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महायोगी हाईवे वन टू वननेस’ 8 मार्च को रिलीज होगी

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फिल्म निर्माता राजन लूथरा की बहुप्रतीक्षित संदेशपरक फिल्म ‘महायोगी हाईवे वन टू वननेस’ 8 मार्च को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है और इसे अंग्रेजी, हिंदी और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं सहित कई भाषाओं में प्रस्तुत किया जाएगा। त्रिलोक फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म ‘महायोगी हाईवे वन टू वननेस’ की कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो सभी धर्मों और सभी जीवित प्राणियों की अच्छाई में विश्वास करता है और ‘एक ईश्वर’ में दृढ़ विश्वास रखता है। ईश्वर के बुलावे से उसे एहसास होता है कि विश्व की वर्तमान आवश्यकता एकता, शांति और प्रेम है। मूलरूप से इस फिल्म की कहानी कलयुग से सतयुग में गहन परिवर्तन को उजागर करती है। यह सत्य और सदाचार की विशेषता वाले स्वर्ण युग की ओर बदलाव का प्रतीक है। कथा का दूसरा भाग सतयुग की सुखद स्थिति की अंतर्दृष्टि का वादा करता है, जहां हर कोई अपने भीतर भगवान की उपस्थिति महसूस करेगा। महायोगी द्वारा निर्देशित संदेश आध्यात्मिक क्रांतिकारी पहल सतयुग का द्वार खोलेगी। इस फिल्म में महायोगी की परिकल्पना के साथ परिवारों में सद्भाव, मित्रता और सच्चाई, पड़ोसी देशों हेतु एकता, राजनीति में सद्भाव, स्वर्ण युग की पहल, आंतरिक जागृति, अंतरधार्मिक सद्भाव से जुड़े तथ्यों को कथावस्तु में समावेश कर आध्यात्मिक जागृति और सार्वभौमिकता पर जोर देते हुए सकारात्मक संदेश दिया गया है कि सभी के धर्म पर विश्वास करें, सम्मान करें और प्यार करें और एक साथ मिलजुल कर खुशी से रहें। यही एकमात्र तरीका है जिससे हम भारत की सच्ची संस्कृति को सभी के सामने ला सकते हैं। दिल्ली में जन्मे राजन लूथरा अमेरिका में रहते हैं। वह अपने परोपकारी स्वभाव के कारण समाजसेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं। एक सफल उद्यमी होने के बावजूद, श्री लूथरा का सच्चा जुनून उनके गैर-लाभकारी, हेल्प फाउंडेशन ग्रुप में निहित है, जिसके वे संस्थापक और अध्यक्ष हैं। यह संस्था 2014 से भारत में पंजीकृत है। बकौल फिल्मकार राजन लूथरा ‘महायोगी’ को तीन भागों में बनाया गया है। आज दुनिया में युद्ध को विराम देकर शांति स्थापित करने की आवश्यकता है। ईश्वर ने हमें प्रेम बांटने के लिए भेजा है न कि लड़ने झगड़ने के लिए। परस्पर एकता की अवधारणा धार्मिक सीमाओं से परे होना चाहिए। सभी समस्याओं के समाधान के लिए हम सभी को एकमत होना होगा। यह फिल्म लोगों की दृष्टिकोण में बड़ा बदलाव लाने में सहायक साबित होगी।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

कन्यादान सर्वश्रेष्ठ पुण्य, किंतु उससे पूर्व करें विद्यादान -पुष्कर सिंह धामी,मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

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मुख्यमंत्री ने कपकोट में किया 100 करोड़ की 37 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने कपकोट, बागेश्वर में आयोजित चेलि ब्वारयूं कौतिक (मातृशक्ति उत्सव) कार्यक्रम में हुए सम्मिलित

2 जनवरी 2024,मंगलवार,देहरादून
संजय बलोदी प्रखर
मीडिया समन्वयक उत्तराखण्ड प्रदेश

देहरादून/कपकोट ,2 जनवरी, मंगलवार को जनपद बागेश्वर के विकास खण्ड कपकोट के केदारेश्वर मैदान में आयोजित (चेलि ब्वार्यूं कौतिग) मातृशक्ति उत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 100 करोड़ की विभिन्न विभागों की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 19 करोड़ की 11 विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण तथा 81 करोड़ की 26 योजनाओं का शिलान्यास है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने जनपद बागेश्वर में नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना, बागनाथ मंदिर बागेश्वर के संग्राहलय में 90 प्रतिमाओं की स्थापना किये जाने, बदियाकोट कर्मी तलाई में 100 एम.टी. गोदाम तथा आवासीय भवन का निर्माण किये जाने, विधानसभा क्षेत्र कपकोट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपर जिला चिकित्सालय बनाये जाने, शामा में मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण किये जाने के साथ जनपद बागेश्वर के भराड़ी में मल्टी पार्किंग से संबंधित प्रस्तावों को मंजूर किये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सरयू के मूल स्थान को पर्यटन स्थल बनाये जाने की भी घोषणा की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न घाटियों में निर्मित हस्तशिल्प और हस्तकला उत्पादों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी तांबे के बर्तन में कलाकृतियां एवं रिंगाल की टोकरी भी बनाई। उन्होंने सशक्त मातृशक्ति सशक्त उत्तराखंड के तहत मातृशक्ति का पूजन कर शहीदों की वीरांगनाओं को भी सम्मानित किया। जनपद में साहसिक पर्यटन, आपदा प्रबन्धन गतिविधियों का भी अवलोकन कर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुये लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने बाबा बागनाथ की पावन भूमि के साथ ही चेलि ब्यारयूं कौतिक कार्यक्रम में बडी संख्या में उपस्थित माताओं एवं बहनों को नमन करते हुये कहा कि बागेश्वर जिले हेतु लगभग 100 करोड़ की लागत से विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास, बागेश्वर जनपद के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने रैली एवं कार्यक्रम में जनता द्वारा दिए गए सम्मान के प्रति भी सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में मातृ शक्ति के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। मातृ शक्ति अपने परिवार के साथ ही समाज और प्रदेश हितों का भी ख्याल रखती हैं। मातृ शक्ति के सहयोग से ही समाज या राष्ट्र का संपूर्ण विकास संभव है। परिश्रम और मातृ शक्ति एक दूसरे के पूरक हैं। राष्ट्र की मातृ शक्ति शिक्षित होने से उस राष्ट्र का वर्तमान एवं भविष्य सुरक्षित रहता है। बेटियां अपने ज्ञान से दो-दो घरों को प्रकाशित करती हैं। भारतीय संस्कृति में ’’कन्यादान’’ करना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है, परंतु हम सभी ’कन्यादान’ से पहले ’विद्यादान’ भी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में विभिन्न महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल तथा प्रदर्शित किए उत्पाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘’आत्मनिर्भर भारत’‘ के मंत्र को धरातल पर उतारने का कार्य कर रहे हैं। आज देशभर में स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं, उत्तराखंड में भी महिला स्वयं सहायता समूहों की बहनों ने प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में महिलाओं को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं। ’’सुविधा के साथ सुरक्षा भी’’ का सिद्धांत अपनाकर महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में गांव-गांव में महिलाओं को घर, शौचालय, गैस, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा गया रहा है, बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और दूसरी आवश्यक जरूरतों पर भी सरकार पूरी संवेदनशीलता से निरंतर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी योजना, नंदा गौरा मातृवंदना योजना और महिला पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं। प्रदेश की जनता की जरूरतों एवं हितों के लिये जो भी कदम उठाये जाने होंगे बिना देरी के उठाएं जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू करने के साथ ही धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार बड़े स्तर पर सरकारी भूमि में हुए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई, भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी निरंतर कार्रवाई जारी है। राज्य सरकार उत्तराखंड में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप हम राज्य के विकास और कल्याण के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’विकल्प रहित संकल्प’ को पूर्ण करने हेतु निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिति के तहत 3.5 लाख करोड़ के एमओयू साइन किए गए हैं जिन पर निरंतर कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में बाहरी व्यक्तियों द्वारा कृषि और उद्यान के नाम पर धड़ल्ले से जमीन खरीदने पर राज्य सरकार ने अंतरिम रोक लगाई है।यह रोक भू माफियाओं एवं गलत नीयत से जमीन खरीदने वालों पर लगाई गई है। यदि कोई व्यवसाय उद्योग एवं किसी अन्य स्टार्टअप के लिए जमीन खरीदेगा, जिससे यहां के स्थानीय लोगों को फायदा मिले, तो उसका उत्तराखंड में स्वागत है।

सांसद अजय टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में निरंतर प्रगति के पद पर अग्रसर है। हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर समिति के तहत दुनिया भर से उद्योग जगत के लोगों को उत्तराखंड में बुलाया गया। आज उत्तराखंड के प्रत्येक क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं स्वयं सहायता समूह से महिलाओं को रोजगार दिया जा रहा है।

विधायक सुरेश गढ़िया ने कहा कि पहली बार कपकोट क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए हैं। विभिन्न घाटियों से भी बढ़-चढ़ के लोगों ने इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड राज्य एवं बागेश्वर जनपद निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कपकोट क्षेत्र की प्रत्येक मांग को प्राथमिकता से लेते हैं। क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में खेल मैदान, चिकित्सालय में डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जो भी मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई वह पूरी हुई है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, विधायक बागेश्वर पार्वती दास, शिव सिंह बिष्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल, भाजपा जिला अध्यक्ष इंद्र सिंह फर्स्वाण, वीरेंद्र वल्दिया, जिलाधिकारी अनुराधा पाल सहित बडी संख्या में क्षेत्रीय जनता भी उपस्थित थी।

नज़ारा’ टीवी पर प्रसारित धारावाहिक ‘धरतीपुत्र नंदिनी’ ने पुरे किये 100 एपिसोड

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नज़ारा’ टीवी पर सोमवार से शुक्रवार रात साढ़े आठ बजे प्रसारित हो रहे धारावाहिक ‘धरतीपुत्र नंदिनी’ ने 100 एपिसोड पूरा कर लिया है। डीसीटी मूवीज के बैनर तले दीपिका चिखलिया टोपीवाला द्वारा निर्मित धारावाहिक ‘धरतीपुत्र नंदिनी’ को दर्शक पहले एपिसोड से लेकर अब तक के एपिसोड के प्रति दर्शकों का आकर्षण बना हुआ है और दर्शकों का प्यार शो के हर किरदार तक पहुँच रहा है जिसके लिए इस धारावाहिक की पूरी मेकिंग टीम ने सभी दर्शकों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है।
100 एपिसोड पूरे होने की खुशी के इस मौके पर शो की निर्मात्री और अभिनेत्री दीपिका चिखलिया टोपीवाला कहती हैं “पहले दिन से लेकर अब तक का सफ़र काफ़ी रोमांचक रहा। बतौर प्रोड्यूसर मुझे कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, पर यह टीम का सपोर्ट, लोगों के सहयोग व प्यार के बदौलत ‘डीसीटी मूवीज’ हर चुनौतियों को सफ़लता में बदलता गया। जिसका श्रेय मैं पूरी टीम को देती हूँ।”
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

गोदरेज लॉक्स का लक्ष्य है 2024 में डिजिटल लॉक बाज़ार में अपनी आय 10% तक बढ़ाना

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मुंबई, 2 जनवरी 2024: डिजिटल नवोन्मेष से प्रेरित आज के दौर में, गोदरेज समूह की प्रमुख कंपनी, गोदरेज एंड बॉयस का व्यवसाय गोदरेज लॉक्स ने वित्त वर्ष 2025 तक बाज़ार हिस्सेदारी को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और वह अपने डिजिटल लॉकिंग समाधानों को निरंतर विस्तार कर रही है। इस 125 साल से अधिक पुराने ब्रांड को उम्मीद है कि 25 से अधिक नए उत्पादों के साथ वह बाज़ार पर हावी होगा, जिनमें से 50% से अधिक जंप एंड लीप इनोवेशन से आएंगे।

