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शरद पवार का राजनीति से संन्यास, NCP अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

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मुंबई । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष (President) शरद पवार (Sharad Pawar) ने मंगलवार को अध्यक्ष पद से (From the Presidency) इस्तीफा दे दिया (Resigned) । पवार (Pawar) ने खुद इसकी घोषणा की (Self Announced) । उन्होंने कहा कि वह राकांपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहे हैं।

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बाला साहेब ने भी दिया था इस्तीफा.. राउत का ट्वीट

शिवसेना नेता संजय राउत ने ट्वीट कर शरद पवार से एनसीपी अध्यक्ष पद से इस्तीफा वापस लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि गंदी राजनीति औरआरोपों से तंग आकर शिवसेना सुप्रीम बाला साहेब ठाकरे ने भी शिवसेना प्रमुख पद से इस्तीफा दिया था। ऐसा लगता है कि इतिहास खुद को दोहरा रही है। हालांकि, शिवसैनिकों के प्यार के सामने उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेना पड़ा था। बाला साहेब की तरह ही पवार साहेब भी राज्य की राजनीति के भूमि पुत्र हैं।

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उन्होंने अपनी आत्मकथा, ‘लोक मझे संगाई – राजनीतिक आत्मकथा’ के विमोचन के दौरान अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की। अपनी पत्नी प्रतिभा के साथ 82 वर्षीय पवार ने कहा, “मुझे पता है कि कब रुकना है.मैंने राकांपा के वरिष्ठ नेताओं की एक समिति गठित की है, जो अगले अध्यक्ष के बारे में फैसला करेगी ।” इस समिति में प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे, पीसी चाको, नरहरि जिरवाल, अजीत पवार, सुप्रिया सुले, जयंत पाटील, छगन भुजबल, दिलीप वलसे पाटील, अनिल देशमुख, राजेश टोपे, जितेंद्र अवहाद, हसन मुशरिफ, धनंजय मुंडे, जयदेव गायकवाड़ और राकांपा की इकाइयों के प्रमुख शामिल होंगे।

हालांकि, तीन और वर्षों के लिए राज्यसभा सदस्य ने आश्वासन दिया कि वह पिछले 55 वर्षों की तरह सामाजिक-राजनीति के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहेंगे। अब मैं कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा। मैं इन तीन वर्षों में राज्य एवं देश से जुड़े मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करूंगा। मैं कोई अन्य अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं लूंगा।’ हालांकि, पवार ने संकेत दिया कि वह राजनीति से संन्यास नहीं ले रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘साथियो, हालांकि मैं पार्टी के अध्यक्ष पद से हट रहा हूं लेकिन मैं सार्वजनिक जीवन से रिटायर नहीं हो रहा हूं।’उनकी घोषणा को झटके के साथ स्वागत किया गया, कई लोग फूट-फूट कर रोने लगे और उनके समर्थन में कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने पवार से अपना फैसला वापस लेने की अपील की, क्योंकि देश को उनकी जरूरत है।
शरद पवार ने 1999 में कांग्रेस से अलग होकर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी बनाई थी। उसके बाद से ही वे पार्टी के अध्यक्ष थे। पवार के ऐलान के बाद पार्टी कार्यकर्ता उनके समर्थन में नारे लगाने लगे। पार्टी कार्यकर्ता उनसे अपना फैसला वापस लेने की मांग कर रहे थे।

