Home Blog Page 675

एवरग्रीन म्यूजिक अवॉर्ड समारोह में 90 वर्षीय गायिका संगीतकारा मधु चंद्रा को मिला विशेष सम्मान

0

मुंबई। वीएस नेशन मीडिया ग्रुप और ताल म्यूजिक एंड फिल्म्स के संयुक्त तत्वावधान में 6 दिसंबर को अंधेरी पश्चिम स्थित मेयर हॉल में एवरग्रीन म्यूजिक अवॉर्ड समारोह का सफल आयोजन किया गया। जिसमें विविध कार्यक्रमों का भी समावेश रहा। इस अवार्ड समारोह की शुरूआत एवरग्रीन कराओके किंग एंड क्वीन स्पर्धा से की गई। जिसमें 12 महिला और 12 पुरुषों ने अपनी गायिकी के अंदाज बयां किए। इस स्पर्धा को जज करने सेलिब्रिटीज पार्श्व गायिका अनुपमा सी. श्रीवास्तव, गुजराती शकीरा कहलाने वाली देश विदेश में अपनी परफॉरमेंस के जरिए तहलका मचाने वाली अनिता शर्मा, गायक अनिल शर्मा को बुलाया गया। इस स्पर्धा में राजेंद्र कुलकर्णी को एवरग्रीन कराओके किंग और दिव्या पुनीता को एवरग्रीन कराओके क्वीन चुना गया। इसके अलावा इसी कार्यक्रम में कैजाद पटेल के नए एल्बम सॉन्ग ‘मदहोशियों का यार हूं मैं’ को भी लॉन्च किया गया। एमा अवॉर्ड के सीजन 2 में संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लीजेंड, नामचीन और नवोदित प्रतिभाओं को अवार्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। यहां हम बता दे कि वीएस नेशन मिडिया एजेंसी और ताल म्यूजिक एंड फिल्म्स के द्वारा एवरग्रीन म्यूजिक अवॉर्ड समारोह का आयोजन एक सार्थक पहल के रूप में गत वर्ष शुरू हुआ।
आयोजक दविंद्र खन्ना का मानना है कि म्यूजिक हमारा सबसे अच्छा मित्र है, आप कितने भी उदास निराश क्यूं ना हो संगीत सुनते ही आप सब भूल जाते है, और म्यूजिक ही सदा से एवरग्रीन रहा है और रहेगा। देवेंद्र ने बताया कि इस अवॉर्ड का उद्देश्य जहां नवोदित प्रतिभाओं को प्रकाश में लाना है वहीं पुराने लीजेंड्स को भी नई पीढ़ी से रूबरू कराना है।
देवेंद्र खन्ना वसई गौरव अवॉर्ड, नारी शक्ति सम्मान, मिस मिसेज एवरग्रीन इंडिया ब्यूटी कॉन्टेस्ट, सिंगिंग कॉन्टेस्ट, डांसिंग कॉन्टेस्ट, म्यूजिक कॉन्सर्ट का आयोजन वीएस नेशन (वसई, मुम्बई) के बैनर तले करते रहते हैं।
बीते वर्ष इस अवॉर्ड समारोह में लेस्ली लुईस, दिलीप सेन, सुधाकर शर्मा, राम शंकर, तृप्ति शाक्य, शोमा बैनर्जी, कपिल हरीशंकर, राजीव महावीर, रेपर हितेश्वर, विजॉय कश्यप, वास्तविक रॉय, रक्षा श्रीवास्तव, शीरीन फरीद, मनोज टकरिया, अनिता शर्मा, शोना गोंसलवेस, आदि सहित बहुत से संगीत सितारों के साथ म्यूजिक लवर तथा मीडिया के प्रतिनिधियों को भी अवॉर्ड से सम्मानित किया था।
इस वर्ष सीजन 2 में 90 वर्षीय गायिका संगीतकारा मधु चंद्रा को एवरग्रीन संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया।


इनके अलावा वरिष्ठ गायक संगीतकार कीर्ति अनुराग, गायिका अनुपमा श्रीवास्तव, सिंगर खुशबू जैन, कैजाद पटेल, नायनाज जमादार मुंसफ, राजू टाक, लखन रावल, गीताबेन यादव, मॉडल एक्ट्रेस स्नेहा सिंह, एक्ट्रेस परफॉर्मर शिरीन फरीद, कोरियोग्राफर चैरा फर्नेड्स, सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट अन्नू जगताप, कल्पना, गीतकार रवि चोपड़ा, गीतकार एम प्रकाश, गीतकार नीतू सैनी, संगीतकार संजय गौरीनंदन, म्यूजिक अरेंजर राजेश राठौड़, मन्नत हाशमी, राजेश खजनिया, राकेश ओगनिया, आकाश देसाई, डॉ रोशन सकपाल, एंड एक्टर एंकर कमल कुमार घिमिरे जो कि शो को होस्ट भी कर रहे थे उन्हें भी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
इनके अलावा म्यूजिक समीक्षक का अवॉर्ड राजीव विजयकर को दिया गया, साथ ही पत्रकारों में कृष्ण शर्मा, दिनेश गंभवा, रुतुल कुमार, रेस्मा सामा, विपुल राठौड़, जैयश कुमार आदि का भी सम्मान किया गया।
इस समारोह को सफल बनाने में ससी, अनंत सिंह, मेघा पिथवा, नीतू सिंह के सहयोग का आभार मानते हुए देवेंद्र खन्ना ने कहा कि इस समारोह की सफलता का सारा श्रेय मैं मेरे सहयोगियों को देता हूं उन्हीं की मेहनत से ये कार्यक्रम सफल हो पाया।
इस समारोह के अतिथि जैनब लहरी, रेवती अय्यर, मधु मंगल दास, पंडित जगदीश आचार्य ने भी समारोह की सराहना की।

