शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के हाथों डॉ रामकुमार पाल को मिला गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान
मुंबई: गाय की महिमा और संरक्षण पर आधारित “गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2024” पुरस्कार समारोह का आयोजन 14 जुलाई 2024 को मुक्ति कल्चरल हब, अंधेरी पश्चिम, मुंबई में संपन्न हुआ।
इस समारोह में श्री शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने बीजेपी नेता, समाजसेवक एवं बिजनेसमैन डॉ रामकुमार पाल को आशीर्वाद देते हुए सम्मानित किया।
डॉ रामकुमार पाल मंच पर महाराज के हाथों सम्मानित होकर और उनका आशीर्वचन सुनकर अभिभूत हो गए।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हैदराबाद की भाजपा नेता माधवी लता, मुक्ति हॉल की संस्थापक तथा फिल्म निर्मात्री स्मिता ठाकरे, बिजनेस मैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी, निर्माता प्रेम सागर, शेखर मुंदड़ा, प्रिंसिपल अजय कौल, प्रशांत काशिद, महेंद्र संगोई, गिरीश जयंतीलाल शाह, बिमल भूटा, सुनील सेठी, चिराग गुप्ता, आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली, कवि वागीश सारस्वत, मॉडल एक्ट्रेस सीमा मीना सहित कई गौ सेवक और गौ संरक्षक की विशेष उपस्थिति रही।
आपको बता दें कि भाजपा नेता होने के अलावा, डॉ रामकुमार पाल एक सफल व्यवसायी हैं और वे गरीबों के हितार्थ समर्पित भाव से कार्य करते हैं। वर्तमान में, वे मुंबई के उत्तर/पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र के लिए भाजपा के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं। इससे पहले, वे महाराष्ट्र सरकार द्वारा नियुक्त विशेष कार्यकारी अधिकारी (एसईओ) (2005-2010) के पद पर रह चुके हैं। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य और दमन-दीव और दादरा नगर हवेली के प्रभारी के रूप में, श्री पाल ने किसानों की विभिन्न समस्याओं की ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान आकर्षित किया।
डॉ पाल प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं। वह भाजपा किसान मोर्चा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं। यह समूह भारतीय किसानों के जीवन में सुधार लाना चाहता है।
डॉ रामकुमार पाल के उल्लेखनीय योगदान और एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में मानवता के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए प्रमुख मीडिया हाउस, मिड-डे ने सक्सेस स्टोरी कॉलम में उन्हें स्थान दिया और मैगजीन इंडिया टुडे की 45 वीं वर्षगांठ के दौरान भी उन्हें उचित स्थान पर प्रकाशित किया।
श्री पाल को सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, उनकी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और हिंदी भाषा और सारस्वत साधना को लोकप्रिय बनाने के लिए वर्षों की सेवा के लिए वीर भारतीय हिंदी साहित्यपीठ, लखनऊ द्वारा समाज सेवा रत्न से सम्मानित किया गया। जनसंख्या समाधान फाउंडेशन महाराष्ट्र अध्यक्ष पद पर रामकुमार पाल अपनी तमाम उपलब्धियों के बावजूद एक विनम्र और समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता बने हुए हैं।
गऊ संसद का मुख्यपत्र गऊ भारत भारती होगा – शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज जी
गऊ संसद का मुख्यपत्र गऊ भारत भारती होगा – शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज जी
