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अपनी सेक्रेटरी फरजाना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में हैं रेखा – बायोग्राफी में खुलासा

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रेखा की बायोग्राफी से एक बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया में दावा किया जा रहा है कि लेखक यासीर उस्मानी ने ‘रेखा: द अनटोल्ड स्टोरी’ में लिखा है कि बॉलीवुड की वरिष्ठ अभिनेत्री अपनी महिला सेक्रेटरी फरजाना के साथ लाइव-इन रिलेशनशिप में रह रही हैं। यासीर उस्मानी इससे पहले राजेश खन्ना, संजय दत्त और गुरुदत्त जैसे बड़े अभिनेताओं की जीवनी भी लिख चुके हैं। उन्होंने अपनी पुस्तक में ये भी दावा किया है कि रेखा अपनी जिस सेक्रेटरी फरजाना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में हैं, वही उनके पति की आत्महत्या का कारण भी थीं।
बता दें कि रेखा की लव लाइफ को लेकर पिछले 50 वर्षों से तरह-तरह की चर्चा चलती रही हैं। जितेंद्र, विनोद मेहरा, किरण कुमार, मुकेश अग्रवाल, संजय दत्त और यहाँ तक कि अक्षय कुमार के साथ भी उनका जाम जुड़ चुका है। बताया जाता है कि बिजनेस टाइकून मुकेश अग्रवाल की तरफ रेखा ने ही हाथ बढ़ाया था। जान-पहचान के एक महीने के भीतर उन्होंने शादी कर ली। हालाँकि, इसके मुकेश मुकेश अग्रवाल को कारोबार में घाटा हुआ और वो बिना कारण रेखा के शूटिंग सेट्स पर मँडराते रहते थे।
अंततः 2 अक्टूबर, 1990 को उन्होंने अपने कमरे के पंखे से फाँसी लगा कर आत्महत्या कर ली। मुकेश के भाई अनिल गुप्ता ने इस दौरान रेखा पर कई आरोप लगाते हुए कहा था कि उनके भाई सच्ची मोहब्बत करते थे। फ़िल्मकार सुभाष घई ने इस घटना के बाद यहाँ तक कहा था कि रेखा ने जो किया है उसके बाद कोई भी सम्मानित खानदान किसी अभिनेत्री से रिश्ता करने से पहले कई बार सोचेगा। अमिताभ बच्चन के साथ अफेयर से निकलने के बाद रेखा ने ये शादी की थी।
वहीं बायोग्राफी में पहली बार रेखा का नाम किसी महिला के साथ जुड़ा, वो भी अफेयर के मामले में। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें बताया गया है कि फरजाना के अलावा किसी को भी रेखा के बेडरूम में जाने की इजाजत नहीं होती। यहाँ तक कि रेखा के घर काम करने वाली मेड भी उनके कमरे में नहीं जा सकती। किताब में लिखा है, “फरजाना, रेखा की परफेक्ट पार्टनर हैं। वो उनकी सलाहकार हैं, दोस्त हैं, उनकी सपोर्टर हैं और सीधे शब्दों में कहें तो रेखा उनके बिना नहीं रह सकती।”
मीडिया की मानें तो पुस्तक में आगे लिखा है, “रेखा की विश्वासपात्र सेक्रेटरी फरजाना, जिन्हें कुछ लोग उनकी प्रेमिका भी बताते हैं, वो अभिनेत्री के बेडरूम में जा सकती हैं। रेखा की ज़िन्दगी और उनके घर में एक-एक चीज पर फरजाना का कड़ा नियंत्रण रहता है। वो एक तरह से एक मजबूत गेटकीपर भी हैं। साथ ही हर फोन कॉल भी वही उठाती हैं और रेखा के जीवन के हर एक मिनट का निर्णय वही लेती हैं।” बता दें कि रेखा के पति मुकेश अग्रवाल ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि वो इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराते, रेखा को तो बिलकुल भी नहीं।
इससे पहले रेखा अपनी सेक्रेटरी फरजाना को अपनी ‘Soul Sister’ बता चुकी हैं, लेकिन किताब में दावा किया गया है कि दोनों के रिश्ते सेक्सुअल हैं। साथ ही ये भी बताया गया है कि रेखा का जीवन बंद कमरों में रहता है, इसका कारण फरजाना ही हैं। फरजाना लगभग 3 दशक से रेखा के साथ हैं। रेखा राज्यसभा सांसद भी रही हैं। मालविका सांघवी ने भी अपनी एक पुस्तक में दावा किया था कि रेखा और फरजाना लेस्बियन रिलेशनशिप में हैं।

