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बांग्लादेश के हिन्दुओं पर हिंसा   *भारत सरकार को राजनैतिक और राजनयिक प्रयास तेज करने की जरूरत* 

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   *(डॉ. चन्दर सोनाने-विनायक फीचर्स)*
                        पिछले दिनों देशभर में बांग्लादेश में हिन्दूओं पर हो रही हिंसा और अत्याचार के खिलाफ धरना, प्रदर्शन, बंद, रैली, सभा आदि का सफल आयोजन किया गया। जगह-जगह हो रहे इन प्रदर्शनों में सकल हिन्दू समाज की प्रमुख माँग यह रही कि भारत सरकार द्वारा बांग्लादेश सरकार पर दबाव डाला जाए, ताकि वहाँ अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और धार्मिक स्वतंत्रता को कायम रखा जा सके। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र और अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के माध्यम से बांग्लादेश सरकार को इन अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए और अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित किया जाए। अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जाँच कराई जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि इस प्रकार के अपराधों की पुनरावृत्ति न हो सके।
 बांग्लादेश में 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सरकार के तख्ता पलट के बाद से ही वहाँ हिन्दूओं पर अत्याचारों की श्रृंखला शुरू हो गई थी, जो अब विकराल रूप ले चुकी है। देशभर में हो रहे प्रदर्शन यह बताने के लिए पर्याप्त है कि बांग्लादेश में हिन्दूओं पर हो रहे अत्याचारों पर तुरंत रोक लगे। समय की माँग भी यही है।
                         केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक बांग्लादेश में हिन्दूओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाना आश्चर्यजनक और दुखद है। केन्द्र सरकार द्वारा 5 अगस्त के बाद से पिछले चार माह के दौरान बांग्लादेश को सख्त कार्रवाई करने के संकेत दे देने चाहिए थे। किन्तु अभी तक यह नहीं हो सका है। युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है, यह सब जानते है। युद्ध से किसी का भला नहीं होता। पिछले एक साल से अधिक समय से रूस और यूक्रेन में चल रहा युद्ध इसका ज्वलंत उदाहरण है।
 केन्द्र सरकार को चाहिए था कि वह सबसे पहले विदेश मंत्री को बांग्लादेश भेजते और वहाँ की सरकार को बांग्लादेश में हिन्दूओं के खिलाफ हो रही हिंसा के बारे में भारत की चिंता से अवगत कराते। किन्तु यह नहीं हुआ। इसके साथ ही देश के गृहमंत्री को बांग्लादेश के गृहमंत्री से चर्चा कर वहाँ हो रही हिंसा पर तुरंत नियंत्रण के प्रयासों के बारे में भी चर्चा करनी थी, किन्तु यह भी नहीं हो सका। यह दुखद और आश्चर्यजनक है।
                         प्रधानमंत्री जी को अब इस संबंध में राजनैतिक और राजनयिक प्रयासों को तेज करने की जरूरत है। इसके लिए उन्हें बांग्लादेश के प्रधानमंत्री से बात करने की भी आवश्यकता है। इसके साथ ही भारत के मित्र देश अमेरिका, रूस एवं अन्य देशों के प्रमुखों से भी चर्चा कर बांग्लादेश पर दबाव डालने की आवश्यकता है। आज इस सबकी बहुत जरूरत है।
                        जब बांग्लादेश पर चारों ओर से राजनयिक दबाव पडेंगे तो उसे हिन्दूओं की सुरक्षा के लिए न केवल बाध्य होना पड़ेगा, बल्कि उसे हिन्दूओं पर लगातार हो रहे अत्याचारों और हमलों पर नियंत्रण के प्रयास करने ही होंगे।  कोई देश अलग-थलग नहीं रहना चाहता। मजबूरी में ही सही उसे वो सब करना जरूरी होगा, जो वह अभी तक नहीं कर रहा है।
                        बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार की घटनाएँ दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है। यह पूरे देशवासियों के लिए चिंता की बात है। देश में कांग्रेस सहित प्रतिपक्ष के अन्य सभी राजनैतिक दलों की बांग्लादेश में हिन्दूओं पर हो रहे अत्याचार पर चुप्पी भी दुखद और आश्चर्यजनक है। प्रतिपक्ष को चाहिए था कि वे संसद में बांग्लादेश में हिन्दूओं पर हो रहे अत्याचार पर भारत सरकार द्वारा कार्रवाई करने की मांग करें किन्तु यह भी नहीं हुआ।
                         आज समय की माँग है कि भारत सरकार बांग्लादेश में हिन्दूओं पर हो रहे अत्याचार पर सभी राजनैतिक और राजनयिक प्रयासों को तेज करें। इसमें उन्हें प्रतिपक्ष का भी सहयोग लेना चाहिए। जब पूरा देश एक स्वर में बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध मुखर आवाज बुलन्द करेगा तो बांग्लादेश को ठोस कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना ही पड़ेगा।(विनायक फीचर्स)

