Home Blog Page 687

मवेशियों से भरा कंटेनर जब्त, आधा दर्जन मवेशियों के मरने की भी आशंका

0

जांजगीर-चांपा। शुक्रवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कंटेनर क्रमांक एचआर ६७ ए ०४१ जिसमें मवेशियां ठूंस ठूंसकर भरी है। उसे हरियाणा की ओर ले जाया जा रहा है। पुलिस ने तत्काल उक्त कंटेनर को घेराबंदी कर डायल 112 की टीम ने फोरलेन के अर्जुनी करुमहु की पास पकड़ा। टोल प्लाजा के पहले ड्राइवर खलासी मुलमुला थाना अंतर्गत ड्राइवर व कंडक्टर मौके से फरार हो गए। पुलिस की टीम ने सभी मवेशियों को अपने कब्जे में लिया। कंटेनर का चालक भागना चाह रहा था। लेकिन डायल 112 की टीम के आरक्षक अजय भानु व चालक विंदा संडे कंटेनर को रोकना चाहा लेकिन नहीं रुका तब उसे पत्थर मारने की कोशिश की तो कंटेनर जाके रुका और कंटेनर ट्रक ड्राइवर व हेल्पर फरार हो गए। कंटेनर को खोलकर देखे तो उसमें 70-80 मवेशी भरे हुए थे। कुछ पहले सी ही बेहोशी की हालत में नीचे बैठे हुए थे। थानेदार मुलमला के अनुसार रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। अवैध खरीद की धारा लगी है। गाड़ी को राज सात कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पामगढ़ डोंगाकोहारौद के सभी मवेशी को गौ रक्षा केंद्र में भेजा गया। मुलमुला पुलिस कंटेनर गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया गया है। कंटेनर में छह दर्जन मवेशियों को भरकर बाहर ले जा रहे वाहन को मुलमुला पुलिस ने पकड़ा है। बताया जा रहा है कि इनमें पांच-छह मवेशियों की मौत भी हो गई। गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष रामसुंदर दास के निर्देशन में मुलमुला पुलिस वाहन चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है।

मुख्यमंत्री से मिला गौ-सेवा समिति का प्रतिनिधिमंडल

0

भोपाल, 28 May – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से शुक्रवार को सीएम हाउस पर श्री कृष्ण गौ-सेवा विकास कल्याण समिति, रेहटी जिला सीहोर के पदाधिकारियों ने भेंट की। समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री चौहान को गौ-सेवा के क्षेत्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आने वाले समय में प्राकृतिक कृषि का प्रचलन बढ़ेगा, जिसमें गौ-पालन का विशेष महत्व है। समिति के सदस्यों में शैलेन्द्र मालवीय, प्रदीप जाट, गजराब बानिया और प्रदीप पटैरिया शामिल थे।

28 मई 2022 जन्‍म जयंती विशेष -वीर सावरकर से उऋण होना असंभव 

0

By – RAJESH JHA

४५ वर्षीय मोहनदास करमचंद गाँधी १९१५  में भारत आते हैं, 2 दशक से भी ज्यादा दक्षिण अफ्रीका में बिता कर। इससे ४ साल पहले २८ वर्ष का एक युवक अंडमान में एक कालकोठरी में बन्द होता है। अंग्रेज उससे दिन भर कोल्हू में बैल की जगह हाँकते हुए तेल पेरवाते हैं, रस्सी बटवाते हैं और छिलके कूटवाते हैं। वो तमाम कैदियों को शिक्षित कर रहा होता है, उनमें राष्ट्रभक्ति की भावनाएँ प्रगाढ़ कर रहा होता है और साथ ही दीवालों कर कील, काँटों और नाखून से साहित्य की रचना कर रहा होता है। उसका नाम था- विनायक दामोदर सावरकर उपाख्य वीर सावरकर।

अंडमान की जेल में उन्हें आत्महत्या के ख्याल आते। उस खिड़की की ओर एकटक देखते रहते थे, जहाँ से अन्य कैदियों ने पहले आत्महत्या की थी। पीड़ा असह्य हो रही थी। यातनाओं की सीमा पार हो रही थी। अंधेरा उन कोठरियों में ही नहीं, दिलोदिमाग पर भी छाया हुआ था। दिन भर बैल की जगह खटो, रात को करवट बदलते रहो। ११ साल ऐसे ही बीते। कैदी उनकी इतनी इज्जत करते थे कि मना करने पर भी उनके बर्तन, कपड़े वगैरह धो देते थे, उनके काम में मदद करते थे। सावरकर से अँग्रेज बाकी कैदियों को दूर रखने की कोशिश करते थे। अंत में बुद्धि की  विजय हुई तो उन्होंने अन्य कैदियों को भी आत्महत्या से विमुख किया।