रेखा का करियर बॉलीवुड में काफी लंबा रहा है और उन्हें कई अवॉर्ड्स मिले हैं। रेखा के पिता जेमिनी गणेशन खुद तमिल सिनेमा के सबसे बड़े कलाकारों में से एक थे। उनकी भी लव लाइफ खासी चर्चा में रहती थी, खासकर तब के जमाने की अभिनेत्री सावित्री के साथ उनका अफेयर खासा चर्चा में रहा था। सावित्री की अवसाद और शराब के कारण मौत हो गई थी। उन्हें ‘घर (1978)’, ‘जुदाई (1980)’, ‘उमराव जान (1981)’, ‘खून भरी माँग (1988)’ और ‘फूल बने अंगारे (1991)’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है।

रेखा की जोड़ी सबसे ज्यादा अमिताभ बच्चन के साथ पसंद की जाती थी और दोनों ने ‘दो अनजाने (1976)’, ‘अलाप (1977)’, ‘खून पसीना (1977)’, ‘गंगा की सौगंध (1978)’, ‘मुकद्दर का सिकंदर (1978)’, ‘मिस्टर नटवरलाल (1979)’, ‘सुहाग (1979)’ और ‘राम बलराम (1980)’ जैसी फिल्मों में काम किया था। लेकिन, दोनों की साथ में अंतिम ‘ सिलसिला (1981)’ की सबसे ज़्यादा चर्चा हुई, जिसमें अमिताभ बच्चन की पत्नी जया भी थीं। यश चोपड़ा ने इसका निर्देशन किया था।

शकुंतला गावड़े लिखित आध्यात्मिक पुस्तक ‘नरेटिव एनालिसिस ऑफ भागवत पुराण’ का विमोचन सम्पन्न

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मुम्बई। असिस्टेंट प्रोफेसर शकुंतला गावड़े द्वारा लिखित आध्यात्मिक पुस्तक ‘नरेटिव एनालिसिस ऑफ भागवत पुराण’ का विमोचन दिनांक 22 जुलाई, 2023 को सेंट झेवियर्स कॉलेज में सम्पन्न हुआ। इस किताब में भगवान श्री कृष्ण के लीलाओं व अद्भुत चमत्कारों का वर्णन वर्तमान मनोभावों एवं सामाजिक घटनाओं के साथ डॉ शकुंतला ने बखूबी किया है।
पुस्तक के विमोचन के अवसर पर डॉ. फादर कीथ डिसूजा (रेक्टर, सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई), बलदेव दास (अध्यक्ष, इस्कॉन मंदिर, चौपाटी), डॉ. राजेंद्र शिंदे (प्रिंसिपल, सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई), डॉ. फादर अरुण डिसूजा (निदेशक, हेरास इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन कल्चर, सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई), जेसिका मेरिट (इंडियाना यूनिवर्सिटी, ब्लूमिंगटन), डॉ. सुमंत रुद्र (डीन एकेडमिक अफेयर, भक्तिवेदांत रिसर्च सेंटर) और शिल्पा छेड़ा (झेवियर कॉलेज म्यूजियम क्यूरेटर) की विशेष उपस्थिति रही। यह पुस्तक भक्तिवेदांत द्वारा प्रस्तुत एवं रिसर्च सेंटर और देव पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा प्रकाशित की गई है।
अपने-अपने क्षेत्र के विशेषज्ञों ने वैष्णववाद की समझ के साथ पुस्तक के योगदान के लिए अपने गहन विचार और सराहना व्यक्त की।
बलदेव दास ने पवित्र ग्रंथ भागवत पुराण के महत्व पर प्रकाश डाला और इस पुस्तक के प्रकाशन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे शोध कार्य होते रहने चाहिए जो आधुनिक युग में अत्यंत आवश्यक है इससे जनमानस में भक्ति भाव जागृत होती है और सकारात्मकता आती है।
पुस्तक की लेखिका डॉ. शकुंतला गावड़े ने लेखन यात्रा पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा की और उन्होंने कहा कि कृष्ण कथाएँ लोकप्रिय हैं लेकिन कहानियां उतनी ही चमत्कारी भी हैं। पुस्तक आध्यात्मिकता से जुड़े अर्थ की अनेक परतों को उजागर करती है। यह न केवल देखने के लिए एक नई अंतर्दृष्टि प्रदान करता है बल्कि भागवत पौराणिक अध्ययन का एक नया दृष्टिकोण खोलती है। इसके लेखन के लिए मैंने कई भगवद पुराण का अध्ययन किया और लिखते हुए स्वयं को प्रभु के श्रीचरणों में समर्पित कर दी थी।

– संतोष साहू

पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स: ग्रामीण भारत को दर्शाती फिल्म का ट्रेलर रिलीज़

