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गोशाला के समीप कूड़ा डाल रहा नगर परिषद, अवमानना को केस होगा दायर

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दोबारा गोशाला के समीप कूड़ा डाल रहा नगर परिषद, अवमानना को केस होगा दायर

पिंजौर। हलफनामा देकर दोबारा कूड़ा गिराने के विरोध में कामधेनु गोशाला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अवमानना का केस दायर करेगी। इस मामले में कामधेनु गोशाला ने पहले कोर्ट में याचिका दायर की थी। जवाब में नगर परिषद कालका पिंजौर ने हलफनामा देकर कहा था कि कामधेनु गोशाला के साथ बन रहे डंपिंग ग्राउंड को अब नहीं बनाया जाएगा। इसके बावजूद नगर परिषद प्रशासन दोबारा वहां शहर का कचरा गिराना शुरू कर दिया गया है। श्री कामधेनु गोशाला सदन कमेटी के संरक्षक विजय बंसल का कहना है कि यह कोर्ट के आदेशों का सीधे तौर पर अवमानना का मामला है। इसलिए इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में नगर परिषद प्रशासन के विरुद्ध अवमानना का केस दायर किया जाएगा। विजय बंसल ने बताया कि इस संदर्भ में जब गोशाला सदन के वाइस चेयरमैन नवराज धीर, कोषाध्यक्ष प्रदीप गोयल ने नगर परिषद के अधिकारियों से दोबारा उक्त स्थान पर कचरा गिराने के संदर्भ में पूछा गया तो नगर परिषद के अधिकारियों का कहना था कि गोशाला अवैध बनी है। विजय बंसल ने बताया कि यह गोशाला करीब 20 वर्षों से यहां पर है। समाजसेवी, गोवंश प्रेमी चंदा एकत्रित कर लावारिस गाय और गोवंश की यहां पर सेवा कर रहे हैं। गोशाला की वजह से कई लावारिस पशुओं को आसरा मिला है और शहर में लावारिस घूमने वाले पशुओं की संख्या में भी कमी आई है।अब नगर परिषद प्रशासन उसमें भी अड़ंगा लगा रहा है। उनका कहना है कि 15 नवंबर 2022 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कालका नगर परिषद पर डंपिंग ग्राउंड ना बनाने और आबादी के समीप कूड़ा फेंकने पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था। बावजूद इसके नगर परिषद ने अभी तक स्थायी रूप से कोई डंपिंग ग्राउंड नहीं बनाया है। आबादी के समीप कूड़ा कचरा फेंकना शुरू कर दिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की गाइडलाइंस है कि आबादी के 5 किलोमीटर के दायरे में डंपिंग ग्राउंड नहीं बनाया जा सकता लेकिन नगर परिषद अधिकारी अभी भी एनजीटी के दिशा निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं।

रायनगर चौड़ी में लंपी रोग से दो और दुधारू गायों की मौत

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रायनगर चौड़ी में लंपी रोग से दो और दुधारू गायों की मौत

लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में पशुओं में लंपी रोग के लक्षण मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर के आसपास के गांवों में लंपी रोग के लक्षण मिलने से अभी तक 13 दुधारू गायों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है जबकि कई गायें मरणासन्न स्थिति में हैं। पशुपालन विभाग स्थिति पर नियंत्रण पाने में जुटा हुआ है। इसके बावजूद दुधारू पशुओं की मौत के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा वारदात में शहर से लगे रायनगर चौड़ी गांव में दीपक राय और राजेंद्र कापड़ी की उन्नत नस्ल की दो दुधारू गायों में लंपी के लक्षण मिले। गायों की मौत हो गई है। गांव में अब तक कुल पांच दुधारू गायों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 10 गायें अभी भी बीमार हैं। ग्राम प्रधान जितेंद्र राय ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर लंपी रोग को दैवीय आपदा मानते हुए पीड़ित पशुपालकों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। कोलीढेक, खूना, बिशुंग, कलीगांव, गुमदेश, रौंसाल आदि क्षेत्रों में भी पशुओं में लंपी के लक्षण पाए गए हैंं। पशु चिकित्सक डॉ. डीके चंद, फार्मासिस्ट डॉ. जनक चंद ने बताया कि नगर से लगे कोलीढेक में पांच, रायनगर चौड़ी में पांच, बंदेलाढेक, कलीगांव, खूना में एक-एक दुधारू गाय की मौत की सूचना अस्पताल में मिली हैं। उन्होंने बताया कि स्वदेशी गायों में इस रोग का असर कम है जबकि उन्नत नस्ल की गायों में रोग का असर काफी है। इससे पशुओं के ठीक होने में बहुत समय लग रहा है। डॉ. चंद ने बताया कि लगातार ग्रामीण क्षेत्रों और अस्पताल में बीमार गायों का इलाज किया जा रहा है।

‘द केरल स्टोरी’ के समर्थन में शांता क्रिएशन के मालिक एस बी मिश्रा ने किया अपना मंतव्य ज़ाहिर

