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उत्तर प्रदेश सरकार ने पंडित दीनदयाल पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय और गौ-अनुसंधान संस्थान को दिया 3 करोड़ की राशि

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद मथुरा स्थित पंडित दीनदयाल पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय और गौ-अनुसंधान संस्थान के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में पंचम किश्त के रूप में तीन करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है. स्वीकृत धनराशि का व्यय विश्वविद्यालय के सुनियोजित और सुव्यवस्थित संचालन में किया जायेगा.

पशुधन विभाग द्वारा इस संबंध में आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए कुलपति, उत्तर प्रदेश पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय अनुसंधान संस्थान, को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

आदेश में कहा गया है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि का व्यय अनुमोदित कार्य योजना और मदों में योजना के लिए निर्धारण गाइडलाइंस का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाए.

भारत संकल्प यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं की सम्पूर्ण जानकारी व लाभ मिले -पुष्कर सिंह धामी

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13 जनवरी 2024,देहरादून मुख्यमंत्री ने विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत जनपद टिहरी गढवाल की महिला लाभार्थियों से किया संवाद 
मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान उत्साहित नजर आई महिला लाभार्थी
देहरादून, 12जनवरी, शुक्रवार मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत जनपद टिहरी गढवाल की महिला लाभार्थियों से मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संवाद स्थापित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 10 महिला लाभार्थियों से संवाद कर उनके विचार भी जाने। सभी ने उन्हें मिली सुविधाओं के प्रति प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। सभी लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से वे स्वयं तो लाभान्वित हुई ही हैं औरों को भी स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करने का भी कार्य कर रही है। इससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में समाज के प्रत्येक वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई गई और उनका लाभ समाज के अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है और यही विकसित भारत संकल्प यात्रा का मुख्य उद्देश्य भी है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का पूरा लाभ मिले। सरकार की योजनाओं की व्यापक जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिये राज्य की सभी ग्राम पंचायतों तक विकसित भारत संकल्प यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संबंधित विभागों द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को आम जन तक पहुचाने के लिए शिविरों के आयोजन और व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके, इसके लिए उन्होंने विभिन्न योजनाओं का लाभ ले चुके लोगों को भी अन्य लोगों को इन योजनाओं की जानकारी देने का आह्वाहन किया। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि विभिन्न पात्र लोगों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके, इसके लिए योजनाओं के व्यापक प्रचार पर और अधिक ध्यान दिया जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति द्वारा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये जा रहे अनेक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। हमें उत्पादों की पैकेजिंग और मार्केटिंग की दिशा में और कार्य करने होंगे।
मुख्यमंत्री को उत्पादन, समूह से जुड़ी महिलाओं ने विक्रय, आय आदि के संबंध में जानकारी दी। आपसी संवाद के मध्य मुख्यमंत्री ने सभी महिला समूहों को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निरंतर समूहों की मॉनिटरिंग करने तथा उनके उत्पादन को आगे बढ़ाने हेतु उनसे सुझाव लेकर उन्हें आवश्यक सहायता करने के भी निर्देश दिये।
आपसी संवाद के अवसर पर मनरेगा लाभान्वित संगीता रावत, ग्राम मन्दार विकासखण्ड जाखणीधार ने बताया कि उनके स्वंय सहायता समूह के 07 सदस्यों के द्वारा मन्दार में बैकरी संचालित की जा रही है,
जिसमें उत्पादन, मैनेजमेंट एवं सप्लाई का काम किया जा रहा है। इसके अतरिक्त वे दुग्ध डेयरी, इंटरलॉक्स टाईल्स निर्माण यूनिट में टाइल्स बनाने का काम रहे है, उनकी सम्पूर्ण कार्यों से 10 से 15 लाख तक सालाना आय होती है।
ग्राम छोटा स्यूटा की सीमा भण्डारी ने बताया कि उन्हें मनरेगा से फार्म मशीनरी बैंक एवं कॉमन वर्क शैड मिला है। आउटलेट में 10 लोग जुड़े है उनका वार्षिक टर्नऑवर 05 लाख है तथा प्रत्येक सदस्य 08 से 10 हजार कमा लेते हैं। ग्राम तिवाड़गांव थौलधार की उषा पंवार ने बताया कि वे कृषि एवं होमस्टे का काम कर रहे है। उन्हें कृषि विभाग से फार्म मशीनरी बैंक से वित्तीय सहायता मिली है। समूह से 05 सदस्य जुड़े है, इसके साथ ही बैंक सखी का काम भी कर रही है।
अंजनी देवी ग्राम पाली चम्बा ने बताया कि उनके द्वारा पीएम आवास योजना,आयुष्मान कार्ड व बीपीएल कार्ड का लाभ लिया गया है, पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन, स्पोन्सरशिप योजना तथा मुख्यमंत्री वात्सलय योजना से लाभान्वित पूजा एवं आरती ने बताया कि वे कक्षा 09 एवं 08 की छात्राएं तथा इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
पीकेवीवाई/मिलेट मिशन योजना से लाभान्वित शोभना देवी ग्राम किन्सू विकासखण्ड जौनपुर ने बताया कि उन्होंने कृषि विभाग, मनरेगा से वर्मी कम्पोस्ट, घेरबाड़, यंत्र आदि का लाभ लिया है। इसके साथ जैविक आउटलेट चला रही हैं, जिसमें मंडवा, झंगौरा, राजमा व तौर की दाल आदि रखा गया है। उनके द्वारा 113 का सीसीएल भी कराया है, समूह की सलाना आय 05 लाख है। उनके द्वारा जी-20 में भी प्रतिनिधित्व किया गया। ग्राम अलेरू छाम थौलधार की श्रीमती सुशीला देवी ने बताया कि उन्हें अटल आयुष्मान योजना के तहत बीमारी के दौरान दून अस्पताल में निःशुल्क इलाज की सुविधा प्राप्त हुई है !
आपसी संवाद के दौरान मुस्लिम मुहल्ला बौराडी नई टिहरी की श्रीमती रहीशा ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 02 लाख की वित्तीय सहायता से पक्का मकान प्राप्त हुआ है।
ग्राम किन्सू टिहरी की श्रीमती सुषमा देवी ने बताया कि उन्हें दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के तहत शून्य ब्याज पर 01 लाख की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई।
ग्राम दुगली की श्रीमती संगीता डबराल ने बताया कि आटा चक्की एवं लघु संग्रहण केंद्र के माध्यम से वे स्वयं स्वरोजगार के साथ औरों को भी प्रेरित कर रही है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने वर्चुअली मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत जनपद टिहरी की सभी ग्राम पंचायते कवर हो चुकी हैं। जनपद की महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान बढ़-चढ़कर भाग लिया गया।
इस अवसर पर अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, आनन्द स्वरूप तथा वर्चुअल माध्यम से जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने नवी मुंबई में अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु का उद्घाटन किया

