के. रवि को मातृशोक



मुंबई। इस वर्ष प्रयागराज में संपन्न हुए महाकुम्भ में सबसे ज्यादा जो डिजिटल प्लेटफार्म पर मशहूर हुई वह थी मोनालिसा। मोनालिसा इंदौर की है और वह रुद्राक्ष बेचने का काम करती है। सोशल मीडिया में प्रसिद्ध होते ही मोनालिसा पर बॉलीवुड की नजर पड़ी और उन्हें एक्टिंग के लिए ऑफर मिलने लगे। एक फिल्म के लिए उन्हें अनुबंधित भी कर लिया जिसके लिए वह एक्टिंग, डिक्शन के साथ साथ पढ़ाई लिखाई भी कर रही है। फिल्म से पहले मोनालिसा म्यूजिक वीडियो सॉन्ग “सादगी” से डेब्यू कर रही है। उत्कर्ष सिंह ऑफिसियल की प्रस्तुति इस अलबम में मोनालिसा के उत्कर्ष सिंह गीत गाते हुए दिखाई देंगे जिसे सहारा स्टार, मुंबई में लॉन्च किया गया। यह वीडियो सॉन्ग यूट्यूब पर उपलब्ध है। पोस्टर लॉन्च और प्रेस कॉन्फ्रेंस के अवसर पर मीडिया का जबर्दस्त क्रेज देखा गया। वहां सादगी म्यूजिक वीडियो सॉन्ग की पूरी टीम उपस्थित रही। इस दौरान मोनालिसा ने अपने अनुभव मीडिया से साझा किया और कहा कि सादगी गाना सुनके ऐसा लगा कि यह गाना मेरे लिए बना है। पहली बार कैमरा फेस करने में डर लगा तब उत्कर्ष सर ने हौसला बढ़ाया। शूटिंग पूरा होते होते कॉन्फिडेंस आ गया और लगा मैं अब अभिनय कर सकती हूं। इसके लिए डांस और एक्टिंग सीख रही हूं। इस गाने की शूटिंग के साथ ऐसा लगा कि मेरा सपना पूरा होगया। अगर भविष्य में मैं कुछ बन जाउंगी तो स्कूल खोलूंगी। क्योंकि पढ़ना बेहद जरूरी है। आप सारी जनता ने जो प्यार दिया है उसे ऐसे ही बनाये रखना और हर कदम पर साथ देना।
फिल्म के अभिनेता और गायक उत्कर्ष सिंह ने कहा कि मेरे पास दो गानों के टाइटल थे जब मोनालिसा से मुलाकात हुई तब लगा सादगी गीत उन पर अच्छा लगेगा। कुछ शब्दों को जोड़ा गया और एक बेहतर रोमांटिक और सॉफ्ट सॉन्ग तैयार हो गया। जब शूटिंग कर रहे थे तो मोनालिसा खुश और कंफर्टेबल थी। अगर लाइफ में आगे बढ़ना होता है तो अपॉर्चुनिटी मिल ही जाती है। सादगी गाना बेहद डिसेंट सॉन्ग है और बेहद खूबसूरती से शूट किया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने पिता के साथ मोनालिसा बहुत खुश थी साथ ही उनके गुरु महेंद्र सिंह लोधी भी थे जो उन्हें पढ़ना लिखना सिखा रहे हैं।
अलबम के गीत के बोल को शैल सैनी ने लिखा है और निर्देशक अभिजीत नाग एवं क्रिएटिव प्रोड्यूसर ऋषभ दीक्षित हैं।
– गायत्री साहू
मुंबई। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (SSR) की 5वीं पुण्यतिथि पर मुंबई के सांताक्रुज में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर आयुष SR, सैंडी SR और उनके प्रशंसकों ने SSR की पवित्र आत्मा की शांति और न्याय की मांग के लिए विशेष पूजा-पाठ, हवन और प्रार्थना सभा का आयोजन किया।
कार्यक्रम में शन्ति पूर्ण रूप से “जस्टिस फॉर SSR” की गुहार दोहराई।
आयुष SR और सैंडी SR ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम सिर्फ एक कलाकार के लिए नहीं, बल्कि एक इंसाफ की प्रतीक्षा कर रहे हर आम इंसान के लिए आवाज़ उठा रहे हैं। SSR का सपना, मेहनत और मुस्कुराहट आज भी हमारे दिलों में ज़िंदा है। जब तक उनको न्याय नहीं मिलेगा हम आवाज उठाते रहेंगे।”
साथ ही सुशांत सिंह राजपूत के केस में जानकारी देते हुए बताया कि यह केवल भ्रांति है कि यह केस बंद हो गया है यह केस अभी भी कोर्ट में है केवल उनके परिवार द्वारा की गई एफआईआर पर स्टे के लिए दवा आपत्ति की गई थी जिस पर अभी तक कार्यवाही नहीं हुई। केस चल रहा है और सीबीआई का कार्य जारी है। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन भी हर वर्ष कार्यक्रम में उपस्थित होती थी मगर इसवर्ष वह यूएस में होने के कारण इस कार्यक्रम में आ नहीं पाई लेकिन उन्होंने सभी प्रसंशकों से विनती की है कि जस्टिस ऑफ सुशांत की लौ बुझने नहीं देना है।