खरगोन में एक गाय के पेट से निकली 8 किलो पॉलीथिन

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खरगोन. मध्य प्रदेश ही नहीं पूरे देश में सड़कों पर निराश्रित गायों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है. हर साल सैकड़ों गायें सड़क दुर्घटना, एसिडोसिस या फिर ज्यादा मात्रा में पॉलीथिन खाने से मौत का शिकार हो जाती हैं. अकेले खरगोन में ही प्रतिवर्ष लगभग 10 से ज्यादा गायों की मौत सिर्फ पॉलीथिन खाने से हो जाती है. शुक्रवार 6 दिसंबर को भी ऐसा ही एक मामला मंडलेश्वर से सामने आया था. हालांकि, समय पर इलाज मिलने से जान बच गई.

ऑपरेशन करने पर गाय के पेट से करीब 8 किलो पॉलीथिन डॉक्टरों ने निकाली है. वेटनरी असिस्टेंट सर्जन डॉ. बीएस पटेल ने लोकल 18 को बताया कि बड़वाह रोड पर गाय का ऑपरेशन किया, जिसके पेट से करीब 8 किलो पॉलीथिन निकली. अगर उस दिन ऑपरेशन करके पॉलीथिन नहीं निकालते तो गाय की मौत हो जाती. इसमें महेश्वर की वेटनरी डॉ. वर्षा बुंदेला और पशु चिकित्सा वाहन 1962 टीम ने सहायता की. अब गाय पहले से बेहतर है.

ऑपरेशन ही एकमात्र इलाज
डॉ. बीएस पटेल के मुताबिक, निराश्रित गाय खाने की तलाश में कई बार पॉलीथिन, रबर बैंड, नायलॉन के वायर आदि खा जाती हैं. गाय के लिए इन्हें पचाना संभव नहीं है. थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पॉलीथिन पेट में जमा होती रहती है और फिर यह एक गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है. जब स्थिति गंभीर होती है तो तीन दिन तक गाय खाना पीना छोड़ देती है. इस ऑपरेशन से पॉलीथिन निकाली जाए तो गाय की जान बच जाती है. पॉलीथिन निकालने के लिए भी गाय के पेट को फाड़ना पड़ता है.

पॉलीथिन से बीमारी के लक्षण
सामान्य तौर पर गाय स्वस्थ नजर आती है. लेकिन, धीरे-धीरे ये पॉलीथिन जहर का रूप लेने लगती है. एक समय अवधि बीतने के बाद गाय का बार-बार पेट फूलना और पतले दस्त की समस्या बारी-बारी होने लगती है. खाना बंद हो जाता है. कम मात्रा में पॉलीथिन खाने जाने पर 4 साल तक समस्या खतरनाक स्थिति में नहीं आती. लेकिन, ज्यादा मात्रा में पॉलीथिन खाने से और समय पर उपचार नहीं मिलने से गाय की जल्दी मौत हो जाती है.

पॉलीथिन गठान बांधकर न फेंकें
डॉक्टरों के अनुसार, गायों को पॉलीथिन खाने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा. दूध की थैली या होटल से खाना पैक करके लाई गई पॉलीथिन को खुला छोड़ दें, गठान बांधकर नहीं फेंके. क्योंकि, पशु खाने की तलाश में पन्नी को निगल लेते हैं. घर से निकलने वाले खाने को भी पॉलीथिन में भरकर न फेंकें. ज्यादातर पशु शादियों के सीजन में ही पॉलीथिन का सेवन करते हैं.

