Joshimath: यहां थीं सौ से ज्यादा जलधाराएं, सर्वे आफ इंडिया ने बनाया था नक्शा
जोशीमठ क्षेत्र में एक दौर में सौ से अधिक जलधाराएं व जलकुंड थे, जो वक्त के साथ भूमिगत हो गए या फिर विलुप्त।
सर्वे आफ इंडिया ने तो इन जलधाराओं का बाकायदा नक्शा तैयार किया था। अब जबकि जोशीमठ में हो रहे भूधंसाव के पीछे इन जलधाराओं के भूमिगत होने को भी कारण के तौर पर देखा जा रहा है तो इस नक्शे की खोज की जा रही है।
सर्वे आफ इंडिया से मंगवाया जा रहा नक्शा
सूत्रों के अनुसार शासन द्वारा सर्वे आफ इंडिया से नक्शा मंगवाया जा रहा है। इससे जोशीमठ में भूधंसाव के कारणों की जांच में जुटी एजेंसियों को मदद मिलेगी। साथ ही जलधाराओं व जलकुंडों को लेकर तस्वीर भी साफ हो सकेगी। उधर, राष्ट्रीय भूभौतिकीय संस्थान (एनजीआरआइ) और केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्लूबी) जोशीमठ के जलस्रोतों का नक्शा तैयार करने के मद्देनजर अध्ययन में जुटे हैं।
सीमांत चमोली जिले में स्थित जोशीमठ शहर की बसागत पुराने भूस्खलन के मलबे वाले क्षेत्र में हुई है। वर्तमान में यह खूबसूरत शहर भूधंसाव का दंश झेल रहा है। इसे देखते हुए शहर के सुनील वार्ड से लेकर एटीनाला व अलकनंदा नदी तक के क्षेत्र को आपदाग्रस्त घोषित किया गया है। इसी क्षेत्र में भूधंसाव और भवनों व भूमि में दरारें आई हैं। इस बीच दो जनवरी को जोशीमठ की जेपी कालोनी में जलधारा फूटी, जिससे निरंतर गादयुक्त पानी निकल रहा है।
इसे देखते हुए जोशीमठ में भूधंसाव के लिए इस क्षेत्र में स्थित जलधाराओं व जलकुंडों के सिमटने को भी एक कारण के रूप में देखा जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इन जलस्रोतों के भूमिगत होने और इनका प्राकृतिक प्रवाह रुकने से यह पानी जमीन के भीतर ही कहीं इकट्ठा हुआ है, जिसके कारण क्षेत्र में भूधंसाव हो रहा है।
इस आशंका के दृष्टिगत पड़ताल हुई तो पता चला कि वर्ष 1970 से पहले तक इस क्षेत्र में सौ से अधिक जलधाराएं व जलकुंड विद्यमान थे। अब सर्वे आफ इंडिया से इसका नक्शा मांगा जा रहा है, ताकि पता चल सके कि जोशीमठ क्षेत्र में कहां-कहां पर जलधाराएं व जलकुंड थे, जो विलुप्त अथवा भूमिगत हो गए।
सिंहधार में थीं कई जलधाराएं
जोशीमठ के सिंहधार क्षेत्र में भी कभी एक दर्जन से अधिक जलधाराएं थी, जो धीरे-धीरे विलुप्त होती चली गईं। स्थानीय बुजुर्ग भी इससे इत्तेफाक रखते हैं। सिंहधार से लेकर जेपी कालोनी तक के क्षेत्र की ढलान पर अधिक तनाव है।
इस कारण सिमटी जलधाराएं , प्राकृतिक आपदाएं, अनियोजित व अनियंत्रित निर्माण, धारण क्षमता से अधिक भार, प्राकृतिक कारणों से भी कुछ धाराएं सिमटीं , जोशीमठ की जलधाराओं के बारे में जानकारी ली जा रही है। एनजीआरआइ व सीजीडब्लूबी भी जलस्रोतों का नक्शा बनाने को अध्ययन कर रहे हैं और जल्द ही अपनी रिपोर्ट देंगे। यह नक्शा मिलने पर साफ हो सकेगा कि जोशीमठ क्षेत्र में कहां-कहां कितनी जलधाराएं थीं और इनका प्रवाह रुकने से क्या असर पड़ा।
ऑलमोस्ट प्यार विद डीजे मोहब्बत’ का ट्रेलर जारी
