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मणिपुर में क्यों भड़की है हिंसा? रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों से क्या कनेक्शन?

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इम्फाल/नई दिल्ली : मणिपुर पिछले काफी दिनों से हिंसा की आग में सुलग रहा है। जातीय हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट, हत्या…हालात भयावह हैं। इंटरनेट बंद है। उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए जा चुके हैं। हजारों लोग अपना घर-बार छोड़कर पड़ोसी राज्य असम में पलायन कर रहे हैं। राजधानी इम्फाल से दक्षिण में 63 किलोमीटर पर स्थित चुराचंदपुर जिला हिंसा का केंद्र बना हुआ है। केंद्र सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। बड़ी तादाद में आर्मी और असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है। आखिर ऐसी स्थिति आई क्यों? क्यों सुलग रहा है नॉर्थ ईस्ट का गहना? मणिपुर में हिंसा का लंबा इतिहास रहा है। इस इतिहास में उसके भूगोल की भी अपनी भूमिका है। उसके अलावा वहां के सामाजिक ताने-बाने, बुनावट को समझे बगैर मौजूदा हिंसा की वजह भी नहीं समझी जा सकती। तो आइए इतिहास, भूगोल और सामाजिक ताने-बाने के आईने में मणिपुर में चल रही हिंसा की वजह समझते हैं।

आगे बढ़ने से पहले हिंसा का इतिहास-भूगोल कनेक्शन और सामाजिक संरचना को समझते हैं। पूर्वोत्तर के इस राज्य में तीन प्रमुख समुदाय हैं- बहुसंख्यक मेइती और दो आदिवासी समुदाय- कुकी और नागा। इनके बीच आपसी अविश्वास का इतिहास रहा है। राज्य की कुल आबादी में मेइती की हिस्सेदारी 53 प्रतिशत है यानी आधे से अधिक। ये आर्थिक और राजनीतिक तौर पर मणिपुर का सबसे प्रभावशाली समुदाय है। राज्य की 40 प्रतिशत आबादी कुकी और नागा की है। मेइती सूबे के मैदानी इलाकों, इम्फाल घाटी में हैं। कुकी और नागा आदिवासी इम्फाल घाटी से सटे पहाड़ी इलाकों में रहते हैं। ये इलाके लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों के केंद्र रहे हैं। एक वक्त तो ऐसा भी था कि तकरीबन 60 हथियारबंद उग्रवादी समूह इस इलाके में सक्रिय थे। मणिपुर के कुल क्षेत्रफल का महज 10 प्रतिशत मैदानी इलाका है जो इम्फाल घाटी में है और बहुत ऊपजाऊ है। राज्य का 90 प्रतिशत हिस्सा पहाड़ी इलाका है। मेइती आर्थिक और राजनीतिक तौर पर सबसे प्रभावशाली और ताकतवर हैं। राज्य में किसी भी पार्टी की सरकार हो लेकिन दबदबा मेइती का ही होता है। मौजूदा मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह भी इसी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। कुकी और नागा समुदाय सरकार पर खुद के साथ सौतेला व्यवहार अपनाने का आरोप लगाते हैं।