Chhattisgarh: गौ-तस्करी और गौ हत्या करने वाले असगर अंसारी समेत कई तस्कर गिरफ्तार

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मुखबिर से बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, मुखबिर के आस्ता थाना क्षेत्र आमगांव भाटापाठ जंगल में कुछ लोग पैदल क्रूरतापूर्वक गौ-वंश को तस्करी करते हुए झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। इस सूचना पर तत्काल थाना प्रभारी आस्ता द्वारा मौके पर जाकर घेराबंदी कर दबिश देकर कुल 08 नग गौ-वंश को जप्त किया गया। पुलिस को आते देख तस्कर जंगल की आड़ लेकर फरार हो गया। पुलिस द्वारा मामले में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध छ.ग. कृषि पशु परि. अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया, प्रकरण के आरोपीगण फरार थे, उनकी लगातार पतासाजी की जा रही थी।

विवेचना के दौरान पाया गया कि उक्त दिनांक को उक्त दोनों आरोपियों द्वारा मवेशियों को क्रूरतापूर्वक हांकते हुये ग्रामीणों के द्वारा देखा जाना पाया गया, दोनों आरोपीगण फरार थे जिनकी लगातार पतासाजी की जा रही थी। मुखबीर से सूचना मिली कि उक्त दोनों आरोपीगण अपने घर में आये हुये हैं इस सूचना पर दबिश देकर उन्हें अभिरक्षा में लेकर थाना लाया गया। पूछताछ एवं मेमोरंडम कथन में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे गांव-गांव जाकर मवेशियों को खरीदकर उन्हें तस्करी कर झारखंड की ओर ले जाते हैं। दिनांक 10.08.2024 को पुलिस द्वारा जप्त किया गया 08 नग गौ-वंश भी उन्हीं का था। दोनों आरोपियों के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने पर उन्हें दिनांक 07.12.2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

इसी प्रकार थाना आस्ता के अप क्रमांक 36/24 धारा 325, 238(ग) BNS एवं पशु क्रूरता का फरार आरोपी दीपक तिर्की उम्र 32 साल निवासी चिकपाठ को भी दिनांक 07.12.2024 को गिरफ्तार किया गया है। उक्त आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ दिनांक 20.11.24 को ग्राम तिगरा जंगल मे गौ वंश की हत्या किया था। विवेचना कार्यवाही एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में उप निरीक्षक संतोष सिंह, स.उ.नि. अमरबेल मिंज, प्र.आर. संदीप, आर. 451 जगनारायण, आर. अम्बुज इत्यादि का योगदान रहा है।

दूसरे थाना बगीचा के प्रकरण में प्रार्थी बली राम यादव उम्र 45 साल निवासी सामरबार ने दिनांक 06.12.2024 को थाना बगीचा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि यह सुबह करीबन 09 बजे अपने एक साथी के साथ मोटर सायकल से ग्राम सेमरजोबला के रास्ते सामरबार की ओर जा रहे थे, कि रास्ते में जोड़ाबर मलार घटिया के पास देखे कि मलार घाट का कौशल तिर्की एवं सेमरजोबला का गिरधारी एवं उसके अन्य साथीगण गौ-वंश की हत्या कर मांस बना रहे थे, प्रार्थी द्वारा चिल्लाने पर वे वहां से भाग गये। प्रार्थी की रिपार्ट पर उक्त धारा सदर का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस द्वारा तत्परतापूर्वक कार्यवाही कर मौके पर जाकर गौ-वंश का अवशेष मिलने पर उसे पशु चिकित्सक से पी.एम. कराकर अग्रिम कार्यवाही की गई है। प्रकरण के आरोपीगण फरार थे, जिसकी लगातार पतासाजी की जा रही थी। विवेचना दौरान दबिश देकर प्रकरण के 02 आरोपीगण कौशल तिर्की एवं गिरधारी राम को अभिरक्षा में लेकर थाना लाया गया, मेमोरंडम कथन में उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त टांगी एवं छुरी इत्यादि को जप्त किया गया है। दोनों आरोपियों के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने पर उन्हें दिनांक 07.12.2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। कार्यवाही में निरीक्षक रामसाय पैंकरा, प्र.आर. 213 लक्ष्मण सिंह, आर. 685 मुकेष पाण्डेय, न.सै. 225 बलीराम का सराहनीय योगदान रहा है।

 