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मुम्बई। हालिया प्रदर्शित फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ ब्लॉकबस्टर हो चुकी है। यह फिल्म केरल राज्य में हुए धर्मांतरण व लव जिहाद को दर्शाती है जिसमें आतंकवादी संगठन आईएसआईएस की प्रमुख भूमिका है। शांता क्रिएशन के मालिक निर्माता एस बी मिश्रा का कहना है कि फिल्में मनोरंजन के लिए बनाई जाती है लेकिन कुछ फिल्में समाज का आईना भी होती है, जो कि समाज में घटित सच्चाई को उजागर भी करती है, साथ ही साथ इतिहास और संस्कृति को दर्शाती है। वर्तमान समय में ऐसी ही एक फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ है, जो समाज में घटित सच्ची घटना पर आधारित है, जिसके माध्यम से असामाजिक तत्व और संगठन के द्वारा कैसे निहित षड़यंत्र के तहत भोली भाली युवतियों का इस्तेमाल किया जाता रहा है। जो अन्य धर्म की नींव कमजोर करके उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का कार्य किया है। इसके तरह के घटना लिए मूलतः औरों के साथ साथ हम सभी जिम्मेदार हैं। हम सबको बचपन से ही अपने धर्म और संस्कार से पूर्णतः अवगत कराने की ज़रूरत है। हम सब आधुनिकता मानसिकता की दौड़ में अपनी जड़ों को ही भूलते जा रहे हैं। धर्म और संस्कृति भूल जाना आधुनिकता और धर्मनिरपेक्षता कभी नहीं हो सकता। संस्कृति और संस्कार के बिना अपने बच्चे जल्द भ्रमित हो जाते हैं और अपनी राह से भटक जाने की संभावना बढ़ जाती है।

हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को अपने धर्म, संस्कृति, संस्कार और धर्म ग्रंथों का ज्ञान देना अत्यंत आवश्यक है। हमारे धर्म के प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी है कि सनातन धर्म की नींव को मजबूत करने के लिए अपने बच्चों को इसके बारे में अवगत कराएं और उन्हें बचपन से ही संस्कारी बनायें।

भाजपा ने गोठान पर 1300 करोड़ के घोटाले का लगाया कांग्रेस पर आरोप

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छत्तीसगढ़ में गोठान पर बवाल, बीजेपी ने1300 करोड़ के घोटाले का लगाया कांग्रेस पर आरोप

छत्तीसगढ़ में गोठान पर सियासत गर्म है। जमकर बवाल मचा हुआ है। इस मामले में बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। एक दूसरे पर सियासी तीर छोड़ने में लगे हैं।

छत्तीसगढ़। गोठान पर सियासत गर्म है। जमकर बवाल मचा हुआ है। इस मामले में बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। एक दूसरे पर सियासी तीर छोड़ने में लगे हैं। बीजेपी ने आज रायपुर से 25 किलोमीटर दूर जाकर गौठानों में 1300 करोड़ का गौठान घोटाला किए जाने का आरोप लगाया, तो कांग्रेस ने भी गोठान पर बीजेपी को घेरते हुए तंज कसा है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने आज भाजपा के प्रतिनिधि मंडल एवं कार्यकर्ताओं ने साथ गोठान का अचानक निरीक्षण किया। पत्रकारों को मौके पर ले जाकर सभी गोठान का हाल दिखाया। इस दौरान गोठान में न गाय मिली न गोबर बेचा जा रहा था। गोठान में गाय के रखरखाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिली। अरुण साव ने कहा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार जबसे सत्ता में आयी है, उसने बेदर्दी से प्रदेश के संसाधनों की लूट की है। रोज प्रकाश में आते घपले-घोटालों की खबरों से छत्तीसगढ़ शर्मसार हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को कलंकित किया है। सबसे शर्मनाक घोटाला इस सरकार ने गोमाता के नाम पर किया है। कथित नरवा, गरवा, घुरवा, बारी के नाम पर इसने वोट हासिल किया। छत्तीसगढियों की भावना से खिलवाड़ किया और इस मद में भी अभी तक सामने आए तथ्यों के अनुसार गोठान के नाम पर विभिन्न मदों से खर्च की गयी 1300 करोड़ से अधिक की राशि का दुरुपयोग कर इसमें भारी घोटाला किया गया है। उन्होंने कहा कि हम अभी शासन का एक गोठान देखने आए हैं। गोठान के नाम पर गोरखधंधा चल रहा है। जब राजधानी के पास के गोठान का यह हाल है, तो गांव देहातों के गोठान और उस के नाम पर मची लूट की कल्पना कर सकते हैं। गोठान के नाम पर चल रहे गोरखधंधे में कांग्रेस सरकार ने सबसे अधिक पंचायतों/सरपंचों के हक पर ही डाका डाला है। विभिन्न मदों में पंचायतों के विकास के लिए आयी राशि को सरपंचों से छीन कर सीधे उसे अनेक बहानों के साथ बंदरबांट कर लिया गया है।

‘चलबो गोठान-खोलबो पोल’ अभियान शुरू करेगी बीजेपी
भारतीय जनता पार्टी गोठान को लेकर भ्रष्टाचार के ख़िलाफ जन-जागरण के लिए एक प्रदेशव्यापी ‘चलबो गोठान-खोलबो पोल’ अभियान शुरू करेगी। यह अभियान 20 मई से शुरू होगा। अभियान में हर मंडल में प्रदेश से नेतागण जायेंगे।सभी नेतागण कम से कम 10 गोठानों का दौरा करेंगे। वहां ग्रामीणों से मिलेंगे और उनके यहां के गोठानों में जा कर का जमीनी हाल पता करने ‘गोठान का गोठ’ करेंगे। क्वेश्चनेयर के माध्यम से गोठानों से संबंधित 10 सवाल हर जगह पूछे जायेंगे।

बीजेपी ने गोठान पर उठाए सवाल

  1. सरकारी दावे के अनुसार ही बात करें तो प्रदेश में कथित तौर पर 9790 गोठान कार्यरत हैं। शोभा के लिए बने कुछ कथित ‘आदर्श गोठानों’ को छोड़ दें तो कहीं भी कोई व्यवस्था नहीं है।