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लगभग 17,840 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, अटल सेतु भारत का सबसे लंबा पुल और देश का सबसे लंबा समुद्री पुल भी है
Delhi प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नवी मुंबई में आज अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु का उद्घाटन किया। श्री मोदी ने फोटो गैलरी और अटल सेतु के प्रदर्शित मॉडल का अवलोकन किया।

एमटीएचएल अटल सेतु का निर्माण 17,840 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है और यह लगभग 21.8 किमी लंबा 6-लेन का पुल है, जिसकी लंबाई समुद्र के ऊपर लगभग 16.5 किमी और जमीन पर लगभग 5.5 किमी है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

“अटल सेतु का उद्घाटन करते हुए खुशी हो रही है, जो हमारे नागरिकों के लिए जीवन की सुगमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पुल यात्रा के समय को कम करने और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने का वादा करता है, जिससे दैनिक आवागमन आसान हो जाएगा।”

प्रधानमंत्री के साथ महाराष्ट्र के राज्यपाल, श्री रमेश बैस, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, श्री एकनाथ शिंदे और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री, श्री देवेन्द्र फड़नवीस और श्री अजीत पवार भी थे।

अटल बिहारी वाजपेई सेवरी – न्हावा शेवा अटल सेतु

प्रधानमंत्री की कल्‍पना शहरी परिवहन बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करके नागरिकों की ‘आवाजाही आसान बनाकर’ सुधार करना है। इस कल्‍पना के अनुरूप, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (एमटीएचएल), जिसे अब ‘अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु’ नाम दिया गया है, बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने दिसम्‍बर 2016 में पुल की आधारशिला रखी थी।

