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टीआरपी गिर जाएगी गर मैं सुधर गई : किशोरी शहाणे विज

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मुम्बई। मराठी फिल्म इंडस्ट्री में किशोरी शहाणे विज का नाम खूब बड़ा है। किशोरी ने कुछ हिंदी फिल्मों व घारावाहिकों में भी काम किया है। अब किशोरी की लोकप्रियता में चार चांद लग गये हैं और इसका श्रेय जाता है धारावाहिक ‘गुम है किसी के प्यार में’ को। पिछले दो सालों से इसका प्रसारण स्टार प्लस चैनल पर हो रहा है और इसने नंबर एक या दो की पोजिशन पर खुद को कायम रखा हुआ है।
किशोरी शहाणे द्वारा इसमें घर की मुखिया भवानी देवी की भूमिका निभायी गयी है और धारावाहिक को लोकप्रिय बनाने में इस किरदार का बड़ा हाथ रहा है।
इस भूमिका के बारे में किशोरी कहती है, “मेरे कैरियर में एक समय वह आ गया था जब मुझे रटी रटायी भूमिकाएं ऑफर हो रही थी और कैरियर में ठहराव सा आ गया था। मैं खुद भी इस तरह की भूमिकाओं से बोर होने लगी थी। लॉकडाउन के दौरान जब खाली बैठी थी तो सोचने लगी कि कैरियर में बदलाव लाने का यही सही समय है। इस बदलाव की शुरुआत कैसे होगी इस बारे में सोच रही थी कि मुझे इस धारावाहिक की ऑफर मिली। पहले मैं पशोपेश में भी थी कि क्या मैं भवानी देवी के किरदार संग न्याय कर पाउंगी क्योंकि यह किरदार ग्रे शेड्स लिये है। फिर ख्याल आया कि टीवी के कई ग्रे शेड्स वाले किरदार भी खूब लोकप्रिय हुये हैं। तो मैंने इस किरदार के लिये हां कह दी। इस किरदार के लिये मैंने न तो तो भारी मेकअप का इस्तेमाल किया है न ही बड़ी बिंदी लगायी है। बस, अपनी आंखों से अभिनय किया है। यहाँ भवानी देवी अपनी हर बात अपनी आँखों से कह जाती है और दर्शकों को यह अंदाज खूब पसंद आ गया है। इस किरदार की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से भी मिलता है कि हाल ही में मुझे बहु प्रतिष्ठित एवार्ड आयटीए (इंडियन टेलिविजन एकेडमी) से भी सम्मानित किया गया। स्वयं चैनल वालों के मुताबिक भवानी देवी का किरदार इस सीरियल की जान है।
अब आलम यह है कि किशोरी जहां कहीं जाती है तो लोग उन्हें घेर लेते हैं और अमूमन एक ही सवाल पूछते हैं कि आप क्यों दूसरों को तंग करती रहती हो? लोगों की ऐसी प्रतिक्रिया को किशोरी अपने किरदार की जीत मानती है। कहानी में मोड़ लाने के लिये कई बार किरदार में बदलाव लाते भी देखा गया है, तो आगे चल भवानी देवी भी क्या अपने तीखे तेवर छोड़ नरम बन जाएगी? इस सवाल के जवाब में मीठी मुस्कान बिखेरते हुए किशोरी कहती है, “गर मैं सुधर गयी तो सीरियल की टीआरपी गिर जाएगी।” यानि भवानी देवी का तीखा अंदाज़ इस धारावाहिक में जारी रहने वाला है।

