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मुंबई यूनिवर्सिटी का मास्टर प्लान तैयार करने में देरी!

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40 महीने से काम कर रही हैं दिल्ली की कंसल्टेंट कंपनी
मुंबई: एमएमआरडीए की ओर से आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को दी गई जानकारी में यह बात सामने आई है कि दुनिया में मशहूर मुंबई यूनिवर्सिटी के मास्टर प्लान तैयार करने में देरी हो रही है। एमएमआरडीए की देरी से काम अधर में लटका हुआ है। दिल्ली कंसल्टेंट इस मास्टर प्लान पर 40 महीने से काम कर रहा है और उसे एमएमआरडीए ने अब तक 5 लाख रुपए दिए हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने एमएमआरडीए से मुंबई यूनिवर्सिटी के मास्टर प्लान की जानकारी मांगी थी। एमएमआरडीए के जन सूचना अधिकारी अंकित दास ने अनिल गलगली को बताया कि उक्त मास्टर प्लान तैयार करने के काम की प्रक्रिया प्रगति पथ पर है। उक्त मास्टर प्लान तैयार करने के लिए नियुक्त कंसल्टेंट द्वारा प्रस्तुत बिल के अनुसार रू 4,96,000 का भुगतान किया गया है।

एमएमआरडीए ने मुंबई यूनिवर्सिटी का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए 28 अगस्त 2019 को मैसर्स डीडीएफ कंसल्टेंट्स, दिल्ली को नियुक्त किया है और कुल 1.12 करोड़ रुपये की लागत है। पिछले 40 माह से मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

मुंबई यूनिवर्सिटी के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार की ओर से पहल की है एवं एमएमआरडीए उस पर काम कर रही है लेकिन अफसोस है कि एमएमआरडीए दुर्भाग्य से आगे काम बढाने से चूक गई है। अनिल गलगली ने कहा कि अभी भी एमएमआरडीए निश्चित नहीं है कि मास्टर प्लान कब पूरा होगा। अनिल गलगली ने कंसल्टेंट के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

सम्मेद शिखर बचाने के लिए अनशन पर बैठे जैन मुनि का निधन

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सम्मेद शिखर बचाने के लिए नौ दिन से अनशन पर बैठे जैन मुनि का निधन

सम्मेद शिखर जी को टूरिस्ट प्लेस बनाए जाने की घोषणा के बाद से ही जैन समाज इसका विरोध कर रहे हैं। इसी के विरोध में जयपुर के जैन मंदिर में मुनि सुज्ञयसागर नौ दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे।

जयपुर के सांगानेर स्थित जैन समाज के मंदिर में सम्मेद शिखर को बचाने के लिए मुनि सुज्ञयसागर अनशन पर बैठ गए थे। नौ दिनों बाद यानी मंगलवार को मुनि सुज्ञयसागर का निधन हो गया। मुनि सुज्ञयसागर को सांगानेर में श्रमण संस्कृति संस्थान में समाधि दी जाएगी।

अखिल भारतीय जैन बैंकर्स फोरम के अध्यक्ष भागचन्द्र जैन ने बताया कि सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के बाद से मुनी ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। उन्होंने सम्मेद शिखर को बचाने के लिए बलिदान दिया है। मुनीश्री सम्मेद शिखर से भी जुड़े हुए थे। इन्हें सांगानेर में श्रमण संस्कृति संस्थान में समाधि दी जाएगी।

बता दें कि झारखंड के गिरिडीह जिले में अवस्थित पारसनाथ पहाड़ी को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के खिलाफ देशभर में विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पारसनाथ पहाड़ी दुनिया भर के जैन धर्मावलंबियों के बीच सर्वोच्च तीर्थ सम्मेद शिखरजी के रूप में विख्यात है।

टोंक में भी सोमवार को जैन समाज के लोगों ने सोमवार देर शाम को कैंडल मार्च निकाला। इस मार्च में सैकड़ों लोग हाथों में ‘सम्मेद शिखर बचाओ के स्लोगन’ लिखी तख्तियां लिए नजर आए। खास बात रही कि इस मार्च में सर्व समाज के लोग भी शामिल हुए। जैन समाज के लोगों ने सम्मेद शिखर को जैन तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग की। उन्होंने मांग नहीं मानने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

