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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चार दिवसीय विदेश यात्रा पर

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24 सितम्बर 2023, ,देहरादून  , 25 से 28 सितंबर तक मुख्यमंत्री सहित राज्य का प्रतिनिधिमंडल ब्रिटेन यात्रा पर रहेगा। विदित हो पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल लंदन एवं बर्मिंघम में नामचीन व्यवसायिक घरानों व अन्य निवेशकों से बैठक कर, उत्तराखंड में आगामी दिसंबर को होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट हेतु उन्हें आमंत्रित करेगा..!
इस यात्रा के दौरान विशेषतय : पर्यटन, आईटी ,शिक्षा, स्वास्थ्य ,फूड प्रोसेसिंग के अतिरिक्त ऑटोमोबाइल उद्योगों के दिग्गजों से राज्य में संभावित निवेश को लेकर वार्ता होगी ..!
26 सितंबर को लंदन में आयोजित रोड शो के पश्चात रोपवे क्षेत्र में प्रसिद्ध पोमा ग्रुप के साथ निवेश हेतु विचार विमर्श होगा,जबकि 27 सितंबर को बर्मिंघम में डबल्यू.एम.जी वार्बिक मैन्युफैक्चरिंग समूह, टीवीएस नॉर्टन तथा पर्यटन क्षेत्र से संबंधित व्यवसायियों से चर्चा की जाएगी।
हाल ही में दिल्ली में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड सरकार की उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट -2023 की विस्तृत तैयारियों व लक्ष्यों को लेकर जन सामान्य को अवगत कराया था। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के द्वारा निर्धारित लक्ष्य के तहत अगले 5 वर्षों में एसजीडीपी को दुगना ,एयरपोर्ट का विस्तार, रेलवे नेटवर्क के विकास, चार धाम यात्रा को सुगम व ऑल वेदर रोड के निर्माण की प्रगति को अपने कार्यों में प्राथमिकता दी है !यही नहीं उद्यमियों को उद्योग स्थापना हेतु 6000 एकड़ की लैंड बैंक की उपलब्धता राज्य की विशेष उपलब्धि एवं दूरदर्शिता का सर्वोत्तम उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उद्यमियों की राज्य में निवेश करने में सर्वाधिक सहभागिता है.! सरकार सरलीकरण, समाधान,निस्तारण व उद्यमियों को संतुष्टि प्रदान करने के बिंदुओं पर कार्य कर रही है और यह उद्यमियों से निरंतर संवाद स्थापित कर संवाद हीनता को समाप्त कर ही संभव है।
काशीपुर में अरोमा पार्क व इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर,सितारगंज में प्लास्टिक पार्क तथा अमृतसर- कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्थापना सहित कई क्षेत्रों में उठाए गए प्रभावी कदम इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं ..
निवेश के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा निर्यात को बढ़ावा देने वाले विभिन्न संभावित नीतियां भी लागू की गई है ..!पर्यटन व तीर्थाटन को विशेष महत्व देते हुए राज्य में पर्यटकों व श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करने हेतु उपयुक्त स्थान पर आवश्यक सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है..!
राज्य सरकार लघु उद्योगों,फलोत्पादन , बागवानी ,कृषि व अन्य स्वरोजगारों जैसे लाभकारी योजनाओं को बढ़ावा व विकसित करने हेतु कृत संकल्प है।

ट्राई ने दूरसंचार, प्रसारण और आईटी क्षेत्रों में अनुसंधान पर परामर्श पत्र जारी किया