अटल सेतु का निर्माण कुल 17,840 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है। यह लगभग 21.8 किमी लंबा 6-लेन का पुल है जिसकी लंबाई समुद्र पर लगभग 16.5 किमी और भूमि पर लगभग 5.5 किमी है। यह भारत का सबसे लंबा और सबसे लंबा समुद्री पुल भी है। यह मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और मुंबई से पुणे, गोवा और दक्षिण भारत की यात्रा के समय को भी कम करेगा। इससे मुंबई बंदरगाह और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह के बीच कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।

चकिया और नौगढ़ पुलिस ने 3 गौ तस्करों को किया गिरफ्तार

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चंदौली जिले में पुलिस द्वारा पशु तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में पशु तस्करों की गिरफ्तारी की जा रही है। इसी क्रम में चकिया पुलिस टीम ने मूसाखाड़ बन्धी के पास से एक पशु तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। वही नौगढ़ पुलिस टीम द्वारा जमसोती जंगल के पास से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है । इन तस्करों द्वारा गोवंशो को वध हेतु बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।

बताते चलें कि नौगढ़ पुलिस टीम द्वारा जमासोती जंगल के पास से 10 गोवंशो को बरामद करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। जिनके विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

गौतस्करों ने की ग्रामीण पर फायरिंग, रामगढ़ से गायों को ले जाने में हुए कामयाब

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महुवा थाना अंतर्गत रामगढ़ से अज्ञात गौ तस्कर पिकअप में गायों को भरकर ले जाने में कामयाब हो गए। गायों को पिकअप में भरते समय गौतस्करों द्वारा रामगढ़ निवासी एक युवक पर फायरिंग भी कर दी।रामगढ़ निवासी उदय सिंह मीणा ने बताया कि वह बाड़े में सो रहा था। जहां रात्रि को वाहन में पशुओं को पटकने की आवाज आने पर बाहर गया तो चार-पांच गौतस्कर पिकअप में गायों को पटक रहे थे। जैसे ही वह पास जाने लगा तो गौतस्करों ने उसपर देसी कट्टे से फायरिंग कर दी। इस पर वह वापस आ गया। दोबारा देखने गया तो गौ तस्कर वहां नहीं मिले और एक गाय भी गायब मिली। इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को दी।

सूचना पर पहुंची महुवा पुलिस ने नाकाबंदी करवाई और अनेक जगह गौतस्करों को तलाशा, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। मामले को लेकर रामगढ़ निवासी उदयसिंह ने महुवा थाने में मामला दर्ज करवा दिया। पुलिस ने गौतस्करों द्वारा किए गए फायर का खोल बरामद कर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जानकारी मिलने पर रामगढ़ सरपंच पिंटू मीणा सहित अन्य ग्रामीण सुबह महुवा थाने पहुंचे और थानाधिकारी जितेन्द्र सिंह सोलंकी को मामले की जानकारी दी।

उत्तराखण्ड समर्पण की है भूमि इस धरा ने सदैव हमें प्रेरणा देने वाले व्यक्तित्व दिए हैं-पुष्कर सिंह धामी

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उत्तराखण्ड समर्पण की है भूमि.. इस धरा ने सदैव हमें प्रेरणा देने वाले व्यक्तित्व दिए हैं..
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

संजय बलोदी प्रखर
मीडिया समन्वयक उत्तराखण्ड प्रदेश

 

देहरादून, 12जनवरी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में मरणोपरांत ‘तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहस पुरस्कार-2022’ से सम्मानित देवभूमि उत्तराखण्ड की बेटी पर्वतारोही स्व0 सविता कंसवाल के पिताजी राधेश्याम कंसवाल ने सपरिवार भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड समर्पण की भूमि है और इस धरा ने सदैव हमें प्रेरणा देने वाले व्यक्तित्व दिए हैं। साधारण से परिवार में जन्मी स्व0 सविता कंसवाल और उनका पूरा परिवार भी इस गौरवमयी यात्रा के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि उत्तराखण्ड की बेटी को साहस, दृढ़ संकल्प के लिए राष्ट्रीय गौरव स्वरूप राष्ट्रीय साहस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित ही स्व0 सविता कंसवाल प्रदेश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणापुंज के रूप में बनी रहेंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नासिक में 27वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का किया उद्घाटन

