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चीन में कोरोना का कहर , लाशें रखने के लिए जगह भी नहीं

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चीन में कोरोना का कहर: लाशें रखने के लिए जगह भी नहीं, अस्पतालों में बेड और दवाओं की कमी

चीन में एक बार फिर से कोरोना ने कहर ढाना शुरू कर दिया है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या में  85 से 95 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। आलम ये है कि अस्पतालों में बेड की कमी हो गई है। मरीजों को फर्श पर लेटाकर उनका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ की भी कमी हो गई है। दवा और ऑक्सीजन का संकट भी गहराने लगा है।

हर रोज सैकड़ों लोग दम तोड़ रहे हैं। इतनी मौतें हो चुकी हैं कि अस्पतालों में अब लाश रखने की जगह भी नहीं बची है। रूम से लेकर अस्पताल के बाहर तक लाशों को रखा जा रहा है। कब्रिस्तानों में अंतिम संस्कार के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रहीं हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि अगले दो से तीन महीने के अंदर चीन के 80 करोड़ लोग कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं.

सड़कों पर सन्नाटा
कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते चीन की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया है। स्वस्थ्य लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं और बीमार लोग अस्पतालों में मौत से जूझ रहे हैं। इसके पहले चीन की सरकार ने कोरोना के रोकथाम के लिए लॉकडाउन भी लगाया था। हालांकि, शंघाई के रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर लोगों की भारी भीड़ जरूर देखने को मिलती है। लोग यहां से दूसरे शहरों की ओर जा रहे हैं। शंघाई में कोरोना सबसे तेजी से बढ़ा है।
जांच केंद्रों पर लोगों की भारी भीड़ 
कोरोना जांच केंद्रों पर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लग रहीं हैं। एनबीआर की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस साल ठंड में चीन के आठ करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो सकते है। रिपोर्ट में कहा गया है कि संक्रमण के बढ़ने की रफ्तार सबसे तेज होगी।
अस्पतालों में बेड, दवाओं का संकट
अस्पतालों में मरीजों की संख्या में हुए इजाफे की वजह से बेड और दवाइयों की कमी होने लगी है। अभी चीन में एक लाख लोगों के बीच केवल 10 आईसीयू बेड की व्यवस्था है। ऐसे में संक्रमितों की लगातार बढ़ती संख्या और बेड की कमी के चलते मरीजों को फर्श पर लिटाया जा रहा है।
लाश रखने की जगह भी नहीं, कब्रिस्तानों में वेटिंग लिस्ट
हर रोज सैकड़ों लोग दम तोड़ रहे हैं। कोविड प्रोटोकॉल के हिसाब से अस्पतालों में लाशों को रखने के लिए जगह भी कम पड़ गई है। वहीं, कब्रिस्तानों में भी अंतिम संस्कार के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन कोरोना के आंकड़ों को लगातार छिपा रहा है। नवंबर मध्य तक 11 मौतों की आधिकारिक सूचना दी गई है, जबकि रोज 10,000 से ज्यादा संक्रमित मिल रहे थे। उधर, अंत्येष्टि स्थलों और अस्पतालों के वीडियो कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि चीन के अस्पताल कोरोना मरीजों से भरे पड़े हैं और अंत्येष्टि के लिए कतारें लग रही हैं। शव घरों (mortuaries) के कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती करानी पड़ी है, क्योंकि कोविड से मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
स्कूल बंद हुए, व्यवसायिक क्षेत्र पर भी असर
चीन के कई शहरों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। व्यवसायिक क्षेत्र पर भी संक्रमण का असर देखने को मिला है। इन केंद्रों पर कामगारों की एक साथ ज्यादा भीड़ न जुटे, इसके लिए व्यवस्था की जा रही है।
60 प्रतिशत से ज्यादा लोग चपेट में आएंगे
जियाओफेंग लियांग सीडीसी चीन के निदेशक हैं। उन्होंने एक पब्लिक स्टेटमेंट जारी कर बताया है कि चीन में इस लहर के दौरान 60 प्रतिशत से ज्यादा लोग चपेट में आ सकते हैं। दस लाख से ज्यादा लोगों की मौत भी हो सकती है। महामारी विशेषज्ञ एरिक फेगल-डिंग ने भी कई वीडियो शेयर किए हैं। उन्होंने कहा है कि चीन में कोरोना की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। देशभर में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। डिंग अमेरिकी सार्वजनिक स्वास्थ्य वैज्ञानिक हैं। वे वर्तमान में न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स सिस्टम्स इंस्टीट्यूट में कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख हैं।
दुनिया के 10 प्रतिशत से ज्यादा लोग अगले 90 दिनों में संक्रमित होंगे
सीडीसी चीन के निदेशक जियाओफेंग लियांग ने दावा किया है कि अगले 90 दिन के अंदर पूरी दुनिया में कोरोना का कहर देखने को मिलेगा। दुनिया के 10 प्रतिशत से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। महामारी विशेषज्ञ बेन काउलिंग भी इस दावे से सहमत हैं। काउलिंग हॉन्गकॉन्ग विश्वविद्यालय से हैं। वे कहते हैं, ‘दुर्भाग्य से कोरोना के मामलों में बहुत तेजी से उछाल आने वाला है। यह सबसे बुरी बात है। अगर संक्रमण फैलने की रफ्तार धीमी होती तो चीन के पास इससे निपटने के लिए तैयारी करने का समय होता। यह चीन के सभी शहरों में तेजी से फैल रहा है।’ काउलिंग के अनुसार, चीन में कोरोना की अब तक की सबसे तेज रफ्तार है।
अमेरिका से भी बुरी हो सकती है हालत
कोरोना की रफ्तार समझने के लिए विशेषज्ञों ने एक मैथमेटिकल मॉडल का सहारा लिया है। इसके अनुसार, अभी औसतन हर 100 में दो से तीन लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। ये आंकड़ा बढ़कर 16 से ज्यादा हो सकता है। अमेरिका में जब ओमिक्रॉन की लहर आई थी, तब हर 100 में 10 से 11 लोग संक्रमित हो रहे थे। मतलब अमेरिका से भी बुरी हालत अब चीन की हो सकती है। अगले तीन महीने के अंदर चीन में 80 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित हो सकते हैं।
वैक्सीन का क्या फायदा?
महामारी विशेषज्ञ बेन काउलिंग के अनुसार, चीन में 18 साल से अधिक आयु के लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को चीनी टीके के दो डोज लगाए जा चुके हैं, लेकिन यह संक्रमण से बचाने में सफल नहीं होगा। यह कोरोना के गंभीर बीमारी और मौत का रिस्क कम कर सकता है, लेकिन संक्रमण से नहीं बचा सकता है। अभी भी 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना का टीका नहीं लगाया गया है। ये सबसे ज्यााद हाई रिस्क जोन में हैं।