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New Delhi – भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 22 सितंबर 2023 को ‘दूरसंचार, प्रसारण और आईटी (आईसीटी) क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास (आर एण्ड डी) प्रोत्साहन’ पर एक परामर्श पत्र जारी किया। इस परामर्श पत्र को जारी करने का उद्देश्य देश के सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) क्षेत्र में आर एण्ड डी प्रोत्सान के लिये एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है, जिसमें आत्मनिर्भर भारत बनाने तथा आईसीटी क्षेत्र में निर्यात को बढ़ावा देने के लिये सरकार और निजी भागीदारों के समर्थन से आईसीटी उत्पादों और सेवाओं के विकास और नवोन्मेष के लिये आर एण्ड डी वैज्ञानिकों/इंजीनियरों का समूह तैयार करने की एक सुनियोजित प्रक्रिया स्थापित हो।
आज की दुनिया में आर एण्ड डी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नई प्रौद्योगिकी विकसित करने और उसे व्यवहार में लाने, आर्थिक प्रणाली को नया स्वरूप देने तथा अनेकानेक औद्योगिक क्रांतियों के जरिये लोगों के जीवन में सुधार लाने में पिछले कई सालों के दौरान किये गये आर एण्ड डी के साहसिक और विकास कार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पूरी दुनिया में इस बात को स्वीकार किया गया है कि किसी भी देश की आर्थिक वृद्धि और समूची प्रगति के पीछे उसका आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र जुड़ा होता है। किसी भी देश में उत्पादों और सेवाओं की उपलब्धता, उन तक पहुंच और किफायत बढ़ाने से नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही आर एण्ड डी और नवाचार किसी भी देश की आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के लिये भी महत्वपूर्ण है।
भारत ने अनुसंधान, विकास और नवाचार में उल्लेखनीय प्रगति की है और “मध्य और दक्षिण एशिया” क्षेत्र में शीर्ष रैंक वाली अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2022 में भारत 40वें स्थान पर है। देश के निवासियों द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) प्राप्त करने के मामले में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार की और से की गई अनेक पहलों जैसे कि ‘‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’’, ‘‘राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक्स नीति 2019’’, ‘‘राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति 2018’’, ‘‘मेक इन इंडिया’’, ‘‘डिजिटल इंडिया’’, ‘‘स्टार्टअप इंडिया’’, आदि ने देश में आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। इसके साथ ही हाल ही में शुरू की गई पहलें, ‘‘आत्मनिर्भर भारत’’, ‘‘दूरसंचार उत्पादन- से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना’’, ‘‘डिजिटल संचार नवाचार वर्ग’’, भी इस दिशा में उत्साहवर्धक कदम रहे हैं।
भारत के मौजूदा आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कुछ ऐसे भी क्षेत्र हैं जहां आर एण्ड डी संवर्धन में और सुधार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर एण्ड डी में अपनाये जाने वाले बेहतर व्यवहारों से सीखने और उसे भारत में लागू करने की जरूरत है। इसके साथ ही उन क्षेत्रों की पहचान करने की भी जरूरत है जहां आईसीटी क्षेत्र के आर एण्ड डी में सुधार लाने के लिये नीतियों और प्रोत्साहनों के जरिये हस्तक्षेप की आवश्यकता है ताकि भारत इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्वकर्ता के तौर पर उभर सके। इसे ध्यान में रखते हुये और ट्राई अधिनियम 1997 के मुताबिक घरेलू स्तर पर विकसित उत्पादों और सेवाओं के साथ आईसीटी उद्योग के सुनियोजित विकास उपायों के लिये प्राधिकरण ने इस महत्वपूर्ण विषय से जुड़े मुद्दों पर भारत सरकार को सिफारिशें देने के उद्देश्य से स्वतः संज्ञान के आधार पर हितधारकों के साथ विचार विमर्श के लिये देश में आईसीटी क्षेत्र में आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित करने के मुद्दों को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर और आईआईटी हैदराबाद आदि सहित विभिन्न शिक्षाविदों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ आनलाइन गहन विचार विमर्श और प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार इस परामर्श पत्र में ट्राई ने उन महत्वपूर्ण मुद्दों का तीन फोकस आधारोंः ‘‘शिक्षा और प्रशिक्षण प्रणाली’’, ‘‘विज्ञान प्रणाली’’, और ‘‘नियामकीय रूपरेखा’’, के तहत विश्लेषण किया है जिनमें भारत के मौजूदा आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र में हस्तक्षेप की आवश्यकता है। तीसरे फोकस आधार ‘‘नियामकीय रूपरेखा’’, को दो हिस्सों ‘‘नीतियां और कार्यक्रम’’, और ‘‘आईपीआर संरचना’’ में बांटा गया। आर एण्ड डी और नवाचार को पूरी सक्रियता के साथ प्राथमिकता देने से देश में नये उद्यमियों और नवोन्मेषकों के लिये अनुकूल वातावरण तैयार होगा। परामर्श पत्र में ट्राई ने एक मजबूत आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुये उन संभावित मुद्दों पर चर्चा की है जिनका इसके लिये समाधान जरूरी हैं।
दूरसंचार, प्रसारण और आईटी क्षेत्रों में नवीन प्रौद्योगिकी उपयोग और सम्मिलन काफी तेजी से हो रहा है। इन क्षेत्रों में तेजी से उभरते नये रूझानों में 5जी, 6जी, ओपन- आरएएन, इंटरनेट आफ थिंग्स (आईओटी), कृत्रिम मेधा और एमएल, डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टैक्नालाजी (डीएलटी), आगुमेंटेड रीयल्टी (एआर), वर्चुअल रीयल्टी (वीआर) और मेटावर्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्लाउड सर्विसेज, एज कंप्यूटिंग, नेटवर्क फंक्शन वर्चुलाईजेशन (एनएफवी), साफ्टवेयर डिफान्ड नेटवर्किंग (एसडीएन), ओवर-दी-टॉप (ओटीटी), और हाइब्रिड सेट टाप बाक्स (एसटीबी) आदि शामिल हैं। परामर्श पत्र में सरकार-उद्योग-शिक्षाविद सहयोग, खोज-अनुसंधान के वाणिज्यिक इस्तेमाल, निजी निवेश को प्रोत्साहन, पेटेंट मंजूरी चक्र, आईपीआर सुरक्षा और आईपी आधारित वित्त आदि से जुड़े मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया और इन उभरते रूझानों पर ध्यान केन्द्रित करने और भारत के आर एण्ड डी और नवाचार प्रयासों की पूरी क्षमता को सामने लाने पर जोर दिया गया है।
ट्राई ने इस परामर्श पत्र में आर एण्ड डी और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी देशों के आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र की भी जानकारी ली है। इनमें इजरायल, कोरिया गणराज्य, संयुक्त राज्य अमेरिका, स्वीडन, जापान, स्विटजरलैंड, जर्मनी, डेनमार्क, फिनलैंड आदि शामिल हैं। भारत के लिये पांच ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनने और उसके आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान और विकास के क्षेत्र के उत्कृष्ट व्यवहार की सीख महत्वपूर्ण हो सकती है।
परामर्श पत्र पर हितधारकों से उनके विचार और सुझाव जानने के लिये इसे ट्राई की वेबसाइट (www.trai.gov.in) पर डाला गया है। हितधारकों से परामर्श मुद्दों पर लिखित टिप्पणियां 23 अक्टूबर 2023 तक और प्रत्युत्तर- टिप्पणियां 6 नवंबर 2023 तक आमंत्रित की गईं हैं।
टिप्पणियां और प्रत्युत्तर टिप्पणियां इलेक्ट्रानिक माध्यम के जरिये ईमेल से advisorit@trai.gov.in और उसकी एक प्रति ja-cadiv@trai.gov.in को भेजी जा सकती हैं। किसी भी स्पष्टीकरण/जानकारी के लिये श्री आनंद कुमार सिंह, सलाहकार (सीए, आईटी और टीडी) से टेलीफोन नंबर 91-11-23210990 पर संपर्क किया जा सकता है।
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भारतीय सेना – राजपूताना राइफल्स के साथ सबद्ध एक बटालियन – बहुराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास

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New Delhi – राजपूताना राइफल्स के साथ सबद्ध एक बटालियन के 32 कर्मियों की एक टुकड़ी 25-30 सितंबर,2023 तक रुस में आतंकवाद रोधी जमीनी प्रशिक्षण अभ्यास(एफटीएक्स) आसियान रक्षा मंत्री बैठक(एडीएमएम) प्लस विशेषज्ञ कार्यदल(ईडब्ल्यूजी) के लिए रवाना हुई। इस बहुराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास की मेजबानी ईडब्ल्यूजी के सहअध्यक्ष के रुप में रुस, म्यामांर के साथ मिलकर कर रहा है। यह अभ्यास नाएप्यीडॉ, म्यामांर में 2-4 अगस्त,2023 तक एडीएमएम प्लस ईडब्ल्यूजी की टेबल टॉप अभ्यास के पश्चात हो रहा है।
वर्ष 2017 के बाद से एडीएमएम प्लस बैठक दक्षिण पूर्ण एशिया के देशो(आसियान) तथा प्लस देशों के साथ वार्तालाप और समन्वय का अवसर प्रदान करती है। शुरुआती एडीएमएम का आयोजन हनोई में 12 अक्टूबर,2010 को किया गया था। इस वर्ष आसियान सदस्यों के साथ प्लस समूह भी अभ्सास में भागीदारी कर रहा है।
अभ्यास के दौरान आंतकवाद रोधी अनेक अभ्यासों का आयोजन किया जाएगा। इसमें दृढ़ीकृत क्षेत्र में आंतकवादी समूहों को नष्ट करना भी सम्मिलित होगा। इस अभ्यास का मुख्य लक्ष्य आतंकवाद रोधी क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना एवं इसे प्रोत्साहन देना है।
आतंकवाद रोधी पर एडीएमएम प्लस ईडब्ल्यूजी भारतीय सेना को आंतकवाद विरोधी अभियान में अपनी विशेषज्ञता और सर्वोत्तम प्रथाओं को सांझा करने का एक मंच प्रदान करने के साथ-साथ 12 अन्य देशो के साथ सहयोग बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा। भारतीय सेना को इस अभ्यास से एक सर्वश्रेष्ठ व्यवसायिक अनुभव प्राप्त होने की आशा है।

शिल्प समागम मेले से सजा ग्वालियर का शिल्प ग्राम

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ग्वालियर – देश के विभिन्न शहरों में शिल्प समागम के सफल आयोजन के बाद अब ऐतिहासिक नगरी ग्वालियर के शिल्प ग्राम, सूर्य नमस्कार चौक के निकट शुक्रवार को शुरु हुआ। इस शिल्प समागम मेले का औपचारिक उद्घाटन शनिवार को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में करेंगे ।

भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के शीर्ष निगमों के माध्यम से आयोजित यह मेला 22 से 30 सितंबर तक चलेगा।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र पर आधिरित इस मेले का उद्देश्य लगभग 20 राज्यों के 120 अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और सफाई कर्मचारियों के लाभार्थी को अपने उत्पादों के प्रदर्शन के साथ साथ बिक्री के लिए बड़ा मंच प्रदान करना है।

मेले के प्रमुख उत्पादों में असम के बेंत और बांस , हस्तशिल्प और हथकरघा के उत्पाद,बिहार के हथकरघा कार्य, मधुबनी पेंटिंग्स, दिल्ली के कपड़े, गुजरात के ड्रेस मैटेरियल (गुजराती कशीदाकारी) कच्छ शिल्प मनका से बने उत्पाद, हरियाणा के ड्रेस मैटेरियल, सिले-सिलाए कपड़े, हिमाचल प्रदेश के शॉल, स्टोल जैकेट, ऑर्गेनिक हनी, अचार, चाय, जम्मू कश्मीर के आरी वर्क, सोजनी वर्क, कश्मीरी शॉल, कर्नाटक के लकड़ी के खिलौने, अगरबत्ती ,केरल के स्क्रूपिन, जल जलकुंभी उत्पाद, मध्यप्रदेश के पीतल के उत्पाद, माहेश्वरी चंदेरी, बाग प्रिंट, सूट, ड्रेस मैटेरियल, साड़ी और अचार, महाराष्ट्र चमड़े के उत्पाद, हस्तशिल्प की वस्तुएं, ड्रेस मैटेरियल, पंजाब के फुलकारी वर्क, पंजाबी जूती, ड्रेस मटेरियल, पुडुचेरी के चमड़े के उत्पाद, लकड़ी के खिलौने, सिले- सिलाए कपड़े, राजस्थान केराजस्थानी जूती, चादरें, अल्लीक वर्क, अचार, खाखरा, तमिलनाडु के वस्त्र, लकड़ी के खिलौने, त्रिपुरा जूट, बेंत एवं बांस से बने उद, झाड़ू, उत्तराखण्ड के  खेस, लोई, दरी, शॉल, ड्रेस मैटेरियल, जैकेट, कुर्ता और शर्ट, उत्तर प्रदेश के लकड़ी पर नक्काशी, कपड़े का काम, सॉफ्ट टॉय, चिकनकारी वर्क, बनारसी साड़ी, पश्चिम बंगाल के कांथा स्टिच और कट वर्क ड्रेस मटेरियल साड़ी आदि। साथ ही मेले में देश भर के स्वादिष्ट व्यंजन का स्वाद लिया जा सकता है और प्रतिदिन शाम ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होगा। मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक ग्वावियर में अधिक से अधिक घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय/विदेशी आगंतुकों के आने की उम्मीद है।

मेले के माधयम से समाज के लक्षित वर्ग को सशक्त और  आत्मनिर्भर करना है जिससे इन प्रदर्शनियों में भाग लेने वाले लाभार्थियों की अच्छी बिक्री होने से उन्हें शीर्ष निगमों को अपना ऋण चुकाने में बहुत मदद मिलेगी।

 

एम.एस.विश्वविद्यालय बड़ौदा में जैव रसायन के पहलुओं पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