भारत की राष्ट्रपति ने रायरंगपुर में विभिन्न विकास परियोजनाओं की नींव रखी

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भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (7 दिसंबर, 2024) ओडिशा के रायरंगपुर में तीन रेल लाइनों: बांगिरिपोसी-गोरुमहिसानी; बुरामारा-चाकुलिया; और बादामपहाड़-केंदुझारगढ़ के साथ ही जनजातीय अनुसंधान और विकास केंद्र, दंडबोस हवाई अड्डे; और रायरंगपुर के उप-मंडल अस्पताल के नए भवन की नींव रखी।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें इस भूमि की बेटी होने पर हमेशा गर्व रहा है। जिम्मेदारियों और व्यस्तताओं ने उन्हें कभी भी अपनी जन्मभूमि और यहां के लोगों से दूर नहीं किया। बल्कि लोगों का प्यार उन्हें हमेशा अपनी ओर खींचता रहता है। उन्होंने कहा कि मातृभूमि उनके विचारों और कार्यों में बसी है। इस क्षेत्र के लोगों का पवित्र और गहरा स्नेह हमेशा उनके मन में गूंजता रहता है।

राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि रेल परियोजनाओं और हवाई अड्डे से क्षेत्र में परिवहन, वाणिज्य और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। 100 बिस्तरों वाली नई अस्पताल स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि ओडिशा भारत सरकार के पूर्वोदय दृष्टिकोण से लाभान्वित हो रहा है। शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन संपर्क और परिवहन सुविधाओं सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पूरे क्षेत्र के विकास को गति दी जा रही है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी बच्चों को शिक्षित करने के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि ओडिशा में 100 से अधिक नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं जिनमें मयूरभंज जिले के 23 विद्यालय भी शामिल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उन विद्यालयों से शिक्षा प्राप्त करने के बाद आदिवासी बच्चे समाज और देश की प्रगति में गुणवत्तापूर्ण योगदान दे सकेंगे।

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केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया नागालैंड पहुंचे

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया आज सुबह दो दिन दौरे पर नागालैंड पहुंचे। दीमापुर हवाई अड्डे पर आगमन पर विधायक और कौशल विकास, रोजगार और उत्पाद शुल्क तथा युवा संसाधन और खेल सलाहकार मोआतोशी लोंगकुमेर ने उनका स्वागत किया। 

डॉ. मंडाविया बाद में एक हेलिकॉप्टर से राज्य की राजधानी कोहिमा के लिए रवाना हुए। उन्होंने दोपहर में कोहिमा राजभवन में नागालैंड के राज्यपाल ला गणेशन से मुलाकात की।

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बाद में कोहिमा के इंदिरा गांधी स्टेडियम में श्रम और रोजगार विभाग तथा युवा संसाधन और खेल विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ. मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन किया है।

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उन्होंने कहा कि पहले की सरकार खेलों पर बहुत कम ध्यान देती थी , जबकि वर्तमान सरकार प्रत्येक स्तर पर खेलों को विकसित करने का प्रयास कर रही है। यह सुनिश्चित कर रही है कि इसका लाभ देश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।

केंद्रीय मंत्री ने मोदी सरकार की विभिन्न खेल विकास योजनाओं का भी उदाहरण दिया। इसमें खेलो इंडिया योजना, टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स), कीर्ति परियोजना, फिट इंडिया मूवमेंट और राष्ट्रीय खेल रिपोजिटरी प्रणाली (एनएसआरएस) शामिल हैं।

डॉ. मनसुख मंडाविया ने इस वर्ष हॉर्नबिल महोत्सव के लिए उन्हें आमंत्रित करने के लिए नागालैंड सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह महोत्सव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत का सच्चा चित्रण है।

कार्यक्रम में नागालैंड के मुख्यमंत्री के सलाहकार और नागालैंड ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव अबू मेथा और नागालैंड सरकार के युवा संसाधन और खेल सलाहकार एस केओशु यिमखियुंग भी उपस्थित थे।

इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंचने के बाद मंडाविया ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत स्टेडियम परिसर के अंदर एमवाई भारत युवा स्वयंसेवकों के साथ पौधे भी लगाए।

केंद्रीय मंत्री कल हॉर्नबिल महोत्सव में शामिल होंगे और राष्ट्रमंडल युद्ध कब्रिस्तान सहित कोहिमा के महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा करेंगे।