रियल स्टोरी के साथ अपने बेटे बॉबी को लॉन्च करने जा रहे हैं दीपक बलराज विज

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मुम्बई। निर्माता-निर्देशक के तौर पर दीपक बलराज विज का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। जान तेरे नाम, स्टंटमैन, सैलाब सहित दो दर्जन के करीब फिल्में बनाने वाले दीपक बलराज ने कई नए कलाकारों को भी ब्रेक दिया है। आदित्य पंचोली, रोनित रॉय, जैकी श्रॉफ से लेकर माधुरी दीक्षित, मंदाकिनी आदि के साथ फिल्में बनाने वाल दीपक बलराज अब अपने बेटे बॉबी विज को बतौर हीरो इंट्रोड्यूस कर रहे हैं और फिल्म का नाम है ‘शॉट इन द डार्क – हे राम’।
अलग से टायटल वाली यह फिल्म वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है। फिल्म के विषय वस्तु पर प्रकाश डालते हुए दीपक बलराज कहते हैं, “मैंने तकरीबन दो साल तक इस फिल्म की कहानी पर काम किया है। हुआ यह कि पूरी दुनिया जब कोरोना काल से गुजर रही थी और हर तरफ मायूसी का माहौल था। यह देख मुझे लगा कि लोगों को इस गमगीन माहौल से बाहर निकालने के लिए एक ऐसी फिल्म बनानी चाहिए जिसका संगीत सुन दिल खुश हो जाए और फिल्म देख चेहरे पर चमक आ जाए। इसे ध्यान में रख मैं ‘जान तेरे नाम-2’ की कहानी पर काम करने लगा। इसी दौरान मेरा ध्यान हथियारों के गैरकानूनी कारोबार की खबर पर गया। गन कल्चर की वजह से दुनिया के सभी देश परेशान हैं और हर किसी को सहना पड़ रहा है। हमारे देश में गन कल्चर खूब एक्टिव है सो मैं हथियार के गैरकानूनी कारोबार को केंद्र में रख इस कहानी पर काम करने लगा। कहानी यह है कि एक युवा अयोध्या में अपनी मां के साथ रह रहा होता है। जॉब के सिलसिले में वह मुंबई आता है और यहां उसका परिचय गन कल्चर से होता है। वह अनुभव करता है कि हथियार के दम पर धाक जमायी जा सकती है। वह हथियार की ताकत से खूब प्रभावित हो जाता है और यह प्रभाव उसे किसी दुष्चक्र में फंसा देता है। यह कहानी का सार है।”
बेटे बॉबी के चयन के बारे में दीपक बलराज कहते हैं, “बॉबी यंग है और यह यंग लड़के की कहानी है। सो किरदार के लिये मुझे सही लगा। मैंने उसका स्क्रीन टेस्ट लिया और चार पन्ने के संवाद दिये। वह पूरे आत्मविश्वास के साथ सभी संवाद बिना किसी गलती के बोल गया। तिस पर वह ग्लेडरेग्स प्रतियोगिता का विजेता भी है। सो वह खुद को सही ढंग से प्रस्तुत करने की कला में माहिर है। उसने एक्शन की भी बाकायदा तालीम ले रखी है यानि फिल्म के किरदार के लिए वो फिट लग रहा था इसलिए मैंने उसका चयन कर लिया।
कहना गलत ना होगा कि अभिनय बॉबी की रगों में दौड़ रहा है। उसके दादा बलराज विज अपने जमाने के नामी हीरो थे और दिग्गज़ निर्देशक बिमल राय ने उन्हें “पहला आदमी” में ब्रेक दिया था। बॉबी की माता किशोरी शहाणे विज भी जानी मानी अभिनेत्री है। चाचा आनंद बलराज भी अदाकार हैं तो वहीं पिता निर्देशक। ऐसे में भला बॉबी अभिनय से कैसे दूर रह पाता।
बोबी खुद को खुशनसीब मानता है कि एक रियलास्टिक फ़िल्म से उसकी पारी की शुरुआत हो रही है। खुशी इस बात की भी है कि फिल्म में मां की भूमिका किशोरी शहाणे द्वारा निभायी जा रही है। इससे माँ बेटे की केमिस्ट्री पर्दे पर और निखरेगी व नेचुरल लगेगी। फिल्म के बाकी कलाकारों का चयन भी जारी है।
दीपक बलराज ने इस फ़िल्म का मुहूर्त अयोध्या में किया और भगवान श्री राम का आशीर्वाद लेकर यह फ़िल्म शुरू कर दी है।
उम्मीद है कि यह आशीर्वाद फिल्म के लिये जरूर रंग लाएगा।

