल के उपाध्यक्ष श्री डिएगो प्रीएतो जूनियर ने कहा, “मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी द्वारा स्पेनिश व्यापार प्रतिनिधिमंडल को दिए गए समर्थन के लिए अपनी हार्दिक प्रशंसा व्यक्त करना चाहता हूं, जिसमें मेरे पिता, श्री डिएगो प्रीएतो मार्टागन, एसएसजी मैट्रिक्स के अध्यक्ष भी शामिल थे। वह भारत की विकासोन्मुखी नीतियों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध हैं। सुमीत समूह के साथ हमारी साझेदारी सार्थक बदलाव लाएगी जिससे व्यापक जनता को लाभ होगा। मैं महाराष्ट्र राज्य और राज्य सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व को उनकी अभिनव एमईएमएस 108 पहल के लिए भी अपना आभार व्यक्त करता हूं, जो जल्द ही पूरे क्षेत्र में उन्नत सुमीतएसएसजी एम्बुलेंस बेड़े को तैनात करेगी।”
राज्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों और प्राकृतिक आपदाओं सहित विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य आपात स्थितियों में समय पर स्थिरीकरण और अस्पताल तक परिवहन सुनिश्चित करके जीवन बचाना है।
यह परियोजना भारत में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में एक नए मानक के रूप में खड़ी है, जो न केवल तकनीकी प्रगति और परिचालन दक्षता का वादा करती है, बल्कि सेवा प्रदाताओं द्वारा गुणवत्तापूर्ण सेवा वितरण के लिए भविष्य के सार्वजनिक-निजी सहयोग के लिए एक स्थायी मॉडल भी है। नई एमईएमएस १०८ परियोजना को आने वाले महीनों में पूरे राज्य में पांच चरणों में लागू किया जाएगा।

गोवर्धन पूजा पर एमपी के संतों का सवाल- गाय माता है तो राज्य माता क्यों नहीं ?

0

भोपाल: गोवर्धन पूजा पर मध्य प्रदेश से संत समाज ने गौ माता को राज्य माता का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बाद अब महामंडलेश्वर अनिलानंद महाराज ने सीएम डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया है कि गोवर्धन पूजा के विशेष दिन वे महाराष्ट्र की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी गौ माता को राज्य माता का दर्जा दिए जाने का एलान करें.

गोवर्धन पूजा शुभ मौका…दें गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा

संत समाज ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार जताया है कि उन्होने गोवर्धन पूजा के दिन का अवकाश घोषित किया. साथ ही पूरी सरकार अलग-अलग जिलों में गोवर्धन पूजा के कार्यक्रमों मे शामिल होगी. महामंडलेश्वर अनिलानंद महाराज ने कहा कि डॉ. मोहन यादव की सरकार धर्म निष्ठ सरकार है. इसलिए हमारी अपेक्षा है कि आज के पावन दिन पर मुख्यमंत्री उदार ह्रदय से महाराष्ट्र की तरह मध्यप्रदेश में भी गौ माता को राज्य माता का दर्जा दें. ठाकुर जी की सरकार पर विशेष कृपा होगी.

एमपी में त्योहार पर मेहरबान है सरकार

मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद त्योहारों के आयोजन सरकारी तौर पर होने लगे हैं. इसके पहले दशहरा पर सरकार शस्त्र पूजन में शामिल हुई थी. इसी तरह जन्माष्टमी का आयोजन भी प्रदेश भर में हुआ था. और अब गोवर्धन पूजा को लेकर ना केवल शासकीय अवकाश की घोषणा की. सरकार की मंशा के अनुसार सरकार के विधायक और मंत्री प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं. सीएम डॉ मोहन यादव खुद आगर मालवा के सुसनेर के गौ अभ्यारण्य में गोवर्धन पूजा का हिस्सा बनें.