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श्रीराम जानकी विवाह उत्सव 2024 का आयोजन रजगामार (छत्तीसगढ़) में हर्षोल्लास के साथ संपन्न

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कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य की ऊर्जा नगरी कोरबा शहर के अंतर्गत ग्राम रजगामार में विवाह पंचमी के अवसर पर 6 दिसंबर 2024 को प्रथम बार भगवान प्रभु श्री रामचन्द्र एवं माता जानकी के विवाह उत्सव का आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर रजगामार, ओमपुर और आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। विदित हो कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद भारत सहित पूरे विश्व में राम नाम की गूंज सुनाई दे रही है। और हर तरफ भगवान राम के भक्त विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करने में लगे रहे। श्री राम जन्मभूमि अयोध्या से भगवान की बारात निकाली जाती है और जनकपुर में माता जानकी के साथ विवाह पूर्ण विधि से योग्य पुरोहित द्वारा संपन्न कराया जाता है। इसीलिए अब राम भक्त अपने गांव या शहर में यह दिव्य कार्यक्रम कराने लगे हैं।

पंडित कमलाकांत शर्मा द्वारा विधि विधान से पूजा पाठ होते हुए रजगामार में 3 दिसंबर से 6 दिसंबर 2024 तक चली इस कार्यक्रम में 24 घंटे रामायण पाठ किया गया साथ ही भजन कीर्तन भी किया गया।
दिनांक 5 दिसंबर 2024 को झांकी सजाया गया और कर्मा नाच, मांदर झांझ बजाते हुए एवं जय श्री राम का जयकारा लगाते हुए भगवान श्री राम की बारात प्रातः श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर से प्रस्थान कर साहू समाज भवन तक पहुंची। माता सीता और प्रभु राम का विवाह संपन्न हुआ और महाप्रसाद का वितरण किया गया।
यह कार्यक्रम श्री भक्त माता कर्मा भवन, फिल्टर चौक, रजगामार, कोरबा, छत्तीसगढ़ में भक्त माता कर्मा सेवा समिति, रजगामार द्वारा आयोजित किया गया।
रजगामार के समस्त ग्रामवासियों द्वारा इस कार्यक्रम के आयोजन का भरपूर आनंद उठाया गया।
श्री राम जानकी माता विवाह उत्सव 2024 का दिव्य और भव्य आयोजन रजगामार (कोरबा, छत्तीसगढ़) निवासी ईश्वर प्रसाद साहू (पुत्र – स्वर्गीय कुंज राम साहू और लछन बाई) के संकल्प अनुसार हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।

– संतोष साहू

मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह में संदीप यादव की उपस्थिति, साथ दिखीं चित्रा वाघ और नवनीत राणा

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मुंबई। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी बड़ी जीत हासिल की है। महाराष्ट्र राज्य में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है और देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने हैं। मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में देश विदेश से जाने-माने लोग पहुंचे वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और कई बड़े पॉलिटिकल चेहरे ने शपथ ग्रहण समारोह की शोभा बढ़ाई। वहीं भारतीय जनता पार्टी के जुझारू कार्यकर्ता और बॉलीवुड से गहरा तालुका रखने वाले संदीप यादव भी मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रहे। उनकी एक फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है जिसमें भाजपा नेता संदीप यादव के साथ चित्रा बाघ व महाराष्ट्र की राजनीति व हिंदुत्व को लेकर मशहूर चेहरा नवनीत राणा भी दिखाई दे रही है। संदीप यादव, चित्रा बाघ व नवनीत राणा की एक साथ की फोटो लोग खूब लाइक कर रहे हैं।

संदीप यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोकप्रिय नेता देवेंद्र भाउ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली जो कि बहुत गौरव की बात है और निश्चित तौर पर महाराष्ट्र का विकास तेजी से होगा।
शपथ ग्रहण समारोह में उपमुख्यमंत्री की शपथ लेते हुए एकनाथ शिंदे और अजीत पवार ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

ज्वालामुखी की लुथाण काऊ सेंक्चुरी में दो साल में 1200 गोवंश की मौत

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शिमला: जिला कांगड़ा की ज्वालामुखी तहसील के तहत लुथाण में स्थापित काऊ सेंक्चुरी में दो साल के भीतर 1200 गोवंश की मौत हो गई थी. हाईकोर्ट ने इस मामले में समय-समय पर आदेश पारित किए थे. इसी मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष कहा कि सैंकड़ों गायों की मौत की जांच का जिम्मा स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो को दिया गया है.