युवाओं ने मानव और गौ सेवा कर नये साल का किया स्वागत

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दुर्ग। जन समर्पण सेवा संस्था द्वारा 31 दिसम्बर एवं 1 जनवरी को नये साल एवं संस्था के 7वे वर्ष के प्रवेश का पूरे जिले में मानव सेवा, दिव्यांग सेवा, गौ सेवा करके नये साल का स्वागत किया गया. एक ओर प्रदेश एवं देश मे आम जन नये साल का जश्न बना रहे थे वही दुर्ग शहर के युवा पार्टी, डांस, मस्ती, जश्न को छोड़कर वर्ष 2022 साल के अंतिम दिवस 31 दिसम्बर एवं नये साल 2023 के प्रथम दिवस 1 जनवरी को सुबह से लेकर रात तक मानव सेवा, गौ सेवा कर रहे थे. समाजवादी विचारधारा का जन्म ही समाज के निराश्रित एवं अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी वह सुख सुविधाएँ पहुंचाने के लिए हुआ है, जिनसे अभी तक वह अछूता रहा है। एक सच्चे सामाजिक कार्यकर्ता का एकमात्र धर्म मानवता व सेवा होता है। इन्ही बातों को आत्मसात करते हुए जन समर्पण सेवा संस्था दुर्ग द्वारा 6 साल पूर्व 1 जनवरी 2017 से अनवरत (प्रतिदिन) गरीब, असहाय, अनाथ, एवं विकलांग जनों को निःशुल्क भोजन वितरण कर रही है, जिसमे प्रतिदिन लगभग 100 से 150 लोगो को दुर्ग रेल्वे स्टेशन में रात्रि 8 बजे भोजन कराया जाता आ रहा है. शहर में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोये, एक मात्र यही उदेश्य को लेकर विगत 6 सालों से जन समर्पण सेवा संस्था कार्य कर रही है, उसी सोच एवं उद्देश्य में संस्था द्वारा प्रतिदिन दुर्ग शहर के विभिन्न स्थानों में जाकर गरीब, असहाय, विकलांग, जरूरतमंदों को खोज खोज कर रात्रि में भोजन करा रही है, साथ ही साथ जरूरतमंदों को उनकी आवश्यकता की वस्तु निःशुल्क वितरण कर रही है. जन समर्पण सेवा संस्था के इस कार्य को अनवरत 6 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संस्था द्वारा विशेष आयोजन किया गया. संस्था के युवाओं ने संस्था के 7वे वर्ष के प्रवेश पर 31 दिसम्बर को दुर्ग के प्रमुख आश्रमों में जाकर जरूरत की सामग्री का वितरण किया गया, एवं फुटपात में जीवन यापन करने वाले जरूरतमंदों को कम्बल वितरण किया गया. संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा बंटी ने बताया की संस्था द्वारा दिनाँक 1 जनवरी 2023 को प्रातः 10 बजे से देर रात्रि तक जिला चिकित्सालय एवं जिले के प्रमुख हॉस्पिटल में जाकर दिनाँक 1 जनवरी को जन्म लेने वाले बच्चों एवं जन्म देने वाली मां को जरूरत की सामग्री एवं कम्बल वितरण किया गया, जिसमें दुर्ग जिला चिकित्सालय में जन्म हुए 21 बच्चों, गुलाटी नर्सिंग होम में 4 बच्चों, एवं आंगनबाड़ी के माध्यम से 6 बच्चों एवं उनकी माँ को सामग्री का वितरण किया गया इस आयोजन में दुर्ग जिला चिकित्सालय में विशेष रूप से राजेन्द्र साहू, अध्यक्ष दुर्ग जिला केंद्रीय सहकारी बैक उपस्थित हुए, और अपने हाथों से जन्म लेने वाले बच्चे एवं जन्म देने वाली मां को जरूरत की सामग्री का वितरण किये और संस्था द्वारा विगत 6 वर्षों से की जा रही निस्वार्थ सेवा की भारी प्रशंसा की सभी सदस्यों को सेवा कार्य के 6 वर्ष पूर्ण होने की बधाई दी. संस्था द्वारा अपने मूल उद्देश्य मानव सेवा एवं गौ सेवा के कार्य को पूरा करते हुए, सँध्या 4 बजे दुर्ग पुलगांव स्तिथ गौठान जाकर गौ माता को हरि सब्जी, भाजी, घास एवं चारा खिलाया गया. मानव सेवा में प्रतिदिन की तरह 1 जनवरी को भी रात्रि 8 बजे जरूरतमंदों को भोजन वितरण किया गया, एवं भोजन कर रहे छोटे छोटे गरीब बच्चों के अपने हाथों से संस्था के 6 वर्ष पूर्ण होने पर 6 केक काटकर जरूरतमंदों को केक, मिष्ठान, नमकीन, भोजन, बिस्किट एवं जरूरत की सामग्री वितरण किये.. इसके साथ साथ को शहर में घूम-घुमकर गौ सेवा एवं मानव सेवा की गयी, जिसमें युवाओं द्वारा गौ माता को रोटी, हरी सब्जी, गुड़ खिलाया गया, एवं गौ माता को दुर्घटाना से बचाने के उदेश्य से उनके सिर पर रेडियम पट्टी लगाई गयी, जिसमें पुलगांव, पटेल चौक, अंजोरा, नेहरूनगर, स्टेशन रोड, पिसेगांव, गंजपारा चौके, में युवाओं ने लगभग 130 से अधिक गाय को रेडियम पट्टी लगाई गई इसके साथ साथ शहर के विभिन्न स्थानों में जाकर 126 जरूरतमंदों को ठिठुरती ठंड से बचने के लिए गर्म कपडे, कम्बल एवं गर्म टोपी का वितरण किया गया. संस्था के द्वारा किये जा रहे मानव सेवा के कार्य को 5 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित मानव सेवा, दिव्यांग सेवा, गौ सेवा के कार्यों को देखकर पूरे जिले के नागरिकों ने संस्था के कार्यों की प्रशंसा की इस वर्ष नए साल पर जन समर्पण सेवा संस्था के कार्यों से प्रभावित होकर जिले के बहुत से लोगों एवं संस्थाओं ने मानव सेवा कार्य किये।