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गुजरात , में वडोदरा स्थित महाराजा सयाजीराव बड़ौदा विश्वविद्यालय के जैव रसायन विभाग,विज्ञान संकाय ने जैव रसायन के पहलुओं पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर(डॉ.) विजय कुमार श्रीवास्तव ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की एवं अध्यक्षीय भाषण दिया।
प्रोफेसर(डॉ.) विजय कुमार श्रीवास्तव ने छात्रों को अभिनव समाधान प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन को कम करने और प्लास्टिक का नवीन रुप से प्रयोग पर भी बल दिया। विज्ञान संकाय की डीन प्रोफसर हरिभाई कटारिया ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय के संपूर्ण प्रदर्शन में विज्ञान संकाय के योगदान से लोगों को अवगत कराया। जैव रसायन विभाग की प्रमुख और समन्वयक प्रोफेसर सी. रत्ना प्रभा ने विभाग की विभिन्न गतिविधियो के संबंध में जानकारी दी और संगोष्ठी की विषय वस्तु और इसके उद्देश्यों के संबंध में सूचित किया। उन्होंने राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-निस्पर) की निदेशक प्रोफेसर रंजना अग्रवाल का आईजेबीबी का विशेष प्रकाशन के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। सम्मेलन में देश भर से प्रख्यात वैज्ञानिकों एवं प्रोफेसरों ने भाग लिया। सरदार पटेल विश्वविद्यालय वीवी नगर,गुजरात के पूर्व वाइस चांसलर प्रोफेसर हरीश पड़ ने जैव रसायन विभाग के पूर्व छात्र परिषद से परिचय और सीवीआर व्याख्यान श्रृखंला प्रस्तुत की।
उद्घाटन सत्र के बाद विभिन्न पूर्ण सत्रों का आयोजन किया गया। इसमें सुप्रसिद्ध स्ट्रक्चरल बॉयोलोजिस्ट और आईआईएसईआर पुणे के पूर्ण निदेशक प्रोफेसर जयंत बी. उडगांवकर ने भी एक सत्र में भागीदारी की। श्री उडगांवकर की गिनती उन जाने माने अनुसंधानकर्ता में होती है जिन्होंने प्रोटीन फोल्डिंग का अध्ययन करने के लिए एच-डी एक्सचेंज एनएमआर तकनीक का प्रयोग किया है। उन्होंने “हाउ डज प्रीयॉन प्रोटीन मिसफोल्ड??” विषय पर व्याख्यान दिया। सरदार पटेल विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर प्रोफेसर हरीश पड़ ने सत्र की अध्यक्षता  और सीएसआईआर-निस्पर के डॉ. एन के प्रसन्ना ने उपअध्यक्षता की। अपने संबोधन में उन्होंने निस्पर के प्रकाशनों के संबंध में जानकारी दी और बताया कि सीएसआईआर-निस्पर,देश का सार्वजनिक रुप से वित्तपोषित संस्थान है। यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी की 16 विभिन्न विधाओ में 16 अनुसंधान पत्रिका प्रकाशित कर रहा है एवं यह किसी भी प्रकाशन शुल्क या पहुंच शुल्क के बिना कर रहा है। उन्होंने प्रोटीन फोल्डिंग और प्रोटीन के स्ट्रक्चर फंक्शन रिलेशनशिप के संबंध में विचार विमर्श किया था मिस-फोल्डिंग तथा प्रोटीन के रिफोल्डिंग से जुड़ी बीमारियों पर जोर दिया।
आईआईटी बाम्बे के प्रोफेसर नंदा किशोर सुप्रसिद्ध बॉयोफिजिस्ट और स्ट्रक्चरल बॉयोलोजिस्ट हैं,जो प्रोटीन थर्मोडायनमिक्स में योगदान के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने “मोलेक्यलैर फंगक्शनैलिटीज इन प्रिवेन्टिंग प्रोटीन फिब्रिलैशन- क्वान्टिटेटिव बॉयोफिजिकल अप्रोच” पर संबोधन दिया। आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर राजेश पटकर एवं होस्ट पैथजन इन्टरैक्शन के क्षेत्र में विशेषज्ञ ने फंगल पैथजेनिसिस के दौरान स्मॉल सेकेटॉरी प्रोटीन विद बिग टेलरिंग फंक्शन पर एक रुचिकर वार्ता प्रस्तुत की। फार्मेसी विभाग की डीन प्रोफेसर कृतिका के सावत ने लिम्फैटिक डिलीवरी एक न्यू पेरडाइम फॉर सिस्टेमेटिक और साइट स्पेशिक ड्रग डिलिवरी विषय पर संबोधन किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों से संकाय सदस्यों एवं वैज्ञानिको को आमंत्रित किया गया था। समापन समारोह में कार्यक्रम की समन्वयक प्रोफेसर सी.रत्ना प्रभा ने प्रमुख जानकारी और संगोष्ठी के समग्र महत्व के संबंध में बताया। वडोदरा के एम एस बड़ौदा विश्वविद्यालय के जैव रसायन विभाग की प्रमुख प्रोफेसर प्रभा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ समारोह का समापन हुआ।

Rail Vikas Nigam – के शेयरों में लगातार तेजी

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नई दिल्ली: शेयर बाजार में कई ऐसे स्टॉक्स हैं जिन्होंने निवेशकों को मालामाल कर दिया। है। बाजार में तेजी हो या गिरावट इन शेयरों ने निवेशकों को हमेशा छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। निवेशकों को बंपर रिटर्न देने वाला ऐसा ही एक रेलवे स्टॉक है। इस शेयर में आजकल तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। यह शेयर रेल विकास निगम का है। रेल विकास निगम (Rail Vikas Nigam) के शेयरों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। पिछले एक वर्ष में शेयरों में 300 फीसदी से ज्यादा का उछाल आ चुका है। मोदी सरकार रेलवे पर विशेष ध्यान दे रही है। इसका फायदा रेल विकास निगम जैसी कंपनियों को हुआ है। बीते शुक्रवार को कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शेयरों में 5 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया था। इस दौरान शेयर अपर सर्किट पर बंद हुआ था।

