खरगे-प्रियंका समेत इन लोगों ने भी जताया दुख
जेपी नड्डा और पुष्कर सिंह धामी ने शोक जताया
भीषण कार दुर्घटना में ऋषभ पंत गंभीर रूप से घायल
सड़क पर तड़पते रहे ऋषभ, बिखरे रुपये समेटकर वीडियो बनाते रहे लोग, फिर दो शख्स बने मसीहा
क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार का शुक्रवार सुबह रुड़की के नारसन में भयावह एक्सीडेंट हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दौरान कार के परखच्चे उड़ गए। ऋषभ कार से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण नहीं निकल पा रहे थे। फिर वे वहां से खुद ही किसी तरह बाहर निकले।
उत्तराखंड के डीजी अशोक कुमार ने बताया- ऋषभ पंत को गाड़ी चलाते वक्त झपकी आ गई थी। इसके बाद वह कार पर से नियंत्रण खो बैठे थे। हादसे के वक्त पंत कार में अकेले थे। रुड़की के नारसन बॉर्डर पर हम्मदपुर झाल के पास उनकी मर्सीडीज कार अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकरा गई। इसके बाद कार में आग लग गई और पलट गई। बताया जा रहा है कि गाड़ी तेज स्पीड से पहले डिवाइडर के किनारे लगी और इसके बाद लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग से टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी रॉन्ग साइड में जा पहुंची। गाड़ी सड़क पर घसीटते हुए करीब 200 मीटर की दूरी पर जाकर थमी। इसके बाद उसमें आग लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंत को अस्पताल में भर्ती कराया.
बताया जा रहा है कि ऋषभ की गाड़ी में करीब तीन से चार लाख रुपए थे। घटना के बाद सारे रुपये सड़क पर बिखरे पड़े थे। वे वहां तड़पते रहे लेकिन इस दौरान कुछ लोग ऋषभ की मदद करने के बजाय नोट अपनी जेबों में भरने और वीडियो बनाने में मशगूल हो गए।
वहीं, दो युवक इस दौरान मसीहा बनकर सामने आए। रुड़की के सक्षम अस्पताल में जब ऋषभ पंत को भर्ती कराया गया तो इस दौरान दो युवक भी थे। बताया जा रहा है कि कि इनमें से एक युवक पुरकाजी के समीप शकरपुर गांव का रहने वाला है। वह घटनास्थल से कुछ किलोमीटर दूर आगे लिब्बरहेरी में स्थित उत्तम शुगर मिल में नौकरी करता है।
सुबह के समय वह अपनी ड्यूटी पर जा रहा था। इसी दौरान उसने दुर्घटना में घायल हुए ऋषभ पंत को पहचान लिया। डॉ. सुशील नागर ने बताया कि अस्पताल में जब ऋषभ को लाया गया तो दो युवक भी थे। उन्होंने सही समय पर ऋषभ को अस्पताल पहुंचा दिया।
डॉक्टर सुशील नागर ने बताया कि भर्ती के दौरान ऋषभ पंत की हालत थोड़ी गंभीर थी लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरा तो हालत ठीक होने लगी. इसके बाद ऋषभ पंत को देहरादून स्थित मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। बताया गया है कि यहां ऋषभ पंत की प्लास्टिक सर्जरी भी होगी।
हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेले थे
हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ऋषभ पंत ने कमाल की बल्लेबाजी की थी। दूसरे टेस्ट में वह शतक से चूक गए थे, लेकिन बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने भारत को मैच में आगे कर दिया था और इसी वजह से दूसरी पारी में अहम बल्लेबाजों के फेल होने के बावजूद टीम इंडिया यह मैच जीत गई थी। हालांकि, वनडे और टी20 में खराब प्रदर्शन के चलते हाल ही में उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टीम से बाहर कर दिया गया था।
तरक्की नहीं, तस्करी करा रहे हैं हेमंत सोरेन – BJP सांसद ने CM पर बोला हमला
Jharkhand Politics News: पिछले कुछ समय से गौ तस्करी को लेकर झारखंड (Jharkhand) में राजनीति चरम पर है. आज यानि 28 दिसंबर को बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने इसे और तूल दे दिया. ताजा मामला ये है कि गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद ने तस्करी (Cow Smuggling) के जरिए बांग्लादेश भेजे जा रहे 10 हजार गायों को तस्करों के हाथों से मुक्त कराने का दावा किया है. साथ ही उन्होंने झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन (Hemant Soren) पर हमला बोल दिया है.
