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गौरक्षा के लिए बलिदान , इस गौरक्षा के निमित्त हुई मुठभेड़ में असंख्य हिन्दू भी हताहत हुए

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बलिदान पर्व – 8 फरवरी सन 1920 ई.

सन 1918 में ग्राम कटारपुर, हरिद्वार के मज़हबी गौ हत्यारों ने बकरीद पर सार्वजनिक रूप से गौहत्या की घोषणा की, मायानगरी हरिद्वार के मायापुरी क्षेत्र में कभी ऐसा घोर अनर्थ नहीं हुआ था. अतः हिन्दुओं ने तत्कालीन स्थानीय ज्वालापुर थाने पर शिकायत की, पर वहां के थानेदार मसीउल्लाह तथा अंग्रेज प्रशासन की शह पर ही यह सब कुकर्म हो रहा था. हरिद्वार थाने में शिवदयाल सिंह थानेदार थे, उन्होंने हिन्दुओं को हर प्रकार से सहयोग देने का वचन दिया. हिन्दुओं ने घोषणा कर दी कि चाहे जो हो, पर गौ हत्या नहीं होने देंगे. तत्कालीन समय में 17 सितम्बर सन 1918 को बकरीद थी, हिन्दुओं के विरोध के कारण उस दिन तो कुछ नहीं हुआ, पर अगले दिन 18 सितम्बर सन 1918 को गौ हत्यारों ने पांच गायों को सार्वजनिक रुप से जुलूस निकालकर सरेआम कुर्बानी, कत्ल करने हेतु उन्हें एक इमली के पेड़ से बांध दिया. वे कट्टर मज़हबी नारे लगा रहे थे, दूसरी ओर हनुमान मंदिर के महंत रामपुरी महाराज के नेतृत्व में सैकड़ों वीर गौभक्त निर्भिक हिन्दू युवक भी अस्त्र-शस्त्रों के साथ सन्नद्ध तैयार थे. जैसे ही कुर्बानी के लिये गौ हत्यारों ने गाय माता की गर्दन पर छुरी रखी तो तैयार खडे गौभक्तो ने “जयकारा वीर बजंरगी, हर हर महादेव” के जयकारो के साथ धावा बोला और सब गाय छुड़ा लीं. लगभग तीस गौ हत्यारे मौके पर ही मारे गये, “यह संख्या का आंकडा सुनिश्चित नहीं हैं केवल जनश्रुति के आधार पर प्रस्तुत किया गया हैं” बाकी गौ हत्यारे सिर पर पैर रखकर भाग खड़े हुए.

इस गौरक्षा के निमित्त हुई मुठभेड़ में असंख्य हिन्दू भी हताहत हुए, गौभक्त महंत रामपुरी जी के शरीर पर चाकुओं के अड़तालीस घाव लगे, अतः वे बच नहीं सके. पुलिस और प्रशासन को जैसे ही गौ हत्यारों के वध का पता लगा, तो वह सक्रिय हो उठा. हिन्दुओं के घरों में घुसकर लोगों को पीटा गया, महिलाओं का अपमान किया गया. एक सौ बहत्तर लोगों को थाने में बन्द कर दिया गया, जेल का डर दिखाकर कई लोगों से भारी रिश्वत ली गयी. गुरुकुल महाविद्यालय के कुछ छात्र भी इसमें फंसा दिये गये. फिर भी हिन्दुओं का मनोबल नहीं टूटा, कुछ दिन बाद अमृतसर में कांग्रेस का अधिवेशन होने वाला था.

गुरुकुल महाविद्यालय के प्राचार्य आचार्य नरदेव शास्त्री ‘वेदतीर्थ’ ने वहां जाकर महात्मा गांधी को सारी बात बतायी, पर मज़हबी तुष्टिकरण में लगे हुए महात्मा गांधी किसी भी तरह गौ हत्यारों के विरोध में जाने को तैयार नहीं हुए. अतः वे ही शान्त रहे, पर महामना मदनमोहन मालवीय जी परम गौ भक्त थे, उनका हृदय पीड़ा से भर उठा. उन्होंने इन निर्दोष गोभक्तों पर चलने वाले मुकदमे में अपनी पूरी शक्ति लगा दी.