  2. प्रत्येक गोठान में लगभग 8 लाख से 19 लाख रुपया खर्च किया है। इसके अलावा 10 हजार रुपया प्रतिमाह रखरखाव के नाम पर अलग से गोठानों के नाम पर भेजा जा रहा है, उसका अधिकांश भाग भ्रष्टाचार की ही भेंट चढ़ रहा है।

  3. घोटाले बिना रोक-टोक के जारी रहे इसलिए नियमानुसार गोठान समिति का चुनाव भी नहीं कराया गया है। बड़ी संख्या में इसमें सत्ता के करीबियों ने बिना चुनाव के ही कब्जा कर लिया है।

  4. भारत सरकार ने मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, 14वां वित्त, 15वां वित्त, एलड्ब्ल्यूजी, रूर्बन, डीएमएफ जैसे मदों में राशि भेजी है। उस पैसों को भी डायवर्ट कर गोठान के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया गया।

  5. विकास कार्यों के लिए आए तमाम पैसों को डायवर्ट कर देने के कारण पंचायतों में पैसे ही नहीं बचे। सभी जगह विकास के तमाम कार्य ठप हैं। गांवों में रोड, नालियां आदि बनना बंद है।

  6. प्रत्येक गोठान में 300 गाय रखने का नियम है। शायद ही किसी में इतनी गायें हों।

  7. इसी तरह गोबर खरीदी के नाम पर प्रति माह करोड़ों का भुगतान कांग्रेस सरकार कर रही है। लेकिन वे पैसे कहां जाते हैं, इसका कोई पता नहीं है। इस ख़रीदी के नाम पर ऐसे-ऐसे लोगों के नाम भुगतान किए गए हैं, जो संबंधित स्थनाओं पर रहते भी नहीं हैं। भाजपा ने उसकी शिकायत भी अनेक जगह की है।

  8. सदन में सरकार ने बताया कि गोठान निर्माण पर अभी तक 1019 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। वर्मी कम्पोस्ट के लिए टंकी बनाने के नाम पर 233 करोड़ खर्च किए गए हैं।

  9. 2 रु. प्रति किलो में लोगों से कथित तौर पर गोबर खरीदा गया और वर्मी-कम्पोस्ट के नाम पर कंकड़-पत्थर मिलाकर वही गोबर 10 रु. प्रति किलो में उन्हें जबरन बेचा गया।

  10. प्रदेश में कुल 1976 ऐसे लोग हैं, जिनके नाम पर 1 लाख रुपए से अधिक गोबर के मद में भुगतान हुआ है। ये कौन लोग हैं, यह पड़ताल का विषय है।

  11. 174 करोड़ से अधिक गोबर खरीदी मद में दिए गए और सरकार का अनेक बार कहना हुआ कि गोबर सारा बह गया या खराब हो गया। जाहिर है ऐसी लगभग सारी खरीदी कागजों पर हुई है, और इसका पेमेंट सोसाइटियों से जबरन करा दिया गया।

  12. अनेक जगह गोठानों को नियम विरुद्ध अभयारण्यों में बनाना बताया गया है।

  13. इसी तरह रोका-छेका के नाम पर प्रोपगंडा किया गया, लेकिन न तो मवेशियों के लिए कोई खाने पीने का इंतज़ाम हुआ न ही उनके लिए कोई शेड आदि बने। हजारों गायों की मौत सड़कों पर दुर्घटना में या भूख से हो गयी।

  14. सरकार द्वारा दिए गए अन्य आंकड़ों के अनुसार :-

    ‘प्रदेश 20 अप्रैल 2023 तक प्रदेश की 11 हजार पंचायतों में 10 हजार 6 सौ नब्बे गौठान स्वीकृत हुए हैं। जिसमें से 10 हजार से अधिक गौठान पूर्ण हो गये हैं।’ प्रति गोठान 300 गोवंश/पशु रहना था किन्तु गोठान खाली पड़े हैं।

    वर्ष 2023-24 में भी 175 करोड़ 10 लाख रूपए बजट रखा गया। लेकिन अधिकांश गोठानों में गाय नहीं है, कहां गए प्रति गोठान 300 अर्थात् 30 लाख से अधिक गोवंश?

    गोठानों में पैरा-कट्टी आदि की पर्याप्त व्यवस्था नही है। भूख से गायों के मरने की तमाम खबरें आयी हैं।

    मवेशी की तस्करी भी बड़े पैमाने पर हुई है और उसे रोकने वाले गोरक्षक इस सरकार की नजर में अपराधी और गुंडे हैं।

    गोढ़ी गांव में बीजेपी और कांग्रेस में झड़प

    मंदिर हसौद के गोढ़ी गौठान का निरीक्षण करने बीजेपी कार्यकर्ता पहुंचे थे। इस बीच कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। गोढ़ी गौठान की फोटो खींचने और वीडियो बनाने को लेकर विवाद हुआ है। झगड़े की स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। कार्यकर्ताओं में विवाद की स्थिति बढ़ने से बीजेपी कार्यकर्ता को चोट भी आई है। बीजेपी 20 मई से गौठान को लेकर विरोध प्रदर्शन करेगी। भाजपा आरोप लगाते हुए कहा कि जब निरीक्षण करने के लिए पहुंचे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने का कोशिश की जिस पर मारपीट हुई। इस बीच एक भाजपा कार्यकर्ता को भी चोटें आई हैं।

     ‘भाजपा नेताओं को सांसदों के गोद लिए गांव में जाना चाहिए’