पुण्यतिथि का यह आयोजन एक बार फिर यह संदेश लेकर आया कि सुशांत सिंह राजपूत को भुलाया नहीं गया है, और उनके लिए न्याय की उम्मीद आज भी ज़िंदा है।
सर्बानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्तिकरण मंत्र – युवा शक्ति, नारी शक्ति, कृषक शक्ति, गरीब कल्याण – को विकसित भारत की कल्पना को आगे बढ़ाने के लिए उद्धृत किया
केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री, श्री सर्बानंद सोनोवाल ने घोषणा की कि भारत 2029 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है, उन्होंने राष्ट्रीय विकास के “बेरोक आगे बढ़ने” के लिए नरेन्द्र मोदी के 11 साल के “निर्णायक और भ्रष्टाचार मुक्त” शासन को श्रेय दिया।
एनडीए सरकार की 11वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज डिब्रूगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि भारत नीतिगत पक्षाघात और वंशवादी कुशासन के युग से मुक्त हो गया है और अब कल्याण-आधारित विकास, युवा-संचालित नवाचार और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे में बदलाव से संचालित है।
श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “सिर्फ़ एक दशक में 25 करोड़ से ज़्यादा भारतीय ग़रीबी से ऊपर उठ गए हैं। यह संख्या ज़्यादातर यूरोपीय देशों की आबादी से भी ज़्यादा है।” “यह मोदी की गारंटी है – तेज़ी, आकार और ईमानदारी के साथ काम करना।”
मोदी सरकार के तहत आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारत का चौथी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनना अभी शुरुआत है। “2029 तक, भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। हम विकसित भारत-एक विकसित, आत्मनिर्भर भारत की नींव रख रहे हैं।”
श्री सोनोवाल ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में हो रही वृद्धि का हवाला दिया – 2014 में 30,000 से बढ़कर आज 1 लाख से ज़्यादा – जो देश की बदलती मानसिकता का सबूत है। “यह एक नया भारत है, जिसका नेतृत्व युवा सपने देखने वाले और काम करने वाले लोग कर रहे हैं। 1.7 करोड़ से ज़्यादा युवा अब इस जीवंत स्टार्टअप आंदोलन का हिस्सा हैं।”
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह “दशकों से किसानों के प्रति उदासीनता बरत रही है।” सोनोवाल ने पीएम-किसान, पीएम फसल बीमा योजना और एमएसपी में वृद्धि जैसी योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार “भारत के अन्नदाता की गरिमा और आय को बहाल कर रही है।” सोनोवाल ने कहा, “असम में, हम अब धान के लिए 2,350 रुपये प्रति क्विंटल की पेशकश कर रहे हैं। यह कोई खैरात नहीं है – यह हमारे किसानों को उनका हक है।”
केन्द्रीय मंत्री, जो लोकसभा में डिब्रूगढ़ का भी प्रतिनिधित्व करते हैं, ने कहा कि पूर्वोत्तर में परिवर्तन मोदी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण विरासतों में से एक है। सोनोवाल ने कहा, “मोदी जी ने 70 से अधिक बार पूर्वोत्तर का दौरा किया है – यह इतिहास में किसी भी अन्य प्रधानमंत्री की तुलना में अधिक है। उनके विजन ने इस क्षेत्र को एक उपेक्षित सीमा से विकास के नए इंजन में बदल दिया है।”