8 अगस्त सन 1919 ई. को न्यायालय द्वारा घोषित निर्णय में चार गौ भक्तों को फांसी और थानेदार शिवदयाल सिंह सहित एक सौ पैंतीस लोगों को कालेपानी की सजा दी गयी. इन गौभक्त हिन्दुओं में सभी जाति, समाज, वर्ग और अवस्था के लोग थे, जो लोग अन्डमान निकोबार द्वीप पर कालेपानी की सजा हेतु भेजे गये, उनमें से कई भारी उत्पीड़न सहते हुए वहीं मर गये. महानिर्वाणी अखाड़ा, कनखल के महंत रामगिरि भी प्रमुख अभियुक्तों में थे, पर वे घटना के बाद गायब हो गये और कभी पुलिस के हाथ नहीं आये. पुलिस के आतंक से डरकर अधिकांश हिन्दुओं ने गांव छोड़ दिया, अगले आठ वर्ष तक कटारपुर और आसपास के गांव में कोई फसल तक नहीं बोई गयी.

8 फरवरी सन 1920 ई. को उदासीन अखाड़ा, कनखल के महंत ब्रह्मदास 45 वर्ष तथा चौधरी जानकी दास 60 वर्ष को प्रयाग में, डा. पूर्णप्रसाद 32 वर्ष को लखनऊ एवं मुक्खा सिंह चौहान 22 वर्ष को वाराणसी जेल में फांसी दी गयी. चारों वीर “गौ माता की जय” कहकर फांसी पर झूल गये. प्रयागराज में इन महान गौ भक्तों के सम्मान में उस दिन हड़ताल रखी गयी थी. इस घटना से गौरक्षा के प्रति हिन्दुओं में भारी जागृति आयी. महान गौ भक्त लाला हरदेव सहाय ने प्रतिवर्ष 8 फरवरी को हिन्दुओं की महान शौर्य स्थली ग्राम कटारपुर में “गौ भक्तों का बलिदान पर्व” मनाने की प्रथा शुरू की, वहां स्थित गौ रक्षा के निमित्त हुए महानतम संघर्ष और बलिदान का साक्षी वो इमली का पेड़ और गौ स्मारक आज भी उन महान गौ भक्त वीरों की याद दिलाता है.

संदर्भ – घटनाक्रम के सम्बन्ध में प्रकाशित विभिन्न लेख, पुस्तक, इन्टरनेट पर सार्वजनिक रुप उपलब्ध जानकारी के स्रोत तथा सोशल मीडिया पर विभिन्न व्यक्तियों द्वारा प्रस्तुत विचारो पर आधारित एवं बलिदानी परिवारो के एवं स्थानीय ग्रामीणो के कथन के अनुसार प्रस्तुत किया गया हैं.

लेख साभार – Pankaj Chauhan

शिप्रा नदी में मिले गौ माता के तैरते सिर… हिंदुओं में घटना के बाद दिखा भारी आक्रोश

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मध्य प्रदेश में महाकाल की धार्मिक नगरी उज्जैन की शिप्रा नदी में 7 गायों के सिर तैरते हुए मिलने पर हड़कंप मचा हुआ है. विरोध में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के साथ-साथ अन्य हिंदूवादी संगठनों ने मौके पर पहुंच कर सड़क को जाम कर दिया था. पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त करवा दिया.

बता दें कि बजरंग दल से जुड़े लोगों का कहना है कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए घटना को अंजाम दिया गया है. गौ माता की हत्या करने के बाद सिर पवित्र नदी में बहा दिए गए. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक लगातार आंदोलन जारी रहेगा. वहीं हिंदुओं में इस घटना के बाद भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है.

पुलिस के आईपीएस अधिकारी विनोद कुमार मीना ने जानकारी दी है कि शिप्रा नदी से 7 गायों के सिर तैरते हुए बरामद किए गए हैं. पशुओं के शव का पोस्टमार्टम के लिए भेद दिया गया है. मामले में सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द से जल्द उनकी गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी.

वहीं बीते दिन देश की राजधानी दिल्ली के गुलाबी बाग में भी गौ हत्या का मामला सामने आया था. वहीं मौके पर पुलिस को गौ माता के अवशेश प्राप्त हुए है जिनकों जांच के लिए भेज दिया गया है. वहीं अपराध स्थल की जांच के दौरान वहीं पर गौ रक्षक भी पहुंच गए थे. जिसके बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया गया है.