महात्मा गांधी के पोते अरुण गांधी का 89 साल की उम्र में निधन

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मुंबई: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते अरुण गांधी का मंगलवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। परिवार की ओर से बताया गया कि वह कुछ समय से बीमार थे। अरुण गांधी के बेटे तुषार गांधी ने बताया कि लेखक एवं सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता अरुण गांधी का अंतिम संस्कार आज कोल्हापुर में किया जाएगा। अरुण गांधी सुशीला और मणिलाल गांधी के बेटे थे। अरुण गांधी के परिवार में अब उनके बेटे तुषार, बेटी अर्चना, चार पोते और पांच परपोते हैं
अरुण गांधी खुद को ‘पीस फार्मर’ बताते थे। उन्होंने बेथानी हेगेडस और इवान तुर्क के सचित्र ‘कस्तूरबा, द फॉरगॉटन वुमन’, ‘ग्रैंडफादर गांधी’ लिखी। इसके साथ ‘द गिफ्ट ऑफ एंगर: एंड अदर लेसन फ्रॉम माई ग्रैंडफादर महात्मा गांधी’ आदि किताबें लिखीं।
अरुण गांधी ने लिखी कई किताबें
अरुण गांधी का जन्म डरबन में 14 अप्रैल 1934 को हुआ था। वह मणिलाल गांधी और सुशीला मशरुवाला के पुत्र थे। अरुण गांधी अपने दादा के पदचिह्नों पर चलते हुए एक सामाजिक कार्यकर्ता बने। वह पेशे से पत्रकार भी रहे।

Karnataka Assembly 2023: बढ़ते चुनाव के साथ विवादित बयान? अगर हिंदुओं के खिलाफ बोलेंगे तो गोली मार दी जाएगी – बीजेपी विधायक

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Karnataka Assembly 2023: कर्नाटक में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव प्रचार चरम पर है, सभी पार्टियां और उनके उम्मीदवार अपनी-अपनी पार्टी के प्रचार में जुटे हुए हैं. इसी बीच कर्नाटक में बीजेपी के विधायक और उम्मीदवार बसवनगौड़ा पाटिल यतनाल ने ऐसी बात कह दी है जिस पर बवाल मच गया है. उन्होंने कहा जो भी हिंदुओं के खिलाफ बात करेगा उसको गोली मार दी जाएगी.
उनके ऑन कैमरा दिया गया ये बयान वायरल हो रहा है और राज्य की राजनीति में सक्रिय विपक्षी पार्टियां उन पर कार्यवाही की मांग कर रही हैं. दरअसल विजयपुरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पाटिल ने कहा, अगर आप भारत में हमारी आस्था के खिलाफ बोलते हैं, या भारत के खिलाफ बोलते हैं, या फिर हिंदुओं के खिलाफ बोलते हैं तो आपको गोली मार दी जाएगी.
‘कर्नाटक चुनाव में भी अतीक हत्याकांड का जिक्र’
बसवनगौड़ा पाटिल ने यह बयान यूपी में हुए अतीक हत्याकांड का उदाहरण देते हुए कही. गौरतलब है कि गैंगस्टर से माफिया और फिर राजनेता बने अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद की उस समय तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी जब वह पुलिस हिरासत में अपने मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए जा रहे थे.
यतनाल ने कहा, अगर कर्नाटक के लोग बीजेपी सरकार को वोट देते हैं तो वह सत्ता में दुबारा आने पर कर्नाटक में भी योगी आदित्यनाथ की शैली को लागू करेगा. उन्होंने कहा, अगर कोई बीजेपी के खिलाफ बोलेगा तो हम उसके साथ यूपी जैसा ही करेंगे. उन्होंने कहा, जो भी भारत के खिलाफ बोलेगा, उसका एनकाउंटर किया जाएगा. हम उनके जेल नहीं लेकर जाएंगे बल्कि सारा फैसला सड़क पर ही हो जाएगा.
बढ़ते चुनाव के साथ बढ़े विवादित बयान?
कर्नाटक चुनाव में जैसे-जैसे वोटिंग के दिन नजदीक आते जा रहे हैं नेताओं के बयान तीखे होते जा रहे हैं. इससे पहले वरिष्ठ बीजेपी नेता के एस ईश्वरप्पा ने अजान के लिए लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए नाराजगी जताई थी. बीजेपी नेता ने दावा किया कि लाउडस्पीकर पर अजान से लोग खासकर परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र परेशान हो जाते हैं.

