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कैमरे के सामने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या, तीनों हमलावर पकड़े गए

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प्रयागराज में कभी खौफ का दूसरा नाम रहे अतीक अहमद की हत्या कर दी गई है। साथ ही उसके भाई अशरफ को भी अज्ञातों ने मार गिराया। अतीक अहमद लगातार 5 बार इलाहाबाद पश्चिम से विधायक और साथ ही फूलपुर से सांसद भी रहा था। अतीक अहमद का बेटा असद पहले ही झाँसी में एक पुलिस एनकाउंटर में मारा जा चुका है। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या तब हुई, जब यूपी पुलिस उसे मेडिकल के लिए ले गई।
बताया जा रहा है कि हमलावरों की संख्या 2-3 में थी, जिन्होंने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। अतीक अहमद और अशरफ उस समय गाड़ी से बाहर थे और उन्हें कॉल्विन अस्पताल में ले जाया जा रहा था। इससे पहले ED (प्रवर्तन निदेशालय) के अधिकारियों ने अतीक अहमद से उसकी बेनामी संपत्तियों को लेकर पूछताछ की थी। अतीक अहमद के बेटे को शनिवार (15 अप्रैल, 2023) की सुबह ही दफनाया गया था।
ताज़ा खबर ये भी बताई जा रही है कि अतीक और अशरफ पर गोलियाँ चलाने वाले तीनों बदमाशों को यूपी पुलिस ने पकड़ लिया है। ये भी जानने वाले बात है कि अतीक अहमद को पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई होने और दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से उसके संबंधों को लेकर खुलासे हुए थे। ये भी सामने आया है कि हत्यारे मीडियाकर्मी बन कर आए थे। मीडिया कैमरों के सामने दोनों भाई बोल रहे थे, तभी हत्या हो गई।
अस्पताल वाले पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया है और वहाँ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हालाँकि, अभी यूपी पुलिस के अधिकारी बहुत कुछ कहने से बच रहे हैं। पुलिस ने सिर्फ जानकारी दी है कि तीन हमलावर आए और अतीक अहमद व उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी। अतीक अहमद ने 2 दिन पहले ही बयान दिया था कि मीडिया की वजह से ही वो ज़िंदा है, मीडिया का धन्यवाद। अब पत्रकारों के वेश में हत्यारे आए और उसे मार डाला। उनके पास कैमरा और प्रेस आईडी भी थी।

डॉ. राजेन्द्र संजय लिखित पुस्तक ‘भोजपुरी फिल्मों का इतिहास’ का विमोचन सम्पन्न

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मुम्बई। हाल ही में लेखक व फिल्म निर्देशक डॉ राजेन्द्र संजय द्वारा लिखित पुस्तक ‘भोजपुरी फिल्मों का इतिहास’ का विमोचन अंधेरी पश्चिम स्थित एक सभागृह में सम्पन्न हुआ। उसी अवसर पर फिल्म जगत के लोगों सहित साहित्य व पत्रकारिता से जुड़े लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में कवि व पत्रकार देवमणि पांडेय, अभिनेत्री लिली पटेल, अभिनेता लिनेश फणसे, कवि गीतकार रासबिहारी पांडेय, फिल्म समीक्षक अजय ब्रह्मात्मज, पत्रकार आलोक गुप्ता, आरजे कीर्ति प्रकाश, निर्देशक संजय सिंह नेगी, पत्रकार व कवि पूनम विश्वकर्मा एवं फिल्म प्रोड्यूसर व फायनेंसर सामी सिद्दीकी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पुस्तक के बारे में बता दें कि डॉ. राजेन्द्र संजय लिखित पुस्तक ‘भोजपुरी फिल्मों का इतिहास’ बहुत ही आकर्षक है। भोजपुरी प्रांतीय बोली होकर भी अन्तर्राष्ट्रीय मंच को छूती है क्योंकि विश्व के अधिकतर देशों में इसके बोलने वाले मौजूद हैं। हालाँकि पहली भोजपुरी फिल्म ‘गंगा मइया तोहे पियरी चढ़ाइबो’ सन 1962 में बनी थी। लेकिन भोजपुरी बोली ने पहली भारतीय बोलती फिल्म ‘आलम आरा’ में ही अपना चकमक प्रभाव दिखा दिया था जो सन 1931 में बनी थी, जिसमें भोजपुरी गीत ‘दरस बिन मोरे हैं तरसे नैन, प्यारे मुखड़ा दिखा जा मोहे’ ने दर्शकों का मन मोह लिया था। इस फिल्म ‘आलम आरा’ में गवई पात्रों के मुख से वार्तालाप घरेलू रूप में भोजपुरी बोली में ही प्रतिबिम्बित हुआ जो एक अन्यतम उपलब्धि थी। इस तरह प्रथम बोलती फिल्म ‘आलम आरा’ के साथ ही भोजपुरी ने अपना स्थान हिंदी/हिंदुस्तानी फ़िल्मों में सुरक्षित कर लिया था। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है।

भोजपुरिया लोगों ने हिंदी फ़िल्मों के लिए इतने हिट गाने भोजपुरी में लिखे जिनके कारण ये हिंदी फिल्में सुपर हिट होने लगीं। सन 1982 में बनी हिंदी फिल्म ‘नदिया के पार’ के कुल आठ गीतों में सात गीत भोजपुरी में थे और सबके सब हिट। दरअसल हिंदी फिल्म में भोजपुरी गीत रखना उन दिनों एक फार्मूला बन गया था। सन 1931 से लेकर सन 1962 तक के तीस सालों में मराठी, गुजराती, असमिया, कन्नड़, पंजाबी, उड़िया, मलयालम में फिल्में बनी लेकिन भोजपुरी फ़िल्म का कहीं नामो-निशान नहीं था। इस बात का अफसोस भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भी था। उनके सुझाव पर बिहार के अभरक खदान के मालिक विश्वनाथ प्रसाद शाहाबादी ने भोजपुरी में फिल्म बनाने की प्रेरणा ली। उन्होंने हिंदी फिल्मों के अभिनेता नज़ीर हुसैन की मदद से भोजपुरी फिल्म ‘गंगा मइया तोहे पियरी चढ़ाइबो’ बना डाली। इस पहली ही फिल्म ने कई नए कीर्तिमान क़ायम कर दिए। हर शहर में जितने भी थिएटर थे, सबमें इस फिल्म को रिलीज किया गया जिसका रिकॉर्ड आज तक कोई भी दूसरी फिल्म नही तोड़ पाई है।