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कन्या भ्रूण हत्या , महिला सशक्तिकरण पर आधारित पंच कृति फ़ाइव एलिमेंट्स

मुम्बई। भारत के गाँव और छोटे शहरों को कहानियों पर कई फिल्में बनी हैं। लेकिन इनमें से कुछ ही फिल्में ऐसी हैं जिन्होंने ग्रामीण भारत को सही तरीके से दर्शाया है। ‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’, जिसका ट्रेलर आज लॉन्च हुआ है, बुंदेलखंड के चंदेरी शहर में स्थित पांच कहानियों पर आधारित है । ट्रेलर देख कर दर्शकों के मन यह विश्वास ज़रूर पैदा होता है कि फिल्म के रचयिताओं ने ग्रामीण भारत को उसके सच्चे स्वरुप में दर्शाया है। फिल्म की खासियत यह भी है कि यह किसी सेट पर नहीं बुंदेलखंड के विभिन्न हिस्सों में फिल्मायी गयी है। फ़िल्म में प्रमुख किरदारों में बृजेंदर काला, उमेश बाजपेई, सागर वाही, पूर्वा पराग, मानी सोनी और रवि चौहान प्रमुख भूमिकाओं में नज़र आएंगे।

यह फ़िल्म कई गंभीर सामजिक मुद्दों की बात करती हैं, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, अंधविश्वास भूत प्रेत, कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराइयों को ट्रेलर में हाइलाइट किया गया। हम देखते हैं स्वच्छ भारत का संदेश पंडित के किरदार में बृजेंद्र काला बताते जामे लिखा हैं तालाब में नहाना, कपड़े धोना, विसर्जन, मुंडन मना हैं लेकिन सब कर रहे हैं। ट्रेलर के इसी हिस्से में एक व्यक्ति तालाब में डुबकी लगाता है और तालाब में विसर्जित सिर का कंकाल बाहर आता हैं जिसे देखकर बाहर खड़ा व्यक्ति दर जाता हैं इस बड़ा ही फ़नी और मनोरंजक लगता हैं।

ट्रेलर के एक हिस्से में एक महिला किरदार छोटी बच्ची को डाट लगाते हुए कहती हैं “कितनी सीधी घर में बन कर रहती हैं कुछ नहीं बोलती और बाहर जाकर चपड़ चपड़ लगी रहती हैं। कितना मारूं कितना डाँट लगाऊँ की तू सुधर जाएँ फ़िल्म में बुंदेलखंडी बोली और लहजे की झलक दिखाई पड़ती हैं । एक दूसरे संवाद में पूजा और विश्वास से हिम्मत बढ़े है की अच्छी बात होती हैं तो दूसरे दृश्य में स्थानीय सुवाटा पूजा की बात भी होती हैं जहाँ पर भूत प्रेत के साये और अंधविश्वास की झलक देखने को मिलती हैं एक छोटी बच्ची बताती है कि वह भूत नहीं हैं । कुछ भी करके इसके सिर से भूत निकाल कर भगाइए।

रियल लोकेशन की फ़िल्मिंग करने के महत्व को समझाते हुए निर्देशक संजोय भार्गव कहते हैं, “सेट पर बनी फिल्में कभी सच्ची या ‘रीयल’ नहीं लगतीं। आप जितनी भी कोशिश कर लें पर एक असल जगह को आप सेट पर रीक्रिएट नहीं कर सकते। जब दर्शक किसी शहर या गाँव को एक फिल्म में देखें, तो उन्हें लगना चाहिए की वे खुद वहाँ पहुँच गए हैं। उस जगह की खुशबू लोगों तक पहुंचनी चाहिए। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि गाँव शहरों से कहीं ज़्यादा खूबसूरत होते हैं। गाँव में शहरों की तरह भीड़ और प्रदूषण नहीं होता। जो सुकून ग्रामीण भारत में मिलता है वह और कहीं नहीं मिलता। ”

चंदेरी एक छोटा सा शहर है जो हमेशा से अपने ऐताहासिक स्तम्भों के लिए जाना गया है। भव्य जैन मंदिरों के अलावा चंदेरी अपनी प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। चंदेरी चरों तरफ से खूबसूरत पहाड़ों से घिरा हुआ है और यह सारी चीज़ें इस शहर के खूबसूरती में इज़ाफ़ा लाती हैं। फिल्म में दर्शायी गयी पाँचों कहानियां चंदेरी क़स्बे में फिल्मायी गयी हैं।