नक्सली कर रहे लड़कियों की भर्ती

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नक्सली कर रहे लड़कियों की भर्ती, एक्शन में सुरक्षा एजेंसी

एनआईए ने बयान जारी कर बताया कि सोमवार को आंध्र के विजयवाड़ा स्थित विशेष कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। यह केस विशाखापत्तनम पुलिस ने इस साल के आरंभ में दायर किया था। इसके बाद जांच एनआईए को सौंपने पर दोबारा केस दायर किया गया।

आंध्र प्रदेश में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी (CPI Maoist) में लड़कियों की भर्ती का मामला सामने आया है। इस केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पांच लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। इसमें संगठन पर आरोप लगाया गया है कि वह युवा लड़कियों की भर्ती कर उन्हें कट्टरपंथी बना रहा है।

एनआईए ने बयान जारी कर बताया कि सोमवार को आंध्र के विजयवाड़ा स्थित विशेष कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। यह केस विशाखापत्तनम पुलिस ने इस साल के आरंभ में दायर किया था। इसके बाद जांच एनआईए को सौंपने पर दोबारा केस दायर किया गया।

आरोप पत्र में राधा नामक लड़की को भाकपा माओवादी के कैडर के रूप में भर्ती किए जाने का जिक्र है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी डोंगरी देवेंद्र, दुबासी स्वप्ना और चुक्का शिल्पा ने राधा को चैतन्य महिला संघ (सीएमएस) में शामिल होने के लिए प्रेरित किया और बाद में उसे कट्टरपंथी बनाकर भाकपा (माओवादी) के नेतृत्व में प्रतिबंधित संगठन में भर्ती करा दिया।

एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि भूमिगत माओवादियों, आरके (अब मृतक) उदय, अरुणा आदि इस संगठन के नेता थे। जांच में पाया गया कि आरोपी देवेंद्र राधा को इलाज के बहाने जंगल में ले गया था। वहां उदय और अरुणा ने उसे प्रतिबंधित संगठन में शामिल होने के लिए मजबूर किया। एनआईए का कहना है कि आरोपियों ने कुछ अन्य लड़कियों व अन्य को भी इस प्रतिबंधित संगठन में भर्ती किया।