गुड बैड फिल्म्स प्रोडक्शन के बैनर तले निर्मित और ज़ी स्टूडियोज की नवीनतम प्रस्तुति मॉडर्न लव पर आधारित फिल्म ‘ऑलमोस्ट प्यार विद डीजे मोहब्बत’ का ट्रेलर पिछले दिनों एक ग्रैंड इवेंट के दौरान मुंबई में जारी किया गया। निर्माता – रंजन सिंह, कबीर आहूजा और शारिक पटेल की इस बहुप्रतीक्षित फिल्म के ट्रेलर में ड्रामा, रोमांस, दर्द और मस्ती का तड़का के साथ दिखाया गया है कि डिजिटल युग के युवा प्यार के बारे में क्या सोचते हैं। फिल्म में नवोदित अभिनेत्री अलाया एफ और अभिनेता करण मेहता की जोड़ी नज़र आएगी। अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित यह फिल्म 3 फरवरी, 2023 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। इस फिल्म के संगीतकार अमित त्रिवेदी हैं।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय
गंधार समूह ने मनोरंजन उद्योग में रखा कदम
फिल्म डिवीजन है गंधार फिल्म्स एंड स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड
निर्माण उद्योग में लगभग 30 वर्षों के अनुभव के साथ, गंधार समूह ने दर्शकों के लिए विभिन्न प्रारूपों में अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री बनाने के एक बड़े लक्ष्य के मीडिया और मनोरंजन उद्योग में पिछले साल प्रवेश किया है। फिल्मों के साथ ही मीडिया और मनोरंजन प्रभाग का ध्यान, गांधार फिल्म्स एंड स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा रखा जाएगा। प्रबंधन इस विशेष डिवीजन में बहुत ध्यान रखे हुए है क्योंकि इसकी विस्तार की योजनाएं बहुत बड़ी है। फिल्म और प्रोडक्शन डिवीजन का प्राथमिक उद्देश्य दर्शकों को कंटेंट आधारित सिनेमा देना, नए जमाने के सिनेमा को प्रोत्साहित करना और नवोदित निर्देशकों के साथ काम करना होगा। जबकि उनका आंतरिक प्रबंधन उनके कास्टिंग विभाग के माध्यम से नई प्रतिभाओं के लिए अवसर तलाश रहा है, गंधार फिल्म्स अनुभवी निर्देशकों और अभिनेताओं के साथ भी काम करेगी।
गंधार फिल्म्स एंड स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड के वर्तमान प्रोजेक्ट हैं ‘द गेम ऑफ़ गिरगिट’ जिसके निर्देशक विशाल पंड्या हैं। वहीं ‘कर्तम भुगतम’ का निर्देशन सोहम शाह कर रहे हैं।
उपरोक्त फिल्म के अलावा वेब श्रृंखला, विज्ञापन फिल्मों और ओटीटी कंटेंट के रूप में विस्तार की बड़ी योजनाएं हैं। अगले 3 वर्षों के लिए कंपनी की 10 से 11 परियोजनाएँ विचार-विमर्श के विभिन्न चरणों में हैं। स्टूडियो आगामी प्रोजेक्ट्स के लिए प्रसिद्ध निर्देशकों के साथ भी चर्चा कर रहा है और 2023 में 4 प्रोजेक्ट्स को डिलीवर करने की योजना बना रहा है।
स्पाइस मनी ने 2 लाख से अधिक गाँवों में जारी किया 19 लाख पैन कार्ड और 1.5 लाख उद्यम आधार कार्ड
– स्पाइस मनी के 11 लाख से अधिकारी के जरिए भारत के ग्रामीण क्षेत्र में घर-घर सरकारी सेवाएँ लाने की दिशा में बढ़ाया गया एक कदम
