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महिंद्रा लाइफस्पेस और किडजानिया बच्चों के सपनों को देंगे उड़ान

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अनिल बेदाग, मुंबई
मुंबई :महिंद्रा समूह की रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट ब्रांच महिंद्रा लाइफस्पेस डवलपर्स लिमिटेड (एमएलडीएल) ने बच्चों को एक स्थायी भविष्य को आकार देने की समझ देने के लिए एक अनूठा सहयोग करते हुए किडजानिया मुंबई से हाथ मिलाया है। यह साझेदारी महिंद्रा लाइफस्पेस की ‘क्राफ्टिंग लाइफ’ के प्रति प्रतिबद्धता को किडजानिया के गहन शिक्षा अनुभव के साथ एकमेक करती है।
      महिंद्रा लाइफस्पेस ‘एक्सपीरियंस’ के तहत किडजानिया मुंबई में बच्चों को खेल—खेल में सस्टेनेबिलिटी के बारे में सीखने, खोज करने के लिए एक आकर्षक और इंटरैक्टिव वातावरण दिया जाएगा। यह पहल महिंद्रा लाइफस्पेस के प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम ‘ग्रीन आर्मी’ को आगे बढ़ाते हुए स्कूली बच्चों को एक स्थायी जीवन शैली अपनाने के लिए शिक्षित और प्रेरित करती है। ‘क्रिएट वन मिलियन केयरिंग सिटीजन’ के अपने लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते हुए महिंद्रा लाइफस्पेस मुंबई, एमएमआर, पुणे, नागपुर, चेन्नई, दिल्ली, अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में 472 स्कूलों, 77,000 बच्चों और 3 लाख से अधिक नागरिकों तक पहले ही पहुंच चुकी है।
      महिंद्रा लाइफस्पेस का ‘एक्सपीरियंस’ बच्चों को उनकी रचनात्मकता को उजागर करने और सतत विकास के बारे में सीखने के लिए एक रोमांचक मंच देगा। तीन अलग-अलग एक्सपीरियंस सस्टेनेबल डिजाइन स्टूडियो, ग्रीन पावर जोन और कंस्ट्रक्शन जोन के साथ बच्चे व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से टिकाऊ तरीकों और उनके लाभों के बारे में सीख सकेंगे। अत्याधुनिक सस्टेनेबल डिजाइन स्टूडियो में बच्चे सस्टेनेबिलिटी के लाभों के बारे में सीखेंगे। सस्टेनेबिलिटी के रूप में वे अपने स्वयं के टिकाऊ विकास को डिजाइन करने के साथ इसे बना भी सकेंगे। ग्रीन पावर जोन बच्चों को नवीकरणीय ऊर्जा के बारे में शिक्षित करेगा। कंस्ट्रक्शन जोन में छोटे बच्चे नकली ईंटों और सीमेंट का उपयोग करके अपने घर बना सकते हैं। निर्माण सामग्री को ऊंची मंजिलों तक ले जाने के लिए असली की तरह काम करने वाली क्रेन भी है।
एक्सपीरियंस पूरा होने पर बच्चों को ‘ग्रीन आर्मी आर्किटेक्ट’ का सर्टिफिकेशन मिलेगा। भविष्य को आकार देते हुए बच्चे अपना डवलपमेंट एक्सपीरियंस तैयार कर सकते हैं। यहां वे खुद अपनी पसंद और प्रोजेक्ट के आधार पर रेजिडेंशियल बिल्डिंग बना सकते हैं, जिसके टावरों में सूरज की रोशनी से लेकर हवा की आवाजाही के पर्याप्त बंदोबस्त होंगे।
महिंद्रा लाइफस्पेसेज डवलपर्स लिमिटेड के मुख्य विपणन अधिकारी विरल ओझा ने कहा, ‘हम किडजानिया के साथ इस अनूठी साझेदारी की घोषणा करते हुए उत्साहित हैं, क्योंकि हम बच्चों के लिए रियल एस्टेट और टिकाऊ वास्तुकला की आकर्षक दुनिया के बारे में जानने और अनुभव करने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। ‘एक्सपीरियंस’ के लॉन्च के साथ हमारा लक्ष्य बच्चों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी के संस्कार डालना है। सतत विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता से प्रेरित होकर हमारा लक्ष्य बच्चों के दिमाग को एक हरित और अधिक टिकाऊ भविष्य की कल्पना करने के लिए तैयार करना है। हमारा मानना है कि ऐसा करते हुए हम अगली पीढ़ी को ऊर्जा, जागरूकता और संकल्प से लैस करेंगे, जिसका एक स्थायी प्रभाव होगा और आगे चलकर बच्चे एक ऐसी दुनिया बना सकते हैं, जो पर्यावरण के प्रति अधिक हितैषी होगी।’
किडजानिया इंडिया के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर राहुल धमधेरे ने कहा, ‘बच्चों में सस्टेनेबिलिटी के लिए लगाव और जुनून जगाने के लिए हम महिंद्रा लाइफस्पेस के साथ सहयोग करते हुए बहुत खुश हैं। यह साझेदारी एक स्थायी दुनिया बनाने की महिंद्रा लाइफस्पेस की अटूट प्रतिबद्धता के साथ किडज़ानिया के अनुभवात्मक सीखने का दृष्टिकोण सहजता से मिश्रित हो रहा है। साथ मिलकर, हम बच्चों के रूप में भविष्य की एक ऐसी पीढ़ी का पोषण करने के लिए समर्पित हैं जो हमारी धरती के हरित भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हम इस यात्रा को शुरू करने और बच्चों की टिकाऊ जीवन की समझ पर इसके सकारात्मक प्रभाव को देखने के लिए उत्सुक हैं।’
आज सुबह किडजानिया मुंबई में एक भव्य लॉन्च कार्यक्रम के दौरान इस साझेदारी की आधिकारिक घोषणा की गई और दोनों ब्रांड लीडर ने बच्चों और उनके माता-पिता को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में एक शानदार परेड शामिल थी। इसका समापन महिंद्रा लाइफस्पेस ‘एक्सपीरियंस’ के अनावरण के साथ हुआ जिससे इस अवसर का उत्साह और बढ़ गया।