दो दिवसीय उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का 8 दिसम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे शुभारंभ..

0
7 दिसम्बर 2023,गुरुवार, देहरादून , कई देशों के राजदूत, केंद्रीय मंत्री, प्रमुख उद्योगपतियों सहित विशिष्ट अतिथि भी होंगे शामिल
देहरादून 7दिसम्बर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ( 8 दिसंबर) दो दिवसीय “उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023” का शुभारंभ करेंगे। विदित हो 8 और 9 दिसंबर को देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट में चलने वाले इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देश- विदेश के हज़ार से अधिक इन्वेस्टर और डेलीगेट्स शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 दिसंबर को ही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के उद्घघाटन सत्र के बाद वापस दिल्ली रवाना हो जाएंगे। उत्तराखंड सरकार द्वारा इस बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की थीम “पीस टू प्रोस्पेरिटी” रखा गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर सम्पूर्ण तैयारियां की जा चुकी हैं। सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को निवेश की नए डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में ढाई लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया था। जिसमें निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त उद्योग समूहों के साथ लगातार एमओयू साइन किये जा रहे हैं.. ! हमारी सरकार निवेश के माध्यम से राज्य में रोजगार सृजन एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु निरंतर कार्य कर रही है।
लंदन , दुबई समेत देश के कई महानगरों में किये गए थे रोड शो….
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन से पहले उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 4 इंटरनेशनल और 5 डोमेस्टिक रोड शो आयोजित किए गए। देश से बाहर लंदन,बर्मिघम, अबूधाबी, दुबई में 4 इंटरनेशनल रोड शो हो चुके हैं जबकि देशभर में प्रदेश सरकार द्वारा दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और मुंबई में रोड शो किया गया था । बीते 14 सितंबर और 4 अक्टूबर को धामी सरकार दिल्ली में ₹26575 करोड़, 26 और 27 सितंबर को ब्रिटेन में ₹12500 करोड़, 17 और 18 अक्टूबर को यूएई में ₹15475 करोड़ के निवेश का करार कर चुकी है। इसके अलावा 26 अक्टूबर को चेन्नई में ₹10150 करोड़, 28 अक्टूबर को बेंगलुरु में ₹4600 करोड़ और 1 नवंबर को अहमदाबाद में ₹24000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव का करार हुआ है। जबकि 5 नवम्बर को मुंबई रोड शो में ₹30200 करोड़ रुपए के एमओयू किए गए। इसके साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा देहरादून- हरिद्वार जनपद का हरिद्वार में और नैनीताल- ऊधमसिंह नगर का रुद्रपुर में “रिजनल कॉन्क्लेव” आयोजित किया गया। यही नहीं समस्त 9 जनपदों में भी “डिस्ट्रिक्ट लेबल मिनी कॉन्क्लेव” आयोजित किए गए ताकि प्रदेश के अन्य छोटे- बड़े उद्यमियों को भी निवेश हेतु प्रोत्साहित किया जा सके। अब तक प्रदेश सरकार द्वारा जिन निवेशकों से इन्वेंस्टमेंट एमओयू साइन किए गए हैं। उनमें प्रमुखतः टूरिज्म हास्पिटैलिटी सेक्टर, आयुष वेलनेस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, फार्मा सेक्टर, फूड प्रोसेसिंग, रियल एस्टेट-इंफ्रा, पंप्ड स्टोरेज सेक्टर, ग्रीन एंड रिन्यूएबल एनर्जी एवं ऑटोमोबाइल सेक्टर शामिल हैं।
3 केंद्रीय मंत्री, प्रमुख उद्योगपतियों समेत कई विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल–
प्रस्तावित आयोजन के उद्घघाटन सत्र में कई विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने का अनुमान है। जिसमें भारत सरकार के तीन केंद्रीय मंत्रीयों के साथ ही राज्य सरकार के 7 कैबिनेट मंत्री, सभी पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद, विधायकगण एवं कई विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहेंगे। उद्घघाटन सत्र में 8 प्रमुख वक्ता के रूप में देश के प्रमुख उद्योगपति शामिल रहेंगे।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 में 15 महामहिम राजदूत / हैड आफ मिशन-स्पेन, स्लोवानिया, नेपाल, क्यूबा, ग्रीस, आस्ट्रिया, जापान, साउदी अरब आदि शामिल रहेंगे। इसके अतिरिक्त प्रमुख उद्योगपति आदि भी मौजूद रहेंगे।
राज्य में 44 हज़ार करोड़ के प्रोजेक्ट्स होंगे ग्राउंड–
इस वर्ष राज्य सरकार ने शत- प्रतिशत ग्राउंडिंग का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्लोबल इन्वेस्टर समिति के उद्घघाटन सत्र के दौरान ₹44000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स ग्राउंडिंग का शुभारंभ करेंगे, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े 16 प्रोजेक्ट शामिल हैं । उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टर समिति के पहले दिन ही ₹44000 करोड़ की ग्राउंडिंग प्रदेश की आर्थिक गति को और रफ्तार देगी। यह प्रथम अवसर होगा जब इतने बड़े स्तर पर प्रोजेक्ट की ग्राउंडिंग शुरू की जा रही हो।
निश्चित तौर पर यह ग्लोबल इन्वेस्टर समिट उत्तराखण्ड के विकास हेतु मील का पत्थर साबित होगा !