प्रवक्ता ने कहा कि देवेंद्र ने सामाजिक कार्य के नाम पर भोलीभाली लड़कियों को सीएमएस की ओर आकर्षित किया था। मामले में किसी बड़ी साजिश की आशंका को देखते हुए सीएमएस और संगठन के अन्य नेताओं की भूमिका की जांच की जा रही है।

उत्तराखंड में ठंडक, बर्फबारी का इंतजार

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उत्तराखंड में ठंडक, बर्फबारी का इंतजार

उत्तराखंड के मौसम में ठंडक लगातार बढ़ रही है। पहाड़ से लेकर मैदान तक ठिठुरन है। कहीं धुंध तो कहीं पाला परेशानी बढ़ा रहा है। मंगलवार सुबह भी मौसम का मिजाज बिगड़ा दिखाई दिया।
सुबह कई जगहों पर कोहरे की चादर दिखाई दी। जिससे ठिठुरन महसूस हुई। ऐसे में लोग पहले की अपेक्षा अधिक गर्म पकड़े पहनकर घरों से बाहर निकले। उधर, मसूरी के कंपनी गार्डन में पाला जमने से जमीन सफेद हो गई है।

वहीं, बर्फबारी का इंतजार भी अब खत्म होने वाला है। मौसम विभाग ने मसूरी के साथ हीधनोल्टी, औली, हर्षिल समेत उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 27 दिसंबर के बाद बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई है।प्रदेश में भले ही कई दिनों से बारिश और बर्फबारी न हुई हो लेकिन तापमान में तेजी से गिरावट आ रही है। पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड के चलते पाला मुसीबत बढ़ा रहा है तो मैदान में कोहरा परेशानी खड़ा कर रहा है।

नीती घाटी में इन दिनों कड़ाके की ठंड के चलते यहां बहने वाले सभी नदी और नाले पूरी तहर से जम चुके हैं। घाटी में रात को तापमान माइनस 15 डिग्री तक पहुंच रहा है।उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी से सुरक्षा एजेंसियों की चुनौतियां बढ़ गई हैं। यहां तापमान शून्य डिग्री से नीचे पहुंच गया है। इन हालातों में भी हिमवीर चीन सीमा पर जुटे हैं। वे बर्फ पिघलाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि प्रदेश में अभी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ है। यही कारण है कि हर साल दिसंबर में जो मौसम रहता है, वह इस बार देखने को नहीं मिल रहा है। लेकिन जल्द ही मौसम बदलने की संभावना है।

छेडा नगर जंक्शन फ्लाईओवर का निर्माण महत्वपूर्ण चरण में

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छेडा नगर जंक्शन फ्लाईओवर का निर्माण महत्वपूर्ण चरण में
छेडा नगर जंक्शन फ्लाईओवर नं 2 में सेंट्रल ऑब्लिगेटरी स्पैन का पहला भाग सफलतापूर्वक लांच

मुंबई-ठाणे। सेंट्रल ऑब्लिगेटरी स्पैन का पहला भाग फ्लाईओवर नं. 2 छेडानगर जंक्शन फ्लाईओवर के मानखुर्द-ठाणे दिशा में सफलतापूर्वक लांच किया गया। सेंट्रल ऑब्लिगेटरी स्पैन काफी महत्वपूर्ण और कठिन है क्योंकि यह काफी घुमावदार आकार में है। इस स्पैन का निर्माण ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर मौजूदा फ्लाईओवर के ऊपर लेवल 2 पर किया जा रहा है।
इस 202 मीटर सेंट्रल ऑब्लिगेटरी स्पैन को छह भागों में विभाजित किया गया है और इसका निर्माण स्ट्रक्चरल स्टील के साथ किया जा रहा है। इस गर्डर का कुल वजन लगभग 890 मीट्रिक टन है। ज्ञात हो कि लांच किया गया स्पैन 6 में से एक स्पैन है। यह स्पैन तीन गर्डर्स का संयोजन है जो 31 मीटर लंबा और दो मीटर प्रत्येक ऊंचाई का है जिसका कि वजन लगभग 110 मीट्रिक टन है।
महानगर एमएमआरडीए के आयुक्त व एस वी आर श्रीनिवास (आईएएस) ने इस संदर्भ में बताया कि छेड़ा नगर जंक्शन सुधार परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर है। हैदराबाद में निर्मित सभी गर्डर्स साइट पर पहले ही आ चुके हैं, अब उन्हें इकट्ठा किया जा रहा है। शेष बचे हुए हिस्सों को अगले 20 दिनों के भीतर लांच करने की योजना बनाई गई है।