गोदरेज लॉक्स की एक हालिया रिपोर्ट- ‘लाइव सेफ, लिव फ्री’ में यह पाया गया कि दो तिहाई से अधिक उत्तरदाता अपने घर की सुरक्षा के लिए स्मार्ट लॉक का उपयोग करते हैं। यह अध्ययन राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों में दर्ज सुरक्षा की दृष्टि से 5 प्रमुख संवेदनशील शहरों, अर्थात् मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, भोपाल और बेंगलोर में किया गया था।

उन्नत सुरक्षा के साथ सुविधा प्रदान करने वाली स्मार्ट होम तकनीक और डिजिटल होम सुरक्षा समाधानों को अपनाने के साथ, गोदरेज लॉक्स इस विशेष श्रेणी को बढ़ाने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है। फिलहाल, डिजिटल लॉक की आय में हिस्सेदारी 4% है और इस व्यवसाय इकाई का लक्ष्य है इसे अगले तीन साल में इसे बढ़ाकर लगभग 20% करना।

गोदरेज लॉक्स एंड आर्किटेक्चरल फिटिंग्स एंड सिस्टम्स के बिजनेस हेड, श्याम मोटवानी के अनुसार, “सुरक्षा समाधान उद्योग में एक विश्वसनीय नाम, गोदरेज लॉक्स नवोन्मेषी डिजिटल होम सुरक्षा समाधानों की ओर बदलाव का नेतृत्व करता है जो ब्रांड के नवोन्मेषी और स्मार्ट दृष्टिकोण के साथ सुविधा को सहजता से जोड़ता है। हम अत्याधुनिक तकनीक के साथ उन्नत घरेलू सुरक्षा समाधान प्रदान करने पर ध्यान देते हैं। मेकेनिकल और पारंपरिक तालों में खुद को अग्रणी के रूप में स्थापित करने के बाद, हमने प्रभावशाली 23% बाजार हिस्सेदारी के साथ अपनी स्थिति मज़बूत कर ली है। इस बीच, हम समग्र व्यवसाय में डिजिटल लॉक श्रेणी के योगदान को बढ़ा रहे हैं, और हम अपनी नई पेशकशों के साथ अगले साल इसे 10% तक ले जाना चाहते हैं, जो बेहद खूबसूरत हैं और उपभोक्ताओं की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किये गए हैं। घरेलू सुरक्षा के इस निरंतर विकसित हो रहे डिजिटल युग में, हमारा लक्ष्य है, घरेलू सुरक्षा के लिए विश्वसनीय और बेहतरीन लॉकिंग समाधान प्रदान कर ग्राहकों को सशक्त बनाना।”

गोदरेज लॉक्स ने आवासीय और आतिथ्य क्षेत्र के लिए भारत का पहला इंटरकनेक्टेड डिजिटल लॉक लॉन्च कर भारत के डिजिटल लॉक बाजार में अपनी स्थिति मज़बूत कर ली है। कुल मिलाकर, उपभोक्ता अपनी विशिष्ट विशेषताओं और प्रौद्योगिकियों के साथ डिजिटल लॉक के विस्तृत पोर्टफोलियो में से चुन सकते हैं। बिना चाभी के प्रवेश, रिमोट एक्सेस कंट्रोल और वास्तविक समय की निगरानी जैसी सुविधाएं समग्र उपयोगकर्ता को बेहतरीन अनुभव प्रदान करती हैं। डिजिटल लॉक पर कंपनी की ध्यान देने की रणनीति नवोन्मेष और उपभोक्ताओं को केंद्र रखने के प्रति इसकी प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

ऊधमपुर व मजालता में गौ तस्करी के तीन प्रयास विफल, तीस मवेशी कराए गए मुक्त

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ऊधमपुर। ऊधमपुर जिला पुलिस ने ऊधमपुर और मजालता थाना क्षेत्रों में मवेशी तस्करी के तीन प्रयासों को विफल किया है। पुलिस ने तीनों वाहनों में से 30 मवेशियों को मुक्त कराया है। मजालता पुलिस स्टेशन की टीम ने बट्टल मोड़ में लगाए।
तलाशी अभियान में 24 गोवंशी मवेशियों को किया बरामद
नाके पर ट्रक नंबर जेके032115 व टैंकर नंबर जेके03बी-9363 को तलाशी के लिए रोका। तलाशी के दौरान पुलिस ने दोनों वाहनों में छिपा कर ले जाए जा रहे 24 गोवंशी मवेशियों को बरामद किया।
इसी तरह से ऊधमपुर थाना पुलिस की टीम ने भी नाके के दौरान वाहन नंबर जेके03सी-0130 को तलाशी के लिए रोका। पुलिस ने उसमें से चार गोवंशी मवेशियों को मुक्त कराया।

2023 में कुल मिलाकर मवेशी तस्करी के 336 मामले दर्ज

मजालता और ऊधमपुर थानों में उक्त तीनों तस्करी करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।पुलिस के मुताबिक वर्ष 2023 में कुल मिलाकर मवेशी तस्करी के 336 मामले दर्ज किए गए।

असाधारण फिल्म “महायोगी हाईवे वन टू वननेस” के दूरदर्शी निर्माता राजन लूथरा ने नवीन वर्ष 2024 हेतु आपसी एकता के लिए दी शुभकामनाएं

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राजन ने कहा 2024 आनंदपूर्वक एकता को अपनाकर वैश्विक स्तर पर एकता का उत्सव होगा।

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और एकता समाज का आधार बिंदु है। यही वह कड़ी है जो लोगों को बांध कर रखती है और उनका जीवन सुखमय बनाती है। भारत देश विविध संस्कृति, संस्कार, आस्था से समाहित समृद्ध भूमि है यहाँ अनेकता में एकता के दर्शन होते हैं और ऐसी जगह एकता का महत्व जीवंत हो जाता है। महायोगी की दूरदृष्टि से देखा जाय तो यह एकता का विश्वस्तरीय उत्सव है जो किसी समुदाय का नहीं अपितु अखण्ड भारत की आत्मा से उत्पन्न होने वाला उत्सव है।

परिवारों में सद्भाव : एकता टूटे हुए परिवारों के लिए एक मरहम का कार्य करती है। इससे आर्थिक विकास होता है। यह धन, सम्पति और मदद से जुड़े संघर्ष को दूर करता है। महायोगी समस्त भाई-बहनों के बीच पारिवारिक पुनर्मिलन, पोषण, समझ, सहयोग और एकजुटता की कल्पना करते हैं। जिससे आपसी प्रेम और समर्थन की नींव रखी जा सके।

मित्रता और सच्चाई: दुनिया से मानवता और आपसी विश्वास का भाव कम हो रहा है। जिससे लोग एक दूसरे पर विश्वास नहीं कर पा रहे पूरी दुनिया इस समस्या से जूझ रही है। महायोगी वास्तविक मित्रता और सच्चाई के पुनरुद्धार के बड़े समर्थक हैं। उनका संदेश वास्तविक संबंधों को प्रबल बनाना और छल कपट से टूटे हुए लोगों में पुनः विश्वास की भावना का निर्माण करना है। महायोगी इस आह्वान का प्रतिनिधित्व कर रहा है जिससे आपसी विश्वास बढ़ सके।

पड़ोसी राज्यों हेतु एकता: वर्तमान में पड़ोसियों के बीच आपसी प्रेम और सौहार्द कम हो गया है। महायोगी पड़ोसियों के बीच आपसी सौहार्द को बढ़ाने हेतु संबोधित करते हैं और आपसी निस्वार्थता और सामुदायिक एकता की भावना को प्रेरित करते हैं। उनका दृष्टिकोण एक ऐसी दुनिया की तस्वीर पेश करता है जहां पड़ोसी स्वार्थी प्रवृत्तियों को कम करते हुए मदद के लिए एक दूसरे का सहयोग करें।

अंतरधार्मिक सद्भाव: महायोगी किसी एक देश या सम्प्रदाय की सीमाओं से बंधे नहीं है अपितु सम्पूर्ण दुनिया के हित चाहने वाले हैं। भारत में धार्मिक और सांस्कृतिक विभिन्नता अधिक है। महायोगी आध्यात्मिक जागृति और सार्वभौमिकता पर जोर देते है और देश में हो रहे धार्मिक संघर्षों को हल करना चाहते हैं। वह एक ऐसी दुनिया का सपना देखते हैं जहां सभी विभिन्न आस्थाएं एकता के सिद्धांतों को अपनाकर सही निर्देशानुसार सौहार्दपूर्ण ढंग से मिलजुल कर रहें साथ ही अपना सह अस्तित्व भी बनाकर रहे। सभी के धर्म पर विश्वास करें, सम्मान करें और प्यार करें और एक साथ मिलजुल कर खुशी से रहें। यही एकमात्र तरीका है जिससे हम भारत की सच्ची संस्कृति को सभी के सामने ला सकते हैं।

महायोगी के साथ आंतरिक जागृति: महायोगी आंतरिक जागृति के उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर रहे हैं। महायोगी मानव चेतना को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके द्वारा दिया गया ज्ञान और शिक्षा मानव को भौतिक संसार के अलावा आत्मिक ज्ञान और आंतरिक समझ की गहरी प्रेरणा देता है। जिससे आपसी संबंध और एकता की भावना बढ़ती है।

स्वर्ण युग की पहल : महायोगी की कथा कलयुग से सतयुग में गहन परिवर्तन को उजागर करती है। यह सत्य और सदाचार की विशेषता वाले स्वर्ण युग की ओर बदलाव का प्रतीक है। कथा का दूसरा भाग सतयुग की सुखद स्थिति की अंतर्दृष्टि का वादा करता है, जहां हर कोई अपने भीतर भगवान की उपस्थिति महसूस करेगा। महायोगी द्वारा निर्देशित आध्यात्मिक क्रांतिकारी पहल सतयुग का द्वार खोलेगी।

मानवता के लिए मार्गदर्शन: महायोगी ज्ञान के स्रोत के रूप में उभरे हैं, जो मानवता को संकट में लाने वाले समस्याओं का समाधान करने वाले प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं। उनका ज्ञान अतीत, वर्तमान और भविष्य तक फैला हुआ है, जो अपनी यात्रा पर स्पष्टता चाहने वाले व्यक्तियों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है। महायोगी ने अपनी साधना से विश्व में हुए सभी नरसंहारों के सभी कारणों को उजागर किया है और आगामी भविष्य ऐसा ना हो उसके लिए उपाय भी बताए हैं। कलयुग समाप्त होकर पुनः सतयुग का उदय हो उसके लिए अथक प्रयास किया है।

एकता की नगरी अयोध्या: महायोगी भगवान राम की पवित्र भूमि अयोध्या की कल्पना एकता की नगरी के रूप में करते हैं। जहां एकता दुनिया के हर कोने तक फैली हुई है। भारत ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का भाव रखे। महायोगी का लक्ष्य धार्मिक संघर्षों को खत्म करने, सामूहिक एकता को बढ़ावा देने के लिए व्यक्तिगत चेतना को ऊपर उठाना है। उनका उद्देश्य है कि शहर में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, यहूदी मंदिर, बुद्ध मंदिर और कई अन्य धार्मिक स्थानों में एकता का समावेश हो।

राजन लूथरा का मानना ​​है कि महायोगी हर जगह, हर आत्मा के भीतर निवास करते हैं और सच्ची एकता की प्राप्ति के लिए चेतना से शुद्ध चेतना तक की यात्रा का मार्गदर्शन करते हैं। आध्यात्मिक प्रतिमान 2024 में घटित होने लगेगा।