निर्देशक संजोय भार्गव आगे कहते हैं कि फिल्म की पांच अलग – अलग कहानियां से दर्शक चंदेरी के विभिन्न रूपों से रूबरू हो पाएंगे । इस छोटे से शहर में बहुत सारी अनोखी चीज़ें हैं। जो एक बार चंदेरी आता है वह कभी इसे भूल नहीं पाता। हमारी फिल्म ग्रामीण भारत के अलग – अलग पहलुओं को उजागर करती है। शहर और जिले के प्रशासन ने हमारी बहुत सहायता की और इसके लिए हम उनके आभारी हैं। शूटिंग के दौरान हमें किसी भी तरह की परेशानी या अड़चन का सामना नहीं करना पड़ा।

‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ एक महिला प्रधान फिल्म है जो महिलाओं से जुडी कई समस्याओं को उजागर करती है। यह फ़िल्म भारत के कई महत्वपूर्ण अभियान जैसे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के बारे में भी जागरुकता पैदा करती है। सिनेमघरों में फ़िल्म देखने जाने वाले दर्शकों को हर शो में लकी ड्रॉ में हिस्सा ले कर स्मार्ट टी वी, स्मार्टफोन, साइकल और होम थिएटर सिस्टम जैसे आकर्षक उपहार जीतने का मौका मिलेगा।

मोनिशा आइजेक को है अभिनय के साथ लेखन, गायन और कुकिंग का शौक

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धर्म नगरी प्रयागराज से मायानगरी मुम्बई में कदम रखने वाली मोनिशा आइज़ेक कला की हर रंग में पारंगत हैं। उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में इन्होंने अपनी स्कूल और स्नातकोत्तर की शिक्षा ग्रहण की है और आगे बायो इंफॉर्मेटिक्स में पीएचडी कर रही हैं। मोनिशा प्रयागराज (इलाहाबाद) में असिस्टेंट प्रोफेसर थी जहाँ वह बायो टेक्नोलॉजी विषय पढ़ाती थी। वह रिसर्च साइंटिस्ट में रिसोर्स स्पीकर के तौर पर कार्य कर चुकी हैं और वह विभिन्न देशों में रिसोर्स साइंटिस्ट के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। मोनिशा का परिवार बेहद शिक्षित और सुसंस्कृत है। मोनिशा हमेशा सीखते रहने और कुछ नया करने में विश्वास करती हैं। उन्हें कुकिंग, सिंगिंग, ड्राइविंग और लेखन का शौक है।
जल्द ही ओटीटी स्टोरी डेक पर उनकी शॉर्ट फिल्म ‘कॉफी’ आने वाली है जिसमें एक रोमांटिक और दिल को छू लेने वाली कहानी है। मोनिशा की अन्य शॉर्ट फिल्में ओटीटी पर जल्द आने वाली है। अपने अभिनय कला में निखार लाने के लिए वह मेहनत करती हैं वैसे कला में वह स्वतः ही पारंगत हैं। दो सालों तक वह अश्मिता थिएटर से जुड़ी रही जहाँ उन्होंने हजार से ज्यादा नुक्कड़ नाटक और स्टेज नाटक किये हैं।
मिस नॉर्थ इंडिया सब कॉन्टिनेंट 2017 शो में वह मिस फोटोजनिक की उपाधि से सम्मानित हो चुकी हैं। वह 2017 में मिस दिल्ली फाइनलिस्ट भी रह चुकी हैं। उन्होंने कई विज्ञापन फिल्मों में भी काम किया है। वूमेन डे, मदर डे पर बने स्पेशल विज्ञापन, डिओड्रेंट आदि के डिजिटल विज्ञापन में वह काम कर चुकी हैं। नेटफ्लिक्स ओटीटी पर रिलीज दीपंकर बनर्जी की एक शार्ट फिल्म में भी उनकी भूमिका थी। एफटीआई में उन्होंने अपने अभिनय की बारीकियों को निखारने के लिए स्क्रीन एक्टिंग वर्क शॉप भी किया है।


मोनिशा शिक्षा, अभिनय के अलावा कई गुणों में माहिर है। वह अपना आयडल अपनी माँ को मानती हैं। उनका कहना है कि उनकी माँ से ही उन्हें अलग अलग काम करने और हमेशा अलग और नया काम करने और सीखने की शिक्षा मिली है और पूरी मेहनत से वह कामयाब भी होती है।
मोनिशा रिवर वॉटर यूजर एसोसिएशन से जुड़ी हैं जो जल संरक्षण के लिए कार्य करती हैं। कोरोना महामारी के दौर में उन्होंने जरूरतमंद लोगों की आर्थिक सहायता और भोजन वितरण जैसा सेवा कार्य किया है। मोनिशा आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और सशक्त महिला है।
फिल्म ‘जय गंगाजल’ में अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के अभिनय से वह बहुत प्रभावित रही और आगामी समय में वह भी अभिनय में अपना नया मुकाम हासिल करना चाहती है। शाहरुख खान उनके पसंदीदा अभिनेता हैं।