 

कर्नाटक विधानसभा में सावरकर की तस्वीर लगाने पर हंगामा

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कर्नाटक विधानसभा में सावरकर की तस्वीर लगाने पर हंगामा, धरने पर बैठे कांग्रेस नेता

कर्नाटक विधानसभा के हॉल में वीर सावरकर की तस्वीर लगाने पर बवाल पैदा हो गया है। इसके खिलाफ विपक्ष के नेता सिद्धारमैया व अन्य नेताओं ने विधानसभा के बाहर धरना देकर विरोध प्रकट किया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष ‘भाजपा’ चाहता है कि सदन की कार्यवाही नहीं चले, इसलिए वह खुद व्यवधान डालना चाहता है। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक डीके शिवकुमार ने कहा कि हम सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मामले उठाना चाहते थे, इसलिए वे ये तस्वीर लेकर आ गए और विवाद खड़ा कर दिया। उनका विकास का कोई एजेंडा नहीं है।

वाल्मीकि, आंबेडकर व पटेल की भी तस्वीरें लगाएं
कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने स्पीकर को पत्र लिखकर मांग की कि सदन में वाल्मीकि, बासवन्ना, कनक दास, बी. आर. आंबेडकर, सरदार वल्लभ भाई पटेल व अन्य नेताओं की भी तस्वीरें लगाई जाएं।

सिद्धारमैया ने यह भी कहा कि वे यह हमारा विरोध नहीं, बल्कि मांग है कि अन्य समाज सुधारकों की तस्वीरें भी विधानसभा हॉल में लगाई जाएं। स्पीकर ने मनमाने ढंग से सिर्फ सावरकर की तस्वीर लगाई है। उन्होंने कहा, ‘मैं किसी की तस्वीर लगाने के खिलाफ नहीं हूं। राज्य सरकार लोगों का कानून व्यवस्था समेत तमाम असल मुद्दों की ओर से ध्यान हटाने के लिए ऐसे कदम उठाती है।’

सावरकर विवादित शख्सियत : सिद्धारमैया
इसके पहले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सावरकर को विवादित शख्सियत बताया था। उनका कहना था कि इस तस्वीर के अनावरण को लेकर मुझे कोई न्योता नहीं दिया गया। ये बीजेपी का एजेंडा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सावरकर महात्मा गांधी की हत्या में शामिल थे। वे एक विवादित शख्सियत हैं।
यह कोई पहला मौका नहीं है, जब देश में वीर सावरकर को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी कई बार उन्हें लेकर देश में विवाद खड़े हो चुके हैं। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि देश में एक ओर वीर सावरकर हैं और दूसरी ओर महात्मा गांधी के विचारों की लड़ाई है।

सीमा विवाद को लेकर विरोध प्रदर्शन, धारा 144 लागू
इस बीच, महाराष्ट्र एकीकरण समिति और राकांपा के सदस्यों ने अंतरराज्यीय सीमा विवाद को लेकर आज कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा के पास कोग्नोली टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद इलाके में धारा 144 लगा दी गई है। पुलिस का कहना है कि सीमा मुद्दे को लेकर पहले से ही वह अलर्ट है।

 

फ्रांस को हराकर अर्जेंटीना ने जीता फीफा विश्व कप

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अर्जेंटीना ने जीता फीफा विश्व कप, फ्रांस से लिया 2018 का बदला

अर्जेंटीना की टीम फीफा विश्व कप 2022 की चैंपियन बन गई है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले चर्चाओं का बाजार गर्म था कि इस बार यूरोपियन दबदबा टूटेगा या नहीं। पिछले 16 सालों से यूरोपीय देशों ने फीफा विश्व कप पर अपना एकाधिकार जमा रखा था। 2002 में अंतिम बार यूरोप से बाहर दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील विश्व चैंपियन बना था और 2006 विश्व कप तक चैंपियन रहा था। 2006 से लेकर 2022 तक यूरोपीय देश ही फीफा विश्व कप चैंपियन रही।