    वहीं कांग्रेस का आरोप है कि गौठान पर बीजेपी के कार्यकर्ता अपनी पार्टी का झंडा लगा रहे थे। इसे मना करने पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मारपीट की। उन्होंने कहा कि गोढ़ी गांव के सरपंच से धक्कामुक्की की गई। कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि गोढ़ी गांव की जनता ने भाजपा को करारा जवाब दिया है। भाजपा नेता लोगों को फर्जी आरोप लगाने मजबूर कर रहे थे। गोढ़ी के गौठान में चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था है।  भाजपा नेताओं को सांसदों के गोद लिए गांव में जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने जिस गांव को गोद लिया वहां जाना चाहिए।  भाजपा नेताओं के जाने का खर्च उठाने हम तैयार हैं।

तेजी से बढ़ रही गोबर की कीमत, किसानों को मिलेगा फायदा

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तेजी से बढ़ रही गोबर की कीमत, किसानों को मिलेगा फायदा

साल 2017 और 2018 में गोबर की डिमांड में मामूली गिरावट देखी गई थी। लेकिन बीते दस सालों के आंकड़े बताते हैं कि गोबर का मूल्य 10 वर्षों से लगातार बढ़ रहा है। गोबर का मूल्य आगे भी बढ़ने की संभावना है, क्योंकि केंद्र व राज्य सरकारें गोबर खरीदने की कई योजनाएं चला रही हैं…

मुंबई। भारत में इन दिनों गोबर की डिमांड बढ़ती हुई नजर आ रही है। आलम यह है कि पशुओं का गोबर उनके चारे से ज्यादा महंगा हो गया है। केंद्र और कई राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही गोबर खरीदी योजनाओं का असर इस पर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। साथ ही गोबर को ऊर्जा के स्रोत के रूप में भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन्हीं वजह से गोबर के दामों बढ़ रहे हैं।

साल 2017 और 2018 में गोबर की डिमांड में मामूली गिरावट देखी गई थी। लेकिन बीते दस सालों के आंकड़े बताते हैं कि गोबर का मूल्य 10 वर्षों से लगातार बढ़ रहा है। गोबर का मूल्य आगे भी बढ़ने की संभावना है, क्योंकि केंद्र व राज्य सरकारें गोबर खरीदने की कई योजनाएं चला रही हैं। साथ ही इसे ऊर्जा के स्रोत के रूप में भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। गोबर की पूछ इसलिए भी बढ़ी है, क्योंकि इसका इस्तेमाल हाल के वर्षों में बायोगैस और बायो फर्टिलाइजर में तेजी से बढ़ा है। इसके पहले खादी व ग्रामोद्योग आयोग ने खादी प्राकृतिक पेंट नाम से एक पहल की थी, जिसमें गोबर मुख्य सामग्री थी। इसी तरह छत्तीसगढ़ सरकार ने गोधन न्याय योजना शुरू की है। देखने में आया है कि कई अन्य राज्य भी इस योजना की कॉपी कर रहे हैं।

भविष्य में इसलिए बढ़ेगी गोबर की कीमत

ऊर्जा विशेषज्ञ और लेखक अरविंद मिश्रा गोबर के गणित को कुछ इस तरह समझाते हैं। मिश्रा कहते हैं कि गोबर हमारी कृषि व्यवस्था में खाद के नजरिए से लंबे समय से एक अहम फीडस्टॉक रहा है। यहां तक कि पशु पालन का उद्देश्य ही दूध और गोबर जनित खाद हासिल करना सबसे अहम था। लेकिन कथित हरित क्रांति की वजह से रासायनिक खाद का इस्तेमाल कुछ इस तरह बढ़ा कि पैदावार तो बढ़ी, लेकिन उसने खेती-किसानी की लागत बढ़ाने के साथ जमीन की उर्वरा शक्ति को भी कमजोर किया। इसका नकारात्मक असर हमारे स्वास्थ्य पर भी पड़ा है। यही वजह है कि अब एक बार फिर गोबर खाद रासायनिक खादों का विकल्प बन रही है।

अरविंद मिश्रा के मुताबिक, देश में गोबर खाद और कंपोस्ट खाद का उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है। विभिन्न प्रकार के वर्मी कंपोस्ट खाद भी तैयार करने की विधियां ईजाद की गई हैं। जैविक खाद से जुड़ी आधुनिक तकनीकों से अब हम गोबर और कंपोस्ट की एक टन खाद से लगभग पांच किग्रा नाइट्रोजन, 2.5 किग्रा फास्फोरस एवं पांच किग्रा पोटाश हासिल कर सकते हैं। भविष्य में गोबर की दरें और बढ़ेंगी। क्योंकि अभी देश में जैविक खाद की क्षमता का 50 फीसदी उपयोग भी नहीं हो पाया है। खास बात यह है कि इससे लोग पशुपालन के लिए भी प्रोत्साहित होंगे। इसका सीधा लाभ 2070 तक देश की इकोनॉमी को कार्बन न्यूट्रल बनाने के रूप में सामने आएगा।

देशभर में 5000 सीबीजी संयंत्र होने हैं स्थापित

मिश्रा कहते हैं कि गोबर हमारी पूरी कृषि अर्थव्यवस्था को बदलने के साथ किसानों की आय दोगुनी करने में मददगार हो सकता है, बशर्ते हमें आर्गेनिक वेस्ट टू एनर्जी से जुड़ी योजनाओं में विशेषज्ञता और तकनीकी दक्षता के अभाव को दूर करना होगा। इसी तरह देश के अलग-अलग हिस्सों में वेस्ट मैनेजमेंट, रीसाइक्लिंग, गैसीफिकेशन, वेस्ट ट्रीटमेंट, पैरालिसिस (ताप अपघटन) पर आधारित सीबीजी प्लांट स्थापित किए जाएं।