मोनिशा का कहना है कि यदि आप कोई भी लक्ष्य बनाते हो तो सबसे पहले आपको शिक्षा ग्रहण करना बेहद आवश्यक है। बेहतर शिक्षा आपको आपकी मंजिल तक पहुंचाने की समझ देगी और आपका रास्ता भी आसान बनाएगी। साथ ही साथ आपके कार्यक्षेत्र में आपकी शिक्षा ही सम्मान दिलाती है। यदि अभिनय जगत में आपको कदम रखने है तो आप पहले पढ़ाई पूरा करो फिर आओ यह आपको आत्मनिर्भर बनाएगी और अच्छे बुरे की समझ प्रदान करेगी। साथ ही मन के साथ आप अपने शरीर का भी ख्याल रखें उसे फिट रखें। व्यक्ति को अभ्यास करना कभी नहीं छोड़ना चाहिए यह आपको बेहतर बनाने में सहायक होता है।

– गायत्री साहू

Monsoon Session: मानसून सत्र -2023

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https://www.youtube.com/watch?v=hihA6YiCsWM

बारिश के कारण मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ के स्कूलों में छुट्टी, CM की अपील- बिना जरूरी घर से न निकलें बाहर

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मुंबई: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पिछले 24 घंटों से जारी भारी बारिश के मद्देनजर गुरुवार को मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों के स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है। अगले कुछ घंटों में बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने यह घोषणा की। शिक्षा आयुक्त ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में बारिश की स्थिति देखकर स्कूल बंद करने के संबंध में स्वयं निर्णय लें। इसलिए मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर के स्कूलों में आज यानी गुरुवार को छुट्टी रहेगी।

8 घंटे तक मुंबई से कटा एमएमआर
बुधवार सुबह से ही मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन (MMR) में मूसलाधार के कारण मुंबई से लगभग संपर्क टूट गया। सुबह 9:40 मिनट पर पनवेल में पॉइंट फैल होने के कारण हार्बर लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सुबह 11:55 बजे बदलापुर-अंबरनाथ सेक्शन में पटरियों पर जल जमाव के कारण अप-डाउन लाइन ट्रेनों की आवाजाही रुक गई। कसारा लाइन पर भी ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। शाम 5 से 6 बजे के बीच ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू हुई। शाम 17:50 बजे अंबरनाथ-बदलापुर डाउन लाइन पर ट्रेनें चल पाईं। शाम को जब ट्रेनें चलने लगीं, तब स्टेशनों पर भीड़ बढ़ गई। इसे नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबल के जवानों को तैनात किया गया। स्टेशनों पर भीड़ को देखकर राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई। इसके लिए दादर, ठाणे, भायखला स्टेशनों के बाहर स्टेट ट्रांसपोर्ट और बेस्ट की बसें रखी गईं। मौसम विभाग ने आज भी भारी बारिश की चेतावनी दी है।
पांच बड़े अपडेट
1. स्कूल-कॉलेज आज बंद
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ऐलान किया कि भारी बारिश की वजह से मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पालघर और रायगढ़ जिलों में गुरुवार को स्कूल और 12 वीं तक के कॉलेज बंद रहेंगे।

2. अतिरिक्त बसों की व्यवस्था
बारिश की वजह से सेंट्रल रेलवे सेवा बहुत ज्यादा प्रभावित हुई है। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए एसटी और बेस्ट की कई अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं।

3. बच्ची की हुई मौत
भांडुप पश्चिम की ज़केरिया नामक पांच मंजिला इमारत में तीसरी मंजिल का हिस्सा अचानक गिर गया। इसकी चपेट में पांच वर्षीय बच्ची आ गई और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

4. ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने गुरुवार को भी मूसलाधार बारिश की संभावना जताते हुए मुंबई, ठाणे के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है, जबकि पालघर और रायगड में रेड अलर्ट जारी किया गया है।

5. विधानसभा की कार्यवाही रोकी
लगातार हो रही तेज बारिश के कारण महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही तय समय से पहले ही रोक दी गई।

महाराष्ट्र के रायगढ़ में भूस्खलन से पूरा गांव मलबे में दबा, 5 से 6 शव निकाले, 120 लोगों के फंसे होने की आशंका