 

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The national weekly newspaper “Gau Bharat Bharti” is the first such publication in India which is known as the first weekly based on the cow dynasty. “Gau Bharat Bharti” has been prominently publishing the activities of individuals and organizations associated with the protection and promotion of the Gau Dynasty.

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Parliament: PM Modi Speech: पीएम बोले- हमारी सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को प्राथमिकता दी

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PM Narendra Modi Speech Today in Parliament, Lok Sabha News Live: मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए पीएम मोदी सदन में पहुंचे। उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। इससे पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुझे 20 साल हो गए हैं इस संसद में, लेकिन ऐसा दृश्य मैंने 2 दशक में नहीं देखा है। प्रधानमंत्री के प्रति जो शब्द इस्तमाल किए गए हैं विपक्ष के द्वारा, मैं मानता हूं कि सदन के सामने नहीं, लेकिन देश की जनता के सामने माफी मांगनी चाहिए।
अधीर रंजन चौधरी लोकसभा से निलंबित
अधीर रंजन चौधरी के बयान को लेकर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आपत्ति जताई। उन्होंने मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कांग्रेस सांसद को सदन से निलंबित करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट आने तक अधीर रंजन को निलंबित किया जाए। लोकसभा अध्यक्ष ने जोशी के प्रस्ताव पर मतदान कराया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा
लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने विपक्ष को जमकर लताड़ा।
PM Modi Speech: पीएम मोदी कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 5 मार्च 1966 को कांग्रेस ने अपनी वायु सेना से मिजोरम में असहाय नागरिकों पर हमला करवाया। कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि क्या यह किसी अन्य देश की वायु सेना थी। क्या मिजोरम के लोग मेरे देश के नागरिक नहीं थे? क्या उनकी सुरक्षा भारत सरकार की जिम्मेदारी नहीं थी?
PM Modi Speech: पीएम बोले- हमारी सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को प्राथमिकता दी
पीएम मोदी ने कहा कि इनकी पीड़ा, संवेदना सेलेक्टिव है। इनकी सभी बातें राजनीति से शुरू होती है,राजनीति पर खत्म होती है। इन्हें राजनीति के अलावा कुछ नहीं सूझता। मणिपुर में छह साल से जो सरकार है, वह समस्या का हल ढूढ रही है। पहले तो आए दिन बंद होता था, कर्फ्यू लगता था। अब सरकार उसका समाधान खोज रही है। नॉर्थ ईस्ट जिस प्रकार से साउथ एशिया का विकास हो रहा है। हमारा नॉर्थ ईस्ट विकसित होने जा रहा है, इस विकास का केंद्र बिंदू बनने जा रहा है।  इसलिए हमारी सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को प्राथमिकता दी है। नौ सालों में हमने पूर्वोत्तर के लिए अहम काम प्राथमिकता के साथ किया है।
PM Modi Speech: सदन में मां भारती के बारे में जो कहा गया है, उसने हर भारतीय की भावना को गहरी ठेस पहुंचाई है: PM मोदी
उन्होंने कहा कि यहां सदन में मां भारती के बारे में जो कहा गया है, उसने हर भारतीय की भावना को गहरी ठेस पहुंचाई है। मुझे नहीं पता कि क्या हो गया है। सत्ता के बिना ऐसा हाल किसी को हो जाता है। सत्ता सुख के बिना जी नहीं सकते? क्या भाषा बोल रहे हैं? पता नहीं क्यों कुछ लोगों को भारत की मां की मृत्यु की कामना करते देखा गया, इससे बड़ा दुख क्या होगा। ये लोग कभी लोकतंत्र की, कभी संविधान की हत्या की बात करते हैं। दरअसल, जो इनके मन में है, वही उनके कृतित्व में सामने आ जाता है। मैं हैरान हूं। ये बोलने वाले कौन लोग हैं, देश भूल गया है। क्या विभाजन की पीड़ा हम भूल गए? उन चीखों को लेकर आज भी वह हमारे सामने आता है। वह लोग जिन्होंने मां भारती के तीन-तीन टुकड़े कर दिए, वह भी तब जब मां भारत की बेड़ियों को काटना था, तब इन्होंने मां भारती की भुजाएं काट दीं। ये लोग किस मुंह से ऐसा बोलने की हिम्मत करते हैं? ये वो लोग हैं, जिस वंदे मातरम गीत ने देश के लिए मर-मिटने की प्रेरणा दी थी। हिंदुस्तान के हर कोने में वंदे मातरम चेतना का स्वर बन गया था, इन्होंने वंदे मातरम गीत के भी टुकड़े कर दिए। ये वो लोग हैं, जो भारत तेरे टुकड़े होंगे गैंग को बढ़ावा देते हैं। ये उन लोगों की मदद कर रहे हैं, जो कहते हैं कि सिलीगुड़ी के पास जो कॉरिडोर हैं, उसे काट दें, तो पूर्वोत्तर अलग हो जाएगा।
जो बाहर गए, उन्हें पूछें कि कच्छतीवु कहां हैं, उनसे पूछिए। ये द्रमुक वाले मुझे चिट्ठी लिखते हैं कि मोदी जी उसे वापस ले आइए। तमिलनाडु से आगे और श्रीलंका से पहले यह टापू किसने किसी देश को दे दिया था? तब यह टापू मां भारती का अंग नहीं था? कौन था उस समय? श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व में यह हुआ था। कांग्रेस का इतिहास मां भारती को छिन्न-भिन्न करने का रहा है। कांग्रेस का प्रेम क्या रहा है? एक सच्चाई बड़े दुख के साथ इस सदन के सामने रखना चाहता हूं। यह पीड़ा वह नहीं समझ पाएंगे, मैं चप्पे-चप्पे पर घुमा हुआ व्यक्ति हूं। मेरा इमोशनल अटैचमेंट है वहां के प्रति। मैं तीन प्रसंग आपके सामने रखना चाहता हूं।
PM Modi Live: ‘मणिपुर चर्चा हो सकती थी, लेकिन इन्होंने झूठ फैला रखा है’
‘अगर इन्होंने मणिपुर पर चर्चा की गृह मंत्री की बात पर सहमति दिखाई देती थी तो विस्तृत चर्चा हो सकती थी। विस्तार से जब इन्होंने बात रखी तो पता चला कि ये लोग कैसा झूठ फैलाते हैं, कितना पाप फैला रखा है। मणिपुर की स्थिति पर देश के गृह मंत्री ने बड़े धैर्य से और राजनीति के बिना सारे विषय को विस्तार से समझाया। उसमें देश की जनता को जागरूक करने का प्रयास था। मणिपुर की समस्या के लिए रास्ते खोजने का प्रयास था।’