कंपनी को मिला बड़ा आर्डर

शेयर बाजारों को दी जानकारी में रेल विकास निगम ने बताया है कि ज्वाइंट वेंचर की ओर से कंपनी को कोलकाता, रांची और वाराणसी में ग्रीन फील्ड 6 लेन नेशनल हाई-वे में से एक पैकेज बनाने का मौका मिला है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में बंपर उछाल देखने को मिला है। रेल विकास निगम की इस ज्वाइंट वेंचर में कुल हिस्सेदारी 49 फीसदी की है। जबकि टीटीआईपीएल की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की कीमत 1271,98,50, 000 करोड़ रुपये है।

रेल विकास निगम के शेयर बीते शुक्रवार को बीएसई में 166.85 रुपये के लेवल पर बंद हुए थे। कंपनी के शेयरों में पिछले एक साल में करीब 375 फीसदी का उछाल आया है। रेल विकास निगम के शेयर में निवेश करने वाले निवेशकों को अच्छा मुनाफा हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 34,788.56 करोड़ का है।
बिना जानकारी न करें निवेश

शेयर बाजार में बिना जानकारी के निवेश न करें। वहीं निवेश करने से पहले एक बार अपने वित्तीय सलाहाकार से बात जरूर कर लें। ऐसा नहीं करने पर आपको आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ सकता है।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है – केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

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नई दिल्ली – केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत में ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ में बेहतरी लाने और यहां व्यवसाय शुरू करने और चलाने को आसान बनाने को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने की प्रयास की दिशा में आज नई दिल्ली में आयोजित ‘बड़ा बिजनेस’ के एंटरप्रेन्योर्स लॉन्चपैड कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने स्टार्टअप इंडिया पहल की सफलता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि -” देश में 2016 में 450 स्टार्टअप थे, जो बढ़कर आज 1 लाख से अधिक हो गए हैं, जिससे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है।
श्री गोयल ने कार्यक्रम में एक प्रोत्साहित करने वाला भाषण दिया और अपनी स्वयं की उद्यमशीलता यात्रा और रास्ते में आई चुनौतियों के बारे में बताया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बड़े सपने देखने, सुदृढ़ बनने और भारत की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने भारत के उज्जवल भविष्य की कल्पना करते हुए प्रतिभागियों की सफलता के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
जी20 की भारतीय अध्यक्षता को मिली वैश्विक मान्यता का उल्लेख करते हुए श्री गोयल ने इस बात पर बल दिया कि कैसे इसने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में किए गए विकास को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने कड़ी मेहनत और समर्पण के जरिए महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने, आत्म-सम्मान और समृद्ध भविष्य को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने भारतीय युवाओं की महत्वाकांक्षी प्रकृति को स्वीकार किया, जो तेज विकास के लिए उत्सुक है। उन्होंने “अमृत काल” में भारत के विकास की नींव के रूप में देश के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। भारत की औसत आयु 30 वर्ष से कम होने और जनसांख्यिकीय लाभांश अगले तीन दशकों तक जारी रहने के साथ, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 2047 तक भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से विकास हासिल करेगी।
पीयूष गोयल ने बताया कि दुनिया भारत में उपलब्ध अवसरों और इसकी विविधता और आर्थिक विकास के प्रति तेजी से आकर्षित हो रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के स्टेम स्नातक पूरे विश्व में आकर्षण का केंद्र हैं।
औपनिवेशिक मानसिकता से परे भारत में आए बड़े बदलाव के संकेत के रूप में उन्होंने भारत मंडपम, यशोभूमि, कर्तव्य पथ और प्रधानमंत्री संग्रहालय जैसी विभिन्न परिवर्तनकारी परियोजनाओं का हवाला दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बिजली कनेक्शन, डिजिटल कनेक्टिविटी, रसोई गैस तक पहुंच, पाइप से जलापूर्ति और स्वास्थ्य तथा शिक्षा में प्रगति जैसे कल्याणकारी उपायों के जरिए सभी 140 करोड़ भारतीयों के जीवन में सुधार लाने की सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया।
श्री गोयल ने सभी नागरिकों से देश के विकास के लिए कर्तव्य और समर्पण की भावना से काम करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रतिभागियों को ऊर्जा और ज्ञान प्रदान करने, उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के लिए इस उद्यमिता लॉन्चपैड की सराहना की।

PM – काशी दौरा – एक शिवशक्ति का स्थान चंद्रमा पर है , दूसरा शिवशक्ति का स्थान ये मेरी काशी में है – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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वाराणसी – लोकसभा चुनाव 2024 से पहले आज प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का काशी दौरा बेहद खास माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आज करीब एक बजे अपने संसदीय क्षेत्र काशी पहुंचे। इस दौरान पीएम मोदी ने काशी में लगभग छह घंटे प्रवास किया। इस दौरान पीएम मोदी ने 16 अटल स्कूल का भी लोकार्पण किया। वहीं इस दौरान 30.66 एकड़ में 451 करोड़ (121 करोड़ की जमीन क्रय भी शामिल) की लागत से बनने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, गंजारी की आधारशिला रखी। बता दें कि क्रिकेट स्टेडियम के शिलान्यास के दौरान पीएम मोदी के साथ खास मेहमान के तौर पर सचिन तेंदुलकर के साथ 1983 विश्व कप क्रिकेट विजेता टीम भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत भोजपुरी में की उन्होंने कहा कि -” आज फिर से बनारस आवे क मौका मिलल हौ। जौन आनंद बनारस में मिलला ओकर व्याख्या असंभव हौ। एक बार फिर बोलिए…ॐ नमः पार्वती पतये, हर-हर महादेव! आज मैं एक ऐसे दिन काशी आया हूं, जब चंद्रमा के शिवशक्ति प्वाइंट तक पहुंचने का भारत का एक महीना पूरा हो रहा है। शिवशक्ति यानि वो स्थान, जहां बीते महीने की 23 तारीख को हमारा चंद्रयान लैंड हुआ था। एक शिवशक्ति का स्थान चंद्रमा पर है। दूसरा शिवशक्ति का स्थान ये मेरी काशी में है। आज शिवशक्ति के इस स्थान से, शिवशक्ति के उस स्थान पर भारत की विजय की मैं फिर से बधाई देता हूं।