सनातन धर्मावलम्बियों, गौ-गीता-गंगा-गायत्री का अपमान देश कभी नही सहेगा: अश्विनी चौबे

0
वाराणसी, 7 दिसम्बर (हि.स.)। देश के तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद पार्टी नेताओं के साथ केन्द्रीय मंत्री भी कांग्रेस पर तंज कसने का कोई अवसर नही चूक रहे। मंगलवार को शहर में आए केन्द्रीय मंत्री अश्वनि चौबे ने कांग्रेस के शीर्ष नेता और पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक रहे राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आजकल कांग्रेस के युवराज यमराज बन गए है। राहुल गांधी को यही कहूंगा कि युवराज अब यमराज बनना छोड़ दो। पत्रकारों से बातचीत के दौरान केन्द्रीय मंत्री ने डीएमके सांसद के गौमूत्र वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ये लोग इस प्रकार की गंदी और ओछी बातें करते है। पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद अभी आधा तमाचा लगा है। आने वाले दिनों में पूरा तमाचा लगेगा। सनातन धर्मावलम्बियों, गौ-गीता-गंगा-गायत्री का जो अपमान करता है। उनको यह देश कभी भी नहीं सहेगा।
बताते चले डीएमके सांसद सेंथिल कुमार ने सदन में चर्चा के बीच कहा ‘भाजपा की चुनाव जीतने की शक्ति मुख्य रूप से हिंदी भाषी राज्यों तक सीमित है, या यूं कहें गौमूत्र राज्यों तक सीमित है। तुम लोग दक्षिण भारत नहीं आ सकते। केन्द्रीय मंत्री चौबे ने कहा कि ये गौ मूत्र की बात करते हैं। उन्हें नहीं पता कि गौ मूत्र कितनी उपयोगी चीज है। अब तो कैंसर की दवाई बनाने में भी उसका उपयोग किया जा रहा है। गौ हमारी माता है। केन्द्रीय मंत्री ने एक सवाल के जवाब में बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार की चुटकी ली। उन्होंने नाम न लेकर कहा कि चले थे फूफा जी प्रधानमंत्री बनने, उन्हें बीच-बीच में मुंगेरी लाल का सपना आता रहता है। फूफा जी बंगलौर से चुपचाप लौट आए। उसके बाद चाचा-भतीजा (नितीश कुमार-तेजस्वी यादव) मुम्बई से लौट के आ गए। फूफा जी कोपभवन में है, अब उनके लोग कह रहे है कि फूफा जी को स्थान मिलना चाहिए। फूफा जी को कांग्रेस पर दवाब बनाना चाहिए। इन सारे लोगो ने ही कांग्रेस को बर्बाद किया है। विपक्षी गठबंधन इंडिया की बैठक रद्द होने के सवाल पर कहा कि घमंडिया ठगबंधन है। जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए गठबंधन है।

ट्रक में से गौ मांस मिलने का मामला, व्यापारी को पकड़ने के लिए पुलिस दिल्ली रवाना

0

जालंधर (वरुण): पठानकोट चौक तस्करी करके ले जाते हुए मिले गऊ के अंगों का पुलिस की देखरेख में बुलंदपुर में अंतिम संस्कार कर दिया गया। दूसरी तरफ दिल्ली की मछली मार्कीट में गौ मांस का धंधा करने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए जालंधर कमिश्नरेट पुलिस दिल्ली के लिए रवाना हो गई है।