मणिपुर पर अदालत का फैसला आया। अब अदालतों में क्या हो रहा है, ये हम जानते हैं। उसके पक्ष-विपक्ष में स्थिति बनी। कई परिवारों को मुश्किल हुई। महिलाओं के साथ गंभीर अपराध हुए। यह अपराध अक्षम्य है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के लिए हम भरपूर प्रयास कर रहे हैं। जिस प्रकार से प्रयास चल रहे हैं, निकट भविष्य में शांति का सूरज जरूर उगेगा। मणिपुर फिर एक बार नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा। मैं मणिपुर के लोगों से भी आग्रहपूर्वक कहना चाहता हूं। वहां की माताओं, बहनों, बेटियों से कहना चाहता हूं- देश आपके साथ है। यह सदन आपके साथ है। हम सब मिलकर इस चुनौती का समाधान निकाल लिया, वहां शांति की स्थापना होगी। मणिपुर फिर विकास की राह पर तेज गति से आगे बढ़ेगा। प्रयासों में कोई कसर बाकी नहीं रहेगी।

PM Modi Live: प्रधानमंत्री ने कहा- नई दुकान पर कुछ दिनों में ताला लग जाएगा
‘जिन लोगों ने गमले में कभी मूली नहीं उगाई, वो खेतों को देखकर हैरान होने ही हैं। जिन्होंने हमेशा गाड़ी का शीशा डाउन करके दूसरों की गरीबी देखी है, उन्हें सब हैरान करने वाला लग रहा है। इन लोगों को पता है कि इनकी नई दुकान पर कुछ दिनों में ताला लग जाएगा। आज इस चर्चा के बीच देश के लोगों को मैं बड़ी गंभीरता के साथ इस घमंडिया गठबंधन की आर्थिक नीति से भी सावधान करना चाहता हूं। ये घमंडिया गठबंधन ऐसी अर्थव्यवस्था चाहता है कि देश कमजोर हो। जिन आर्थिक नीतियों पर ये आगे बढ़ना चाहते हैं, जिस तरह खजाना लुटाकर वोट पाने का खेल खेल रहे हैं, आप आसपास के देशों में देख लीजिए। हमारे देश के राज्यों में भी इसका असर हो रहा है। चुनाव जीतने के लिए घोषणाएं की जा रही हैं। देशवासियों को सत्य समझाना चाहता हूं कि ये लोग भारत के दीवालिया होने की गारंटी है। ये अर्थव्यवस्था को डुबाने की गारंटी है। यह डबल डिजिटल महंगाई की गारंटी है। ये पॉलिसी पैरालिसिस की गारंटी है। तुष्टीकरण की गारंटी है। मोदी देश को गारंटी देता है कि तीसरे कार्यकाल में देश को तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनाएंगे। लोकतंत्र में जिनका भरोसा नहीं होता, वो सुनाने को तैयार होते हैं, लेकिन सुनने का धैर्य नहीं होता। अपशब्द बोलो, भाग जाओ। कूड़ा-कचरा फेंक भाग जाओ। झूठ फैलाओ, भाग जाओ।’

विपक्षी दलों ने वॉकआउट किया

पीएम मोदी के संबोधन के बीच विपक्षी दलों ने वॉकआउट कर दिया। इस पीएम ने कहा कि ये लोग सुनाने में तो विश्वास रखते हैं, लेकिन सुनने की क्षमता नहीं रखते।

