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क्रिसमस के पहले पंजाब में अवैध धर्मांतरण! भाजपा ने उठाए सवाल

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क्रिसमस के पहले पंजाब में अवैध धर्मांतरण! भाजपा ने भगवंत मान सरकार पर उठाए सवाल

भाजपा ने आरोप लगाया है कि पंजाब की भगवंत मान सरकार अवैध धर्मांतरण के मामले पर चुप्पी साधे हुए है और इसे रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है। इसका बड़ा कारण यह है कि आम आदमी पार्टी सरकार इन्हें एक वोट बैंक के रूप में देखती है।
पंजाब के चमकौर साहिब में अवैध धर्मांतरण की घटना सामने आई है। आरोप है कि गत 16 दिसंबर को एक ईसाई मिशनरी के द्वारा एक सभा में स्वयं के अंदर ईसा मसीह की आत्मा आने का स्वांग रचा गया और गरीब-अशिक्षित लोगों को बहला-फुसलाकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इससे पंजाब में अवैध धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि पंजाब की भगवंत मान सरकार इस मामले का पूरा सच जानने के बाद भी चुप है, क्योंकि उसे अपना वोट खोने का डर है।
क्या है विवाद
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पंजाब में ईसाइयों की जनसंख्या केवल 1.26 प्रतिशत है। यहां सबसे ज्यादा सिख (57.69 प्रतिशत) और हिंदू (38.49 प्रतिशत) हैं। लेकिन आरोप है कि हाल ही के कुछ वर्षों में पंजाब में ईसाइयों के द्वारा गरीब सिखों-हिंदुओं को तरह-तरह का लालच देकर या धर्म के झूठे स्वांग रचकर उन्हें ईसाई धर्म में शामिल किया जा रहा है।
आरोप है कि हाल के दिनों में पंजाब में ईसाइयों के धार्मिक स्थल (चर्च) की संख्या बढ़ी है। विशेषकर पाकिस्तान से सटे इलाकों में जगह-जगह पर ईसाइयों के गिरजाघर (चर्च) बनाए जा रहे हैं। जिन जगहों पर ईसाई समुदाय के लोगों का कोई पूजा घर नहीं होता, वहां अचानक ही गिरजाघर बनाए जा रहे हैं। यहां आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। दीवारों पर ईसाई धर्म को बढ़ावा देने वाले संदेश भी लिखे गए हैं।

धर्मांतरण कार्यक्रमों में निहंग सिखों ने किया था प्रदर्शन
पिछले दिनों अवैध धर्मांतरण के कार्यक्रमों में पहुंचकर निहंग सिखों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बन गई थी। एसजीपीसी के कुछ नेताओं ने भी धर्मांतरण के खिलाफ आजाव उठाई थी, लेकिन इसके बाद भी इन कोशिशों में कोई कमी नहीं आई है। हालांकि स्थानीय ईसाई इस तरह की किसी साजिश से इनकार करते हैं।

विरोध का बड़ा कारण
इस कथित धर्मांतरण का सबसे ज्यादा विरोध इसके तरीकों को लेकर किया जा रहा है। आरोप है कि ईसाई मिशनरी मंच पर खड़े होकर अपने अंदर ईसा मसीह की आत्मा आने की बात कहते हैं। वे तरह-तरह के स्वांग रचकर गरीब-अशिक्षित लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहते हैं। वे चमत्कारिक तरीके से लंबे समय से बीमार चल रहे लोगों को ठीक करने का दावा करते हैं। वे उन बीमार लोगों का भी पल भर में इलाज करने का दावा करते हैं जिन बीमारियों का इलाज संभव नहीं है।

आरोप है कि मंच से कुछ लोग इस बात का भी दावा करते हैं कि उनकी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी लंबे समय से ठीक नहीं हो रही थी। लेकिन जैसे ही उन्होंने ईसाई धर्म स्वीकार किया, उनकी बीमारी ठीक हो गई। इससे गरीब-अशिक्षित लोग प्रभावित होकर ईसाई धर्म की ओर मुड़ जाते हैं। इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाकर भी लोगों को ईसाई धर्म की ओर आकर्षित किया जाता है।