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज जी के कर-कमलो द्वारा ,गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान समारोह संपन्न
शंकराचार्य जी के हाथो माधवी लता , स्मिता ठाकरे तथा अन्य गौभक्तो का हुआ सम्मान
मुंबई: गऊ माता की महिमा और संरक्षण पर आधारित भारत का पहला समाचार पत्र गऊ भारत भारती’ की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में “गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2024” पुरस्कार समारोह का आयोजन 14 जुलाई 2024 को मुक्ति कल्चरल हब, अंधेरी पश्चिम, मुंबई में संजय शर्मा अमान द्वारा आयोजित किया गया। इस समारोह में श्री शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज आशीर्वाद देने पहुंचे और उन्होंने अतिथियों और कई गणमान्य लोगों को सम्मानित भी किया। श्री शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज जी हाथो हैदराबाद से विशेष तौर पर आई माधवी लता , मुक्ति फाऊंडेशन की स्मिता ठाकरे , मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी , महाराष्ट्र गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष शेखर मूंदड़ा , प्रेम रामानंद सागर ,शैलेश गगलाणी , भरत भाई पोपट , बकुलेश भाई ठक्कर , गौ भक्त नवनाथ दुधाल , बिमल भुता भाजपा मुंबई सचिव , प्रकाश कोलते , अभय छेड़ा , अजय कौल , प्रशांत काशिद , चिराग गुप्ता , महेंद्र संगोइ प्रमुख ट्रस्टी “भगवान महावीर पशु रक्षा केंद्र, एंकरवाला अहिंसाधाम” , गौ वैज्ञानिक डॉ जितेंद्र भट्ट , वैज्ञानिक जेजे रावल , समाजसेवी कृष्णा पिम्पले , आदि को उनके उल्लेखनीय कार्यो के लिए सम्मानित किया गया।

परमाराध्य’ परमधर्माधिस उत्तराम्नाय ज्योतिषपीठा धीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती ‘1008’ महाराज जी के कर कमलो द्वारा समाचारपत्र के १०वें अंक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर प्रेम रामानंद सागर ने अपनी लिखी पुस्तके शंकराचार्य को भेट करते हुए गौ माता पर सीरियल निर्माण की बात की तथा शंकराचार्य ने भी उनसे कहा कि आप गऊ माता पर भी सीरियल बनाए। नीरज पुरोहित , डॉ जितेंद्र भट्ट द्वारा शंकराचार्य जी को गाय के गोबर से बनी वस्तुए भेट की गई।
शंकराचार्य जी के आशीर्वचन के मुख्य अंश
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज जी अपने एक घंटे के अपने वक्तव्य में कहा कि हिन्दू कौन ? हम सब केवल बोलते रहते हैं हम हिन्दू हैं हम हिन्दू हैं लेकिन असली हिन्दू के तीन लक्षण बताये जो गऊ सेवा करता हो , जिसका विश्वास पुनर्जन्म में हो , अहं ब्रम्हास्मि। जो गऊ माँ को काटते हैं उसका मांस खाते हैं , बेंचते हैं वे सब पाप के भागी हैं .गऊ को माता क्यों कहा गया ? जैसे कोई लड़की ब्याही जाती है तो उसके पति की माता उस लड़की की माता होती है उसी तरह अगर हमने किसी को अपने परिवार में सम्मिलित कर लिया तो जो हम मानते हैं वही सम्मिलित व्यक्ति भी मानता है गऊ को माता हमारे सनातन धर्म ने माना है इसलिए वो हमारी भी माता है।
शंकराचार्य जी ने आगे कहा कि -आज हमारे पास सिर्फ दो से ढाई करोड़ गाय बची है। अगर हम पांच वर्ष और रुक गए तो , जैसे हम कृष्ण भगवान् को सिर्फ चित्र में देखते है वैसे ही गाय को भी हम सिर्फ चित्र में ही देख पाएंगे। बहुत कठिन समय है , इसीलिए आप के पास यह अंतिम मौका है गाय को बचाने का। जब तक हमारे पास बीज है तो बचाया जा सकता है जिस दिन बीज ख़त्म हो गया , हम कुछ नहीं कर पाएंगे।
