मुंबई के सभी पक्षों को उजागर करती है राजेश विक्रांत की आमची मुंबई-2

मुंबई। भारतीय मूल के उद्यमियों द्वारा स्थापित पोलैंड स्थित FMCG कंपनी ताज इंडियन ग्रुप ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वैश्विक आयात-निर्यात डेटा के अनुसार अपने परिचालन के पहले वर्ष में ही HS कोड 22029920 के तहत भारत के शीर्ष चार जूस निर्यातकों में स्थान पाने का उल्लेखनीय गौरव हासिल किया है।
यह विशिष्ट HS कोड फलों के गूदे या फलों के रस-आधारित पेय पदार्थों से संबंधित है। पारले एग्रो ने सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि ताज इंडियन ग्रुप ने चौथा स्थान प्राप्त किया।
ताज इंडियन ग्रुप के संस्थापक हरप्रीत सिंह ने कहा कि गुजरात से फलों के रस और स्पार्कलिंग ड्रिंक जैसे हमारे अनुबंध-निर्मित गैर-अल्कोहल राईना जूस पदार्थों को लॉन्च करने के सिर्फ़ एक साल के भीतर, प्रीमियम फलों से बने हमारे गूदे-आधारित उत्पाद पूरे यूरोप में तुरंत पसंदीदा बन गए। हमने अब भारत और यूरोप के बीच एक विश्वसनीय और कुशल निर्यात-आयात आपूर्ति श्रृंखला बनाई है और कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में सक्रिय रूप से विस्तार कर रहे हैं।
प्रेस क्लब, मुंबई में ताज इंडियन द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आकाश एंटरप्राइजेज के मालिक और पुणे के सुपर स्टॉकिस्ट आकाश दिलीप सोलापुरे भी शामिल हुए, जिन्होंने ब्रांड की क्षमता पर भरोसा जताया और कहा कि ताज इंडियन ग्रुप ने सिर्फ़ एक साल में जो हासिल किया है, वह किसी असाधारण उपलब्धि से कम नहीं है। एक भागीदार के रूप में, मैंने खुद देखा है कि कैसे उपभोक्ता इन उत्पादों के स्वाद और गुणवत्ता को पसंद कर रहे हैं। भारत में, कंपनी के उत्पाद अब 12 प्रमुख शहरों और पाँच राज्यों: महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, असम और पश्चिम बंगाल में 5,000 से ज़्यादा खुदरा दुकानों में उपलब्ध हैं। सह-संस्थापक और सीईओ गौतम कुमार ने कंपनी की घरेलू विकास योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य 15 और राज्यों और 30 शहरों में विस्तार करना है, जिसमें प्रीमियम भारतीय मसालों, स्नैक्स, बेकरी आइटम और रेडी-टू-ईट भोजन में 300 से ज़्यादा SKU की विविधतापूर्ण सूची शामिल है। उत्पादन को और बढ़ावा देने तथा मेक इन इंडिया पहल का समर्थन करने के लिए, कंपनी गुजरात में ₹50 करोड़ की लागत वाली एक मिनी फ़ूड पार्क परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के अंतिम चरण में है, जिसे निजी इक्विटी तथा सरकारी अनुदान के मिश्रण से वित्तपोषित किया जाएगा।
5-6 एकड़ में फैले इस फ़ूड पार्क में 7-8 एकीकृत इकाइयाँ होंगी, जिनकी दैनिक उत्पादन क्षमता निम्न प्रकार होगी:
जूस और पेय पदार्थ: 50,000 लीटर
मसाले: 10 मीट्रिक टन
स्नैक्स और बेकरी: 5 मीट्रिक टन
रेडी-टू-ईट भोजन: 25,000 पैक
इस पहल से 500 प्रत्यक्ष तथा 800 अप्रत्यक्ष नौकरियाँ सृजित होने की उम्मीद है।
प्रेस वार्ता के दौरान अनिरुद्ध चौधरी, टीम लीड – पुणे तथा महबूब भट्टी, बिज़नेस ग्रोथ पार्टनर – मुंबई सहित टीम के प्रमुख सदस्य उपस्थित थे, जो दोनों ही कंपनी के क्षेत्रीय विस्तार प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पंकज देशमुख (देशमुख वितरक) ठाणे के अधिकृत सुपर स्टॉकिस्ट हैं, जो महाराष्ट्र में अपनी उपस्थिति को मजबूत कर रहे हैं।
ताज इंडियन ग्रुप एक 100% बूटस्ट्रैप्ड उद्यम बना हुआ है जिसका कॉर्पोरेट कार्यालय मुंबई में है। कंपनी अब रणनीतिक और वित्तीय साझेदारी के लिए तैयार है क्योंकि यह विकास के अगले चरण की तैयारी कर रही है।