पुलिस के हवाले किए 2 गौ तस्कर
बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने अपने ताजा ट्वीठ में सीएम हेमंत सोरेन पर हमला बोलते हुए कहा कि वो झारखंड में तरक्की नहीं तस्करी को बढ़ावा दे रहे हैं. गौ तस्करी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि इसके पीछे सीधे सीएम का हाथ है. वहीं, गौ तस्करी करवा रहे हैं. अपने ट्वीट में उन्होंंने लिखा है कि बुधवार सुबह पांच जे गोड्डा लोकसभा के सरैयाहाट में 10 हजार से अधिक गौ माता को बचाने का काम हमने किया. इन सभी को सीएम हेमंत सोरेने बांग्लादेश तस्करी के जरिए भेज रहे हैं. इतना ही नहीं, मोइउद्दीन व अली अंसारी नाम के गौ तस्कर को पुलिस के हवाले करने का भी उन्होंने दावा किया है.
आज सुबह 5 बजे गोड्डा लोकसभा के सरैयाहाट में,10 हज़ार से अधिक गौ माता को बचाने का काम हमने किया,इन सभी को बांग्लादेश तस्कर @HemantSorenJMM जी के नेतृत्व में तरक्की के जगह तस्करी करा रहे हैं ।मोइउद्दीन व अली अंसारी पुलिस के हवाले @yourBabulal @AmitShah @BJP4Jharkhand @dprakashbjp pic.twitter.com/4WDs3VXqya
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) December 28, 2022
पनवेल महोत्सव रोटरी क्लब के सौजन्य से सुधा साहित्यिक व सामाजिक संस्था द्वारा सम्पन्न
नवी मुंबई। रोटरी क्लब के तत्वावधान में सुधा साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था द्वारा 26 दिसम्बर 2022 की शाम खांदेश्वर, नवी मुंबई में काव्य संध्या का आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में रोटरी क्लब द्वारा सुधा साहित्य सामाजिक संस्था के पदाधिकारियों को मंच पर आमंत्रित किया गया। संस्था की अध्यक्ष रजनी साहू द्वारा आमंत्रित सभी अतिथि कविगण अरविंद राही, डाॅ. रमेश यादव, मुकेश गौतम, प्रकाशचंद्र झा, अश्वनी उम्मीद ने काव्य पाठ किया। वहीं अरविंद शर्मा राही ने मंच संचालन बड़ी कुशलता के साथ किया।
कार्यक्रम में संजना चौधरी पाटील द्वारा देशभक्ति कविता से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रकाश चंद्र झा ने व्यंग्यात्मक कविता पाठ किया तथा डॉ. मुकेश गौतम की हास्य कविता श्रोताओं को बहुत पसंद आई।
तत्पश्चात सीमा ठाकुर और रजनी साहू ने भी काव्य प्रस्तुति की।
अंत में डॉ.रमेश यादव द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। साथ ही उनके द्वारा रोटरी क्लब के सभी पदाधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट किया गया।
5वें मूनवाइट फिल्म्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्ट में संगीत क्षेत्र के लोगों को मिला सम्मान
मुम्बई। देवाशीष सरगम (राज), 5वें मूनवाइट फिल्म्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्ट – #MWFIFF के संस्थापक और निदेशक, जिसे एसबीआई बैंक द्वारा अनूप जलोटा के सहयोग से प्रस्तुत किया गया है, जूरी अनूप जलोटा, पंडित सुवाशित राज के साथ, जो उपस्थित थे।