मुंबई। भारत की बैंकिंग के तरीके में बदलाव ला रही, इंडिया की प्रमुख ग्रामीण फिनटेक, स्पाइस मनी (डिजीस्पाइस टेक्नोलॉजीज की सहायक कंपनी) ने अपने अधिकारी नेटवर्क के जरिए 2 लाख से अधिक गाँवों में अब तक 19 लाख पैन कार्ड और 1.5 लाख से अधिक उद्यम आधार कार्ड जारी किए हैं। स्पाइस मनी भारत के घर-घर विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु लगातार प्रतिबद्ध रहा है। उदयम, आगामी छोटे और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा की गई सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक रहा है। सरकार द्वारा प्रकाशित नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, उद्योग मंच में 1 करोड़ एमएसएमई पंजीकृत हैं और उन्होंने 7.6 करोड़ लोगों को रोजगार दिया है, जिनमें से 1.7 करोड़ महिलाएं हैं। स्पाइस मनी ने अगस्त 2022 से दिसंबर 2022 तक 1.5 लाख से अधिक उद्यम आधार जारी करके इस पहल में मदद की है।
भारत में 139 करोड़ से अधिक लोग रहते हैं, जिनमें से सिर्फ 43.34 करोड़ स्थायी खाता संख्याओं (पैन) को आधार से जोड़ा जा चुका है – वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों ने इसकी पुष्टि की है। स्पाइस मनी अपने 11 लाख से अधिक अधिकारी नेटवर्क के माध्यम से ग्रामीण आबादी को किसी भी स्थानीय स्मार्ट बैंकिंग पॉइंट पर पैन कार्ड के लिए आवेदन करने में सक्षम बनाता है और जनवरी 2021 से दिसंबर 2022 तक 19 लाख से अधिक पैन कार्ड जारी कर चुका है। स्पाइस मनी के अधिकारी नेटवर्क द्वारा अर्जित विश्वास और उनकी सहायता से ग्रामीण नागरिकों को ये सरकारी सेवाएं प्रदान करने में मदद मिली है। इसने परेशानी मुक्त वातावरण बनाया है, और अधिक लोगों को इन महत्वपूर्ण सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया है।
स्पाइस मनी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, संजीव कुमार ने कहा, ”स्पाइस मनी में, हमने हमेशा से भारत को सशक्त बनाने और देश के भीतरी क्षेत्रों में आवश्यक वित्तीय एवं डिजिटल सेवाएं प्रदान करने का प्रयास किया है। पैन और उद्यम आधार कार्ड, छोटे और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को लाभ पहुंचाने की दिशा में सरकार की सबसे महत्वपूर्ण पहल हैं। हमें अपने अधिकारी नेटवर्क के माध्यम से इन महत्वपूर्ण सेवाओं को प्रदान करने और ग्रामीण भारत में पहुंच की कमी को दूर करने में सहायता करते हुए खुशी हो रही है। हम भारत के लोगों को उनके घर पर कई प्रकार की सेवाएं लगातार उपलब्ध कराते रहेंगे।”
न्यून सेवा प्राप्त ग्रामीण आबादी की आवश्यकता पूरी करने की प्रतिबद्धता के साथ, कंपनी ग्रामीण नागरिकों की आवश्यक बैंकिंग और वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के उत्पादों को तैयार करती रहेगी।
2025 तक ट्रैक पर होंगी 278 वंदे भारत ट्रेन
2025 तक ट्रैक पर होंगी 278 वंदे भारत ट्रेन, 200 स्लीपर क्लास ट्रेनों के लिए प्लान
इस माह के अंत तक 200 वंदे भारत ट्रेनों के टेंडर प्रक्रिया फाइनल हो जाएगी। इसमें कौन सी कंपनी ये ट्रेनें तैयार करेगी ये भी तय हो जाएगा। इसमें दो अलग अलग कंपनियां ट्रेन सेट को बनाएंगी। टेंडर प्रक्रिया में जो कंपनी सबसे कम बोली लगाएगी उसे 120 ट्रेनें बनाने का आर्डर मिलेगा.