हाल ही में इंडियन जर्नल ऑफ फर्टिलाइजर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक कृषि खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 40 फीसदी हिस्सेदारी रासायनिक उर्वरक की होती है। ऐसे में जैविक खाद को बढ़ावा देने के लिए गोबर व उससे बनी खाद को प्रोत्साहित किया जा रहा है। केंद्र सरकार ऑर्गेनिक वेस्ट से किसानों को सालाना एक लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी मुहैया कराने जा रही है। इसके अंतर्गत कम्प्रेस्ड बायोगैस पर आधारित परियोजनाओं पर दो लाख करोड़ रुपये का निवेश होना है। इन प्रयासों की बदौलत देशभर में 5,000 कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र स्थापित होने हैं। इनमें गोबर और कृषि अपशिष्ट (एग्री वेस्ट) सबसे अहम फीडस्टॉक होगा।

यह कहते हैं आंकड़े

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि पशुओं के गोबर का रियल ग्रॉस वैल्यू आउटपुट (जीवीओ) पशुओं द्वारा खाए जा रहे चारे के कुल मूल्य से ज्यादा है। ‘कृषि, वानिकी और मत्स्य उत्पादों के मूल्य’ नाम से आई रिपोर्ट के मुताबिक, गोबर का रियल जीवीओ 7.95 फीसदी सकल सालाना वृद्धि (CAGR) दर से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2011-12 के 32,598.91 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 21 में 35,190.8 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं चारे का रियल जीवीओ इस 10 साल के दौरान 1.5 फीसदी (CAGR) घटकर वित्त वर्ष 21 में 31,980.65 करोड़ रुपये हो गया है, जो वित्त वर्ष 12 में 32,494.46 करोड़ रुपये था। दरअसल, रियल ग्रास वैल्यू आउटपुट फॉर्मूला का उपयोग किसी वस्तु या सेवा की लागत के साथ ही उससे हुई आमदनी का तुलनात्मक अध्ययन में करते हैं।

अदालत ने की गोमांस तस्करों की जमानत खारिज

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अदालत ने की गोमांस तस्करों की जमानत खारिज

मथुरा। बीते 17 अप्रैल को गोमांस से लदे कंटेनर के साथ पकड़े गए दो गोमांस तस्करों की जमानत अदालत ने खारिज कर दी है। प्रतिबंधित गोमांस लदे कंटेनर को गोरक्षा दल द्वारा एक्सप्रेसवे पर पकड़वाया था तथा उन्हीं के द्वारा एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। गोरक्षक दल को सूचना मिली कि एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित गोमांस से लदा कंटेनर जा रहा है। गोरक्षक दल एक्सप्रेसवे पर पहुंच गया और उक्त कंटेनर को रुकवा कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। थाना जमुनापार में गोरक्षक दल के सदस्य बोवेश निवासी पानीगांव ने विनय तिवारी पुत्र सुभाष चंद तिवारी निवासी शाह गाजीपुर फतेहपुर तथा सतेंद्र सिंह पुत्र कल्लू सिंह निवासी बझेडा रामघाट, बुलंदशहर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।पुलिस ने पकड़े गए 12 किलो 500 ग्राम प्रतिबंधित मांस की जांच वेटरनेरी लैब से कराई, जिसमें यह मांस गाय का ही निकला। दोनों आरोपियों ने अपनी जमानत अर्जी एडीजे-चतुर्थ डाॅ. पल्लवी अग्रवाल की अदालत में दी। दोनों आरोपियों ने अदालत में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर शुक्रवार को बहस की गई। बहस के बाद अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
एडीजीसी हेमेंद्र भारद्वाज ने बताया कि अदालत ने गोमांस लेकर बेचने को ले जाने वाले आरोपियों की जमानत खारिज कर दी है। इस मामले की जांच कर रहे जांच थानाध्यक्ष जमुनापार उपनिरीक्षक यशपाल सिंह भाटी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से 12 किलो से अधिक गोमांस बरामद हुआ है।

‘वरदाराज गोविन्दम’ फिल्म एक क्रांतिकारी संदेश के साथ पैन इंडिया होगी रिलीज

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मुम्बई। साउथ की फिल्में इस समय उत्तर भारत के दर्शकों का दिल जीत रही है। वहां के अच्छे कंटेंट से सभी प्रभावित हो रहे हैं। कुछ सालों से ‘रोबोट, बाहुबली, केजीएफ, 2.0, पुष्पा, कांतारा और आरआरआर’ जैसी दक्षिण भारतीय फिल्मों ने पूरे भारत में शानदार प्रदर्शन किया है।
इन फिल्मों की सुपर सफलता को देखते हुए दक्षिण के अन्य फिल्ममेकर भी अब अपनी फिल्मों को पैन इंडिया रिलीज का प्लान बना रहे हैं।
हाल ही में साउथ में बनी एक फिल्म ‘वरदाराज गोविन्दम’ का ट्रेलर रहेजा क्लासिक क्लब अंधेरी पश्चिम, मुम्बई में लॉन्च किया गया। उसी अवसर पर इस फिल्म के निर्माता निर्देशक वी समुद्रा, अभिनेता रवि जांगू, संगीतकार रवि शंकर सहित पूरी टीम के अलावा अभिनेता विनीत सिंह और अभिनेत्री जिनल पांडे की विशेष उपस्थिति रही।
‘वरदाराज गोविन्दम’ फिल्म में रवि जांगू, वारा लक्ष्मी शरदकुमार, चेतन कुमार, चिरंजीवी सरजा, देव गिल, सुमन, पुरुध्वी राज, गोलिसोडा मधु, अजय घोष, वीरेंद्र सिंह कमांडो ने अभिनय किया है।
इस फिल्म की स्टोरी स्क्रीनप्ले वी समुद्रा ने लिखा है और वही फिल्म के निर्माता निर्देशक हैं। जबकि संगीतकार रवि शंकर, डीओपी श्री वेंकट, सह निर्माता श्री हरि, कोटेश्वरा राव, बिंगी दरागया, एस के खाजा एवं को डायरेक्टर वेंकटेश चिक्कला हैं।