नववर्ष के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच द्वारा काव्य सम्मेलन संपन्न

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मुम्बई। अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच एक साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था है जो कि वर्षों से सामाजिक और साहित्यिक कार्यक्रम करती आ रही है। इसी कड़ी में संस्था द्वारा नववर्ष के उपलक्ष्य में ‘नव वर्ष पर हमारा संकल्प है’ इस विषय में ऑनलाइन एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि राम राय, विशेष अतिथि आशा जाकड़, अभिलाष शुक्ला, संतोष साहू, शिवपूजन पांडे रहे। कार्यक्रम के समारोह अध्यक्ष रहे डॉ कुंवर वीर सिंह और सरस्वती वंदना की डॉ सुशील श्रीवास्तव सागर ने। कार्यक्रम का संचालन अलका पांडे और शोभा रानी तिवारी ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी विशेष अतिथियों ने अपने उद्गार व्यक्त किए और मंच को आशीर्वचन दिया सभी रचनाकारों ने उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ किया तथा आभार व्यक्त किया नीरजा ठाकुर ने। नव वर्ष में हम क्या संकल्प लें क्या काम करें इस विषय पर एक शानदार कवि सम्मेलन संपन्न हुआ। अलका पांडे ने बताया कि नए वर्ष पर हमारे संकल्प इसलिए रखा गया कि हम जीवन में अपने लिए कुछ संकल्प लें तभी हम अपने अंदर की गांठे खोल सकेंगे और समाज के लिए कुछ कर सकेंगे। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। लोगों ने बड़ी सार्थक व सकारात्मक रूप से अपने विचार रखे।
प्रस्तुत है कवि सम्मेलन में काव्य पाठ की चंद पंक्तियां

और संकल्प करें कि अब ना करेंगे कोई भी गलती।
ना किसी का दिल दुखाएंगे।।
ना किसी को अपशब्द कहेंगे।
नया साल भी देखो कैसे मधुर मुस्कान लिए आया है।।
हम अपनी सोच बदलें।
कि अब तो हम इस जीवन को सार्थक करेंगे।।
और कुछ ऐसा करेंगे कि इतिहास रच डाले।
अंतर्मन से कहो कि हम कुछ तो बड़ा करेंगे।।
नया साल है आया ।
नए विचारों को लाया।।
मान लेंगे हम बड़ों का कहना।
दया भाव सब पर रखेंगे।।
इंसान हैं इंसान का काम करेंगे।
सोच जरा इस दुनिया में हम क्या लेकर आए थे।।
और क्या लेकर जाएंगे।
जो कमाया है वह यही रह जाएगा।।
फिर क्यों छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाए।
मेरा तेरा करते-करते क्यों जिंदगी बिताएं।।
जो है वह सब प्रभु का है। माया को त्यागे सब रिश्तो को अपनाए ।।
छोड़ो कल की बात पुरानी ।
ईर्ष्या द्वेष को मन से मिटाएं।।
खोले मन की गांठे सारा बोझ हल्का कर दे।
क्यों अपना दिल दुखाए।।
क्यों औरों का दिल दुखाए ।
नया साल नई नई चुनौतियां लाया।
हम अपनी सारी मन का बोझ हटा दें।।
और मिश्री की डली को मन में घोलकर मीठा बोले।
सोचे विचारे बीते वर्ष में ।।
हमसे क्या गलती हुई।
उसको अब ना दोहराएं ।।
नए साल में नया करे हम।
संकल्प ले कुछ ऐसा करें।
देश दुनिया घर परिवार सब के हित की बात हो।।
अपने मन को भी अच्छा लगे और प्रभु भी खुश हो जाए।
जीवन अपना सफल बनाएं।।
नया साल है ऐसा कुछ कर। जाए की कि नहीं कहानी लिख दे।
और अमर हो जाए ।।
क्या कुछ ऐसा हम कर सकते हैं ।
सोचो विचारों की नए साल में
हम क्या क्या नया करे ।।
आया है नया साल उसका अभिनंदन है स्वागत है।
दिल से खुशियां मनाएं ।।
और पूरे साल हम हंसी खुशी से बिताए।
नहीं यह बस यही संकल्प है हमारा ।।
– अलका पांडे, मुंबई