देश के कुछ राज्यों से वंदे भारत ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। आने वाले कुछ दिनों में अन्य राज्यों से भी ये ट्रेनें चलती हुई नजर आएंगी। 2025 के अंत तक 278 वंदे भारत ट्रेनें तैयार हो जाएंगी। वहीं 2027 तक सभी 478 वंदे भारत ट्रेन पटरी पर नजर आएंगी। फिलहाल 78 वंदे भारत ट्रेनों को रेलवे की चेन्नई स्थित आईसीएफ और प्राइवेट कंपनी मेधा मिल कर तैयार कर रही है। इसके अलावा 400 वंदे भारत ट्रेन और बननी हैं। इनको भी प्राइवेट कंपनियां तैयार करेगी। रेलवे मंत्रालय इस महीने 200 नई वंदे भारत ट्रेनों का टेंडर कराएंगी।
मिली जानकारी के अनुसार, इस माह के अंत तक 200 वंदे भारत ट्रेनों के टेंडर प्रक्रिया फाइनल हो जाएगी। इसमें कौन सी कंपनी ये ट्रेनें तैयार करेगी ये भी तय हो जाएगा। इसमें दो अलग अलग कंपनियां ट्रेन सेट को बनाएंगी। टेंडर प्रक्रिया में जो कंपनी सबसे कम बोली लगाएगी उसे 120 ट्रेनें बनाने का आर्डर मिलेगा। जबकि टेंडर प्रक्रिया में नंबर दो पर रहने वाले कंपनी को 80 वंदे भारत ट्रेन बनाने का काम दिया जाएगा।
केंद्र सरकार ने अभी देश भर में 478 वंदे भारत ट्रेनों को चलाने की मंजूरी दी है। शुरुआती दौर में अभी 78 ट्रेनों का काम तेजी से चल रहा है। ये सभी ट्रेनें चेयर कार मॉडल पर आधारित है। जबकि 400 नई वंदे भारत ट्रेन को स्लीपर क्लास में तैयार किया जाएगा। इसमें 200 का टेंडर इस महीने फाइनल हो जाएगा। ये 200 वंदे भारत ट्रेन स्लीपर क्लास होंगी। ये सभी 278 ट्रेनें 160 की अधिकतम स्पीड से चलेंगी ये सभी स्टेनलेस स्टील की होंगी। शुरुआती 78 ट्रेनों के बाद जो 200 वंदे भारत ट्रेनें बनेंगी, वो टेंडर के दो साल के अंदर बन कर तैयार हो जाएंगी। यानी ये ट्रेनें 2025 तक बन कर तैयार हो जाएंगी। इसी तरह सभी 278 वंदे भारत ट्रेन 2027 तक बनकर तैयार हो जाएंगी।
जानकारी के अनुसार, शुरुआत की 278 वंदे भारत ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए चलेगी। अभी वंदे भारत ट्रेन 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है। लेकिन पटरियों के अपग्रेडेशन और फेंसिंग के बाद अपनी पूरी रफ़्तार पर चलेंगी। जब सभी 278 ट्रेन पटरी पर उतर जाएगी तब इनकी स्पीड 200 किलोमीटर प्रति घंटे की कर दी जाएगी।
2022 में एनएफआर के तहत पथराव के 56 मामले दर्ज हुए
साल 2022 में पूर्वोत्तर फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) के तहत पथराव के कुल 56 मामले दर्ज किए गए। ऐसे अपराधों को रोकने के लिए जागरुकता अभियान चलाया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि इस साल 17 जनवरी तक पथराव की तीन घटनाएं दर्ज की गईं और इस संबंध में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऐसे अपराधों को रोकने के लिए ‘ऑपरेशन जनजागरण’ के तहत जागरुकता अभियान चलाया।
ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों में तोड़फोड़ पर उच्चायुक्त ने जताया दुख
ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों में तोड़फोड़ पर उच्चायुक्त ने जताया दुख, बोले- हिंसा की जगह नहीं है
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में स्वामी नारायण मंदिर और एक अन्य हिंदू मंदिर पर हमलों की घटना हुईं हैं। भारत में आस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल ने इन घटनाओं पर दुख व्यक्त किया।