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नासिक। भारत के आदर्श महापुरुष स्वामी विवेकानंद जी की 161वीं जयंती के शुभ अवसर मनाये जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 27वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव 2024 का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। 12 जनवरी से 16 जनवरी तक कुंभ नगरी नासिक में 27वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री, रोड शो के माध्यम से आयोजन स्थल (तपोवन मैदान) पर पहुँचे। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में 1 लाख से भी ज्यादा लोग शामिल हुए।
देश भर से आये हज़ारों युवाओं के इस महाकुंभ के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “आज भारत की युवा शक्ति का दिन है। यह दिन उस महान आदमी को समर्पित है जिन्होंने गुलामी के दिनों में भारत को नई ऊर्जा से भर दिया।… स्वामी विवेकानंद की जन्म-जयंती पर यहाँ होकर मुझे खुशी है… राष्ट्रीय युवा दिवस पर मेरी शुभकामनाएं। आज राजमाता जीजा बाई की जयंती है, जो भारत में ‘नारी शक्ति’ का प्रतीक है। आज के भारत के युवा मानते हैं कि ‘विकास और प्रबलता’ दोनों हासिल करना है। मुझे इस पीढ़ी के युवा में विश्वास है क्योंकि देश के युवा आत्मसमर्पण करने को तैयार नहीं है। मेरा मानना है कि युवा, भारत को नए ऊचाइयों तक पहुंचाएगा। मैं आज के युवा को भारत की सबसे भाग्यशाली पीढ़ी मानता हूँ, जिनके हाथ में अपनी पहचान बनाने का सुनहरा अवसर है। भारत दुनिया का विनिर्माण हब बन रहा है, इसका श्रेय देश के युवाओं को जाता है।

उद्घाटन समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री एकनाथ संभाजी शिंदे, केंद्रीय खेल व युवा मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. भारती पवार, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, महाराष्ट्र के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता सरंक्षण मंत्री छगन भुजबल, महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखें-पाटिल, पंचायत राज व ग्रामीण विकास मंत्री दादाजी भूसे, महाराष्ट्र के खेल व युवा मामलों के मंत्री संजय बँसोड़े, महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य चंद्रशेखर बावनकूले व तमाम लोकसभा सांसद और विधायक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानन्द के संदेश को दोहराया, “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए।
इस पांच दिवसीय उत्सव में देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के कलाकार भाग ले रहें है। इसमें नृत्य, गायन, भाषण, फोटोग्राफी, पोस्टर मेकिंग, कहानी लिखना, सुविचार, युवा कृति, साहसिक गतिविधियां शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के साथ-साथ महाराष्ट्र राज्य के उभरते कलाकारों, उद्यमियों और शोधकर्ताओं के लिए महाराष्ट्र युवा एक्सपो के माध्यम से एक विशेष मंच प्रदान किया गया है।

रुस्तमजी ग्रुप ने बांद्रा पूर्व में लॉन्च किया अपना नया प्रोजेक्ट ‘रुस्तमजी स्टेला’