बीत गया है साल पुराना
जगमग करता आया साल नया
श्री ज़मीं है नया है आसमान,नया सूरज होगा, होगा सब कुछ आसान
– नीरजा ठाकुर नीर

नववर्ष का संकल्प-
है महान किंतु लगता अल्प,
मेरे नववर्ष का संकल्प।
चाहूँ मैं, मैं, न रहे, सब हम हो जाएँ,
केवल ख़ुशी ही ख़ुशी हो, दूर गम हो जाएँ।
– रानी अग्रवाल, मुम्बई

नववर्ष का करें अभिनंदन,
आओ मिलकर खुशी मनाएं,
शुरू करें फिर से नवजीवन,
बीते कल को हम भूल जाएं।
– शोभा रानी तिवारी

कभी हार न मानेंगे, मुसीबतों से टकराएंगे, उस पर विजय पाएंगे, जीवन को, उन्नत व सुखमय बनाएंगे, हर हार को, जीत में बदल डालेंगे, बस सफलता के कदम, आगे ही आगे बढ़ाएंगे, कर्तव्यनिष्ठ होकर, सच्चाई के मार्ग पर, अग्रसर हो, देश का गौरव बढ़ाएंगे।
– डॉ. आशालता नायडू, मुंबई

आओ चलो हिलमिल अब कुछ करें मंथन
कुछ स्वप्निल स्वप्न सजाएं, करें नव संकल्प
पुरजोर कदम आगे आगे बढ़ाएं, करें सत्कर्म
नववर्ष आ रहा विभोर होकर, करे नव चिंतन।
– डॉ अंजुल कंसल “कनुप्रिया” इंदौर

दुख हो अदावतें हो न रंजो मलाल हो।
मौला करे यह साल मोहब्बत का साल हो।।
– डॉ. महताब आज़ाद

तेरे चरणों में समर्पित दे शरण कल्याणिनी माँ
सारे जग में ज्योति तेरी ज्ञान चक्षु प्रदायिनी माँ
सारी दुनियाँ जल रही है द्वेष के अंगार से माँ
शीतले कर जग को शीतल तू ही है जग तारिनी माँ
– डॉ. सुशील श्रीवास्तव “सागर”
सिद्धार्थनगर, यूपी

इस ऑनलाइन कार्यक्रम में कविता पाठ करने वाले कवियों में शोभा रानी तिवारी, अलका पांडे, निरजा ठाकुर, डॉ अझूल कंसल, विजेंद्र मोहन, ओम प्रकाश पांडे, आशा लता नायडू, अनीता झा, सुशील सागर, डॉ. महताब अहमद आजाद, सुरेंद्र हरडे, रवि शंकर कोलते का नाम प्रमुख रहा।

नए साल के जश्न में डूबा देश

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नए साल के जश्न में डूबा देश, पीएम मोदी ने भी दी बधाई

भारत में भी नए साल की शुरुआत हो चुकी है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत तमाम शहरों में जश्न का माहौल है और लोग घरों से निकलकर नए साल का जश्न काफी धूमधाम से मना रहे हैं। इस बीच सैलानी देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंच कर नए साल का जश्न मना रहे हैं। वहीं प्रशांत द्वीप के देश सामोआ, टोंगा, किरिबाती उन देशों में से हैं, जहां दुनिया में सबसे पहले नए साल का स्वागत होता है। इसके बाद अन्य देश इसकी खुमारी में डूबते जाते हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने दी बधाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को नए साल की बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया, वर्ष 2023 हमारे जीवन में नई प्रेरणा, लक्ष्य और उपलब्धियां लेकर आए। आइए हम देश की एकता, अखंडता और समावेशी विकास के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का संकल्प लें।