यह भी आरोप है कि वे गरीबों को यह बताते हैं कि ईसाई धर्म अपनाने से वे अमेरिकी-यूरोपीय देशों के ईसाइयों की तरह धनवान बन जाएंगे। लेकिन यह संभव नहीं है और इसका कोई आधार नहीं है। यही कारण है कि सिख समुदाय की ओर से इन दावों को गैरकानूनी बताकर इनका विरोध किया जा रहा है।

क्या कहता है संविधान
भारतीय संविधान के (अनुच्छेद 25-28) अनुसार कोई व्यक्ति अपनी पसंद से कोई भी धर्म चुन सकता है, और उसका प्रचार-प्रसार कर सकता है। लेकिन किसी व्यक्ति का धर्म जबरन या लालच देकर नहीं कराया जा सकता। भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए और 298 के अनुसार यह एक दंडनीय अपराध है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में कानून बने हैं।

भाजपा ने क्या कहा
भाजपा प्रवक्ता मनजिंदर सिंह सिरसा ने अमर उजाला से कहा कि पंजाब में गरीब हिंदुओं-सिखों को बड़े पैमाने पर ईसाई धर्म में परिवर्तित कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके लिए ईसाई मिशनरी तरह-तरह के ढोंग रचते हैं। वे मंच पर खड़े होकर स्वयं में ईसा मसीह की आत्मा आने का स्वांग रचते हैं और तरह-तरह के करतब दिखाकर गरीब और अशिक्षित लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

सिरसा ने कहा कि दो दिन पहले 16 दिसंबर को भी इसी तरह की एक घटना पंजाब के चमकौर साहिब में घटी है। यह वही जगह है जहां सिखों के आराध्य गुरु गोविंद सिंह ने अपने दो साहिबजादों को धर्म की रक्षा करने के लिए शहीद करवा दिया। आज उसी धरती पर सिखों को ईसाई बनाने का खेल चल रहा है और लोग कुछ लालच में अपना धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की भगवंत मान सरकार इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है और इस अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है। इसका बड़ा कारण यह है कि आम आदमी पार्टी सरकार इन्हें एक वोट बैंक के रूप में देखती है। अमर उजाला ने इस विषय पर पंजाब सरकार या आम आदमी पार्टी से उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

UP: आदित्य हत्या कांड मामले में,आरोपि‍त सुरेश यादव के ढाबे पर गरजा बाबा का बुलडोजर

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आदित्य सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपित सोमू ढाबा के संचालक सुरेश यादव के लखनऊ- प्रयागराज नेशनल हाइवे पर रतापुर में स्थित सोमू ढाबा पर आज बाबा का बुलडोजर गरजा। एडीएम अमित कुमार ने बताया क‍ि सोमू ढाबा बिना नक्शा अवैध रूप से कब्जा कर की गई जमीन पर बना था। इसल‍िए इसके ध्‍वस्‍तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। बता दें क‍ि आदित्य हत्या कांड मामले में सोमू ढाबा का माल‍िक सुरेश यादव जेल में बंद है।

ढाबा पर खाना खाने आया था आदित्य

महराजगंज के सिकंदरपुर निवासी डीफार्मा का छात्र आदित्य सिंह नौ अक्टूबर 2019 की रात सोमू ढाबा पर खाना खाने आया था। तभी होटल के वेटरों ने उसके साथ झगड़ा क‍िया था। उसे दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था। ज‍िसका वीडियो भी वायरल हुआ था। बाद में महराजगंज रोड पर उसका पीछा किया गया। उसकी बुलेट के आगे सफारी लगा दी गई थी और पीछे से स्कार्पियो से टक्कर मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। दस अक्टूबर की सुबह उसका शव महराजगंज रोड पर गढी खास गांव के पास मिला था। इसी मामले में सोमू ढाबा मालिक सुरेश यादव समेत 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस मामले में सभी 13 लोगों को जेल भेजा गया था। सोमू ढाबा मालिक सुरेश यादव अभी भी जेल की सलाखों के पीछे है।