यह फिल्म चार भाषाओं तेलुगु, तमिल, हिंदी और आसामी में बनी है।
वरदाराज गोविन्दम के निर्माता निर्देशक वी समुद्रा ने कहा कि यह फिल्म सभी भारतीय को देखने के लिए बनाई गई है। इसमें एक जबरदस्त संदेश है कि किसान जो हमारा पेट भरता है, उन्हें उचित सम्मान नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही कई अन्य मुद्दों को भी इस फिल्म के माध्यम से उठाया गया है। इस फिल्म का मुख्य पात्र भगवद गीता का अनुसरण करता है। वह भगवान कृष्ण का भक्त है लेकिन किसी की एक भी गलती को क्षमा नहीं करता। दोषी को पहली ही गलती पर दंडित कर न्याय का पालन करता है। इस फिल्म में पांच गाने हैं। इसका स्क्रीनप्ले नया फ्लेवर लेके आ रहा है और डायलॉग व एक्शन भी सबसे अलग अंदाज में दिखेगा। इस फिल्म की शूटिंग हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु में की गई है। कुछ सीन आसाम में भी फिल्माने की योजना है।
मैं तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में पिछले 32 वर्षों से जुड़ा हूँ। वहां मेरी 4 फिल्में रिलीज हो चुकी है। अब ये पांचवी फिल्म को पैन इंडिया रिलीज करने जा रहा हूँ। मैं हिंदी फिल्मों का भी शौकीन रहा हूँ और सुभाष घई की फिल्ममेकिंग ने हमेशा प्रभावित किया है। साथ ही दसारी नारायण राव भी मेरे आयडियल रहे हैं।
वरदराज गोविन्दम फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे अभिनेता रवि जांगू ने बताया कि वह उत्तर भारत में हरियाणा के रहने वाले हैं। लेकिन एक दक्षिण भारतीय फिल्म में बतौर हीरो के रूप चुने जाने से बेहद उत्साहित हैं। इसे अपनी खुशकिस्मती मानते हुए वह कहते हैं कि मैं एक वकील का पात्र निभा रहा हूँ जो कृष्ण भगवान के दिखाए रास्ते पर चलते हुए धर्म की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ने वाला व्यक्ति है। वह अधर्मियों की एक भी गलती को क्षमा नहीं करता। कानून को धोखा देकर कभी कभी शातिर अपराधी बच जाते हैं लेकिन मेरा किरदार रात में उन्हें सजा देकर इंसाफ करता है। यह पात्र एकदम गम्भीर किस्म का है। मुझे ऐसी फिल्में करने में आनंद मिलता है जिससे समाज तक कोई संदेश पहुंचे।
मेरी शुरुआत दिल्ली में मॉडलिंग के साथ हुई थी। मैंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, हरियाणवी, पंजाबी और आसामी फिल्मों में अभिनय किया है।

– संतोष साहू

किसानों से गाय का गोबर खरीदेगी एमपी सरकार

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शिवराज का एलान किसानों से गाय का गोबर खरीदेगी सरकार, हर साल होगा गौ रक्षक सम्मेलन

सीएम ने कहा कि गौ माता को काटने ले जाने अवैध परिवहन करते है, उनके लिए नया कानून बनाएंगे। सीएम ने कहा कि उनका वाहन राजसात कर लिया जाएगा। जिले की गौशाला के प्रबंधन और समस्याओं के निराकरण के लिए अपर कलेक्टर स्तर का एक अधिकारी तैनात किया जाएगा।

भोपाल। छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मप्र की शिवराज सरकार ने भी प्रदेश के किसानों से गाय का गोबर खरीदने का एलान किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को भोपाल में आयोजित गौ रक्षा सम्मेलन में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि हर साल गौ रक्षक सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।

सभी विकास खंडा के लिए पशु एंबुलेंस
कार्यक्रम में सीएम ने प्रदेश के सभी विकासखंडों के लिए 406 पशु एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम की शुरुआत गौ पूजन कर की। सीएम ने गौ सेवकों का पुष्प वर्षा से स्वागत किया। कार्यक्रम में गौ संवर्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष अखिलेश्वरानंद गिरी, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, भाजपा प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग मौजूद थे।

प्राकृतिक खेती के लिए गाय पालने पर हर माह 900 रुपये 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमने अपने संकल्प पत्र में कहा था गौ माता के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू करेंगे आज वो दिन आ गया है। हम आज हर ब्लॉक में एंबुलेंस भेज रहे हैं। गौ माता को बचाने के लिए सरकार के साथ समाज को भी जुटना पड़ेगा। प्राकृतिक खेती करने वाले वो किसान जो गाय पालना चाहते हैं उन किसानों को हर महीने 900 रुपये खाते में भेजेंगे। इस महीने 22 हजार किसानों को राशि दी जाएगी।