पुलिस की मानें तो दिल्ली के व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद ही कश्मीर में गौ मांस मंगवाने वाले आरोपी की पहचान हो पाएगी। इन तीनों को कश्मीर से व्यक्ति बारे नहीं पता क्योंकि उसने जम्मू पहुंच कर फोन पर संपर्क करके लोकेशन बतानी थी जहां तीनों ने गौ मांस डिलीवर करना था। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से गौ मांस लेकर कश्मीर पहुंचाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों को 49 हजार रुपए किराए के रूप में मिलने थे।

बता दें कि बजरंग दल की टीम ने पठानकोट चौक पर ट्रैप लगा कर जे.एंड के. के ट्रक को घेर कर उसमें से गौ मांस बरामद किया था। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद ट्रक सवार 3 आरोपियों को गुस्साई भीड़ के चुंगल से छुड़वाया और थाना आठ ले गई। थाना आठ की पुलिस ने ट्रक ड्राइवर अमीर मकबूल मीर उसके साथी मासिफ फारुक और फोजान महुद्दीन मीर तीनों निवासी बारामुल कश्मीर के खिलाफ बजरंग दल के उप प्रधान अभिमन्यु घई के बयानों पर केस दर्ज करके उन्हें दो दिन के रिमांड पर लिया था।

गौ माता’ का देश है भारत, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा

0

तीन राज्यों में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद डीएमके सांसद सेंथिल कुमार ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए हिंदी पट्टी राज्यों के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया था. संसद में उनके इस बयान पर जमकर हंगामा हुआ था. बीजेपी के साथ-साथ डीएमके की सहयोगी कांग्रेस ने भी उनके इस बयान की कड़ी निंदा की थी. विवाद बढ़ता देख डीएमके सांसद ने बाद में माफी मांगी

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने डीएमके सांसद डीएनवी सेंथिल कुमार को आड़े हाथ लिया है. हिंदी पट्टी राज्यों के खिलाफ विवादित बयान देने को लेकर सीएम सरमा ने डीएमके सांसद पर निशाना साधा है. सरमा ने कहा कि भारत ‘गौ माता’ देश है और यह कहना गर्व की बात है. पत्रकारों से बातचीत में असम के सीएम ने कहा कि डीएमके सासंद को भी भारत को ‘गौ माता’ देश कहना चाहिए था.
सीएम सरमा ने कहा कि हम अपने देश को ‘गौ माता’ देश कहे, इससे बेहतर और क्या हो सकता है. यह अपने आप में गर्व की बात है. भारत एक ‘गौ माता’ देश हैं. इसको लेकर विवाद करने की कोई जरूरत ही नहीं है. डीएमके सासंद को अपने प्रदेश को ‘गौ माता’ प्रदेश कहना चाहिए था. बता दें कि सेंथिल कुमार के बयान पर संसद में काफी बवाल मचा था. हालांकि, बाद में उन्होंने माफी मांग ली थी.
हिंदी बेल्ट के राज्यों का किया अपमान, बाद में मांगी माफी
डीएमके सांसद सेंथिल कुमार ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए हिंदी बेल्ट के राज्यों के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया था. संसद में उनके इस बयान पर जमकर हंगामा हुआ था. बीजेपी के साथ-साथ डीएमके की सहयोगी कांग्रेस ने भी उनके इस बयान की कड़ी निंदा की थी. विवाद बढ़ता देख डीएमके सांसद ने बाद में माफी मांगी.
उन्होंने कहा कि अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं. उन्होंने कहा कि मेरे जुबान से यह अनजाने में निकल गया. अगर इससे भावनाएं आहत होती हैं, तो मैं इसे वापस लेता हूं. बता दें कि सेंथिल कुमार ने कहा था कि बीजेपी की ताकत सिर्फ हिंदी बेल्ट के उन राज्यों में हैं, जिसे गौ…. राज्य कहते हैं.
हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में BJP को मिली प्रचंड जीत
बता दें कि तीन राज्यों में बीजेपी को मिली बंपर जीत के बाद डीएमके सांसद ने हिंदी पट्टी राज्यों के लिए यह बयान दिया था. तीन दिसंबर को आए नतीजों में बीजेपी ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पूर्ण बहुमत के साथ प्रचंड जीत हासिल की है. वहीं, तेलंगाना में कांग्रेस ने बाजी मारी. रिजल्ट आने के बाद कई नेताओं ने उत्तर और दक्षिण भारत को लेकर कई तरह टिप्पणी की है.