Maharashtra Politics – प्रधानमंत्री और उनकी टीम के पास गालियां गिनने का समय है -Uddhav Thackeray

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Uddhav Thackeray On BJP: पीएम मोदी के कर्नाटक में दिए एक भाषण को लेकर राजनीति तेज हो गई है. दरअसल, उन्होंने अपने इस भाषण में कांग्रेस की तरफ से दी गई गालियां गिनाई थीं. इसपर अब कांग्रेस के तमाम नेताओं के बाद शिवसेना (UBT) के उद्धव ठाकरे ने भी पलटवार किया है. उन्होंने पीएम के इस बयान का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी टीम के पास गालियां गिनने का समय है लेकिन उनकी पार्टी के लोग उन्हें और उनके बेटे आदित्य को रोज गालियां दे रहे हैं.

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको दी गई गालियां गिनाते हुए कहा था कि अब तक 91 बार कांग्रेस के नेता उनको गालियां दे चुके हैं. इसपर ठाकरे ने आगे कहा कि बीजेपी के नेता लगातार अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, पीएम उन्हें क्यों नहीं रोक रहे हैं? हम उन्हें उसी भाषा में जवाब देंगे. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बीजेपी की अपमानजनक भाषा उनकी संस्कृति को दर्शाती है. ठाकरे ने कहा, “मैं आरएसएस से पूछ रहा हूं, क्या आप ऐसी संतान (बीजेपी) को स्वीकार करते हैं.”

कांग्रेस-राकांपा से हाथ मिलाने पर क्या बोले?

कांग्रेस और राकांपा से हाथ मिलाने को लेकर हुई आलोचना का जिक्र करते हुए ठाकरे ने कहा जब वह कांग्रेस और राकांपा के साथ जाते हैं तो बीजेपी दावा करती है कि उन्होंने हिंदुत्व छोड़ दिया है. अगर ऐसा है तो आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के मस्जिद जाने का क्या होगा.

तेल रिफाइनरी का विरोध कर रहे लोगों से मिलेंगे ठाकरे

ठाकरे ने यह भी कहा कि प्रस्तावित तेल रिफाइनरी का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों से मिलने के लिए वह 6 मई को बारसू जाएंगे. ठाकरे ने कहा, “मुझे बारसू जाने से कोई नहीं रोक सकता, यह महाराष्ट्र का हिस्सा है.. यह पीओके नहीं है”. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा जब वह मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने रिफाइनरी के लिए जगह का सुझाव दिया था, लेकिन पीएम मोदी को दिए उनके पत्र में पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर गोली चलानी चाहिए इस बात का जिक्र नहीं था.

ये भी पढ़ें: मस्जिद से एलान! बुर्का पहने महिलाओं ने की अतीक की पत्नी शाइस्ता को भगाने में मदद

मस्जिद से एलान! बुर्का पहने महिलाओं ने की अतीक की पत्नी शाइस्ता को भगाने में मदद

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Shaista Parveen News: उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी मारे गए गैंगस्टर अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन अभी भी फरार है. सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) चार दिन पहले प्रयागराज में शाइस्ता परवीन को पकड़ने के बेहद करीब पहुंच गई थी, लेकिन ‘लेडी डॉन’ स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस को गच्चा देने में कामयाब रही.
पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि शाइस्ता प्रयागराज के हटुआ इलाके में है. सूत्रों ने कहा कि उसे अतीक के भाई अशरफ अहमद के ससुराल के पास देखा गया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक जब एसटीएफ की टीम वहां छापेमारी करने पहुंची तो बुर्का पहनी महिलाओं ने टीम को घेर लिया. पुलिस आगे नहीं बढ़ पाई और इसका फायदा उठाकर शाइस्ता परवीन भाग गई.
मस्जिद से ऐलान
सूत्रों के मुताबिक जब लोगों को सूचना मिली कि एसटीएफ की टीम छापेमारी करने आ रही है तो स्थानीय मस्जिद से अनाउंसमेंट कर महिलाओं को घर छोड़कर सड़क पर जमा होने के लिए कहा गया. इस भीड़ का फायदा उठाकर शाइस्ता भाग गई.
किसने की शाइस्ता परवीन की मदद?
इससे पहले यूपी पुलिस ने नैनी जेल जाकर अतीक के वकील खान सौलत हनीफ से पूछताछ की, जो गैंगस्टर का बड़ा विश्वासपात्र है और उमेश पाल के अपहरण मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है. हनीफ के इनपुट के आधार पर पुलिस को पता चला कि उमेश पाल की हत्या से पहले शाइस्ता परवीन ‘लेडी डॉन’ मुंडी पासी से मिली थी.
सर्च लिस्ट में मुंडी पासी का नाम
पुलिस सूत्रों का कहना है कि कई आपराधिक मामलों में खुद जमानत पर बाहर चल रही मुंडी पासी शाइस्ता परवीन के भागने में मदद कर रही है और उसे खुफिया जानकारी मुहैया करा रही है. पुलिस कौशांबी बॉर्डर के पास मुंडी पासी और अतीक के गनर एहतेशाम की तलाश कर रही है.शाइस्ता परवीन के साथ अशरफ की पत्नी जैनब और बहन आयशा नूरी भी फरार हैं.
क्यों फरार है शाइस्ता?
पुलिस को शाइस्ता परवीन के कुछ और मददगारों के नाम भी पता चले हैं. इनमें से एक गुड्डू मुस्लिम का सहयोगी आसिफ उर्फ ​​मल्ली है, जो उमेश पाल हत्याकांड में शामिल था. शाइस्ता परवीन 2005 के बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद से फरार है.
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अप्रैल में रेकॉर्ड GST कलेक्शन – PM बोले- भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी खबर