  1. हिंसा की जड़ में क्या है?
    ताजा हिंसा की दो प्रमुख वजहें हैं। एक है बहुसंख्यक मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का फैसला जिसका कुकी और नागा समुदाय विरोध कर रहे हैं। कुकी और नागा समुदाय को आजादी के बाद से ही आदिवासी का दर्जा मिला हुआ है। और दूसरी वजह है गवर्नमेंट लैंड सर्वे। बीजेपी की अगुआई वाली राज्य सरकार ने रिजर्व्ड फॉरेस्ट यानी आरक्षित वन क्षेत्र को आदिवासी ग्रामीणों से खाली कराने का अभियान चला रही है। कुकी समुदाय इसके विरोध में है।
  2. कैसे और कहां से हुई हिंसा की शुरुआत?
    तनाव की शुरुआत चुराचंदपुर जिले से हुई जो राजधानी इम्फाल के दक्षिण में करीब 63 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जिला कुकी बहुल है। पिछले हफ्ते द इंडिजेनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) ने गवर्नमेंट लैंड सर्वे के विरोध में 28 अप्रैल को चुराचंदपुर में 8 घंटे बंद का ऐलान किया था। संयोग से बंद वाले दिन ही मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह का जिले में कार्यक्रम भी था। वह चुराचंदपुर में न्यू लमका टाउन के सद्भावना मंडप में रैली के साथ-साथ एक ओपन जिम और पीटी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का उद्घाटन करने वाले थे। लेकिन 27 अप्रैल की रात को ही भीड़ ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम वाली जगह पर जमकर तोड़फोड़ कर दी। कुर्सियों को आग के हवाले कर दिया गया। जिस ओपन जिम और स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का उद्घाटन होना था वहां तोड़फोड़ और आगजनी हुई। हिंसा के बावजूद बीरेन सिंह के कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं। 28 अप्रैल को अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग सीएम के आने का इंतजार कर रहे थे तभी वहां प्रदर्शनकारियों ने धावा बोल दिया। हालात को संभालने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और जवाब में उन्होंने पत्थरबाजी की। तनाव की स्थिति बनने के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने चुराचंदपुर का दौरा रद्द कर दिया। 28 अप्रैल को देर रात तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प होती रही। उसी रात तुइबोंग एरिया में उपद्रवियों ने फॉरेस्ट रेंज ऑफिस को आग के हवाले कर दिया।
  3. क्यों आई कर्फ्यू और उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश की नौबत?
    27-28 अप्रैल की हिंसा में मुख्य तौर पर पुलिस और कुकी आदिवासी आमने सामने थे। लेकिन 3 मई को स्थिति बिगड़ गई और इसने जातीय संघर्ष का रूप ले लिया। एक तरफ मेइती समुदाय के लोग तो दूसरी तरफ कुकी और नागा समुदाय के लोग। इनके बीच जातीय हिंसा के बाद स्थिति बेकाबू हो गई। इस बार हिंसा की जड़ में मेइती समुदाय को एसटी का दर्जा दिए का फैसला था। इसके खिलाफ कुकी और नागा आदिवासियों ने 3 मई को राज्य के सभी 10 पहाड़ी जिलों में ‘ट्राइबल सॉलिडैरिटी मार्च’ यानी ‘आदिवासी एकता यात्रा’ निकालने का ऐलान किया। मार्च का आयोजन ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर (ATSUM) ने किया। इस दौरान हिंसा भड़क गई जिसने देखते ही देखते जातीय संघर्ष का रूप ले लिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि 8 जिलों में मोबाइल इंटरनेट सर्विस सस्पेंड कर दी गई। कर्फ्यू लगा दिया गया। उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिए गए हैं। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस के साथ-साथ आर्मी और असम राइफल्स को उतार दिया गया है। फ्लैग मार्च कर रहे हैं लेकिन हत्या, आगजनी, पुलिस और सुरक्षाबलों पर हमले, लूट की घटनाएं अब भी हो रही हैं। अबतक करीब 10-12 हजार लोग राज्य से पलायन कर चुके हैं।
  4. मेइती को एसटी का दर्जा देने का मसला क्या है?
    बहुसंख्यक मेइती समुदाय से जुड़े कुछ संगठन लंबे समय से अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। समुदाय से आने वाले कई विधायक भी खुलेआम इस मांग का समर्थन करते रहे हैं। मेइती समुदाय का कहना है कि बड़े पैमाने पर अवैध घुसपैठियों के आने की वजह से उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पिछले महीने मणिपुर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह 4 हफ्ते के भीतर मेइती समुदाय को एसटी का दर्जा देने की मांग पर केंद्र सरकार को अपनी सिफारिश भेजे। कुकी और नागा मेइती को एसटी का दर्जा दिए जाने का कड़ा विरोध कर रहे हैं।