श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि हाल ही में हुए ‘राइजिंग नॉर्थईस्ट’ शिखर सम्मेलन में 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के वादे सुरक्षित किए गए थे, जिसमें सड़कों और रेलवे से लेकर इंटरनेट और जलमार्ग तक प्रमुख कनेक्टिविटी अपग्रेड चल रहे हैं। श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “जोगीघोपा, धुबरी, पांडु और डिब्रूगढ़ में आधुनिक नदी बंदरगाह जल्द ही असम को दुनिया से जोड़ देंगे। हम सिर्फ बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं कर रहे हैं – हम भविष्य को नया आकार दे रहे हैं।”
श्री सोनोवाल ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं की प्रशंसा की, जिसके तहत 81 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है, और प्रधानमंत्री आवास योजना जिसके तहत 4 करोड़ घरों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य से लेकर आवास तक, पोषण से लेकर स्वरोजगार तक, इस सरकार ने काम किया है।” उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि जैसी योजनाओं का हवाला दिया, जिससे 68 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ मिला है।
उन्होंने कहा कि महिला और युवा सशक्तिकरण इस बदलाव के केन्द्र में हैं। सोनोवाल ने कहा, “संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण से लेकर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं तक, हम भारत के सामाजिक ताने-बाने को नया आकार दे रहे हैं।” उन्होंने खेलो इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से भारत की बढ़ती खेल प्रोफ़ाइल पर भी प्रकाश डाला।
भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति की सराहना करते हुए, श्री सोनोवाल ने कहा कि चंद्रयान, वंदे भारत ट्रेन और सागरमाला के तहत हरित बंदरगाह विकास जैसी पहलों ने भारत को विश्व स्तर पर गंभीर प्रतिष्ठा दिलाई है। श्री सोनोवाल ने कहा, “यह अवसरों को खोने वाला भारत नहीं है। यह वह भारत है जो परिणाम देता है।”
श्री सोनोवाल ने निष्कर्ष निकाला, “एक साहसी प्रधानमंत्री, एक प्रतिबद्ध टीम और एक साझा लक्ष्य वाला एक अरब से अधिक का राष्ट्र – यही वह चीज है जो आज के भारत को कहीं न रूकने वाला बनाती है।” “मोदी दशक ने इसकी नींव रखी है। अगला दशक एक उभरते भारत का है – जो आत्मविश्वास से भरा, सक्षम और दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में, श्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ असम सरकार के मंत्री प्रशांत फुकन, उज्जवल फुकन; असम पर्यटन विकास निगम (एटीडीसी) के अध्यक्ष रितुपर्णा बरुआ, डिब्रूगढ़ विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अध्यक्ष अखीम हजारिका, भाजपा के डिब्रूगढ़ जिला अध्यक्ष दुलाल बोरा; डिब्रूगढ़ नगर निगम (डीएमसी) के मेयर सैकत पात्रा, असम गैस कंपनी के उपाध्यक्ष इंद्रा गोगोई, डिब्रूगढ़ जिला मोहिला मोर्चा की अध्यक्ष मामून गोगोई सहित अन्य उपस्थित थे।



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Khargone News Today: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के अम्बाडोचर गांव में बकरीद के मौके पर कथित गोवंश की कुर्बानी के मामले को लेकर एक बार हिंदू संगठनों ने हंगामा किया. इस घटना में पुलिस ने अब तक सात आरोपियों पर कार्रवाई की है, लेकिन हिंदू संगठनों का कहना है कि आरोपी 20 के करीब हैं और उन सभी पर मामला दर्ज किया जाना चाहिए.हिंदूवादी संगठनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि घटना के पांच दिन बाद भी बाकी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई. इसको लेकर हिंदूवादी संगठनों ने अम्बाडोचर से चैनपुर थाने तक पैदल ‘गौ न्याय यात्रा’ निकाली. इस दौरान हिंदू संगठनों सभी दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए रैली निकाली और जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया.
ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने पुलिस से यह भी मांग की है कि घटना में शामिल ग्राम पंचायत अम्बाडोचर के सहायक सचिव समीर खान और उपसरपंच सत्तार पर भी कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही उन्होंने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की भी मांग की. हिंदू संगठनों की मांग पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं, इसकी वजह यह है कि पुलिस जांच में जो लोग इस घटना में शामिल नहीं पाये गए उन पर कार्रवाई करने की मांग की जा रही है.
हिंदू संगठनों का आरोप है कि इस घटना में 20 से अधिक लोग शामिल हैं और पुलिस को सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी चाहिए. इस मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और हिंदूवादी संगठन जल्द से जल्द सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. हिंदूवादी संगठनों के विरोध प्रदर्शन और आक्रमक रवैये देख अल्पसंख्यक समुदाय के साथ हिंदू समाज के लोग भी दहशत में हैं.
(रमाकांत पंत-विभूति फीचर्स)
देहरादून/14 जून 2025, पौड़ी गढ़वाल के पट्टी असवालस्यू के ग्राम बलोद में तीन दिवसीय इष्ट देव भैरवनाथ की पूजा उत्सव का विधि विधान एवं दिव्य – भव्य प्रकार से समापन हुआ।
प्रति 2 वर्ष के अंतराल के पश्चात ग्राम वासियों एवं आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों द्वारा यह उत्सव हर्षोल्लास से मनाया जाता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार मीडिया प्रभारी संजय बलोदी प्रखर ने बताया कि इस प्रकार का यह उत्सव ग्राम बलोद में गत लगभग 200 वर्षों से मनाया जाता रहा है !
हालांकि प्रारंभिक काल में यह भैरवनाथ पूजा सूक्ष्म रूप में मनायी जाती थी किंतु अब भव्य तरीके से की जाती है !
इस वर्ष की पूजा की विशेष उपलब्धि यह रही कि इस वर्ष उत्तराखंड प्रदेश में रहने वाले बलोदी परिवार के अधिकतर लोग इस पूजा में शामिल हुए।
इस आयोजन में भैरवनाथ कुल देव की विधि- विधान से पूजा-अर्चना कर प्रतिदिन रात भर मंडाण एवं कीर्तन -भजन किया जाता है। पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहता है और इन तीन दिवसों में संपूर्ण ग्रामवासियों के लिए भंडारे की व्यवस्था की जाती है! इस अवसर पर देश-विदेश एवं प्रदेश से सैकड़ों बलोदी परिवार के लोग सम्मिलित होते हैं! यही नहीं यहां की बहू- विवाहित बेटियों(दिशा ध्याणि) को विशेष तौर पर आमंत्रित किया जाता है।इस आयोजन के प्रमुख व्यक्तियों में से पारेश्वर प्रसाद बलोदी एवं जनार्दन बलोदी के मार्गदर्शन में संपूर्ण ग्राम वासियों द्वारा यह आयोजन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है!