अवैध परिवहन रोकने के लिए नया कानून बनाएंगे 
सीएम ने कहा कि गौ माता को वध के लिए ले जाने वाले इनका अवैध परिवहन करते हैं। उसके खिलाफ नया कानून बनाएंगे। सीएम ने कहा कि गायों को ले जाने वालों का वाहन राजसात कर लिया जाएगा। जिले की गौशाला के प्रबंधन और समस्याओं के निराकरण के लिए अपर कलेक्टर स्तर का एक अधिकारी तैनात किया जाएगा। इस अधिकारी का नंबर भी सार्वजनिक किया जाएगा।

गोबर से बायो सीएनजी बनाएंगे
सीएम ने कहा कि सरकार किसान से गाय का गोबर खरीदेगी और किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाएगी। गोबर से प्लांट में बायो सीएनजी गैस बनाएंगे। जबलपुर में प्लांट सितंबर में पूरा हो जाएगा। इसके बाद जगह-जगह प्लांट लगातार सरकार गोबर खरीदेगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील की। बता दें, अभी छत्तीसगढ़ सरकार किसानों से दो रुपए किलो गोबर खरीदती है और उससे गैस बनाई जाती है।

गौ वंश की गणना करवाई जाएगी
सीएम ने कहा कि पंजीकृत गौशालाओं को बिजली की दिक्कत नहीं होगी। गाय भूखी नहीं रहेगी, गौ वंश में लिए चारे की व्यवस्था सरकार करेगी। चारे के लिए जितना खर्च होगा उनका बजट सरकार देगी। उन्होंने कहा कि गाय हमारी सनातन संस्कृति की प्रतीक है। उसकी सेवा करना हमारा संकल्प है। सरकार अब छोटी जगह चार से पांच पंचायतों को जोड़कर गौशाला बनाएगी। गौ वंश की गणना करवाई जाएगी।

सरकारी दफ्तरों में होगा गौनाइल का प्रयोग
गौ संवर्धन बोर्ड के दिए गए मांग पत्र पर सीएम ने कहा कि फिनाइल की जगह गौनाइल का उपयोग सरकारी दफ्तरों में हो इस दिशा में सरकार काम करेगी। गौ पेंट  से कार्यालय की पुताई हो इसके भी सरकार प्रयास करेगी। सीएम ने गौ सेवकों, गौ रक्षकों को गौ रक्षा का संकल्प दिलाया।

‘हां मगर’ इश्क़ नाम की भावना का अनुभव करने वाले किसी भी व्यक्ति के दिल से जुड़ जाएगा – साहिल सुल्तानपुरी

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मुम्बई। गीतकार के रूप में साहिल सुल्तानपुरी ऐसे गीत लिख रहे हैं जो श्रोताओं के मन में लंबे समय तक अंकित रहें। दो दशकों के करियर में, साहिल ने गाने लिखे हैं जिन्हें आशा भोसले, हरिहरन, कुमार शानू, शंकर महादेवन,सुखविन्ल सिंह, स्नेहा खानवलकर, अरिजीत सिंह, हर्षदीप कौर और साकेत सिंह ने गाया है। वह 2019 की रिलीज़ ‘कमांडो 3’ के चार्टबस्टर ‘अखियां मिलावंगा’ जिसका संगीत मन्नान शाह और अरिजित सिंह तथा श्रूति ससिधरन ने अपनी आवाज़ दी थी। इसके अलावा भी साहिल का नाम कई और हिट गाने से जुडा हने सहित कई हिट गानों के पीछे हैं। कमांडो 3 विपुल अमृत लाल शाह की फिल्म थी जिन्होंने अभी हालिया विवादित फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ का निर्माण किया है।
साहिल की शायरी ‘हां मगर’ में सुनी जा सकती है, जो हाल ही में रिलीज़ हुआ सिंगल है जिसे ज़ी म्यूजिक कंपनी द्वारा वितरित किया गया है। यह एक आकर्षक रोमांटिक नंबर है जो साहिल द्वारा लिखे गए विचारशील गीतों से बहुत लाभान्वित होता है। इस गाने को मीत हांडा ने कंपोज किया है और न्यूकमर नवीन अरोड़ा ने इसे गाया है।


गीत के पीछे के सफर के बारे में बात करते हुए, गीतकार कहते हैं
‘हां मगर’ उन गानों में से एक है जो दिल को छू लेने वाले लिरिक्स, एक मधुर धुन और गायन के बीच एक सही संतुलन प्रदर्शित करता है। कुछ ही दिन पहले आया यह गाना म्यूजिक चार्ट पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और इंडस्ट्री के कई उल्लेखनीय लोगों द्वारा भी इसे साझा किया और सराहा गया है। यह गीत साहिल और मीत के एक और सहयोग का प्रतीक है।
इस बारे में विस्तार से बताते हुए वे कहते हैं, ”करीब 8-9 साल में मैं मीत से पहली बार मिला था। वह सिंगल बनाने पर काम कर रहे थे जिसे कुमार शानू की आवाज में रिकॉर्ड किया जाना था। हमने गाने पर काम किया और यह बहुत अच्छा बना। सानू दा के साथ उस ट्रैक पर काम करना भी एक बहुत ही यादगार अनुभव था। गाने का नाम था ‘उससे देख कर ऐसा लगता है’। हम अगली बार ‘धाक’ नामक एक फिल्म पर काम कर रहे हैं, जिसमें रुसलान मुमताज, शीना शाहाबादी, अविनाश वधावन और वैष्णवी और प्रदीप रावत प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
‘हां मगर’ में काम करना साहिल के लिए एक खास अनुभव था क्योंकि उन्हें पहले गाने के बोल लिखने का मौका मिला था |
“यह उन उदाहरणों में से एक था जहां एक गाना पहले लिखा गया था। मैं नहीं जानता कि आज अधिकांश संगीतकार गीत के बोल पहले लिखे जाने के विचार के प्रति खुले क्यों नहीं हैं। उन दिनो में ऐसा नहीं था। हिंदी सिनेमा के स्वर्ण युग के अधिकांश महान संगीतकारों में कवियों के लिए बहुत सम्मान था और उनके हाथ में गीत आने के बाद ही संगीत रचना शुरू करते थे। जब कोई कवि या गीतकार बिना किसी धुन से बंधे लिखता है, तो जादू होता है”, वे कहते हैं।
साहिल ‘हां मगर’ की पूरी टीम के साथ काम करने के अनुभव को संजोए हुए हैं। गीत को ज़ी म्यूजिक कंपनी द्वारा रिलीज़ किया गया है, संगीत वीडियो सुनील दोसानी द्वारा निर्देशित किया गया है।