तब से यूरोपीय देशों ने हर विश्व कप में खिताब के प्रबल दावेदार बनने के बावजूद ब्राजील और अर्जेंटीना को फीफा विश्व ट्रॉफी से दूर रखा था। कतर में जब नेमार और लियोनल मेसी की अगुआई में ब्राजील और अर्जेंटीना अपनी दावेदारी पेश करने उतरी थी तो दोनों देशों के सामने 16 साल से चले आ रहे यूरोपियन दबदबे को तोड़ने की चुनौती थी।

ब्राजील की टीम तो क्वार्टर फाइनल में क्रोएशिया से हारकर बाहर हो गई, लेकिन मेसी ने इस उम्मीद को टूटने नहीं दिया। उन्होंने एक दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना को चैंपियन बनाकर ही दम लिया। अर्जेंटीना ने फ्रांस को हराने के साथ ही 2018 की हार का बदला ले लिया। 2018 फीफा वर्ल्ड कप के प्री क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने अर्जेंटीना को 4-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था।

दक्षिण अमेरिका से ब्राजील, अर्जेंटीना, उरुग्वे बने हैं विजेता
सर्वाधिक पांच बार (1958, 1962, 1970, 1994, 2002) के विश्व चैैंपियन ब्राजील और इस विश्व कप से पहले दो बार खिताब जीतने वाले अर्जेंटीना (1978, 1986) इस बार भी जीतने के प्रबल दावेदारों में थी। हालांकि, तेज तर्रार और आक्रामक फुटबॉल खेलने वाली अर्जेंटीना की टीम रक्षात्मक और तकनीकि फुटबॉल खेलने वाले यूरोपीय देशों से आगे निकल गई और तीसरी बार खिताब अपने नाम किया।

ब्राजील और अर्जेंटीना के अलावा उरुग्वे तीसरा दक्षिण अमेरिकी देश है, जिसने फीफा विश्व कप जीता है। फीफा विश्वकप का पहला विजेता भी उरुग्वे 1930 में बना था। 1950 में भी उसने मेजबान ब्राजील को एक लाख 45 हजार दर्शकों के बीच मरकाना स्टेडियम में 2-1 से हराकर न सिर्फ विश्व खिताब जीता बल्कि उस दौरान का सबसे बड़ा उलटफेर भी किया। हालांकि, इस बार उरुग्वे की टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी।

2002 तक यूरोप के आठ के मुकाबले नौ खिताब जीते थे दक्षिण अमेरिकी देशों ने
2002 तक यूरोप और दक्षिण अमेरिकी देशों में खिताब को लेकर कांटे की टक्कर रहा करती थी। 2002 तक हुए 17 विश्व कप में नौ खिताब दक्षिण अमेरिकी देशों ने और आठ खिताब यूरोपीय देशों ने जीते थे, लेकिन इसके बाद बाजी पलट गई है। 2022 से पहले तक 12 बार यूरोपीय देश विश्व चैंपियन बन चुके हैं, जबकि दक्षिण अमेरिकी देश नौ फीफा ट्रॉफी पर ही लटके हुए थे। अब लियोनल मेसी और अर्जेंटीना ने दक्षिण अमेरिकी देशों को 10वीं बार खिताब दिलाया है।

2002 के बाद से हुए पांच विश्व कप में सिर्फ दूसरी बार दक्षिण अमेरिकी टीम फाइनल में जगह बना पाई। दोनों बार फाइनल में पहुंचने वाली टीम अर्जेंटीना ही रही। 2014 में जर्मनी ने मेसी की मौजूदगी में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया था। वहीं, 2022 में अर्जेंटीना की टीम 2018 के चैंपियन फ्रांस को हराकर खिताब अपने नाम किया। 2010 में उरुग्वे और 2014 में ब्राजील सेमीफाइनल में पहुंचे थे। दोनों देश चौथे स्थान पर रहे। मेसी और अर्जेंटीना ने 2002 के बाद से फीफा विश्व कप पर यूरोपियन फुटबॉल के दबदबे को खत्म कर दिया।

फीफा विश्व कप विजेता-दक्षिण अमेरिकी देश

  • 1930: उरुग्वे

  • 1950: उरुग्वे

  • 1958: ब्राजील

  • 1962: ब्राजील

  • 1970: ब्राजील

  • 1978: अर्जेंटीना

  • 1986: अर्जेंटीना

  • 1994: ब्राजील

  • 2002: ब्राजील

  • 2022: अर्जेंटीना

  • फीफा विश्व कप विजेता-यूरोपीय देश

    • 1934: इटली

    • 1938: इटली

    • 1954: पश्चिम जर्मनी

    • 1966: इंग्लैंड

    • 1974: पश्चिम जर्मनी

    • 1982: इटली

    • 1990: जर्मनी

    • 1998: फ्रांस

    • 2006: इटली

    • 2010: स्पेन

    • 2014: जर्मनी

    • 2018: फ्रांस

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के राज में महाराष्ट्र में हैवानियत का नंगा नाच – 16 साल की लड़की के मुँह में लिंग और ड्रग्स ठूँसा: 15 घंटे तक 8 ने किया रेप