अपने अंदाज में उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा -” मेरे परिवारजनों, जिस स्थान पर हम सब इकट्ठा हुए हैं, वह एक पावन स्थल जैसा है। यह स्थान माता विंध्यवासिनी के धाम और काशी नगरी को जोड़ने वाले रास्ते का एक पड़ाव है। यहां से कुछ दूर पर भारतीय लोकतंत्र के प्रखर पुरुष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजनारायण जी का गांव मोती कोट है। मैं इस धरती से आदरणीय राजनारायण जी और उनकी जन्मभूमि को सर झुकाकर के प्रणाम करता हूं।

मेरे प्यारे परिवारजनों, काशी में आज एक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखी गई है। ये स्टेडियम ना सिर्फ वाराणसी, बल्कि पूर्वांचल के युवाओं के लिए एक वरदान जैसा होगा। ये स्टेडियम जब बनकर तैयार हो जाएगा, तो इसमें एक साथ 30 हजार से ज्यादा लोग बैठकर के मैच देख पाएंगे। और मैं जानता हूं, जब से इस स्टेडियम की तस्वीरें बाहर आई हैं, हर काशीवासी गदगद हो गया है। महादेव की नगरी में ये स्टेडियम, उसकी डिजाइन, स्वयं महादेव को ही समर्पित है। इसमें क्रिकेट के एक से बढ़कर एक मैच होंगे, इसमें आसपास के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम में ट्रेनिंग का मौका मिलेगा। और इसका बहुत बड़ा लाभ मेरी काशी को होगा।
मेरे परिवारजनों, आज क्रिकेट के जरिए, दुनिया भारत से जुड़ रही है। दुनिया के नए-नए देश क्रिकेट खेलने के लिए आगे आ रहे हैं। जाहिर है, आने वाले दिनों में क्रिकेट मैचों की संख्या भी बढ़ने जा रही है। और जब क्रिकेट मैच बढ़ेंगे तो नए-नए स्टेडियम की भी जरूरत पड़ने वाली है। बनारस का ये इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम इस डिमांड को पूरा करेगा, पूरे पूर्वांचल का चमकता हुआ ये सितारा बनने वाला है। यूपी का ये पहला स्टेडियम होगा जिसके निर्माण में BCCI का भी बहुत सहयोग होगा। मैं BCCI के पदाधिकारियों का काशी का MP होने के नाते, यहां का सांसद होने के नाते मैं आप सबका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
मेरे परिवारजनों, जब खेल का इंफ्रास्ट्रक्चर बनता है, इतना बड़ा स्टेडियम बनता है तो सिर्फ खेल ही नहीं स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी उसका सकारात्मक असर होता है। जब स्पोर्ट्स के ऐसे बड़े सेंटर बनेंगे तो उसमें बड़े स्पोर्ट्स आयोजन होंगे। जब बड़े आयोजन होंगे तो बड़ी तादाद में दर्शक औऱ खिलाड़ी आएंगे। इससे होटल वालों को फायदा होता है, छोटी-बड़ी खाने-पीने की दुकान को फायदा होता है, रिक्शा-ऑटो-टैक्सी इनको भी फायदा होता है, हमारे नाव चलाने वालों के लिए तो दो-दो हाथ में लड्डू हो जाता है। इतने बड़े स्टेडियम की वजह से स्पोर्ट्स कोचिंग के नए सेंटर खुलते हैं, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट सिखाने के लिए नए अवसर बनते हैं। हमारे बनारस के युवा नए खेल स्टार्ट अप के बारे में सोच सकते हैं। फिजियोथेरैपी समेत स्पोर्ट्स से जुड़ी बहुत सी पढाई और कोर्सेज शुरु होंगे, और एक बहुत बड़ी स्पोर्ट्स इंडस्ट्री भी वाराणसी में आएगी।
मेरे प्यारे परिवारजनों, एक समय था जब माता-पिता बच्चों को इस बात के लिए डांटते थे कि हमेशा खेलते ही रहोगे क्या, कुछ पढ़ाई-वढ़ाई करोगे की नहीं, यहीं हुडदंग करते रहोगे क्या, यहीं सुनना पड़ता था। अब समाज की सोच बदली है। बच्चे तो पहले से ही सीरियस थे ही, अब माता-पिता भी, स्पोर्ट्स को लेकर के गंभीर हुए हैं। अब देश का मिजाज ऐसा बना है, कि जो खेलेगा, वही खिलेगा।