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बांद्रा पूर्व में कंपनी का छठा प्रोजेक्टअपनी मौजूदगी को किया और मजबूत
मुंबई, 12 जनवरी, 2024- मुंबई के अग्रणी और प्रसिद्ध रियल एस्टेट डेवलपर्स में से एक रुस्तमजी ग्रुप ने आज मुंबई के बांद्रा पूर्व इलाके में अपना नया प्रोजेक्ट रुस्तमजी स्टेला’ को लॉन्च करने की घोषणा की। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य एक बेहतर और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देना हैजहां रहने वाले लोग शहरी जीवन को अपना सकें और साथ ही काम तक पहुंच बढ़ा सकें। इस प्रोजेक्ट में 2 बीएचके और 3 बीएचके अपार्टमेंट बनाए जाएंगेजिनका कार्पेट एरिया 679 वर्ग फुट से 942 वर्ग फुट तक होगा। पुनर्विकास कंपनी के लिए एक मजबूत फोकस क्षेत्र बना हुआ हैऔर यह बांद्रा पूर्व में पुनर्विकास के लिए शुरू की गई कंपनी की छठी परियोजना है।
कंपनी की योजना हरेक तिमाही में एक प्रोजेक्ट लॉन्च करने की है और इस वित्त वर्ष में रुस्तमजी पहले ही 2250 करोड़ रुपए की जीडीवी वाली 4 परियोजनाएं लॉन्च कर चुके हैं। वित्त वर्ष 24 के लिएकंपनी ने 5100 करोड़. रुपए की अनुमानित जीडीवी के साथ कुल 5 प्रोजेक्ट और जोड़े हैं। कुल मिलाकर 34 पूरे प्रोजेक्ट के साथ कंपनी अब तक लगभग 1,400 परिवारों को आशियाना उपलब्ध करा चुकी है।
रुस्तमजी स्टेला प्रोजेक्ट को मध्य-शताब्दी की आधुनिक शैली के कॉन्सेप्ट के साथ डिजाइन किया गया हैजो खुली हरी जगहकुदरती खूबसूरती और सरल पैटर्न पर ध्यान केंद्रित करता है। इस तरह यह प्रोजेक्ट दूसरे प्रोजेक्ट की तुलना में अलग ही नजर आता है। अपार्टमेंट इस तरह डिजाइन किए गए हैंजो इनमें रहने वाले लोगों के लिए अधिक आरामदेह और उपयोगी साबित होंगे। साथ हीसभी अपार्टमेंट में काम करने के लिए पर्याप्ट स्थानगोपनीयताअधिकतम प्राकृतिक वेंटिलेशन और प्रकाश व्यवस्था प्रदान करने का भी पूरा ध्यान रखा गया है।
इस प्रोजेक्ट में सुविधाएं तीन स्तरों पर विस्तृत की गई हैं। भूतल पर बच्चों के खेलने का क्षेत्रकई हरे पॉकेट और साथ ही यहां रॉक क्लाइंबिंग वॉल भी होगी। पहली मंजिल पर जिम्नेजियमइनडोर गेम और पार्टी एरिया जैसी सुविधाएं भी होंगी। इसके अतिरिक्तछत पर 5 जोन में वर्गीकृत 25 से अधिक सुविधाएं होंगी- स्पोर्ट्सइवेंट्सवरिष्ठ नागरिक क्षेत्रथिएटर और मल्टीपरपज जोन। इनमें एक हर्ब गार्डनयोग डेकआकाश वेधशालाएम्फीथिएटर सिटिंगलुकआउट बारमल्टीपरपज कोर्ट और अन्य बहुत कुछ शामिल हैं।
रुस्तमजी ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री बोमन ईरानी ने कहा, ‘‘बीकेसी और उसके आसपास के इलाके एक प्रीमियम आवासीय केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। इसका कारण यह है कि यहां आसपास बड़ी संख्या में कॉमर्शियल सेंटर हैंसाथ ही इस इलाके में महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान भी संचालित किए जा रहे हैं और यह इलाका एक अच्छी तरह से स्थापित मॉडर्न सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर के करीब है। इस तरह आने जाने में लगने वाले समय की बचत होती है और साथ ही मुंबई के केंद्र में रहने का अनूठा अवसर भी मिलता है। खेरनगर ऐसा ही एक इलाका हैऔर रुस्तमजी स्टेला के लॉन्च की घोषणा करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है। रुस्तमजी में हम खरीदारों को अनेक विकल्प प्रदान कर रहे हैंताकि वे अपनी पसंदीदा लोकेशन का चुनाव कर सकें। इस प्रोजेक्ट के साथ हम खेरनगर के परिदृश्य को बदलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। रुस्तमजी स्टेला में रहने वाले लोगों को हम उच्च-स्तरीय सुविधा के साथ बेहतर जीवन की सुविधा प्रदान करेंगे।’’
रणनीतिक रूप से खेरनगर में स्थितबांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के करीब होने के कारणनिवासी आसानी से शहर के सभी हिस्सों में आवागमन कर सकते हैं। रुस्तमजी स्टेला उन घर खरीदारों के लिए एक स्मार्ट अपग्रेड है जो एक संतुलित जीवन शैली की विशेषता वाली उच्च जीवनशैली की तलाश में हैं। यह न केवल उन्नत कनेक्टिविटी के साथ आधुनिक सुविधाएं प्रदान करता हैबल्कि लोगों का समय भी बचाता है और उनकी बेहतरी की चिंता भी करता है।
रुस्तमजी स्टेला बांद्रा के माइक्रोमार्केट में कंपनी का छठा प्रोजेक्ट है। कलानगर में स्थित इसकी पहली दो आवासीय परियोजनाओंरुस्तमजी ओरियाना और रुस्तमजी सीज़न्स को घर खरीदारों की ओर से शानदार रेस्पॉन्स मिला है। इसके अतिरिक्तखेरनगर में स्थित रुस्तमजी एरिका 84 प्रतिशत बिक चुका है और वर्तमान में निर्माणाधीन है। यह 23 महीनों में सबसे तेजी से निर्मित प्रोजेक्ट में से एक है।