भारत अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित : नित्यानंद राय

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भारत अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित, राजद नेता सिद्दीकी को गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय का जवाब

बिहार के पूर्व मंत्री सिद्दीकी ने देश में मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर विवादित बयान दिया है। सिद्दीकी ने कहा कि देश मुसलमानों के लिए असुरक्षित हो गया है। मुसलमानों के लिए माहौल खराब है, इसलिए विदेश में पढ़ाई कर रहे अपने बच्चों को मैंने देश नहीं लौटने की सलाह दी है।

‘देश में अब अल्पसंख्यकों का रहना मुश्किल हो गया है’, राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के इस आरोप का केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कड़ा जवाब दिया है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री राय ने कहा कि भारत एकमात्र देश है, जहां अल्पसंख्यक समेत सभी समुदायों के लोग सुरक्षित हैं।

बता दें, अब्दुल बारी सिद्दीकी के बयान से विवाद गरमाया हुआ है। बिहार के पूर्व मंत्री सिद्दीकी ने देश में मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर विवादित बयान दिया है। सिद्दीकी ने कहा था कि देश मुसलमानों के लिए असुरक्षित हो गया है। देश में मुसलमानों के लिए माहौल खराब है, इसलिए विदेश में पढ़ाई कर रहे अपने बच्चों को मैंने देश नहीं लौटने की सलाह दी है। यह बयान उन्होंने बिहार में एक कार्यक्रम के दौरान दिया था।

‘उधर ही नौकरी कर लो, नागरिकता मिले तो ले लो’
बिहार के राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने अपने बयान में कहा था, ‘मेरा एक बेटा है जो हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ता है। एक बेटी है, जो लंदन स्कूल ऑफ इकानॉमिक्स से पास हुई है। भारत के माहौल को देखते हुए मैंने उन्हें उधर ही नौकरी करने और नागरिकता मिले तो ले लेने को कहा है।’

‘चले जाइये, जाने का खर्च में दूंगा’ : भाजपा नेता
बिहार के पूर्व मंत्री सिद्दीकी के बयान से भाजपा बुरी तरह नाराज है। राज्य के भाजपा नेता रामसूरत राय ने तो राजद नेता को देश छोड़ने की सलाह तक दे दी। राय ने कहा कि ‘जिस देश में माहौल ठीक है उस देश में चले जाइये, वहां जाने का खर्च मैं दूंगा।’ इतना ही नहीं बिहार के मंत्री मदन सहनी ने भी सिद्दीकी के बयान को गलत बताया था। सहनी ने कहा कि यह उनका निजी बयान है। भारत में अमन चैन कायम है।

ओवैसी ने कहा ‘हमसे अब दूसरी हिजरत नहीं होने वाली, फैसला यहीं होगा..

सिद्दीकी के बयान के जवाब में एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी शेर ट्वीट किया था। ओवैसी ने ट्वीट किया, ‘अबके जो फैसला होगा वो यहीं पर होगा, हमसे अब दूसरी हिजरत नहीं होने वाली’।

विवाद होने पर मांगी माफी, बोले- 10 बार यहीं जन्म लेंगे
सिद्दीकी ने अपने बयान पर सियासी विवाद खड़ा होने के बाद माफी मांग ली। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया। हम तो भारत की मिट्टी के ही बने हैं। 10 बार भी जन्म हो तो यहीं हो।

लालू के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस सीबीआई ने दोबारा खोला

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लालू के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस सीबीआई ने दोबारा खोला

इस मामले में सीबीआई ने मई 2021 में जांच बंद कर दी थी। तब रिपोर्ट्स में सामने आया था कि सीबीआई को लालू के खिलाफ आरोपों पर पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