बता दें कि महाकाल की नगरी उज्जैन में जिहादियों की गंदी हरकतें देखने को मिल रही है. यहां पर पुलिस को उज्जैन की प्रसिद्ध नदी शिप्रा के हाटकेश्वर के पास बने पुल के नीचे 7 गौ माता के सिर तैरते हुए बरामद हुए है. वहीं इससे पहले भी इसी जगह पर गाय की खाल और मांस बरामद किया गया था.

वहीं हिंदू संगठन के लोगों ने गौ हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. वहीं घटना की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश भी देखने को मिला था. जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम कर दिया था. जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने सभी को सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

अब यह सवाल उठता है कि गौ माताओं की हत्या किसकी शह पर हो रही है. वहीं यह भी सवाल उठता है कि गौ माता के हत्यारों के खिलाफ कब सख्त कार्रवाई की जाएगी.

 

UP पुलिस का बड़ा एक्शन…गौ हत्या करने वाले 2 युवक को किया गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश के बरेली में गौकशी की घटनाएं पुलिस के मुसीबत बनती जा रही है. दरअसल, तीन दिन पहले दो अलग अलग थाना क्षेत्र में गौकशी की दो घटनाएं सामने आईं.

उत्तर प्रदेश के बरेली में गौकशी की घटनाएं पुलिस के मुसीबत बनती जा रही है. दरअसल, तीन दिन पहले दो अलग अलग थाना क्षेत्र में गौकशी की दो घटनाएं सामने आईं. जहां बरेली पुलिस ने गौवंश के अवशेष मिलने के बाद FIR दर्ज की थी. बता दें कि मंगलवार को भोजीपुरा पुलिस ने गौकशी के मामले में फरार चल रहे दो युवकों को अरेस्ट किया है. दोनो से पूछताछ में पला चला है कि यह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गौवंश का कटान कर रहे थे.

जानकारी के अनुसार, भोजीपुरा पुलिस द्वारा भोजीपुरा रेलवे स्टेशन के पास से कल यानी मंगलवार को सलमान निवासी गांव अलीनगर थाना भोजीपुरा और लईक निवासी जिला बरेली को गिरफ्तार किया है. बता दें कि दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं. दोनों गौकशी के मामले में फरार चल रहे थे. पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो पता चला कि यह गैंग दिन में गौवंश की रेकी करता था और देर शाम के बाद गौवंश का कटान करता था. साथ ही मीट का बेच देते थे. वहीं, सुबह होने से पहले ही फिर नजर नहीं आते थे. जिससे आसपास के व्यक्ति को कोई शक न हो.

वहीं, DIG अखिलेश चौरसिया ने बताया कि गोकशी की घटनाओं को रोकने लिए पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है. सोमवार को पुलिस ने शहर और देहात से गौकशी की घटनाओं में शामिल 120 लोगों को अरेस्ट किया था. उन्होंने आगे कहा कि जिन पर पूर्व में केस दर्ज हैं, उनका पुलिस सत्यापन कर रही है.

जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले झारखंड़ में गौ तस्करी का मामला सामने आया था. यहां भाजपा के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने दुमका जिले के सरैयाघाट इलाके से गोवंशियों की तस्करी की जानकारी पुलिस को दी थी. बता दें कि यहाँ गौवंश तस्करी की जानकारी सामने आई थी जिसके बाद यहाँ के मसलिया थान क्षेत्र से मंगलवार को को दो ट्रकों में लदे 48 गोवंशियों को बचाया गया है.

भारत के डॉक्टरों के लिए लॉन्च हुआ ‘क्लिनिकल इंटेलिजेंस इंजन’ 

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अपोलो-सीआईई भारत में प्रैक्टिस करने वाले, प्रत्येक पात्र डॉक्टर के लिए उपलब्ध होगा