प्रगतिशील सांस्कृतिक आंदोलन और मुंबई’

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(सन्दर्भ : पुस्तक ‘रूदाद-ए-अंजुमन’)
13 जनवरी को मुंबई में
मुंबई। ‘जनवादी लेखक संघ’ की महाराष्ट्र यूनिट और ‘शोधावरी’ संयुक्त रूप से आगामी 13 जनवरी शनिवार को ‘प्रगतिशील सांस्कृतिक आंदोलन और मुंबई’ (सन्दर्भ : पुस्तक ‘रूदाद-ए-अंजुमन’) विषय पर एक वैचारिक गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में  कवि—आलोचक विजय कुमार,  प्रोफ़ेसर हूबनाथ पांडेय (मुंबई यूनीवर्सिटी), संस्कृतिकर्मी कामरेड सुबोध मोरे,  डॉ.अब्दुल्लाह इम्तियाज़ (हेड ऑफ़ द डिपार्टमेंट उर्दू, मुंबई यूनीवर्सिटी),
ऊर्दू लेखक वक़ार क़ादरी,  रमन मिश्र (परिदृश्य प्रकाशन), वरिष्ठ पत्रकार विमल मिश्र, लेखक—आलोचक ज़ाहिद ख़ान और मुख्तार खान इस विषय पर अपनी बात रखेंगे।
 यह वैचारिक गोष्ठी ‘जे.पी.नाइक भवन सभागृह विद्यानगरी परिसर’, मुंबई विश्वविद्यालय में सुबह 11 बजे से आयोजित होगी।
    मुंबई, ‘प्रगतिशील सांस्कृतिक आंदोलन’ का हमेशा मरकज़ रहा है।  मुंबई ही से जहां ‘भारतीय जन नाट्य संघ’ यानी इप्टा का 25 मई 1943 को आग़ाज़ हुआ, तो प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रव्यापी विस्तार में भी मुंबई से जुड़े अदीबों, शायरों और कलाकारों का अहम योगदान है।
 साल 1946—47 में ‘अंजुमन तरक़्क़ीपसंद मुसन्निफ़ीन’ ( प्रगति शील लेखक संघ) की मुंबई शाख़ बेहद सक्रिय थी।
 उसके जलसे बड़ी पाबंदी से अंजुमन के किसी न किसी सदस्य के घर पर हफ़्तावार आयोजित हुआ करते थे। हमीद अख़्तर, अंजुमन के सेक्रेटरी की हैसियत से उन जलसों की बाक़येदा रिपोर्ट लिखकर, मुंबई के हफ़्तावार अख़बार ‘निज़ाम’ में पाबंदी से प्रकाशित किया कराते थे। यह तरक़्क़ीपसंद तहरीक प्रोग्रेसिव मूमेंट  के उरूज का ज़माना था। और इस तहरीक से मुताल्लिक़ तक़रीबन सभी बड़े नाम सज्जाद ज़हीर, अली सरदार जाफ़री, मजरूह सुल्तानपुरी, कृश्न चंदर, जोश मलीहाबादी, सआदत हसन मंटो, ख़्वाजा अहमद अब्बास, अख़्तर-उल-ईमान, विश्वामित्र ‘आदिल’, इस्मत चुग़ताई, सुल्ताना बेगम, मजाज़, कैफ़ी आज़मी, मीराजी, साहिर लुधियानवी, प्रेम धवन, मधुसूदन और ज़ोए अंसारी इसके अलावा बाद के दिनों में अज़ीज़ क़ैसी, इनायत अख्तर और भी कई बड़े नाम उस वक़्त मुंबई में मौजूद थे। वे इन हफ़्तावार अदबी जलसों में शरीक  होते थे।
1946-47 का ज़माना तरक़्क़ीपसंद तहरीक के लिए इस लिहाज़ से भी अहम था कि उस ज़माने में देश में आज़ादी की लहर चारों ओर थी। तरक़्क़ीपसंद तहरीक से जुड़े सभी अदीब, आज़ादी की इस जद्दोजहद का एक इंतिहाई सरगर्म हिस्सा थे। लिहाज़ा इन जलसों की रूदाद और उसके रिकार्ड की यक़ीनन तारीख़ी हैसियत है।
1946-47 के डेढ़ बरसों में ‘अंजुमन तरक़्क़ीपसंद मुसन्निफ़ीन’   ‘प्रगतिशील लेखक संघ’ की मुंबई शाख़ ने जो हफ़्तावार जलसे किये, उनकी रूदाद (रिपोर्ताज़) किताब ‘रूदाद-ए-अंजुमन’ में मौजूद है। इसी महत्वपूर्ण किताब को केन्द्र में रखकर, इस विचारगोष्ठी का आयोजन ‘जनवादी लेखक संघ’ और ‘शोधावरी’ (मुंबई यूनीवर्सिटी की शोध पत्रिका) संयुक्त रूप से कर रहे हैं।
इस  विचारगोष्ठी का उद्देश्य प्रगतिशील सांस्कृतिक आंदोलन में मुंबई के योगदान को रेखांकित करना है। इस मौक़े पर ‘रूदाद—ए—अंजुमन’ (हिंदी एडिशन) और ‘तरक़्क़ीपसंद तहरीक के हमसफ़र’ (उर्दू एडिशन) का भी लोकार्पण किया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़ी अहम शख़्सियात पर केन्द्रित ‘तरक़्क़ीपसंद तहरीक के हमसफ़र’ का हाल ही में उर्दू अनुवाद आया है। जिसके अनुवादक हनीफ़ अव्वल (भोपाल) हैं।  यह किताब ‘किताबी दुनिया’, नई दिल्ली ने प्रकाशित की है।
आप सभी से निवेदन है कि  13 जनवरी को  मुंबई यूनिवर्सिटी में होने जा रहे इस कार्यक्रम में आप ज़रूर उपस्थित रहें ।

