लोकसभा में शून्य काल के दौरान माल गोदाम श्रामिको से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाने पर
महाकुंभ 2025 से पहले गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिया जा सकता है
प्रयागराज, 10 फरवरी (आईएएनएस)। अगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रयागराज में संतों की मांग मान लेते हैं तो महाकुंभ 2025 से पहले गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिया जा सकता है।संत चाहते हैं कि गाय को ‘रामा’ कहा जाए, ‘रा’ का अर्थ ‘राष्ट्र’ (राष्ट्र) और ‘मा’ का अर्थ ‘माता’ (मां) हो।
इस आशय का एक प्रस्ताव बुधवार को उत्तराखंड के ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के माघ मेला शिविर में आयोजित ‘गौ संसद’ में संतों द्वारा पारित 21 प्रस्तावों में से एक था।
गौ संसद में संतों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अब से वे गायों को रामा कहकर संबोधित करेंगे। माघ मेला 2024 का चल रहा 54 दिवसीय वार्षिक धार्मिक मेला 15 जनवरी को मकर संक्रांति स्नान के साथ शुरू हुआ और 8 मार्च को महा शिवरात्रि स्नान के साथ समाप्त होगा।
संतों ने यह भी संकल्प लिया कि यदि इन प्रस्तावों के माध्यम से उठाई गई उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे आंदोलन करेंगे।
उनके द्वारा पारित अन्य प्रस्तावों में गौ भक्तों की मदद से ‘राष्ट्रीय रामा गौ भक्त आयोग’ की स्थापना शामिल है।
यह आयोग डीएनए परीक्षण के माध्यम से देश की सभी गायों की पहचान करेगा, उनका पंजीकरण करेगा और ‘नव संवत्सर’ (हिंदू नव वर्ष) से उनके साथ व्यवहार के लिए एक प्रोटोकॉल घोषित करेगा।
‘गौ संसद’ ने सरकार से यह भी अपील की कि एक अलग ‘गाय मंत्रालय’ बनाया जाए और गोवंश को पशुपालन मंत्रालय से अलग किया जाये।
गाय और उनकी संतान को संविधान की राज्य सूची से हटाकर केंद्रीय सूची में शामिल किया जाना चाहिए। जो लोग गोमांस खाते हैं उनका बहिष्कार किया जाना चाहिए।
लोगों को उस प्रत्याशी को वोट देना चाहिए जो अपने घोषणा पत्र के साथ यह शपथ पत्र दे कि सरकार बनते ही पहला फैसला गाय को सम्मान और सुरक्षा देने का होगा।
संतों ने कहा कि जैसे ही गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का सम्मान मिलेगा, संत समुदाय सबसे पहले गाय का दूध अयोध्या ले जाएगा और वहां राम लला को अर्पित करेगा।
सरकार से अतिक्रमित भूमि को मुक्त करने और इसे गायों के चरने के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।
सिनेड्रीम्स इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल की घोषणा
मुंबई (अनिल बेदाग )फाउंडर और आयोजक अयूब खान द्वारा आज मुम्बई के पीवीआर आइकॉन थिएटर में सिनेड्रीम्स इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल की ऑफिशियल घोषणा की गई। इस अवसर पर फाउंडर व आयोजक अयूब खान, सय्यद अहमद, निर्माता निर्देशक मेहुल कुमार, ब्राइट आउटडोर मीडिया के डॉ योगेश लखानी, श्याम सिंघानिया, निर्देशक जय प्रकाश, अमित ख़ान राइटर , पराग चापेकर सहित कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं।
इस फ़िल्म फेस्टिवल के संस्थापक और ऑर्गनाइजर अयूब खान हैं, उनके साथ सय्यद अहमद भी जुड़े हुए हैं। ये बिल्कुल नए ढंग का और काफी अलग किस्म का फेस्टिवल है जिसमें फ़िल्म कंपटीशन के लिए हर भाषा, हर अवधि की फिल्मों की एंट्री की जाएगी और विनर को सर्टिफिकेट के साथ कैश प्राइज भी दिया जाएगा।
सबसे खास बात यह है कि इस फ़िल्म फेस्टिवल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में पहलाज निहलानी, श्याम सिंघानिया, गीतकार समीर अंजान, रईस अहमद, जरीना वहाब, कौसर खालिद जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
वहीं इस फेस्टिवल के ज्यूरी सदस्यों में मेहुल कुमार, कोमल नाहटा, संजय मासूम, जितेंद्र वत्स, सुभाष साहू ,पराग चापेकर, राजीव वर्मा, सतलज धीर, सैकत दास, तुषार थोरात , के एस adiyaman , सीमा पहवा, अतुल मोहन और अनिल दुबे का नाम उल्लेखनीय है। आज ही इस फ़िल्म फेस्टिवल की वेबसाइट भी लॉन्च की गई।
फ़िल्म जगत में पिछले 4 दशकों से निर्माता निर्देशक लेखक और डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में काम कर रहे अयूब खान ने कहा कि इस अनूठे फ़िल्म फेस्टिवल का आयोजन मुम्बई के जुहू पीवीआर सिनेमा में 28 और 29 मई 2024 को होगा और 30 मई को अवार्ड दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वह बचपन से फिल्मों के शौकीन रहे हैं और फ़िल्म को हो वह अपना सब कुछ मानते हैं। फ़िल्म और फ़िल्म मेकर के प्रति इसी प्रेम की वजह से वह इस फ़िल्म महोत्सव का आयोजन कर रहे हैं जहां अच्छी फिल्मो और उनसे जुड़े अदाकारों, निर्देशक, निर्माता, टेक्नीशियन को सराहेंगे। इस फ़िल्म फेस्टिवल से पैसा कमाना उनका उद्देश्य नहीं बल्कि बेहतर सिनेमा को दर्शकों तक पहुंचाना चाहते हैं, उन्हें बनाने वालों का सम्मान करना चाहते हैं।