डॉ. राजेंद्र संजय ने पाठकों को कई नए विषयों की जानकारी दी है। जैसे विश्व में फिल्मों का जन्म कब, कहाँ, और कैसे हुआ? उस समय फिल्मों का रूप क्या था? वे कैसे बनाई जाती थी? कैमरे का इज़ाद कहाँ, कैसे हुआ? फिल्मों से उसका नाता कैसे जुड़ा? स्थिर फिल्मों के स्थान पर चलती फिरती फिल्मों की शुरुआत कैसे हुई? सिनेमा का जन्म वास्तव में एक चमत्कार से कम नहीं था।

वे फिल्में भारत में कब कैसे पहुंची? भारत में उन फिल्मों को देखकर प्रथम लघुचित्र किसने बनाई? मूक फिल्मों का दौर कैसे शुरू हुआ? उससे जुड़े महानुभाव कौन थे? फिल्मों की बढ़ती लोकप्रियता के कारण फिल्मों में व्यापारिकता भी प्रवेश करने लगी थी जिसके कारण सिनेमाटोग्राफ एक्ट यानि सेंसर बोर्ड की स्थापना करनी पड़ी। लेखक ने इन सारी बातों का मोहक अंदाज में मनोरंजक शैली में वर्णन किया है। भारत में भोजपुरी बोली का विस्तार कहाँ से कहाँ तक किस रूप में विद्यमान है। मैथिली मगही, वज्जिका, अंगिका, नेपाली आदि किस बोली में कितनी फिल्में बनी है। भोजपुरिया कला, संस्कृति और जीवन शैली का वर्णन लेखक ने संक्षेप में आकर्षक रूप में किया है। इस पुस्तक में सन 1931 से 1961 तक बनी कुल 173 हिंदी फिल्मों में भोजपुरी फिल्मी गीतों की डिटेल सूची भी दी गयी है। फिल्म ‘गंगा मइया तोहे पियरी चढ़ाइबो’ के बाद और कौन कौन सी यादगार फिल्में भोजपुरी में बनी, उनका लेखा जोखा लेखक ने भाव- भीने अंदाज़ में किया है। भोजपुरी के शेक्सपियर भिखारी ठाकुर की जीवनी भी संक्षेप में फोटो के साथ पुस्तक में वर्णित है।

डॉ. राजेंद्र संजय ने यह भी वर्णन किया है कि कैसे तीन चार फिल्मों के सफल निर्माण के बाद ही दुर्भाग्य ने भोजपुरी फिल्मों के दरवाजे पर दस्तक देना शुरू कर दिया और फिल्में फ्लॉप होने लगी। फिल्म उद्योग में अधकचरे लोगों का प्रवेश होने लगा। अनुभवहीन निर्माता, अधकचरे निर्देशक, तकनीशियन तथा लेखकों ने भोजपुरी फिल्मों का बंटाधार करना शुरू कर दिया, पैसे की खातिर। फिल्म उद्योग के जानकर लोगों ने पत्र – पत्रिकाओ के जरिये सावधान’ लेख लिखकर चेतावनी देना शुरू कर दिया। गीतकर राममूर्ति चतुर्वेदी ने लिखा ‘भोजपुरी फिल्मों की नाव मझधार में’। दूसरी हस्तियों ने भी सावधान किया- ‘कला नहीं तो फिल्म नहीं’ ‘संभल जाओ नहीं तो सबकुछ से हाथ धोना पड़ जाएगा’। मगर फिल्में फ्लॉप होती गई। पद्मा खन्ना, कुमकुम, सुजीत कुमार, चित्रगुप्त जैसे महानुभावों ने भी सावधान किया मगर सन 1968 तक भोजपुरी फिल्मों का निर्माण शून्य हो गया। यह स्थिति सन 1968 से 1977 तक बनी रही।

भोजपुरी फिल्मों का दूसरा दौर सन 1977 में रंगीन भोजपुरी फ़िल्म ‘दंगल’ से शुरू हुआ जिसके निर्माता थे ‘विदेशिया’ फिल्म के निर्माता बच्चू भाई शाह, जिन्होंने सचमुच में दंगल नीति ली थी। भोजपुरी फिल्मों का दूसरा दौर जगमग रहा और सन 1989 तक रहा जिसमें कई हिट फिल्में बनी जिनकी संख्या बढ़ती ही गई। सन 1986 में 19 फिल्में बनीं जो आजतक का एक रिकॉर्ड है।

दूसरे दौर के उत्तरार्ध 1990 से 1999 तक में कुल 39 फिल्में ही बन पाईं। जबकि तीसरे दौर (2000-2008) में कुछेक नई उपलब्धियां देखने को मिली। शत्रुघ्न सिन्हा ‘बिहारी बाबू’ बनकर आए। रवि किशन हीरो बन कर छा गए। गायक मनोज तिवारी भी हीरो बन गए (2005)। सन 2006 में अमिताभ बच्चन ‘गंगा’ में अवतरित हुए। मिथुन चक्रवर्ती भी सन 2006 में ‘शंकर भोले’ में प्रकट हुए। सन 2008 मे एक नई भोजपुरी पत्रिका ‘भोजपुरी वर्ल्ड’ का प्रकाशन विनोद गुप्ता के संपादन में शुरू किया गया जिसके तत्वाधान में हर साल भोजपुरी फिल्म्स अवार्ड की भी शुरुआत की गई।