  5. मेइती क्यों मांग रहे एसटी दर्जा? रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का क्या है कनेक्शन?
    मेइती बहुसंख्यक हैं इसके बावजूद उनके अंदर असुरक्षा की भावना है। उनका कहना है कि बड़े पैमाने पर म्यांमार और बांग्लादेश से आने वाले अवैध प्रवासी वहां बस रहे हैं जिससे ये डर सता रहा है कि उनकी सांस्कृतिक पहचान खतरे में है। नॉर्थ ईस्ट इंडिया की 1643 किलोमीटर सीमा म्यांमार से लगती है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, म्यांमार से 52000 के करीब शरणार्थी पूर्वोत्तर के राज्यों में बसे हुए हैं। इनमें से मणिपुर में 7800 शरणार्थी हैं। ये तो वे हैं जिन्हें शरणार्थी का दर्जा मिला हुआ है। इसके अलावा भी बड़ी तादाद में म्यांमार और बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासी मणिपुर में बसे हुए हैं। मेइती संगठनों का दावा है कि म्यांमार और बांग्लादेश के ‘बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासियों’ की वजह से उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
  6. लैंड सर्वे से कुकी समुदाय में क्यों नाराजगी?
    कुकी समुदाय राज्य सरकार की तरफ से कराए जा रहे लैंड सर्वे से नाराज है। ये सर्वे चुराचंदपुर-खोउपुम प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट इलाके में किया गया था। प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट रीजन करीब 490 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में है और ये चुराचंदपुर, बिष्णुपुर और नोनी जिलों में फैला हुआ है। कुकी समुदाय लैंड सर्वे का विरोध कर रहा है और उसकी मांग है कि सरकार 1966 के उस आदेश को रद्द करे जिसमें आदिवासी इलाकों को प्रोटेक्टेड/रिजर्व्ड फॉरेस्ट यानी आरक्षित वन घोषित किया गया है। उनका कहना है कि इसके जरिए उनसे उनका जंगल छीना जा रहा है।
  7. आरक्षित वनों से आदिवासियों को बेदखल करने के अभियान से कैसे बढ़ा तनाव?
    मणिपुर में सरकार ने प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट से ग्रामीणों को निकाल रही है। इसके लिए लैंड सर्वे हो रहा है और आरक्षित वनों से लोगों को निकालने का अभियान चलाया जा रहा है। कुकी और नगा समुदाय इसे खुद को जंगल से बेदखल किए जाने के रूप में देख रहे हैं। फरवरी में चुराचंदपुर जिले के ही के सोंगजन गांव में सरकार ने एविक्शन ड्राइव चलाया था। वहां प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट एरिया में रह रहे लोगों को उनके घरों से बाहर कर दिया गया। गांव वालों ने तब आरोप लगाया था कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं दिया गया था। बीजेपी की अगुआई वाले सत्ताधारी गठबंधन में शामिल कुकी पीपल अलायंस ने भी सरकार के इस अभियान को अमानवीय बताते हुए निंदा की थी। पिछले महीने यानी मार्च में कुकी समुदाय के सबसे बड़े संगठन कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने जंगलों से ग्रामीणों को बाहर निकालने के अभियान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उसने उसके खिलाफ में शांतिपूर्ण रैली बुलाई थी लेकिन कंगपोकपी जिले में ये हिंसक हो गई।
  8. हिंसा में अबतक कितने लोगों की मौत, कितने जख्मी?
    न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा में अबतक 54 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा करीब 100 लोग जख्मी हुए हैं। मरने वालों में इनकम टैक्स अफसर लेमिनथांग हाओकिप भी हैं। सीआरपीएफ के एक कोबरा कमांडो की भी हिंसा में मौत हुई है। सेना के मुताबिक, अबतक 13 हजार लोगों को सुरक्षित निकालकर आर्मी कैंप पहुंचाया गया है। हालांकि, राज्य सरकार के नवनियुक्त सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने शनिवार को बताया कि 3 मई के बाद से जारी हिंसा में करीब 20 से 30 लोगों की मौत हुई है और 100 से ज्यादा घायल हैं।