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मुंबई: महाराष्‍ट्र के रायगढ़ जिले के खालापुर तहसील के इरशालवाड़ी गांव में बड़ा हादसा हुआ है। यहां की एक बस्‍ती भूस्‍खलन की चपेट में आ गई। रात को सोते वक्त कई लोगों पर काल का हमला हो गया। मलबे में 120 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है। आधी रात को हुए इस हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और अब तक पांच से छह शव निकाले जा चुके हैं। साथ ही कुल 27 लोगों को सफलतापूर्वक निकाला जा चुका है। इनमें दो से तीन छोटे बच्चे भी शामिल हैं। इस जगह पर कई बचाव दल काम कर रहे हैं। बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है और अन्य फंसे हुए लोगों को निकाला जा रहा है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार गांव का 90% हिस्सा मलबे में समा गया है। यहां 30 से 35 आदिवासी घरों की एक बड़ी बस्ती थी। आशंका है कि इस हादसे में बड़ी जनहानि हुई है। 120 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है। अब तक बचाव दल एक महिला और दो बच्चों को बचाने में कामयाब रहा है। चूंकि मिट्टी अभी भी ऊपर गिर रही है। इसलिए बचावकर्मी भी खतरे में हैं।

डीसी दत्तात्रेय नवले और डीसी सरजेराव सोनावणे को क्रमशः चिकित्सा सहायता और बचाव कार्यों के लिए ओएसडी के रूप में तैनात किया गया है। मौके पर चार एंबुलेंस पहुंच गई हैं। आरएच चौक पर स्वास्थ्य अधिकारी और चार डॉक्टरों के साथ चार एंबुलेंस तैयार हैं।

90 फीसदी घर तबाह
शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस इलाके के 90 फीसदी घर तबाह हो गए हैं और जानमाल के नुकसान की आशंका है। युद्ध स्तर पर राहत टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। हालांकि तेज हवा के कारण कुछ पत्थर अभी भी ऊपर से नीचे आ रहे हैं। इससे बचाव दल के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। लेकिन जो लोग फंसे हैं उन्हें तुरंत निकालने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जारी हैं।
तहसीलदार अयूब तम्बोली और उनका प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और कई सामाजिक कार्य सहायता दल और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं। तो वहीं मंत्री दादा भुसे और विधायक महेश बडाली भी मौके पर पहुंच गए हैं।

लोग डरकर जंगल की ओर भागे
बताया गया है क‍ि हादसे के बाद कुछ लोग डरकर जंगल की ओर भाग गए। आपातकालीन बचाव दल के एक सदस्य ने कहा है कि लोगों के लौटने के बाद ही हमें इस बात की सटीक जानकारी मिलेगी कि इस भूस्‍खलन के नीचे कितने लोग फंसे हो सकते हैं।

कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन मौके पर
इस बीच राज्य के कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन मौके पर पहुंच गए हैं। मंत्री दादाजी भुसे ने भी सुबह-सुबह यहां का दौरा किया लेकिन तेज हवा और बारिश के कारण वे ऊपर नहीं जा सके। पालक मंत्री और उद्योग मंत्री उदय सामंत मौके पर पहुंच गये हैं।

सफल उद्यमी भी हैं मोहरा की अभिनेत्री पूनम झावर

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बॉलीवुड में एक ऐसी कलाकार आयी, जिन्होंने अपनी खूबसूरती और अद्वितीय कला के दम पर अपनी पहचान बनाई। पूनम झावर को ‘ओ माय गॉड’ फेम अभिनेत्री के रूप में पहचाना जा रहा है क्योंकि अक्षय कुमार अभिनीत इस फिल्म में उन्होंने एक महत्वपूर्ण किरदार निभाई थी। तो वहीं सुपरहिट फिल्म ‘मोहरा’ में सुनील शेट्टी के साथ उन्होंने मशहूर गाने ‘ना कजरे की धार’ में अप्रतिम सौंदर्य का जादू बिखेरा।
अब तक कुंवारी अभिनेत्री व फिल्म निर्मात्री पूनम झावर को अतुल राष्ट्रीय पुरस्कार और अब्दुल कलाम पुरस्कार जैसे कई सम्मान प्राप्त हो चुका है।
पूनम झावर ने अपनी करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। जहां उन्होंने कई ऐड फिल्म और कैटलॉग में अपनी मौजूदगी बनाई। लेकिन उनकी प्रतिभा और सुंदरता ने बॉलीवुड के फिल्मकारों की नजर खींची, और उन्हें एक अभिनेत्री के रूप में उभारा। उन्होंने बॉलीवुड में अपनी पहली फिल्म ‘मोहरा’ में अभिनय की शुरुआत की, जहां उन्होंने सुनील शेट्टी के साथ अपनी जोड़ी बनाई। इस फिल्म में उन्होंने अक्षय कुमार, रवीना टंडन, परेश रावल और नसीरुद्दीन शाह के साथ काम किया। इस फिल्म ने उन्हें एक अभिनेत्री के रूप में पहचान दिया।
एक एड शूट करते हुए उन पर ‘मोहरा’ के निर्माता की नजर पड़ी और उनका चयन किया गया।
‘मोहरा’ के अलावा, पूनम झावर ने दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम किया है। वहां उन्होंने ममूटी जैसे कलाकारों के साथ कई सफल फिल्मों में अभिनय किया।