इस धरती पर एक खूबसूरत दुनिया बनाने के लिए हम सभी को बदलाव को स्वीकार करना होगा। अंत में कहा गया है- “लोकः समस्त सुखिनो भवन्तु”।
एकता के लिए महायोगी का दृष्टिकोण सीमाओं से परे है। यह फिल्म एक परिवर्तनकारी कथा प्रस्तुत करता है जो सामाजिक दरारों को ठीक करता है और मानवता, प्रेम और एकता के भाव को प्रेरितकर सुखद भविष्य निर्माण करने में मदद करता है। भारत के साथ सभी पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और कई अन्य देशों का एकीकरण पर बल देता है। धार्मिक विभिन्नता को भुलाकर सभी यूरोपीय देशों में मित्रता और एकता का भाव उत्पन्न हो। सभी एकजुट होकर हो किसी प्रकार का भेदभाव या संघर्ष ना हो।

इस गहन संदेश और परिवर्तनकारी मार्ग को राजन लूथरा की फिल्म “महायोगी हाईवे वन टू वननेस” की प्रेरक पहल के माध्यम से खूबसूरती से चित्रित किया गया है। राजन लूथरा का मानना ​​है कि एकता के मार्ग पर चलकर सार्थक बदलाव आ सकता है। जैसा कि इस बेहतरीन फिल्म की उत्कृष्ट कृति में दर्शाया गया है। सामूहिक रूप से महायोगी के सिद्धांतों का अनुकरण करके आपसी सामंजस्य और एकता सम्पूर्ण संसार में विद्यमान हो सकती है। यह फिल्म एकता, सामंजस्य और सार्वभौमिकता की भावना को बढ़ाने हेतु प्रेरणा स्त्रोत के रूप में कार्य करता है।

यह फिल्म 8 मार्च, 2024 को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है और इसे अंग्रेजी, हिंदी और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं सहित कई भाषाओं में प्रस्तुत किया जाएगा। निश्चित रूप से यह दर्शकों को पसंद आएगी और प्रेरित करेगी।
यह फिल्म के भारत की एकता, अखंडता और सार्वभौमिकता दुनिया के हर कोने तक पहुँचाकर प्रेम, एकता और शान्ति की सीख देगा।

RSS नेता इंद्रेश कुमार बोले- 22 जनवरी को मस्जिद-मदरसों में करें देश की प्रगति के लिए इबादत

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आरएसएस नेता ने कहा कि सभी का डीएनए एक है। सभी राम के हैं। नेकां नेता फारूक अब्दुल्ला कहते हैं कि राम हिंदुओं के ही नहीं हमारे भी हैं। हमने कब इनकार किया है। फारूक आइएनडीआइए को समझाते क्यों नहीं कि इबादत के लिए न्योते की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ता छह दिन से 15 दिनों तक पदयात्रा कर अयोध्या पहुंचेंगे।
New Delhi – आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार ने अपील की कि 22 जनवरी को सुबह 11 बजे से दिन के एक बजे तक जब अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हो, दरगाहों, मदरसों, मकतबों, मस्जिदों में देश की उन्नति, प्रगति, सौहार्द के लिए इबादत करें।
शाम को इन स्थानों पर चिराग रोशन करें। इंद्रेश कुमार रविवार को आकाशवाणी के रंगभवन में “राम मंदिर, राष्ट्र मंदिर-एक साझी विरासत: कुछ अनसुनी बातें” पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, सभी का डीएनए एक है। सभी राम के हैं। नेकां नेता फारूक अब्दुल्ला कहते हैं कि राम हिंदुओं के ही नहीं, हमारे भी हैं। हमने कब इनकार किया है। फारूक आइएनडीआइए को समझाते क्यों नहीं कि इबादत के लिए न्योते की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ता छह दिन से 15 दिनों तक पदयात्रा कर अयोध्या पहुंचेंगे।
राम की भारत को आवश्यकताः आरिफ मोहम्मद खान
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, मर्यादा पुरुषोत्तम राम की भारत को आवश्यकता है। आने वाली नस्लों को चरित्र निर्माण के लिए राम को समझना और समझाना जरूरी है। कहा, मनुष्य सामाजिक प्राणी भर नहीं, उसकी महत्वकाक्षाएं भी हैं। अगर उसके पास आदर्श नहीं है, तो यह बेलगाम हो जाती हैं। इसके चलते संस्कृतियां खराब हुईं। उन्होंने कहा, जी-20 के जरिये हमने वसुधैव कुंटुम्बकम का संदेश दिया है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि राममंदिर आंदोलन कभी भी मुसलमानों के विरोध में नहीं था। विशिष्ट अतिथि राम जन्मभूमि न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा, राम भारत की एकता का प्रतीक हैं, उन्होंने सिर्फ सेतु निर्माण नहीं किया था, अपने वनवास के दौरान सभी जनजातियों और लोगों को भी जोड़ा था। इससे पहले पुस्तक की लेखिका गीता सिंह और आरिफ खान भारती ने पुस्तक की सामग्री पर विस्तार से चर्चा की।

 

Mumbai: वसई रोड रेलवे स्टेशन पर मिला लावारिस बैग, यात्रियों में फैली बम होने की दहशत

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एएनआई, मुंबई। मुंबई में वसई रोड रेलवे स्टेशन पर रविवार को एक लावारिस बैग मिलने के कारण यात्रियों में बम होने की दहशत फैल गई। वेस्टर्न रेलवे के मुताबिक, लोकल ट्रेन के महिला कोच में एक लावारिस बैग पड़ा मिला। अज्ञात बैग मिलने के कारण ट्रेन के यात्रियों में 45 मिनट से अधिक समय तक दहशत फैली रही।

बैग में नहीं मिला कुछ भी संदिग्ध

लावारिस बैग की सूचना मिलने के बाद एक बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) और डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंचे। वहीं, बीडीडीएस और डॉग स्क्वायड द्वारा गहन जांच के बाद बैग में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि बैग एक यात्री का था, जिसने उसको ट्रेन में ही छोड़ दिया था और वह लावारिस पड़ा मिला।

कैसा रहेगा आप के लिए वर्ष 2024 वार्षिक भविष्यफल ,आचार्य राजेश , की भविष्यवाणी के अनुसार

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वार्षिक भविष्यफल 2024
(आचार्य राजेश-विनायक फीचर्स)
राशि बोधक चक्र
मेष : चू चे चो च ल ला ली ले लो लू अ आ आदि।
वृषभ : इ ऊ ए ओ व वा वी वू वो ब आदि।
मिथुन : क का की के कु कौ घ घी घू छ छा आदि।
कर्क : ह हा ही हु हे है हो डा डो आदि।
सिंह : म मा मी मु मे मो ट टा टी टू आदि।
कन्या : प पा पी पु पे पो ठ ठा आदि।
तुला : र रा री रू रो रौ त ता ती तु आदि।
वृश्चिक : तो न ना नी नू ने नो न या यी यु आदि।
धनु : य यो भ भा भी भे धा ठा आदि।
मकर : भो ज जा जी जे ज खी ख खो गा गी आदि।
कुंभ : ग गे गो स सा सी सू से सो दा आदि।
मीन : दी दू दे दो चा ची थ था झ आदि।

मेष

जनवरी- यह माह आपके लिए शुभाशुभ मिश्र फलकारक है। परिश्रम से बिगड़े कार्य बनेंगे। परोपकारी कार्यों में धन व्यय होगा। रोजगार, नौकरी परिवार की स्थिति सामान्य रहेगी। मन में तनाव और खिंचाव रहेगा। मान-पद, प्रतिष्ठा की सुरक्षा होगी।
फरवरी- मान-सम्मान की रक्षा होगी। परीक्षा प्रतियोगिता में सफलता होगी। स्वजनों से कष्ट, भोजन में अधिकता, माता से सुखी, मित्रों से सम्मान, संतान से सुख प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार होगा। वाणी तथा क्रोध पर नियंत्रण रखें। शत्रुओं पर विजय।
मार्च- यह माह आपके लिए साधारण है। स्वास्थ्य ठीक व व्यापार में स्पर्धा का योग है। अत: सावधानी से कार्य करें। साझेदारी से व्यापार आपके लिए कष्टकारी होगा। प्रत्येक शुभ कार्यों में आप प्रगति करेंगे। व्यापार में उन्नति होगी। स्वास्थ्य लाभ।
अप्रैल- यह माह आपके लिए अत्यंत शुभ है, धन, धान्य, यश, मान-प्रतिष्ठा का योग है। व्यापार में उन्नति, प्रत्येक शुभ कार्य में प्रगति करते जायेंगे। इष्ट मित्रों से मांगलिक कार्यों में सहयोग मिलेगा। उत्तराद्र्ध में कुछ मानसिक परेशानी, मन अशांत रहेगा।
मई- मनोकामना पूर्ण होगी, पारिवारिक व्यस्तता बनी रहेगी, पति-पत्नी में तनाव पूर्ण स्थिति बनी रहेगी, इष्ट मित्र आपके मंगल कार्यों में सहयोग करेंगे। व्यापारिक योजनाएं सफलताकारी मार्गों की ओर अग्रसर होगी। परिवार का उत्तम सुख प्राप्त होगा। स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव बना रहेगा।
जून- यह माह आपके लिए शुभाशुभ मिश्र फलदायक होगा। पारिवारिक सुख उत्तम रहेगा। परिश्रम से कुछ लाभ प्राप्त होगा। आलस्य में वृद्धि, मित्रों से विरोध, सावधानी से कार्य करें। वाणी पर नियंत्रण रखें। समाज में पद-प्रतिष्ठा का योग है। रामायण का पाठ करने से कठिनाई दूर होगी। व्यापार संबंधी चिंता बनी रहेगी।
जुलाई- यह माह आपके लिए अत्यंत शुभ फलदायक होगा। सुख सम्मान एवं आरोग्य लाभ होगा। साहस पराक्रम एवं उत्साह की वृद्धि होगी। विवाद के मामले में सतर्कता से हाथ डाले, व्यवसायिक कार्य में बहुत सावधानी रखने की आवश्यकता है।
अगस्त- यह माह आपके लिए मध्यम फल देने वाला होगा। मनोबल की वृद्धि होगी। बुद्धिजीवियों के लिये यह कठिन परीक्षा का समय है। परन्तु शत्रु आपके सामने टिक नहीं पायेंगे। धर्म आस्था में कमी, उदर पीड़ा का योग, स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेगा।
सितम्बर- यह माह आपके लिए व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत शुभ है। आपको व्यापार में अच्छा लाभ होगा। परन्तु साझेदारी का व्यापार करने में हानि होने की संभावना है। पारिवारिक झगड़े झंझट से दूर रहे। खेतों में भी आपको अच्छा लाभ हो सकता है।
अक्टूबर- यह माह आपके लिये शुभाशुभ फल कारक होगा। सुख साधनों का विकास, स्त्री व बच्चों से मदद मिलेगी। आध्यात्मिक प्रवृत्ति की वृद्धि होगी। परिश्रम से कार्य सिद्ध होंगे। परन्तु व्यापार में कुछ बाधायें आ सकती है। मानसिक तनाव मिल सकता है।
नवम्बर- इस मास मित्रों एवं स्वजनों पर आपका विशेष प्रभाव पड़ेगा। पारिवारिक सुख शान्ति एवं मातृ सुख की प्राप्ति होगी। कृषि एवं वाणिज्य कार्यों में रुकावटें आयेगी। स्वास्थ्य लाभ एवं मित्रों से सम्मान प्राप्त होगा। कुटुम्बियों से टकराव होगा। माह के उत्तराद्र्ध में धन का लाभ। धर्म कर्म में रुचि रहेगी।
दिसम्बर- कार्य व्यवसाय में सफलता मिलेगी। धनागम, आगन्तुकों से कष्ट, अन्न वस्त्र की प्राप्ति, शत्रु पर विजय तथा प्रतिष्ठा में वृद्धि, अनावश्यक वाद-विवाद से बचें। धार्मिक आस्था बनाये रखें। योजना में अरुचि एवं कार्यों में बाधायें आयेंगी। पठन-पाठन में रुचि, लम्बी यात्रायें करनी पड़ सकती है। जायदाद का लाभ। मातृ सुख।