लेखक ने शुरू से अंत तक पाठक के साथ बातचीत की शैली में पूरे इतिहास को प्रस्तुत किया है जो अपने आप में एक अनुठा प्रयोग है। पाठक को लगता ही नहीं कि वह अकेला है। यह पुस्तक ‘भोजपुरी फिल्मों का इतिहास’ निस्संदेह हर संग्रहालय के लिए एक धरोहर साबित होगी। चार रंगों में प्रकाशित यह पुस्तक अत्यंत नयनाभिराम है।

संक्षिप्त समाचार – 14 अप्रैल 2023

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अग्निशमन दिवस पर नमुंमपा फायर ब्रिगेड ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि
नवी मुंबई। महानगर पालिका आयुक्त राजेश नार्वेकर ने अग्निशमन दिवस पर वाशी अग्निशमन केंद्र में मनपा की ओर से शहीद स्मारक स्तंभ पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। 14 अप्रैल, 1944 को पहले बॉम्बे बंदरगाह में विक्टोरिया डॉक पर एसएस पोर्ट स्टिकिन जहाज पर लगी भयानक आग से लड़ते हुए 66 अधिकारी और जवान शहीद हो गए। उस दौरान और उसके बाद से अग्निशमन सेवा के दौरान शहीद हुए जवानों के शौर्य को सम्मानित करने के लिए 1968 से 14 अप्रैल को राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर अग्निशमन विभाग प्रमुख तथा अतिरिक्त शहर अभियंता शिरीष आरदवाड, विभागीय अग्निशमन अधिकारी पुरूषोत्तम भोईर, केंद्र अधिकारी जे.टी. पाटील व सुशविरकर, सहायक केंद्र अधिकारी ए.आर. भोईर व वी.डी. कोली और अग्निशमन जवानों के हाथों स्मारक में पुष्पांजलि अर्पित की गई। अग्निशमन दिवस के अवसर पर 14 से 20 अप्रैल तक अग्निशमन सप्ताह मनाया जा रहा है और इस अवसर पर वाशी अग्निशमन केन्द्र पर अग्निशमन विभाग के विभिन्न उपकरणों एवं सुरक्षा सामग्री का प्रदर्शन किया गया है। मनपा आयुक्त राजेश नार्वेकर के हाथों प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया।
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भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जयंती को नमुंमपा मुख्यालय में दी ऋद्धांजलि
नवी मुंबई। भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती के अवसर पर नवी मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में महापालिका आयुक्त राजेश नार्वेकर के हाथों प्रतिमा पर पुष्पमाला अपर्ण करून ऋद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त संजय काकडे, प्रशासन विभाग के उपआयुक्त नितीन नार्वेकर, परिमंडल 1 के उपआयुक्त सोमनाथ पोटरे, लाइसेंस विभाग के उपआयुक्त डॉ. श्रीराम पवार, खेल व सांस्कृतिक कार्य विभाग के उपआयुक्त श्रीमती मंगला मालवे, गोदाम विभाग के उपआयुक्त अनंत जाधव, सहायक संचालक शहरी नियोजन सोमनाथ केकाण, अतिरिक्त शहर अभियंता शिरीष आरदवाड, कार्यकारी अभियंता सुनील लाड, समाजसेवा अधिकारी सर्जेराव परांडे आदि उपस्थित रहे।
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ग्रीष्म ऋतु-2023 में एलटीटी व थिविम काे 15 अप्रैल से अतिरिक्त विशेष गाड़ी
मुंबई। यात्रियों के लिए खुशखबरी है। ग्रीष्म ऋतु-2023 के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को दूर करने के लिए मध्य रेलवे के समन्वय से अतिरिक्त ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है। विवरण निम्नानुसार हैं।
ट्रेन क्रमांक 01185 / 01186 लोकमान्य तिलक ‘टी’ – थिविम – लोकमान्य तिलक ‘टी’ स्पेशल (त्रि-साप्ताहिक)
ट्रेन क्रमांक 01185 लोकमान्य तिलक ‘टी’ – थिविम – लोकमान्य तिलक ‘टी’ स्पेशल (त्रि-साप्ताहिक) लोकमान्य तिलक ‘टी’ से शनिवार, सोमवार और बुधवार को 15 अप्रैल 2023 से 29 अप्रैल 2023 तक 22.15 बजे छूटेगी और अगले दिन 11.30 बजे थिविम पहुंचेगी।
ट्रेन क्रमांक 01186 थिविम – लोकमान्य तिलक ‘टी’ स्पेशल (त्रि-साप्ताहिक) थिविम से प्रत्येक रविवार, मंगलवार और बृहस्पतिवार को 16 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2023 तक 16.40 बजे छूटेगी और अगले दिन 04.05 बजे लोकमान्य तिलक ‘टी’ पहुंचेगी।
ट्रेन ठाणे, पनवेल, रोहा, मनगांव, खेड, चिपलून, सावरदा, संगमेश्वर रोड, रत्नािगरी, अदावली, राजापुर रोड, वैभववाड़ी रोड, कणकवली, सिंधुदुर्ग, कुदल और सावंतवाड़ी रोड स्टेशन में रुकेगी।
स्थिति : कुल 20 कोच = टू टियर एसी – 01 कोच, थ्री टियर एस – 02कोच, स्लीपर – 11 कोच, जनरल – 04 कोच, एसएलआर – 02।
यह जानकारी कोंकण रेलवे कार्पोरेशन लिमिटेड के उप महाप्रबंधक / जनसंपर्क गिरीश र करंदीकर ने दी।
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भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती का धूमधाम से आयोजन
कल्याण। भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 132वीं जयंती पर महानगरपालिका आयुक्त डॉ. भाऊसाहेब दांगडे ने महापालिका मुख्यालय में भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित करके उनको ऋद्धांजलि अर्पित दी। इस अवसर पर शहर अभियंता अर्जुन अहिरे, उपआयुक्त वंदना गुलवे, अतुल पाटील, धैर्यशील जाधव, महापालिका सचिव संजय जाधव, कार्यकारी अभियंता जगदीश कोरे, घनश्याम नवांगुल, शैलेश कुलकर्णी, पूर्व महापौर रमेश जाधव, माजी पालिका सदस्य रेखा जाधव, प्रशासन अधिकारी विजय सरकटे, सूचना व जनसंपर्क अधिकारी माधवी पोफले, कानूनी अधिकारी आनंद सूर्यवंशी, सहायक आयुक्त तुषार सोनवणे, राजेश सावंत, हेमा मुंबरकर, दिनेश वाघचौरे, सहायक सुरक्षा अधिकारी किसन जाधव, आदि उपस्थित रहे। महापालिका के डोंबिवली विभाग में अतिरिक्त आयुक्त मंगेश चितले ने डोंबिवली कार्यालय के पास भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पण किया। इस अवसर पर परिमंडल 2 की उपआयुक्त स्वाति देशपांडे, सहायक आयुक्त भरत पाटील व संजय साबले आदि उपस्थित रहे।
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भिवंडी मनपा में भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 132वीं जयंती मनाई
भिवंडी। भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 132वीं जयंती को भिवंडी महानगर पालिका के प्रशासक तथा आयुक्त विजयकुमार म्हसाल ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित किया। इस अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे, उप-आयुक्त (मुख्यालय) दीपक पुजारी, पूर्व नगरसेवक विकास निकम, शाहूराज साठे मौजूद रहे।
भिवंडी मनपा के अन्य कार्यक्रम में भिवंडी महानगरपालिका के नितीन पाटील, उद्यान अधीक्षक नीलेश संख्ये, सहायक आयुक्त रमेश थोरात, प्रभाग अधिकारी सोमनाथ सोष्टे, गिरीश घोटेकर, राजेंद्र वरलीकर, कार्यालय अधीक्षक मकसूम शेख, बबन घोडके, सुरेश म्हस्के, सुमित्र कांबले व लक्ष्मण गायकवाड आिद मौजूद रहे।
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प्रमोद और तेजस्विनी शर्मा अभिनीत फिल्म ‘इंग्लिश शिवा’ पैन इंडिया होगी रिलीज