समाजसेवी व व्यवसायी लखमेंद्र खुराना को मिला पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों ‘भारत रत्न डॉ. अम्बेडकर अवार्ड’

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मुम्बई। बुद्ध पूर्णिमा तथा भारतीय संविधान के निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती अवसर पर मुम्बई के षणमुखानंद ऑडिटोरियम में 13वें ‘भारत रत्न डॉ. अम्बेडकर अवार्ड्स 2023’ का भव्य आयोजन किया गया। जहाँ पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, अभिनेता प्रेम चोपड़ा, गायक उदित नारायण, अभिनेता राजपाल यादव की विशेष उपस्थिति रही। इस समारोह में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शामिल हुए सोशल एक्टिविस्ट व व्यवसायी लखमेंद्र खुराना को मुख्य अतिथि रामनाथ कोविंद ने अपने हाथों से अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया।
पुरुस्कार प्राप्त करने के बाद मीडिया से बात करते हुए लखमेंद्र खुराना ने बताया कि मेरा सौभाग्य है कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन मुझे भारत रत्न डॉ. अम्बेडकर अवार्ड 2023 से सम्मानित किया गया, वो भी भारत के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों मुझे यह ट्रॉफी मिली। मैं इस्कॉन में चेयरमैन हूँ। मुझे महाराष्ट्र रत्न से भी नवाजा जा चुका है। इस सम्मान को पाकर एक बड़ी जिम्मेदारी का एहसास हो रहा है और अपने काम को और भी आगे बढाने की प्रेरणा मिलती है। मुम्बई में इस्कॉन 13 लाख बच्चों को प्रतिदिन खाना खिला रहा है। मेरे छोटे भाई को पद्मश्री मिला है। इस तरह के पुरुस्कार से हमें और अधिक सेवा करने की प्रेरणा मिलती है।
लखमिंद्र खुराना ने आगे कहा कि सभी को मैं बुद्ध पूर्णिमा की बधाई देता हूँ। हमने महात्मा बुद्ध से यह सीखा है कि आप जितना ज्यादा छोड़ोगे उतना ज्यादा पाओगे। आपको घमंड और लालच छोड़ना है, जनता की सेवा करनी है। भगवान बुद्ध ने सबकुछ छोड़कर दुनिया को यह सन्देश दिया कि बुराईयों को छोड़ना है। श्रद्धा की भावना रखनी है, इंसान भगवान के जितने करीब रहेगा उसे मानवजाति की सेवा करने का जज़्बा मिलेगा। भगवान कृष्ण ने माना कि मेरी स्क्रिप्ट किसी और ने लिखी है, मुझे तो केवल एक भूमिका निभानी है। हमारी भी स्क्रिप्ट किसी और ने लिखी है तभी तो मुझ जैसा एक मजदूरी करने वाला आदमी मुम्बई में पिछले तीन दशक से रह रहा है और सैकड़ो अवार्ड हासिल कर चुका है। हम भी कुछ ऐसी भूमिका निभा कर जाना चाहते हैं जिससे समाज को नई दिशा मिले और ज्यादा लोगों को जनता की भलाई करने, सेवा करने की प्रेरणा मिले। जितना बड़ा रोल निभाउंगा उतना बड़ा मुझे सेवा का अवसर मिलेगा। हम कृष्ण जी और महात्मा बुद्ध के चरणों की धूल बन जाएं इसी तरह मानव सेवा का अवसर हमें मिलता रहे, यही मेरा सभी को सन्देश है।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लखमेंद्र खुराना का इंजीनियरिंग कॉलेज भी है। मूलरूप से उत्तरप्रदेश के रहने वाले खुराना पिछले 3 दशकों से इस्कॉन से जुड़े हुए हैं। सिर्फ मुम्बई के अंदर प्रतिदिन तेरह लाख गरीब बच्चों को इस्कॉन द्वारा खाना खिलाया जाता है। इस्कॉन के पूरे विश्व मे एक हजार से ज्यादा मंदिर हैं।


सैकड़ों अवार्ड हासिल कर चुके खुराना एक सफल व्यवसायी भी हैं, समाजसेवक भी हैं और अध्यात्म से भी गहरे रूप से जुड़े हैं।


कार्यक्रम पुणे के रहने वाले संभाजीराव सदाशिव झेंडे को भी यह सम्मान प्राप्त हुआ, उन्होंने पूरे महाराष्ट्र में एडमिनिस्ट्रेशन में जॉब किया है। नासिक, अहमदनगर, ठाणे, मुम्बई में उन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि डॉ अंबेडकर जी के नाम का अवार्ड लेना बहुत बड़ी जिम्मेदारी का काम है, बाबा साहेब ने हमारे देश का संविधान बनाया था और आज उनके नाम का सम्मान पाना मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है। अंबेडकर जी ने सभी देशवासियों को इंसाफ दिलाने का कार्य किया है। एक ऐसा समय था जब कुछ गिने चुने लोगों को ही वोटिंग का हक था आज हर भारतवासी को मतदान का अधिकार है।
13वें ‘भारत रत्न डॉ आंबेडकर अवार्ड 2023’ का आयोजन बुद्धाजंलि फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष कैलाश मासूम ने किया।

Karnataka Assembly Election 2023 -प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लगातार दूसरे दिन बेंगलुरु में रोड शो

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बेंगलुरु, एएनआई। कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 को जीतने के भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार दूसरे दिन बेंगलुरु में रोड शो कर रहे हैं। यह रोड शो केम्पेगौड़ा स्टैच्यू से ट्रनिटी सर्कल तक चलेगा।

रोड शो के दौरान लोगों ने पीएम मोदी पर फूलों की बारिश भी की। रोड शो के बाद वे चार जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। पीएम मोदी की रैली को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इससे पहले, शनिवार को प्रधानमंत्री ने 26 किमी लंबा रोड शो किया था।पीएम मोदी के रोड शो में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए हैं। रोड शो को लेकर तैयारियां जोरों पर है।
10 मई को होगा मतदान
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 10 मई होगा। वहीं, वोटों की गिनती 13 मई को होगी। राज्य में इस समय भाजपा की सरकार है और बसवराज बोम्मई मुख्यमंत्री हैं।

पूरे भारत में द केरला स्टोरी फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा पत्र

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अंकित मिश्रा/गऊ भारत भारती
मुंबई: भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर,महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मांग किया है कि द केरला स्टोरी फिल्म को पूरे भारत में टैक्स फ्री करके इसे सरकारी संस्थानों के द्वारा स्कूल व कॉलेजों में दिखाकर समाज में लव जिहाद के खिलाफ जागरूकता लाने का प्रयास करना चाहिए।
अर्जुन गुप्ता ने कहा कि द केरला स्टोरी धर्मांतरण,लव जिहाद और आतंकवाद को उजागर करती है। उसके घिनौने चेहरे को सामने लाती है। ऐसे में जो बेटियां इस कुचक्र में उलझ जाती हैं, उनकी कैसे बर्बादी होती है। यह फिल्म बताती है। यह फिल्म हमें जागरूक करती है।
इसीलिए यह फिल्म पूरे भारत में टैक्स फ्री होनी चाहिए।