नवी मुंबई। एशिया के सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक, अपोलो हॉस्पिटल्स समूह ने अपोलो क्लीनिकल इंटेलिजेंस इंजन के लॉन्च की घोषणा की है। यह एक नैदानिक निर्णय समर्थन उपकरण है, जो सभी भारतीय डॉक्टरों द्वारा उपयोग के लिए अपोलो 24|7 का प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा। एआई और एमएल में नवीनतम तकनीकों का उपयोग करके विकसित किया गया, यह उपकरण एक ही बार में निदान, डॉक्टर उत्पादकता और रोगी संतुष्टि की सटीकता को तेजी से बढ़ाकर भारतीय स्वास्थ्य सेवा में क्रांति लाने के लिए तैयार है। क्लिनिकल इंटेलिजेंस इंजन स्वास्थ्य पेशेवरों को उन पैटर्न की पहचान करने में मदद करने के लिए बड़ी मात्रा में डेटा का विश्लेषण करने में सक्षम है जो अन्यथा छूट सकते हैं। संख्यात्मक रूप से कहा जाए तो, इंटेलिजेंस इंजन की शब्दावली में 1300 से अधिक स्थितियाँ और 800 लक्षण हैं, जो ओपीडी में रोज़मर्रा के केस मिक्स का 95% कवर करते हैं। 100 से अधिक इंजीनियरों द्वारा निर्मित, अपोलो से 40 वर्षों के डेटा और सहकर्मी-समीक्षित पत्रिकाओं के सहायक डेटा के साथ-साथ 1000 डॉक्टरों की सामूहिक बुद्धिमत्ता का उपयोग करते हुए, यह दुनिया की सबसे बड़ी कनेक्टेड स्वास्थ्य डेटा झीलों में से एक है, जिसका परीक्षण और सत्यापन काफी कुछ वैश्विक शैक्षणिक संस्थानों द्वारा किया गया है।

डॉ. प्रताप सी. रेड्डी (चेयरमैन, अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप) ने कहा, “मुझे अपने 90वें साल में सबसे बड़े ओमनीचैनल हेल्थकेयर इकोसिस्टम में से एक का निर्माण करने का अवसर मिला। लेकिन भारत को वास्तव में स्वस्थ बनाने के लिए हमेशा मेरी इच्छा रही है, खासकर जब हम मधुमेह, हृदय रोग और कैंसर जैसे गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की विशाल सुनामी का सामना कर रहे हैं। जब मेरी टीम ने क्लिनिकल इंटेलिजेंस इंजन की संकल्पना की, तो मुझे पता था कि यह एक ऐसी सफलता है जो जाहोर तौर पर स्वास्थ्य सेवा में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। सीआईई को अपोलो तक ही सीमित नहीं रखा जा सकता था, लेकिन इसे पूरे भारत के डॉक्टरों के साथ साझा करने की आवश्यकता थी। इसलिए मुझे भारत में प्रत्येक योग्य, प्रैक्टिसिंग डॉक्टर को अपोलो सीआईई की पेशकश करते हुए खुशी हो रही है।”

अपोलो-सीआईई स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं के संचालन के पैमाने को भी बढ़ाता है और संगठनों को सुरक्षित, नैदानिक रूप से मान्य स्वास्थ्य बातचीत के माध्यम से लक्षण जांचकर्ता और इस विशेषज्ञ नैदानिक ज्ञान प्रणाली से लैस डॉक्टर तक पहुंच के लिए बहु-चैनल की मांग को पूरा करने में मदद करता है। अपोलो सीआईई उपयोगकर्ताओं के लक्षणों का विश्लेषण करता है, कारण निर्धारित करता है और अगले सर्वोत्तम कार्यों की अनुशंसा करता है। सीआईई एक स्व-शिक्षण इंजन है जो डॉक्टरों को अथाह ज्ञान प्रदान करता है। पिछले साल ही, सीआईई छह लाख से अधिक नए विकासों पर विचार करने में सक्षम रहा हैं।

गीतांजलि राजगढ़िया सिंगिग में बनाना चाहती है कैरियर

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रोज सुबह 5 बजे तानपुरा में रियाज़ करती है गीतांजलि राजगढ़िया