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मुम्बई। कन्नड़ फिल्मों के कलाकार अब पूरे भारत में अपनी धाक बनाते जा रहे हैं। केजीएफ, केजीएफ 2 और कांतारा फिल्म को हिंदी भाषी दर्शकों खूब सराहा है। पैन इंडिया रिलीज़ के बढ़ते ट्रेंड की कड़ी में अब एक और साउथ की फिल्म पूरे भारत के सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज के लिए तैयार है।
कन्नड़ फिल्मों के अभिनेता प्रमोद और अभिनेत्री तेजस्विनी शर्मा के अभिनय से सजी बहुभाषी फिल्म इंग्लिश शिवा 21 अप्रैल 2023 को कन्नड़, तमिल, तेलूगु, हिंदी, मलयालम, बंगाली और मराठी में रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म का ट्रेलर मुम्बई के रेड बल्ब स्टूडियो में लॉन्च किया गया, जहां प्रमोद और तेजस्विनी शर्मा के साथ निर्देशक आर्या एम महेश और निर्माता डेविड आर उपस्थित थे। इन्फेंट सिने क्रिएशन्स के बैनर तले बनी कन्नड़ फ़िल्म ‘इंग्लिश मांजा’ का हिंदी नाम ‘इंग्लिश शिवा’ रखा गया है। फिल्म के ट्रेलर में अन्य साउथ फिल्मों की भांति जबर्दस्त एक्शन, स्टाइल, म्युज़िक का शानदार मिश्रण है जिसमें प्रमोद छाए हुए हैं।
प्रमोद ने बताया कि इंग्लिश शिवा एक कमर्शियल फिल्म है। कर्नाटक के अलग अलग हिस्सों में इस फिल्म की शूटिंग करने में हमें लगभग 75 दिन लगे। मैंने अब तक जो भी फिल्में की है, यह फिल्म और यह किरदार उससे बहुत अलग है। मैं बहुत खुश और उत्साहित हूं कि हिंदी सहित सात भाषाओं में रिलीज होने वाली यह मेरी पहली फ़िल्म है और इस लिहाज से यह मेरे लिए एक बड़ी फिल्म है। इंग्लिश शिवा मेरे लिए बहुत खास है क्योंकि टाइटल रोल में यह मेरा पहला बिग प्रोजेक्ट है। इसमें कई खतरनाक स्टंट सीन हैं, साथ ही गाने भी हैं, बेहतरीन स्क्रिप्ट है और मुझे आशा है कि यह मुझे एक मास हीरो की इमेज देगी। इसमे मेरा राउडी अंदाज़ दर्शकों को अवश्य पसन्द आएगा। इस फिल्म के माध्यम से यह मैसेज दिया गया है कि प्यार ज़िंदगी में बहुत जरूरी है जो पैसे से भी ऊपर होती है।