उत्तराखण्ड – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण

0
देहरादून ,7 दिसम्बर ,आगामी 08 और 09 दिसम्बर को एफआरआई, देहरादून में आयोजित होने वाले डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों को लेकर बुधवार को कार्यक्रम स्थल का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निरीक्षण किया ।
इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर की जा रही विभिन्न व्यवस्थाओं का सम्पूर्ण जायजा लिया। साथ ही इस अवसर पर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए बनाये गये मीडिया सेंटर का उद्घघाटन भी किया।
अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य के लिए महत्वपूर्ण व बृहद समिट है। कार्यक्रम आयोजन हेतु सड़कों के मेंटेनेंस , सौन्दर्यीकरण के सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक ढ़ाई लाख करोड़ से अधिक के करार हो चुके हैं।निवेश आने से स्थानीय लोगों के रोजगार में तेजी से वृद्धि होगी। राज्य में ऐसे करारों को शीर्ष प्राथमिकता दी जा रही है, जिनसे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, कार्यवाहक डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगोली, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, एडीजी ए.पी अंशुमन, जिलाधिकारी देहरादून श्रीमती सोनिका,महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे

10 साल में एक करोड़ गाय किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य

0
धनबाद। शहर में घुमंतू गायों को उनके वास्तविक घर किसान के घर पहुंचने के उद्देश्य से एकल अभियान की ओर से गोग्राम कुंभ का आयोजन धनबाद में किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश से दो हजार से अधिक लोग जुटेंगे।
तीन दिवसीय इस कुंभ का आयोजन 23, 24 और 25 दिसंबर को गोल्फ ग्राउंड और न्यू टाउन हॉल में किया जाएगा। 30 हजार किसान धनबाद पहुंचकर गोवंश संरक्षण और इनसे बनने वाले उत्पादों के बारे में विस्तार से जानेंगे। मंगलवार को धनबाद क्लब में आयोजित पत्रकारवार्ता में एकल अभियान गोग्राम कुंभ आयोजन समिति के सदस्यों ने यह जानकारी दी।
योजना में देसी नस्‍ल के गायों को बचाने का प्रयास
गोग्राम योजना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदारनाथ मित्तल ने बताया कि एकल गोग्राम योजना का अखिल भारतीय प्रथम कुंभ धनबाद नगर में होगा। एकल अभियान के ही पंचमुखी शिक्षा का एक आयाम श्रीहरि सत्संग समिति की ओर से गोग्राम योजना की शुरुआत की गई है।
इस योजना के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है कि भारतीय देसी गायों के नस्ल को कैसे बचाया जाए। किसी न किसी कारणवश गांव से देसी नस्ल के गाय-बछड़े का पलायन हो रहा है। इसके कारण एक ओर जहां हल-बैलों की खेती समाप्त हो रही है।
खेतों के लिए आवश्यक उर्वरक गोबर-गोमूत्र की कमी हो रही है। बिना दूध देने वाली बूढ़ी गायों या महानगर की गोशालाओं में अस्वाभाविक जीवन जीने को मजबूर हैं या फिर कत्लखानों में जा रही हैं।
10 साल में एक करोड़ गाय किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य
केंद्रीय अभियान प्रमुख एकल अभियान लल्लन शर्मा ने बताया कि देसी नस्ल की गाय कैसे गांव में बच सके तथा पुनः जैविक खेती पर निर्भर हो और बिना दूध देने वाली बूढ़ी गायों को भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी जीवन जीने लायक बनाया जाय, यही इस कुंभ का उद्देश्य है।
ललन शर्मा ने बताया कि अगले 10 साल में एक करोड़ गाय पूरे देशभर में किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी धनबाद, बोकारो, जामताड़ा, गिरिडीह और बंगाल में दो हजार गाय पहुंचा चुके हैं। एकल अभियान महिला समिति की सदस्य अनुराधा अग्रवाल ने बताया कि तीनों दिन गो-उत्पाद एवं अन्य चीजों की प्रदर्शनी भी लगेगी।
कार्यक्रम के प्रति जागरूकता को लेकर 17 दिसंबर को शोभायात्रा निकाली जाएगी। मौके पर महेंद्र अग्रवाला अध्यक्ष श्रीहरि गौग्राम योजना (झारखंड), केशव हडोडिया अध्यक्ष वनबंधु परिषद धनबाद चैप्टर, रविन्द्र ओझा, आयुष तिवारी उपाध्यक्ष एकल फ्यूचर, रोहित प्रसाद, सोमनाथ पूर्ति, नितिन हाड़ोदिया उपस्थित थे।

 

फेडेक्स ने हैदराबाद के टेक हब में 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का किया निवेश, नौकरी वृद्धि और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए

0

हैदराबादभारत5 दिसंबर2023 – हैदराबाद के आर्थिक परिदृश्य में 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के महत्वपूर्ण निवेश को चिह्नित करते हुए, FedEx Corp. (NYSE: FDX) की सहायक कंपनी और दुनिया की सबसे बड़ी एक्सप्रेस परिवहन कंपनियों में से एक, FedEx Express (FedEx) ने अपने पहले एडवांस्ड कैपेबिलिटी कम्युनिटी (ACC)का उद्घाटन किया गया। इस माइलस्टोन में सबसे आगे डिजिटल परिवर्तन और इनोवेशन का समर्थन करने के लिए भारत में असाधारण प्रतिभा का लाभ उठाने की FedEx की प्रतिबद्धता है। लॉन्च समारोह में FedEx कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष और सीईओ राज सुब्रमण्यम और FedEx Express के अध्यक्ष और एयरलाइन और इंटरनेशनल के सीईओ रिचर्ड स्मिथ उपस्थित थे।