भगवान श्रीकृष्ण भी गाय की सेवा करके गोपाल, गोविन्द आदि नामों से पुकारे गये

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गाय को माता माना जाता है, आखिर क्‍यों?
भगवान श्रीकृष्ण भी गाय की सेवा करके गोपाल, गोविन्द आदि नामों से पुकारे गये। जब तक गौ आधारित स्वावलंबी खेती होती रही तब तक भारत विकसित धनवान राष्ट्र रहा। आज हम अहिंसाधाम के माध्यम से पुनः भारत विकसित धनवान राष्ट्र बने उसी दिशा की तरफ काम कर रहे है।

गाय को भारत में मां की तरह पूजा जाता है। गाय के दूध के पोषण के अलावा भी इसके कई सारे कारण हैं – गाय में मानवी भावनाएं होती हैं और आत्मा के विकास की प्रक्रिया में यह इंसानों के करीब है…

गाय को भारत में मां की तरह पूजा जाता है। गाय के दूध के पोषण के अलावा भी इसके कई सारे कारण हैं – गाय में मानवीय भावनाएं होती हैं और आत्मा के विकास की प्रक्रिया में यह इंसानों के करीब है…

मानवता के इतिहास में भोजन कभी इतना व्यवस्थित नहीं रहा जितना कि आज है। आज हालत यह है कि अगर आपके पास पैसा है तो आप एक स्टोर में जाइए और साल भर की खाने की चीजें खरीद लीजिए। इस सामान को लेकर घर जाइए और आराम से रहिए।