यहाँ आए सभी अतिथियों मेहुल कुमार, योगेश लखानी और श्याम सिंघानिया ने अयूब खान के विज़न की प्रशंसा की और अपना पूरा सपोर्ट इस फेस्टिवल को देने का वादा किया। सभी गेस्ट्स ने अय्यूब खान को इस आयोजन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। एक्ट्रेस और इन्फ्लुएंसर एकता जैन ने इस लांच इवेंट की एंकरिंग की।
नादिर गोदरेज हुए पीएमएफएआई के लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित
मुंबई, 9 फरवरी, 2024 – गोदरेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड (जीआईएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड (जीएवीएल) तथा एस्टेक लाइफसाइंसेज लिमिटेड के अध्यक्ष, नादिर गोदरेज को पेस्टिसाइड्स मैन्युफैक्चरर्स एंड फॉर्म्युलेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (पीएमएफएआई) की ओर से प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार कल पीएमएफएआई-एसएमएल वार्षिक एग्केम अवार्ड्स (2024) के 5वें संस्करण में प्रदान किया गया, जिसका आयोजन 19वें अंतर्राष्ट्रीय फसल विज्ञान सम्मेलन एवं प्रदर्शनी (आईसीएससीई दुबई 2024) के मौके पर किया गया था।
पीएमएफएआई की स्थापना 1967 में हुई थी और यह कृषि रसायन/कीटनाशक उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाला राष्ट्रीय संघ है। 221 बड़े, मध्यम और छोटे पैमाने के भारतीय एग्रोकेमिकल उद्योग इसके सदस्य हैं। पीएमएफएआई उन प्रौद्योगिकियों में सुधार और नवोन्मेष की वकालत कर कृषि प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने का प्रयास करती है जो किसानों को गुणवत्तापूर्ण फसल सुरक्षा उत्पाद प्रदान करते हैं। पीएमएफएआई ने भारतीय कृषि रसायन (एग्रोकेमिकल) उद्योग में असाधारण उपलब्धियों और योगदान को सम्मानित करने के लिए 2018 में वार्षिक एगकेम पुरस्कारों की स्थापना की थी।
नादिर गोदरेज को दिया गया यह लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार भारतीय एग्रोकेमिकल उद्योग में उनके उत्कृष्ट योगदान और प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने और भारतीय एग्रोकेमिकल उद्योग तथा भारतीय कृषि के विकास में योगदान के उल्लेखनीय प्रयास का सम्मान है।
श्री गोदरेज ने इस सम्मान के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मैं पीएमएफएआई से लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्राप्त कर बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह पुरस्कार पूरी टीम के सामूहिक समर्पण और अथक प्रयासों का सम्मान है। नवोन्मेषी और वहनीय फसल सुरक्षा समाधान प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता पीएमएफएआई के कृषि प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और सतत विकास को बढ़ावा देने के मिशन के अनुरूप है। मैं इस सम्मान के लिए आभारी हूं और उन सहयोगात्मक प्रयासों से प्रेरित हूं जो हमें इस मुकाम तक लेकर आए हैं।”
एग्रोकेमिकल और सीडीएमओ क्षेत्र के प्रति समूह की प्रतिबद्धता के बारे में उन्होंने कहा, “नवोन्मेष और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता, हमारी समर्पित अनुसंधान एवं विकास इकाइयों से स्पष्ट है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सहयोग और सक्रिय रूप से जुड़ने की शक्ति में हमारा दृढ़ विश्वास हमें लगातार अनुरूप समाधान प्रदान करने में मदद करता है जो किसानों की चुनौतियों को दूर करते हैं और साथ ही इनसे कृषि क्षेत्र में उत्कृष्टता तथा निरंतर प्रदर्शन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सुनिश्चित होती है। यह सम्मान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्टता और वहनीयता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।”
यह पुरस्कार न केवल जीवन भर के असाधारण योगदान का, बल्कि गोदरेज की प्रगतिशील योगदान की लंबी विरासत का भी सम्मान है।
Bharat Ratna Award 2024: चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न की घोषणा
Bharat Ratna Award: एजेंसी, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित करने की घोषणा की है। तीनों का भारत के विकास में अहम योगदान रहा है। एमएस स्वामीनाथन को देश में हरित क्रांति का जनक माना जाता है।