सीबीआई ने राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक केस को दोबारा खोलने का फैसला किया है। बिहार सीएम नीतीश कुमार के भाजपा से अलग होकर राजद के साथ गठबंधन में शामिल होने के बाद सीबीआई के इस कदम से राज्य में राजनीतिक भूचाल आना तय है। गौरतलब है कि सीबीआई ने 2018 में लालू यादव के खिलाफ रेलवे प्रोजेक्ट आवंटन मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद शुरू किया था। आरोप था कि लालू ने यह गड़बड़ियां यूपीए सरकार में रेलवे मंत्री रहने के दौरान की थीं।

इस मामले में सीबीआई ने मई 2021 में जांच बंद कर दी थी। तब रिपोर्ट्स में सामने आया था कि सीबीआई को लालू के खिलाफ आरोपों पर पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। इस मामले में लालू के अलावा उनके बेटे और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और उनकी बेटी चंदा यादव के खिलाफ भी जांच बिठाई गई।

इस मामले में कहा गया था कि लालू यादव ने रेलवे के प्रोजेक्ट्स निजी कंपनी को देने के एवज में दक्षिणी दिल्ली की एक प्रॉपर्टी रिश्वत के तौर पर हासिल की थी। आरोप था कि इस निजी कंपनी ने एक शेल कंपनी के जरिए प्रॉपर्टी काफी कम दाम में खरीदी और फिर इस शेल कंपनी को तेजस्वी यादव और लालू यादव के संबंधियों ने खरीद लिया। शेल कंपनी को खरीदने के लिए महज चार लाख रुपये की राशि शेयर ट्रांसफर के जरिए चुकाई गई। बदले में दक्षिण दिल्ली का बंगाल

बिहार में जदयू और राजद गठबंधन लगातार केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाता रहा है। इस बीच लालू के खिलाफ केस दोबारा खुलने की खबरों से राज्य में एक बार फिर सियासत गर्म होने की आशंका है।

एशिया में लगातार 18वीं टेस्ट सीरीज जीता भारत

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एशिया में लगातार 18वीं टेस्ट सीरीज जीता भारत

भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला तीन विकेट से जीत लिया। उसने मैच के चौथे दिन रविवार (25 दिसंबर) को 145 रन के लक्ष्य को सात विकेट के नुकसान पर हासिल कर सीरीज में मेजबान टीम का 2-0 से सफाया कर दिया। भारत ने चटगांव में पहला टेस्ट 188 रन से जीता था। चेतेश्वर पुजारा को प्लेयर ऑफ द सीरीज और रविचंद्रन अश्विन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस मैच में बांग्लादेश ने पहली पारी में 227 रन बनाए थे। इसके जवाब में भारत ने 314 रन बनाए। दूसरी पारी में बांग्लादेश की टीम 231 रन बना पाई और भारत के सामने 145 रन का लक्ष्य रखा है। इसके जवाब में भारत ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक चार विकेट पर 45 रन बना लिए थे। चौथे दिन टीम इंडिया ने तीन और गंवाए। उसने सात विकेट पर 145 रन बनाकर मैच को जीत लिया।

भारतीय टीम ने बांग्लादेश को हराकर एशिया में लगातार 18वीं सीरीज अपने नाम की है। उसे पिछली हार अपने ही घरेलू मैदान पर 2012-23 में इंग्लैंड के खिलाफ मिली थी। तब टीम इंडिया चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-1 से हारी थी। उसके बाद से भारत अपने घरेलू मैदान पर 15 सीरीज जीता। वहीं, श्रीलंका में दो और बांग्लादेश में एक बार सीरीज में जीत मिली।

बांग्लादेश के खिलाफ एक भी टेस्ट नहीं हारा भारत
बांग्लादेश के खिलाफ टीम इंडिया के प्रदर्शन की बात करें तो उसने लगातार सातवीं सीरीज में बांग्लादेशी टीम को हराया है। साल 2000 से अब तक दोनों टीमों के बीच आठ टेस्ट सीरीज खेली गई है। 2015 में एक मैच की सीरीज ड्रॉ रही थी। उसके अलावा भारत ने हर बार बांग्लादेश को हराया। मैचों की बात करें बांग्लादेश के खिलाफ टीम इंडिया 13 में से 11 टेस्ट जीत चुकी है। दो मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। अगर भारत आज हार जाता तो पहली बार उसे बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट में शिकस्त मिलती।