संसद में इस विषय पर चर्चा के लिए समय नहीं है , कहते है इस पर चर्चा के लिए समय ख़राब होता है इसीलिए हम ने निर्णय लिया है कि देश के हर संसदीय क्षेत्र से एक गौ भक्त को गौ सांसद के रूप में मनोनीत किया जाये। और उसको इस बात का एहसास कराया जाये कि तुम सांसद हो। अपने संसदीय क्षेत्र में गाय के बारे में काम शुरू करो। और जो तुम्हारा चुना गया सांसद है अगर तुम्हारा सहयोग लेना चाहे तो उसका सहयोग करो। गाय के बारे में सारे काम अपने हाथ में ले लो अगर चुना गया सांसद सहयोग नहीं करता है तो।
शंकराचार्य महाराज जी ने समाचारपत्र के संस्थापक संजय शर्मा की तरफ देखते हुए अपने आशीर्वचन में आगे कहा कि – ” ये जो गऊ भारत भारती अखबार है इसका नाम हम को बहुत अच्छा लगा , एक तो गाय को समर्पित है , दस वर्ष आप ने निकाल लिया , एक युग होता है , अब आप में ऊर्जा आ गई है।
आज मैं इस मंच से घोषणा करता हूँ जो हमारी गौसंसद है उसका मुख्य पत्र गऊ भारत भारती होगा। और भारत में सिर्फ दो ही चीजों की जरुरत है एक गौ की दूसरी भारत की।
कार्यक्रम का सञ्चालन आनन्द सिंह ने किया, कार्यक्रम में संगीतमय प्रस्तुति प्रकाश तिवारी मधुर का था। के प्रमुख आयोजक समाचारपत्र के संस्थापक संजय शर्मा अमान थे।

चातुर्मास में भगवान विष्णु एवं महादेव शिव की उपासना*
गौ हत्या और तस्करी करने वाले 4 कसाई गिरफ्तार
Bhopal. भोपाल। बिलखिरिया थाना इलाके में गोवंश का वध करने के मामले में मंगलवार को चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने उनका जुलूस निकालते हुए उनके खिलाफ एनएसए के तहत भी कार्रवाई की है। इनमें से तीन को पूछताछ के लिए एक दिन के रिमांड पर भी लिया है। इस मामले में फरार एक आरोपित की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। पुलिस अधीक्षक देहात प्रमोद कुमार सिन्हा के मुताबिक अमझारा के जंगल में एक साथ आधा दर्जन गायों की हत्याकर उनका मांस बेचने के आरोप में चार युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान जहांगीराबाद में आम वाली मस्जिद के पास रहने वाले मो असलम, इस्लामपुरा तलैया निवासी अर्सलान कुरैशी, जिंसी चौराहा के पास रहने वाले मो सादिक एवं अमझरा निवासी नररुद्दीन के रूप में हुई।
इन्होंने जंगल में चरने गई गायों की हत्या करने के बाद मांस अजहर की लोडिंग पिकअप में भरकर बेचने के लिए भेज दिया था। अजहर की तलाश की जा रही है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त चाकू, बका के अलावा मृत गायों के सींग, कान का हिस्सा आदि भी बरामद किया है। आरोपित असलम, सादिक और अरसलान के खिलाफ एनएसए के तहत भी कार्रवाई भी की गई है। पुलिस ने आरोपितों का इलाके में जुलूस भी निकाला। गिरफ्तार आरोपितों में से अर्सलान और सादिक रायसेन जिले के सलामतपुर में भी गोकशी की वारदात कर चुके हैं। उनके खिलाफ सलामतपुर थाने मे केस भी दर्ज है।
राजस्थान: जिले में गौ माता की सेवार्थ गौसवामणी का हुआ आयोजन
राजस्थान: विक्रम संवत २०८१ आषाढ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी (१४ जूलाई २०२४) को महावीर प्रसाद बंसल मीरा देवी बंसल निवासी डाबला बिहार हाल निवासी रायपुर छत्तीसगढ़ के द्वारा गौ माता की सेवार्थ गौसवामणी का आयोजन किया गया।
विस्तार