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समाचार पोर्टल आप इण्डिया के अनुसार महाराष्ट्र का पालघर फिर अपनी हैवानियत को लेकर चर्चा में है। 16 साल की लड़की से गैंगरेप की घटना सामने आई है। 8 लोगों ने करीब 15 घंटे तक उसे अपनी हवस का ​शिकार बनाया। पीड़िता के मुँह में ड्रग्स और लिंग तक ठूँस दिया। घटना शुक्रवार (16 दिसंबर 2022) की है। पुलिस ने केस दर्ज कर सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना माहिम इलाके की है। शुक्रवार की रात 8 बजे पीड़ित किशोरी अचानक ही अपने घर से गायब मिली। लड़की के परिवार वालों ने काफी तलाश किया, लेकिन वो नहीं मिली। अगले दिन शनिवार को लड़की के परिजनों ने सातपाटी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस ने लड़की के मोबाइल पर कॉल किया तो वह रो रही ही। पुलिस को मोबाइल का लोकेशन हरणवाडी में मिला।

इस लोकेशन पर पुलिस ने दबिश डाली तो लड़की मिली। पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसे उसके बॉयफ्रेंड ने मिलने के बहाने बुलाया था। बाद में उसके साथ 8 लोगों ने समुद्र किनारे बंद पड़े एक बंगले में रेप किया। बाद में उसे अगले दिन सभी आरोपित झाड़ी में ले गए। यहाँ भी उसके साथ सभी आरोपितों ने बारी-बारी से बलात्कार किया। पीड़िता का आरोप है कि सभी आरोपितों ने ड्रग्स ले रखी थी।

पीड़िता ने बताया कि दर्द से कराहने पर उसके मुँह में भी आरोपित ड्रग्स डाल देते थे। आरोपितों ने अपना प्राइवेट पार्ट भी उसके मुँह में डाल दिया था। इस दौरान उसका अप्राकृतिक यौन शोषण भी किया गया। शनिवार सुबह 11 बजे के करीब घटनास्थल से 2 किलोमीटर दूर सुनसान इलाके में आरोपितों ने पीड़िता को अधमरी में हालत में छोड़ दिया। पीड़िता के अनुसार आरोपितों ने उसे मुँह न खोलने की धमकी भी दी थी।

पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 376 D, 366 A, 341, 342, 323, 504, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है। सभी 8 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपित माहिम, हनुमानपाड़ा, टेंबी, सफाले और वडराई इलाके में रहते हैं।

गौरतलब है कि पालघर के दहानु तालुका के गडचिंचले गाँव में अप्रैल 2020 में जूना अखाड़ा के महंत कल्पवृक्ष गिरी महाराज (70 वर्ष) और महंत सुशील गिरी महाराज (35 वर्ष) तथा उनके ड्राइवर निलेश तेलगडे (30 वर्ष) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