आर्य एम महेश द्वारा निर्देशित इस एक्शन फिल्म इंग्लिश शिवा में तेजस्विनी शर्मा के साथ प्रमोद की एक खूबसूरत प्रेम कहानी है।
फिल्म के निर्माता डेविड आर ने कहा कि इंग्लिश शिवा का स्क्रिप्ट शानदार है इसकी कहानी प्यार, दोस्ती, एक्शन और ड्रामा से भरपूर है। इस फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
बता दें कि प्रमोद की यह छठवीं फिल्म है। उनके पास इंग्लिश शिवा के अलावा कई फिल्में हैं। लेकिन उनके करियर की बहुप्रतीक्षित फिल्म सालार है जिसमें अभिनेता प्रभास के साथ प्रमोद की महत्वपूर्ण भूमिका है।
तेजस्विनी शर्मा ने ट्रेलर लॉन्च के अवसर पर बताया कि फिल्म में उनके किरदार का नाम कमली है जो बड़ी बबली किस्म की लड़की है, बहादुर है मासूम भी है। लेकिन उसका एक अतीत है कैसे वह शिवा से मिलती है। कमली के आने से राउडी शिवा का जीवन बदल जाता है। फिलहाल बहुत ज़्यादा एक्साइटेड हूँ कि मेरी फिल्म इंग्लिश शिवा एक साथ 7 भाषाओं में रिलीज हो रही है। यह मेरी पहली पैन इंडिया रिलीज है हालांकि मैं कई साउथ की फिल्में कर चुकी हूं।
बॉलीवुड में प्रियंका चोपड़ा और आलिया भट्ट को पसन्द करने वाली तेजस्विनी शर्मा हालांकि इंजीनियर हैं लेकिन एक्टिंग और मॉडलिंग का शौक उन्हें फिल्म जगत में ले आया।
इस फिल्म की खास बात यह है कि केजीएफ में यश और कांतारा में ऋषभ शेट्टी की दमदार आवाज़ को हिंदी में डब करने वाले सचिन गोले ने इंग्लिश शिवा में प्रमोद की डबिंग की है।

– संतोष साहू

माफ‍िया अतीक के शूटर बेटे असद और साथी गुलाम का झांसी में यूपी STF ने क‍िया एनकाउंटर

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लखनऊ, GBB – उमेश पाल हत्‍याकांड के मुख्‍य आरोप‍ित माफ‍िया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद को यूपी एसटीएफ में झांसी में मुठभेड़ के दौरान मार ग‍िराया। असद के साथ उसका साथी गुलाम भी एनकाउंटर में मारा गया है। दोनों प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में वांछित थे और प्रत्येक पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। इस दौरान पुल‍िस को अत्याधुनिक विदेशी हथियार बरामद हुए हैं।

बता दें क‍ि दिल्ली से भागने के बाद असद और गुलाम यूपी बॉर्डर के पास एमपी में थे। वहीं से एसटीएफ ने दोनों का पीछा किया और झांसी में मुठभेड़ में दोनों मार ग‍िराया। मुठभेड़ के दौरान असद और गुलाम ने एसटीएफ पर फायर किए।

डॉलर को टक्कर दे रहा भारतीय रुपया , मीका सिंह ने क़तर में भारतीय करेंसी से की खरीददारी, वीडियो बना कर PM मोदी को कहा थैंक्यू

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बॉलीवुड के मशहूर सिंगर मीका सिंह (Mika Singh) ने अपने ट्विटर हैंडल पर बुधवार (12 अप्रैल, 2023) सुबह एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में वह कहते हैं, “गुड मॉर्निंग। मैं कतर की राजधानी दोहा में हूँ। मुझे दोहा एयरपोर्ट पर लुइसविटन स्टोर में खरीदारी करते समय भारतीय रुपए का इस्तेमाल करने पर बहुत गर्व महसूस हो रहा है। आपको यहाँ जो भी शॉपिंग करनी हैं आप इंडियन करेंसी दे सकते हैं।
आप किसी भी रेस्टॉरेंट में रुपए का इस्तेमाल कर सकते हैं.. है न कमाल की बात? नरेंद्र मोदी जी इसके लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया। अब हिंदुस्तानी पैसा भी डॉलर की तरह पूरे वर्ल्ड में चलेगा। कतर में तो चल रहा है।” 
सोशल मीडिया पर मीका सिंह का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसको लेकर एक यूजर ने लिखा, “मीका सिंह दोहा हवाई अड्डे पर लुइसविटन स्टोर में भारतीय रुपए में खरीदारी करते हुए। जल्द ही, उदारवादी उन पर हमला करेंगे, क्योंकि वह इसके लिए भारत की सराहना कर रहे हैं।”
आंध्र प्रदेश में बीजेपी के महासचिव विष्णु वर्धन रेड्डी ने भी मीका सिंह का वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “मशहूर सिंगर मीका सिंह बता रहे हैं कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश बदल रहा है। केंद्र सरकार के प्रयासों से भारतीय करेंसी वैश्विक हो रही है और कई देशों में इसे स्वीकार किया जा रहा है।”
भारतीय रुपए को इंटरनेशल करेंसी बनाने पर ज़ोर
जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते संकट में फँसी हुई थी, उस वक्त पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत ने रुपए (Indian Rupee) को डॉलर के बाद दूसरी बड़ी इंटरनेशनल करेंसी (International Currency) बनाने की पहल शुरू की। भारत सरकार ने जुलाई 2022 में यह महत्वाकांक्षी पहल शुरू की। इसका मकसद उन देशों को वैकल्पिक ट्रांजेक्शन सिस्टम उपलब्ध करवाना है, जो अमेरिकी डॉलर की कमी का सामना कर रहे हैं। RBI अब तक 18 वोस्ट्रो अकाउंट (Vostro Accounts) खोल चुका है।
इनमें से रूस के लिए 12 अकाउंट्स, श्रीलंका के लिए 5 अकाउंट्स और मॉरीशस के लिए 1 अकाउंट शामिल हैं। यानी इन तीनों देशों में अब भारतीय रुपए (Indian Rupee) को एक इंटरनेशल करेंसी के रूप में पूरी तरह मान्यता प्राप्त है। भारतीय वहाँ जाकर रुपए से कोई भी चीज खरीद सकते हैं। अमेरिकी डॉलर (US Dollars) की कमी का सामना कर रहे ताजिकिस्तान, क्यूबा, लक्जेमबर्ग और सूडान के अलावा जर्मनी, इजरायल जैसे विकसित देशों समेत 64 देशों ने भारतीय रुपए के जरिए कारोबार करने में दिलचस्पी दिखाई है।
अगर 30 देशों के साथ भारत का रुपए में कारोबार शुरू हो गया तो इंडियन करेंसी अंतरराष्ट्रीय करेंसी बन जाएगा।
‘मेक इन इंडिया’ और इसका इम्पैक्ट
भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर 2014 को ‘मेक इन इंडिया‘ कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब में बदलना है। ‘मेक इन इंडिया’ योजना में घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाना, आधुनिक और कुशल बुनियादी संरचना, विदेशी निवेश के लिए नए क्षेत्रों को खोलना और सरकार एवं उद्योग के बीच एक बेहतर साझेदारी का निर्माण करना है।
हर साल भारत का निर्यात उसके आयात से कम होता था, इसी ट्रेंड को बदलने के लिए सरकार ने वस्तुओं और सेवाओं को देश में ही बनाने की मुहिम को ‘मेक इन इंडिया’ के रूप में शुरू की थी।