सोमू ढाबा के संचालक की पूर्व में भी कुर्क हुई थी संपत्‍त‍ि

रतापुर निवासी सुरेश यादव अक्टूबर 2019 में हुई छात्र आदित्य सिंह की हत्या के मामले में मुख्य आरोपित हैं और जेल में बंद हैं। आरोप‍ित के खिलाफ पहले भी लूट, मारपीट, बंधक बनाने के मामले पंजीकृत किए गए थे। वर्ष 2020 में सुरेश पर गैंगस्टर लगाया गया था। गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14 (1) के तहत उसकी संपत्ति कुर्क की गई थी, जिसकी कीमत 6.03 करोड़ बताई गई थी। ये अचल संपत्ति उनके व उनकी पत्नी सरोज यादव के नाम थी। इसमें रतापुर में तीन दुकानें, रतापुर में ही दो भूखंड, चतुर्भुजपुर व अलीपुर आयमा में एक-एक भूखंड शामिल था।

राहुल गांधी चीन और पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं : जेपी नड्डा

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राहुल गांधी चीन और पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं, दिया सेना का मनोबल तोड़ने वाला बयान : जेपी नड्डा

भाजपा प्रमुख ने कहा कि राहुल गांधी चीन और पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। उनके बयान की जितनी आलोचना की जाए वो कम, उनका बयान सेना के मनोबल को तोड़ने वाला है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को कहा कि राहुल गांधी चीन और पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। भाजपा प्रमुख ने कहा कि उनके बयान की जितनी आलोचना की जाए वो कम, उनका बयान सेना के मनोबल को तोड़ने वाला है। तवांग में ताजा घटनाक्रम के बाद कांग्रेस नेता ने बयान दिया था कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिक भारतीय सेना के जवानों की पिटाई कर कर रहे हैं।

बयान को लेकर भाजपा प्रमुख ने कहा कि यह उनaकी देशभक्ति को लेकर प्रश्च चिह्न खड़े करता है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक पर भी सवाल उठाया था। यह उनके मानसिक दिवालियापन को दिखाता है।

राहुल गांधी को पार्टी से निष्कासित करें मल्लिकार्जुन खरगे: भाटिया
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने अपनी आधिकारिक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रिमोट से कंट्रोल नहीं हैं और अगर विपक्षी पार्टी देश के साथ खड़ी है, तो गांधी को उनकी टिप्पणियों के लिए पार्टी से निष्कासित किया जाना चाहिए, क्योंकि वो भारत को कमजोर करते हैं और अपने सशस्त्र बलों का मनोबल तोड़ते हैं।

भाटिया ने राहुल गांधी की तुलना कन्नौज के राजा जयचंद से की, जिन्हें भारतीय इतिहास में एक विश्वासघाती के रूप में पेश किया जाता है। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने लगातार सशस्त्र बलों के मनोबल को तोड़ने की कोशिश की है, चाहे वह आतंक पर सर्जिकल स्ट्राइक हो या पाकिस्तान में आतंकी शिविर पर एयर स्ट्राइक हो या गलवान घाटी में झड़प हो।

भाजपा नेता ने कहा कि गांधी ने कथित तौर पर पाकिस्तान के अंदर आतंकवादियों पर सशस्त्र बलों के हमलों के सबूत मांगे। उन्होंने प्रधानमंत्री को सरेंडर मोदी कहा। भाटिया ने कहा, कांग्रेस नेता को अपने बयान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि माफी से उनका पाप तो नहीं धुलेगा लेकिन कम से कम यह जरूर दिखाएगा कि उन्हें अपनी गलती का अहसास हो गया है।

राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान शुक्रवार को जयपुर में एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है। उन्होंने सरकार पर इसे अनदेखा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है और कहा कि सरकार सो रही है और इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।