देवाशीष ने कहा कि इस वर्ष हमें 50 से अधिक फिल्में प्राप्त हुई हैं और 20 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों को विभिन्न श्रेणी में वेब श्रृंखला और संगीत वीडियो के साथ पुरस्कृत किया गया है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी इस आयोजन की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं भेजे क्योंकि वे व्यक्तिगत रूप से इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। हमारे कार्यक्रम के लिए भगतसिंह कोश्यारी से एक वीडियो बाइट प्राप्त करना एक सम्मान की बात थी और उनकी शुभकामनाएं और आशीर्वाद वास्तव में मेरे लिए बहुत मायने रखता है।
प्रख्यात ज्यूरी ने देवाशीष सरगम (राज) के साथ कुछ पुरस्कारों की भी घोषणा की, जैसे गायक शैलेंद्र सिंह को पिछले 5 दशकों से गायन उद्योग में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए ‘डिकेड अवार्ड’ प्राप्त हुआ। उनके कुछ प्रसिद्ध गीतों में फिल्म ‘बॉबी’ का ‘मैं शायर तो नहीं’ और उनकी सूची में कई और गाने शामिल हैं। पिछले वर्ष यह प्रतिष्ठित दशक पुरस्कार उदित नारायण को प्रदान किया गया था।
बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक शान को उनकी फीचर फिल्म के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ गायक का पुरस्कार’ मिला, साथ ही इश्तेयाक खान को उनकी लघु फिल्म रामदीन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला, शिशिर शर्मा को उनकी लघु फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया। दिव्या सेठ शाह और शान ग्रोवर को आदित्य जोशी द्वारा निर्मित उनकी लघु फिल्म ‘द सेशन’ के लिए क्रमशः सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। परवीन डबास और पवित्रा लोकेश को फीचर फिल्म के लिए क्रमशः सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।
#MWFIFF की सह-संस्थापक शिप्रा राज, संगीतकार दिलीप सेन, भजन सम्राट अनूप जलोटा, कॉमेडियन सुनील पाल, विवेक प्रकाश, पंडित सुवाशित राज और फिल्मी हस्तियों के साथ कई अन्य हस्तियां इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए उपस्थित रहे।
फेस्टिवल के संस्थापक और निदेशक देवाशीष सरगम (राज) ने कहा कि हमारे फिल्म फेस्टिवल के पांचवें सीजन में भारत सहित कई देशों की बेहतरीन फिल्मों को प्रदर्शित किया गया है। यह दिलचस्प है कि लघु फिल्में कई युवा और प्रतिभाशाली और साथ ही वरिष्ठ अभिनेताओं के लिए रास्ते खोल रही हैं, जो दिलचस्प विषयों के साथ न्याय कर सकते हैं। इस बार प्रतियोगिता बड़ी थी। हमारे जूरी सदस्यों में ब्राइट आउटडोर मीडिया लिमिटेड के योगेश लखानी, अनूप जलोटा, अभिनेता अरुण गोविल, डॉ जसपिंदर नरूला, गुफी पेंटल और प्रसिद्ध ज्योतिषी सुवाशित राज शामिल हैं।
देवाशीष सरगम (राज) ने कहा कि इस साल अमेरिका और भारत सहित कई अन्य देशों की कुछ दिलचस्प शार्ट फिल्में देखीं। 5वें MWFIFF 2022 की फिल्मों की स्क्रीनिंग गोल्ड सिनेमा, मुंबई में आयोजित की गई थी, और पुरस्कार समारोह का आयोजन सोफिया भाभा ऑडिटोरियम में किया गया था।