एकता मंच अँधेरी द्वारा कल मेगा फ्री मेडिकल कैम्प का आयोजन

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एकता मंच अँधेरी द्वारा कल मेगा फ्री मेडिकल कैम्प का आयोजन
मुंबई – चिल्ड्रन वेल्फेयर सेंटर हाई स्कूल वर्सोवा यारी रोड में दिनाँक १४ अप्रैल को एकता मंच के माध्यम से एक मेगा फ्री मेडिकल कैम्प का आयोजन किया गया है। इस मेडिकल कैम्प में सभी प्रकार के रोगो का फ्री में जाँच और दवाईयां दी जाएँगी। कैम्प में रक्त दान शिविर का भी आयोजन किया गया है।
एकता मंच तथा कार्यक्रम के संयोजक प्रशांत काशिद ने बताया कि -” इस फ्री मेडिकल कैम्प में कैँशर , किडनी , फेफड़ा , सांस से बड़े रोगो की जाँच होगी साथ ही साथ सामान्य शरीर की जाँच भी किया जायेगा। लोग भारी संख्या में आ कर इस का लाभ ले सकते है।
यह कैम्प सुबह ८ बजे से ले कर दोपहर ४ बजे तक चलेगा।

पुलिस सब इंस्पेक्टर ने ली 75000 रुपए की रिश्वत, हुआ गिरफ्तार

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जालना (महाराष्ट्र। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को मध्य महाराष्ट्र में एक पुलिस सब इंस्पेक्टर को एक आरोपी व्यक्ति से 75,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इसकी जानकारी पुलिस ने दी।
पुलिस ने उसकी कार से 9.41 लाख रुपए नकद और 25 तोला (291 ग्राम) सोना भी बरामद किया है। आरोपी गणेश शिंदे (35) कदीम जालना पुलिस स्टेशन से जुड़ा हुआ था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 51 वर्षीय शिकायतकर्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसने मामले में कुछ मदद के लिएP SI से संपर्क किया था।
हालांकि, शिंदे ने कथित तौर पर उस व्यक्ति की मदद के लिए एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी, जिसने उसे 75,000 रुपए देने पर सहमति जताई और साथ ही औरंगाबाद में ACB इकाई में शिकायत दर्ज कराई।
अधिकारियों ने कहा कि ACB ने शिकायत का सत्यापन किया और बुधवार शाम को जाल बिछाया और रिश्वत की रकम लेते हुए आरोपी को पकड़ लिया।
हालांकि, PSI ने यह महसूस किया कि वह फंस गया है और अपनी कार में भाग गया। ACB के जवानों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया।
पुलिस ने बाद में उसकी कार से नकदी और सोना बरामद किया और उनके स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही थी। अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने हिंगोली जिले के जालना और सेनगांव में शिंदे के आवासों पर भी तलाशी ली है।

महाराष्ट्र में फिर डराने लगा कोरोना, पिछले 24 घंटों में 1115 नए मामले, नौ मरीजों की मौत

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मुंबई, एएनआई: देश में कोरोना संक्रमण एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है। इस बीच महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों के दौरान 1115 नए मामले सामने आए हैं और नौ मरीजों की मौत हुई है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार शाम को जारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में संक्रमण से रिकवरी की दर लगभग 98.11 प्रतिशत है। बुधवार को कुल संक्रमित मरीजों में से 560 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
मृत्यू दर लगभग 1.82 प्रतिशत
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में कोविड के कारण मृत्यू दर लगभग 1.82 प्रतिशत है। बुधवार को संक्रमण के कारण कुल 09 मरीजों की मौत हुई। महामारी की शुरुआत से अबतक यहां कुल 8,67,40,146 सैंपलों में से 81,52,291 सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। प्रदेश में संक्रमण की दर लगभग 9.40 प्रतिशत है।
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों खास नजर
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार कई तरह की एहतियात बरत रही है। राज्य के मुंबई, पूणे और नागपुर के हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है। विदेश से आने वाले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग नियमित तौर पर की जा रही है। साथ ही रैंडम दो फीसदी यात्रियों की कोविड जांच के लिए सैंपल भी लिए जा रहे हैं।