 FedEx ACC की कल्पना तकनीकी और डिजिटल इनोवेशन के केंद्र के रूप में की गई हैजो तकनीकी प्रतिभा के संपन्न पूल के पोषण पर तेलंगाना सरकार के रणनीतिक जोर के साथ जुड़ा हुआ है। रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के अलावायह नई क्षमताओं के विकास और दुनिया भर में FedEx संचालन की तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी योगदान देगा।

 FedEx कॉरपोरेशन के अध्यक्ष और सीईओ राज सुब्रमण्यम ने कहा, “प्रतिभा और इनोवेशन में यह निवेश उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और दुनिया भर में अद्वितीय स्मार्ट लॉजिस्टिक्स सोल्यूशन प्रदान करने की हमारी व्यापक योजना का हिस्सा है। असाधारण प्रतिभा पूल का लाभ उठाकरहम डिजिटल परिवर्तन में तेजी ला रहे हैं और अपने ग्राहकों को प्रगतिशील समाधान प्रदान कर रहे हैं।‘’

 पहला FedEx ACC कंपनी की वैश्विक रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम बन गया हैजो दुनिया भर में ऐसे समुदायों का एक नेटवर्क शुरू करता है। इसके अलावा, यह कंपनी की वृद्धि और विस्तार को बढ़ावा देगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पारिस्थितिकी तंत्र में अतिरिक्त मूल्य लाएगा।

 

गोदरेज एयर ओ किफायती लेकिन असाधारण कार फ्रेगरेंस समाधान के साथ उपभोक्ताओं के अनुभव को करता है पुनर्परिभाषित

0
मुंबई, 06 दिसंबर,  2023: होम और कार फ्रेगरेंस में भारत के अग्रणी ब्रांड, गोदरेज एयर ने अपने नवीनतम नवोन्मेष, गोदरेज एयर ओ – जेल आधारित हैंगिंग कार फ्रेशनर के लॉन्च की घोषणा की।  एयर ओ एक अद्वितीय उत्पाद डिज़ाइन के साथ कार फ्रेगरेंस रेंज कार मालिकों के चलते-फिरते ताज़गी का आनंद लेने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए तैयार है। यह कारों में एक स्फूर्तिदायक और परिष्कृत सुगंध लाता है, जिससे आपकी कार में नई जैसी खुशबू आती है। यह भारत में 99 रुपये की आकर्षक कीमत पर पहला ब्रांडेड हैंगिंग कार फ्रेगरेंस है।
 भारत में कार के स्वामित्व का रुझान 9% सीएजीआर से बढ़ रहा है और किफायती कार खंड (हैचबैक, मिनी-एसयूवी, सेडान)की बाज़ार में 55-60% हिस्सेदारी है।  भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले एयर फ्रेशनर ब्रांड गोदरेज एयर ने कार फ्रेगरेंस श्रेणी में अपार संभावनाओं की पहचान की है। लगभग 30% बाज़ार में प्रवेश के साथ, यह श्रेणी विकास के लिए महत्वपूर्ण गुंजाइश प्रस्तुत करती है क्योंकि 70% अभी भी किसी भी कार फ्रेशनर का उपयोग नहीं करते हैं।
लोग बड़े पैमाने पर ब्रांडेड कार फ्रेशनर का उपयोग नहीं करते हैं क्योंकि उनकी कीमत काफी अधिक होती है। इस वजह  से, कुछ लोग बिना ब्रांड वाले कार फ्रेशनर का उपयोग करते हैं, जो शायद ही गुणवत्ता और अनुभव के वांछित मानकों को पूरा करते हैं और जबकि कुछ लोग कार में बाथरूम फ्रेशनर लटका लेते हैं।
गोदरेज एयर ने एक किफायती लेकिन बेहतर गुणवत्ता वाले कार खुशबू फ्रेगरेंस की आवश्यकता को पहचाना है। गोदरेज एयर ओ, कार फ्रेगरेंस श्रेणी में 10 साल से अग्रणी, एक नवोन्मेषी जेल मेम्ब्रेन  टेक्नोलॉजी का दावा करता है, जो सुगंध का रैखिक और निरंतर प्रसार सुनिश्चित करता है। यह अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, हैंगिंग फॉर्मेट के साथ मिलकर एक सुसंगत और सुखद सुगंध प्रदान करती है, जो 30 दिनों तक बनी रहती है। इसका बिल्ट-इन एंड ऑफ लाइफ (खत्म होने की अवधि का) संकेतक आपको बताता है कि यह कब खत्म होगा। गोदरेज एयर ओ तीन वेरिएंट – मस्क आफ्टर स्मोक, रोज़ ब्लॉसम और कूल एक्वा – में आता है और हरेक अलग-अलग प्राथमिकताओं और मूड के अनुरूप है, जिससे ड्राइविंग का अनुभव बढ़ता है और कार के भीतर ताज़गी का माहौल बन जाता है।
इस उत्पाद के लॉन्च के बारे में, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल)के कैटेगरी लीड – एयरकेयर एंड हाइजीनशिवम सिंगल ने कहा, “गोदरेज एयर ओ उपभोक्ताओं  के  अनुभव को पुनर्परिभाषित करने की हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जैसे-जैसे कार के स्वामित्व का परिदृश्य विकसित होता है , हम एक किफायती लेकिन असाधारण कार फ्रेगरेंस समाधान की ज़रूरत को पहचान रहे हैं। गोदरेज एयर ओ के साथ, हम न केवल यात्रा का अनुभव बेहतर बना रहे हैं, बल्कि कार सुगंध खंड में सामर्थ्य का एक नया मानक भी स्थापित कर रहे हैं। गोदरेज एयर ओ एक ऐसा नवोन्मेष है जिससे उपभोक्ताओं के कार चलाने के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ इस श्रेणी को अपनाए जाने को बढ़ावा देगा।”
 इस नवोन्मेष और श्रेणी पर  अपनी टिप्पणी     गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल)के केटेगरी डायरेक्शन एंड डेवलपमेंट के ग्लोबल हेड – एयर केयरकर्ण बवारी ने कहा, “वैश्विक स्तर पर, कार एयर फ्रेशनर के लिए वॉल्यूम बढ़ाने वाला हैंगिंग फॉर्मेट है। यह ऐसा रुझान है, जिसने लगता है भारत में भी अपनी पकड़ बना ली है। हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गैर-ब्रांडेड विकल्पों का वर्चस्व है जो या तो सुगंध का सही