उन्होंने मूनवाइट फिल्म्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्ट के बारे में कहा की ये एक नॉन कमर्शियल अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल है और दुनिया के सभी फिल्म निर्माताओं से इस फेस्टिवल में शामिल होने और इसका समर्थन करने, इसका हिस्सा बनने और इस सबसे बड़े इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का लाभ उठाने का आग्रह किया है।
देवाशीष सरगम ने यह भी कहा कि इस वर्ष टी-सीरीज़ के तहत अनूप जलोटा और कोयल त्रिपाठी द्वारा गाया गया संगीत वीडियो ‘बेहिजाब’, उनके द्वारा निर्देशित म्यूजिक वीडियो लॉन्च किया गया था और यह इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था। सबसे बड़े म्यूजिक लेबल के रूप में टी-सीरीज़ ने हमारा समर्थन किया और म्यूजिक वीडियो लॉन्च किया। आखिरी में देवाशीष सरगम ने भूषण कुमार और दिव्या खोसला कुमार सहित टी-सीरीज़ की पूरी टीम को समर्थन करने के लिए धन्यवाद किया।
बैल को जल्लीकट्टू के लिए दे रही ट्रेनिंग दिव्यदर्शिनी
तीन साल से बैल के साथ समय बिता रही 12वीं क्लास की दिव्यदर्शिनी, जल्लीकट्टू के लिए दे रही ट्रेनिंग
दिव्यदर्शिनी कहती हैं, जल्लीकट्टू अगले महीने होगा। अब हम जल्लीकट्टू के लिए बैल को तैयार करने में लगे हैं। फिलहाल हम बैल को चारा दे रहे हैं और भविष्य में चलने, तैरने और मिट्टी खोदने का प्रशिक्षण देंगे।
तमिलनाडु के मदुरै में 12वीं क्लास में पढ़ने वाली दिव्यदर्शिनी बीते तीन वर्षों से एक बैल के साथ समय बिता रही हैं। जानवरों के प्रति प्रेम भाव रखने वाली दिव्यदर्शिनी इस बैल को जल्लीकट्टू के लिए प्रशिक्षित कर रही हैं। जल्लीकट्टूट, राज्य में जानवरों को वश में करने वाला प्रसिद खेल है।
एक ओर जहां बैल को देखकर जल्लीकट्टू के खिलाड़ी भी डर जाते हैं और साइड हो जाते हैं, वहीं दिव्यदर्शिनी इसके साथ दोस्ताना व्यवहार करने का फैसला किया। वह पिछले तीन साल से बैल के साथ समय बिता रही हैं और उसे प्रशिक्षण दे रही हैं। दिव्यदर्शिनी बताती हैं, मैं 12वीं क्लास में पढ़ती हूं और हमारे परिवार जल्लीकट्टू बैलों की चार पीढ़ियां हैं।
इस बैल को अपने परिवार का सदस्य बताते हुए वह कहती हैं, जल्लीकट्टू अगले महीने होगा। अब हम जल्लीकट्टू के लिए बैल को तैयार करने में लगे हैं। फिलहाल हम बैल को चारा दे रहे हैं और भविष्य में चलने, तैरने और मिट्टी खोदने का प्रशिक्षण देंगे।
दिव्यदर्शिनी बताती हैं, मेरा बैल जब घर पर होता है तो शांत रहता है, लेकिन जब वह जल्लीकट्टू के मैदान में जाता है तो आक्रामक होता है। बैल घर के लिए लोगों से कुछ नहीं करता है।
तमिलनाडु के मदुरै में पोंगल के त्योहार से पहले ‘बुल ट्रेनर’ जल्लीकट्टू के लिए कमर कस रहे हैं। मदुरै जिले के पोडुम्बू गांव में बीस से ज्यादा युवाओं ने इस प्रतियोगिता के लिए बैलों को प्रशिक्षित करना शुरू कर दिया है। बैलों को चलने और तैरने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्लीकट्टू को एरू थजुवुथुल या मनकुविरत्तु के नाम से भी जाना जाता है। इसका आयोजन अगले कुछ हफ्तों में किया जाएगा।
पुज्यपाद जगद्गुरु जी द्वारा भव्य १३५९वीं श्री रामकथा का आयोजन !
