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गणगौर : भारतीय नारी की आस्था और विश्वास का पर्व

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अंजनी सक्सेना – विनायक फीचर्स
भारत में प्रत्येक त्यौहार मानव मन की आस्था और अटूट विश्वास से जुड़ा हुआ है।  भारतीय नारियों के भी अपने कुछ व्रत हैं, जो उनके आस्था और विश्वास से गहरे जुड़े हुए हैं। भारतीय समाज में स्त्री का पतिव्रता और सौभाग्यवती होना सम्मान माना जाता है। इसी पविर्त धर्म और सौभाग्य की रक्षा के लिए भारतीय नारियां अनेक व्रत भी करती हैं। करवा चौथ, हरतालिका तीज, वट सावित्री, अमावस्या और गणगौर ऐसे ही प्रमुख व्रत हैं जिनके द्वारा भारतीय नारी अच्छे पति और सौभाग्य की कामना करती हैं।
गणगौर का व्रत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को किया जाता है।  इस दिन भगवान शिव ने देवी पार्वती को और देवी पार्वती ने अनेक स्त्रियों की पतिव्रता और सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद दिया था। मान्यता है कि गणगौर के दिन देवी पार्वती ने पहले पूजा करने वाली निर्धन स्त्रियों को वस्त्र, आभूषण तथा सौभाग्यवती होने का वरदान दिया था तथा बाद में आने वाली संपन्न स्त्रियों को रक्त सुहाग देते हुए पतिव्रता एवं सौभाग्यशाली होने का आशीर्वाद दिया। इसी दिन देवी पार्वती की पूजा से प्रसन्न होकर महादेव ने पार्वती को वरदान दिया कि आज के दिन जो स्त्री मेरा पूजा तथा तुम्हारा व्रत करेगी उसके पति चिरंजीव रहेंगे तथा अंत में उन्हें मोक्ष मिलेगा। पार्वती ने शिव की यह पूजा एवं व्रत छिपाकर किया था इसलिए आज भी इस व्रत में पूजन पुरुषों के सामने नहीं की जाती है।
गणगौर मुख्य रूप से राजस्थानी महिलाओं का पर्व है, जिसमें वे भगवान शिव एवं पार्वती की पूजा अर्चना करती हैं। इस तरह गणगौर, शिव पार्वती की पूजा का पर्व है।  गण यानि शिव और गौर यानि पार्वती, कुल मिलाकर गणगौर भगवान शंकर और पार्वती के ही दूसरे नाम हैं। देवी पार्वती ने भगवान शंकर को काफी तपस्या के बाद पति के रूप में पाया था, इसलिए पार्वती के समान सदा सौभाग्यवती रहने के लिए युवतियां और महिलाएं गौर की पूजा करती हैं। वे गौर से आशीर्वाद स्वरूप अमर सुहाग की कामना करती हैं।
गणगौर का पर्व राजस्थान में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।  यहां गणगौर के सोलह दिन पहले यानि होलिका दहन के दूसरे दिन होली की राख से गौर मूर्ति बनाकर स्थापित की जाती है। कई जगह गौर प्रतिमा लकड़ी की भी बनायी जाती है। इस प्रतिमा की सोलह दिन तक लगातार पूजा-अर्चना की जाती है। सुबह सबेरे गौर को झूला झुलाया जाता है। इसे मालवा अंचल में गौर झुलाना भी कहते हैं।
राजस्थानी युवतियां गणगौर पूजा के लिए सोलह दिन तक प्रात: काल सात कलश सिर पर रखकर ले जाती हैं और उन्हें नजदीक के नदी, तालाब या कुएं से भरकर लाती हैं। इसी जल एवं दूब के साथ गणगौर की पूजा की जाती है। सोलहवां दिन (चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया) गौर की विदा का दिन होता है।  माना जाता है कि इस दिन भगवान शंकर गौर को लेने आते हैं और गौर अपनी सखियों से बिछुड़कर महादेव के साथ चली जाती है। गणगौर की विदा शोभा यात्रा के रूप में होती है।
राजस्थान के जयपुर की गणगौर यात्रा तो इतनी प्रसिद्ध है कि उसे देखने के लिए देश के कोने- कोने से लोग एकत्रित होते हैं। बैंडबाजों से सजी गणगौर यात्रा में हाथी, घोड़े और ऊंट के साथ-साथ बाराती भी होते हैं और पालकी में होती है गणगौर।
राजस्थानी और मालवी स्त्रियां गणगौर का पूजन अलग-अलग रूपों में करती हैं।  विवाहित महिलाएं आशीर्वाद स्वरूप अमर सुहाग की कामना करती है, तो कन्याएं गौर से अपने लिए अच्छे पति की कामना करती हैं। युवतियां गौर की पूजा सखी रूप में करती हैं। गौर का यही रूप गणगौर पूजन में मुख्य माना गया है।
सोलह दिनों तक गौर को सखी मानकर पूजा की जाती है, इसलिए गौर के समक्ष हंसी ठिठौली भी पूजा में शामिल रहती है। गौर पूजा में लोकगीतों का भी भरपूर उपयोग किया जाता है।  इन लोकगीतों में जहां भक्ति का पुट होता है, वहीं शिकायतें और हंसी मजाक भी।
गणगौर की पूजा में गौर को सखी माना गया है।  जब पूजा सखी भाव से की जा रही है, तो उन्हें भोजन कराना भी आवश्यक है। जब गौर  को भोजन करा दिया तो पानी भी पिलाना पड़ेगा। गौर को पानी पिलाना आसान नहीं है। जब तक गौर को पानी पिलाने वाली सखी अपने पति का नाम नहीं बता दे वह पानी नहीं पिला सकती। पुराने समय में युवतियां शर्म और संकोच के कारण अपने पति का नाम लेने में झिझकती थी, इसलिए वे अपने पति का नाम दोहों में पिरोकर लेती थीं और गौर को पानी पिलाती थी। अब यह परंपरा सी ही बन गयी है।
घर की बड़ी-बूढ़ी महिलाएं गणगौर को घर की बेटी की तरह विदा करती है।  गौर को पूरे जेवर पहनाये जाते हैं और राह के लिए नाश्ता भी साथ रखा जाता है। अब प्रतीक रूप में घर में बेसन के आभूषण बनाकर गौर को पहनाये जाते हैं जो अंत में गौर के साथ ही विसर्जित कर दिये जाते हैं।
गौर के विसर्जन के पूर्व एक शोभा यात्रा निकाली जाती है, फिर नजदीकी नदी, तालाब या कुएं में गौर विसर्जन किया जाता है।  विसर्जन करते समय महिलाएं भाव विह्वल हो उठती हैं और गौर की निशानी के रूप में उसकी चुनरी का एक छोर फाड़कर अपने पास रख लेती है।
आधुनिक समाज में समय की तेज रफ्तार के आगे गणगौर की पूजा भी सिमट चली है।  पहले सोलह दिनों तक चलने वाला यह उत्सव कई स्थानों पर एक या दो दिन में सिमटकर रह गया है। अब तो गणगौर की मुख्य पूजा वाले ही दिन बाजार से मिट्टी की बनी गणगौर प्रतिमा मंगा ली जाती है, और उसे पूजन के उपरांत विसर्जित कर दिया जाता है। प्रतीक रूप में आज भी गणगौर की पूजा बरकरार है और आज भी अनेक युवतियां और महिलाएं बड़े ही श्रद्धा और विश्वास के साथ गौर की मित्रवत पूजा अर्चना करती है। और गणगौर को विसर्जित करते समय इस तरह भावुक हो उठती हैं जैसे उनका कोई आत्मीय जन उनसे बिछुड़ रहा हो। (विनायक फीचर्स)