बॉलीवुड में पूनम झावर ने ‘आंच’ जैसी फिल्म के निर्माता के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। यह फिल्म उत्तरप्रदेश के माहौल पर आधारित थी और राज्य सरकार से सब्सिडी भी मिली। उनकी इस फिल्म में नाना पाटेकर, परेश रावल और आयशा जुल्का जैसे सफल कलाकारों ने काम किया है। ‘आंच’ को क्रिटिक्स की अच्छी समीक्षा मिली और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा व्यापार किया, खासकर उत्तर भारत में इसे अधिक पसंद किया गया।
साथ ही पूनम एक और हिंदी फिल्म ‘रोड टू संगम’ की लाइन प्रोड्यूसर रहीं हैं जिसका निर्देशन अमित राय ने किया था एवं फिल्म में परेश रावल और ओम पुरी ने अभिनय किया था।
पूनम ने कई म्यूजिक अलबम में भी काम किया और मराठी फिल्में प्रोड्यूस भी की हैं। ‘सन्दरची माया’ मराठी फिल्म का निर्माण भी उन्होंने किया है।
इसके अलावा, पूनम झावर ने गायिका के रूप में भी अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने ‘आंच’ फिल्म के गाने ‘सुन मेरी रानी’ में नाना पाटेकर के साथ अपनी मीठी आवाज की प्रस्तुति दी। पूनम ने अन्य दो संगीतमय फिल्मों ‘दीवाना हूं मैं तेरा’ और ‘द ब्लैक एंड व्हाइट फैक्ट’ में अभिनय किया है।
वर्तमान में, पूनम झावर एक उद्यमी के रूप में इवेंट प्रबंधन उद्योग में अपनी पहचान स्थापित कर चुकी हैं। उनकी कंपनी, ड्रीम कैचर, मुंबई में ‘दादासाहेब फाल्के एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ और ‘ड्रीम कैचर फिल्म अवॉर्ड्स नाइट’ जैसी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन करती है। इन आयोजनों में लगभग सभी बड़े सितारे उपस्थित होते हैं।
इसके अलावा, उनकी कंपनी का नया उद्यम है ‘ओ माय देवता’, जहां वे फैशन और भक्ति का एक अद्वितीय संयोजन पेश करेंगी। इसके तहत, पूनम नए भक्तिमय फैशन और भक्ति संगीत की शुरुआत करेंगी।
पूनम झावर की कला, फिल्म निर्माण कौशल और उद्यमी भावना ने उन्हें उच्च प्रशंसा और सम्मान का हकदार बनाया है। आगामी परियोजनाओं में पूनम अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अपने प्रशंसकों के दिलों पर एक बार फिर राज करने वाली हैं।

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रोमांटिक संदेशप्रद मराठी फिल्म ‘तुझ्यात मी’ 21 जुलाई को सिनेमाघरों में होगी रिलीज़

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मुम्बई। मराठी फिल्में अपनी बेहतरीन कंटेंट के लिए जाना जाता है, यही कारण है कि रीजनल सिनेमा में मराठी फिल्मों की अपनी एक अलग पहचान है। 21 जुलाई को बड़े पर्दे पर रिलीज हो रही रोमांटिक व संदेशप्रद मराठी फिल्म “तुझ्यात मी” का ट्रेलर  दर्शकों को बहुत पसंद आ रहा है। हाल ही में मुम्बई के सहारा स्टार होटल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म से जुड़ी पूरी टीम मौजूद रही। इस फिल्म में शक्तिवीर धिराल, प्राजक्ता शिंदे, भरत गणेशपुरे की मुख्य भूमिका है। साथ ही हिना पंचाल ने एक आइटम नंबर किया है।
यह फिल्म सोमैया फिल्म्स के बैनर तले निर्मित है। निर्माता पीयूष आंबटकर और पी. एस. आंबटकर की इस रोमांटिक फिल्म के निर्देशक डॉ. शंकर चौधरी, क्रिएटिव डायरेक्टर संजीव मोरे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्देशक डॉ शंकर चौधरी ने कहा कि इस फिल्म को बनाने में पूरी टीम का योगदान शानदार रहा है। निर्माता सहित कलाकारों, सभी टेक्नीशियन ने सहयोग दिया और फिल्म बन गई। संगीतकार राज प्रकाश ने बहुत अच्छा म्युज़िक दिया है। प्राजक्ता शिंदे ने गजब का काम किया है। हिना पांचाल ने तो अपने डांस और अदाओं से ग्लैमर का तड़का लगा दिया है। चंद्रपुर में 50 डिग्री सेल्सियस की बेहद गर्मी में शूटिंग करना काफी चैलेंजिंग रहा लेकिन टीम ने सहयोग दिया।
अभिनेत्री प्राजक्ता शिंदे ने कहा कि मैं इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हूं। इसका शीर्षक ही काफी रोमांटिक है जिसका अर्थ है तू मुझमें है। इस फिल्म में मैं रानी नाम की एक चुलबुली लड़की का किरदार निभा रही हूं। मैं असल जीवन मे भी काफी बबली किस्म की लड़की हूँ और यह किरदार भी मेरी तरह है।