देश के किसानों की लंबे समय से मांग रही थी कि चौधरी चरण सिंह को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाना चाहिए। उनके परिवार की भी शिकायत थी कि चौधरी चरण सिंह को वो सम्मान नहीं मिला, जिसके वो हकदार हैं। पिछले दिनों कर्पूरी ठाकुर के साथ ही भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न को देने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया
हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।
गौ तस्करों ने अपनी गाड़ी से एक पुलिसकर्मी को कुचला – मौके पर ही मौत
राजनांदगांव। जिले के बाघनदी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को गौ तस्करों ने अपनी गाड़ी से एक पुलिसकर्मी को कुचल दिया। हादसे में पुलिसकर्मी शिवकुमार मांडवी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से आरोपित मवेशी तस्कर फरार हो गया। बाघनदी पुलिस आरोपित की तलाश में महाराष्ट्र के लिए रवाना हुई है।
राजनांदगांव एसपी मोहित गर्ग ने बताया कि देर रात गश्त के लिए पुलिस की टीम थाने से रवाना हुई थी। इसी दौरान मवेशी तस्करों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन मवेशी तस्करों ने पुलिसकर्मी पर गाड़ी चढ़ा दी। घटना में पुलिसकर्मी शिवकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद तस्कर महाराष्ट्र की ओर भाग गया। पुलिस की टीम आरोपितों की तलाश के लिए महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार मृतक शिवकुमार मांडवी का परिवार पहले अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में निवास करता था। वह अपने पिता के साथ नक्सली संगठन में जुड़ा था। लगभग 12 वर्ष पहले शासन की योजना का लाभ उठाते हुए दोनों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। उसके बाद शिवकुमार को पुलिस की नौकरी मिली थी। पुलिस लाइन से दो दिन पूर्व ही शिव कुमार ने बागनदी थाना में ज्वाइनिंग ली थी।
उत्तराखंड NEWS – समान नागरिक संहिता विधेयक के पारित होने पर मुख्यमंत्री धामी का किया गया सम्मान
देहरादून, 8 फरवरी, चर्चित यूसीसी विधेयक के पारित होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गुरूवार को सर्वे चौक स्थित आई.आर.डी.टी. सभागार में पार्टी पदाधिकारयों व प्रदेशवासियों द्वारा गर्मजोशी से सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
स्वर्णिम देवभूमि परिषद द्वारा आयोजित नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में बडी संख्या में बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों एवं अन्य गणमान्य लोगों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू किये जाने के लिये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की उपस्थित जनसमुदाय ने प्रशंसा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य विधान सभा में नागरिक संहिता विधेयक पास होने के पीछे उत्तराखण्ड की जनता की शक्ति बताते हुये कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह कानून मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्र सरकार तथा प्रदेश की देवतुल्य जनता का भी आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारे देश का नेतृत्व आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम हाथों में है, जिनके लिए देश सर्वप्रथम है, जो इस देश को ही अपना परिवार समझते हैं और अपने परिवारजनों का सुख-दुःख ही उनका सुख-दुःख है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने समान नागरिक संहिता पर देवभूमि की सवा करोड़ जनता से किये गए अपने वादे को निभाया है। हम जनता के हैं और जनता हमारी है, यह कानून जनता के लिये है, जनता की भलाई, समता और समानता के लिये बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 2022 के विधान सभा चुनाव से पहले
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लाने का वादा किया था। प्रदेश की देवतुल्य जनता ने हमें इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अपना आशीर्वाद देकर पुनः सरकार बनाने का अवसर दिया। सरकार गठन के तुरंत बाद, जनता जर्नादन के आदेश को सिर माथे पर रखते हुए हमने अपनी पहली कैबिनेट की बैठक में ही समान नागरिक संहिता बनाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन का निर्णय लिया और 27 मई 2022 को उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्रीमती रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति गठित की। इस समिति के सदस्यों में सिक्किम उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रमोद कोहली जी, समाजसेवी मनु गौड़ जी, उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह एवं दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो० सुरेखा डंगवाल को सम्मिलित किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर समिति ने उनका रिकॉर्ड समय में विश्लेषण कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट 02 फरवरी 2024 को सरकार को सौंपी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से इस देवभूमि से निकलने वाली मां गंगा बिना भेदभाव के अभिसिंचित करती है उसी प्रकार राज्य विधान सभा से पारित समान नागरिक संहिता के रूप में निकलने वाली समान अधिकारों की संहिता रूपी ये गंगा हमारे सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करेगी।