Jashpur. जशपुर। जिले में सक्रिय गौ-तस्करी के खिलाफ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत जशपुर पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस अभियान के अंतर्गत गौ-तस्करों के चंगुल से 09 गौ-वंशों को सकुशल छुड़ाया, जबकि इस दुखद घटना में एक गौ-वंश की मौत हो गई। घटना के समय तस्कर एक पिकअप वाहन में इन मवेशियों की तस्करी कर रहे थे, जो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे के तुरंत बाद आरोपी तस्कर वाहन और मवेशियों को मौके पर छोड़कर भाग निकले।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जशपुर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर एक पिकअप वाहन में गौ-वंशों को भरकर अवैध रूप से तस्करी के लिए ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर निगरानी शुरू कर दी। इसी बीच, संदेहास्पद पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना गंभीर था कि उसमें एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी 09 गौ-वंशों को घायल अवस्था में पुलिस ने बचा लिया। हादसे का फायदा उठाकर तस्कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल मौके पर
गौरतलब है कि जशपुर जिले में बीते कुछ महीनों से गौ-तस्करी की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए जशपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा “ऑपरेशन शंखनाद” नामक एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई थी। इस अभियान के तहत जिलेभर में मवेशियों की अवैध तस्करी, वध, परिवहन और व्यापार पर निगरानी रखी जा रही है। अभियान की निगरानी स्वयं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कर रहे हैं और लगातार कार्रवाई जारी है। जशपुर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल गौ-वंशों की रक्षा की दिशा में एक सराहनीय कदम है, बल्कि इससे अवैध गतिविधियों में लिप्त तस्करों को भी स्पष्ट संदेश मिला है कि इस तरह की गैरकानूनी हरकतें अब बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
मुंबई। गली मोहल्ला क्रिकेट लीग (जीएमसीएल) ने मुंबई में जमीनी स्तर पर क्रिकेट में क्रांति लाने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना का अनावरण किया, जिसमें खेलों के माध्यम से नशे की लत से निपटने के लिए महाराष्ट्र पुलिस के साथ एक ऐतिहासिक गठबंधन पर हस्ताक्षर किए गए।
अंधेरी के कंट्री क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, सतकर्मिक मिशन के आध्यात्मिक प्रमुख बाबा इंदरप्रीत सिंह ने राष्ट्र विकास के लिए युवाओं को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “जीएमसीएल बदलाव के लिए एक आंदोलन है, जो नशामुक्ति और दिशाहीन युवाओं को जमीनी स्तर पर काम करने के लिए मार्गदर्शन देने पर केंद्रित है।”
ग्लोबल मिडास कैपिटल फंड के निदेशक अमन बांदवी ने मजबूत राष्ट्रों के निर्माण में प्रभाव निवेश के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारा ध्यान खेलों के माध्यम से वास्तविक दुनिया की चुनौतियों को कम करने पर है और क्रिकेट बदलाव का एक शक्तिशाली माध्यम है।”
“हम जीएमसीएल के प्रभाव को मापने और युवा लोगों के जीवन में एक स्थायी अंतर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” जीएमसीएल और प्राइड अकादमी के निदेशक हरमीत सिंह ने स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों के साथ गठजोड़ के माध्यम से फिटनेस, मानसिक लचीलापन और उज्ज्वल दिमागों को पोषित करने पर लीग के फोकस के बारे में बात की। जीएमसीएल के सीईओ रमन गांधी ने सड़कों से प्रतिभाओं की खोज करने और युवा क्रिकेटरों को चमकने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए लीग की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीएमसीएल महाराष्ट्र की टीम मौजूद थी, जिसमें सूरज पालकर, संदीप मघाड़े, रिजवान खान, शशांक यादव, हरक्षा तांबे, इम्तियाज शेख, मुनाफ अमीराली, रऊफ शेख, जावेद शेख और हरेश आचरेकर शामिल थे, जिसने लीग के लॉन्च के उत्साह को और बढ़ा दिया।
टीमें 1100 रुपये के पंजीकरण शुल्क के साथ पंजीकरण करती हैं। 11 लाख रुपये की पुरस्कार राशि, जिसमें उपविजेता के लिए 5 लाख रुपये शामिल हैं। प्रत्येक टीम कम से कम 10 मैच खेलेगी, जिसमें एक पुरस्कार पूल भी शामिल है जिसमें प्रशिक्षण के लिए 1 साल का प्रायोजन भी शामिल है। पंजीकरण शुल्क लगभग 10 रुपये प्रति मैच है।