मुम्बई। हर किसी के मन में इच्छा रहती है कि वह कुछ ऐसा कार्य करे जिससे समाज में प्रतिष्ठा मिले। लेकिन जीवन में उपलब्धि हासिल करना आसान काम नहीं होता, इसके लिए अपने लक्ष्य को साधते हुए पूरी लगन के साथ धैर्यपूर्वक कठिन परिश्रम करना पड़ता है। और तब जाकर सफलता प्राप्त होती है।
जयपुर में हनुमान नगर, वैशाली नगर निवासी गीतांजलि राजगढ़िया बचपन से गीत संगीत के प्रति विशेष रुचि रखती है। हाल ही में उन्हें उनकी म्यूजिक टीचर डॉ. स्वाति सक्सेना के रेफरेंस से एक अलबम के लिए गाने का अवसर मिला। संगीतकार बिस्वजीत भट्टाचार्जी (बिबो) ने गीतांजलि राजगढ़िया की आवाज़ में मुम्बई स्थित सेवन हेवन रिकॉर्डिंग स्टूडियो में म्यूजिक वीडियो अलबम ‘इश्कानी बारिश’ के लिए एक गीत रिकॉर्ड किया। इस गीत को प्रीति श्रीवास्तव ने लिखा है। गाने के वीडियो डायरेक्टर सुजाद इकबाल खान, डीओपी लीला शेट्टी और निर्माता बिस्वजीत भट्टाचार्जी (बीबो) हैं। वहीं इस एलबम में गीतांजलि राजगढ़िया के साथ विनायक सोनी (भाभीजी घर पर हैं सीरियल फेम) अभिनय करते दिखाई देंगे। अलबम में अभिनय करने वाले कलाकारों की ड्रेस डिजाइनिंग श्वेता कोठारी ने की हैं तो वहीं म्यूजिक मेंटर डॉ स्वाति सक्सेना एवं लीगल एडवाइजर कूकडा एंड एसोसिएट्स मुम्बई हैं। इस अलबम के लिए परिधि राजगढ़िया ने पूरी टीम का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया है।


गीतांजलि की यह डेब्यू अलबम है। वह बचपन से संगीत सीखती आ रही है। उनकी दादी भी अच्छी गायिका हैं जिहोंने पंडित जसराज से संगीत की शिक्षा ग्रहण की है। गीतांजलि चार साल की उम्र से अपनी दादी से सीखती आ रही है। गीतांजलि ने ग्वालियर घराना से संगीत में विशारदा किया है। उसने डॉ स्वाति सक्सेना से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली। साथ ही वेस्टर्न क्लासिकल म्यूजिक में भी प्रशिक्षित हुई। इनके अलावा उसने शेफाली सक्सेना से भी सीखी है।
रही बात पढ़ाई की तो गीतांजलि ने नीरजा मोदी स्कूल, मानसरोवर जयपुर से अपनी शिक्षा पूरी की। स्कूल में म्यूजिक सब्जेक्ट में वह हमेशा फूल मार्क्स लाती थी।
दर्शक संस्थान जयपुर में एक कल्चरल प्रोग्राम के म्यूजिक कॉम्पिटिशन में उसने अपकमिंग आर्टिस्ट का अवार्ड जीती।
स्कूल कॉलेज के दिनों गीतांजलि ने अपना म्यूजिक बैंड बनाया और खूब सिंगिंग की। दिल्ली के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद अब गीतांजलि लंदन में मास्टर्स की पढ़ाई कर रही है।
वह रोज सुबह पांच बजे तानपुरा में रियाज करती है। लंदन में भी अपनी जारी रखी है।
गीतांजलि के पिता जयपुर में ही स्टोन के बिजनेस में हैं और मम्मी क्लाउड किचन चलाती हैं।
गीतांजलि सोशल वर्क में भी विशेष रुचि लेती है। समय समय पर वह अनाथ बच्चों के पास जाकर उन्हें संगीत सिखाती है।

– संतोष साहू

संभल में पुलिस की इनामी गौ तस्करों से मुठभेड़, दो इनामी बदमाश, एक सिपाही घायल

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संभल (उप्र), सात फरवरी (भाषा) जिले के बनिया ढेर थाना क्षेत्र में मंगलवार को पुलिस की गौ तस्करों से हुई मुठभेड़ में दो इनामी बदमाश घायल हो गए। हालांकि, मुठभेड़ में बदमाशों की गोली लगने से एक सिपाही भी घायल हो गया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि तीन बदमाश फरार हो गए और पकड़े गए बदमाशों के पास से एक कार और एक बछड़ा बरामद किया गया है।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) चक्रेश मिश्रा ने बताया कि बनिया ढेर थाना क्षेत्र के कोकावास पुल के पास मंगलवार सुबह पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई। पुलिस को देख बदमाशों ने उन पर गोली चला दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की गोली लगने से दो बदमाश बिलाल और गुलाम घायल हो गए।

उन्होंने बताया कि पकड़े गए बदमाश गौ तस्कर हैं और उन्होंने क्षेत्र में पहले ऐसी कई घटनाओं को अंजाम दिया है। इन दोनों पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। दोनों मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र के निवासी हैं।