PM Modi Live: राहुल पर तंज- इनके दिमाग का हाल देश लंबे समय से जानता है

‘कुछ बातें समय पर कहने का अवसर मिलता है। इत्तेफाक देखिए। कल यहां दिल से बात करने की बात कही गई थी। उनके दिमाग के हाल को तो देश लंबे समय से जानता है, लेकिन अब उनके दिल का भी पता चल गया। इनका मोदी प्रेम तो इतना जबर्दस्त है कि चौबीसों घंटे सपने में मोदी आता है। अगर पानी पी लें तो कहते हैं कि मोदी को पानी पिला दिया। अगर मैं कड़ी धूप में भी चल पड़ता हूं और पसीना पोंछ देता हूं तो कहते हैं कि मोदी को पसीना ला दिया। इनके जीने का सहारा देखिए। एक गीत की पंक्ति है- डूबने वाले को तिनके का सहारा ही बहुत, दिल बहल जाए फकत इतना कि सारा ही बहुत, इतने पर भी आसमां वाला गिरा दे बिजलियां, कोई बतला दे जरा ये डूबता फिर क्या करे। मैं कांग्रेस की मुसीबत समझता हूं। इनकी लूट की दुकान है, झूठ का बाजार है। इसमें नफरत है, घोटाले हैं, तुष्टीकरण है, मन काले हैं, परिवारवाद के हवाले देश दशकों से हवाले है। तुम्हारी दुकान ने इमरजेंसी बेची है, बंटवारा बेचा है, सिखों पर जुल्म बेचे हैं। शर्म करो नफरत की दुकान वालों, तुमने सेना का स्वाभिमान बेचा है।’

PM Modi Speech: PM बोले- कई राज्य कह रहे- कांग्रेस, नो कॉन्फिडेंस

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस अपने घमंड से इतनी चूर हो गई है कि उसे जमीन दिखाई तक नहीं देती। 61 वर्षों से तमिलनाडु के लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस नो कॉन्फिडेंस। पश्चिम बंगाल में उन्हें आखिरी बार 1972 में मिली थी, वे 51 साल से कह रहे हैं कांग्रेस नो कॉन्फिडेंस। उत्तर प्रदेश, गुजरात के लोग 38 साल से कांग्रेस को कह रहे हैं- नो कॉन्फिडेंस। त्रिपुरा के लोग 35 वर्षों से यही कह रहे हैं। ओडिशा में कांग्रेस को आखिरी बार 1995 में जीत मिली थी, यानी 28 वर्षों से कांग्रेस को एक ही जवाब मिल रहा है- कांग्रेस नो कॉन्फिडेंस। नगालैंड के लोग भी 25 वर्षों से यही कह रहे हैं। जनता ने कांग्रेस के प्रति बार-बार नो कॉन्फिडेंस घोषित किया है।’

PM Modi Live: पीएम ने कहा- मैग्नेटिक पावर इनके पास है

पीएम ने कहा कि कश्मीर दिन-रात जल रहा था, लेकिन कांग्रेस को कश्मीर के आम नागरिकों पर नहीं, हुर्रियत पर विश्वास करते थे। भारत ने आतंकवाद पर सर्जिकल स्ट्राइक किया, एयर स्ट्राइक किया। इन्हें भारत की सेना पर भरोसा नहीं था, दुश्मन के दावों पर भरोसा था। दुनिया में कोई भारत पर अपशब्द कहे, तुरंत उसे पकड़ लेते हैं। ऐसी मैग्नेटिक पावर इनके पास है। भारत में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देते हैं। मिट्टी के ढेले जितनी भी जिसकी कीमत न हो, ऐसी बातों को तवज्जो देना कांग्रेस की फितरत रही है।

PM Modi Speech: भारत के लोगों का कांग्रेस के प्रति अविश्वास का भाव बहुत गहरा: पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इनको (विपक्ष) भारत के सामर्थ्य पर विश्वास नहीं है। इनको भारत के लोगों पर विश्वास नहीं है। लेकिन इस सदन को बताना चाहता हूं कि इस देश का भी, भारत के लोगों का कांग्रेस के प्रति अविश्वास का भाव बहुत गहरा है। कांग्रेस अपने घमंड में इतनी चूर हो गई है कि उसे ज़मीन नहीं दिखाई दे रही है।

PM Modi Speech: आप लोग खंडहर पर प्लास्टर लगा रहे थे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं विपक्ष के साथियों के प्रति संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं। कुछ ही दिन पहले बंगलुरू में आपने मिल-जुलकर करीब 1.5-2 दशक पुराने UPA का क्रिया कर्म किया है, उसका अंतिम संस्कार किया है। लोकतांत्रित व्यवहार की मुताबिक मुझे आप लोगों को सहानुभूति व्यक्त करनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि मैंने संवेदना व्यक्त नहीं की क्योंकि आप लोग जश्न मना रहे थे। जश्न क्यों मना रहे थे क्योंकि आप लोग खंडहर पर प्लास्टर लगा रहे थे। दशकों पुरानी खटारा गाड़ी को EV दिखाने के लिए कितना बड़ा मजबा लगाया था। आप (विपक्ष) जिसके पीछे चल रहे हैं उनको इस देश की ज़ुबान, इस देश के संस्कार की समझ नहीं है। पीड़ी दर पीड़ी यह लोग लाल और हरी मिर्च में अंतर नहीं समझ पाए।