इस दिव्य कथा का शीर्षक अत्यन्त दिव्य एवम् अनोखा है
भगवान श्रीराम जी की १६ कलाएं
नालासोपारा: दिन रविवार को भगवान के अद्भुत प्राकट्योत्सव की कथा एवं सोमवार को भगवान की बाल लीला की कथा संपन्न हुई! गुरुदेव भगवान अपनी दिव्य एवम् अलौकिक प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं और ऐसे गूढ़ विषयों पर कथा कहने के लिए एवम् विशेष टीकाओं व धर्म ग्रंथों के लेखन के लिए विश्व विख्यात भी हैं! गुरुदेव प्रतिदिन भगवान की २ कलाओं का वर्णन करके भक्तों का मन मोह लेते हैं! वसंत नगरी मैदान मे प्रतिदिन १५-२० हजार श्रोता उपस्थित होते हैं! गुरुजी की यह कथा उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव ४ से ७ बजे शाम प्रतिदिन ३१ दिसंबर २०२२ शनिवार तक चलेगी और आगे चलकर उत्तर भारतीय विकास संस्था इस विषेश ९ दिवसीय कथा को पुस्तक रूप भी देगी ऐसा गुरुदेव भगवान ने आव्हान किया है ।
यदि किसी भी भगवदभक्त को श्रीराम मंत्र की दीक्षा लेनी है तो इंपीरियल हेरिटेज बिल्डिंग c विंग ११ वें महले पर प्रातः ११ से १२ बजे दोपहर तक आ सकते हैं! श्री गुरुदेव भगवान ने उनके जन्मोत्सव पर होने वाली १००८ कुंडीय श्री हनुमद महायज्ञ एवं श्रीराम कथा श्री सालासर धाम,चुरू राजस्थान हेतु विशेष यजमान बनने का स्वर्णिम अवसर भी ज्ञात कराया! जिसकी तिथि है १२ से २० जनवरी २०२३ और यजमान बनने की सहयोग राशि मात्र एकतिश हजार रूपए है! आप सभी राष्ट्र प्रेमी और भगवद भक्तों का स्वागत है ।
संकलन कर्ता – श्री गुरुचरण सेवक (बृजेश पांडेय -श्री राम कथा वाचक एवं पूर्व प्रत्याशी लोकसभा जौनपुर ९३२०१४६८०२)
भारत बायोटेक की कोरोना नेजल वैक्सीन के लिए कीमत हुई तय
भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन के लिए कीमत हुई तय
नाक के जरिए दी जाने वाली भारत बायोटेक की इंट्रानैसल कोरोना वैक्सीन INCOVACC की कीमत तय कर दी गई है।
नाक के जरिए दी जाने वाली भारत बायोटेक की इंट्रानेजल कोरोना वैक्सीन INCOVACC की कीमत तय कर दी गई है। भारत सरकार के अनुसार प्राइवेट अस्पतालों में इसकी एक डोज की कीमत 800 रुपये होगी। इसके अलावा पांच फीसदी जीएसटी भी देनी होगी। रिपोर्ट के अनुसार निजी अस्पतालों को एक डोज के लिए 150 रुपये का एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज लगाने की भी मंजूरी है। इस प्रकार इस वैक्सीन की एक खुराक की कीमत फिलहाल लगभग 1000 रुपये पड़ेगी। वहीं सरकारी अस्पतालों में इस वैक्सीन की कीमत 325 रुपये होगी। बता दें कि पिछले हफ्ते ही भारत बायोटेक की इंट्रानेजल वैक्सीन iNCOVACC को कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया था।
जनवरी के अंत तक होगी उपलब्ध
इंट्रानेजल वैक्सीन को पहले कोवाक्सीन (Covaxin) या कोविशील्ड (Covishield) के साथ पूरी तरह से टीका लगाए गए लोगों के लिए बूस्टर शॉट के रूप में मंजूरी मिली थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी के अंत तक ये उन लोगों के लिए उपलब्ध होगी जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ली है।
मंडाविया ने की थी घोषणा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को कहा था कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण अभियान में iNCOVACC को शामिल करने को मंजूरी दे दी है। उन्होंने यह भी कहा था कि शुरुआत में वैक्सीन निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगी और इसे CoWin ऐप में जोड़ दिया जाएगा।
इस नेजल वैक्सीन को वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार किया