वृषभ

जनवरी- यह माह आपके लिये शनि की लघु कल्याणी ढैय्या के कारण अशुभ फलदायक है। आवश्यक कार्यों में रुकावट व व्यापार में अल्प लाभ होगा। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव की स्थिति रहेगी। लोगों से धोखा मिल सकता है। पुत्र से सुख मिलेगा।
फरवरी- दाम्पत्य जीवन में तनाव रहेगा। ऋण के लेन-देन में असफलता, विश्वास पात्र से धोखा, परन्तु स्वास्थ्य लाभ होगा। धर्म में रुचि बढ़ेगी। पारिवारिक सुख शान्ति, मातृ सुख प्राप्त होगा। अपनी दिनचर्या नियमित बनायें। परिश्रम से कुछ लाभ मिलेगा। यात्रा में कष्ट होगा।
मार्च- दाम्पत्य जीवन में तनाव की स्थिति रहेगी। इष्ट मित्र आपके मंगल कार्य में सहयोग करेंगे। व्यापार मन्दा चलेगा। पारिवारिक चिन्ता, यश-प्रतिष्ठा में कमी, भाइयों से कष्ट की स्थिति बनेगी। आलस्य में वृद्धि। मित्रों आदि से वियोग का योग है।
अप्रैल- व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। ईश्वर की आराधना से कुछ लाभ की आशा कर सकते हैं। व्यर्थ भ्रमण से अनावश्यक खर्च, ऋण अदायगी की चिन्ता से अशांति रहेगी। रोजी की चिन्ता, स्वास्थ्य ठीक न रखने से कार्यों में असफलता प्राप्त होगी। वाहन दुर्घटना के भी योग है।
मई- पारिवारिक चिन्ता, व्यापार में गिरावट, यश में कमी, व्यर्थ भ्रमण से अनावश्यक खर्च, भाईयों से असहयोग, स्वास्थ्य सुख में कमी, साझेदारी से नुकसान, नये लोगों से संबंध, द्रव्यलाभ, इष्ट मित्रों से समागम, सत्संग से ज्ञान मिलेगा, लोकोपवाद से सतर्क रहें। खर्च में वृद्धि होगी। स्त्री एवं पुत्र का सुख उत्तम रहेगा।
जून- उद्योग-धन्धों में समस्यायें पैदा होगी। विश्वसनीय व्यक्ति से धोखा खायेंगे। अधिक जोश और पराक्रम के कारण कुछ आर्थिक या शारीरिक नुकसान भी हो सकता है। व्यापारिक योजनाएं सफलताकारी, आगे की ओर अग्रसर होगी। यात्रा से कष्ट, जीवन में लाभ, धनलाभ, खर्च में वृद्धि होगी। पारिवारिक सुख प्राप्ति होगी।
जुलाई- यह माह आपके लिये शुभ फलदायक नहीं है। व्यापार में हानि, परिवार में क्लेश की स्थिति बनी रहेगी। मन अशान्त रहेगा। परन्तु पत्नी से सहयोग प्राप्त होगा। ऋण के लेन-देन से व्यथित रहेंगे। पड़ोसियों से उत्तम व्यवहार होगा। कार्य में वृद्धि होगी।
अगस्त- रोजी-रोजगार में बाधा,  चित्त अशान्त रहेगा। भोजन में अरुचि पैदा होगी। गुरुजनों की आज्ञा माने तो कुछ सफलतायें मिल सकती है। व्यर्थ के विवाद बने रहेंगे। पत्नी व संतान से लाभ, कुछ बिगड़े कार्य पूर्ण होंगे।
सितम्बर- आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। किन्तु व्यय का भार बढ़ेगा। वाणी में मधुरता लाभकारक सिद्ध होगी। शारीरिक सुख सामान्य रहेगा। पत्नी का सुख प्राप्त होगा। आलस्य की वृद्धि होगी। अत्याधिक श्रम से कुछ सफलतायें मिल सकेगी। यात्रा से लाभ होगा।
अक्टूबर- कार्यक्षेत्र में बाधायें व भय रहेगा। नीति संगत, मानसिक व्यथा रहेगी। चल रहे कार्यों में रुकावट, ऋण में वृद्धि, शत्रु व विरोधी पराजित होंगे। भाई और संतान से दु:ख होगा। जिम्मेदारी बढ़ेगी। माह का उत्तराद्र्ध विशेष रूप से कष्टकारी होगा। व्यापार में लाभ।
नवम्बर- वक्री शनि की लघु कल्याणी ढैय्या में विशेष सावधानी रखकर चलने से द्रव्य लाभ होगा। विद्यार्थियों, महिलाओं को कठिन परिश्रम से ही सफलता मिलेगी। व्यावसायिक कार्यों में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। परिवारिकजनों से विवाद हो सकता है। धनागम एवं सम्मान में वृद्धि।
दिसम्बर- शारीरिक विकारों से कष्ट, स्वजनों एवं मित्रों से अनबन मान-सम्मान में कमी। धार्मिक विचारों की वृद्धि, वाणी में कठोरता, पद हानि, वस्त्र आदि लाभ होगा लेकिन दुष्ट संगति से हानि, पिता से विरोध हो सकता है। पुत्र व पत्नी का सहयोग मिलेगा। पारिवारिकजनों में प्रेम व सौहाद्र्र आपस में बढ़ेगा। सूर्य नारायण की नियमित आराधना से लाभ।

मिथुन

जनवरी- यह माह आपके लिए शुभाशुभ मिश्र फलकारक है। साहस पराक्रम की वृद्धि परन्तु व्यवसाय में अल्प लाभ होगा। नये मित्र बनेंगे। परन्तु रिश्तेदार आपसे गहरा स्वार्थ रखेंगे। यात्रा में दौड़-धूप और प्रपंच की अधिकता रहेगी। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
फरवरी- कृषि, व्यापार नौकरी में लाभ मिलेगा, परन्तु कुछ रुकावटें आयेगी। व्यय की अधिकता होगी। पुत्र से सुख मिलेगा, चित्त शान्त रहेगा। मित्रों से सम्मान व संतान से सुख प्राप्त होगा। माह के उत्तराद्र्ध में राज्य से मान सम्मान मिलेगा।
मार्च- सामान्य रूप से धनोपार्जन, नौकरी में सफलता। उगते हुए सूरज को जल दें। विभिन्न समारोह में जाने का अवसर मिलेगा। परन्तु रोग, दिमागी उलझन, असमय भोजन, शयन से कष्ट। मन कुछ अशांत रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा। यात्रा लाभ।
अप्रैल- आवश्यक कार्य में रुकावट व्यवसाय में अल्पलाभ, दान धर्म में आस्था बनेगी। दीन-दुखियों के प्रति दया की भावना मन में विशेष रूप से जाग्रत होगी। स्वास्थ्य में सुधार, कार्य की अधिकता, धनलाभ, खर्च में वृद्धि, परोपकार की भावना जागृत होगी।
मई- पढ़ाई-लिखाई में आलस्य, उदर रोग, शारीरिक पीड़ा, बुखार आदि से परेशानी, व्यापार में रुचि का अभाव, गृह वाहन, जायदाद के सुख में व्यवधान होगा। सत्पुरुष की मदद से नया पद एवं अधिकार की प्राप्ति होगी। विवादास्पद मामलों में सूझबूझ से काम लें। रोजगार में उन्नति मिलेगी।
जून- उद्योग-धन्धे में कई सारी समस्यायें पैदा होगी। आपसी संबंध मधुर बनाये रखें। अन्यथा अदालत का सहारा लेना पड़ सकता है। सगे संबंधियों से हानि, पारिवारिक उलझनें बढ़ेगी। भाइयों की कलह से परेशानी, रामायण का पाठ करने से कठिनाइयां दूर होगी। पारिवारिक सुख प्राप्ति होगी। पत्नी, सन्तान सुख, मित्रों का सहयोग मिलेगा। यात्रा में कष्ट संभव।
जुलाई- यह माह आपके लिए शुभाशुभ फलकारक होगा। रोजी-रोजगार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। अकारण झगड़े झंझटों से बचें। शत्रुओं में वृद्धि, परन्तु शत्रु पराजित होंगे। दुष्टों की संगति से हानि। उदर पीड़ा भी सम्भव।
अगस्त- कठोर परिश्रम से जीवन निर्वाह करना आसान होगा। व्यापार व नौकरी वालों को चातुर्य बौद्धिक कौशल से सिद्धि मिलेगी। मान-प्रतिष्ठा की वृद्धि होगी। पत्नी व संतान का सुख उत्तम मिलेगा। यात्रा में कष्ट होगा।
सितम्बर- मासाराम्भ में व्यापार में कुछ बाधायें होंगी। परन्तु बाद में सफलता मिलेगी। गृह कार्यों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। स्वास्थ्य में भी कुछ परेशानी का अनुभव होगा। वाणी में कठोरता, हानि प्रद साबित हो सकती है। वासना में वृद्धि होगी। यात्रायें सुखद रहेंगी।
अक्टूबर- यह माह आपके लिए शुभाशुभ फलकारक होगा। शुभ विचारों का उदय होगा। व्यापार में वृद्धि होगी। क्रोध तथा जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। अभीष्ट कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। सामाजिक कार्यों में उत्साह। शत्रु पीड़ा, धार्मिक कार्य में रुचि।
नवम्बर- इस माह व्यवसाय, कार्य कुछ मन्दा चलेगा। कुछ विघ्न बाधाओं का सामना होगा। रुके हुये कार्यों में सफलता मिलेगी। रोजी-रोटी व व्यावसायिक कार्यों में उतार-चढ़ाव रहेगा। विश्वास पात्रों से धोखा मिल सकता है। शुभ कार्यों में धन व्यय होगा। प्रतापी पुरुषों से सम्पर्क, धनागम।
दिसम्बर- यह माह आपके लिये शुभाशुभ फलकारक होगा। धनाभाव की स्थिति सामान्य रहेगी। मिथ्या आरोप, रोग, मानसिक कष्ट आदि रहेंगे। शत्रुओं की अधिकता होगी। परन्तु आपके बुद्धि कौशल से शत्रु नष्ट हो जायेंगे। कुछ विशेष सफलता मिलेगी। खोई प्रतिष्ठा पुन: वापस मिलेगी। कार्यों में सफलता मिलेगी।