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अप्रैल में रेकॉर्ड GST कलेक्शन
अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन ने सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए। जीएसटी कलेक्शन 1.87 लाख करोड़ रुपये रहा। यह किसी एक महीने में जुटाया गया अब तक का सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन है। जुलाई, 2017 में जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद से सर्वाधिक मासिक जीएसटी कलेक्शन का पिछला रेकॉर्ड 1.68 लाख करोड़ रुपये था जो पिछले साल अप्रैल में बना था। साथ ही, 20 अप्रैल को जीएसटी 68,228 करोड़ रुपये रहा, जो एक दिन में अब तक का सबसे ज्यादा है।

PM बोले- भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी खबर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी खबर है। कर की कम दर के बावजूद कर संग्रह बढ़ना जीएसटी की सफलता को बताता है। यह बताता है कि जीएसटी ने एकीकरण और अनुपालन को किस तरह बढ़ाया है।

पीएम मोदी फिर दो दिन के कर्नाटक दौरे पर
पीएम मोदी आज से फिर दो दिन के कर्नाटक दौरे पर रहेंगे। इन दो दिनों में पीएम राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए 7 रैलियां करेंगे। 2 मई को वे चित्रदुर्ग, विजयनगरा, सिंधानपुर और कलबुर्गी में जनसभा करेंगे। वहीं, 3 मई को उनकी मूदाबिद्री, करवार और किट्टूर में रैलियां हैं। कर्नाटक चुनाव के लिए बीजेपी का घोषणा पत्र ‘प्रजा ध्वनि’ जारी होने के बाद पीएम की यह पहली यात्रा है।

नीलोत्पल मृणाल की नन्ही गूंज विकास फाउंडेशन द्वारा आयोजित हुआ G20 मैराथन

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मुख्य अतिथि एडिशनल कमिश्नर आईआरएस समीर वानखेड़े, एमएलए गीता भरत जैन की उपस्थिति में भारी संख्या में लोगों ने लिया हिस्सा