फिर से कांग्रेस के निशाने पर ईवीएम

0
(राकेश अचल -विभूति फीचर्स)
भारत में विमर्श के लिए राजनीति के अलावा और कोई मुद्दा खड़ा ही नहीं हो पाता । भाजपा की तीन राज्यों में  प्रचंड विजय के बाद अब चुनाव में इस्तेमाल की जाने वाली इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन यानि ‘ ईवीएम ‘ एक बार फिर से कांग्रेस के निशाने पर है ।  आप यह भी कह सकते हैं कि ईवीएम विपक्ष के निशाने पर है। लेकिन सवाल ये है कि ईवीएम क्या सचमुच भारत की निर्वाचन  प्रक्रिया को दूषित कर रही है या उसे यूं ही बदनाम किया जा रहा है ?
ईवीएम की कहानी बड़ी दिलचस्प है ।  ईवीएम का जन्म कांग्रेस के शासनकाल में हुआ और अब यही ईवीएम कांग्रेस के लिए भस्मासुर बन गयी है।   भारत में  इलेक्ट्रोनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (बैंगलोर) और भारत इलेक्ट्रानिक्स (हैदराबाद) द्वारा 1989 में ईवीएम को बनाने की शुरुआत हुई थी। तब इसे एक साहसिक कदम माना जा रहा था।  प्रयोग के तौर पर इस ईवीएम का इस्तेमाल सबसे पहले  केरल के उत्तर पारावुर विधानसभा के 50 मतदान केंद्रों में हुए उपचुनाव में किया गया। कांग्रेस सरकार ने ही साल 2004 से सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए  इस मशीन का इस्तेमाल शुरू किया।
ईवीएम उस जमाने में आयी जब मतदान कागज की पर्चियों पर होता था। उस समय राजनीति में बूथ   कैप्चरिंग  सबसे बड़ी समस्या थी ।  ईवीएम  का विकास शायद इसी बुराई को दूर करने के लिए किया गया था।ईवीएम की खास बात यह है कि इससे बूथ कैप्चरिंग काफी मुश्किल है ,क्योंकि एक ईवीएम एक मिनट में सिर्फ 5 वोट ही दर्ज कर सकती है । एक ईवीएम में अधिकतम 2000 वोटों को रिकार्ड किया जा सकता है,और एक ईवीएम में नोटा सहित अधिकतम 64 उम्मीदवारों के नाम अंकित किए जा सकते है।  ख़ास बात ये  है कि ईवीएम को चलाने के लिए बिजली की जरूरत नहीं होती है,यह बैटरी से चलती है। मजे की बात ये है कि ईवीएम लाने वाली कांग्रेस ने ही सबसे पहले इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाये लेकिन फिर भी ईवीएम को बदला किसी ने नही।  ईवीएम पिछले 20  साल में अनेक चुनाव करा चुकी है ।  ईवीएम प्रायःसभी राजनैतिक दलों के निशाने पर रही है ।  ईवीएम पर सबसे बड़ा आरोप है कि उसे ‘ हैक ‘ किया जा सकता है।
जहाँ तक मुझे याद है कि 19 मई, 1982  को परवूर विधानसभा में ईवीएम से चुनाव कराये गए थे।  मुकाबला  सीपीआई के प्रत्‍याशी सिवन पिल्लई और कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्‍यक्ष एसी जोज़ के बीच था। सीपीआई के सिवन पिल्‍लई ने कांग्रेस के एसी जोज़ को हरा दिया था।  पिल्‍लई को 30,450 वोट मिले थे, जबकि जोज़ को 30,327। अंतर बहुत कम था।  इसके बावजूद कांग्रेस ने ईवीएम पर  सवाल उठाए। जोज़ ने हार नहीं मानीं। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। तब शिकायत ईवीएम हैक करने की नहीं थी तब जॉज की शिकायत थी कि  बिना संसदीय अनुमति के चुनाव आयोग ने इलेक्‍शन में ईवीएम का इस्‍तेमाल किया।  हालांकि कोर्ट ने जोज़ की याचिका को खारिज कर दिया, पर वो रुके नहीं।  