नानासाहब पेशवा, महारानी लक्ष्मीबाई और वीर कुँवर सिंह जैसे कितने ही वीर इतिहास में दबे हुए थे। १८५७  को सिपाही विद्रोह बताया गया था। तब इसके पर्दाफाश के लिए  २० -२२  साल का एक युवक लंदन की एक लाइब्रेरी का किसी तरह एक्सेस लेकर और दिन-रात लग कर अँग्रेजों के एक के बाद एक दस्तावेज पढ़ कर सच्चाई की तह तक जा रहा था, जो भारतवासियों से छिपाया गया था। उसने साबित कर दिया कि वो सैनिक विद्रोह नहीं, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था। उसके सभी अमर बलिदानियों की गाथा उसने जन-जन तक पहुँचाई। भगत सिंह सरीखे क्रांतिकारियों ने मिल कर उसे पढ़ा, अनुवाद किया।

दुनिया में कौन सी ऐसी किताब है जिसे प्रकाशन से पहले ही प्रतिबंधित कर दिया गया था? अँग्रेज कितने डरे हुए थे उससे कि हर वो इंतजाम किया गया, जिससे वो पुस्तक भारत न पहुँचे। जब किसी तरह पहुँची तो क्रांति की ज्वाला में घी की आहुति पड़ गई। कलम और दिमाग, दोनों से अँग्रेजों से लड़ने वाले सावरकर थे। दलितों के उत्थान के लिए काम करने वाले सावरकर थे। ११ साल कालकोठरी में बंद रहने वाले सावरकर थे। हिंदुत्व को पुनर्जीवित कर के राष्ट्रवाद की अलख जगाने वाले सावरकर थे। साहित्य की विधा में पारंगत योद्धा सावरकर थे।

आज़ादी के बाद क्या मिला उन्हें? अपमान। वीर सावरकर को गाँधी हत्या के केस में फँसाकर गिरफ़्तार किया गया। उनको स्वतंत्रता सेनानी  पेंशन तक नहीं दिया। प्रताड़ित किया। ६० के दशक में उन्हें फिर गिरफ्तार किया, प्रतिबंध लगा दिया। उन्हें सार्वजनिक सभाओं में जाने से मना कर दिया गया। ये सब उसी भारत में हुआ, जिसकी स्वतंत्रता के लिए उन्होंने अपना जीवन खपा दिया। आज़ादी के मतवाले से उसकी आज़ादी उसी देश में छीन ली गई, जिसे उसने आज़ाद करवाने में योगदान दिया था। शास्त्री जी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने पेंशन का जुगाड़ किया।

    वो कालापानी में कैदियों को समझाते थे कि धीरज रखो, एक दिन आएगा जब ये जगह तीर्थस्थल बन जाएगी। आज भले ही हमारा पूरे विश्व में मजाक बन रहा हो, एक समय ऐसा होगा जब लोग कहेंगे कि देखो, इन्हीं कालकोठरियों में हिंदुस्तानी कैदी बन्द थे। सावरकर कहते थे कि तब उन्हीं कैदियों की यहाँ प्रतिमाएँ होंगी। आज आप अंडमान जाते हैं तो सीधा ‘वीर सावरकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ पर उतरते हैं। सेल्युलर जेल में उनकी प्रतिमा लगी है। उस कमरे में प्रधानमंत्री भी जाकर ध्यान धरता है, जिसमें सावरकर को रखा गया था। वीर सावरकर ने व्यक्ति – समाज और राष्ट्र को इतना कुछ दिया कि उनके ऋणों को चूका पाना न तो किसी व्यक्ति के लिए संभव है , न समाज के लिए और न ही राष्ट्र के लिए।

MP – मोहिनी,पूनम की शादी के पूर्व संध्या पर अभिभावक के रूप में आशीर्वाद देने पहुंचे झांसी के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ संदीप सरावगी

0
MP - मोहिनी,पूनम की शादी के पूर्व संध्या पर अभिभावक के रूप में आशीर्वाद देने पहुंचे झांसी के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ संदीप सरावगी।