भायंदर। बेहद गर्व की बात है कि भारत को G20 देशों की अध्यक्षता मिली है, इसी के अंतर्गत नीलोत्पल मृणाल ने वेस्टर्न हीरोज़ के सहयोग से और आरईसी, सर्वो इंडियन ऑयल जैसे स्पॉन्सर्स के सहयोग से रविवार 30 अप्रैल 2033 की सुबह को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ग्राउंड, भायंदर महाराष्ट्र में G20 मैराथन का आयोजन किया। G20 मैराथन में हज़ारों की संख्या में लोगो ने हिस्सा लिया और इसको एक सफल आयोजन बनाया। एडिशनल कमिश्नर IRS अधिकारी समीर वानखेड़े ने इस मैराथन में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया, साथ ही क्षेत्र की एमएलए श्रीमती गीता भरत जैन भी विशिष्ट अतिथि के रूप में हाजिर रहीं।
बता दें कि नीलोत्पल मृणाल स्वयं एक दिव्यांग व्यवसायी और समाजसेवी हैं जो ख़ुद दौड़ नहीं सकते लेकिन उनका मानना है कि दूसरे को दौड़ते देख कर उन्हें महसूस होता है कि वह दौड़ रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में नीलोत्पल मृणाल ने 30 से ज्यादा मैराथन पूरे देश में आयोजित करवाए हैं।
आमदार श्रीमती गीता भरत जैन ने कहा कि यह जी 20 मैराथन एक नेक मकसद के लिए भी कराया जा रहा है। हेल्थ और फिटनेस के साथ साथ इस दौड़ के द्वारा नेत्रदान की महत्ता और जागरूकता फैलाई जा रही है। यह इतना अच्छा काम है कि भगवान को भी ये पसन्द आया और उसने बारिश कर दी। जी हां, भायंदर में बारिश भी हुई।
एडिशनल कमिश्नर आईआरएस समीर वानखेड़े ने इस जी 20 मैराथन के आयोजन के लिए नीलोत्पल मृणाल के प्रयासों की सराहना की और कहा कि आज सेहत को लेकर सबसे ज्यादा जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। युवाओं को ड्रग्स से दूर करके उन्हें हेल्थ और फिटनेस की ओर ले।जाना है। दौड़ना सबसे अच्छी और सबसे सस्ती एक्सरसाइज है। मैं यहां तमाम भाग लेने वाले एथलीट्स का जोश देखकर हैरान हूं।
नीलोत्पल मृणाल ने समीर वानखेड़े, एमएलए गीता भरत जैन का आभार व्यक्त किया कि वे लोग इतनी सुबह यहां आए और इस नेक कार्य के लिए सभी का हौसला बढ़ाया।
नीलोत्पल मृणाल ने बताया कि G20 के अन्तर्गत डॉ विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रेसिडेंट आईसीसीआर के मार्गदर्शन में उन्होंने इस G20 मैराथन का आयोजन करवाया है और आगे भी अन्य राज्यों में भी ऐसा आयोजन होगा। 6 अगस्त 2023 को दिल्ली में भी ऐसे मैराथन का आयोजन किया जाने वाला है।

असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया तेजपुर में गौ कुंभ में शामिल हुए