भारत बॉयोटेक ने इस नेजल वैक्सीन को वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार किया है। भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एला के अनुसार, ‘इनकोवैक’ कोविड के खिलाफ कारगर है। यह कोविड-19 के खिलाफ म्यूकोसेल इम्युनिटी प्रदान करता है। डॉ. एला ने बताया कि इस टीके के जरिए हमने ऐसा कोविड प्रतिरक्षक तंत्र विकसित किया है, जो अमेरिका में भी नहीं है। यह नेजल वैक्सीन आईजीए म्यूकोसेल इम्युनिजी IgA mucosal immunity प्रदान करता है। बता दें, चीन में ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट बीएफ.7 के कारण बुरा हाल है। लाखों की संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं और हजारों मौतें हो रही हैं। ब्राजील व अमेरिका में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी की खबर है।
निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण रद्द
निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण रद्द, कोर्ट ने चुनाव का दिया आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को रद्द कर दिया है और जल्द से जल्द चुनाव कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सरकार की दलीलों को मानने से इनकार कर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने यूपी के निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर निर्णय दे दिया है। हाईकोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को रद्द करते हुए फौरन चुनाव कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सरकार की दलीलों को नहीं माना।
कोर्ट में सुनवाई चलते रहने के कारण राज्य निर्वाचन आयोग के अधिसूचना जारी करने पर रोक लगा दी गई थी। कोर्ट ने कहा है कि जब तक ट्रिपल टेस्ट न हो तब तक ओबीसी आरक्षण नहीं होगा। कोर्ट ने बिना आरक्षण के तत्काल चुनाव कराने के निर्देश दिए।
मामले में याची पक्ष ने कहा था कि निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण एक प्रकार का राजनीतिक आरक्षण है। इसका सामाजिक, आर्थिक अथवा शैक्षिक पिछड़ेपन से कोई लेना देना नहीं है। ऐसे में ओबीसी आरक्षण तय किए जाने से पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई व्यवस्था के तहत डेडिकेटेड कमेटी द्वारा ट्रिपल टेस्ट कराना अनिवार्य है।
जिस पर राज्य सरकार ने दाखिल किए गए अपने जवाबी हलफनामे में कहा था कि स्थानीय निकाय चुनाव मामले में 2017 में हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सर्वे को आरक्षण का आधार माना जाए। सरकार ने कहा है कि इसी सर्वे को ट्रिपल टेस्ट माना जाए। सरकार ने ये भी कहा था कि ट्रांसजेंडर्स को चुनाव में आरक्षण नहीं दिया जा सकता।सुनवाई में हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा था कि किन प्रावधानों के तहत निकायों में प्रशासकों की नियुक्ति की गई है? इस पर सरकार ने कहा कि 5 दिसंबर 2011 के हाईकोर्ट के फैसले के तहत इसका प्रावधान है।
कैसे होता है रैपिड सर्वे
रैपिड सर्वे में जिला प्रशासन की देखरेख में नगर निकायों द्वारा वार्डवार ओबीसी वर्ग की गिनती कराई जाती है। इसके आधार पर ही ओबीसी की सीटों का निर्धारण करते हुए इनके लिए आरक्षण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाता है।
क्या है ट्रिपल टेस्ट
नगर निकाय चुनावों में ओबीसी का आरक्षण निर्धारित करने से पहले एक आयोग का गठन किया जाएगा, जो निकायों में पिछड़ेपन की प्रकृति का आकलन करेगा। इसके बाद पिछड़ों के लिए सीटों के आरक्षण को प्रस्तावित करेगा। दूसरे चरण में स्थानीय निकायों द्वारा ओबीसी की संख्या का परीक्षण कराया जाएगा और तीसरे चरण में शासन के स्तर पर सत्यापन कराया जाएगा।
श्रीमद् भागवत महाकथा के यज्ञ स्थल का भूमिपूजन !
By – Ankit Tiwari