क्योंकि हमारा संविधान एक पंथनिरपेक्ष संविधान है। यह एक आदर्श धारणा है, जो हमारे समाज की विषमताओं को दूर करके, हमारे सामाजिक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाती है।
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 में उल्लिखित होने के बावजूद अब तक इसे दबाये रखा गया। 1985 के शाह बानो केस के साथ इसी देवभूमि की बेटी शायरा बानो ने दशकों तक न्याय के लिये संघर्ष किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता, विवाह, भरण-पोषण, गोद लेने, उत्तराधिकार, विवाह विच्छेद जैसे मामलों में भेदभाव न करते हुए सभी को बराबरी का अधिकार देगा और जो प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार भी है। समान नागरिक संहिता समाज के विभिन्न वर्गों, विशेष रूप से माताओं-बहनों और बेटियों के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं के साथ होने वाले अत्यचारों को रोका जाए।
हमारी आधी आबादी को सच्चे अर्थों में बराबरी का दर्जा देकर हमारी मातृशक्ति को संपूर्ण न्याय दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह देश तीन तलाक और धारा-370 जैसी ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने के पथ पर अग्रसर है। उनके नेतृत्व में सैंकड़ों वर्षों के बाद अयोध्या में रामलला अपने जन्मस्थान पर विराजमान हुए हैं, और मातृशक्ति को सशक्त करने के लिए विधायिका में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे इस कदम से उन कुप्रथाओं का अंत होगा जिनसे महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई जाती थी।
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता में लिव इन संबंधों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करते हुए कहा कि एक वयस्क पुरुष जो 21 वर्ष या अधिक का हो और वयस्क महिला जो 18 वर्ष या उससे अधिक की हो, वे तभी लिव इन रिलेशनशिप में रह सकेंगे, जब वो पहले से विवाहित या किसी अन्य के साथ लिव इन रिलेशनशिप में न हों और कानूनन प्रतिबंधित संबंधों की श्रेणी में न आते हों। लिव-इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को लिव-इन में रहने हेतु केवल पंजीकरण कराना होगा जिससे भविष्य में हो सकने वाले किसी भी प्रकार के विवाद या अपराध को रोका जा सके।
हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध निर्माण(मदरसा )को हटाये जाने पर अराजक विशेष तत्त्वों ने मचाया उपद्रव
हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध निर्माण(मदरसा )को हटाये जाने पर अराजक विशेष तत्त्वों ने मचाया उपद्रव
मुख्यमंत्री ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक
दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के दिये गये आदेश
देहरादून,8 फरवरी, हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध मदरसे निर्माण को हटाये जाने के दौरान पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों एवं कार्मिकों पर हुए हमले तथा क्षेत्र में अशान्ति फैलाने की घटना को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गम्भीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में शान्ति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के सख्त निर्देश भी दिये हैं ।
मुख्यमंत्री ने इस संबंध में गुरूवार सांय मुख्यमंत्री आवास में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूडी, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार तथा अन्य उच्चाधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से शान्ति बनाये रखने की अपील करते हुए अराजक तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही कर क्षेत्र में शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि प्रदेश में किसी को भी कानून व्यवस्था से खिलवाड करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए। प्रशासनिक अधिकारी निरंतर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये प्रयासरत रहे।