पीएम मोदी ने भी दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल की शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया, 2023 शानदार हो। यह नया साल आशाओं, खुशियों और ढेर सारी सफलताओं से भरा हो। सभी के बेहतर स्वास्थ्य की कामना।

मुंबई में लोगों ने मनाया जश्न

न्यू ईयर 2023 मनाने के लिए मुंबई के मरीन ड्राइव पर भारी भीड़ उमड़ी

गोवा में लोगों ने किया नए साल का स्वागत
गोवा पणजी के मैजेस्टिक ग्रुप होटल में रोशनी, संगीत और नृत्य के साथ नए साल 2023 का स्वागत किया।

मसूरी में खूब थिरके लोग
उत्तराखंड के मसूरी में दूर-दराज से आए सैलानियों ने नए साल 2023 का जश्न मनाया। लोग चमकदार रोशनी में संगीत पर खूब थिरके।

मनाली के माल रोड पर उमड़ी भारी भीड़
नए साल 2023 के स्वागत के लिए हिमाचल प्रदेश के मनाली के माल रोड पर भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने पटाखे जलाकर खूब धूमधाम से नए साल का जश्न मनाया।

छत्तीसगढ़ में आर्मी जवानों ने मनाया नया साल
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित इलाके में सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के जवानों ने नए साल का जश्न मनाया। साथ ही यहां कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कनॉट प्लेस पर लोगों ने लगाए ठुमके
दिल्ली के कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में लोगों ने नए साल का जश्न मनाया। बड़ी संख्या में लोग कनॉट प्लेस पहुंचे और खूब थिरके।

नव वर्ष 2023 की सुबह गंगा आरती
उत्तर प्रदेश के वाराणसी के अस्सी घाट पर नव वर्ष 2023 की सुबह गंगा आरती हुई।

महाराष्ट्र के श्री सिद्धिविनायक मंदिर में हुई आरती
महाराष्ट्र के श्री सिद्धिविनायक मंदिर में नव वर्ष 2023 को सुबह की आरती हुई।

नववर्ष 2023 की तड़के भस्म आरती
मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में नववर्ष 2023 की तड़के भस्म आरती की गई।

तनाव को हैंडल नहीं कर पाना है, ‘तुनीषा’ जैसी आत्महत्याओं के पीछे का कारण

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मिथिलेश कुमार सिंह

चकाचौंध की इस दौड़ में जब कभी थोड़ा सा अंधेरा आता है, थोड़े से कदम डगमगा जाते हैं, तब उस डगमगाते
कदम को किस प्रकार से हैंडल किया जाए इसकी कला, भला कितने लोगों को आती है?
कहना बड़ा आसान है कि प्यार में धोखा खाना के कारण, लव जिहाद के कारण कोई व्यक्ति आत्महत्या कर
लेता है लेकिन इसके पीछे हम मूल सवालों को दफन कर देते हैं!

वास्तविकता तो ये है कि हम उन सवालों पर चर्चा भी नहीं करना चाहते हैं, वह चाहे परिवार के लोग हों,
समाज के लोग हों या फिर कोई दार्शनिक ही क्यों ना हो। सभी इन मूल सवालों से भागना चाहते हैं.
आप किसी भी साइकोलॉजिस्ट से, डॉक्टर से या इंटेलेक्चुअल व्यक्ति से पूछ लीजिए और जरा इन प्रॉब्लम्स की
गहराई में जाइए तो आपको पता चलेगा कि इसके पीछे दबाव को हैंडल नहीं कर पाना ही सबसे बड़ा कारण है।
खासकर ग्लैमर वर्ल्ड में (Tunisha suicide case) जब कोई सफल होता है तो उसके मन मस्तिष्क में किंचित
भी यह ख्याल नहीं आता है कि, असफलता को वह कैसे हैंडल करेगा! असफलता चाहे आर्थिक एंगल से कह
लीजिए, चाहे हेल्थ का एंगल कह लीजिए, ऐसी अवस्था में जब भी थोड़ा झटका लगता है, तो उसे बर्दाश्त कर
पाना मुश्किल होता है। कुछ समय पहले हरियाणा में मशहूर गीतिका और गोपाल कांडा का मामला आया था.
 जरा सोचिए, एक आम