PM Modi Live: पीएम मोदी बोले- इनका पाकिस्तान से ऐसा प्रेम था कि उनकी बातों पर भरोसा कर लेते थे

प्रधानमंत्री ने कहा कि 1990 में देश कंगाल होने की स्थिति में था। कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में अर्थव्यवस्था 10, 11, 12 नंबर पर झूलती रही। लेकिन अब हमने शीर्ष-पांच में अपनी जगह बनाई। कांग्रेस के लोगों को लगता होगा कि ये जादू की छड़ी से हुआ है। मैं बताना चाहता हूं कि कठोर परिश्रम, निश्चित योजना और सुधारों, परिश्रम की पराकाष्ठा से हुआ है। 2028 में जब आप अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे, तब देश तीसरे नंबर पर होगा, यह हमारा विश्वास है। हमारे विपक्ष के मित्रों की फितरत में ही अविश्वास भरा पड़ा है। हमने लाल किले से स्वच्छ भारत अभियान का आह्वान किया, लेकिन उन्होंने कहा कि कैसे हो सकता है, गांधी जी भी कहकर गए थे। हमने मां-बेटी को खुले में शौच पर जाने की मजबूरी से मुक्त करने के लिए शौचालयों पर जोर दिया, तब इन्होंने कहा कि क्या लाल किले से ऐसे विषय बोले जाते हैं? जनधन खाते के समय भी ऐसा ही कहा। हमने योग, आयुर्वेद की बात की तो उसका भी मखौल उड़ाया। कांग्रेस पार्टी और उनके दोस्तों का इतिहास रहा है कि उन्हें भारत पर और भारत के सामर्थ्य पर कभी भरोसा नहीं रहा। ये विश्वास किस पर करते थे? इनका पाकिस्तान से ऐसा प्रेम था कि उनकी बातों पर भरोसा कर लेते थे। पाकिस्तान कहता था कि हमले और बातचीत साथ चलेगी। ये मान लेते थे।
PM Modi Live: प्रधानमंत्री ने कहा- अब ये भी मुझे ही सिखाना पड़ रहा है…
पीएम ने कहा कि कुछ ही वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी शीर्ष अर्थव्यवस्था बनने वाला है। जब हम आने वाले पांच साल में इसका दावा करते हैं तो जिम्मेदार विपक्ष क्या करता? सवाल पूछता कि कैसे करेंगे, आपका रोडमैप बताइए। लेकिन अब ये भी मुझे ही सिखाना पड़ रहा है। या वे सुझाव भी दे सकते थे। या ये चुनाव में जाकर बताते कि हम तो एक नंबर पर ले आएंगे, लेकिन ये विपक्ष की त्रासदी है। कांग्रेस के लोग क्या कह रहे हैं? इतने साल सत्ता में रहने के बाद भी क्या अनुभवहीन बातें सुनने को मिलती हैं। ये कहते हैं कि कुछ करने की जरूरत नहीं है, ये तो ऐसे ही हो जाएगा। बिना कुछ किए तीसरे नंबर पर पहुंच जाएंगे। कांग्रेस की मानें तो सब अगर अपने आप हो जाना वाला है तो इसका मतलब है कि कांग्रेस के पास न नीयत, न नीति, न विजन, न वैश्विक अर्थव्यवस्था की समझ है।

रानी मुखर्जी एमई+ईएम बेज पैंट सूट, पायल खंडेलवाल ब्लैक शर्ट और गुच्ची शूज़ में लगी खूबसूरत

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मुम्बई। मेलबर्न के इंडियन फिल्म फेस्टिवल के मास्टरक्लास सत्र में रानी मुखर्जी ने काली धारियों वाले आकर्षक एमई+ईएम बेज पैंट सूट और पायल खंडेलवाल की काली शर्ट के साथ सुरुचिपूर्ण ढंग से पहनकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। अपने पहनावे के क्लासिक टच के साथ पूरा करते हुए, रानी ने चिकने काले गुच्ची जूते पहने। अभीनेत्री की जटिल शैली पसंद ने सहजता से क्लासिक लूक को कैरी किया जिसमे वे बेहद खुबसूरत नज़र आई।

लिंक: https://www.instagram.com/p/CvwUfyANDx8/

कृषि भवन में केंद्रीय पशुपालन मंत्री परषोत्तम रूपला ने पशु वैक्सीन निर्माताओं से वैक्सीन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया

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दिल्ली – आज कृषि भवन में केंद्रीय पशुपालन मंत्री परषोत्तम रूपला ने पशु वैक्सीन निर्माताओं से वैक्सीन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया साथ ही वैक्सीन उत्पादन की स्थिति की समीक्षा की, वैक्सीन परीक्षण में सामंजस्य स्थापित करने हेतु दिए गए बहुमूल्य सुझाव भी दिए।

Lok Sabha Live – Addressing Finance Minister Nirmala Sitaraman

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No Confidence Motion Debate: ओवैसी ने पूछा- कहां गया सरकार का जमीर?