राजस्थान: विक्रम संवत २०८१ आषाढ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी (१४ जूलाई २०२४) को महावीर प्रसाद बंसल मीरा देवी बंसल निवासी डाबला बिहार हाल निवासी रायपुर छत्तीसगढ़ के द्वारा गौ माता की सेवार्थ गौसवामणी का आयोजन किया गया।
विदित रहे महावीर मीरा देवी कमल खड़का वालों के मौसा मौसी हैं।कमल गौ सेवा के प्रति समर्पित हैं और सदैव सभी को गौ माता की सेवा के लिए प्रेरित करते रहते हैं उन्होंने भी गौशाला में सहयोग दिया है व गौसवामणी आयोजित करवाई है।विदित रहे बंसल परिवार गौ माता की सेवा के प्रति तथा सनातन धर्म के प्रति बहुत ही आस्थावान है और गौसेवा व धार्मिक कार्य में सदैव योगदान देता रहता है।
हम समस्त गौ सेवक आपका हार्दिक अभिनंदन करते हैं। ईश्वर व गौ माता की कृपा से आप व पूरा बंसल परिवार सदैव हंसता मुस्कुराता हुआ आनंदपूर्वक जीवन व्यतीत करें। सभी स्वस्थ रहें प्रसन्न रहें। आप सभी को इस पृथ्वी पर समस्त सुख प्राप्त हो आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो यही हम समस्त गो सेवकों की ईश्वर से प्रार्थना है।
चरित्रवान माता-पिता ही सुसंस्कृत संतान बनाते हैं*
छत्तीसगढ़ – गौ वंश के अवैध परिवहन पर सरकार ने सख्ती दिखाई
रायपुर। राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी गौ वंश के अवैध परिवहन पर सरकार ने सख्ती दिखाई है। इस संबंध में डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने आज ही आदेश जारी किया है। जिसके अनुसार सक्षम अधिकारी की अनुमति के बगैर परिवहन अवैध होगी।
गौ तस्करी अब गैर जमानती अपराध माना जाएगा। अवैध परिवहन पाए जाने पर सात साल तक की सजा और पचास हजार रुपए का जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। प्रदेश के जिस रूट पर अवैध परिवहन पाया जाता है वहां के एसपी और थाना प्रभारी का सीआरभी खराब होगा।
आदेश में कहा गया है कि अवैध परिवहन करने वालों पर ही बर्डन ऑफ प्रूफ की जिम्मेदारी होगी। परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाली गाड़ी में फलैक्स लगाने की अनिवार्यता होगी। अवैध परिवहन में इस्तेमाल गाड़ी राजसात की जाएगी। वाहन मालिकों पर भी कार्रवाई की जाएगी। गौ वंश के अवैध परिवहन को रोकने जिला स्तर पर एक राजपत्रित अधिकारी की नियुक्ति होगी। ये नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किए जाएंगे। अवैध परिवहन के पुराने प्रकरणों को जिलेवार एकत्रित किया जाएगा. आदतन अपराधियों को ट्रैक किया जाएगा. उन रास्तों पर भी निगरानी कड़ी होगी, जहां से अवैध परिवहन किया जाता रहा है.
ये हैं प्रमुख प्रावधान
पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 अनुसार पशुओं को मारने, ठोकर मारेगा, उस पर अत्यधिक सवारी करेगा, अत्यधिक बोझ लादेगा या किसी यान में ऐसे रीति से ले जाएगा, जिससे उसे यातना पहुंचती है या उसे परिरूद्ध करेगा, पर्याप्त खाना, जल या आश्रय नहीं देगा, उनके विरुद्ध दांडिक कार्यवाही किए जाने का प्रावधान किया गया है।
गौवंश एवं दुधारू पशुओं की तस्करी एवं वध की घटनाओं के रोकथाम के लिए आसूचना तंत्र विकसित किया जाएगा।
गौवंश का वध व वध किए जाने का प्रयास किए जाने की सूचना प्राप्त होने पर घटना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए सुसंगत धाराओं में अपराध दर्ज कर अभियुक्तों की पहचान स्थापित करते हुए कार्यवाही की जाएगी।