MP- झांसी महानगर के बहुचर्चित क्षेत्र लकारा निवासी स्वर्गीय श्री श्याम लाल दोहरे की 5 पुत्रियां थी जिसमें एक पुत्री की शादी कर आकस्मिक श्यामलाल का स्वर्गवास हो गया। बाकी पुत्रियों के सिर से पिता का साया उठ गया। लेकिन कहावत है “जिसका कोई नहीं, उसका खुदा होता है”यही वाक्या मोहिनी और पूनम के साथ हुआ पिताजी के स्वर्गवास होने पर उनका लालन-पालन मां और परिवार के सदस्यों ने किया। लेकिन जब बेटी की डोली उठती है तो उस समय मां-बाप का होना एक सुखद होता है। लेकिन जब सिर से बाप का साया उठ जाए तो उस संतान से पूछो उसके दिल पर क्या गुजरती है।लेकिन सनातन धर्म में कहावत है।”बेटियां अपना भाग्य खुद लिख कर आती हैं”जब यह जानकारी झांसी के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी को लगी तो बिना भेदभाव ऊंच-नीच से परे समाज हित में अपना जीवन समर्पित कर चुके वरिष्ठ समाजसेवी डॉ.संदीप सरावगी बेटियों की शादी की पूर्व संध्या पर उनके निज निवास लकारा पहुंचे। यह देखकर परिवार के सदस्य व रिश्तेदार देखते रह गए की आखिर कोई तो है।
Also Read – मंदिर चाहिये या रोजगार ? हमारे मंदिर देते है करोड़ो लोगों को रोजगार कैसे ?

इस जहां में जो नेक कार्य कर रहा है। वरिष्ठ समाजसेवी ने बेटियों के सिर पर हाथ रखकर अभिभावक के रूप में आशीर्वाद दिया और आर्थिक मदद की और कहा कि जब भी कोई जरूरत पड़े तो बेहिचक बताना पिता के रूप में मैं आपके साथ हमेशा खड़ा रहूंगा। इस मौके पर लकारा ग्राम के पूर्व प्रधान हरचरण दोहरे ने कहा की एक साक्षात भगवान का स्वरूप है जो इस कलयुग में उन असहाय परिवारों की मदद करते हैं। और हर सुख दुख में अपने क्षेत्र की जनता के साथ खड़े हैं।ऐसे युगपुरुष को प्रणाम करता हूं और धन्यवाद देता हूं। वही मोहिनी और पूनम के चाचा सियाराम दोहरे ने कहा कि मेरा भाई तो इस दुनिया में नहीं रहा।लेकिन एक भाई रूप में बड़ा भाई हमें मिला। मैं जिंदगी भर ऐसे भाई का आभारी रहूंगा। इस मौके पर संघर्ष सेवा समिति की सदस्य धर्मेंद्र खटीक,राजू सेन,बसंत गुप्ता,सुशांत गुप्ता,विकास पिपरिया,विशाल पिपरिया,अतुल वर्मा, राकेश अहिरवार,मो. शहजाद,अजय आरंभ,संदीप नामदेव आदि उपस्थित रहे।

Also Read – भारतराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का आधार हें गोमाता;

नेहरू सेंटर में इंडियन आर्ट फेस्टिवल का आयोजन

0

– काली दास पाण्डेय

Mumbai – 2 साल कोरोना महामारी के बाद इंडियन आर्ट फेस्टिवल का आयोजन 26 मई से 29 मई तक नेहरू सेंटर (मुम्बई) में किया गया है। जहाँ पर 45 आर्ट गैलरीज लगाई गई हैं, जिसमे 550 आर्टिस्ट अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं जो 4 ग्लोबल शहरों से आये हैं। इसके पहले दिल्ली और बैंगलोर में इंडियन आर्ट फेस्टिवल का 10वां सीजन काफी सफल रहा और अब इसे मुंबई में लोगों का ढेर प्यार मिल रहा हैं। इंडियन आर्ट फेस्टीवल में अपनी बेटी एरियाना के साथ पहुंची एक्ट्रेस महिमा चौधरी साथ ही पायल रोहतगी और संग्राम सिंह ने भी दीप प्रज्वलित कर कहा “कला का आनंद लो और फिट रहो”।
इसके अलावा इंडियन आर्ट फेस्टिवल में पद्मश्री शोमा घोष, विख्यात सिंगर मनहर उधास, तबला मास्टर और म्यूजिक प्रोड्यूसर जीतू शंकर ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस फेस्टिवल की शोभा बढ़ाई। साथ ही डॉ. सरयू दोषी, विलास शिंदे,चरन शर्मा, निमिषा शर्मा, पृथ्वी सोनी और गौतम पटोलें जैसे वेटेरन आर्टिस्ट और डॉ अनुषा श्रीनिवासन अय्यर ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन कर इस फेस्टिवल में एक जान डाल दी।

भारतराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का आधार हें गोमाता;

0

गाय हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है। गाय को पालने से दूध, दही, छाछ, घी जैसे पोषक पदार्थ प्राप्त होते हैं। गाय से ही बैल मिलते हैं जो कि हल चलाने, सामान ढोने और खेती के काम में सहायक होते हैं। गोधन का गोबर ईंधन बचाने व ऊर्जा उत्पादन में काम आता है। इससे पर्यावरण प्रदूषण कम होता है। गोबर की खाद भी होती है। गोधन को पालने से ग्वालों की दिनचर्या अनुशासित रहती है। इससे जीवन पूरी तरह स्वस्थ रहता है। गोमूत्र से अनेक रोगों का उपचार होता है। एक अनुसन्धान के अनुसार हमारे देश को कृषि के लिए नब्बे प्रतिशत ऊर्जा गोवंश से ही मिलती है। इस तरह गाय को ग्राम विकास का आधार मानना पूर्णतया उचित है।

गाय के घी से होने वाले हवन का धुआँ कीटाणु अथवा बैक्टीरिया को नष्ट करता है। गाय का गोबर खेतों में खाद के काम तथा ईंधन के काम आता है। इसका मूत्र अनेक असाध्य रोगों के इलाज में उपयोगी रहता है। इस प्रकार गाय का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्त्व है। यह गरीबों के परिवारों का पालन-पोषण करने में उपयोगी रहती है। इससे खेती और कृषि के कामों में सहायता मिलती है। गाय के बछड़े बैल बनते हैं, जो हल चलाने एवं भार ढोने के काम आते हैं। गोधन के मरने पर भी इसका चमड़ा अनेक चीजों को बनाने के काम आता है। गाय की उपयोगिता एवं महत्त्व को देखकर ही इसे ‘गोमाता’ कहते हैं।

भारतीय जन-जीवन में परिवार के पालन तथा कृषि कार्य की दृष्टि से गाय का विशेष महत्त्व है। इससे दूध जैसा पौष्टिक पदार्थ मिलता है। इसके गोबर एवं गोमूत्र का अनेक तरह से उपयोग किया जाता है। वेदों एवं पुराणों में गाय को पूज्य और रक्षणीय बताया गया है। यहाँ पर गोपालन की सनातन परम्परा रही है।

आयुर्वेद में अनेक रोगों के उपचार आदि में गाय के घी को उपयोगी माना गया है। गाय के घी से हवन करने पर जो धुआँ फैलता है, वह हानिकारक कीटाणुओं को नष्ट करता है। वह ओजोन परत के छेद को पाटने का काम करने में व पर्यावरण शुद्धि में भी उपयोगी रहता है।

भारतीय जन जीवन में गाय का अपना विशेष महत्त्व है। गाय चौपाया प्राणी है और उसे माँ के बराबर आदर दिया गया है। यह हमारी पारिवारिक व कृषि संस्कृति की आधार रही हैं। गाय को गोधन कहा है। पौराणिक काल में जिसके पास जितनी अधिक गायें, वह उतना ही धनी माना जाता था। अतएव गायों की सुरक्षा को एक मानवीय कर्तव्य के रूप में परिभाषित किया गया है। गाय को वेदों में रक्षणीय, सुरक्षा के योग्य, इसी अर्थ में स्वीकारा गया है कि वे सर्वोपरि धन हैं। गायों के जाये बैलों ने कृषि कार्य में इतना सहयोग किया कि वे गायों के साथ ही पूजा के योग्य भी माने गये।

जफर कुरेशी बना चैतन्य सिंह – महामंडलेश्वर स्वामी चितम्बरानंद बोले- घर वापसी

0

मंदसौर. मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में एक मुस्लिम शख्स ने सनातन धर्म स्वीकार कर लिया है. अब शेख जफर कुरेशी अपने नए नाम चैतन्य सिंह राजपूत से जाना जाएगा. शुक्रवार को मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर प्रांगण में जफर ने सनातन धर्म गृहण कर लिया है. इस मौके पर महामंडलेश्वर स्वामी चितम्बरानंद महाराज, सांसद सुधीर गुप्ता और विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया भी मौजूद रहे. शेख जफर ने पूरे हिंदू रीति रिवाजों के अनुसार हवन कर मुस्लिम धर्म छोड़कर सनातन धर्म अपना लिया है. धर्म परिवर्तन करवाने वाले महामंडलेश्वर स्वामी चितम्बरानंद महाराज ने कहा कि ये घर वापसी है, सबके पूर्वज हिन्दू हैं. चितम्बरानंद ने शुक्रवार को कहा कि मंदसौर के भगवान पशुपतिनाथ महादेव मंदिर पर घर वापसी का कार्यक्रम चल रहा है.