पूर्व राज्यपाल व मुख्यमंत्री श्री भगत सिंह कोश्यारी जी ने सरयू मूल (भद्रतुंगा ) में किया पवित्र स्थल का दर्शन व जलाभिषेक

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Dehradun – परम पूज्य श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री अभिराम दास जी के सानिध्य में जनपद -बागेश्वर ,विकासखंड- कपकोट, उत्तराखंड में आयोजित नौ दिवसीय लघु कुंभ में उपस्थिति देकर स्वयं को कृतार्थ किया ..!श्री कोश्यारी जी ने सरयू जल से जलाभिषेक कर मंदिर व पवित्र स्थल के दर्शन किए।
अपने संबोधन में श्री भगत सिंह कोश्यारी जी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा आयोजन हेतु की जा रही सहायता की भी प्रशंसा की तथा स्थानीय व समस्त उत्तराखंड से श्रद्धालुओं को इस पवित्र स्थल पर आने का आह्वान किया ,साथ ही क्षेत्र की जनता के कल्याण की भी कामना की..! पूर्व गवर्नर के मीडिया प्रभारी संजय बलोदी प्रखर ने बताया कि इस अवसर पर स्थानीय विधायक श्री सुरेश गढ़िया सहित कई क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व भारी संख्या में सर्वजन उपस्थित थे..जिन्होंने अपने भगत “दा” का ढोल दमाऊ पारम्परिक वाद्य यंत्रो से उत्साह से स्वागत किया .! इस लघु कुंभ को सफल बनाने में श्रीराम महायज्ञ कुर्मांचल ,लघु कुंभ संचालन समिति ,सरयू मूल (भद्रतुंगा) , स्वामी रामानंद संत आश्रम तथा सरमूल, सोधारा विकास एवं सरयू संरक्षण समिति ,बागेश्वर ,उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

टीवीएस रेसिंग ने नए बेंचमार्क कायम किया

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– अनिल बेदाग

मुंबई : 1982 से प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के साथ, टीवीएस रेसिंग ने युवा उत्साही राइडर्स के लिए अपनी तरह का पहला रेसिंग अनुभव बनाने के लिए किडज़ानिया के साथ अपनी साझेदारी की घोषणा की, जो दुनिया के अग्रणी शिक्षा मनोरंजन थीम पार्क में से एक है।

मोटर रेसिंग के बारे में मिथकों और रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए मोटरस्पोर्ट को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध, टीवीएस रेसिंग 5 से 16 वर्ष की आयु के नए राइडर्स के लिए एक अनुकूलित और क्यूरेटेड अनुभव क्षेत्र पेश करता है। किडजानिया में टीवीएस रेसिंग एक्सपीरियंस जोन युवाओं के दिमाग में रेसिंग कल्चर को पेश करने और बढ़ावा देने के लिए इंटरएक्टिव लर्निंग एरिया, नॉलेज शेयरिंग सेशंस और मिनी ट्रैक रेस एरिना की पेशकश करेगा।

      रेसिंग विरासत और वंश के 40 से अधिक वर्षों के समर्थन के साथ, टीवीएस रेसिंग ने 1994 में वन मेक चैंपियनशिप शुरू की, और इस प्रकार कार्यक्रम को भारत में चार श्रेणियों में विस्तारित किया। इसमें रूकी श्रेणी शामिल है जो 13 से 18 साल की प्रतिभाओं को निखारने पर केंद्रित है। टीवीएस रेसिंग ने 2021 से देश में 50 से अधिक रूकी राइडर्स को प्रशिक्षित किया है। इसके अलावा, टीवीएस रेसिंग ने 2022 में पहली बार एशिया वन मेक चैंपियनशिप का आयोजन किया।

भारत में पहली बार टीवीएस मोटर ने किडज़ानिया में एक एक्सपीरियंस जोन तैयार करने की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य युवा राइडर्स के राइडिंग स्किल्स को प्रशिक्षित करना और उनमें सुधार करना है, और यह समझने की परिपक्वता पैदा करना है कि रेसिंग ट्रैक्स के लिए है। यह साझेदारी जुनूनी उत्साही लोगों और युवा सवारों के लिए मोटरस्पोर्ट्स को नियंत्रित क्षेत्रों में एक सुरक्षित और रोमांचकारी अनुभव के रूप में बढ़ावा देने की टीवीएस रेसिंग की प्रतिबद्धता का विस्तार है।