क्या राहुल गांधी का सशस्त्र बलों से भरोसा उठ गया : अनुराग ठाकुर
वहीं, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर चीन के नाम पर ‘भय फैलाने’ का आरोप लगाया। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि क्या विपक्षी नेता का सशस्त्र बलों से भरोसा उठ गया है। राहुल गांधी के बयान की आलोचना करते हुए ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जब चीनियों के साथ सूप पीने में व्यस्त थे, तब भारतीय सैनिक डोकलाम में चीनी जवानों से लड़ रहे थे।

ठाकुर ने कहा, इन लोगों को चीन के नाम पर डर फैलाने की आदत है। लेकिन यह 1962 का भारत नहीं है, यह 2014 का भारत है। भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री आगे कहा कि यूपीए शासन के दौरान तत्कालीन सरकार ने सशस्त्र बोलं को बुलेटप्रुफ जैकेट या राफेल फाइटर जेट के साथ सशक्त नहीं किया। उन्होंने कहा, आज भारत में तीन सौ से ज्यादा रक्षा वस्तुएं बनाई जा रही हैं। भारत अब रक्षा उपकरणों का निर्यातक है, आयातक नहीं। यह आत्मनिर्भर भारत है।

 बढ़े सीएनजी के दाम, पीएनजी के भाव भी लगभग दोगुने

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बढ़े सीएनजी के दाम, पीएनजी के भाव भी लगभग दोगुने

दिल्ली और गुरुग्राम में सीएनजी की कीमतों में लगभग आठ रुपये का अंतर है। पिछले एक वर्षों के दौरान देश की राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में सीएनजी की कीमतों में 70% से अधिक का इजाफा हो गया है। दिल्ली में सीएनजी की कीमतें इससे पहले 8 अक्तूबर 2022 को बदली थी।

दिल्ली में सीएनजी एक बार फिर महंगी हो गई है। राष्ट्रीय राजधानी में सीएनजी का नया भाव 79.56 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। नई दरें 17 दिसंबर 2022 (शनिवार) की सुबह छह बजे से लागू हो गईं हैं। शुक्रवार तक दिल्ली में सीएनजी 78.61 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रही थी, ऐसे में इस इसमें 95 पैसे प्रति किलोग्राम का इजाफा हो गया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की कीमत 82.12 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है जबकि गुरुग्राम में यह 87.89 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

दिल्ली और गुरुग्राम में सीएनजी की कीमतों में आठ रुपये का अंतर 
दिल्ली और गुरुग्राम में सीएनजी की कीमतों में लगभग आठ रुपये का अंतर है। पिछले एक वर्षों के दौरान देश की राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में सीएनजी की कीमतों में 70% से अधिक का इजाफा हो गया है।   दिल्ली में सीएनजी की कीमतें इससे पहले 8 अक्तूबर 2022 को बदली थी। उस दौरान कीमतों में तीन रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया था। वहीं, अक्तूबर महीने में गुरुग्राम में सीएनजी 86.94 प्रति किलोग्राम जबकि नोएडा व गाजियाबाद में 81.17 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया था।

एक साल में कितना महंगा हुआ सीएनजी?
बीते एक एक वर्षों के दौरान सीएनजी करीब 73 प्रतिशत तक महंगा हो गया है। 1 अक्तूबर 2022 को सीएनजी 45.5 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा था जबकि आज यानी 17 दिसंबर 2022 को सीएनजी 79.56 रुपये प्रतिकिलोग्राम हो गया है। ऐसे में पिछले 14 महीनों के दौरान सीएनजी 34.06 रुपये प्रति किलोग्राम महंगा हो गया है। कीमतों में बढ़ोतरी से व्यावसायिक वाहन मालिकों के साथ-साथ निजी रूप से सीएनजी गाड़ियों का इस्तेमाल करने वाले भी खासा परेशान हैं।