लड़की अगर बीएमडब्ल्यू (BMW) में चल रही है और लाखों पैसे अपनी लाइफ स्टाइल (luxury lifestyle) पर
लुटा रही है तो उसके परिवार वाले उससे यह सवाल क्यों नहीं पूछते हैं कि वह पैसा कहां से आ रहा है?
सच तो यह है कि अधिकांश परिवार के लोग भी आम खाने से मतलब रखते हैं, पेड़ गिनने से नहीं। जब तक
कोई गाय दूध दे रही है, तो कैसे दे रही है, कैसे उससे लाभ मिल रहा है, इसका संज्ञान बहुत कम लोग ही ले
पाते हैं। यहाँ कहने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति ही असंवेदनशील है बल्कि सिस्टम ही कुछ ऐसा बन
गया है, कुछ परवरिश ही ऐसी हो रही है कि लोग अपनों से भी सवाल-जवाब नहीं कर पाते हैं।
सच्चाई से देखें तो आप यह सब एक या दो दिन में नहीं कर सकते बल्कि आप यह तब कर सकते हैं जब
सवाल जवाब करने की प्रक्रिया शुरू से ही अपनाई गई हो। जब आप बचपन से ही बच्चों से सवाल पूछते हैं कि,
उसके बैग में एक एक्स्ट्रा पेंसिल क्यों है और वह जवाब देने को तैयार होता है, तभी आप उससे उसकी
युवावस्था में भी सवाल कर सकते हैं।

किंतु सवाल करने का जोखिम कौन ले भला? खुद से सवाल करने के बाद उत्तर देने का जोखिम कौन ले? और
यही वह चीजें हैं जो मूल प्रश्न हैं. वस्तुतः यह बच्चों की परवरिश, समाज के स्ट्रक्चर (family, religion, law,
economy, and class) से जुड़ा हुआ प्रश्न है।
इसे लेकर जागरूकता अभियान फैलाए जाने की जरूरत है ताकि और बच्चे दबाव में न आएं, और अगर किसी
को समस्या है तो उस समस्या को सुलझाने के लिए समाज को आगे आना चाहिए।
हो सकता है कि कुछ मामलों में लव जिहाद भी एक कारण रहा हो, कुछ मामलों में ब्रेकअप भी एक कारण रहा
हो, लेकिन इस के शोर में मूल प्रश्न को दबा दिया जाना कहां तक न्यायोचित है? स्वयं ही विचार
कीजिए। (युवराज)

राजनीतिक उथल – पुथल से भरा रहा यह वर्ष !

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राजनीतिक उथल – पुथल से भरा रहा यह वर्ष !
– डॉ. भरत मिश्र प्राची

वर्ष 2022 कोरोना महामारी से मुक्त रहा जिसका परिणाम यह रहा कि हर क्षेत्र में चहल – पहल बरकरार रही। कोरोना के  भय से विगत दो वर्षो तक जो पर्व-,त्योहार,, शादी – समारोह , मिलने – जुलने आदि जो भी कार्यक्रम स्थगित रहे, इस वर्ष  खुलकर लोगों ने आनन्द लिया। बंद पड़ी जिंदगीं एक बार फिर सजीव हो चली। इसके साथ हीं राजनीतिक चहल – पहल भी  कम नहीं रही। देश में दिल्ली नगर निगम, गोवा, उत्तराखंड,, उत्तरप्रदेश, मणिपुर, पंजाब, गुजरात, हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव एवं विधानसभा लोकसभा के उपचुनाव भी हुये जहां कहीं खुशी तो कहीं गम बना रहा। उत्तराखंड,  उत्तरप्रदेश, गुजरात में भाजपा की फिर से वापसी हुई तो पंजाब से कांग्रेस सत्ता विहीन हो गई पर हिमाचल में कांग्रेस के हाथ सत्ता आ गई।

आप ने पंजाब की सत्ता हासिल करते हुये इस बार दिल्ली नगर निगम पर भी अपना कब्जा जमा लिया। गोवा एवं मणिपुर में भी भाजपा सत्ता में आई। सत्ता के लिये चुनाव के दौरान एक दूसरे पर तीखे शब्द भेदी वाण खूब चले, अनर्गल प्रहार होते रहे। सीबीआई, प्रर्वतन निदेशालय, आयकर के छापे आदि देश भर में छाये रहे। चुनाव खत्म होते ही सबकुछ बंद हो गया।

राजनीतिक उथल – पुथल से भरा रहा यह वर्ष जहां कई राजनेताओं ने कहीं नाराजगी से तो कहीं अपने हित में दलबदल कर डाले। कांग्रेस के लिये भी यह वर्ष उतार चढ़ाव का रहा। कहीं सत्ता हाथ से गई तो कहीं सत्ता हाथ आई।