कर्क

जनवरी- यह माह आपके लिए शुभाशुभ मिश्र फलदायक है। कठिन परिश्रम से लाभ, व्यय की अधिकता, श्रेष्ठजनों की संगति से लाभ, घरेलू सुख शांति व उतार-चढ़ाव बना रहेगा। भूमि भवन, वाहन सुख प्राप्त होगा। धनोपार्जन सामान्य रहेगा। यात्रा से लाभ मिलेगा।
फरवरी- कृषि व व्यापार में सामान्य लाभ होगा। स्वजनों से वियोग, नेत्र व उदर रोग होने की संभावना, दौड़ धूप एवं व्यस्तता बनी रहेगी। ईश्वर की उपासना करे तो लाभ होगा। कोई लाभदायक मौका हाथ आयेगा। घर में किसी प्रकार का असंतोष होगा।
मार्च- शत्रु पर विजय प्राप्त करेंगे। धार्मिक कार्यों में रुचि, अन्न, वस्त्र, धन का लाभ होगा। सम्मान यश, लोकप्रियता की प्राप्ति, शुभ कार्यों का सम्पादन करेंगे। आपकी सूझ-बूझ प्रशंसनीय होगी। अपनी भावुकता पर नियंत्रम रखें। संतान से सहयोग मिलेगा।
अप्रैल- इस माह आमदनी की अपेक्षा व्यय में वृद्धि रहेगी। शारीरिक कष्ट रहेगा। संबंधी मित्रों एवं श्रेष्ठजनों से अकारण विरोध होगा। रोजी रोजगार के स्थान में परिवर्तन होगा। अनादर की स्थिति बनेगी। आकस्मिक विरोध बनेंगे। यात्रा में कष्ट संभव।
मई- विशेष सावधानी रखकर विशिष्ट उत्पादों से बचें तो पारिवारिक व्यावसायिक कार्यक्रमों में सफल रहेंगे। कठिन परिश्रम से स्वतंत्र कार्यक्षेत्र का विस्तार, अत्याधिक कार्य व्यस्तता, विवाद ग्रस्तता, खर्च अधिकता की स्थिति रहेगी। बुद्धि की प्रतिभा की प्रखरता एवं वाहन सुख का लाभ होगा।
जून- यह माह सामान्य सफलता कारक है। सहयोगियों से अच्छा प्रभाव बनाने से कार्यों में सिद्धि मिलेगी। भ्रमण के शुभअवसर प्राप्त होंगे। भूमि भवन का सुख मिलेगा। माह के उत्तराद्र्ध में कुछ शत्रु हानि कर सकते हैं। परिजनों से मतभेद से बने कार्य बिगड़ सकते हैं। धर्म-कर्म में भी कार्यों में सफलता मिलेगी। काम धन्धे में लाभ, व्यापार में सुधार होगा।
जुलाई- नवीन कार्यों की योजना बनेगी। मामले मुकदमे में विजय की सम्भावना। कार्य व्यस्तता से मानसिक तनाव, व्यापार में लाभ व हानि, दोनों का सामना करना पड़ सकता है। खर्च में कमी का प्रयास करें, पत्नी सुख, बच्चों की पढ़ाई में अवरोध आयेगा।
अगस्त- स्वास्थ्य ठीक रहेगा। धार्मिक कार्यों में उत्साह, परिवार में एकता, व्यापार में लाभ, साझेदारी के कार्य में बाधा रहेगी। मामला, मुकदमा में आंशिक सफलता। शत्रु पराजित होंगे। धैर्य पूर्वक सभी कठिन कार्यों को पूरा करें। दांपत्य जीवन कष्टकारी होगा।
सितम्बर- माता-पिता बड़ों के प्रति प्रेम बढ़ेगा। पारिवारिक सुख-शांति रहेगी, मनोरंजन व भ्रमण के योग है। व्यापार सामान्य चलेगा। पत्नी की सलाह से गृहस्थ जीवन सुख से व्यतीत होगा। पड़ोसियों से उत्तम व्यवहार बनाये रखें। दान धर्म से मन को शांति मिलेगी।
अक्टूबर- माता-पिता व गुरुजनों के प्रति प्रेम की वृद्धि होगी। पारिवारिक सुख-शांति, मनोरंजन व भ्रमण के योग है। व्यापार सामान्य चलेगा।
नवम्बर- उद्योग-धन्धे में व्यवधान। गृहस्थ जीवन में अशांति शारीरिक कष्ट प्रियजनों सें उत्पीडऩ योग है। प्रवास पीड़ा, कार्यों में विफलता, मानसिक, अशांति, धनागम में अवरोध, प्रिय पदार्थ की हानि, वायु कोप, गठिया रोग की सम्भावना, लाभ की आशा न रखें।
दिसम्बर- आर्थिक उलझनों से त्रस्त रहेंगे। परिवार में मन-मुटाव बना रहेगा। अत्याधिक परिश्रम से बिगड़े कार्य बनेंगे। व्यापार, कृषि, नौकरी में सफलता मिलेगी। यश-सम्मान का लाभ होगा। उत्तराद्र्ध में अपव्यय, परदेश गमन, अनियमित दिनचर्या से दु:खी रहेंगे। दुर्गा स्त्रोत का पाठ करें। धार्मिक कार्यों में रुचि। आय में कमी, स्वास्थ्य लाभ रहेगा।

सिंह

जनवरी- अपने उद्देश्य में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी। अनेक परेशानियों का निवारण होगा। गृहस्थी, घर में सुख शान्ति बनी रहेगी। नजदीकी लोगों से विवाद हो सकता है। जीवन साथी से कुछ विरोध की स्थिति पैदा हो सकती है। शुभ संवाद से लाभ।
फरवरी- नवीन कार्यों की योजना बनेगी। मामले, मुकदमे में विजय की संभावना। कार्यों में व्यस्तता होने के कारण मानसिक तनाव व उलझन, व्यापार में लाभ हानि दोनों का सामना करना पड़ेगा। आलस्य की वृद्धि होगी। प्रतिदिन देवदर्शन करें व पूजा पाठ करें।
मार्च- मनोरथ सिद्धि न होने से निराशा का वातावरण होगा। व्यापारिक स्थिति मध्यम रहेगी। पारिवारिक कारणों से अवरोध विरोध बना रहेगा। नई संगत मिलने से नयेपन का अनुभव होगा। आपसी लोगों से विरोध न बढ़ावें। विरोध बढऩा उचित न होगा।
अप्रैल- व्यर्थ के विवाद बनेंगे। यात्रा, पद की हानि तथा व्यय की अधिकता रहेगी। रोग, ऋण से चिन्ता, विश्वास पात्रों से धोखा होगा। स्त्री, सन्तान से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलेगा। माह के उत्तराद्र्ध में कुछ राहत मिलेगी। आर्थिक सुधार होगा। वाहन सुख।
मई- कार्य व्यवसाय में अल्प लाभ रहेगा। नीच एवं दुष्टों की संगति से कष्ट, नेत्र और सिर में पीड़ा रहेगी। परिवार में कलह रहेगा। यात्रायें अल्प लाभ देगी। अन्न-धन की हानि रहेगी। धनाभाव से मन खिन्न रहेगा। व्यर्थ भ्रमण भी रहेगा। स्वजनों से मन-मुटाव। धार्मिक आस्था में रुचि बढ़ेगी।
जून- यह मास कुछ विशेष कार्यों में सफलता देगा। दुष्टों की संगति से हानि होगी। भाई-बहनों के बीच टकराव की स्थिति भी बन सकती है। हाथ, पैर, कमर में दर्द होगा। विश्वासपात्रों से धोखा होगा। शुभ कार्यों में धन का व्यय और मुकदमा भी बनेगा। कुछ शत्रु प्रबल होंगे। धनाभाव रहेगा। यात्रा कष्ट। यह माह अत्यन्त सुखद है। व्यापार में लाभ होगा।
जुलाई- इस माह में आपको सभी कठिनाइयों से जूझना पड़ेगा। धैर्यपूर्वक क्रमश: परिश्रम करते रहने से सफलता मिलती रहेगी। ऋण का लेन-देन न करें। यह आपके लिए हानिकारक हो सकता है। शत्रु की वृद्धि, पदोन्नति में बाधा। उद्योग-धन्धे में प्रगति।
अगस्त- कठोर परिश्रम से शारीरिक थकावट रहेगी। नेत्र पीड़ा, आलस्य से परेशान रहेंगे। अधिकारियों से परेशानी, शत्रुओं से सावधान, पूजा पाठ में रुचि बनाये रखे, अधिक कार्य व्यस्तता के कारण शारीरिक थकावट महसूस करेंगे। मन में उत्साह की वृद्धि, द्रव्य लाभ।
सितम्बर- व्यापारिक स्थिति मध्यम रहेगी। धन व्यय एवं सुख में कमी, मन में अशांति बनी रहेगी। परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। धर्म, कर्म में आस्था रखने से स्थिति में कुछ सुधार होगा। पूजा पाठ में रुचि बनाये रखे। अधिकारियों से उलझनेंं से बचें।
अक्टूबर- मनोरथ सिद्ध न होने से निराशा का वातावरण रहेगा। व्यापार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। शत्रुओं की वृद्धि होगी। परन्तु आप अपने चातुर्य और बुद्धि कौशल से शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे। क्रोध पर नियंत्रण रखें। उत्तराद्र्ध में स्थिति में सुधार होगा।
नवम्बर- स्वजनों से विवाद, जलभय,  भोजन शयन में गतिरोध, आधिव्याधि का आकस्मिक आक्रमण, धनजन की हानि, अव्याधिक प्रपंचों का अनुभव होगा, उच्चाधिकारियों की कृपा से कार्य सिद्धि, राजनेताओं से सम्पर्क, श्रम साध्यता से जीवन निर्वाह होगा। शुभ कार्यों में धन व्यय होगा। धार्मिक कार्य में रुचि बढ़ेगी।
दिसम्बर- मासफल मध्यम है। साथी सहयोगियों से सुख सहानुभूति का लाभ मिलेगा। नौकरी व्यापार से लाभ, अल्प रहेगा। व्यवहार में सामाजिक मर्यादा बढ़ेगी। भाग्य की मन्द गति रहेगी। आलस्य प्रमाद से बचना आवश्यक होगा। आगन्तुकों से कष्ट की अनुभूति होगी। भाग्य अत्यन्त प्रबल है। दुर्गा पाठ करें। खर्च से परेशानी, आय में कमी, स्वास्थ्य लाभ होगा।

कन्या

जनवरी- सभी शुभ कार्य कठोर, परिश्रम के द्वारा ही बनेंगे। व्यय अधिक होगा। गृहस्थी, स्त्री, पुत्री आदि का सुख प्राप्त होगा। श्रेष्ठ संगत से लाभ, महिला का सहयोग आपके क्षेत्र को स्थिर बना सकता है। स्वधर्म पालन से व्यापारिक लाभ व वाहन सुख उत्तम रहेगा।
फरवरी- विशिष्ट व्यक्तियों का समागम, नियमित आमदनी का मार्ग प्रशस्त करेगा। आमदनी कम पर खर्च की अधिकता रहेगी। स्त्री एवं संतान का स्वास्थ्य बाधित होगा। सामान्य जीवनयापन की राह मिलेगी। जनप्रियता बढ़ेगी। व्यर्थ वाद-विवाद से बचें।
मार्च- शत्रुओं द्वारा कार्य में बाधा संबंधी चिन्ता रहेगी, मित्रगण भी शत्रुवत व्यवहार कर सकते हैं। उदर  पीड़ा से कष्ट, भाइयों द्वारा कष्ट की आशंका, शारीरिक सुख तथा मन में उत्तम विचार आयेंगे। परेशानी दूर होगी। पत्नी व सन्तान से सुख मिलेगा।
अप्रैल- इस माह रोजी रोजगार उत्तम होगा। इष्ट मित्रों से कार्यों में सिद्धि होगी। परिवार में सुख शांति एवं मांगलिक कार्य होंगे। भाई एवं सन्तान से कष्ट में वृद्धि होगी। उदर व नेत्र रोग से पीड़ा बनेगी। उत्तराद्र्ध में मान-प्रतिष्ठा की वृद्धि। वाणी कठोरता से बचें।
मई- रुके कार्यों में सफलता मिलेगी। रोजी-रोटी व व्यवसायिक कार्यों में उतार-चढ़ाव रहेगा। उत्साह के साथ श्रम एवं चतुराई से आवश्यक कार्यों में सफलता मिलेगी। शिक्षा एवं स्वास्थ्य में सामान्य लाभ मिलेगा। परिजनों से विवाद सम्भव है तथा व्यर्थ भ्रम भी रहेगा। यात्रा का योग रहेगा।
जून- उच्चाधिकारियों के सहयोग से आर्थिक और व्यावसायिक संसाधनों में वृद्धि होगी। भागीदारी से विवाद की स्थिति बन सकती है। उत्साह एवं आत्म शक्ति का उदय होगा। किन्तु माह के उत्तराद्र्ध में रोजगार व व्यवसाय में कुछ कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिजनों से विवाद सम्भव है तथा व्यर्थ भ्रमण भी रहेगा। व्यापार में लाभ मिलेगा।
जुलाई- धन और यश की वृद्धि, पदोन्नति, व्यापार में आंशिक लाभ होगा। उत्तम भोजन एवं शयन की सुविधा पारिवारिक सुख उत्तम परन्तु व्यय की अधिकता होगी। अत्याधिक कार्य व्यस्तता के कारण शरीर अस्वस्थ सा रहेगा। श्रेष्ठजनों की संगति से लाभ मिलेगा। यात्रा से लाभ।
अगस्त- स्वास्थ्य की दृष्टि से आपको अत्याधिक सावधानी रखनी पड़ेगी। खान पान पर नियंत्रण रखें। व्यापार में उतार-चढ़ाव की स्थितियां बनी रहेगी। पदोन्नति में लाभ। राजकीय कार्यों में रुचि। स्त्रियों के लिए यह माह शुभ रहेगा। अकारण क्रोध से बचें।
सितम्बर- इस माह रोजी-रोजगार में अनेक अड़चने आयेगी। साहस एवं बुद्धि चातुर्य से कार्य करने  में आपको सफलता प्राप्त होगी। दुष्टों की संगति से बचें। कष्टप्रद यात्रा, ऋण के लेन-देन से व्यथित रहेंगे। स्थिति में सुधार, धर्म में आस्था, स्त्री सुख मिलेगा।
अक्टूबर- इस माह रोजी रोजगार में अड़चनें आयेगी। साहस, चातुर्य एवं बुद्धि से कार्य करने में सफलता प्राप्त होगी परन्तु दुष्टजनों की संगत से बचें। कष्टकारी यात्रा, ऋण के लेन-देन से व्यथित रहेंगे उत्तराद्र्ध में स्थिति में कुछ सुधार होगा। कर्म में आस्था रखें।
नवम्बर- अन्न, धन वस्त्रादि का सामान्य सुख, परीक्षा प्रतियोगिता में बड़े परिश्रम से सामान्य सफलता मिलेगी। महिला समाज से अनुकूलता, धैर्य के अवलम्बन से कार्य सिद्ध होकर चित्त प्रसन्न होगा। घरेलू साज-सज्जा, मरम्मत, अतिथि सत्कार में व्यय होगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा। स्वप्न दर्शन से लाभ होगा।
दिसम्बर- रोजी धंधे के क्रमिक विकास में स्वजनों से सहयोग की प्राप्ति, अनेक शुभाशुभ कार्यों में धन का व्यय बढ़ेगा। वाद-विवाद की स्थितियां नियंत्रित होंगी। आकस्मिक लाभ अल्प मात्रा में होंगे। भोजन शयन में व्यतिक्रम बनेगा। सन्तान से कष्ट, विरोधियों का नियंत्रण कमजोर रहेगा। परिश्रम के प्रति उत्साह भंग होगा। धन लाभ के योग है।