भारत में आस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल ने शुक्रवार को मेलबोर्न में दो हिंदू मंदिरों की तोड़फोड़ पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने साफ कहा कि यहां हिंसा का कोई स्थान नहीं है। एक ट्ववीट में उच्चायुक्त ने कहा, ‘भारत की तरह ऑस्ट्रेलिया एक गौरवशाली और बहुसांस्कृतिक देश है। मेलबर्न में दो हिंदू मंदिरों में हुई तोड़फोड़ से हम स्तब्ध हैं और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी जांच कर रहे हैं।’ आगे उन्होंने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए हमारे मजबूत समर्थन में घृणित भाषा या हिंसा शामिल नहीं है।
महावाणिज्य दूतावास ने स्थानीय पुलिस के समक्ष मुद्दा उठाया
इससे पहले गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में स्वामी नारायण मंदिर और एक अन्य हिंदू मंदिर पर हुए हमलों की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में कुछ मंदिरों को तोड़ा गया है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। इसकी ऑस्ट्रेलियाई नेताओं, समुदाय के नेताओं और वहां के धार्मिक संगठनों द्वारा भी सार्वजनिक रूप से निंदा की गई है।
प्रवक्ता ने बताया, ‘मेलबर्न में हमारे महावाणिज्य दूतावास ने मामले को स्थानीय पुलिस के समक्ष उठाया है। हमने अपराधियों के खिलाफ शीघ्र जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों का अनुरोध किया है। इस मामले को ऑस्ट्रेलियाई सरकार के साथ भी उठाया गया है और हम इसके लिए तत्पर है।’
हफ्ते भर में हुईं थीं दो घटनाएं
बता दें, ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में एक मंदिर में खालिस्तानी समर्थकों ने कथित तौर पर तोड़फोड़ की थी। इतना ही नहीं, मंदिर में भारत विरोधी कलाकृतियों को भी बनाया गया है। गौरतलब है कि ये एक सप्ताह में दूरी ऐसी घटना थी जब ऑस्ट्रेलिया में किसी हिंदू मंदिर पर हमला किया गया था। इससे पहले 12 जनवरी को मेलबर्न में स्वामीनारायण मंदिर को असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया था। तब भी मंदिर पर भारत विरोधी चित्रों को बनाया गया था। मंदिर की संचालन करने वाली संस्था बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था ऑस्ट्रेलिया ने एक बयान जारी कर इस घटना की निंदा की थी।
वहां की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को विक्टोरिया के कैरम डाउन्स में ऐतिहासिक श्री शिव विष्णु मंदिर में तोड़-फोड़ की गई। खालिस्तानी समर्थकों ने यह हमला तब किया जब तमिल हिंदू समुदाय द्वारा ‘तीन दिवसीय ‘थाई पोंगल’ त्योहार के दौरान भक्त दर्शन के लिए गए थे।
विविध भूमिकाओं में स्वयं को सहज महसूस करती है रिआना रे
मायानगरी की चकाचौंध से सभी प्रभावित रहते हैं और जिन्हें अभिनय और कला से लगाव है उनके लिए मुम्बई किसी स्वर्ग से कम नहीं। कोलकाता में जन्मी बंगाली बाला रिआना रे भी मुम्बई में फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में अपनी किस्मत आजमाने पहुंची। वह ज़ी बांग्ला के टेलीविजन शो में काम कर चुकी है। साथ ही बांग्ला फिल्म ‘बुझेना तु बुझेना’ में भी अभिनय कर चुकी है। एक्टिंग के साथ साथ वह मॉडलिंग भी कर रही है। उन्हें बचपन में फिल्म या टेलीविजन देखना और आर्टिस्टों की एक्टिंग की नकल और मिमिक्री करना बेहद पसंद था। जब वह दसवीं कक्षा में थी तब उन्होंने पहली बार अभिनय किया और ‘मरजीना’ का किरदार निभाया। रिआना ने सैकड़ों दर्शकों के सामने इतनी खूबसूरत अभिव्यक्ति प्रस्तुत की जिससे वह खूब वाहवाही बटोरी। इसके बाद से उनके अंदर अभिनय करने की हिम्मत और जुनून आ गया। अपनी शिक्षा पूर्ण कर इन्होंने अभिनय और डांस में प्रशिक्षण लिया और बतौर मॉडल काम करना प्रारंभ कर दिया।