आयुष्मान खुराना ने वार्नर म्यूजिक इंडिया के साथ अपना पहला गाना ‘अख दा तारा’ किया रिलीज 

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बॉलीवुड के चहेते स्टार व सिंगर आयुष्मान खुराना ने हाल ही में अपना नवीनतम सिंगल, ‘अख दा तारा’ रिलीज किया है, जो वार्नर म्यूजिक इंडिया के साथ उनका पहला सहयोग है। हाल ही में घोषित यह साझेदारी आयुष्मान के प्रशंसकों को उनकी संगीत प्रतिभा के एक नए पहलू से परिचित कराने के लिए तैयार है।

‘अख दा तारा’ में, आयुष्मान खुराना एक अपरंपरागत और सिंथ-पॉप प्रेरित उत्साहित ट्रैक के ढांचे के भीतर एक यात्रा पर निकलते हैं, जो ब्रेकअप के बाद दुःख के पांच चरणों – इनकार, क्रोध, निराशा, सौदेबाजी और स्वीकृति – को दर्शाता है। संगीत वीडियो के आश्चर्यजनक दृश्यों के माध्यम से, वह दुःख के सभी चरणों से गुजरते है और यात्रा समाप्त हो जाती है क्योंकि उसे एहसास होता है कि बहुत देर हो चुकी है और वह मामले के परिणामों और भाग्य को स्वीकार करते है। यह गाना सिर्फ एक ट्रैक नहीं है; यह एक अनुभव है, जो श्रोताओं को इसके छंदों के भीतर अपनी कहानियों के अंश खोजने के लिए आमंत्रित करता है।