       इस साझेदारी पर बोलते हुए, टीवीएस मोटर कंपनी के प्रबंध निदेशक, श्री सुदर्शन वेणु ने कहा, “टीवीएस रेसिंग ने 40 से अधिक वर्षों से भारत में रेसिंग का प्रचार और समर्थन किया है। हम दुनिया भर के ग्राहकों के लिए सुरक्षित लेकिन रोमांचकारी रेसिंग का और विस्तार करने के लिए उत्साहित हैं। रेसिंग और वीडियो गेम मज़ा और उत्साह प्रदान करते हैं, और हम किडज़ानिया के साथ अपनी साझेदारी के माध्यम से बच्चों को एक शानदार रेसिंग अनुभव प्रदान करने में सक्षम होने से प्रसन्न हैं!

श्री विमल सुंबली, हेड बिजनेस-प्रीमियम, टीवीएस मोटर कंपनी ने कहा, “हम भारत में बच्चों के लिए पहली बार मोटरसाइकिल रेसिंग अनुभव लाने के लिए किडज़ानिया के साथ साझेदारी करके खुश हैं। यह साझेदारी भारत में युवा सवारों के लिए एक सुरक्षित लेकिन रोमांचकारी रेसिंग संस्कृति को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाती है। इस दर्शन से प्रेरित है कि प्रेरणा कम उम्र में शुरू होती है, और आकांक्षा कम उम्र में शुरू होती है, हमारा उद्देश्य बच्चों को एक सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में रेसिंग के आनंद को सीखने और अनुभव करने के लिए एक मजेदार और इंटरैक्टिव अनुभव प्रदान करना है। TVS रेसिंग हमेशा देश में दोपहिया रेसिंग को बढ़ावा देने में सबसे आगे रही है, और हमारा मानना है कि यह अनूठा अनुभव न केवल बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बनाएगा बल्कि अगली पीढ़ी में रेसिंग के लिए जुनून को प्रेरित और विकसित करेगा।”

किडजानिया इंडिया की चीफ पार्टनरशिप ऑफिसर प्रेरणा उप्पल ने आज एक्सपीरियंस सेंटर के लॉन्च की घोषणा करते हुए कहा, ”इस तरह के एक इनोवेटिव और एक्सक्लूसिव एक्सपीरियंस कॉन्सेप्ट के लिए नए जमाने के दो ब्रांड एक साथ आने की घोषणा करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है।

द केरल स्टोरी’ के आने से हुआ सलमान खान की फिल्म को तगड़ा नुकसान

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सलमान खान की ईद रिलीज ‘किसी का भाई किसी की जान’ 16 दिनों बाद भी सिनेमाघरों में पैर जमाए हुए है। अपने तीसरे हफ्ते में फिल्म पहुंच चुकी है और इसने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। हालांकि फिल्म वो कमाल नहीं दिखा पाई, जिसकी इससे उम्मीद की जा रही थी, लेकिन वीकेंड पर एक बार फिर किसी का भाई किसी की जान ने उछाल दर्ज किया है। तो आइए जानते हैं कि फिल्म ने 16 दिनों में कितने रुपये कमाए हैं…

किसी का भाई किसी की जान का निकला दम

किसी का भाई किसी की जान ने बॉक्स ऑफिस पर 13.5 करोड़ से खाता खोला था। लोगों को ये आंकड़ा देख काफी निराशा हुई थी, लेकिन सलमान खान के फैंस ने ईद के दिन सारी शिकायत दूर कर दी और KKBKKJ ने दूसरे बड़ा जंप लेते हुए 25.75 करोड़ का बिजनेस कर लिया। पहले हफ्ते में ये लंबी चौड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्म पहुंच गई 90 करोड़ के पास। दूसरे हफ्ते में बड़ी मुश्किल से इसने 100 करोड़ का आंकड़ा पार किया।

द केरल स्टोरी’ से हुआ सलमान खान की फिल्म को नुकसान

शहनाज गिल और पलक तिवारी के डेब्यू वाली ये फिल्म अपने रिलीज के 15वें दिन यानी शुक्रवार को 50 लाख का कलेक्शन कर पाई है। शनिवार को फिल्म ने 80 लाख कमाए और इसके साथ ही फिल्म की कुल कमाई पहुंच गई 107.35 करोड़ के पार। दूसरी तरफ ऐश्वर्या राय बच्चन की पोन्नियिन सेलवन पार्ट टू सिनेमाघरों में गदर मचा रही है।