आदिवासी इलाका शहडोल का ज़िक्र
पिछले 1-2 महीने पहले, मैं मध्यप्रदेश का एक आदिवासी इलाका शहडोल के आदिवासी गांव में गया था, वहां मुझे कुछ नौजवानों से मिलने का अवसर मिला और मैं सचमुच में वहां का दृश्य और उनकी बातें सुनकर के इतना प्रभावित हुआ, उन युवकों ने मुझे कहा कि ये तो हमारा मिनी ब्राजील है, मैंने कहा भई तुम मिनी ब्राजील कैसे बन गए हो, बोले हमारे यहां हर घर में फुटबॉल का खिलाड़ी है और कुछ लोगों ने मुझे कहा कि मेरे परिवार में तीन-तीन पीढ़ी National Football Player रही है। एक प्लेयर रिटायर होने के बाद, उसने वहां अपनी जान लगा दी। और आज हर पीढ़ी का व्यक्ति आपको वहां फुटबॉल खेलता नजर आएगा। और वो कहते कि हमारा जब annual function होता है तो कोई घर में आपको नहीं मिलेगा इस पूरे इलाके के सैकड़ों गांव और लाखों की तादाद में लोग 2-2, 4-4 दिन मैदान में डटे रहते हैं। ये culture, उसे सुनकर के देखकर के देश के उज्ज्वल भविष्य का विश्वास मेरा बढ़ जाता है। और काशी का सांसद होने के नाते, मैं यहां आए बदलावों का भी साक्षी बना हूं।
सांसद खेल प्रतियोगिता के दौरान जो उत्साह यहां रहता है, उसकी जानकारी मुझे लगातार पहुंचती रहती है। काशी के युवा, स्पोर्ट्स की दुनिया में अपना नाम कमाएं, मेरी यही कामना है। इसलिए हमारा प्रयास वाराणसी के युवाओं को उच्च स्तरीय खेल सुविधाएं देने का है। इसी सोच के साथ इस नए स्टेडियम के साथ ही सिगरा स्टेडियम पर भी करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सिगरा स्टेडियम में 50 से अधिक खेलों के लिए, जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। और इसकी एक और खास बात है। ये देश का पहला बहुस्तरीय Sports Complex होगा जो दिव्यांगजनों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। इसे भी बहुत जल्दी ही काशीवासियों को समर्पित किया जाएगा। बड़ालालपुर उसमें बना सिंथेटिक ट्रैक हो, सिंथेटिक बास्केट बाल कोर्ट हो, अलग-अलग अखाड़ों को प्रोत्साहन देना हो, हम नया निर्माण तो कर ही रहे हैं, पर शहर की पुरानी व्यवस्थाओं को भी सुधार रहे हैं।
खेलों में आज भारत को जो सफलता मिल रही है
खेलों में आज भारत को जो सफलता मिल रही है, वो देश की सोच में आए बदलाव का परिणाम है। हमने स्पोर्ट्स को युवाओं की फिटनेस और युवाओं के रोज़गार और उनके करियर से जोड़ा है। 9 वर्ष पहले की तुलना में, इस वर्ष केंद्रीय खेल बजट 3 गुणा बढ़ाया गया है। खेलो इंडिया प्रोग्राम के बजट में तो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत वृद्धि की गई है। सरकार आज स्कूल से लेकर ओलंपिक पोडियम तक हमारे खिलाड़ियों के साथ टीम मेम्बर बनकर साथ चलती है। खेलो इंडिया के तहत देशभर में स्कूल से यूनिवर्सिटी तक की खेल प्रतियोगिताएं हुईं हैं। इनमें बड़ी संख्या में हमारी बेटियों ने भी हिस्सा लिया है। सरकार कदम-कदम पर खिलाड़ियों की हर संभव मदद कर रही है। ओलंपिक पोडियम स्कीम भी ऐसा ही एक प्रयास है।
इसके तहत देश के शीर्ष खिलाड़ियों को सरकार पूरे साल में खाने-पीने, फिटनेस से लेकर ट्रेनिंग तक लाखों रुपए की मदद देती है। इसका परिणाम हम आज हर अंतर्राष्ट्रीय कंपटीशन में देख रहे हैं। अभी कुछ समय पहले ही वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में भारत ने इतिहास रचा है। इन गेम्स के इतिहास में कुल मिलाकर भारत ने जितने मेडल जीते थे, पिछले कई दशकों में उससे ज्यादा मेडल सिर्फ इस बार, इस साल जीतकर के हमारे बच्चे ले आए हैं। वैसे आज से एशियन गेम्स भी शुरू हो रहे हैं, एशियन गेम्स में हिस्सा लेने गए सभी भारतीय खिलाड़ियों को मैं अपनी शुभकामनाएं देता हूँ।
भारत के गांव-गांव में, कोने-कोने में खेल प्रतिभाएं मौजूद
भारत के गांव-गांव में, कोने-कोने में खेल प्रतिभाएं मौजूद है, खेलों के महारथी मौजूद हैं। जरूरी है इन्हें तलाशना और इन्हें तराशना। आज छोटे से छोटे गांवों से निकले युवा, पूरे देश की शान बने हुए हैं। ये उदाहरण बताते हैं कि हमारे छोटे शहरों के खिलाड़ियों में कितना Talent है, कितनी प्रतिभा है। हमें इस Talent को ज्यादा से ज्यादा अवसर देने हैं। इसलिए खेलो इंडिया अभियान से आज बहुत कम उम्र में ही देश के कोने-कोने में टैलेंट की पहचान की जा रही है। खिलाड़ियों की पहचान करके उन्हें इंटरनेशनल लेवल का एथलीट बनाने के लिए सरकार हर कदम उठा रही है। आज इस कार्यक्रम में बहुत से दिग्गज खिलाड़ी हमारे बीच विशेष तौर पर पधारे हैं, स्पोर्ट्स की दुनिया में उन्होंने देश का नाम रोशन किया है। काशी से ये स्नेह दिखाने के लिए मैं उन सबका विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूँ।
आज खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए अच्छे कोच और अच्छी कोचिंग का होना उतना ही जरूरी है। यहां जो दिग्गज खिलाड़ी मौजूद हैं, वो इसकी अहमियत जताते हैं और इसको जानते हैं। इसलिए आज सरकार खिलाड़ियों के लिए अच्छी कोचिंग की व्यवस्था भी कर रही है। जो खिलाड़ी बड़ी प्रतियोगिताओं में खेलकर आते हैं, जिन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अनुभव है, उन्हें बतौर कोच काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। देश में बीते कुछ वर्षों में युवाओं को अलग-अलग खेलों से जोड़ा गया है।
सरकार गांव-गांव में जो आधुनिक खेल के इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रही है, उससे गांव के, छोटे कस्बों के खिलाड़ियों को भी नए मौके मिलेंगे। पहले बेहतर स्टेडियम, सिर्फ दिल्ली-मुंबई-कोलाकाता-चेन्नई ऐसे बड़े शहरों में ही उपलब्ध थे। अब देश के हर कोने में, देश के दूर-सुदूर इलाकों में भी, खिलाड़ियों को ये सुविधाएं देने की कोशिश हो रही है। मुझे खुशी है कि खेलो इंडिया प्रोग्राम के तहत जो स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है, उसका बहुत अधिक लाभ हमारी बेटियों को हो रहा है। अब बेटियों को खेलने के लिए, ट्रेनिंग के लिए घर से ज्यादा दूर जाने की मजबूरी कम हो रही है।
नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में खेल को उसी कैटेगरी में रखा गया है, जैसे साईंस, कॉमर्स या दूसरी पढ़ाई हो। पहले खेल को सिर्फ एक एक्स्ट्रा एक्टिविटी माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब स्पोर्ट्स को स्कूलों में बकायदा एक विषय की तरह पढ़ाया जाना तय हुआ है। ये हमारी ही सरकार है जिसने देश की पहली नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मणिपुर में स्थापित की है। यूपी में भी स्पोर्ट्स फैसिलिटी पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गोरखपुर के स्पोर्ट्स कॉलेज के विस्तार से लेकर मेरठ में मेजर ध्यान चंद खेल यूनिवर्सिटी बनाने तक, हमारे खिलाड़ियों के लिए नए स्पोर्ट्स सेंटर बनाए जा रहे हैं।
देश के विकास के लिए खेल सुविधाओँ का विस्तार बहुत आवश्यक है। ये ना सिर्फ खेलों के लिए बल्कि देश की साख के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। हममें से कई लोग दुनिया के कई शहरों को सिर्फ इसलिए जानते हैं, क्योंकि वहां पर बड़े अंतरराष्ट्रीय खेलों का आयोजन हुआ। हमें भारत में भी ऐसे सेंटर बनाने होंगे, जहां ऐसे अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजित किए जा सकें। यह स्टेडियम, जिसकी आधारशिला आज रखी गई है, खेलों के प्रति हमारे इसी संकल्प का साक्षी बनेगा। ये स्टेडियम बस ईंट और कंक्रीट से बना हुआ एक मैदान नहीं होगा, बल्कि ये भविष्य के भारत का एक भव्य प्रतीक बनेगा। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि हर विकास कार्य के लिए मेरी काशी अपना आशीर्वाद लिए मेरे साथ खड़ी रहती है। आप लोगों के बिना काशी में कोई भी कार्य सिद्ध नहीं हो सकता है। आपके आशीर्वाद से हम काशी के कायाकल्प के लिए इसी तरह विकास के नए अध्याय लिखते रहेंगे। एक बार फिर काशी के लोगों को, पूरे पूर्वांचल को क्रिकेट स्टेडियम के शिलान्यास की मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