नए ट्रैक के बारे में बात करते हुए, आयुष्मान ने साझा किया, “मुझे लगता है कि मैंने ‘अख दा तारा’ के साथ अपनी संगीत यात्रा में खुद को फिर से स्थापित किया है। यह ट्रैक मेरे द्वारा पहले गाए गए किसी भी ट्रैक से अलग है, इसमें पॉप संगीत के साथ दिल टूटने की भावना को इस तरह से मिश्रित किया गया है कि दोनों गहराई से महसूस होते हैं।” व्यक्तिगत और सार्वभौमिक रूप से प्रासंगिक है। यह गहन धुनों और छंदों से भरी एक अंतरराष्ट्रीय ध्वनि है, जो वैश्विक मंच पर हमारी छलांग का प्रतीक है। हम और अधिक गाने जारी करने की योजना बना रहे हैं जो विभिन्न प्रकार की ध्वनियों का पता लगाएंगे, और मैं निश्चित रूप से रचना में शामिल रहूंगा और उनमें से कुछ लिखूंगा।”

‘अख दा तारा’ अब वार्नर म्यूजिक इंडिया लेबल के तहत सभी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।

सॉन्ग लिंक – https://www.youtube.com/watch?v=WATztmcg4YU

इस मंत्र के साथ गौ माता को प्रणाम करना चाहिए।

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सर्वदेवमये देवि सर्वदेवैरलंकृते।
मातर्ममाभिलषितं सफलं कुरु नन्दिनि।।

गौ माता में हैं 33 कोटि देवताओं का निवास
वैदिक साहित्य के अनुसार जिन देवताओं का पूजन हम मंदिरों व तीर्थों में जाकर करते हैं। वे सारे देवता समूह रूप से गौ माता में विराजमान है। इसलिए पूर्ण श्रद्धा व विश्वास के साथ किसी भी कार्य की सिद्धि के लि नित्य गौ माता की सेवा करनी चाहिए। महाभारत में कहा गया है-

यत्पुण्यं सर्वयज्ञेषु दीक्षया च लभेन्नरः।
तत्पुण्यं लभते सद्यो गोभ्यो दत्वा तृणानि च।।

अर्थात् सारे यज्ञ करने में जो पुण्य है। सारे तीर्थ नहाने का जो फल मिलता है। वह फल गौ माता को चारा डालने से ही प्राप्त हो जाता है।

गौ माता के इस श्लोक, दैनिक मंत्र से आपके सभी कष्ट होंगे दूर

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गौ माता श्लोक

१. उपर्युक्त “गवोपनिषद्” में से दैनिक जप के संस्कृत मन्त्र (महर्षि वसिष्ठ द्वारा उपदिष्ट) –

घृतक्षीरप्रदा गावो घृतयोन्यो घृतोद्भवाः।

घृतनद्यो घृतावर्तास्ता मे सन्तु सदा गृहे॥

घृतं मे हृदये नित्यं घृतं नाभ्यां प्रतिष्ठितम्।

घृतं सर्वेषु गात्रेषु घृतं मे मनसि स्थितम्॥

गावो ममाग्रतो नित्यं गावः पृष्ठत एव च।

गावो मे सर्वतश्चैव गवां मध्ये वसाम्यहम्॥

अनुवाद = घी और दूध देने वाली, घी की उत्पत्ति का स्थान, घी को प्रकट करने वाली, घी की नदी तथा घी की भंवर रूप गौएं मेरे घर में सदा निवास करें। गौ का घी मेरे हृदय में सदा स्थित रहे। घी मेरी नाभि में प्रतिष्ठित हो। घी मेरे सम्पूर्ण अंगों में व्याप्त रहे और घी मेरे मन में स्थित हो। गौएं मेरे आगे रहें। गौएं मेरे पीछे भी रहें। गौएं मेरे चारों ओर रहें और मैं गौओं के बीच में निवास करूं

२. गौमाता की दैनिक प्रार्थना का मन्त्र (महर्षि वसिष्ठ द्वारा उपदिष्ट) –

सुरूपा बहुरूपाश्च विश्वरूपाश्च मातरः।

गावो मामुपतिष्ठन्तामिति नित्यं प्रकीर्तयेत्॥

अनुवाद = प्रतिदिन यह प्रार्थना करनी चाहिये कि सुन्दर एवं अनेक प्रकार के रूप-रंग वाली विश्वरूपिणी गोमाताएं सदा मेरे निकट आयें