आगरा में इमरान ने रिजवान को फँसाने के लिए काटी गाय

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उत्तर प्रदेश की आगरा पुलिस ने गुरुवार (6 अप्रैल, 2023) को एक प्रेसनोट जारी करते हुए 2 गोहत्यारों की गिरफ्तारी की पुष्टि की थी। इन आरोपितों के नाम इमरान कुरैशी और शानू उर्फ़ इल्ली है। पुलिस ने इस मामले में साजिशकर्ताओं के तौर पर मनीष जाट, सौरभ शर्मा, ब्रिजेश भदौरिया, जितेंद्र और अजय का नाम बताया है। ये सभी लोग कथित तौर पर खुद को ‘हिन्दू महासभा’ से जुड़ा हुआ बताते हैं। जितेंद्र खुद इस मामले में दर्ज FIR में शिकायतकर्ता है, लेकिन पुलिस उसे साजिश का एक हिस्सा बता रही है।
इस मुद्दे पर कुछ राजनीतिक दलों के साथ मीडिया संस्थानों ने हिन्दू संगठनों को भी बदनाम करने का प्रयास किया। ऑपइंडिया ने सभी पक्षों से बात कर के इस पूरे मामले की जमीनी पड़ताल की।
कहाँ से हुई शुरुआत
इस पूरे मामले की शुरुआत 30 मार्च 2023 (गुरुवार) को हुई, जब रात 1 बजे खुद को ‘हिन्दू महासभा’ का सदस्य बताने वाले जितेंद्र ने आगरा पुलिस एत्माद्दौला थाना क्षेत्र में गोहत्या की FIR दर्ज करवाई। इस FIR में उन्होंने रिज़वान, नक़ीम, बिज्जू और शानू को नामजद किया। अपनी शिकायत में जितेंद्र ने बताया था कि घटना के दिन उन्हें विशेष सूत्रों से गौतम नगर गुफा के पास चारों नामजद आरोपितों द्वारा झाड़ियों में गाय को काट कर उसका माँस बेचने सूचना मिली थी।
दावा था कि इस सूचना पर जितेंद्र अपने साथियों विशाल और मनीष पण्डित के साथ मौके पर गए तो देखा कि आरोपित कटी गाय छोड़ कर भाग गए थे। जितेंद्र ने आरोपितों को शातिर गोहत्यारे बताते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की माँग की थी। पुलिस ने यह FIR गोहत्या निवारण अधिनियम उत्तर प्रदेश की धारा 3/5/8 के साथ IPC की धारा 429 के तहत दर्ज किया और जाँच शुरू कर दी। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।
पुलिस जाँच में कुछ और ही निकला
आगरा पुलिस के मुताबिक, इसी केस की जाँच के दौरान 5 अप्रैल, 2023 को उन्हें गोहत्या में शामिल 5 आरोपितों के शहर में होने की सूचना मिली। साथ ही इनके 1 बाइक व 1 स्कूटी से शहर से भागने की भी तैयारी का पता चला। पुलिस ने दबिश दी तो स्कूटी सवार 2 आरोपित दबोच लिए गए। इनके नाम शानू और इमरान कुरैशी हैं। इमरान को कुछ लोग ठाकुर नाम से भी जानते हैं। उस पर आगरा में पहले से 3 मुकदमे दर्ज हैं। जबकि दूसरे आरोपित शानू पर भी आगरा में पहले से 6 केस हैं। इसमें से अधिकतर केस गोहत्या के ही हैं। इस दौरान सलमान व एक अन्य आरोपित फरार होने में सफल रहे।
जब पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपितों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उनका आगरा के ही रहने वाले नकीम, बिज्जो, रिजवान और शानू से पुराना झगड़ा है। आरोपितों को शक था कि आगरा नगर निगम में काम करने वाले नकीम ने कुछ समय पहले झल्लू और इमरान की मुखबिरी करके जेल भिजवाया था। तभी से दोनों आरोपित नकीम, उसके परिजनों व साथियों को सबक सिखाने का प्लान बना रहे थे। इसी प्लान के तहत उन्होंने 29 मार्च 2023 की रात खुद गाय काट कर उसमें नकीम, रिज़वान आदि को फँसाने की तैयारी की थी।
इस साजिश को अंजाम देने के लिए शानू और इमरान आदि ने गौतम नगर में गुफा के पास खाली पड़े मैदान में घूम रही एक बेसहारा गाय को काट दिया।
संजय जाट की टीम ने बनाया विपक्षी के खिलाफ माहौल
इस पूरे मामले में विवाद का मुख्य केंद्र संजय जाट, सौरभ शर्मा, ब्रिजेश भदौरिया, अजय और जितेंद्र को पकड़े गए गोकशों ने अपने विपक्षी के खिलाफ माहौल बनाने में प्रयोग किया। गिरफ्तार गोकशों का दावा है कि संजय जाट और उनके साथियों को इस घटना की पहले से जानकारी थी और उन्हें गोकशी के बाद विपक्षियों के खिलाफ माहौल बनाने व FIR दर्ज करवाने के लिए तैयार किया गया था। दावा यह भी है कि घटना से पहले और बाद में इमरान, शानू, सलमान आदि ने फोन पर लगातार बात की और व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात भी की थी।
घटना के बाद तय प्लान के मुताबिक जितेंद्र ने गोहत्यारों के विपक्षियों पर FIR दर्ज करवाई और उनके बाकी अन्य साथियों ने रिज़वान, नकीम आदि की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाया।
2 गिरफ्तार, बाकी फरार