अगर आप जीव हत्या करते हैं तो कम से कम इन दो जानवरों की हत्या करने से तो आपको बचना ही चाहिए, क्योंकि इन दोनों में इंसान बनने की पूरी संभावना छिपी है। इन्हें मारना किसी इंसान की हत्या करने जैसा ही है।
फिर साल भर तक खाने का सामान खरीदने के लिए आपको घर से बाहर निकलने की कोई जरूरत नहीं। आज से 25-30 साल पहले तक ऐसा संभव नहीं था। हजारों सालों के मानव- इतिहास में भोजन हमेशा से एक महत्वपूर्ण मसला रहा है। अब जाकर हमारा ध्यान भोजन के अलावा दूसरी चीजों की ओर जा रहा है, क्योंकि खानपान की चीजें इतनी व्यवस्थित हो गई हैं कि साल भर हर समय ये उपलब्ध हैं। जबकि पहले ऐसा नहीं था।

गाय का दूध पवित्र है
हर संस्कृति में, हर समाज में अकाल पडऩा सामान्य सी बात थी। हमारी संस्कृति में गावों में ऐसी मान्यता थी कि अगर आपके घर में गाय है तो अकाल की स्थिति में भी आपके बच्चे जीवित रहेंगे। सीधी सी बात थी कि अगर गाय नहीं है तो आपके बच्चे मर जाएंगे। जाहिर है, ऐसे में गाय मां के जैसी हो गई। जब हमारी मां हमें स्तनपान नहीं करा पाती थी और दूसरा भोजन हमें नहीं मिलता था तो गाय ही हमारे लिए मां की तरह होती थी। हम में से हर कोई किसी न किसी समय भोजन और पोषण के लिए गाय के दूध पर निर्भर रहा है। इसलिए गाय का दूध बहुत पवित्र बन गया, क्योंकि यह जीवन को पोषण देता है।

हर संस्कृति में, हर समाज में अकाल पडऩा सामान्य सी बात थी। हमारी संस्कृति में गावों में ऐसी मान्यता थी कि अगर आपके घर में गाय है तो अकाल की स्थिति में भी आपके बच्चे जीवित रहेंगे।
अपने बच्चे को पिलाने के बाद जो भी दूध बचता है, गाय हमें उसे लेने की इजाजत दे देती है, ऐसा हम मानते हैं। लेकिन वह हमें इजाजत दे या न दे, हम उसका दूध ले ही लेते हैं क्योंकि उस दूध से हमारा पोषण होता है। गाय हमारे लिए दूसरी मां है। इसीलिए हमारी संस्कृति में गाय को पवित्र माना गया है।
दूसरी वजह यह है कि गाय में काफी कुछ इंसानों जैसे भाव होते हैं। गाय एक ऐसा जानवर है, जो आपके दुख तकलीफ को समझती है। मान लीजिए आप परेशानी में हैं, गाय आपकी परेशानी को महसूस करती है और आपके कष्ट पर आंसू भी बहाती है। यही वजह है कि भारत में कहा जाता है कि आपको गाय की हत्या नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इसके भाव बहुत कुछ इंसानों के भाव जैसे होते हैं।
गाय के साथ लोगों के बड़े गहरे संबंध रहे हैं। हालांकि आज ऐसा नहीं है। अधिकतर गायें डेरियों में हैं जहां लोग उन्हें दुहना और बस दुहना जानते हैं। वैसे गांवों में आज भी गाय के साथ लोगों के बड़े नजदीकी संबंध हैं और वो उसकी बड़े प्यार व जतन से देखभाल करते हैं।
गाय विकास की प्रक्रिया में इंसानों के पास है
हमारी संस्कृति में गायों और सांपो को पवित्र माने जाने की एक और वजह भी है। आत्मा के विकास की प्रक्रिया में इन्हें जरूरी कदम माना गया हैं। आपको हमेशा बताया गया कि इन दोनों जानवरों को नहीं मारना चाहिए। अगर आपके मन में हर जीव के लिए इतनी दया हो तब तो और भी अच्छी बात है, लेकिन अगर आप जीव हत्या करते हैं तो कम से कम इन दो जानवरों की हत्या करने से तो आपको बचना ही चाहिए, क्योंकि इन दोनों में इंसान बनने की पूरी संभावना छिपी है। इन्हें मारना किसी इंसान की हत्या करने जैसा ही है। ये दोनों इंसान के इतने नजदीक हैं।