कांग्रेस से कई पुराने दिग्गज राजनेता नाखुश होकर अलग हो गये तो कई को अलग होना पड़ा। इस बदलते परिवेश का चुनाव पर भी प्रतिकूल असर पड़ा जहां पंजाब से कांग्रेस की सत्ता हाथ से चली गई। इस बार कांग्रेस के भीतर लोकतंत्र देखने को मिला जहां कई वर्ष  बाद गांधी परिवार से अलग हटकर लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रस अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ जिसमें कई कांग्रेस नेताओं के  नाम उछलकर बाहर आये, कुछ तो सत्ता कुर्सी के स्वार्थ में अघ्यक्ष पद की दौड़ से स्वयं बाहर हो गये। इस उथल – पुथल में  कांग्रेस पद पर लोकतांत्रिक ढ़ंग से हुये चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे विजयी रहे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने  कन्याकुमारी से कश्मीर तक 150 दिनों की भारत जोड़ो यात्रा शुरू की जो दक्षिण भारत से होती हुई उत्तर भारत से गुजरती  दिल्ली पहुंच चुकी है। इस दौरान राहुल की इस यात्रा को काफी जनसमर्थन मिला।

सबसे ज्यादा लाभ राजस्थान में देखने को मिला जहां कांग्रेस की सत्ता आपसी तालमेल गड़बड़ाने से संकट के बीच गुजर रही थी। वहां इस यात्रा से इस तरह के परिवेश  से मुक्ति मिली। आने वाले समय में इस यात्रा से कांग्रेस को राजनीतिक लाभ मिलने के आसार भी नजर आ रहे है। वर्ष के अंतराल में चीन में कोरोना महामारी के बढ़ते नये तेवर की खबर ने एक बार फिर से देश में कोरोना की चौथी लहर आने की हलचल पैदा कर दी है जिसके लिये हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही हे। बाहर से आने वाले विदेशी नागरिकों की जांच जारी है। देश में वर्ष के दौरान कोराना बचाव के बूस्टर डोज अधिकांश को लगाये जा चुके है। उम्मीद की जा रही है आने वाला वर्ष भी कोरोना मुक्त रहेगा। राजनीतिक उथल – पुथल के बीच देश की संप्रुभता, आपसी सौहार्द के साथ सभी पर्व त्योहार, मिलन समारोह बेरोक – टोक मनाये जायेंगे। (युवराज)

संगीतकार दिलीप सेन, लेस्ली लुईस व गीतकार सुधाकर शर्मा के हाथों कृष्णा चौहान को मिला एवरग्रीन म्युज़िक अवार्ड

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मुम्बई। 29 दिसम्बर 2022 को मुम्बई अंधेरी पश्चिम स्थित मेयर हॉल में एवरग्रीन म्यूजिक अवार्ड 2022 का भव्य आयोजन वरिष्ठ पत्रकार, पीआरओ, निर्माता देवेंद्र खन्ना द्वारा किया गया, जहां संगीतकार दिलीप सेन, संगीतकार लेस्ली लुईस और गीतकार सुधाकर शर्मा के हाथों फिल्म निर्देशक एवं अवार्ड शो आयोजक कृष्णा चौहान सम्मानित किया गया। वीएस नेशन व ताल म्युज़िक एंड फिल्म्स प्रेजेंट इस पुरस्कार समारोह में संगीत से जुड़ी नामी शख्सियत को ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
इस समारोह में केसीएफ के संथापक अध्यक्ष कृष्णा चौहान को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जो हिंदी अलबम ‘तेरा ज़िक्र’ के निर्माता निर्देशक हैं।
बता दें कि कृष्णा चौहान ने अपने केसीएफ (कृष्णा चौहान फाउंडेशन) के अंतर्गत हाल ही में चौथे बॉलीवुड लीजेंड अवॉर्ड 2022 का भव्य आयोजन भी किया था जहां डॉ योगेश लखानी, म्युज़िक डायरेक्टर इस्माइल दरबार, संगीतकार दिलीप सेन, बी एन तिवारी, रमेश गोयल, अनिल नागराथ, श्यामलाल, दीपा नारायण सहित कई हस्तियों को सम्मान मिला था।
कृष्णा चौहान केसीएफ के अंतर्गत बॉलीवुड लीजेंड अवॉर्ड, बॉलीवुड आइकोनिक एवॉर्ड, लीजेंड दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड और महात्मा गांधी रत्न अवार्ड का आयोजन पिछले कई वर्षों से करते आ रहे हैं।
अब 26 जनवरी 2023 को वह राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2023 (सेकंड सीज़न) का भव्य आयोजन अंधेरी के मेयर हॉल में करने जा रहे हैं।

न्यू ईयर इव पर होगा ‘एनिमल’ का फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज़ : 2023 की शानदार शुरुआत!