गौवंश एवं दुधारू पशुओं को अवैध परिवहन (तस्करी) के दौरान जब्त करने पर नियमानुसार संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए गौशाला कांजी हाउस या संबंधित संस्था को सुपुर्दगी में दिया जाएगा।
पशु वध शालाओं के विरुद्ध जिला मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी।
गौवंश का परिवहन सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी निर्धारित प्रारूप में अनुज्ञापत्र के बिना परिवहन न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
अनुज्ञापत्र धारक वाहनों में मवेशी के परिवहन करते समय पृथक से ऐसे वाहनों पर फ्लैक्स/बैनर लगाकर चिन्हाकिंत किया जाएगा कि ऐसे वाहन में गौवंश का परिवहन किया जा रहा है।
अवैध रूप से गौवंश परिवहन करने वाले वाहनों को राजसात किया जाएगा एवं वाहन मालिक पर भी आपराधिक दाण्डिक कार्यवाही किया जाएगा
प्रकरण में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
आरोपी, संदिग्ध, गवाह व मुखबीर से सघन पूछताछ करते हुए सूचना एकत्रित किया जाएगा।
विगत वर्षों में हुई घटनाओं की जानकारी संकलित व सूचीबद्ध करते हुए तस्करी के रूट, संवेदनशील क्षेत्र को चिन्हित करते हुए विशेष कार्य योजना तैयार की जाएगी।
जिला/थाना स्तर पर गौवध तथा गौवंश की तस्करी की घटनाओं में संलिप्त व्यक्तियों को चिन्हित कर इनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में विशेष रूप से अवैध परिवहन (तस्करी) रोकने संवेदनशील क्षेत्रों में स्थैतिक सर्विलेंस पाइंट स्थापित की जाएगी।
तस्करी में प्रयोग होने वाले संभावित मार्गों पर निरंतर पेट्रोलिंग की जाएगी।
अभियुक्तों द्वारा अवैध तस्करी से अर्जित सम्पत्ति को चिन्हित करते हुए नियमानुसार जब्ती/कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
विगत वर्षों की घटनाओं में संलिप्त अभियुक्तों की सूची तैयार कर आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी।
अपराध में संलिप्त सह-अभियुक्तों व सहयोगियों को चिहिन्त कर उन पर सतत् निगरानी रखी जाएगी।
उक्त प्रकरणों में अपराध विवेचना के साथ वित्तीय जांच एवं मनीट्रेल का भी पता लगाया जाएगा।
उक्त घटनाओं की रोकथाम के लिए अन्य विधि प्रवर्तक एजेंसी व राज्यों के साथ भी जानकारी साझा की जाएगी।
जिला स्तर पर गौवंश के वध तथा गौवंश व दुधारू पशुओं की तस्करी (अवैध परिवहन) से संबंधित समस्त लम्बित प्रकरणों की सूची तैयार कर इनका समुचित पर्यवेक्षण/मानिटरिंग करते हुए शीघ्र कार्यवाही पूर्ण कराकर निराकरण किया जाए।
दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा किया जाकर विवेचना की कमियों की पूर्ति के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए।
न्यायालय में विचाराधीन मामलों की अभियोजन में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए, जिससे अभियुक्तों की जमानत का लाभ न मिल सके तथा अभियुक्त को अभियोजित किया जा सके।
जिला स्तर पर एक राजपत्रित अधिकारी को उक्त घटनाओं की रोकथाम व पर्यवेक्षण करने नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी व इसकी जानकारी सभी थानों/जिला स्तर/सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि उक्त घटनाओं के संबंध में जानकारी नोडल अधिकारी को प्रदान की जा सके।
यदि किसी पुलिस अधिकारी/कर्मचारी की गौवंश के वध, गौवंश व दुधारू पशुओं की तस्करी (अवैध परिवहन) की कार्यवाही में किसी प्रकार की शिथिलता व संलिप्तता पायी जाती है तो उनके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.