तुला

जनवरी- विद्वानों और गुरुजनों का परामर्श हितकारी होगा। आत्म शक्ति का उदय, श्रेष्ठ संगति में बौद्धिक विकास, आजीविका के क्षेत्र में विस्तार, स्वजन समागम अनुकूल, माता-पिता का सुख श्रेष्ठ है। कार्यों में सफलता। ग्रह कलह से मतभेद बनेगा। यात्रा सम्भव।
फरवरी- भावुकता में कोई निर्णय न लें। शत्रुओं से सावधान रहें, सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। धनी, मानी प्रतापी पुरुष से सम्पर्क बनेगा। दाम्पत्य जीवन सुखपूर्ण व्यतीत होगा। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। गृहस्थी की जिम्मेदारी बढ़ेगी।
मार्च- पत्नी व बच्चों से मानसिक कष्ट मिलेगा। प्रयास से ही बिगड़े कार्य बनेंगे। उन्नति की भावना जाग्रत होगी। महिलाओं का चित्त शांत और सजग रहेगा। स्वजन समागम से हर्ष होगा। पड़ोस में शुभ कार्य का सम्पादन। आपका कार्यपक्ष मजबूत रहेगा।
अप्रैल- इस मास में शारीरिक सुख उत्तम, नवीन कार्यों में प्रगति होगी। सामाजिक प्रतिष्ठा से हर्ष, शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे। शुभ कार्यों में धन खर्च होगा। व्यापार में लाभ, पारिवारिक सुख, गुरुजनों के प्रति आस्था, व्यापार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनेगी।
मई- यह माह आपके लिए शुभाशुभ मिश्र फलकारक होगा। साहसिक कार्यों में महत्वपूर्ण उपलब्धि व धन लाभ, मित्रों से साधारण द्वेष भावना, भाइयों से प्रेम, परिवार में धार्मिक व मांगलिक कार्य सम्भव होंगे। संतान संबंधी समस्या हल होगी। स्त्री व संतान का सुख प्राप्त होगा। यात्रा लाभ होगा।
जून- इस माह ख्याति व उन्नति मिलेगी। दान पुण्य आदि में रुचि होगी। उच्च अधिकारियों से प्रसन्नता और प्रोत्साहन मिलेगा। उत्तराद्र्ध में मिथ्या-वाद, माता-पिता को कष्ट सम्भव है। शत्रुओं की वृद्धि होगी। परन्तु आपके बुद्धि कौशल से शत्रु पराजित होंगे। पत्नी की सलाह लाभप्रद साबित होगी। मन कुछ अशांत रहेगा। दुर्जनों से पीड़ा मिलेगी।
जुलाई- यह माह आपके लिए शुभ फलकारक होगा। जनसंपर्क में वृद्धि। पूजा पाठ, उपासना में गहरी रुचि होगी। मन में चंचलता की वृद्धि। परन्तु फिर भी परीक्षा प्रतियोगिता में सफलता। धैर्य न खोएं कम्पटीशन में कुछ नया देखने को मिलेगा। आनन्द की प्राप्ति।
अगस्त- गुप्त शत्रुओं की वृद्धि होगी। अत्याधिक श्रम से अल्प लाभ की स्थिति बनेगी। पारिवारिक उत्तरदायित्वों की पूर्ति होगी। आरोप-प्रत्यारोप का सामना करना पड़ सकता है। निर्णायक क्षमता में कमी नहीं आयेगी। ऋण के लेन-देन से बचें। बने कार्य बिगड़ेंगे।
सितम्बर- गृहस्थ जीवन में सुख, नौकरी व्यापार में उन्नति, अत्यधिक संघर्ष के बाद व्यवसाय में उन्नति, शत्रु पक्ष प्रबल होंगे। अत्यधिक श्रम संघर्ष से रुके कार्य सफल होंगे। देव आराधना से कुछ उन्नति व राहत मिलेगी। मासान्त में समय आपके अनुकूल होगा।
अक्टूबर- इस माह में प्रत्येक कार्य अड़चनों के साथ पूरा होगा। घर में कलह रहेगी। स्त्री-पुरुष को कष्ट, देव आराधना धर्म कर्म दान करने से राहत मिलेगी। माह के अन्त में कुछ राहत मिलेगी। समय अनुकूल होगा। नाराज लोगों को मनाने में सफलता प्राप्त होगी।
नवम्बर- यह माह आपके लिये विशेष शुभ नहीं है। व्यापार साधारण व गन्दा रहेगा। पारिवारिक उलझनें बढ़ेगी। वाद-विवाद में निराशा के बाद सफलता प्राप्त होगी। उत्तराद्र्ध में कुछ नवीन कार्यों का सम्पादन करेंगे। इष्ट मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें। अन्यथा हानि होगी।
दिसम्बर- दान पुण्य के कार्यों में रुचि बढ़ेगी। कल्याणकारी परिस्थितियों का समावेश होगा। सरकारी मामलों में स्रफलता प्राप्त होगी। गृहस्थ सुखों में बढ़ोत्तरी होगी। शुभ मांगलिक कार्यों में आपकी उपस्थिति महत्वपूर्ण रहेगी। पारिवारिक सुख शान्ति मनोरंजन व भ्रमण के योग है। व्यापार सामान्य चलेगा। शत्रुओं का शमन-दमन होगा।

वृश्चिक

जनवरी- धन का दुरुपयोग रोकने की चेष्टा करें। भूमि, भवन, वाहन आदि के क्रय-विक्रय में सफलता, व्यापार व्यवहार की पूर्ववत चिन्ता, इष्ट मित्र कुटुम्बियों से दु:ख व्यवहार असहनीय होगा। किसी अधीनस्थ व्यक्ति के कारण धन की हानि हो सकती है।
फरवरी- मन अशांत रहेगा। रोग ऋण प्रबल, व्यावसायिक परेशानियां होगी, परन्तु आप अपने बुद्धि कौशल व चातुर्य से इन समस्याओं से निकलेंगे। शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार होगा। नवीन परिवर्तन व नाना प्रकार के कार्यों की अधिकता रहेगी। यात्रा में कष्ट संभव है।
मार्च- हर कदम पर आपके धैर्य व सहनशीलता की परीक्षा होगी। स्थानांतरण का योग बनेगा। भौतिक सुख साधनों की वृद्धि, परिवार का सुख उत्तम रहेगा। व्यवहारशीलता की अधिकता रहेगी। ईश्वरीय उपासना के माध्यम से हर्ष की प्राप्ति होगी।
अप्रैल- भावुकता में कोई गलत निर्णय न लें। शत्रुओं से सावधान, सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बनी रहेगी। मानसिक चिन्ता, मकान व खेती से धन लाभ, घर गृहस्थी के बढ़ते हुए खर्च से परेशान रहेंगे। वस्त्राभूण आदि का लाभ मिलेगा।
मई- खूब सोच विचार कर कार्य करने से सफलता मिलेगी। देश, परदेश की यात्रा। पारिवारिक कष्ट व उन्नति की चिन्ता रहेगी। वाहन दुर्घटना से सावधान रहें। मित्रों का साथ हर्षमय होगा। उदर-विकार से शरीर दु:खी होगा। स्त्री व संतान का सुख प्राप्त होगा। वाणी का प्रयोग संयमित करें।
जून- यह माह आपके लिये अत्यंत शुभ होगा। जीवन साथी का सहयोग मिलेगा। रहन सहन के स्तर में कुछ सुधार होगा। जोश रोग, उत्तेजना की वृद्धि होगी। मान-सम्मान में वृद्धि, धर्म में रुचि। स्वजनों का सहयोग, स्त्री व संतान का सुख मिलेगा। काम में बाधाओं के कारण प्रगति रुकने की आशंका है। उगते सूरज को जल दें। व्यापार लाभ होगा।
जुलाई- इस माह आपको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जनसंपर्क में वृद्धि, लाभ, हानि सामान्य, गंभीरता से विचार करके किसी कार्य का निर्णय लें। भाग्य में कुछ कमी परन्तु समस्या का समाधान होगा। ईष्ट मित्रों से सहायता प्राप्त होगी। दुष्टों से बचें।
अगस्त- यह माह आपके लिए मिश्रफल कारक है। बड़े बुजुर्गों के सलाह से लाभ होगा। अधिकारी जन व गुरुजनों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यक्ति विशेष से परेशानी व स्वास्थ्य में कुछ गड़बड़ी रहेगी। सट्टा जुआ लाटरी से दूर रहें। अन्यथा लाभ की जगह हानि मिल सकती है।
सितम्बर- सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में महिलाओं से सहयोग की प्राप्ति जो कि सफलता दिलाएगी। चौराग्नि भय, शारीरिक अवस्था से मन खिन्न रहेगा। कठिन श्रम से अल्प लाभ, सट्टा, लाटरी, जुआ से दूर रहें। अन्यथा हानि उठाएंगे। पत्नी से सुख।
अक्टूबर- इस माह के प्रारंभ में आपकी मानसिक स्थिति ठीक रहेगी। परन्तु उत्तराद्र्ध में बिगड़ जाएगी। सार्वजनिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। जो आपको अभीष्ट फल प्राप्त करायेगी। इंसान की पहचान करने से आप सफल होंगे। इष्टमित्रों से सहयोग मिलेगा।
नवम्बर- इष्ट मित्रों से मतभेद एवं स्वास्थ्य गड़बड़ी, लौहपाद से अष्टमस्थ गुरु देव का आगमन मिश्रफलकारक है। बाहरी संबंधों से मधुरता पूर्ण स्थितियां बनेगी। पत्नी पक्ष से सुखों की प्राप्ति होगी। व्यापारिक स्थितियां सुधरती नजर आयेगी। मान सम्मान पद प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। धन संचय होगा।
दिसम्बर- परिवार में सुख दु:ख का सन्तुलन बनाएं रखें। इस माह औपचारिकताएं बनाए रखें। पड़ोसी से संबंध मधुर रखें। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। भूमि की खरीद फरोक्त आपको लाभ प्रदान करेगी। अनुचित साधनों से लाभ की आशा न करें। किसी बात से मन अशान्त रहेगा। लोक प्रतिष्ठा प्राप्त होगी। शत्रुओं का भय कम होगा।