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में गोलीकांड का जिक्र करते हुए मोदी सरकार सवाल किया कि क्या ये बहुसंख्यक समुदाय के अतिवाद और कट्टरपंथ की मिसाल नहीं है. अगर है तो सरकार इस पर क्या करेगी. ओवैसी ने कहा, कहां है सरकार का जमीर? नूंह में 750 मुसलमानों के घर बिना किसी प्रक्रिया के गिरा दिए गए क्योंकि वे मुसलमानों के थे. पंजाब-हरियाणा के हाई कोर्ट ने कहा कि ये जातीय सफाया है. ओवैसी ने कहा कि इस मुल्क में मुसलमानों के खिलाफ नफरत का माहौल तैयार कर दिया गया है.

https://www.youtube.com/watch?v=DVhcKSxAEgw

Cow Economy – गोबर से बने कण्डे, गो काष्ठ, वर्मी कम्पोस्ट एवं गोबर पेंट के लिए शुरू किया गया शोरूम, जानें कितनी होती है कमाई

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गोमूत्र एवं गोबर से बने उत्पाद की बिक्री से कमाई देश में गोवंश के संरक्षण तथा किसानों एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएँ शुरू की गई हैं। इसमें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई “गोधन न्याय योजना” प्रमुख है। योजना के अंतर्गत पशु पालकों एवं ग्रामीणों से 2 रुपए किलो की दर से गोबर एवं 4 रुपए प्रति लीटर की दर से गोमूत्र की खरीदी की जा रही है। सरकार द्वारा गोठानों के माध्यम से खरीदे गए गोबर एवं गोमूत्र से महिला स्व सहायता समूह द्वारा विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाते हैं। जिससे न केवल पशुपालकों की आमदनी बढ़ी है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार बढ़ा है।

इस कड़ी में छत्तीसगढ़ में अम्बिकापुर की महिलाओं ने नया बिजनेस आइडिया अपनाते हुए गोबर से निर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए अंबिकापुर में एक्सक्लूसिव शोरूम शुरू किया गया है। इसे गोधन एम्पोरियम का नाम दिया गया है। इस एम्पोरियम में वर्मी कम्पोस्ट के साथ-साथ गौ काष्ठ, अगरबत्ती, कण्डा और गोबर से निर्मित पेंट की बिक्री की जा रही है।

गोबर से बने उत्पाद बेचकर हुई लाखों रुपए की आमदनी गोधन एम्पोरियम से अब तक तीन वर्षों में कुल 12 लाख 49 हजार रूपए की आमदनी हो चुकी है। वर्ष 2020-21 में 4 लाख 50 हजार, वर्ष 2021-22 में 4 लाख 87 हजार और वर्ष 2022-23 में 3 लाख 12 हजार रूपए की आय हुई है। यहां कार्यरत महिला सदस्यों ने बताया कि यहां से हर महीने समूह की महिलाएं एम्पोरियम से लगभग 40 हजार रूपए कमा रही हैं। यहां गौठान महिला समूह की दो महिला सदस्य बारी-बारी से तैनात रहती हैं। अन्य दुकानों की तरह सप्ताह में एक दिन मंगलवार को एम्पोरियम में अवकाश भी रहता है।

यह एम्पोरियम अम्बिकापुर शहरी गौठान का हिस्सा है। इसे गौठान से जुड़ी महिला समूह ही संचालित करती है, समूह की महिलाएं अम्बिकापुर सिटी लेवल फेडरेशन की सदस्य हैं, यह फेडरेशन अम्बिकापुर शहर में स्वच्छता के लिए काम कर रहा है। अब यहां गोबर से पेन्ट बनाने और दोना पत्तल तैयार करने की यूनिट भी शुरू कर दी गई है। गौठान समूहों की सदस्यों को लाभांश के रूप में हर माह 6 से 7 हजार रुपए मिल जाता है।

रोज़ाना आते हैं 50 से 60 ग्राहक किसी छोटे शॉपिंग मॉल जैसे दिखने वाले इस अनोखे एम्पोरियम में पूजा-पाठ, हवन आदि के लिए अंबिकापुर शहर के लोग गौ काष्ठ, अगरबत्ती खरीदते हैं। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में लिट्टी-चोखा के शौकिन गोबर के कंडे यहां से खरीदीकर लिट्टी-चोखा तैयार करते हैं। वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग शहरी क्षेत्र के लोग घरों के गमलों के साथ ही अन्य बागवानी कार्यों के लिए कर रहे हैं।

गोबर पेंट में तापमान को रोकने की क्षमता के कारण यहां इसकी बिक्री भी हो रही है। इस एम्पोरियम की लोकप्रियता लगातार बढ़ते जा रही है। वर्तमान में यहां प्रतिदिन 40 से 60 ग्राहक का आना-जाना होता है। गोबर के उत्पादों की लोकप्रियता को देखते हुए यहां और भी बिक्री बढ़ने की संभावना है।

Cow Economy – छत्तीसगढ़ सरकार ने गोबर बेचने वाले किसानों एवं पशुपालकों को किया 5 करोड़ 60 लाख रुपये का भुगतान