प्राजक्ता शिंदे ने आगे कहा कि इस फिल्म के लिए मैं निर्माता निर्देशक को धन्यवाद कहना चाहूँगी। इसमें काम करने का अनुभव यादगार और शानदार रहा। हालांकि चंद्रपुर की भीषण गर्मी में शूटिंग करना बड़ा चुनौती भरा था लेकिन मेरे सह कलाकार और सभी टेक्नीशियन ने साथ दिया। फिल्म में गुंडों के साथ मेरा एक एक्शन दृश्य है जिसे मैं एक्शन मास्टर दीपक शर्मा की वजह से कर पाई। इसके अलावा कोरियोग्राफर डी सी डेविड का भी धन्यवाद जिन्होंने गाने की फीलिंग को समझने में सहयोग किया। मुझे लगता है कि ये फिल्म ब्लॉकबस्टर होने वाली है।
हिना पंचाल ने इसमे एक डांस नम्बर किया है और उन्होंने इस अवसर पर अपने गीत पर डांस भी किया। हिना ने कहा कि वह इस फिल्म के सॉन्ग को लेकर काफी एक्साइटेड है। मेरे फैंस के लिए एक यह शानदार तोहफा है।
इस फिल्म के संगीतकार राज प्रकाश हैं जिन्हें 2014 में बेस्ट अपकमिंग म्यूजिक कंपोजर का अवार्ड मिल चुका है। तुझ्यात मी का संगीत बहुत ही मधुर है। इस फिल्म का संगीत अल्ट्रा म्यूजिक ने रिलीज किया है। इस फिल्म का आइटम सॉन्ग सोनीची जवानी बहुत हिट हो रहा है। यह गाना आदर्श शिंदे ने गाया है। संगीतकार राज प्रकाश के संगीत निर्देशन में अब तक सोनू निगम, जावेद अली, शान , विक्रांत भारतीय, अमन त्रिखा, नक्काश अज़ीज़, अलका याग्निक, साधना सरगम, मधुश्री, अनूप जलोटा, आदर्श शिंदे, वैशाल म्हाडे, आनंदी जोशी लगभग सभी सिंगर गाना गा चुके हैं। फिल्म के सभी गीत ओटीटी प्लेटफार्म पर भी सुन सकते हैं। फिल्म की कहानी प्रेम धिराल ने लिखी है और पटकथा, संवाद डॉ. शंकर चौधरी द्वारा लिखित है। इस फिल्म के डीओपी रोहित येवले और शैलेन्द्र पांडे, ईपी अमोल गायकवाड़, कला निर्देशक मो. इकबाल शेख और तरूण विश्वास हैं। इस फिल्म के गीत को आदर्श शिंदे, वैशाली माडे, स्वप्निल बाँदोडकर, आनंदी जोशी, ऐश्वर्या भंडारी, गीतकार प्रशांत मुदपुवार और शक्तिवीर धिराल ने गाया है।

– संतोष साहू

एमएनबी होम फॉर द ब्लाइंड संस्था में धूमधाम से सम्पन्न हुआ 68 वां स्थापना दिवस

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मुम्बई। दिनांक 16 जुलाई को जोगेश्वरी स्थित एम एन बी होम फॉर द ब्लाइंड स्कूल में मनाया गया 68 वां स्थापना दिवस मनाया गया। उसी अवसर पर सत्यनारायण की कथा के साथ दृष्टिबाधितों के द्वारा सुंदर भजन का आयोजन हुआ। संस्था के महासचिव डॉक्टर विमल कुमार डेंगला ने सभी दृष्टिबाधितों को शुभकामनाएं दी।

स्थापना दिवस के सुअवसर पर संस्थान के सी.ई.एस रमाकांत साटम, संस्था के सीईओ मयंक शेखर, शमीम अहमद, प्रकाश गुरदे, हनुमान सोलंकी, बलिराम निंबरकर आदि कर्मचारी सहित सभी दृष्टिबाधित (दिव्यांगजन) उपस्थित रहे।