महामंडलेश्वर स्वामी चितम्बरानंद महाराज ने मंदसौर के रहने वाले मुस्लिम युवक शेख जफर कुरेशी की घर वापसी करवाई है. सनातन धर्म के रीति रिवाज के अनुसार शेख जफर को सनातन धर्म की दीक्षा दी है. अब जफर का नाम चैतन्य सिंह राजपूत हो गया है. वहीं चेतन्य सनातन धर्म गृहण करने के बाद कहा कि मैं अपने मूल में लौटा हूं. अगर कोई इसका विरोध करता है तो गलत है. वहीं इस मौके पर चितम्बरानंद महाराज ने कहा कि सभी के पूर्वज हिंदू थे. जफर ने चैतन्य बनकर अपने सनातन धर्म में घर वापसी की है. इस पावन क्षण के साक्षी सैकड़ों लोग बने हैं. पूरे रीति रिवाज के अनुसार चैतन्य को दीक्षा दी गई है. बता दें कि जफर ने करीब 10 साल पहले एक हिंदू युवती से ही शादी की थी. अब जफर ने भी हिंदू धर्म अपना लिया है. जफर से चैतन्य बने शख्स की पहले से ही हिंदू धर्म में आस्था थी. हिंदू धर्म के त्योहारों में वह पहले से ही शामिल हुआ करता था. साथ ही हिंदू धर्म के त्योहारों को भी धूमधाम से मनाया करता था. इतना ही नहीं चैतन्य ने पहले से ही अपने घर में मंदिर बनाया हुआ था. साथ ही इसके पहले भी हिंदु देवी देवताओं में भी काफी आस्था रखा करता था. दीक्षा समारोह के मौके पर मंदर प्रांगण में काफी लोग मौजूद रहे. यहां सांसद सुधीर गुप्ता और विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया भी मौके पर मौजूद रहे. महामंडलेश्वर स्वामी चितम्बरानंद महाराज ने चेतन्य को सनातन धर्म की दीक्षा दी है.

Also Read – MP- शादीशुदा अमजद खान ने खुद को आदिगौरी बताकर हिंदू युवती को प्रेम जाल में फंसाया, किया रेप, फिर बनाने लगा कन्वर्जन का दबाव

महाराष्ट्र के अस्पताल में बड़ी लापरवाही, खून चढ़ाने के बाद चार बच्चे एचआईवी संक्रमित, एक की मौत

0

महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां खून चढ़ाने के बाद चार बच्चे एचआईवी संक्रमित हो गए हैं। इनमें से एक बच्चे की मौत हो गई है। थैलेसीमिया के इलाज के लिए इन बच्चों को खून चढ़ाया गया था। फिलहाल इस मामले में राज्य के स्वास्थ विभाग ने उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही है। सहायक उप निदेशक डॉ. आर के धाकाटे ने कहा है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि विभाग ने मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।

अस्पताल में उपचार कर रहे डॉक्टर का कहना है कि इलाज के लिए जब बच्चों का टेस्ट किया गया तो वे एचआईवी संक्रमित मिले। डॉक्टर का मानना है कि ब्लड बैंक से दूषित खून दिया गया था। उसी ब्लड को बच्चों के चढ़ा दिया गया, जिससे वे संक्रमित हो गए हैं। डॉक्टर ने बताया कि खून की जांच के लिए एनएटी परीक्षण करना जरूरी होता है, लेकिन ब्लड बैंक में यह जांच सुविधा नहीं है। इसी वजह से बच्चों को बिना जांच किए बिना ही खून चढ़ा दिया गया। एक पीड़ित बच्ची के परिजन ने बताया कि उनकी बेटी पांच साल की है। अगर जांच करके ब्लड चढ़ाया गया होता तो बच्ची संक्रमित नहीं होती।