शिगली हिल विद्यालय की छात्राओं का शानदार कार्यक्रम सम्पन्न

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देहरादून। शिगली स्थित शिगली हिल इंटरनेशनल एकेडमी का सतरहवाँ स्थापना दिवस “नवरस” बड़ी धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। उत्साह से भरी विद्यालय की सभी छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों से विद्यालय के प्रांगण में उपस्थित सभी दर्शकों का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि अरविंद चंद्र डंगवाल जो वर्तमान में आइटीबीपी के डेप्युटी कमांडेंट के तौर पर कार्यरत हैं और पिछले 24 वर्षों में उत्तराखंड, लेह, लद्दाख, आसाम और छत्तीसगढ़ में एंटी नक्सलाइट ऑपरेशन में शामिल रहे हैं। विद्यालय की निर्देशिका श्रीमती ममता सिंह प्रधानाचार्य श्रीमती अंजना कपूर एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी चंदन राय सहित दीप प्रज्वलित कर “नवरस” समारोह का शुभारंभ किया।
इससे पूर्व छात्रों के अभिभावकों एवं अतिथियों के लिए सभी विषयों पर आधारित एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसकी अभिभावकों ने खूब सराहना की।
“नवरस” समारोह के आरंभ में विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत से मुख्य अतिथि एवं सभी दर्शकों का अभिवादन किया। जूनियर छात्राओं ने गढ़वाली नृत्य की प्रस्तुति से सभी दर्शकों का मन मोह लिया। समारोह का मुख्य आकर्षण विद्यालय की छात्राओं द्वारा नवरस पर आधारित नृत्य नाटिका ने उपस्थित सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मिडिल स्कूल की छात्राओं ने डिवोशनल लोक नृत्य प्रस्तुत कर अलग ही छटा बिखेरी।
समारोह की समाप्ति पर मुख्य अतिथि अरविंद चंद्र डंगवाल का सम्मान किया गया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा उपस्थित छात्राओं अध्यापकों कर्मचारियों एवं प्रबंधन समिति का आभार प्रकट किया एवं छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों की सराहना की और छात्राओं को देश सेवा और राष्ट्रप्रेम के लिए अपने वक्तव्य द्वारा प्रेरित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमती अंजना कपूर ने धन्यवाद उद्बोधन के दौरान विद्यालय की प्रबंधन समिति, विद्यालय के अध्यापकों, कर्मचारियों का सफल आयोजन के लिए धन्यवाद किया। स्थापना दिवस समारोह का समापन विद्यालय के गीत गायन के साथ किया गया और अंत में राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया।

अवतार 2 ने ध्वस्त किए बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड्स, सिर्फ दो दिनों में 100 करोड़ का कलेक्शन

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अवतार 2 ने ध्वस्त किए बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड्स, सिर्फ दो दिनों में 100 करोड़ का कलेक्शन किया, वर्ल्डवाइड आंकड़ा 1700 करोड़ के पार

अवतार ने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ शुरुआत की है। फिल्म ने पहले दिन 41 करोड़ का कलेक्शन किया था। अब जो रिपोर्ट आ रही है उसके हिसाब से फिल्म ने दूसरे दिन करीब 45 करोड़ की कमाई की है। ग्रॉस कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने दो दिनों में 100 करोड़ की कमाई कर ली है।

उम्मीद है कि फिल्म अपने पहले वीकेंड पर 130 से 140 करोड़ का बिजनेस कर सकती है। फिल्म को लेकर ऑडियंस के बीच गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। करीब 2 हजार करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म की ट्रेड पंडितो से लेकर क्रिटिक्स तक तारीफ कर रहे हैं।

सिर्फ दो दिन में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा

अवतार ने रिलीज के पहले दिन 41 करोड़ का कलेक्शन किया था। अब दूसरे दिन फिल्म ने तकरीबन 45 करोड़ का नेट कलेक्शन कर लिया है। फिल्म का नेट कलेक्शन कुल 86 करोड़ हो गया है हालांकि दो दिनों के ग्रॉस कलेक्शन की बात की जाए तो फिल्म ने 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर लिया है।

ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला ने बताया कि अवतार 2 ने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर दो ही दिनों में 100 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात की जाए तो फिल्म ने दो दिनों में करीब 1700 करोड़ की कमाई कर ली है।

एवेंजर्स एंडगेम से पीछे रह गई अवतार-2

अवतार ने भले ही पहले दिन 41 करोड़ का कलेक्शन किया हो लेकिन, वो एवेंजर्स एंडगेम के फर्स्ट डे कलेक्शन से काफी पीछे रह गई। एवेंजर्स एंडगेम ने रिलीज के पहले दिन पूरे इंडिया में 52 करोड़ की कमाई की थी।

किसी भी हॉलीवुड फिल्म के लिए इंडिया में हाइएस्ट फर्स्ट कलेक्शन का ये अब तक का सबसे बड़ा रिकार्ड है। इस रिकॉर्ड को अवतार 2 भी नहीं तोड़ पाई है।

16 दिसंबर को रिलीज हुई है फिल्म

बता दें कि अवतार 2 16 दिसंबर को रिलीज हुई है। देश के चुनिंदा शहरों में फिल्म का पहला शो 16 दिसंबर को मिडनाइट 12 बजे से शुरू हो गया था। करीब दो हजार करोड़ में बनी इस फिल्म के स्पेशल इफेक्ट्स, वीएफएक्स और बैकग्राउंड स्कोर की काफी तारीफ सुनने को मिल रही है।