ये काऊ सेंक्चुरी लुथाण गांव में राधे कृष्ण गौ अभ्यारण्य के नाम से स्थापित की गई थी. यहां 20 जनवरी 2022 में काऊ सेंक्चुरी शुरू हुई. आरंभ में यहां 1310 बेसहारा गोवंश रखा गया था. दो साल की अवधि में यहां 1200 गायों की मौत हुई. इस संदर्भ में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी. इसी याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में जानकारी दी कि गायों की मौत का जांच का जिम्मा स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो को दिया गया है. हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान व न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने जांच अधिकारी सहित संबंधित डीएफओ व पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर को रिकॉर्ड सहित अदालत में मौजूद रहने के आदेश जारी किए.

मामले के अनुसार हाईकोर्ट ने साढ़े तीन करोड़ रुपए की लागत से स्थापित राधे कृष्ण गौ अभ्यारण्य लुथाण जिला कांगड़ा को बंद करने की मांग पर सरकार को नोटिस जारी किए थे. प्रार्थी पवन कुमार ने इस मामले में राज्य सरकार के मुख्य सचिव सहित पशु पालन विभाग के सचिव, वन सचिव, गौ सेवा आयोग बालूगंज के निदेशक, केंद्रीय पशुपालन विभाग के सचिव और एनिमल वेलफेयर बोर्ड को इस मामले में प्रतिवादी बनाया है.

मामले में पेश किए गए तथ्यों के अनुसार 23 जनवरी 2019 को हिमाचल सरकार ने राज्य की सड़कों को बेसहारा गोवंश से मुक्त करने के लिए हर जिला में कम से कम एक पशु अभ्यारण्य स्थापित करने के निर्देश दिए थे. फिर 31 जुलाई 2020 को पशु विभाग के तहत अभयारण्य में पशुओं की देखरेख संबंधी एसओपी जारी की गई. उसके बाद 7 अप्रैल 2021 को एक और एसओपी जारी कर गौ सदनों की कार्यप्रणाली तय की गई थी.

राज्य सरकार ने 20 जनवरी 2022 को ज्वालाजी जिला कांगड़ा के लुथाण में राधे कृष्ण गौ अभ्यारण्य स्थापित करने का निर्णय लिया. इसके बाद साढ़े 3 करोड़ रूपए की लागत से यह अभ्यारण्य स्थापित किया गया. दो सालों में वहां 1310 बेसहारा गायों को रखा गया. हैरत की बात है कि इन्हीं दो साल में कुपोषण व बीमारी से 1200 गोवंश की मौत हो गई. दुखद तथ्य ये कि 19 अक्टूबर 2023 को एक ही दिन में 15 गोवंश अव्यवस्था और कु प्रबंधन के कारण मौत का शिकार हुई.

जनहित याचिका दाखिल करने वाले प्रार्थी ने इस अभ्यारण्य को लुथाण इलाके में बंद कर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थापित करने के आदेशों की मांग की है. इसी मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है. उल्लेखनीय है कि इसी मामले में हाईकोर्ट ने राज्य व केंद्र सरकार से गौ अभ्यारण्यों में खर्च की गई राशि का ब्यौरा मांगा हुआ है. अदालत ने खर्च की गई रकम व उसके उपयोग की सटीक जानकारी अदालत में रखने के आदेश भी जारी किए हुए हैं.

देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार बने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

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मुंबई: महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. अजित पवार का भी डिप्टी सीएम पद के लिए नाम फाइनल है. शाम साढ़े पांच बजे से आजाद मैदान में महायुति सरकार का शपथ ग्रहण है. उससे ठीक पहले फिर महायुति में सस्पेंस के बादल छा गए हैं. एकनाथ शिंदे ने फिर से देवेंद्र फडणवीस की धड़कन बढ़ा दी है. महाराष्ट्र से लेटेस्ट अपडेट यह है कि एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम पर मानने को तैयार नहीं हैं. जी हां, देवेंद्र फडणवीस की ताजपोशी से पहले महायुति में फिर पेच फंसता दिख रहा है. शिंदे के घर के बाहर हलचल बढ़ गई है. शिवसेना नेता और शिवसैनिकों का जमावड़ा लग गया है. शिंदे को मनाने की कोशिश हो रही है.