MP – गौ तस्कर शहनाज, रफीक और इकबाल गिरफ्तार, 5 गौवंशों को कराया मुक्त

0

मध्यप्रदेश के राजगढ़ में सारंगपुर थाना पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर हाइवे स्थित होटल के सामने से घेराबंदी कर पिकअप वाहन को पकड़ा। वाहन से क्रूरतार्पूवक भरे पांच गौवंश मिले, जिन्हें कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। साथ ही मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपियों के खिलाफ पशु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर पूछताछ शुरु की।

ALSO Read – ग्वालियर : उत्कृष्ट चारा प्रबंधन वाली रानीघाटी गौशाला में लगेगा गौ-संवर्धन योजना प्लांट – स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने किया निरीक्षण

थाना प्रभारी आशुतोष उपाध्याय के अनुसार बीती रात मुखबिर की सूचना पर हाइवे स्थित कमलेश होटल के सामने से घेराबंदी कर एक पिकअप वाहन को पकड़ा, तलाशने पर वाहन में पांच गौवंश क्रूरतापूर्वक बंधे हुए मिले, जिन्हें मुक्त कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। पुलिस ने मौके से शहनाज उर्फ सानू पुत्र शहजाद मंसूरी निवासी पिंजारा बाखल, रफीक (30) पुत्र गुलाम पठान और इकबाल पुत्र शब्बीरखां निवासी डंडियावाड़ी थाना सारंगपुर को गिरफ्तार किया।

आरोपियों के कब्जे से साढ़े चार लाख का पिकअप वाहन, 40 हजार के गौवंश जब्त किए गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 11(1)घ, 4,6,9 गौवंश प्रतिषेध अधिनियम 2004 ,4,6,10 कृषक पशु अधिनियम , 130/177 (3) एमवी.एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
Also Read – मंदिर चाहिये या रोजगार ? हमारे मंदिर देते है करोड़ो लोगों को रोजगार कैसे ?

मुंबई क्रूज ड्रग्स केस के मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन को NCB ने दी क्लीन चिट

0

मुंबई: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने हाई-प्रोफाइल मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) को ‘क्लीन चिट’ दे दी है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने इस बारे में जानकारी दी है. आर्यन खान को पिछले साल मुंबई में एक क्रूज पर छापेमारी के दौरान एनसीबी ने कई अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया था और उनके पास ड्रग्स बरामद करने का दावा किया था. कई सप्ताह तक जेल में बंद रहने के बाद आर्यन खान को कोर्ट से जमानत मिली थी.

ड्रग-ऑन-क्रूज मामले में एनसीबी ने शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को आरोपी नहीं बनाया गया है. एनसीबी के डीडीजी (ऑपरेशंस) संजय कुमार सिंह के एक बयान में कहा गया है कि आर्यन और मोहक को छोड़कर सभी आरोपियों के पास से नशीले पदार्थ बरामद किए गए. एनसीबी अधिकारी के बयान में कहा गया है कि 14 लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है. बाकी 6 लोगों के खिलाफ सबूतों के अभाव में शिकायत दर्ज नहीं की जा रही है.

क्या था पूरा मामला, क्यों हुई थी आर्यन की गिरफ्तारी?
आपको बता दें कि आर्यन खान को एनसीबी की टीम ने 2 अक्टूबर, 2021 की रात मुंबई के क्रूज शिप टर्मिनल से पकड़ा था. आर्यन खान के साथ उनके दोस्त अरबाज मर्चेंट को भी एनसीबी ने अपनी गिरफ्त में लिया था. एनसीबी का आरोप था कि मुंबई से गोवा जा रहे क्रूज शिप पर ड्रग्स पार्टी होने वाली थी और आर्यन खान इस पार्टी का हिस्सा बनने वाले थे. अरबाज के जूतों से ड्रग्स पकड़ी गई थी, हालांकि एनसीबी को आर्यन के पास के कोई नशीला पदार्थ नहीं मिली था.

मामले में आर्यन खान 26 दिन आर्थर रोड जेल में बंद रहे
आर्यन खान कुछ दिन तक एनसीबी की कस्टडी में रहे थे, फिर 7 अक्टूबर को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया. आर्यन को मुंबई की आर्थर रोल जेल में रखा गया था और अदालत से 2 बार उनकी जमानत याचिका खारिज हुई थी. आर्यन खान को 26 दिनों तक आर्थर रोड जेल में रहने के बाद 28 अक्टूबर, 2021 को कोर्ट से जमानत मिली थी. इस मामले में आर्यन खान के अलावा जिन 19 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, उनमें 2 को छोड़कर सभी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.