धनु

जनवरी- यह मास आपके लिये सामान्य फलकारक होगा। शत्रुओं से सावधान रहें। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में कुछ परिवर्तन होगा। ऋण का लेन-देन न करें। यह आपके लिये नुकसानदायक होगा। गृहस्थी में अनुकूलता रहेगी। उचित मनोरथ की सिद्धि होगी।
फरवरी- मानसिक तनाव, झगड़े झंझट से दूर रहें, धर्म कार्यों में रुचि बढ़ेगी। मन में निराशा की भावना जाग्रत होगी। बड़ों की सलाह से कार्य करने से मन की शांति मिलेंगी व बिगड़े काम बनेंगे। विश्वास पात्र से धोखा मिलेगा, कार्य सफल होंगे।
मार्च- स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। मानसिक चंचलता बनी रहेगी। अकस्मात स्थायी संपत्ति का नुकसान होगा। मित्रों से सावधान रहें क्योंकि मित्रों से धोखा खा सकते हैं। ईष्र्या की भावना मन में न पैदा होने दे, पत्नी व पुत्र का सहयोग प्राप्त होगा। भ्राता पक्ष से सहमति।
अप्रैल- मानसिक अशांति मिलेगी। कठोर परिश्रम से महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलेगी। पारिवारिक कष्ट होगा। रोजी-रोजगार में लाभ होगा। पुरुषार्थ से बिगड़े हुए कार्य बनेंगे। यात्रा में कष्ट संभव है।
मई- उन्नति का द्वार खुलेगा। मान-सम्मान की वृद्धि होगी। यात्रा कष्टप्रद होगी।  धनाभाव के कारण मानसिक चिन्ता रहेगी। परिवार में कलह होने की सम्भावना है परन्तु पत्नी से सहयोग प्राप्त होगा। अधीनस्थ कर्मचारियों से विरोध, अस्वास्थ्य प्रद अनियमित दिनचर्या रहेगी।
जून- रोजी-रोजगार के लिये कठिन परिश्रम करना पड़ेगा। पाप कर्मों की प्राप्ति बढ़ेगी। मानसिक क्लेश, साहस पराक्रम में कमी। धर्म कर्म में अरुचि बढ़ेगी। अपने जोश क्रोध पर काबू रखें यह आपके लिये कष्टप्रद साबित होगा। धनाभाव से मन खिन्न रहेगा। जमीन-जायदाद में विवाद। सन्तान से सुख की प्राप्ति, बुद्धि व वाणी पर नियंत्रण रखें।
जुलाई- प्रिय वस्तु की अप्राप्ति से मन खिन्न। भाइयों से द्वेष, विश्वास पात्र से धोखे की सम्भावना है। उत्तराद्र्ध में ज्वर से शारीरिक कष्ट संभव, धैर्य से काम लें। बुध शुक्र सूर्य की प्रतिकूलता रहेगी। प्रेम व सौहाद्र्र की प्राप्ति।
अगस्त- समाज में मान-सम्मान की स्थिति बनेगी। रचनात्मक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ेगा। पारिवारिक जनों से कुछ मतभेद होगा। कुछ इष्ट मित्रों में आपके प्रति ईष्र्या की भावना पैदा होगी। व्यापार में उन्नति, नौकरी में पदोन्नति के मार्ग खुलेंगे। घरेलू कष्ट संभव।
सितम्बर- कार्य व्यवसाय में आर्थिक सुधार तथा लाभ। सप्तमस्थ राहु पूज्य है। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। किसी वृद्ध व्यक्ति से विद्रोह की स्थिति बन सकती है। अनावश्यक खर्च एवं शरीर कष्ट संभव है।
अक्टूबर- इस माह पुरानी विपत्तियों का आंशिक निवारण आपको खुशी प्रदान करेगा। परन्तु हिम्मत, शक्ति, पुरुषार्थ से पूर्ण सफलता प्राप्त करेंगे। घरेलू वातावरण सामान्य, मान प्रभाव में वृद्धि, मुकदमों में विजय, स्वास्थ्य भी उत्तम रहेगा। व्यापार, नौकरी पूर्ववत रहेगी।
नवम्बर- द्रव्य वस्त्रादि का सामान्य लाभ, मित्र एवं परिवार से सुख, सहयोग प्राप्त होगा। विद्याध्ययन से श्रमानुकूल सफलता प्राप्त होगी। दिनचर्या व्यवस्थित रहेगी। भोजन शयनादि कार्यों में रुझान बढ़ेगा। रोजगार में वृद्धि। नये वस्त्रादि का लाभ। मासान्त में व्यापारिक यात्रायें सफल होगी।
दिसम्बर- इस माह स्वार्थी लोग आपसे सम्पर्क बढ़ाने की कोशिश करेंगे। ज्योतिष और तन्त्र-मन्त्र की संभावनाओं में गुरु कृपा से अच्छी सफलता और प्रसिद्धि मिल सकती है। सभी प्रकार की चिन्ता में कमी, लाटरी, जुआ, शेयर, सट्टा से हानि होगी। स्वास्थ्य ठीक, वाहन कष्ट, मन शांत रहेगा। धन प्राप्ति के साधन सशक्त होंगे। सन्तान सुख।

मकर

जनवरी- देव पूजा दान पुण्य करने से मानसिक शान्ति एवं धनधान्य की वृद्धि होगी। अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। गुप्त शत्रु बढ़ेंगे। परन्तु अपने आप शान्त हो जायेंगे। रोजी-रोजगार व्यापार में सफलता मिलेगी।
फरवरी- अध्ययन व नवीन दिशा की ओर जीवन अग्रसर होगा। न्यायालयिक कार्यों में सफलता। रोजी-रोजगार, नौकरी की स्थिति में सुधार, माता-पिता को कष्ट, आय-व्यय में समानता, क्षमाशीलता की वृद्धि, धन का लाभ, मन शान्त रहेगा। कष्टप्रद यात्रा।
मार्च- सेवा कार्य में पदोन्नति के योग है। किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न होगा। स्वजनों से मनमुटाव, श्रेष्ठजनों की संगति लाभदायक होगी। बड़े बुजुर्गों की सलाह से कार्य करें तो लाभ होगा। व्यापार में साधारण लाभ।
अप्रैल- बने बनाये कार्यों में रुकावट, ग्रह प्रपंच के कारण मानसिक अशांति व परेशानियों का बढऩा। बौद्धिक क्षमता का विकास होगा। स्वाभिमान की रक्षा होगी। व्यापार मान पद प्रतिष्ठा की वृद्धि, धर्म कर्म में रुचि बढ़ेगी। आय व व्यय दोनों सामान्य होंगे।
मई- मासारम्भ में धन की कमी से मन अशान्त रहेगा। प्राय: मकान वाहन के विषय से आप परेशान रहेंगे। भाइयों से झंझट रहेगा। मुकदमों में दौड़-धूप अधिक करनी पड़ेगी। नौकरी-व्यापार में पदोन्नति, पद प्रतिष्ठा यश की वृद्धि के योग। स्त्री पद से साधारण कष्ट होगा। व्यापार में लाभ।
जून- भगवत कृपा से मनोबल उच्च रहेगा। रोग से मुक्ति मिलेगी। व्यापार संबंधी नवीन कार्य सफल होंगे। धन खर्च होगा। उत्तराद्र्ध में अकारण क्रोध से बचें। निकट संबंधियों से मनमुटाव, जायदाद का विवाद, विचारों में अस्थिरता मिलेगी। दुष्टों की संगति से बचें। आकस्मिक लाभ मिलेगा।
जुलाई- रोजी-रोजगार, कार्य व्यवस्थित रहेगा। अस्त्र-वस्त्र की प्राप्ति। शत्रु नाश तथा मान-प्रतिष्ठा का सुख होगा। शुभ विचार का उदय होगा। किन्तु सुख में कमी, व्यय से चिन्तायें बनेगी। स्वजनों से विवाद, आलस्य प्रमोद बढ़ेगा। परिजन सुखी होंगे।
अगस्त- अनावश्यक यात्रायें करनी पड़ सकती है। दिनचर्या अव्यवस्थित होगी। सन्तान पक्ष से मन असंतुष्ट रहेगा। पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। दु:ख का शमन होगा। उत्तराद्र्ध में मन प्रसन्न रहेगा। नवीन योजनाओं का निर्माण होगा।
सितम्बर- अधिकारी वर्ग का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। किसी प्रिय वस्तु के खोने या वियोग की संभावना, विश्वासपात्रों से धोखा प्राप्त होगा। नवीन योजनाओं की तरफ चल रहा प्रयास सफल होगा। भाग्योदय से उन्नति के मार्ग खुलेंगे। रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे।
अक्टूबर- यह माह मन में कुछ अशान्ति पैदा करेगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। इष्ट मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। चित्त व मन कुछ अशान्त रहेगा। भातृवर्ग से कुछ असंतोष रहेगा। द्वेष भावना पैदा होगी। पारिवारिक प्रेम बढ़ेगा, संकल्पित कार्य पूर्ण होंगे।
नवम्बर- गृहस्थ सुख-सुविधाओं की पूर्ति होगी। व्यापारिक उन्नति की ओर अग्रसर होंगे। भाग्योन्नति के मार्ग खुलेंगे। साज-सज्जा के कार्यों में इस माह आपका अत्याधिक समय व्यतीत होगा। रोग कष्ट से मुक्ति मिलेगी। भौतिक सुख-सुविधा मिलेगी।
दिसम्बर- बौद्धिक कौशल तथा चतुराई से कार्य में सफलता मिलेगी। किन्तु व्यय की अधिकता से मन दु:खी होगा। शत्रु पराजित होंगे। भोजन वस्त्रादि की कमी तथा स्वजनों का वियोग होगा। उत्तराद्र्ध में अन्न, धन का लाभ होगा। प्रवासी होना पड़ेगा। बड़े बुजुर्गों की सलाह से कार्य बनेंगे। पद प्रतिष्ठा की वृद्धि, राहु का जप करें।