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Cow Economy – गोबर खरीदी का भुगतान पशुपालन को लाभ का धंधा बनाने एवं किसानों कि आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा गोबर एवं गोमूत्र की खरीदी पर जोर दिया जा रहा है। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही “गोधन न्याय योजना” ने देश में अपना एक अलग स्थान हासिल कर लिया है। योजना के अंर्तगत सरकार ग्रामीण, किसान एवं पशुपालक से गोबर की ख़रीद का उससे विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही है।
जिससे ग्रामीणों को रोजगार तो मिल ही रहा है बल्कि उनकी आमदनी में भी वृद्धि हुई है। राज्य में गोबर बेचने वाले ग्रामीण, किसान एवं पशुपालकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इस कड़ी में राज्य के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 5 अगस्त शनिवार के दिन गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 73वीं किश्त के रूप में 15 करोड़ 29 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की। 14 से 31 जुलाई के दौरान खरीदे गये गोबर का किया गया भुगतान सरकार द्वारा जारी की गई इस राशि में ग्रामीण, पशुपालक किसानों को गोबर बेचने के बदले में 5 करोड़ 60 लाख रुपये का भुगतान तथा गौठान समितियों एवं महिला स्व–सहायता समूहों को 9 करोड़ 69 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। गोबर खरीदी में भुगतान की जाने वाली राशि में से 60 से 70 प्रतिशत राशि गौठान समितियों द्वारा स्वयं की जमा पूंजी से की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि गौठानों में गोबर खरीदी में स्वावलंबी गोठानों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। गोबर विक्रेताओं को होने वाले 5.60 करोड़ रुपये के भुगतान में से मात्र 2.29 करोड़ रुपये का भुगतान शासन की ओर से किया गया। जबकि 3.31 करोड़ रुपये का भुगतान स्वावलंबी गौठान स्वयं की राशि से किया। राज्य में 10,278 गौठान निर्मित एवं संचालित हैं, जिसमें से 5985 गौठान पूरी तरह से स्वावलंबी हो चुके हैं। स्वावलंबी गौठानों ने अब तक 70.27 करोड़ रुपये का गोबर पशुपालक किसानों से स्वयं की राशि से किया है।

सरकार ने अभी तक किसानों से खरीदा 255 करोड़ रुपये का गोबर गोधन न्याय योजना के तहत सरकार द्वारा तैयार किए गये गौठानों में अब 128.34 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी हो चुकी है, जिसमें से 125.54 लाख क्विंटल गोबर खरीदी की एवज में गोबर विक्रेताओं को 250.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अभी 5.60 करोड़ रुपये के भुगतान के बाद गोबर खरीदी के एवज में अब तक राशि 255.68 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। वहीं गोधन न्याय योजना के तहत हितग्राहियों को अभी तक 541.66 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

Cow Economy -सरकार डेयरी फार्म खोलने के लिए दे रही है 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी, अभी आवेदन करें

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देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना के लिए अनुदान हेतु आवेदन पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ ही किसानों की दैनिक आय का अच्छा ज़रिया भी है। पशुपालन के महत्व को देखते हुए ही सरकार द्वारा पशुपालन क्षेत्र में कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इस कड़ी में बिहार सरकार द्वारा राज्य में देशी गौपालन को बढ़ावा देने के लिए “देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना” शुरू की गई है।
योजना के अंर्तगत लाभार्थी व्यक्ति को 02, 04, 15 एवं 20 गाय की डेयरी इकाई स्थापना करने पर अनुदान दिया जाएगा। पशु एवं मत्स्य संसाधन विकास, बिहार सरकार द्वारा योजना को राज्य सभी जिलों में लागू किया गया है, जिससे सभी जिलों के इच्छुक व्यक्ति योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, इच्छुक व्यक्ति योजना का लाभ लेने के लिए 01 सितंबर 2023 तक ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं।
देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना क्या है? इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार राज्य में देशी गायों के सम्वर्द्धन हेतु राज्य के सभी वर्गों के कृषकों / पशुपालकों / बेरोजगार युवक–युवतियों के लिए स्व–रोजगार के अवसर सृजित कर उन्हें विकास के मुख्यधारा में शामिल करना है ताकि उनका आर्थिक एवं सामाजिक रूप से उत्थान हो सके एवं राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। डेयरी फ़ार्म शुरू करने के लिए कितना अनुदान (Subsidy) दिया जाएगा? इस योजना के अन्तर्गत देशी नस्ल के 02 एवं 04 देशी गाय/ बाछी–हिफर की डेयरी इकाई की स्थापना पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग / अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। वहीं अन्य सभी वर्गों के व्यक्तियों को लागत मूल्य का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
इसके अलावा 15 एवं 20 देशी गाय / बाछी–हिफर (साहिवाल, गिर, थारपारकर) की डेयरी इकाई की स्थापना पर सभी वर्गों के लिए 40 प्रतिशत अनुदान देने की व्यवस्था की गयी है।
2 देशी गाय/हिफर की डेयरी स्थापित करने के लिए विभाग द्वारा 2,42,000 रुपए की लागत निर्धारित की गई है। जिसपर अत्यंत पिछड़ा वर्ग / अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों को अधिकतम 1,81,500 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। वहीं अन्य सभी वर्गों के किसानों को अधिकतम 1,21,000 रुपये का अनुदान देय होगा।
4 देशी गाय/हिफर की डेयरी स्थापित करने के लिए विभाग द्वारा 5,20,000 रुपए की लागत निर्धारित की गई है। जिसपर अत्यंत पिछड़ा वर्ग / अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों को अधिकतम 3,90,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। वहीं अन्य सभी वर्गों के किसानों को अधिकतम 2,60,000 रुपये का अनुदान देय होगा।

15 एवं 20 गाय की डेयरी के लिए कितना अनुदान दिया जाएगा?