रिआना रे को जानवरों से बेहद लगाव है और उनकी सुरक्षा और पोषण के लिए निःस्वार्थ सेवा करती है। वह अपने काम के प्रति बेहद लगनशील है। वह स्वभाव से सदा प्रसन्न रहती है और अपनी सेहत का ध्यान रखती है। रिआना अपनी सेहत के लिए संतुलित आहार के साथ नियमित योग और व्यायाम करती है। उन्हें अभिनेता शाहरुख खान बेहद पसंद है। वहीं डांस में वह माधुरी दीक्षित और स्टाइल में रेखा को पसंद करती है। युवा अभिनेता राजकुमार राव का अभिनय इनको बहुत भाता है। रिआना अभिनय के लिए इतना समर्पित है कि वह हर प्रकार की भूमिका में स्वयं को सहज महसूस करती है। एक्टिंग उनका पैशन है। उनका कहना है कि यदि आप अपना लक्ष्य तय करें और अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ते रहे सफलता एक दिन आपके कदमों में होगी।
फोटोग्राफर माया सिंह ने रिआना का शानदार फोटोशूट किया है।
– गायत्री साहू
चैरिटी सिंगिंग कॉन्सर्ट ‘यादों की बहार’ का आयोजन
‘द शेफर्ड विडोज होम’ की वृद्ध विधवाओं की होगी मदद
मुंबई: कोविड-19 के साथ बीते दो वर्षों के लंबे इंतजार के बाद डॉ. बत्रा’ज़ ® पॉजिटिव हेल्थ फाउंडेशन ने अपने प्रतिष्ठित वार्षिक सिंगिंग कॉन्सर्ट ‘यादों की बहार’ के 11वें संस्करण की मेजबानी की। संगीत आयोजन का यह नया संस्करण 18 जनवरी को वाय.बी. चव्हाण ऑडिटोरियम, नरिमन पॉइंट, मुंबई में आयोजित हुआ, जहाँ पद्मश्री विजेता और डॉ. बत्रा’ज़ ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक डॉ. मुकेश बत्रा ने पुराने गानों को अपनी आवाज दी। वार्षिक चैरिटी सिंगिंग कॉन्सर्ट के मुख्य अतिथि भारतीय पार्श्वगायक और संगीत निर्देशक रूप कुमार राठौड़ थे, जिन्हें ‘वीर ज़ारा’, ‘रब ने बना दी जोड़ी’, ‘बॉर्डर’ और ‘सरफरोश’ जैसी फिल्मों के लिये जाना जाता है।
‘यादों की बहार’ एक शानदार इवेंट है, जिसका आयोजन ‘द शेफर्ड विडोज होम’ की वृद्ध विधवाओं की मदद के लिये होता है। इसका आयोजन डॉ. बत्रा’ज़ फाउंडेशन द्वारा किया जाता है, जोकि पिछले 30 वर्षों से वृद्ध महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल करता है और उन्हें मुफ्त में मेडिकल केयर देता है।
डॉ. मुकेश बत्रा (पद्मश्री विजेता और डॉ. बत्रा’ज़ ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक) ने कहा, “यह फाउंडेशन वंचित लोगों की सहायता के लिये 22 साल पहले बना था। मेरा मानना है कि पैसों की कमी के चलते किसी को मेडिकल ट्रीटमेंट देने से मना नहीं किया जाना चाहिये। इसलिये हम देशभर में फ्री क्लिनिक्स चलाते हैं, ताकि जरूरतमंद लोगों की मदद कर सकें। मेरा यह भी मानना है कि बुजुर्ग लोग अकेले पड़ जाते हैं और उन्हें घर में शामिल किया जाना चाहिये। ग्रैण्डपैरेंट को गोद लेना एक बेहतरीन विचार है, जिसका वक्त आ गया है। मैं देश में कुछ ओल्ड-ऐज होम्स की मदद करके अपना योगदान कर रहा हूँ।”
मुख्य अतिथि रूप कुमार राठौड़ ने कहा, “मैं पिछले 40 साल से डॉ. बत्रा को जानता हूँ और जिन्दगी को लेकर तथा कम भाग्यशाली लोगों तक पहुँचने के लिये उनके उत्साह से बड़ा प्रभावित हूँ। उनकी आवाज बहुत अच्छी है और मुझे खुशी है कि उन्होंने अपनी आवाज कर इस्तेमाल समाज की बेहतरी के लिये किया है। मुझे इस बात की भी खुशी है कि उनका संगीत और उदारता उनकी तीसरी पीढ़ी तक पहुँची है और उनके पोते हृमन ने आज बहुत अच्छा परफॉर्म किया है।”
इस मौके पर भारत में होम्योपैथी को लोकप्रिय बनाने के लिये होम्योपैथी एंथेम भी लॉन्च किया गया। होम्योपैथी की अच्छाई बताने वाले इस एंथेम की परिकल्पना पद्मश्री डॉ. मुकेश बत्रा ने की थी। इसे प्रतिष्ठित संगीत निर्देशक संजयराज गौरीनंदन ने कम्पोज किया है और महालक्ष्मी अय्यर, डॉ. राहुल जोशी और डॉ. मुकेश बत्रा ने गाया है। इसका निशुल्क वितरण होम्योपैथी कॉलेजों, होम्योपैथी डॉक्टरों और भारत में होम्योपैथी के चाहने वालों को किया जाएगा। यह दुनिया में होम्योपैथी के लिये पहला एंथेम है।