उन्होंने बताया कि मौके से तीन बदमाश फरार हो गए जिनकी खोज की जा रही है। पकड़े गये बदमाशों के पास से एक कार, एक गाय का बछड़ा, गोकशी के हथियार और दो अवैध शस्त्र बरामद किए गए हैं। गोलीबारी में पुलिसकर्मी विवेक यादव भी बदमाशों की गोली लगने से घायल हो गए, उन्हें इलाज के लिए मुरादाबाद भेजा किया गया है।

भाषा

तुर्की में भूकंप, 550 से ज्यादा की मौत

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तुर्की में 7.8 तीव्रता का भूकंप, सीरिया तक कांपी धरती; 550 से ज्यादा की मौत

भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें आई हैं। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की मानें तो भूकंप की वजह से कई लोगों के हताहत होने की आशंका है।

तुर्की और पड़ोसी देशों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। नूर्दगी से 23 किलोमीटर पूर्व की ओर यह झटके महसूस किए गए। इसका असर सीरिया तक देखने को मिला। जानकारी के मुताबिक, भूकंप की वजह से कई इमारतें धराशायी हो गई हैं। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई।

जानकारी के मुताबिक, तुर्की में कम से कम 300 लोग मारे गए हैं और करीब 2,300 लोग घायल हुए हैं। देश के उपराष्ट्रपति फिएट ओकटे का हवाला देते हुए बताया रिपोर्ट में बताया गया कि 10 शहरों में 1,700 से अधिक इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। वहीं, सीरिया में कम से कम 237 लोग मारे गए और 639 घायल हो गए। इस्राइल और लेबनान में भी कई मौतों की आशंका जताई जा रही है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप का केंद्र गाजियांटेप से लगभग 33 किलोमीटर (20 मील) और नूरदगी शहर से लगभग 26 किलोमीटर (16 मील) दूर था।  यह 18 किलोमीटर (11 मील) की गहराई पर केंद्रित था। भूकंप के झटके दूर सीरिया तक महसूस किए गए। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें आई हैं। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की मानें तो भूकंप की वजह से कई लोगों के हताहत होने की आशंका है।

राष्ट्रपति एर्दोगन बोले- इस आपदा से मिलकर निपटेंगे
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने ट्विटर पर कहा कि भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव दलों को तुरंत भेजा गया। हमें उम्मीद है कि हम इस आपदा को एक साथ जल्द से जल्द और कम से कम नुकसान के साथ पार कर लेंगे।

पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप की घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि तुर्की में भूकंप के कारण जनहानि और संपत्ति के नुकसान से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। घायल जल्द स्वस्थ हों। भारत तुर्की लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और इस त्रासदी से निपटने के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार है।

भारत भेजेगा मदद
राहत सामग्री के साथ NDRF और मेडिकल टीमों के खोज और बचाव दलों को तुरंत तुर्की सरकार के समन्वय में भेजा जाएगा। विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड और आवश्यक उपकरणों के साथ 100 कर्मियों वाली NDRF की 2 टीमें भूकंप प्रभावित क्षेत्र में जाने के लिए तैयार हैं। PMO के मुताबिक, आवश्यक दवाओं के साथ प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिक्स के साथ मेडिकल टीमें भी तैयार की जा रही हैं। राहत सामग्री तुर्की सरकार और अंकारा में भारतीय दूतावास व इस्तांबुल में महावाणिज्य दूतावास के समन्वय से भेजी जाएंगी।

कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।

भूकंप की तीव्रता 

  • रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं।
  • इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते।
  • वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
  • लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।

बरेली पुलिस ने 120 गौ तस्करों को किया गया गिरफ्तार, कई दिनों से चल रहा था अभियान

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Bareilly News: बरेली पुलिस (Bareilly Police) को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने 120 गौ तस्करों को गिरफ्तार किया है. दरअसल, पिछले लंबे समय से बरेली में गोकशी की घटनाएं बढ़ गई थी. जिसके बाद एसएसपी अखिलेश चौरसिया (Akhilesh Chaurasia) के निर्देश पर पूरे जिले में अभियान चलाकर अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 120 गौ तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उनके पास से बड़ी मात्रा में गौ मांस और गाय काटने के औजार प्राप्त हुए हैं. पुलिस लगातार गोकशी के खिलाफ अभियान चला रही था, अब जाकर पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है.