अश्विन-अय्यर ने नहीं होने दिया चमत्कार
भारत ने तीसरे दिन खेल समाप्त होने तक चार विकेट पर 45 रन बना लिए थे। उसे जीत के लिए 100 रन और बनाने थे। बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन और मेहदी हसन मिराज ने मिलकर तीन विकेट और लिए तो ऐसा लगा कि टीम इंडिया हार जाएगी, लेकिन श्रेयस अय्यर और रविचंद्रन अश्विन ने ऐसा नहीं होने दिया। दोनों ने अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम इंडिया को जीत दिला दी।

शाकिब-मिराज ने बांग्लादेश की उम्मीदें जगाईं
मैच के चौथे दिन जब खेल शुरू हुआ तो अक्षर पटेल और जयदेव उनादकट क्रीज पर थे। उनादकट 16 गेंद पर 13 रन बनाकर शाकिब की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। उनके बाद ऋषभ पंत भी पवेलियन लौट गए। पहली पारी में शानदार 93 रन बनाने वाले पंत दूसरी पारी में नौ रन ही बना सके। उन्हें मेहदी हसन मिराज ने एलबीडब्ल्यू कर दिया। मेहदी इतने में नहीं रुके। उन्होंने अक्षर पटेल को क्लीन बोल्ड कर पारी में पांचवीं सफलता हासिल की। अक्षर ने 69 गेंद पर 34 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।

अश्विन-अय्यर ने की अर्धशतकीय साझेदारी
74 रन पर जब टीम इंडिया के सात विकेट गिर गए तो ऐसा लगा कि बांग्लादेश चमत्कार कर सकता है। भारतीय टीम दबाव में थी। यहां से श्रेयस अय्यर और रविचंद्रन अश्विन ने पारी को संभाला। दोनों ने अपने अनुभव का बखूबी इस्तेमाल करते हुए 71 रनों की नाबाद साझेदारी की और टीम को जीत दिला दी। अश्विन 62 गेंद पर 42 और श्रेयस अय्यर 46 गेंद पर 29 रन बनाकर नाबाद रहे।

तेलुगू सिनेमा के अभिनेता चलपति राव का निधन

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तेलुगू सिनेमा के अभिनेता चलपति राव का निधन, 78 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

टॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता चलपति राव का 78 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। अभिनेता के निधन से इंडस्ट्री के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है।

तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। टॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता चलपति राव का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। अभिनेता को अपने घर ही दिल का दौरा पड़ा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। 78 साल के अभिनेता के निधन से फैंस और परिवार दोनों ही सदमे में हैं। अभिनेता पिछले काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे थे।

चलपति राव पिछले काफी समय से अभिनय की दुनिया से दूरी बनाए हुए थे। उन्हें कॉमेडी और खलनायक की भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। अपने करियर में उन्होंने करीब 600 फिल्मों में काम किया। उन्होंने ‘साक्षी’, ‘ड्राइवर रामुडू’ और ‘वज्रम’ जैसी हिट फिल्में दी हैं। इतना ही नहीं अभिनेता सलमान खान की फिल्म ‘किक’ में भी नजर आए थे।

आंध्र प्रदेश के बालिपरू के रहने वाले चलपति राव के बेटे रवि बाबू भी टॉलीवुड में एक अभिनेता, फिल्म निर्माता और निर्माता हैं। वहीं, अभिनेता के निधन की खबर सामने आने के बाद से ही फैंस और इंडस्ट्री से जुड़े सितारे सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