शौर्य मेहता के गीत ‘अनगिन’ को मिल रहा है अनगिनत प्यार, सुरेश वाडेकर और रवि त्रिपाठी से प्रशिक्षित हैं शौर्य

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मुम्बई। गीत संगीत या किसी भी कला के लिए प्रेरणा कलाकार को कहीं से भी मिल सकती है। गायक, गीतकार और संगीतकार शौर्य मेहता के साथ भी ऐसा होता आया है कि उन्हें सच्ची घटनाओं से प्रेरणा मिलती रही है। शौर्य मेहता का नया गाना ‘अनगिन’ भी इसी बात का ताजा उदाहरण है। लद्दाख के हनले वेधशाला के आस-पास के वास्तविक माहौल से प्रेरणा लेते हुए शौर्य मेहता ने यह गीत तैयार किया है, जिसे सभी से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
गीत ‘अनगिन’ को हाल ही में गायक शौर्य मेहता ने अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज़ किया है। इससे पहले शौर्य मेहता ने कई बड़ी म्युज़िक कंपनियों के साथ काम किया है और उनके गीतों को 6-7 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं। वह फिलहाल अपने रिकॉर्ड लेबल ‘चाय कॉफी एंटरटेनमेंट’ के माध्यम से स्वतंत्र संगीत पर भी काम कर रहे हैं।
गीत ‘अनगिन’ को श्रोताओं व दर्शकों का अपार प्यार मिल रहा है, और शौर्य गाने को मिल रही इस प्रतिक्रिया से अभिभूत हैं। गीत के बोल और धुन को कई अंतरराष्ट्रीय रेडियो चैनलों और म्युज़िक समीक्षकों सहित सभी ने सराहा है। शौर्य ने कहा, “मुझे हमेशा ऐसे गाने बनाने में आनंद आता है, जिनका गहरा अर्थ होता है। ‘अनगिन’, जिसे हम अनगिनत कहते हैं, उन सभी के लिए है जो नए जमाने के संगीत को पसंद करते हैं। यह गीत समय को रोकने और सिर्फ मौजूदा पल में रहने के बारे में है।
सुरेश वाडकर और रवि त्रिपाठी के जरिये सात वर्षों तक प्रशिक्षित, शौर्य मेहता ने मनमोहक धुन बनाने की कला में महारत हासिल की है। इस गीत के बारे में उन्होंने आगे खुलासा किया, “मैं एक म्युज़िक वीडियो के लिए लद्दाख गया था तब मुझे हनले वेधशाला के बारे में पता चला। हम वहां शूट नहीं कर सके, लेकिन उस जगह ने जैसे मुझे किसी काल्पनिक दुनिया मे पहुंचा दिया। आप वहां सितारों और गैलेक्सी को देख सकते हैं और उस स्थान की अपनी एक वाइब है। मैं बिल्कुल खो सा गया था, और उस जगह ने मुझे कुछ पंक्तियाँ लिखने के लिए प्रेरित किया जो इस गीत के शुरुआती बोल बन गए।
बाद में गायक ने ‘अनगिन’ के बाकी हिस्से का लेखन किया और कंपोज़िंग की, विप्लव राजदेव ने इसकी प्रोग्रामिंग की। जब हम यह गीत सुनते हैं, तो इसमे बड़ी खूबसूरती से दर्शाया गया है कि एक प्रेमी समय को रुकने की गुजारिश कर रहा है और कपल्स अपने खास लम्हों को वहीं रुक जाने की बात करते हैं।
शौर्य ने अपने गीत लेखन की प्रेरणा मुंबई के समुद्र से भी ली। वह कहते हैं कि मुंबई में सब कुछ समय के साथ बदलता रहा है। लेकिन अपना जादू बिखेरती लहरों की आवाज और गति के साथ समुद्र वैसा ही है।
‘अनगिन’ को पूरे भारत में लोगों द्वारा पसंद किया जा रहा है। रिलीज के बाद से यह गाना बिग एफएम 92.7 पर 58 भारतीय शहरों में चलाया जा चुका है। आरजे रानी ने अपने शो में शौर्य का इंटरव्यू भी लिया था, जिसमें हाल ही में उस्ताद शंकर महादेवन को गाते हुए देखा गया था। शौर्य मेहता के आगामी प्रोजेक्ट्स में विभिन्न शैलियों के गाने शामिल हैं। उनका अगला ट्रैक मई 2023 में रिलीज़ होने वाला है। शौर्य दुनिया के उल्लेखनीय कलाकारों और संगीत कंपनियों के साथ सहयोग करके अपने काम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के इच्छुक भी हैं और वह इस दिशा में ऑलरेडी अपने कार्य की शुरआत कर चुके हैं।