मामला सुप्रीम कोर्ट में लेकर गए। सुप्रीम कोर्ट ने परवूर विधानसभा के उन 50 बूथों पर बैलट पेपर के जरिए दोबारा मतदान कराने के आदेश दिए।इतना ही नहीं, दोबारा हुए चुनाव में जोज़ दो हजार मतों के अंतर से चुनाव भी जीत गए। यानि ईवीएम कोर्ट में हार गयी। सुप्रीम कोर्ट के 1984 में आए आदेश के बाद चुनाव आयोग ने ईवीएम के इस्‍तेमाल पर  रोक लगा दी।  हालांकि बाद में संसद ने ईवीएम को वैध बनाने के लिए अपने अध‍िनियम में संशोधन किया और 1998 से विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इसका इस्‍तेमाल किया जाने लगा।
पिछले दो दशकों में देश का ऐसा कोई राजनीतिक दल नहीं है जिसने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े न किये हो ।  आज  सत्तारूढ़ भाजपा हो या सत्ता से बाहर बसपा ,सपा ,जेडीयू हो या कांग्रेस सबको ईवीएम संदिग्ध लगती है।
     अब स्थिति ये है कि ईवीएम  की जन्मदात्री कांग्रेस को ही ईवीएम पर भरोसा नहीं है ।अब नए सिरे से ईवीएम पर रोक की मांग की जाने लगी है। तर्क दिए जाने लगे हैं कि ईवीएम न सिर्फ हैक हो रही है बल्कि इससे मतदान की गोपनीयता भी भंग हो रही है । मतदाता की जान को खतरा बढ़ रहा है ,क्योंकि अब प्रत्याशी को बूथ के हिसाब से मतों की गणना का आंकड़ा मिल रहा है। मतदाता की पहचान आसान हो गयी है।  मतपत्रों से चुनाव के वक्त ऐसा सम्भव नहीं था क्योंकि सब मतपत्र गड्डमड्ड कर दिए जाते थे।
मुझे लगता है कि ईवीएम को लेकर देश में एक बार फिर से बवाल होगा । शायद मामला अदालत तक भी जायेगा। फिर इसे बंद कर पुरानी प्रक्रिया पर लौटने की बात की जाएगी ,सैकड़ों तर्क दिए जायेंगे,प्रमाण दिए जायेंगे     ये बात सही है कि भारत जैसे विशाल देश में चुनाव प्रक्रिया की शुचिता और निष्पक्षता को बनाये रखने के लिए ईवीएम पर उठ रहे सवालों के उत्तर मिलने  चाहिए,क्योंकि इससे लोकतंत्र की पवित्रता का मामला भी बाबस्ता है। बार-बार कहा जाता है कि दुनिया के तमाम  बड़े लोकतांत्रिक देशों में मशीन का इस्तेमाल चुनाव में नहीं किया जाता तो भारत में इसकी क्या जरूरत है ?भारत में भी अमेरिका की तरह कागज के मतपत्रों से ही चुनाव होना चाहिए पर यह भी सभी को मानना पड़ेगा कि ईवीएम के उपयोग से बूथ कैप्चरिंग पर तो रोकथाम लगी है।
चुनाव प्रक्रिया से ईवीएम का विस्थापन  आसान भी नहीं है क्योंकि इसके अनेक फायदे भी गिनाए जा सकते हैं।
यदि देश में एक राष्ट्र ,एक चुनाव हुए तो कहा जाता है कि देश  के चुनाव आयोग को  लगभग 30 लाख कंट्रोल यूनिट, लगभग 43 लाख बैलेट यूनिट और लगभग 32 लाख वीवीपीएट की आवश्यकता होगी।लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए लगभग 35 लाख वोटिंग यूनिट (कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीवीपीएटी यूनिट) की कमी है।एक साथ चुनाव कराने पर विचार-विमर्श तेज होने के बीच निर्वाचन आयोग ने कुछ महीने पहले विधि आयोग को सूचित किया था कि उसे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को रखने के लिए पर्याप्त भंडारण सुविधाओं की भी आवश्यकता होगी।(विभूति फीचर्स)