पीएनजी की कीमतें भी 91% तक बढ़ीं

अक्तूबर महीने में आईजीएल ने घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाली पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की दर दिल्ली में 50.59 रुपये प्रति एससीएम से बढ़ाकर 53.59 रुपये प्रति मानक क्यूबिक मीटर कर दी थी। अगस्त 2021 के बाद से पीएनजी दरों में यह 10वीं वृद्धि थी। कीमतों में 29.93 रुपये प्रति एससीएम या लगभग 91 प्रतिशत की वृद्धि हो गई थी। उस समय आईजीएल ने कहा था नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कानपुर और राजस्थान के अजमेर जैसे अन्य शहरों में भी सीएनजी और पीएनजी की दरों में वृद्धि की गई है। पीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी से आम आदमी के घर का बजट भी प्रभावित हुआ है।

क्या है सीएनजी और पीएनजी की बढ़ती कीमतों का कारण?
कुछ समय पूर्व रेटिंग एजेंसी इंक्रा की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि बीते एक वर्षों के दौरान सीएनजी करीब 70 प्रतिशत महंगा हो गया है। इसका एक बड़ा कारण इस साल प्राकृतिक गैसों की कीमतों हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी है। इसी कारण सीएनजी और पीएनजी लगातार महंगा होता जा रहा है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चताओं के बीच ग्लोबल मार्केट में प्राकृतिक गैस की कीमतों में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। रूस अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैसों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता देश है, पर वर्तमान में उस पर लगे तमाम प्रतिबंधों के कारण यूरोपीय और अमेरिकी बाजार में रूसी गैस की आपूर्ति सीमित है। इस कारण बाजार में कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए अब इसके इस्तेमाल में भी कमी देखी जा रही है। जानकारों के मुताबिक कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब महज नौ से 10 फीसदी वाहनों में सीएनजी का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि पूर्व में करीब 16 प्रतिशत वाहन सीएनजी से चल रहे थे। डीजल और सीएनजी की कीमतों में बहुत थोड़े अंतर के कारण अब लोग सीएनजी वाहनों की तुलना में डीजल संचालित वाहन इस्तेमाल करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

कमिटी ने दिए थे सीएनजी को सस्ता रखने के सुझाव
गैस की कीमतों से संबंधित कमिटी किरीट पारिख कमिटी ने सरकार से सीएनजी (CNG) पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी को कम करने की सिफारिश की थी। कमेटी ने कहा था कि जब तक प्राकृतिक गैस की कीमतों को जीएसटी (GST) के दायरे में नहीं लाया जाता है तब तक सरकार को सीएनजी पर एक्साइज ड्यूटी वसूलना बंद कर देना चाहिए। इससे लोगों को गैस की बढ़ती कीमतों से राहत मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की बिलकिस बानो की याचिका

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दोषियों की रिहाई के आदेश पर समीक्षा की मांग की सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की बिलकिस बानो की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को बिलकिस बानो की तरफ से दायर एक याचिका को खारिज कर दिया। इसमें उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय से मांग की थी कि वह अपने उस आदेश की समीक्षा करे, जिसके तहत उसने गुजरात सरकार को 1992 की नीति के तहत दोषियों को छूट देने पर विचार के लिए कहा था।

क्या है याचिका से जुड़ा पूरा मामला?
गौरतलब है कि साल 2002 के गोधरा दंगों के दौरान बिलकिस के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या करने के मामले में 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा हुई थी। हालांकि, गुजरात सरकार ने दोषियों को रिहा 15 साल जेल की सजा काटने के बाद रिहा कर दिया। गुजरात सरकार का कहना है कि उसने अपनी सजा माफी नीति के अनुरूप 11 दोषियों को छूट दी है। इन दोषियों को इसी साल 15 अगस्त को जेल से रिहा किया गया। दोषियों को गोधरा उप-जेल में 15 साल से अधिक की सजा काटने के बाद छोड़ा गया है।

दोषियों की इसी रिहाई को चुनौती देते हुए समय से पहले रिहाई को चुनौती देते हुए बिलकिस बानो ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है। इसमें 13 मई के आदेश पर दोबारा विचार करने की मांग की गई है। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि गैंगरेप के दोषियों की रिहाई में 1992 में बने नियम लागू होंगे। इसी आधार पर 11 दोषियों की रिहाई हुई थी। वहीं बिलकिस बानो के वकील ने लिस्टिंग के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के समक्ष मामले का उल्लेख किया था।