लाखों में पहुंचीं फिल्म की कमाई

5 मई को सिनेमाघरों में सुदीप्तो सेन की ‘द केरल स्टोरी’ रिलीज हुई। फिल्म ने दो दिनों में 20 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। इस विवादित फिल्म के लिए दर्शकों में काफी एक्साइटमेंट है। ‘किसी का भाई किसी की जान’ को इसी फिल्म से खतरा भी है, क्योंकि आने वाले समय में ‘द केरल स्टोरी’, पिछले साल रिलीज हुई ‘द कश्मीर फाइल्स वाला करिश्मा’ दिखा सकती है।

शनि दोष को दूर करना चाहते हैं, तो हर शनिवार को काली गाय की पूजा करें

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सनातन धर्म में गाय को माता की उपाधि दी गई है। शास्त्रों में निहित है कि समुद्र मंथन के समय प्राप्त 14 रत्नों में एक एक रत्न कामधेनु गाय थी। आसान शब्दों में कहें तो समुद्र मंथन से कामधेनु गाय रत्न रूप में प्राप्त हुई थी। उस समय राक्षसों ने किसी काम का न सोच कर कामधेनु गाय देवताओं को दे दिया था। उनका मानना था कि गाय उनके किसी काम की नहीं है। इसके लिए उन्होंने कामधेनु गाय को देवताओं को दे दिया। चिरकाल से गाय की पूजा और सेवा की जाती है। वर्तमान समय में गाय की पूजा और सेवा करने से व्यक्ति के जीवन में व्याप्त सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। अगर आप भी जीवन में सुख, शांति और धन पाना चाहते हैं, तो गौ माता को ये चीजें जरूर खिलाएं। आइए जानते हैं-
– सनातन धर्म में पहली रोटी गौ माता को खिलाई जाती है। इसके लिए रोजाना सुबह-शाम गाय माता को रोटी खिलाएं। इससे घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है।
– अगर आप अपने जीवन में सफल इंसान बनना चाहते हैं, तो रोजाना रोटी में गुड़ मिलाकर गौ माता को खिलाएं। ऐसा करने से जीवन में तरक्की और उन्नति जरूर मिलती है।
– अगर आप शनि दोष को दूर करना चाहते हैं, तो हर शनिवार को काली गाय की पूजा करें। इसके पश्चात, काली गाय को कुमकुम और चावल अर्पित करें। साथ ही गौ माता को बूंदी के लड्डू खिलाएं। अंत में परिक्रमा कर गौ माता को प्रणाम करें। ऐसा करने से शनि दोष दूर होता है।
– अगर आप पारिवारिक कलह से परेशान हैं और इससे निजात पाना चाहते हैं, तो गौ माता को हर बुधवार को हरा चारा खिलाएं। आप चाहे तो रोजाना गौ माता को हरा चारा खिला सकते हैं। इस उपाय को करने से परिवार में व्याप्त सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। साथ ही ग्रह दोष का प्रभाव भी क्षीण हो जाता है।

 

डिसक्लेमर: ‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।’

आशा पारेख, अंजन श्रीवास्तव, पद्मश्री गुलाबो सपेरा सहित कई हस्तियां 15वें न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित

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– अनिल बेदाग

मुंबई : मुम्बई के यशवंतराव चव्हाण सभागार में कई प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति में 15वें न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवार्ड का आयोजन किया गया। वैदेही तमन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में फ़िल्म अभिनेत्री पद्मश्री आशा पारेख, पद्मश्री फोक डांसर गुलाबो सपेरा, वरिष्ठ अभिनेता अंजन श्रीवास्तव सहित कई अचीवर्स को सम्मान से नवाजा गया। आशा पारेख, अंजन श्रीवास्तव और रजा मुराद को लाइफटाइम अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया।

     इस अवसर पर इम्तियाज़ जलील ने कहा कि वैदेही की कोशिशें सराहनीय है। हमारे देश की सभ्यता संस्कृति ऐसी है जहां मातापिता और गुरु का बड़ा आदर किया जाता है ऐसे में तमाम ओल्ड एज होम बंद होने चाहिए ताकि किसी बुजुर्ग को तन्हाई में अपना जीवन न गुजारना पड़े।

     15वें न्यूज मेकर्स अचीवर्स अवार्ड में आशा पारेख ने कहा, “न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवार्ड एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है। मैं वैदेही के प्रयासों की सराहना करती हूँ। इम्तियाज़ जलील ने सही बात कही है कि ओल्ड एज होम की जरूरत हमारे देश मे नहीं पड़नी चाहिए। मैं माता पिता को भगवान मानती हूं। सभी ओल्ड एज होम बंद होने चाहिए। कोई अगर मां बाप को वहां भेजता है तो उस बेटे की तस्वीर अखबार में छपनी चाहिए। हम भला कैसे अपने माता पिता को वहां भेज सकते हैं।”