नागेश्वर दास को मुम्बई प्रदेश कांग्रेस सेवादल का सचिव बनाया गया

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रिपोर्ट:अंकित मिश्रा

मुंबई: गोरेगाव पश्चिम स्थित हनुमान नगर के रहिवासी सामाजिक कार्यकर्ता नागेश्वर दास को मुंबई प्रदेश कांग्रेस सेवादल का सचिव नियुक्त किया गया! ज्ञात हो कि नागेश्वर दास लगभग तीस वर्ष से काँग्रेस पार्टी के लिए कार्य कर रहे है . इनके कार्यों को देखते हुए पार्टी ने नागेश्वर दास को बड़ी जवाबदारी दी है. यह नियुक्ति उत्तर पश्चिम मुम्बई कांग्रेस सेवादल के जिला अध्यक्ष रामसेवक यादव के सिफारिश पर मुम्बई कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष चरण सिंह सप्रा के आशीर्वाद से मुम्बई प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष सतीश मनचन्दा ने किया हैं।

तुनिषा ने की आत्महत्या

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टीवी और फिल्म अभिनेत्री तुनिषा शर्मा (20) ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपने एक टीवी सीरियल के सेट पर फांसी लगाकर जान दे दी। उन्होंने महाराणा प्रताप (2015), चक्रवर्ती अशोक सम्राट (2015), इंटरनेट वाला प्यार (2018) जैसे टीवी धारावाहिकों में अभिनय किया था, और वर्तमान में अली बाबा दास्तान ई काबुल (2022) का हिस्सा थीं। उन्होंने फितूर (2016) और दबंग 3 (2019) जैसी फिल्मों में भी काम किया था।

छोटी सी उम्र में ही तुनिशा शर्मा ने इंडस्ट्री में अपनी एक अलग जगह बना ली थी। 4 जनवरी 2002 को चंडीगढ़ में जन्मी तुनिशा अपने काम को लेकर काफी गंभीर थीं और वह जिंदगी को खुलकर जीना जानती थीं। तुनिशा सेट पर भी हमेशा खुश रहती थीं। वहीं, वह सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव थीं और अक्सर अपनी तस्वीरें साझा करती रहती थीं जो उनकी बिंदास लाइफ की गवाह हैं। 10 दिन बाद तुनिशा अपना 21वां जन्मदिन सेलिब्रेट करतीं, लेकिन अब ये मुमकिन नहीं हो पाएगा।

29 गौ वंश पशु समेत 8 पशु तस्कर गिरफ्तार, तस्करी कर ले जा रहे थे बिहार !

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देवरिया जिले के खुखुंदू थाना क्षेत्र के हाईवे पर पुलिस ने गोवंश की तस्करी के आरोप में 8 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों से 29 पशुओं को भी बरामद किया है। तस्करी के लिये 29 गोवंश पशुओं को बिहार राज्य ले जाया जा रहा था।

देवरिया जिले के खुखुंदू थाना क्षेत्र के हाईवे का है जहां खुखुंदू पुलिस को यह सूचना मिली कि एक ट्रक में छुपाकर लगभग 29 गोवंश पशु अंबेडकर नगर से बिहार राज्य के लिए जा रहे हैं। जैसे ही थाना अध्यक्ष गोपाल राजभर को यह सूचना मिली वैसे ही अपनी पुलिस टीम के साथ खुखुंदू चौराहे पर पहुंच गये। जिसके बाद घेराबंदी कर ट्रक को अपने कब्जे में लिया। जैसे ही ट्रक ड्राइवर ने यह बताया कि पीछे से एक लग्जरी कार आ रहीं है जिसपर भाजपा का झंडा लगा है। उसी में 08 पशु तस्कर बैठे हैं पुलिस ने उनको भी तत्काल फिल्मी स्टाइल मैं मौके से गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद खुखुंदू चौराहे पर अफरा तफरी का माहौल मच गया। जब इन पशु तस्करों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि पशु बिहार राज्य मैं तस्करी के लिये जा रहे हैं। बताया जाता है कि आजमगढ़ जिले का रहने वाला पशु तस्करों का सरगना आजाद अपने अन्य साथियों के साथ बिहार राज्य मैं इन गोवंश पशुओं को तस्करी करने के लिये लेकर जा रहा था। वही इस गाड़ी का य़ह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किसकी गाड़ी है।