जानें 13 मई के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
बता दें कि 13 मई को सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि सजा 2008 में मिली, इसलिए रिहाई के लिए 2014 में गुजरात में बने कठोर नियम लागू नहीं होंगे। 1992 के नियम ही लागू होंगे जिसके तहत  गुजरात सरकार ने 14 साल की सजा काट चुके लोगों को रिहा किया था। अब बिलकिस बानो 13 मई के आदेश पर पुनर्विचार की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि जब मुकदमा महाराष्ट्र में चला, तो नियम भी वहां के लागू होंगे गुजरात के नहीं।

‘श्लोक-द देसी शेरलॉक’ की शूटिंग कम्प्लीट

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कुणाल कोहली  की नवीनतम स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘श्लोक – द देसी शेरलॉक’ में अभिनेता
बॉबी देओल बिल्कुल नए अवतार में नज़र आएंगे। इस फिल्म की शूटिंग कंप्लीट हो चुकी है। अभिनेत्री अनन्या बिरला इस फिल्म से  बॉलीवुड डेब्यू कर रही हैं। वर्ष 2022 अभिनेता बॉबी देओल के लिए बहुत ही खास रहा है, ‘आश्रम’ सीजन 2 में उनके दमदार परफॉरमेंस को भुलाया नहीं जा सकता है। ‘श्लोक-द देसी शेरलॉक’ के अलावा बॉबी जल्द ही रणबीर कपूर की ‘एनिमल’, ‘आश्रम’ सीजन 3 और ‘पेंटहाउस’ में नजर आएंगे।

चुस्त दुरुस्त हो गौ संरक्षण केंद्रों की व्यवस्था, – सीएम योगी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौ-संरक्षण केंद्रों की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के दिशा-निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं प्रदेश के गौ-संरक्षण केंद्रों में पशुओं के चारे, पानी, सुरक्षा, सफाई की पूरी व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा है।

सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गौशालाओं की व्यवस्था की गई है, जहां पशुओं की देखभाल की जाती है। इसके अलावा बेसहारा पशुओं को संरक्षण देने के लिए व्यक्तिगत तौर पर भी किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनके लिए चारे से लेकर सभी तरह की व्यवस्थाओं के लिए सीएम के स्पष्ट निर्देश हैं और एक बार फिर उन्होंने व्यवस्था को चाक चौबंद करने के आदेश दिए हैं।

चारे से लेकर चिकित्सा तक हों सारे प्रबंध 
सीएम योगी ने पशुपालन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गौशालाओं में पशुओं को ठंड से बचाने तथा स्वास्थ्य की देखभाल के पुख्ता इंतजाए किए जाएं। उनके लिए चारे का उपयुक्त प्रबंध हो और उनकी दवाएं व चिकित्सा के अन्य साधन उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही 31 जनवरी 2023 तक समस्त गोआश्रय स्थलों को पूर्ण कर लिया जाए और क्रियाशील कर 31 मार्च 2023 तक संरक्षित करना सुनिश्चित किया जाए।

इसके अलावा गो आश्रय पोर्टल पर डाटा दैनिक रूप से अपडेट किया जाय। डिस्ट्रीक्ट प्रोजेक्ट मॉनीटीरिंग यूनिट की स्थापना जिन जनपदों में नहीं हुई है, तत्काल स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। भरण-पोषण के लिए उपलब्ध कराई गई धनराशि को यू सी प्रेषित करें। गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रयास किया जाए। मालूम हो कि उत्तर प्रदेश में 11,13,035 कुल निराश्रित गोवंश हैं,। इनमें 9,05893 कुल संरक्षित गोवंश हैं। प्रदेश में 49 जनपदों में गोआश्रय स्थल बनाया गया है।