     वैदेही ने बताया कि आशा पारेख जी से जब मैंने इस अवार्ड को स्वीकार करने की गुजारिश की, उन्हें यह पता चला कि यह पुरस्कार लता मंगेशकर और आशा भोंसले को भी मिल चुका है तो वह यहां आ गईं, मैं उनका शुक्रिया अदा करती हूं।

     नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ग्रैंडसन सोमनाथ बोस ने अवार्ड पाकर कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मैं इस परिवार में जन्मा। इसके साथ ही मेरा दायित्व भी बढ़ जाता है। अंग्रेजो ने जाति, धर्म को लेकर हमें बांटा, हमें इससे निकलना होगा। कहीं भी ओल्ड एज होम नही होना चाहिए। यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। कश्मीर से आए हुए म्युज़िक बैंड “मलंग बैंड” ने स्टेज पर परफॉर्म किया। उन्हें भी अवार्ड मिला।

     इस कार्यक्रम में एसिड अटैक की शिकार महिलाओं को इलाज, राशन और शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता भी की गई जिसमें मनोज बंसल ने बच्चियों की मदद की।

     यह अवार्ड जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को दिया गया। आशा पारेख, अंजन श्रीवास्तव, नादिरा बब्बर, गौरंगा दास, आईएएस ऑफिसर मोहम्मद एजाज़ असद, पांडुरंग पोले, डॉ सागर दैफोड़े, डॉ एलसी वर्मा, सोमनाथ बोस, लेखक जितेंद्र दीक्षित, सोशल वर्कर पवन सिंधी, अशोक कुर्मी, शिक्षाविद वंदना लुल्ला, प्रिया सिंह मेघवाल,हरी मृदुल , श्रीगौरी सावंत,सुनील खंदारे, संजय सिंह (आप), एमएलए भारती लवेकर (भाजपा) और इम्तियाज़ जलील (एआईएमआईएम) को भी इस ट्रॉफी से नवाजा गया।

डॉ पी वी शेट्टी, क्रिकेटर जेमिमा रोड्रिग्स द्वारा इंडिया कप नेशनल टेनिस बॉल क्रिकेट लीग 2023 की ट्रॉफी का अनावरण

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– अनिल बेदाग 
मुम्बई :  मुम्बई में स्थित सचिन तेंदुलकर जिमखाना में हुए एक भव्य समारोह में इंडिया कप नेशनल टेनिस बॉल क्रिकेट लीग 2023 को लॉंच किया गया। टेनिस क्रिकेट डॉट इन प्रेजेंट्स इंडिया कप नेशनल टेनिस बॉल क्रिकेट लीग 2023 अपनी तरह की पहली लीग है जिसमें 8 राज्यों की टीम हिस्सा लेंगी। नीलेश भिंताड़े स्पोर्ट्स फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस लीग में जेवीए ब्रदर्स का सहयोग है। इसके टाइटल स्पॉन्सर दुबई बुक डॉट गेम्स हैं। इस अवसर पर यहाँ हर टीम की जर्सी का अनावरण किया गया साथ ही ट्रॉफी भी अनवील की गई।
     24 से 27 मई 2023 तक डॉ बाबा साहेब अंबेडकर स्टेडियम पुणे में इस लीग का आयोजन होगा। यहां मुख्य अतिथि के रूप में डॉ पी वी शेट्टी (आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के सदस्य) और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्लेयर जेमिमा रोड्रिग्स, मिस्टर रोड्रिग्स (भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच) मौजूद थे।
     इंडिया कप नेशनल टेनिस बॉल क्रिकेट लीग के ऑर्गनाइजर संतोष नानेकर, नीलेश भिंताड़े, सचिन बाड़, विजय अग्रवाल, श्री दिव्येश हैं।
जो आठ टीमों के बीच मुकाबला होगा उनके नाम हैं बंगाल ब्रदर्स वेस्ट बंगाल, यूपी योद्धा, धमाका क्लब, महाराष्ट्र वारियर्स, एमएमसीसी संबलपुर, शिरसत स्पोर्ट्स, मुम्बई किंग्स, बालाजी गुजरात।
     महेंद्र सिंह धोनी और ज़हीर खान जैसे खिलाड़ी टेनिस क्रिकेट से ही आगे आए हैं। इसी को आगे ले जाने के लिए इंडिया कप का आयोजन किया जा रहा है। इसमे विजेता टीम को 7 लाख रुपए नकद, उपविजेता को 4 लाख रुपए, मैन आफ द सीरीज को रॉयल एनफील्ड का बाइक, बेस्ट गेंदबाज और सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज को 50-50 हजार रुपए का इनाम मिलेगा।