वहीं एसपी ने बताया कि खुखुंडू पुलिस ने घेराबंदी कर 29 गोवंश पशु समेत आठ पशु तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह पशु तस्कर एक लग्जरी वाहन से बिहार राज्य को जा रहे थे। इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।

Cow Economy – देसी गाय के गोबर और गौ मूत्र, की खाद से मिली बंपर पैदावार ,

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Fertilizer Benefit: रबी सीजन की बुवाई चल रही है. किसान गेहूं समेत अन्य फसलों की बुवाई मेें लगे हुए हैं. सरकारी ब्लॉक और निजी केेंद्रों पर जाकर खाद की खरीदारी कर रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि फसल की ग्रोथ में सही खाद का उपयोग बेहद महत्वपूर्ण है. कुछ किसान आर्गेनिक तरीके से खेती करते हैं. अधिकांश जल्दी उपज के कारण अनआर्गेनिक खेती करना पसंद करते हैं. उत्तर प्रदेश के जिलों में भी फसल की उपज बढ़ाने के लिए ऐसा ही प्रयोग कर रहे हैं.

ABP News – खबर के अनुसार यूपी के रामपुर में हो रहा गोबर और गौमूत्र का ट्रायल 

उत्तर प्रदेश के किसान फसलों की उपज बढ़ाने के लिए देसी तरीकों का सहारा ले रहे हैं. रामपुर जिले में इसी कड़ी में एक प्रयोग किया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, देसी गाय के गोबर और गौमूत्र से किसानों की आय दो गुनी करने की प्लानिंग है. इससे बंजर जमीन पर भी खेती की जा सकेगी. कृषि विज्ञान केंद्र धनोरा के स्तर से यह पहल की गई है. हालांकि कुछ जगहों पर इसका परीक्षण किया गया तो वहां फसलें भी लहलहाने लगी हैं.

इस तरह किया जा सकता है तैयार

एक्सपर्ट के अनुसार, 15 किलो देसी गाय का गोबर और 5 लीटर गोमूत्र, इतना नहीं है तो जितना संभव हो सके. इसी तरह 1 किलो चना, मसूर या मटर की दाल, 1 किलो गुड़, सारी चीजों को किया बर्तन में मिला दिया जाए. इससे घोल तैयार हो जाएगा. एक मुट्ठी पीपल, बरगद, आम के पेड़ के नीचे की मिट्टी मिलानी होगी. घोल में एक मुट्ठी नीम की पत्तियों को डाल दें. डालने के बाद इसे आठ दिन तक रख दिया जाए. यही खाद के रूप में तैयार हो जाएगा. इसी घोल को बाद में खेत में खाद के रूप में डाल दिया जाए. इससे बंपर फसल पैदा होगी. इस खाद को तैयार करने में एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के अफसर भी लगे हुए हैं.

प्रयोग सफल रहा तो अन्य जिलों में होगा इस्तेमाल

उत्तर प्रदेश में 75 जिले हैं. उत्तर प्रदेश के रामपुर में देसी गाय के गोबर और गोमूत्र पर यह अनूठा प्रयोग किया जा रहा है. इसके प्राइमरी नतीजे उत्साहजनक रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि प्रयोग के तौर पर नतीजे अच्छे आए हैैं. जल्द ही पूरी जिले में इसी तरह की बुवाई के लिए प्रोत्साहन किया जा सकता है. परिणामों के आधार पर प्रदेश के अन्य जिलों में बुवाई की जा सकती है.

धान, गेहूं सभी के लिए हो सकता है इस्तेमाल

धान, गेहूं, दलहन, तिलहन में इस खाद का प्रयोग किया जा सकता है. विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह के खाद के इस्तेमाल किसी तरह की बीमारी होने का खतरा भी कम हो जाएगा. उत्पादन भी अधिक हो जाएगा. भूमि की उर्वरकता भी बनी रहेगी.