३. गोमाता को परमात्मा का साक्षात् विग्रह जान कर उनको प्रणाम करने का मन्त्र (महर्षि वसिष्ठ द्वारा उपदिष्ट) –

यया सर्वमिदं व्याप्तं जगत् स्थावरजङ्गमम्।

तां धेनुं शिरसा वन्दे भूतभव्यस्य मातरम्॥

अनुवाद = जिसने समस्त चराचर जगत् को व्याप्त कर रखा है, उस भूत और भविष्य की जननी गौ माता को मैं मस्तक झुका कर प्रणाम करता हूं॥

पुलिस ने पकड़े चार गौ तस्कर

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बरेली, । सुबह गोवंश पशु को कटान करने के लिए ले जा रहे चार गौ तस्करों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से तमंचे व पशुओं को काटने के औजार भी बरामद किए हैं। सभी के खिलाफ मुकदजा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। बिथरी पुलिस को सूचना मिली कि चार युवक महाराजा अग्रसेन कॉलेज के पास एक गोवंशीय को कटान के लिए ले जा रहे हैं। पुलिस ने चार युवकों को मौके से दबोच लिया। पूछताछ में पकड़े गए युवक ने अपना नाम सलीम उर्फ टूटा, दूसरे युवक ने अपना नाम शोएब, तीसरे युवक ने अपना नाम इरफान वहीं चौथे व्यक्ति ने अपना नाम जुनैद बताया। पुलिस ने इनके पास से तमंचे व पशुओं को काटने वाले औजार भी बरामद किए हैं। इससे पहले भी यह लोग क्षेत्र में गोकशी की घटना को अंजाम दे चुके हैं।

गौ-मांस खाने को लेकर मचे राजनीतिक बवाल-कंगना रनौत मामला

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मंडी !  हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी व बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा गौ-मांस खाने को लेकर मचे राजनीतिक बवाल के बीच खुद कंगना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट शेयर कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने लिखा है कि वह किसी भी तरह का गौ-मांस व रेड मीट नहीं खाती है। यह बहुत ही शर्मनाक है कि मेरे बारे में इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही है।

Breaking News कंगना ने कहा है कि गौमांस को लेकर इस तरह की अफवाहें फैलाकर मेरी छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा,“मैंने दशकों से यौगिक व आयुर्वेदिक जीवन शैली के बारे में बातें की हैं और उन्हीं के अनुसार ही जीवन जीने के बारे में प्रचार किया है। मैं गर्व से कह सकती हूं कि मैं हिंदू हूं और मेरे लोग मुझे अच्छी तरह से जानते हैं।” कंगना ने कहा कि मेरे लोगों को कोई भी गुमराह नहीं कर सकता है।

गौरतलब है कि दो दिन पूर्व राज्य के लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से गौ मांस के सेवन को लेकर भाजपा प्रत्याशी कंगना रनौत व भाजपा को अप्रत्यक्ष रूप से घेरने की कोशिश की थी।

Breaking News इस पोस्ट में श्री सिंह ने कहा था कि हिमाचल प्रदेश देवी देवताओं का पवित्र स्थल व देवभूमि है जहां गौमांस सेवन करने वाले चुनाव लड़ रहे हैं। यह हमारी संस्कृति के लिए चिंता का विषय हैं, जिसका राजनीति से कोई सरोकार नहीं हैं।श्री सिंह की इस टिप्पणी पर बीते रोज मंडी पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी।

वडोदरा में शर्मनाक घटना समोसे में भरकर बेचते थे गौ मांस

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गुजरात के वडोदरा के चिपवाड़ में एक फैमस दुकान में समोसे में गौ मांस भरकर बेचने की खबर से बवाल मच गया है। पुलिस ने दुकान पर छापा मारकर 350 किलो गौ मांस जब्त कर लिया है। एफएसएल की पुष्टि के बाद पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि ‘हुसैनी समोसा’ वाले के खिलाफ एक गुप्त सूचना मिली थी। उसके बाद अधिकारियों ने शनिवार को दुकान पर छापा मारा था। पुलिस ने 350 किलो मांस जब्त किया था। इसकी जांच एफएसएल ने की, जिसमें यह पाया गया कि यह गौ मांस है। पुलिस ने इसकी पुष्टि होने के बाद दुकान मालिक सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी यूसूफ शेख से पूछताछ हुई। आरोपी ने बताया कि उसे यह काम अपने पिता से मिला है। उसके पिता यह काम किया करते थे। आरोपी ने आगे बताया कि समोसे में मांस भरा जाता है। हम गाय और भेंस के मांस का उपयोग इसलिए करते थे, क्यों कि यह हमें सस्ता मिलता है। हमें इससे ज्यादा फायदा होता है। एनिमल एक्टिविस्ट नेहा पटेल की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