बरेली में पिछले कई दिनों से गोकशी की घटनाएं बढ़ गई है जिस वजह से हिंदू संगठनों में जबरदस्त आक्रोश है. कई बार कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति भी बनी. इसके बाद एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए. एसपी ग्रामीण राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि बरेली पुलिस द्वारा गोकशी में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाकर 110 गौकशों को निरोधात्मक कार्यवाही में और 10 आरोपियों को गोकशी के मुकदमों में गिरफ्तार किया गया है.

बरेली पुलिस ने 120 गौ तस्करों को पकड़ा
एसपी ग्रामीण राजकुमार अग्रवाल ने आगे कहा कि थाना विशारतगंज और अलीगंज क्षेत्र में गोकशी की घटनाओं का सफल अनावरण करते हुए कुल 5 आरोपियों को गोवध करने के उपकरणों सहित गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा क्षेत्र के कुल 5 और देहात क्षेत्र के कुल 115 गौ तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. थाना बारादरी में से 5, थाना फरीदपुर में 24, थाना बहेड़ी में 18, थाना देवरनियां में 12, थाना शीशगढ में 10, थाना शेरगढ में 10, थाना फतेहगंज पश्चिमी में 7, थाना शाही में 6, थाना मीरगंज में 5, थाना विशारतगंज और अलीगंज में 5, थाना क्योलाडिया में 4, थाना नवाबगंज में 3, हाफिजगंज में 3, थाना भगोरा में 3, थाना फतेहगंज पूर्वी में 2, थाना भुता में 2, थाना आंवला में 1 समेत सभी 29 थानों में से 120 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

गाय के लिए मामा-भांजों में विवाद से मौत

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गाय के लिए मामा-भांजों में हुआ विवाद, इलाज के दौरान हुई मौत

अमरोहा: आपने गौ हत्या या गोवंश की तस्करी के मामले सुने होंगें. लेकिन उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां शनिवार सुबह गाय के गर्भ को लेकर परिवार के दो पक्षों में विवाद हो गया. यहां आरोप है कि भांजों ने साथियों के साथ मिलकर मामा को बुरी तरह पीटा, जिससे उनकी मौत हो गई. पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. आइए बताते हैं क्या है पूरा मामला.

क्या है पूरा मामला
मामला हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दौलतपुर कुटी गांव का है. यहां के रहने वाले विजेंदर का गाय का गर्भ ठहरने को लेकर अपने सगे भांजे सोगू और कुलदीप से कहासुनी हुई थी. कहासुनी इतनी बढ़ी की हाथापाई तक बात पहुंच गई. ग्रामीण और परिवार जनों से बीच-बचाव करके विजेंदर को बचाया. इस दौरान विजेंदर की तबीयत खराब हुई. परिजन इलाज के लिए उन्हें अस्पताल लेकर आए. यहां इलाज के दौरान विजेंदर की मृत्यु हो गई. पीड़ित की मृत्यु के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है. सभी का रो-रो कर बुरी हाल हा. बताया जा रहा कि मृत्यु अंदरूनी चोट लगने का कारण हुई है. मृतक विजेंदर की उम्र 45 वर्ष बताई जा रही है.

एक साल पहले दान में दी गाय के विवाद में भांजों ने अपने साथियों के साथ मिलकर सिकरौली मिलक के रहने वाले मामा विजेंद्र (45) की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी। घटना से परिजनों में आक्रोश फैल गया। नाराज परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने गुस्साए परिजनों को समझा कर शांत कर दिया। मामले में दो सगे भांजों समेत चार लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

विजेंद्र सिंह पेशे से किसान थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं। विजेंद्र सिंह के बेटे अभिषेक का आरोप है कि पड़ोस के गांव तरौली में उसकी बुआ रहती है। करीब एक साल फुफेरे भाई गाय को बेसहारा छोड़ रहे थे। तभी पिता विजेंद्र के कहने पर उन्होंने गाय को दान में दे दिया था। 