इस मामले में अभी तक इमरान कुरैशी और शानू उर्फ़ इल्ली को गिरफ्तार किया गया है। इस केस साजिश का खुलासा होने के बाद पुलिस ने IPC की धारा 120 बी और धोखाधड़ी की धारा 420 की बढ़ोत्तरी की है। अभी तक सलमान और अन्य फरार चल रहे है। एक फरार आरोपित का नाम पहले पुलिस ने झल्लू बताया था लेकिन वो पहले से जेल में बंद मिला। हालाँकि, पुलिस ने बाद में सफाई देते हुए झल्लू का नाम खुद गिरफ्तार आरोपितों द्वारा झूठा बताए जाने की बात कही।
पुलिस को इसी मामले में कथित तौर पर साजिश में शामिल जितेंद्र, संजय जाट, सौरभ शर्मा, ब्रिजेश भदौरिया और अजय की भी तलाश है। ऑपइंडिया के पास पुलिस प्रेसनोट मौजूद है।
‘हिन्दू महासभा’ का चक्रपाणि गुट करा रहा है आंतरिक जाँच
इस मामले में जिस संजय जाट और उनके अन्य साथियों के नाम सामने आए हैं, वो ‘हिन्दू महासभा’ के चक्रपाणि गुट से जुड़े बताए जा रहे। इस समूह के प्रदेश अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने पुलिस की थ्योरी पर शंका जताते हुए संगठन द्वारा आंतरिक जाँच जारी होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जाँच के बाद अंतिम निष्कर्ष को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया जाएगा। हालाँकि, उन्होंने पुलिस पर घटनास्थल पर देर से पहुँचने और संजय जाट के अलावा खुद और अपने साथियों को बेगुनाह बनाने की भी बात कही।
ऑपइंडिया ने इस मामले में जितेंद्र और संजय जाट का पक्ष जानने के लिए उनके नम्बरों पर सम्पर्क किया तो पहले तो थोड़ी देर तक फोन ऑन थे, लेकिन बाद में उनके फोन ऑफ़ बताने लगे।
पुलिस ने पक्के सबूत का किया दावा
ऑपइंडिया ने इस मामले की जानकारी SHO एत्माददौला इंस्पेक्टर राजकुमार से ली। उन्होंने बताया कि सिर्फ किसी एक व्यक्ति के बयान पर पुलिस ने संजय जाट व उनकी टीम के अन्य सदस्यों को संदिग्ध नहीं माना है, बल्कि उनके खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं। पुलिस की कार्यशैली को शत प्रतिशत निष्पक्ष बताते हुए इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि पुलिस की सक्रियता के चलते ही रामनवमी जैसे अवसर पर तमाम साजिशों के बाद भी किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
संजय जाट पर 1 दर्जन से ज्यादा मुकदमे, हिन्दू संगठनों ने उसे नकारा
मामले में साजिशकर्ता के तौर पर बताए जा रहे संजय जाट को थाना प्रभारी ने पहले से 14 मुकदमों में वांछित बताया। ये केस सिर्फ आगरा ही नहीं बल्कि आस-पास के जिलों में भी बताए गए। इसी के साथ हमें संजय जाट के कुछ ही समय पहले आगरा में रंगदारी माँगने के एक मामले में जेल जाने की भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, वो मामले की संवेदनशीलता को समझते है और पूरी कार्रवाई सबूतों के आधार पर ही आगे बढ़ रही है।
ऑपइंडिया से बात करते हुए आगरा में ‘बजरंग दल’ के एक कार्यकर्ता ने नाम न उजागर करने की शर्त पर संजय जाट और उनके साथियों की कार्यशैली को पहले ही सवालों के घेरे में बताया। उन्होंने आरोपित टीम को मनमाने तौर पर काम करने वाले लोग बताया। इसी के साथ SHO एत्माददौला ने भी ऑपइंडिया को बताया कि ‘हिन्दू महासभा’ व अन्य सच्चे हिन्दू संगठन सदस्य संजय जाट व साजिश में शामिल अन्य लोगों को अपने समूह का मानने से इनकार कर चुके हैं।
मीडिया का वामपंथी समूह फैला रहा भ्रम
इस मामले में मीडिया के वामपंथी समूह और कुछ राजनैतिक दलों ने भ्रम फैलाते हुए यह स्थापित करने की कोशिश की है कि मुस्लिम युवकों को फँसाने के लिए ‘हिन्दू महासभा’ के सदस्यों के गाय कटवाई थी। राहुल ईश्वर, प्रशांत भूषण, राना अय्यूब, ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के सौरभ भरद्वाज, द वायर, समाजवादी पार्टी मीडिया सेल, स्क्रॉल, मनीषा पांडे आदि ने अपनी हेडलाइन में गाय काटने वाले सलमान, इमरान, शानू आदि का नाम नहीं लिया है।
खास बात यह भी है कि वामपंथी और इस्लामी यूजर्स पुलिस गिरफ्त में खड़े जिन लोगों की फोटो शेयर कर रहे हैं वो इमरान और शानू हैं, न कि हिन्दू महासभा के सदस्य।
उपरोक्त सभी व कुछ अन्य ने गाय काटने की वजह मुस्लिमों को हिन्दुओं द्वारा फँसाने की साजिश बताया है। हालाँकि, पुलिस के खुलासे के मुताबिक, यह विवाद मुस्लिम बनाम मुस्लिम था जिसमें कथित तौर पर हिन्दू संगठनों से जुड़े लोगों ने सहयोगी की भूमिका निभाई है। यहाँ यह भी गौर करने योग्य है कि गाय को काटने वाले युवक इमरान और शानू मुस्लिम हैं जिन्होंने रिज़वान आदि से अपनी पुरानी दुश्मनी निकालने के लिए कथित तौर पर कुछ हिन्दुओं को केस दर्ज करवाने के लिए अपने साथ मिलाया था