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‘एनिमल’ फिल्म निर्माताओं ने पहले अपने अनूठे शीर्षक की घोषणा के साथ, प्रशंसकों और फिल्म प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया था, फिल्म के प्रति फँस उत्सुकता ने इस फिल्म को मोस्ट एंटीसिपेटेड फिल्म बना दी।

फिल्म के निर्माता टी-सीरीज़, सिने1 स्टूडियोज और भद्रकाली पिक्चर्स न्यू ईयर ईव (31 दिसंबर 2022 की मध्यरात्रि) पर फिल्म के पहले लुक को रिलीज़ करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

रणबीर कपूर के साथ अनिल कपूर, रश्मिका मंदाना, बॉबी देओल और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में हैं, इस क्राइम ड्रामा फिल्म के बारे में और जानने के लिए बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।

ब्लॉकबस्टर निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा द्वारा लिखित और निर्देशित, यह मैगनम ओपस फिल्म को 5 भाषाओं में रिलीज़ किया जायेगा और 11 अगस्त 2023 को थिअट्रिकल रिलीज़ के लिए पूरी तरह तैयार है और इस फिल्म में रणबीर कपूर एक नए अवतार में नज़र आएंगे।

एनिमल का निर्माण भूषण कुमार और कृष्ण कुमार की टी-सीरीज़, मुराद खेतानी के सिने1 स्टूडियो और प्रणय रेड्डी वांगा की भद्रकाली पिक्चर्स द्वारा किया गया है।

हरियाणा के पलवल में गौ तस्करों का तांडव, गौ रक्षकों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास,

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पलवल: हरियाणा के पलवल जिले में गौ तस्करों का तांडव देखने को मिला है। जहां गौ तस्करों ने विरोध करने पर गौ रक्षकों पर जान से मारने की नियत से पहले गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया, फिर भी गौ रक्षक बच गए तो गौ तस्कर गोलियां चलाते हुए गाड़ी को छोड़कर फरार हो गए। सदर थाना पुलिस ने गौ रक्षकों की शिकायत पर चार नामजद गौ तस्करों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। गौ तस्करों की गाड़ी को कब्जे में लेकर पुलिस ने उसमें से बरामद चार गायों को गौशाला भेज दिया।

सदर थाना प्रभारी रामचंद जाखड़ के अनुसार, सिविल लाइन पलवल निवासी गौरक्षक शैलेंद्र ने दी शिकायत में कहा है कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक स्कॉर्पियो गाड़ी में गौतस्कर रोजाना पलवल, होडल व हसनपुर से गोवंश को गोकशी के लिए चोरी करके मेवात ले जाते है। जिस गाड़ी पर मोहरु का नांगला हसनपुर निवासी अलाउद्दीन उर्फ हमम्न व खिल्लुका गांव निवासी गाड़ी मालिक दुकड़ी उर्फ मुस्ताक, चालक आसिफ व जलालु आज भी गायों को भरकर फुलवाड़ी से मीतरोल मार्ग पर जाएंगे। जिसपर गौरक्षा दल के सदस्य शैलेंद्र व उसके साथी मनोज, मोनू और सुभाष उक्त मार्ग पर गांव वालों के सहयोग से नाकाबंदी कर दी।

गुरुवार को सुबह करीब साढ़े चार बजे उन्हें एक स्कॉर्पियो गाड़ी आती दिखाई दी। जिसको उन्होंने रुकने का इशारा किया, लेकिन गाड़ी चालक ने गाड़ी को उनके ऊपर चढ़ाने का प्रयास किया, जो इधर-उधर कूदकर उन्होंने अपनी जान बचाई। लेकिन कुछ दूरी पर जाकर गौतस्करों ने गाड़ी को खेतों में कुदा दिया। गाड़ी के खेत में फंसने के बाद आरोपी गाड़ी से कूदकर भगाने लगे।

भागते हुए उन्होंने अलाउद्दीन उर्फ हम्मन, जलालु, दुकड़ी उर्फ मुस्ताक को पहचान लिया। उन्होंने जब उनका पीछा किया तो आरोपियों ने उनपर गोलियां चलानी शुरू कर दी। जिसके बाद फॉयरिंग करते हुए आरोपी गाड़ी को मौके पर छोडक़र फरार हो गए। गौ रक्षकों ने जब गाड़ी को चेक किया तो उसमें तीन गायों को बुरी तरह हाथ व मुंह बांधकर ठूंसा हुआ था।