भारत में फिल्म को इंग्लिश और हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी रिलीज किया गया है। फिल्म में सैम वाशिंगटन, जोई सल्डाना, स्टीफन लैंग, क्लिफ कर्टिस और केट विंसलेट ने अहम भूमिका निभाई है।

अवतार फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म 2009 में रिलीज हुई थी। इसने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे। ये अब तक के सिनेमाई इतिहास की सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म है।

इसने पूरी दुनियाभर में करीब 19 हजार करोड़ का टोटल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया था। फिल्म को रिलीज हुए 13 साल हो गए हैं कि लेकिन कमाई के मामले में फिल्म अभी भी टॉप पर है।

एयर इंडिया पायलट ने विमान के अंदर डॉगी को ले जाने से रोका

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बेंगलुरु दंपती का आरोप, एयर इंडिया पायलट ने विमान के अंदर डॉगी को ले जाने से रोका

सचिन शेनॉय नाम के व्यक्ति ने घटना का वीडियो ट्विटर पर साझा किया और कहा कि वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ छुट्टी पर जा रहे थे और तीन महीने पहले उन्होंने टिकट बुक कराया था। वे एयर इंडिया के निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार पालतू कुत्ते को अपने साथ ले जाना चाह रहे थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया।
बेंगलुरु के एक दंपती ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा कर एयर इंडिया के पायलट पर बोर्डिंग पास होने के बावजूद पालतू कुत्ते को विमान के अंदर ले जाने से रोकने का आरोप लगाया है। दंपती ने दावा किया है कि उन्होंने पालतू जानवर ले जाने के संबंध में सभी नियमों का पालन किया था। दंपती को शनिवार को एयर इंडिया की फ्लाइट से पहले दिल्ली और फिर अमृतसर जाना था।
सचिन शेनॉय नाम के व्यक्ति ने घटना का वीडियो ट्विटर पर साझा किया और कहा कि वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ 12 दिन की छुट्टी पर जा रहे हैं और तीन महीने पहले उन्होंने टिकट बुक कराया था। वे एयर इंडिया के निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार पालतू कुत्ते को अपने साथ ले जाना चाह रहे थे। फ्लाइट पकड़ने के पहले से एयरलाइन के अधिकारियों के संपर्क में थे।
\सचिन ने वीडियो में कहा कि उनके पालतू जानवर का वजन 4.2 किलोग्राम है और बैग के साथ कुल वजन पांच किलोग्राम है। नियमों के मुताबिक, वह बैग लेकर केबिन के अंदर सफर कर सकते हैं। चेकिंग के बाद उन्हें बोर्डिंग पास भी जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि हमने एयरपोर्ट पर चार घंटे से अधिक समय तक इंतजार किया। इस दौरान पालतू कुत्ते ने एक बार भी नहीं भौंका। साथ ही हवाईअड्डे पर यात्रियों ने उसे दुलार भी किया।
पालतू जानवर छोड़कर जाने को कहा गया
सचिन ने बताया कि पायलट कैप्टन चोपड़ा ने हमें विमान में प्रवेश करने से रोक दिया और कहा कि हमें यही बताया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि फ्लाइट ओवरबुक हो गई थी। उन्होंने कहा कि बाद में हमें बताया गया कि आप अपने पालतू जानवर को छोड़कर जा सकते हैं। सचिन ने दावा किया कि इस घटना से उन्हें काफी नुकसान हुआ है क्योंकि उन्होंने अपने गंतव्य शहर में होटल और यात्रा बुकिंग की थी।

सोशल मीडिया पर मिला समर्थन
वहीं, कई यूजर्स ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया और सचिन का समर्थन किया। कई लोगों ने एयर इंडिया के इस कदम को पालतू जानवरों के खिलाफ बताया और पायलट पर जुर्माना लगाने की मांग की।

एयर इंडिया ने दी यह सफाई
सचिन के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एयर इंडिया ने कहा कि हमारी बेंगलुरु एयरपोर्ट की टीम ने यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव मदद की थी कि आपका डॉगी फ्लफी उड़ान भर सके। लेकिन फ्लाइट कैप्टन पालतू जानवर को लेकर असहज थे और इसलिए डॉगी को सवार होने की अनुमति नहीं दी गई।

टाटा के स्वामित्व वाली एयरलाइन एयर इंडिया ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि घरेलू उड़ानों पर पालतू जानवरों को ले जाने के लिए हमारी निर्धारित नीति में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि पालतू जानवरों को ले जाने की मंजूरी के फ्लाइल कैप्टन के अधीन है।