इस दौरान गाय गर्भ से नहीं रह रही थी। लेकिन अब गाय गर्भ से थी। गाय के प्रसव का समय नजदीक था। ऐसे में फुफेरे भाइयों के मन में लालच आ गया। लिहाजा वह शनिवार की सुबह करीब 10 बजे गाय को घर से ले गए। जब इस बात की भनक किसान विजेंद्र को लगी तो उन्होंने पीछे शुरू कर दिया और करीब पांच किलोमीटर दूर कुटी दौलपुर गांव के निकट रोक लिया। गाय को ले जाने का विरोध किया तो विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इस दौरान भांजे सोनू और कुलदीप ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अपने मामा विजेंद्र सिंह की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के साथ बाद आरोपी फरार हो गए। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण पहुंच गए। आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई। मामले में पुलिस ने मृतक विजेंद्र सिंह के तरौली गांव निवासी दो भांजे कुलदीप व सोनू और यहीं के ही रामवीर और हिरनौटा गांव निवासी भोला के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। गाय के विवाद में सिकरौली मिलक के रहने वाले विजेंद्र सिंह का अपने सगे भांजे सोनू और कुलदीप से विवाद हो गया था। जिसमें घायल विजेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। मामले में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एक आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गाय को रोटी खिला रहा काशी का रोटी एटीएम

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गाय को पहला और कुत्ते को अंतिम ग्रास खिला रहा काशी का रोटी एटीएम

धार्मिक नगरी वाराणसी में सनातनी धार्मिक परंपरा के तहत भोजन की पहली रोटी गाय को और आखिरी रोटी कुत्ते को खिलाने की सुविधा के लिए कुछ युवाओं ने एक रोटी एटीएम की शुरुआत की है.

आपने पैसा निकलने वाली एटीएम के बारे में तो बहुत सुना होगा, लेकिन क्या रोटी एटीएम के बारे में जानते हैं? भगवान शंकर के त्रिशूल पर बसे काशी में एक रोटी एटीएम है. इसको चलाने वाली संस्था ग्रूट गार्जियंस ने इसे केवल आपकी सहूलियत के लिए चला रखा है. भोजन बनाते समय पहली रोटी का ग्रास गाय तक पहुंचा रही है. अंतिम रोटी के रूप में श्वान (कुत्ता) को खिलाया जाने वाला ग्रास भी उस तक पहुंचाने में यह आपकी मदद कर रहा है.

‘ग्रूट गार्जियंस’ संस्था चला रही है रोटी एटीएम

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के कुछ नौजवानों का मानना है कि सनातनी परंपरा के साथ बेजुबानों का पेट भरा जाए. इसीलिए गौरव राय ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर ‘ग्रूट गार्जियंस’ नामक संस्था बनाई ताकि गली में घूम रहे कुत्तों और आवारा भूखे पशुओं का पेट भर सकें. यह कारवां बढ़ कर अब 40 नवयुवकों तक पहुंच गया है.

शिवपुर में लगने जा रहा है अगला रोटी एटीएम

संस्था के अध्यक्ष गौरव राय ने बताया कि उन्हें यह प्रेरणा उनके मित्र सिद्धार्थ सिंह से मिली जो कि एक रोड ऐक्सिडेंट में इस दुनिया से विदा हो गए. वो पशु प्रेमी थे. भूखे जानवरों को जहां देखते उन्हें बिस्किट और गुड़ आदि खिलाते थे. उनके अचानक निधन के बाद हम और हमारे मित्रों ने एक रोटी एटीएम शुरू किया. जिसमें एकत्रित भोजन को हम गली के कुत्तों और निराश्रित गायों को खिलाते हैं. अभी पहली रोटी एटीएम पंडयेपुर के बांके बिहारी की एक सोसाइटी में लगाया है. जिसमें तकरीबन 100-150 रोटी जमा हो रही है. अब अगला एटीएम शिवपुर में लगाने जा रहे हैं.

अब 40 से अधिक स्वयंसेवक कर रहे काम 

उन्होंने बताया कि आगे चलकर इसे बारात घरों, स्कूलों, होटलों और मंदिर में लगाया जाएगा, जिससे अन्न की बरबादी न हो और बेजुबानों को भोजन मिल सके. इस कार्य में हमारा सहयोग कर रहे हैं. प्रज्वल, हर्ष, अमन, मृत्युंजय, विकास, कविश, सदास, अविनाश, शिवानी, तूलिका, अक्षरा, कृतिका, हिमालय, निहाल समेत 40 से अधिक स्वयंसेवक हैं जो इस काम में पूरी तरह लगे हुए हैं.