पारेश्वर प्रसाद बलोदी ने बताया कि ग्राम बलोद, समस्त बलोदी जाति के लोगों का मूल स्थान है!इसके अतिरिक्त उत्तराखंड में टिहरी, अल्मोड़ा सहित अन्य जिलों में रह रहे बलोदी परिवार के लोगों को भी समिति द्वारा बुलाया जाता है! इस तीन दिवसीय आयोजन में प्रति दिवस भंडारा की व्यवस्था की जाती है जिसमें सैकड़ो लोग भंडारा प्रसाद ग्रहण करते हैं एवं साथ ही समर्पित भक्ति भाव से देवता भैरव की पूजा की जाती है!इस मंदिर प्रांगण में भैरव बटुकनाथ के अतिरिक्त मां दुर्गा, गणेश, श्री कृष्ण , नागराज ,भगवान शिव की मूर्तियां भी स्थापित की गई है।गांव के लोगों ने बताया कि लगातार यात्रियों एवं श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बावजूद यह क्षेत्र अभी भी कच्ची सड़क मार्ग से जुड़ा है! जिससे यात्री एवं स्थानीय निवासियों को प्रवास करने में परेशानी होती है। यही नहीं यह क्षेत्र अभी भी पीने के पानी की समस्या से जूझ रहा है ! इस संबंध में स्थानीय विधायक को भी अवगत कराया गया किंतु यह अभी तक अछूता रहा है !स्थानीय जन- प्रतिनिधियों का कहना है कि इस क्षेत्र में सड़क डामरीकरण एवं पेयजल सुविधा का शासन -प्रशासन शीघ्र निस्तारण करें ! जिस कारण यात्रियों की संख्या और भी बढ़ सकती है जहां प्रधानमंत्री टूरिज्म एवं वेडिंग डेस्टिनेशन को बढ़ावा दे रहे हैं..जिनमें से इस प्रकार के स्थल व आयोजन प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं!
अब गाय का दूध ही नहीं, उनका गोबर, मूत्र और पैर से कुचले गए खरपतवार की भी कीमत मिलेगी। इसके लिए गोशालाओं में कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट लगेंगे। यहां पंचगव्य भी बनाया जाएगा। पहले चरण में आठ मंडलों में ये प्लांट लगाए जाएंगे। शुरुआत बरेली से होगी। गो सेवा आयोग और पशुपालन विभाग मिलकर इस परियोजना को अंतिम रूप दे रहे हैं। प्रदेश के हर जिले में गोशालाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। गोशालाओं में लगने वाले सीबीजी प्लांट में आसपास के किसान भी गाय का दूध, दही, गोबर व मूत्र आदि बेच सकेंगे। इससे न सिर्फ गोशालाओं की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि आसपास के गांवों के किसानों की भी आमदनी बढ़ेगी। साथ ही गोवंशों का संवर्धन भी होगा। मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में गोशालाओं में सीबीजी प्लांट चल रहे हैं। प्लांट को ऑयल और गैस कंपनियों के सहयोग से स्थापित किया गया है। ग्वालियर के लालटिपारा गोशाला के स्वामी देवानंद ने बताया कि प्लांट लगने के बाद गोबर और गोमूत्र से गाय के खाने का खर्चा निकल जाता है। दूध अतिरिक्त लाभ में है।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर के लालटिपारा गोशाला में चल रहे सीबीजी प्लांट और पंचगव्य प्लांट के बारे में स्वामी देवानंद और सिलीगुड़ी के प्रभु गुप्ता गो सेवा आयोग आए थे। इन्होंने वहां चल रहे प्लांट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दोनों ने कम्प्रेस्ड बायो गैस और पंचगव्य उत्पादों के संबंध में नवीन प्राद्योगिकी एवं मॉडल साझा किया। बताया कि सीबीजी संयंत्र गाय के गोबर को बायो सीएनजी (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) और जैविक खाद में बदल देता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन को कम करते हुए स्थायी विधियों को बढ़ावा मिलता है।