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गुवाहाटी: राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शनिवार को सोनितपुट जिले के अपने दिन भर के दौरे में घोरमारी में राष्ट्रीय गौ धन महासंघ के सहयोग से विहंगम योग इंस्टीट्यूट ऑफ काउ मैनेजमेंट (विहंगम योग संस्थान प्रयागराज की सहायक कंपनी) द्वारा आयोजित पहले गौ कुंभ का उद्घाटन किया. तेजपुर में। इस अवसर पर बोलते हुए कटारिया ने कहा कि गाय हमेशा भारत में पूजनीय रही है और उन्हें मनुष्य और पर्यावरण के लिए उपयोगी और लाभकारी माना जाता है।
गायों को उनके पोषण और औषधीय गुणों के कारण माता के रूप में सम्मानित किया जाता है। राज्यपाल ने कहा, “गाय आधारित उत्पादों के निर्माण और उपयोग से न केवल अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पर्यावरण भी शुद्ध होगा।” कटारिया ने गौ कुंभ के आयोजन में पहल करने के लिए दानदाताओं और प्रबंधन समिति के सदस्यों को बधाई दी और उनकी सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विहंगम योग इंस्टीट्यूट ऑफ गौ प्रबंधन की तरह, यदि देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की परियोजनाओं को गंभीरता से लिया जाता है, तो गायों की रक्षा और संवर्धन और गाय आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अभूतपूर्व प्रगति हासिल की जा सकती है। राज्यपाल ने कहा कि भारत की समृद्ध परंपरा और संस्कृति सभी प्राणियों के प्रति करुणा का भाव मन में बैठाती है।
यह करुणामय दृष्टिकोण जरूरतमंद लोगों की मदद करने के महत्व पर भी जोर देता है जो भारतीय समाज की एक विशिष्ट पहचान देता है। उन्होंने उन जबरदस्त औषधीय लाभों पर भी प्रकाश डाला जो गाय उनकी मृत्यु से पहले और बाद में प्रदान करती हैं। राज्यपाल ने आगे कहा कि देश में गायों की घटती संख्या को देखते हुए सभी के लिए सक्रिय कदम उठाना और भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इन गोजातीय पशुओं के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लोगों को और अधिक गौशालाएं स्थापित करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करें। कटारिया ने कहा, “इस तरह की पहल के माध्यम से, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हमारी संस्कृति के करुणामय लोकाचार को बरकरार रखा जाए और हमारी गाय की आबादी को वह सम्मान और देखभाल दी जाए, जिसके वे हकदार हैं।” राज्यपाल ने इस कार्यक्रम में असम और पूर्वोत्तर में पहले गाय छात्रावास और गाय अनुसंधान केंद्र का भी उद्घाटन किया। बाद में, अपने सोनितपुर जिले के दौरे के दौरान, राज्यपाल ने सर्किट हाउस में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और जिले में तैनात अन्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान, राज्यपाल ने विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं की स्थिति और निष्पादन की समीक्षा की।
साथ ही उन्होंने जिले की कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने का भी प्रयास किया। बैठक के बाद राज्यपाल ने चित्रलेखा उद्यान का दौरा किया और नवनिर्मित मुख्य द्वार का अनावरण किया। उन्होंने उद्यान में एक पौधा भी लगाया। पार्क की अपनी यात्रा के दौरान, राज्यपाल को चित्रलेखा उद्यान के साथ-साथ विरासत शहर तेजपुर के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया गया। राज्यपाल के तेजपुर दौरे के दौरान विधायक रंगापाड़ा कृष्ण कमल तांती, सांसद तेजपुर, पल्लब लोचन दास, विधायक तेजपुर पृथ्वीराज राभा भी राज्यपाल के साथ थे।

सुप्रीम’ फैसले पर टिकी नजरें – ‘महाराष्ट्र में अगला मुख्यमंत्री राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का ही होगा -जयंत पाटिल

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Jayant Patil CM Remark: महाराष्ट्र सरकार के गिरने की अटकलों के बीच एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल का बड़ा बयान सामने आया है. पाटिल ने कहा, ”महाराष्ट्र में अगला मुख्यमंत्री राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का ही होगा, यह सभी लोगों ने मान लिया है.” इसी के साथ उन्होंने कहा है कि राज्य में भविष्य में एनसीपी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर सामने आएगी. जयंत पाटिल ने राज्य के सतारा जिले के कराड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रविवार (30 अप्रैल) को यह बयान दिया.

क्यों लगाई जा रही हैं महाराष्ट्र सरकार के गिरने की अटकलें

दरअसल, शिवसेना के 16 विधायकों की योग्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का फैसला आना बाकी है जो पिछली साल बगावत कर शिंदे गुट में आ गए थे. इन विधायकों में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम भी शामिल है. शीर्ष अदालत के लंबित फैसले की पृष्ठभूमि में ही महाराष्ट्र सरकार के गिरने और शिंदे से सीएम पद जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं.

इसके अलावा संजय राउत जैसे कई नेता भविष्यवाणी कर चुके हैं शिंदे और बीजेपी वाली सरकार ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है. इन अटकलों के बीच अजित पवार की ओर से भी मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई गई, इसलिए ऐसे में जयंत पाटिल के बयान के बड़े राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं.

‘सुप्रीम’ फैसले पर टिकी नजरें 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते अगर महाराष्ट्र की सरकार पर आंच आती है तो क्या एनसीपी समर्थन देकर उसे बचाएगी, यह सवाल उठ रहा है. अगर एनसीपी समर्थन देती है तो मुख्यमंत्री पद की मांग करने का विकल्प उसके पास होगा. इन सभी अटकलों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विराम लगेगा.