पशुओं को सहारा देने वाले किसानों को किया जा रहा प्रोत्साहित 
राज्य सरकार द्वारा 2012 में की गई पशुगणना के अनुसार यूपी में 205.66 लाख गोवंश हैं जिनमें से 11 लाख से ज्यादा गोवंश बेसहारा या निराश्रित हैं। किसान अगर 10 पशुओं को सहारा देता है, तो प्रतिदिन के हिसाब से वह 300 रूपये कमा सकता है। और हर महिना 9 हजार की अतिरिक्त आय किसान को मिलेगी। इस योजना से सामाजिक सहभागिता बढ़ेगी व निराश्रित व बेसहारा गोवंश की संख्या में कमी आएगी। यह योजना किसानों व पशुपालकों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी भी बना सकेगी।

अमृतपेक्स – 2023 प्रदर्शनी के प्रचार को स्पेशल कैंसेलेशन जारी

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अमृतपेक्स – 2023 प्रदर्शनी के प्रचार को स्पेशल कैंसेलेशन जारी
मुंबई। डाक विभाग 11 से 15 फरवरी 2023 तक नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में राष्ट्रीय स्तर की डाक टिकट प्रदर्शनी का आयोजन करने जा रहा है। इस प्रदर्शनी को बढ़ावा देने के लिए 15 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र सर्कल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्रीमती वीणा आर. श्रीनिवास ने मुंबई जीपीओ में एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया।
श्रीमती वीना आर. श्रीनिवास ने बताया कि लंबे समय के बाद इस तरह की प्रदर्शनी राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जा रही है, जिसमें देश भर के प्रतिष्ठित डाक टिकट संग्रहकर्ता विभिन्न विषयों जैसे आजादी का अमृत महोत्सव और नया भारत, युवा शक्ति, वूमैन पॉवर (नारी शक्ति), उपलब्धि @ 75, प्रकृति और वन्य जीवन और संस्कृति और देश का इतिहास पर अपने डाक टिकटों के संग्रह को प्रदर्शित करेंगे। ज्ञात हो िक
अमृतपेक्स 2023 को 50,000 वर्ग फुट के धरातल के क्षेत्रफल में ‘1400 फ्रेम्स’ की प्रदर्शनी के साथ 50 से अधिक बूथों के साथ, डाक टिकट संग्रह वस्तुओं, टिकटों की दीवार, सजीव चित्रों आदि की बिक्री के लिए प्रदर्शित किया जायेगा।
बिता दें कि अमृतपेक्स – 2023 प्रदर्शनी के प्रचार के लिए महाराष्ट्र सर्किल की चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्रीमती वीना आर. श्रीनिवास द्वारा प्रदर्शनी के लिए एक विशेष रद्दीकरण (स्पेशल कैंसेलेशन) भी जारी किया गया।
इस अवसर पर मीडिया प्रतिनिधि, सहायक निदेशक डाक सेवाएं (पीएसआर) श्रीमती श्रद्धा गोकर्ण, सहायक पोस्टमास्टर जनरल (व्यवसाय विकास) डॉ. सुधीर जाखरे, महाराष्ट्र सर्किल की मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्रीमती वीना आर. श्रीनिवास, पोस्टमास्टर जनरल (मेल और व्यवसाय विकास) अमिताभ सिंह, सहायक पोस्टमास्टर जनरल (स्टाफ) एफ.बी. सैय्यद, डाक टिकट संग्रहकर्ता श्रीमती अश्विनी मंजुरे – डाक टिकट संग्रहकर्ता उपस्थित रहे।