लीग के उद्घाटन मैच खार जिमखाना में आयोजित किए जाएंगे, जिसका आयोजन महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से किया जाएगा, जो जीएमसीएल और पुलिस विभाग के बीच नशा मुक्ति पहल में साझेदारी को और मजबूत करेगा।
लीग ने मुंबई में कम से कम 500 टीमों, 5500 खिलाड़ियों और 5000 मैचों की योजना बनाई है, जो जमीनी स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा देने और युवाओं के जीवन पर स्थायी प्रभाव डालने की इसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे और रायगढ़ को कवर करने वाले चार क्षेत्रों के लिए पंजीकरण अब खुले हैं।

16 जून 2025 को केरल में एनएच-66 के चेंगाला-नीलेश्वरम खंड पर कासरगोड जिले के चेरक्काला में ढलान संरक्षण कार्यों के ढहने की घटना की सूचना मिली थी। इस घटना को अनुचित डिजाइन, अपर्याप्त ढलान संरक्षण कार्य और खराब जल निकासी का कारण बताया जा रहा है।
इस घटना को देखते हुए रियायतग्राही और उसके प्रमोटर मेसर्स मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को भविष्य की बोलियों में भाग लेने से रोक दिया गया है क्योंकि वे पर्याप्त ढलान संरक्षण कार्य करने में असफल रहे हैं और ऐसे जोखिमों को कम करने के लिए उचित जल निकासी व्यवस्था नहीं बना पाए हैं। रियायतग्राही को एक वर्ष के लिए रोक लगाने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है, जिसमें 09 करोड़ रुपये तक का मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है।
यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मोड (एचएएम) पर है, जहां रियायतग्राही को इस खंड का 15 वर्षों तक रखरखाव करना होगा तथा ढलान संरक्षण कार्यों का पुनर्निर्माण स्वयं के खर्च पर करना होगा।
केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) के वरिष्ठ वैज्ञानिक, आईआईटी-पलक्कड़ के सेवानिवृत्त प्रोफेसर और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है, जो साइट का दौरा करेगी और केरल राज्य में एनएच-66 की डिजाइन और निर्माण की समीक्षा करेगी। समिति परियोजना के लिए विस्तृत उपचारात्मक उपाय भी सुझाएगी। एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) इस घटना से निपटने को सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।
जयपुर में रविवार को आयोजित गौ ध्वज पूजन और परिक्रमा कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रतिनिधि योगीराज शैलेन्द्र महाराज ने एक बड़ा राजनीतिक ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि गौ भक्त सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित न रहें, बल्कि राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। इसी दिशा में एक पहल के तहत देशभर में 33 करोड़ ‘गौ मतदाता’ बनाए जाएंगे, जो गाय के नाम पर खड़े उम्मीदवार को ही वोट देंगे।
शैलेन्द्र महाराज ने कहा कि यदि कोई पार्टी या प्रत्याशी गौ सेवा और संरक्षण की शपथ लेकर सामने आता है, तो गौ क्रांति मंच उसका समर्थन करेगा। लेकिन जो सरकारें गौ माता के नाम पर वादे कर सत्ता में आती हैं और बाद में चुप्पी साध लेती हैं, उनके विकल्प तैयार किए जाएंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में जिस सरकार ने गौ माता को राज्य माता का दर्जा दिया, वह सरकार दोबारा सत्ता में लौटी। इससे यह स्पष्ट है कि गाय के लिए कार्य करने वाले ही सत्ता में वापसी करते हैं।
उन्होंने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पिछले वर्ष पूरे भारत में गौ प्रतिष्ठा यात्रा निकाली थी, और हर राज्य की राजधानी में जाकर गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की गई थी। लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इसलिए अब जनजागरण का तरीका बदला जा रहा है, और राजनीतिक हस्तक्षेप की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।