स्टंटमैन से निर्देशक बने जेम्स जॉन बरला की हिंदी फिल्म “रॉकी दी स्लेव” 26 जुलाई 2024 को होगी सिनेमाघरों में रिलीज़
अक्षय कुमार की फिल्म इंटरनेशनल खिलाड़ी, और सनी देओल की फिल्म बॉर्डर, ज़िद्दी सहित दर्जनों फिल्मो में स्टंटमैन के रूप में जान जोखिम में डाल कर एक्शन करने वाले जेम्स जॉन बरला अब फिल्म डायरेक्टर बन गए हैं। स्टंटमैन के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत करने के बाद एक्शन डायरेक्टर फिर लेखक निर्देशक बने जेम्स जॉन बरला की हिंदी फिल्म “रॉकी दी स्लेव” 26 जुलाई 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है और यह फिल्म भी जबरदस्त और रियल एक्शन से भरपूर है।
हजारीबाग (झारखंड) से 80 के दशक में मुम्बई आए जेम्स जॉन बरला की जिंदगी की कहानी भी किसी फिल्म की स्टोरी से कम नही है। 14 वर्ष की छोटी सी उम्र में वे झारखंड से मुंबई आ गए थे। उन्होंने मायानगरी में बहुत कठिन संघर्ष किया फुटपाथ पर भी समय बिताया लेकिन हिम्मत नहीं हारी। तमाम परेशानियों का उन्होंने एक योद्धा की तरह सामना किया और बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई। हालांकि स्टंटमैन के रूप में उन्होंने जान हथेली पर रखकर शॉट्स दिए और वह भी उस दौर में जब इस तरह के खतरनाक सीक्वेंस के लिए सुरक्षा उपाय बहुत कम थे। जब एक्शन डायरेक्टर उन्हें बहु मंजिला बिल्डिंग से कूदने के लिए कहते तो जेम्स प्रभु का नाम लेकर निर्भीकता पूर्वक कूद जाते थे। हां कांच टूटने के सीन के दौरान कई बार वह चोटिल हुए। जेम्स ने सुपरस्टार अक्षय कुमार का आभार जताया कि उनके प्रयास से स्टंटमैन को इंश्योरेंस पॉलिसी मिल सका है।
स्टार एंजेल फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म रॉकी द स्लेव की निर्मात्री शोभा बरला हैं। फिल्म में शक्ति कपूर, दलीप ताहिल, सुदेश बेरी, मुश्ताक खान, प्रदीप काबरा जैसे कलाकारों ने अभिनय किया है। रॉकी का टाइटल रोल ईसा ने निभाया है जबकि रॉकी के बचपन के रोल में रिचर्ड बरला नज़र आएंगे, वहीं इस फिल्म की हिरोइन लेजली त्रिपाठी हैं।
फिल्म के निर्देशक और एक्शन डायरेक्टर जेम्स जॉन बरला ने बताया कि उन्होंने ही इस फिल्म की कहानी लिखी है। दरअसल यह फिल्म गुलामी की मानसिकता रखने वालों के विरुद्ध एक आवाज है कि आप किसी को ज्यादा दिनों तक गुलाम या स्लेव बनाकर नहीं रख सकते जब वह जागता है तो फिर रॉकी जैसा तूफान सामने आता है जो बड़ी तबाही मचाता है।

फिल्म की प्रोड्यूसर शोभा बरला ने कहा कि रॉकी द स्लेव दरअसल एक मनोरंजक सिनेमा है जिसमें अच्छी कहानी भी है, खतरनाक एक्शन भी है, ड्रामा भी है, रोमांस और सस्पेंस भी है। फिल्म की शूटिंग मुम्बई के स्टूडियो और कुछ जगहों पर की गई है।
फिल्म के निर्देशक एवं एक्शन डायरेक्टर जेम्स जॉन बरला ने बताया कि रॉकी द स्लेव के निर्माण में सभी कलाकारों और तकनीशियनों ने कड़ी मेहनत की है। हमें आशा है कि एक्शन फिल्मों के दीवाने दर्शकों को यह फिल्म पसंद आयेगी। फिल्म में चार अलग अलग सिचुएशन के गाने हैं। एक आइटम सॉन्ग ममता शर्मा ने गाया है जबकि फ़िल्म का टाइटल सॉन्ग अमेरिका के सिंगर अजिताभ रंजन (एजे रंजन) ने गाया है। एक लोरी अल्का याग्निक ने गाई है वहीं ऋतु पाठक की आवाज में एक रोमांटिक गीत है।
फिल्म का प्रचार वनअप रिलेशन्स द्वारा किया जा रहा है।
