एनडीए में शामिल होने का ऐलान कर सकते हैं – राज ठाकरे

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मुंबईः महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद खास है। मुंबई में गुड़ी पाड़वा पर आज राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस की रैली होने जा रही है। इस रैली में राज ठाकरे आज एनडीए में शामिल होने का ऐलान कर सकते हैं। रैली को राज ठाकरे के अलावा उनकी पार्टी के सभी सीनियर नेता मौजूद रहेंगे।

महाविकास अघाड़ी बंटवारे का करेगा ऐलान

वहीं, इंडिया गठबंधन में शामिल महाविकास अघाड़ी आज 11 बजे लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे का ऐलान करेगा। उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेता संजय राउत ने गठबंधन के बीच सीट फाइनल होने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि महाअघाड़ी के नेता सुबह 11 बजे प्रेस कांफ्रेंस करेंगे और सीट बंटवारे का ऐलान करेंगे।

राज ठाकरे ने की थी बीजेपी के नेताओं से मुलाकात

बता दें कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने पिछले महीने मार्च में दिल्ली में बीजेपी के केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की थी। राज ठाकरे ने अमित शाह से भी मुलाकात की थी। इसके बाद अटकलें लगने लगी थी कि राज ठाकरे एनडीए में शामिल हो सकते हैं। वहीं, महाविकास अघाड़ी के नेताओं में कुछ सीटों को लेकर मतभेद था। इसको लेकर कई दौर की भी बातचीत हो चुकी है।

 26 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान होगा

महाराष्ट्र में आठ लोकसभा सीटों के लिए कुल 204 उम्मीदवार मैदान में हैं जिन पर 26 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान होगा। एक अधिकारी ने बताया कि नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन सोमवार था। अधिकारी ने बता, ‘‘बुलढाणा, अकोला, अमरावती, वर्धा, यवतमाल-वाशिम, हिंगोली, नांदेड़ और परभणी में कुल 299 वैध नामांकन थे। जिनमें से 204 उम्मीदवार मैदान में हैं।

 

द्वारकामाई चैरिटी संस्था के पदाधिकारियों को दिया गया मेडिक्लेम कार्ड

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द्वारिकामाई केवल संस्था नहीं, परिवार है – गौरीशंकर चौबे

मुम्बई। द्वारिकामाई चैरिटी संस्था देश की ऐसी पहली सामाजिक संस्था बन चुकी है जो अपने निष्ठावान, कर्मठ, सक्रिय पदाधिकारियों को मेडिक्लेम कार्ड की सुविधा प्रदान कर रही है। अब तक किसी भी एनजीओ ने इस तरह की पहल नही की है। द्वारिकामाई केवल संस्था नहीं बल्कि परिवार है, यह वाक्य चरितार्थ कर दिया है।
मुम्बई उपनगर मालाड पूर्व स्थित शिवाजी नगर के हनुमान मंदिर में मेडिक्लेम कार्ड वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। सभी लाभार्थियों ने संस्था के अध्यक्ष गौरीशंकर चौबे का आभार जताया और उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर संस्था के मुम्बई अध्यक्ष एड. जितेंद्र शर्मा सहित सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।

ट्रक में रायपुर से एमपी ले जा रहे थे मवेशी, चार की मौत

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रविवार को कबीरधाम पुलिस ने गौ तस्करी के मामले में तीन इंटर स्टेट तस्करों को गिरफ्तार किया है। मामला दशरंगपुर पुलिस चौकी का है। जानकारी अनुसार ट्रक क्रमांक CG-04- HX4274 में करीब 44 मवेशी को रायपुर से एमपी ले जाया जा रहा था। पुलिस ने जब ट्रक की तलाशी ली तो चार मवेशी मृत मिले

इस मामले में वाहन चालक ओमप्रकाश कावड़े, यशोधरा नगर नागपुर महाराष्ट्र, मोहम्मद अली नागपुर महाराष्ट्र, पकला घृतलहरे ग्राम खंडसरा, जिला बेमेतरा(छत्तीसगढ़ )को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी मोहम्मद अली व पकला घृतलहरे के खिलाफ पूर्व में भी मवेशी तस्करी के मामले दर्ज हैं। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।