BREAKING News : छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष के भतीजे का बदमाशों ने गला काटा

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राजनांदगांव। मीडिया रिपोर्ट की खबरों के अनुसार  राजनांदगांव से एक बड़ी खबर आ रही है। छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष के भतीजे पर जानलेवा हमला हुआ है। घटना की वजह अब तक सामने नहीं आयी है। जानकारी के मुताबिक गर्दन मे चाकू से वार किया गया है। घायल को अस्पताल मे भर्ती कराया गया है। वहीं आरोपी फरार बताये जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष मन्ना यादव के भतीजे यशवंत यादव पर हमला हुआ है। घटना की सूचना के बाद पुलिस जांच में जुट गयी है। मामला कोतवाली थाना के जीई रोड का बताया जा रहा है। फिलहाल आरोपी का पता नहीं चल पाया है। राजनांदगांव पुलिस उनकी तलाश में है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस जल्द आरोपी को पकड़ लेने का दावा कर रही है। 

Video News – निहारिका रायजादा ने भारतीय सिनेमा में किये 10 साल पूरे, मीडिया के साथ ये ख़ास मौका किया सेलिब्रेट

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इंडो-यूरोपियन ब्यूटी निहारिका रायजादा ने फिल्म जगत में एक दशक पूरा कर लिया है और इस ख़ास मौके को उन्होंने मुंबई के क्रेक्राफ्ट रेस्टोरेंट में मीडिया के साथ किया सेलिब्रेट।

निहारिका ने साल 2013 में सिनेमा जगत में फिल्म डामाडोल से अपना कदम रखा था। उसके बाद उन्होंने कई भाषाओं में काम किया और मसान, बेबी, वारियर सावित्री जैसी फिल्मों में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए काफी तारीफ बटोरी। उन्होंने इन दस सालो में अपने आप को एक बेहतरीन कलाकार के रूप में स्थापित कर लिया है और आईबी 71 और सूर्यवंशी जैसी रिलीज के साथ बड़ी लीग में शामिल हुई ।

क्रेक्राफ्ट जो कि मुंबई में सेलिब्रिटी का जाना माना रेस्टोरेंट है, उस के अक्षय शेट्टी और लता चेट्टी ने निहारिका के इन दस साल पूरा होने की ख़ुशी में उनके दोस्त सिद्धार्थ डोंगले, नसीम खान और पुनीत हरजानिया के साथ मिलकर एक पार्टी रखी।

निहारिका इस पार्टी को लेकर काफी सरप्राइज और इमोशनल हुई और वह हमेशा की तरह बेहद खूबसूरत नजर आ रही थी। उन्होंने पार्टी के बारे में बात करते हुए कहा, “मेरे लिए यह बहुत ख़ास है और आज तक ऐसा मेरे लिए किसी ने कुछ नहीं किया। मेरी सालों की मेहनत फाइनली रंग लाई है। मुझे सरप्राइज हो रहा है कि अक्षय शेट्टी, लता चेट्टी, सिद्धार्थ डोंगले , नसीम खान और पुनीत सबने मेरे डेब्यू को याद रखा। मैं बहुत इमोशनल हूँ और ऐसा लग रहा है मानो ऑफिशल रूप से में इंडस्ट्री में आ गयी हूँ।”

बता दें, निहारिका संगीतकार ओपी नैय्यर की पोती हैं। वह लक्ज़मबर्ग की रहने वाली है, वह  फ्रेंच बोलती है और उन्होंने कोयोट्स नामक एक अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला से अपने करियर की  शुरुआत की।

फिलहाल, अभी वह दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हो रहे मोटोजीपी भारत 2023 कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए काफी एक्साइटेड है।