क्या अजित पवार में CM बनने की क्षमता है?

बता दें कि हाल में एबीपी न्यूज के लिए सीवोटर की ओर से किए गए सर्वे में पूछा गया था कि क्या अजित पवार में महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने की क्षमता है? जवाब में 30 फीसदी लोगों ने ‘हां’ कहा था और 33 फीसदी लोगों ने ‘नहीं’ में जवाब दिया था. वहीं, 37 फीसदी लोगों ने ‘पता नहीं’ जवाब दिया था.

Atiq Ahmed Murder: अतीक के करीबी ने ही ली उसकी जान?

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Atiq Ahmed Murder: अतीक-अशरफ हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उसमें नए खुलासे हो रहे हैं. डबल मर्डर में अब पुलिस डबल क्रॉस की जांच कर रही है. दरअसल, पुलिस की जांच में माफिया अतीक को लेकर खुलासा हुआ है कि उसने कस्टडी में खुद के ऊपर हमला करवाने की साजिश रची थी. अतीक अहमद अपने ऊपर हमला करवाकर अपनी सुरक्षा बढ़वाना चाहता था. अतीक को लगता था कि अगर हमले का ड्रामा सही ढंग से काम कर गया तो न उसे कोई गैंग मार पाएगी और न ही पुलिस उसका एनकाउंटर करेगी. इस खुलासे के बीच पुलिस एक थ्योरी पर जांच कर रही है कि कहीं अतीक को किसी ने डबल क्रॉस तो नहीं कर दिया.
जानकारी के मुताबिक खुद पर हमला करवाने के लिए अतीक ने अपने जिस करीबी को चुना वह गुड्डू मुस्लिम था. सूत्रों के मुताबिक, गुड्डू मुस्लिम ने अतीक के काफिले पर हमला करवाने के लिए पूर्वांचल के कुछ बदमाशों से संपर्क भी किया था. पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि साबरमती से प्रयागराज लाते समय रास्ते में या फिर प्रयागराज में ही कहीं अतीक ने नकली हमले का स्पॉट फिक्स किया था.
तो अतीक हो गया डबल क्रॉस ?
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं लवलेश, अरुण और सनी को अतीक पर फेक हमले के लिए ही तो नहीं सेलेक्ट किया गया था और अतीक की गैंग के ही किसी ने इस हमले को लेकर माफिया को डबल क्रॉस कर दिया. कहीं अतीक की गैंग के किसी गद्दार ने अतीक पर नकली हमला करने के बजाय सीधे दोनों को मारने की सुपारी तो नहीं दे दी. इस शक की सुई गुड्डू मुस्लिम की तरफ उठ रही है.
मरने से पहले अतीक ने किसे किया इशारा?
अतीक अहमद अपनी हत्या से कुछ पलों पहले जब पुलिस जीप से उतरता है तो वह किसी को सिर हिलाकर इशारा करता नजर आता है. इसका वीडियो भी सामने आया था. सवाल है कि यह इशारा किसके लिए था. क्या अतीक अपने ऊपर हमला करने वालों को इशारा कर रहा था या वो शूटर कहीं और से मैनेज हो गए और उन्होंने अतीक को ही डबल क्रॉस कर दिया.
अतीक पर हमले के तीनों आरोपी गिरफ्तार
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की बीते 15 अप्रैल की रात प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के बाहर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने तीन हमलावरों लवलेश, अरुण और सनी को मौके से गिरफ्तार किया था. तीनों इस समय हिरासत में हैं. पुलिस उनसे रिमांड में लेकर पूछताछ भी कर चुकी है, लेकिन अतीक की मौत अभी भी रहस्य बनी हुई है.
अतीक पहले भी करवा चुका था खुद पर हमला
अतीक ने साल 2002 में कोर्ट में पेशी के दौरान खुद पर बम से हमला करवाया था. बाद में ये खुलासा हुआ था कि ये हमला उसने खुद ही करवाया था, लेकिन 44 सालों तक प्रयागराज में खौफ का दूसरा नाम रहे अतीक का ऐसा अंत होगा, ये किसी ने सोचा नहीं था.