सूत्रों की मानें तो एकनाथ शिंदे अब भी डिप्टी सीएम पद के लिए नहीं माने हैं. शिवसेना नेता उदय सावंत ने कहा कि अगर एकनाथ शिंदे शपथ नहीं लेंगे तो शिवसेना का कोई भी विधायक शपथ नहीं लेगा. उन्होंने कहा कि सभी विधायक चाहते हैं कि एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री बनें. इस बीच एकनाथ शिंदे के बंगला वर्षा के बाहर शिवसैनिक का जमावड़ा लगा है. नेता से लेकर कार्यकर्ता शिंदे के शपथ लेने की मांग कर रहे हैं. उधर, शिवसेना के विधायक भरत गोगावले, संजय शिरसाट और उदय सावंत भी शिंदे से मिलने पहुंचे हैं.

उदय सामंत ने बड़ा बयान दिया
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शिवसेना विधायक उदय सामंत ने कहा, ‘अगर एकनाथ शिंदे ने उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार नहीं किया तो शिवसेना का कोई भी विधायक नई सरकार में कोई जिम्मेदारी नहीं लेगा.’ शिवसेना नेता ने शरद गुट के जितेंद्र आव्हाड की एकनाथ शिंदे से मुलाकात पर भी टिप्पणी की और कहा कि दोस्ती का कोई आचार संहिता नहीं होता. सामंत ने कहा कि राजनीति में कौन किसका दोस्त है, इस बारे में कोई आचार संहिता नहीं है. आव्हाड और शिंदे दोनों ठाणे के हैं और इसलिए वे दोस्त हैं और साथ रहेंगे.

शिंदे को क्यों मना रहे शिवसैनिक
महाराष्ट्र में बुधवार को देवेंद्र फडणवीस के अगले मुख्यमंत्री बनने की घोषणा होते ही शिवसेना के नवनिर्वाचित विधायकों ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात की. उन्होंने एकनाथ शिंदे से नई सरकार में डिप्टी सीएम पद संभालने की अपील की. पार्टी विधायकों ने बताया कि वे पिछले दो दिनों से शिंदे से मिल रहे हैं, जो अभी कार्यवाहक मुख्यमंत्री हैं. उन्हें नई सरकार में शामिल होने के लिए मनाने की कोशिश की जा रही है. पूरे दिन विधायकों का वर्षा के बाहर तांता लगा रहा. वर्षा एकनाथ शिंदे का आधिकारिक आवास है.

PRESIDENT OF INDIA GRACES 75TH ANNIVERSARY CELEBRATION OF GOPABANDHU AYURVEDA MAHAVIDYALAYA

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The President of India, Smt Droupadi Murmu graced the 75th anniversary celebration of Gopabandhu Ayurveda Mahavidyalaya at Puri, Odisha today (December 4, 2024). 

Speaking on the occasion, the President said that today is the time of science and technology. Technologies such as Artificial Intelligence, machine learning, quantum computing, and 3-D printing are helping in both study and development. We must recognize the present requirements and prepare a blueprint for the future. But, without knowing our past, we cannot understand the present, nor can we decide the future course of action. We should be aware of our glorious past. India has rich traditions in physics, chemistry, astronomy, astrology, medicine, mathematics, and architecture. Scientists like Aryabhata, Brahmagupta, Varahamihir, and Bhaskaracharya have enriched the field of science. Similarly, the contribution of Charak and Sushruta in the field of medical science is noteworthy.

The President said that traditional Indian medical systems give equal importance to prevention and cure. She expressed confidence that students of the Gopabandhu Ayurveda Mahavidyalaya will do research on the untouched aspects of Ayurveda, besides serving as doctors. She said that research would establish the authenticity of this ancient medical system and increase its recognition across the world.

The President said that tribal people have known the herbs and their medicinal benefits since ancient times. But, this traditional knowledge is now slowly disappearing. She expressed hope that students of this college will explore the scientific basis of this system of treatment. She said that by doing that they will save that traditional system from extinction.

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