आईपीएल 2023 के मिनी ऑक्शन की तैयारी लगभग पूरी हो गई है

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IPL 2023 Mini Auction: आईपीएल 2023 के मिनी ऑक्शन की तैयारी लगभग पूरी हो गई है। सभी टीमों ने अपनी अपनी विश लिस्ट तैयार कर ली है कि वे किन खिलाड़ियों पर निशाना साधेंगी। इस बीच बीसीसीआई भी रेडी है। 23 दिसंबर को कोच्चि में दोपहर करीब ढाई बजे से 405 खिलाड़ियों पर बोली लगनी शुरू हो जाएगी। जल्द ही बीसीसीआई की ओर से कुछ और बयान सामने आएंगे, जिससे ताजा स्थिति स्पष्ट होगी। आईपीएल के करीब 15 साल के इतिहास की बात करें तो वेस्टइंडीज के धाकड़ खिलाड़ियों में से एक रहे क्रिस गेल एक बड़े खिलाड़ी के तौर पर उभरकर सामने आते हैं। हालांकि अब क्रिस गेल आईपीएल नहीं खेलते हैं, लेकिन अब खबरें इस तरह की आ रही हैं कि क्रिस गेल 23 दिसंबर को होने वाले ऑक्शन में नजर आ सकते हैं।

जियो सिनेमा पर नजर आ सकते हैं क्रिस गेल 

आईपीएल को दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग बनाने में बीसीसीआई का तो अहम रोल है ही, साथ ही कई खिलाड़ियों के योगदान को भी कम करके नहीं आंका जा सकता। इन्हीं में से एक हैं क्रिस गेल। उन्होंने आईपीएल में फैंस का जमकर मनोरंजन किया। अब खबर है कि ऑक्शन के दिन एक बार फिर क्रिस गेल नजर आएंगे। दरअसल आईपीएल 2023 के डिजिटल मीडिया राइट्स वॉयकॉम 18 के पास हैं, इसलिए मिनी ऑक्शन का लाइव प्रसारण जियो सिनेमा पर किया जाएगा। जियो सिनेमा की ओर से एक ट्वीट किया गया है, जिसमें कहा गया है कि गेल स्ट्रोम इज कमिंग टू टाटा आईपीएल। ट्यून इनटू जियो सिनेमा ऑन 23 दिसंबर। हालांकि इस ट्वीट में ज्यादा कुछ तो नहीं बताया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि ऑक्शन के दिन जियो सिनेमा पर क्रिस गेल विशेष मेहमान के तौर पर मौजूद रहेंगे। यानी बीच बीच में जब ब्रेक होगा तो एक्सपर्ट के तौर पर क्रिस गेल कुछ न कुछ कमेंट करेंगे। इस बार क्रिस गेल ने खुद ही अपना नाम मिनी ऑक्शन के लिए नहीं दिया है, यानी वे आईपीएल अब नहीं खेलना चाहते।

आईपीएल में ऐसा है क्रिस गेल का रिकॉर्ड 
क्रिस गेल अब तक आइ्रपीएल में तीन टीमों के लिए खेल चुके हैं। पहले वे केकेआर के साथ थे, उसके बाद आरसीबी ने उन्हें अपने पाले में किया और आखिर में वे कुछ सीजन पंजाब किंग्स की ओर से भी खेलते हुए नजर आए। क्रिस गेल के आंकड़ों की बात की जाए तो उन्होंने 142 मैच खेले हैं और इसमें 39.72 की औसत से 4965 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 148.96 रहा है। आईपीएल में उनका सर्वाधिक स्कोर 175 रन है, जो अभी तक टूटा नहीं है। क्रिस गेल ने अपने करियर के दौरान 405 चौके और 357 छक्के लगाने का काम किया है। अब क्रिस गेल नए रूप में नजर आएंगे। देखना होगा कि इस नई पारी में कैसा प्रदर्शन करते हैं।

गौ सेवा रथ घर-घर जाकर इकट्ठा करेगा बचा भोजन और सब्जी के छिलके

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जिला मुख्यालय स्थित जिले की एकमात्र नगरपालिका सोनभद्र की तरफ से गौ सेवा और घरों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों के निस्तारण को लेकर एक अनोखी पहल सामने आई है। मुख्यालय पर निवास करने वाले लोगों के यहां रोजाना सुबह गौ सेवा रथ के जरिए दस्तक दी जाएगी और उनकी रसोई में बचे भोजन, सब्जियों के छिलके इकट्ठे कर गोवंश आश्रय स्थल को उपलब्ध कराए जाएंगे।