कुम्भ

जनवरी- स्वजनों से आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतें। शुभ कार्यं सम्पादित होंगे। व्यापारिक सफलताएं, मानसिक चिन्ताएं प्रबल होगी। दैनिक क्रियायें अव्यवस्थित होंगी। रोजी-रोजगार व्यापार में रुकावट, अधिक भय से अल्प लाभ जिससे मन खिन्न रहेगा।
फरवरी- कार्य क्षेत्र में प्रगति का अनुभव करेंगे। आकस्मिक अन्न द्रव्य का लाभ, सांसारिक भोग-विलासिता में रुचि की वृद्धि। विरोधियों का शमन होगा। भाग्योदय होगा, उन्नति के द्वार खुलेंगे। क्रोध जोश की वृद्धि होगी। स्त्री पक्ष से मतभेद की स्थिति बनेगी। यश बढ़ेगा।
मार्च- पारिवारिक सदस्यों में परस्पर सहयोग की भावना रहेगी। आपको अपनी की गई गलतियों का परिणाम भुगतना पड़ेगा। दाम्पत्य जीवन सुखमय बीतेगा। सत्पुरुष से मेल जोल बढ़ेगा, जिससे उन्नति के मार्ग खुलेंगे। नौकरी व व्यवसाय में पदोन्नति, आर्थिक तंगी रहेगी।
अप्रैल- इस माह साहस एवं पराक्रम के द्वारा कठिन कार्यों में सफलता प्राप्त करेंगे। आध्यात्मिक ज्ञान का विकास होगा। गलतियों में सुधार करना आपके लिये लाभदायक होगा। धन संपत्ति के विवाद में विजय प्राप्त करेंगे। व्यापार पर ध्यान दें। क्रोध पर नियंत्रण रखें।
मई- नवीन व्यापार की शुरुआत होगी। अपने प्रयत्नों के द्वारा आप सफल होंगे। नौकरी में उन्नति के योग है। सहयोगियों से सहयोग मिलेगा। रोग, ऋण, शत्रु का शमन होगा। प्रबल बाधा का अन्त होगा। पारिवारिक उत्तरदायित्व की वृद्धि, भय, संशय आदि से बचते हुए आवश्यक कृत्यों का निर्वाह करें।
जून- सभी विपत्ति बाधाओं का निवारण होगा। धर्म कार्यों में आस्था, साहस व पराक्रम में वृद्धि, शारीरिक सुख, सन्तान पर अधिक व्यय होगा। अनावश्यक खर्चों में वृद्धि, पठन-पाठन में रुचि की वृद्धि होगी। माह के उत्तराद्र्ध में कुटुम्बियों से झगड़ा। रोजगार में विघ्न, स्थान परिवर्तन होगा, नये पद की प्राप्ति होगी। विवाद से बचें।
जुलाई- गुरुजनों का सहयोग आपके लिये शुभ है। सुख का अहसास होगा। नये-नये शुभ समाचार प्राप्त होंगे। मन प्रसन्न रहेगा। मित्रों से वाद-विवाद, बौद्धिक विकास, कार्य क्षेत्र का विकास, धन की वृद्धि, यात्रा से सुख की प्राप्ति। वाहन दुर्घटना से सावधान रहें।
अगस्त- विभिन्न परिस्थितियों में सुधार, आमोद-प्रमोद के साधन बढ़ेंगे, श्रेष्ठजनों का परामर्श लाभप्रद होगा। भावुकता पर नियंत्रण रखें। व्यापार में उतार-चढ़ाव रहेगा। अकारण वाद-विवाद उत्पन्न होगा। आर्थिक समस्याओं का समाधान होगा। धार्मिक कार्यों का सम्पादन होगा।
सितम्बर- मान-सम्मान एवं पद-प्रतिष्ठा  की वृद्धि, महत्वपूर्ण कार्यों का सम्पादन करेंगे। स्वार्थी लोगों से बचकर रहें। व्यापार में कुछ परिवर्तन होगा। लाभ की आशा अधिक है। व्यापार पर ध्यान केन्द्रित करें। व्यापार में कुछ परिवर्तन होंगे। वाहन भावनादि का सुख मिलेगा।
अक्टूबर- इस माह पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। आरोग्य सुख सम्मान की वृद्धि, व्यापार में धीमी गति से प्रगति होगी। बुद्धि विवेक प्रतिभा का विकास होगा। नौकरी में पदोन्नति सुखद, यात्रायें करनी पड़ सकती है। आय से व्यय अधिक, मन अशान्त रहेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें।
नवम्बर- आपके विचारों में नई चेतना का विकास होगा। मन प्रसन्न रहेगा। व्यापार में सफलता की प्राप्ति होगी। निकटवर्ती संबंधी व मित्रों से मन मुटाव क्रोधावेश की वृद्धि होगी। परीक्षा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति होगी। मान-सम्मान, पद प्रतिष्ठा की वृद्धि, देवार्चन से विशेष लाभ। राहु का जप करें।
दिसम्बर- यह माह आपके लिये शुभाशुभ मिश्र फलकारक है। भोजन शयनादि का उत्तम सुख प्राप्त होगा। उत्तराद्र्ध में आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। व्यापार में उन्नति, प्रतिष्ठा की वृद्धि। वाणी में कठोरता से बने काम बिगड़ेंगे। पारिवारिक व मानसिक क्लेश, गुरु और राहु का जप करायें। यात्रा में सुख। मान-सम्मान पद प्रतिष्ठा की वृद्धि होगी।

मीन

जनवरी- यह माह शुभ है, पारिवारिकजनों का सहयोग प्राप्त होगा। विद्याध्ययन में श्रमानुकूल सफलता प्राप्त होगी। व्यापार में लाभ मिलेगा। धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। वाद-विवाद एवं झगड़े झंझटों से बचने का प्रयास करें। कार्य शैली में बदलाव। प्रतिष्ठा कमजोर होगी।
फरवरी- रोजी-रोजगार व्यापार में अल्प लाभ, सत्परामर्श से लाभ, शुभ कार्यों में सफलता प्राप्त करेंगे। अधीनस्थ लोगों से सामंजस्य बनाये रखें। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। अधिकारियों से संबंध उत्तम बनेंगे। क्रोध पर संयम रखें लाभ होगा। उत्तम भोजन का अवसर प्राप्त होगा।
मार्च- पारिवारिक सुख मध्यम, सन्तान का सुख व सहयोग, सामाजिक, राजनैतिक सम्पर्क का प्रभाव व लाभ मिलेगा। पहले से चल रही व्यापारिक योजनायें सफल होगी। नौकरी पेशा वालों के लिए यह माह शुभ है। साहस व पराक्रम की वृद्धि व धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
अप्रैल- मासारम्भ में सुख साधनों की उपलब्धता में वृद्धि होगी। स्त्री पक्ष कुछ कमजोर रहेगा। राजकीय सहायता प्राप्त होगी। व्यापार उद्योग धन्धों में प्रगति। अन्न धन नये वस्त्र आदि का लाभ होगा। यात्रा में कष्ट संभव है।
मई- मासारम्भ में सुख शान्ति नियमित, आमदनी की वृद्धि का मार्ग प्रशस्त, दूसरों की भलाई-बुराई से आपको क्या लेना-देना है। आलोचनात्मक संबंधों से दूर हो जायें, यह आपके लिये हितकर होगा। विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम से सफलता मिलेगी। अत: बजरंग बली जी के दर्शन करें। लाभ मिलेगा।
जून- धार्मिक यात्रायें करेंगे जो कि मन को अत्याधिक प्रसन्न रखेगी। खर्च की अधिकता से व्यापार का सन्तुलन बिगड़ेगा। धन की कमी महसूस करेंगे। साहित्य संगीत से आनंद का अनुभव करेंगे। इष्ट मित्रों से लाभ प्राप्त होगा। रिश्तेदारों से नजदीकियां बढ़ेगी। स्त्री व संतान सुख मिलेगा। धर्म के प्रति रुचि बढ़ेगी। व्यापारिक स्थितियां सुधरती मिलेगी।
जुलाई- इस माह वैचारिक शक्ति की परिपक्वता से बिगड़े काम बनेंगे। सहयोगियों से वाद-विवाद, भाइयों से असहयोग, शत्रुओं का भय, व्यापार में साधारण लाभ, धर्म परोपकार में वृद्धि के योग है। मन प्रसन्न रहेगा। धन हानि की संभावना है।
अगस्त- विवादास्पद मामलों में विजयी होंगे। शुभ कार्यों का सम्पादन होगा। व्यापार में उतार-चढ़ाव वाली स्थिति, आमोद-प्रमोद के साधन बने रहेंगे। अनावश्यक खर्चों में वृद्धि, आर्थिक समस्याओं का निवारण होगा। मन शान्त व प्रसन्नचित्त रहेगा। यात्रा कष्ट संभव है।
सितम्बर- कार्य क्षेत्र में सफलता मिलेगी। परीक्षा प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। शत्रुओं की वृद्धि होगी।  कौशल से विजय प्राप्त करेंगे। माता पक्ष से विशेष लाभ होगा। तीर्थयात्रा के अवसर प्राप्त होंगे। मन प्रसन्न रहेगा। धनलाभ पारिवारिक सुख उत्तम रहेगा।
अक्टूबर- यह माह  आय व्यय के मामले में सामान्य है। खान-पान भी ठीक रहेगा। रोग व्याधियां नियंत्रण में रहेगी। धन संचय, परिवार सुख, भोजन, शयन की व्यवस्था उत्तम रहेगी। शरीर में नई चेतना का विकास होगा।
नवम्बर- इस माह बुद्धि को स्थिर रखें तो लाभ होगा। अधिकारियों से संबंध बनाये रखें। वैसे इष्ट मित्रों व रिश्तेदारों से लाभ की आशा कर सकते हैं। संकल्प लिए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। उन्नति के मार्ग खुलेंगे। रोजी-रोजगारों में उन्नति होगी। जायदाद में विवाद संभव है।
दिसम्बर- नेतृत्व शक्ति का विकास होगा। गृहस्थ सुख सुविधाओं की पूर्ति होगी। व्यापारिक उन्नति की पूर्ति होगी। भाग्योन्नति के मार्ग खुलेंगे। साज-सज्जा के कार्यों में इस माह आपका अत्यधिक समय व्यतीत होगा। रोगों, कष्टों से मुक्ति मिलेगी। भौतिक सुख सुविधा मिलेगी। भोजन में असुविधा, अशुभ कार्यों में झुकाव होगा। घर का सुख मिलेगा। (विनायक फीचर्स)

 

Operation Save Cow… सहारनपुर में 4 गोतस्करों के पुलिस ने पैर में मारी गोली, अब तक 7 अरेस्ट

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में गौवंशो की हत्याओं के मामले बढ़ गए हैं. इसको देखते हुए पुलिस ने गौवंशों की हत्या करने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है. पुलिस ने इस अभियान का नाम ऑपरेशन Save Cow है. इस ऑपरेशन Save Cow के तहत जिले के तीन अलग-अलग थानों में पुलिस ने 4 शातिर गोतस्करों के पैर में गोली मार कर घायल कर दिया है. बीते 36 घंटों में इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने अब तक 7 गोतस्करों को गिरफ्तार किया गया है.

सहारनपुर जिले के चिलकाना, फतेहपुर और कोतवाली देहात इलाके में हाल ही के दिनों में गौवंशो की हत्या की कई घटनाएं सामने आई थीं. इसके बाद हिन्दू संगठनों में गौवंशो की हत्याओं को लेकर उबाल देखने को मिला. बजरंगदल और विहिप से जुड़े नेताओ ने एसएसपी डॉक्टर विपिन ताड़ा से मिलकर इन घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की थी. शातिर गौकशो के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग भी की गई.

गौ तस्करों को सिखाया जाएगा सबक

खुद सहारनपुर के एसएसपी डॉक्टर विपिन ताड़ा ने गौकशी की घटनाओं को लेकर सम्बंधित थाना क्षेत्रों से नाराज दिखे थे. उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को गौवंशो की हत्या करने वालो को कड़ा सबक सिखाने के आदेश दिए थे. एसएसपी के सख्त आदेशों के बाद जिले में सक्रिय गौ तस्करों पर पुलिस ने लगाम लगाने के लिए ऑपरेशन Save Cow शुरू किया.

पुलिस ने गौ तस्करों के पैर में मारी गोली

इसी ऑपरेशन के तहत पुलिस ने बीते 36 घंटों में हुई तीन अलग-अलग मुठभेड़ में 7 शातिर गौकशो को गिरफ्तार किया गया. इन 7 शातिर गौकशो में से 3 गौ तस्कर बुरहान, अरशद नदीम ओर रिजवान उर्फ चना पुलिस की गोली लगने से घायल हुए हैं.

अन्य आरोपियों को भी किया जाएगा गिरफ्तार

सहारनपुर के एसएसपी डॉ विपिन ताड़ा ने बताया कि गायों की तस्करी की घटनाओं में शामिल किसी भी शख्स को छोड़ा नहीं जाएगा. उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने कहा कि इन लोगों के अलावा अभी कुछ और भी नाम सामने आए हैं. इनको भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा. गौ हत्याओं पर रोक लगाने में विफल पुलिसकर्मियों पर भी एक्शन लिया जाएगा.

  ( sabhaar tv9 bharatvarsh )