योजना के तहत 15 देशी गाय/हिफर की डेयरी स्थापित करने के लिए विभाग द्वारा 20,20,000 रुपए की लागत निर्धारित की गई है। जिस पर सभी वर्ग के व्यक्तियों को 40 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा जो अधिकतम 8,08,000 रुपये है। वहीं 20 देशी गाय/हिफर की डेयरी स्थापित करने के लिए विभाग द्वारा 26,70,000 रुपए की लागत निर्धारित की गई है। जिस पर सभी वर्ग के व्यक्तियों को 40 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा जो अधिकतम 10,68,000 रुपये है।
यदि शासन द्वारा निर्धारित लागत से डेयरी की लागत अधिक होती है तो ऐसी स्थिति में होने वाले अधिक खर्च का वहन लाभार्थी को ही करना होगा। योजना अंतर्गत किसी भी इकाई की स्थापना अथवा क्रय परियोजना अंतर्गत निर्धारित लागत व्यय से अधिक होने पर भी सब्सिडी का भुगतान परियोजना शर्त के आधार पर ही किया जायेगा।
देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना का लाभ कौन ले सकते हैं? बिहार सरकार द्वारा योजना को राज्य के सभी जिलों में लागू किया गया है। जिससे राज्य के सभी इच्छुक व्यक्ति योजना का लाभ लेने के लिये आवेदन कर सकते हैं।
योजना में राज्य के सभी वर्गों के भूमिहीन / कृषकों / लघु कृषक / सीमांत कृषक / गरीबी रेखा से नीचे बसर करने वाले कृषक / शिक्षित बेरोजगार युवक–युवतियों को शामिल किया गया है। इस योजना के आवेदकों की उम्र 55 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए।
वहीं सरकार द्वारा इन आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग द्वारा प्रशिक्षित आवेदकों को, दुग्ध सहकारिता समिति के सदस्यों को, जीविका के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ें व्यक्तियों को क्रमानुसार प्राथमिकता दी जायेगी।
” योजना के तहत 04 देशी गाय / बाछी – हिफर की इकाई की स्थापना हेतु कम से कम 5 (पांच) कठ्ठा तथा 15 एवं 20 देशी गाय / बाछी–हिफर की डेयरी इकाई हेतु कम से कम 10 (दस) कठ्ठा अपनी जमीन या लीज की जमीन होना चाहिए ताकि वे हरे चारे का उत्पादन कर सकें। ऋण लेने वालों को भी मिलेगा योजना का लाभ इस योजना के तहत निर्धारित सब्सिडी लाभूकों को दोनों ही स्थिति में दी जाएगी, यदि लाभुक बैंक से ऋण ले अथवा स्वलागत से डेयरी की स्थापना करें। स्वलागत से डेयरी इकाई की स्थापना करने वाले लाभूकों को योजना लागत की पूर्ण राशि उपलब्ध होने संबंधी प्रमाण संबंधित क्रियान्वयन एजेन्सी यथा जिला गव्य विकास पदाधिकारी के कार्यालय में समर्पित करना होगा। योजना के पूर्ण क्रियान्वयन (Asset creation) के पश्चात् ही सब्सिडी की राशि का भुगतान किया जायेगा।
पशु क्रय के पश्चात् लाभूक एवं क्रय समिति के सदस्यों का एक संयुक्त फोटोग्राफी की जाएगी। दधारु मवेशी के क्रय के पश्चात् मवेशी का डाटा ईयर टैग निश्चित रूप से लगाना होगा तथा जिला गव्य विकास पदाधिकारी को यह प्रमाण पत्र देना होगा कि मवेशी में ईयर टैग लगा दिया गया है। अनुदान पर देशी गाय की डेयरी स्थापना के लिए आवेदन कहाँ करें? बिहार सरकार द्वारा योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। इच्छुक व्यक्ति गव्य विकास निदेशालय, बिहार की वेबसाइट https://dairy.bihar.gov.in/Default.aspx पर 1 सितम्बर 2023 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं योजना की अधिक जानकारी के लिए अपने ज़िले के गव्य विकास पदाधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। ” 

 

 

Raksha Bandhan 2023: रक्षाबंधन पर भद्रा का साया,ऐसे में रात 9 से 31 अगस्त को सुबह 7 बजे तक बहनें भाई को राखी बांध सकती हैं।

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Raksha Bandhan 2023: भाई बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन इस साल 30 अगस्त 2023 को है। रक्षाबंधन का यह पावन पर्व हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखियां बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। वहीं भाई प्रेमरूपी रक्षा धागा को बंधवा कर बहन की उम्र भर रक्षा करने का संकल्प लेते हैं। साथ ही बहनों को उपहार देते हैं। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। यह पर्व बहुत ही शुभ माना जाता है, लेकिन इस साल रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया है और धार्मिक शास्त्रों के अनुसार भद्राकाल में भाईयों को राखी नहीं बांधनी चाहीए। इस समय राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि इस साल रक्षाबंधन पर भद्रा कब से कब तक है और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है…
रक्षाबंधन पर भद्रा का साया
इस साल सावन माह की पूर्णिमा तिथि 30 अगस्त को है, लेकिन इस दिन भद्रा का साया है। कहा जाता है कि यदि श्रावण पूर्णिमा तिथि पर भद्रा का साया हो तो भद्राकाल तक राखी नहीं बांधी जाती है। उसके समापन के बाद ही राखी बांधनी चाहिए, क्योंकि भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता है।
रक्षाबंधन 2023 पर भद्रा का समय
इस साल सावन महीने की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 30 अगस्त को सुबह 10 बजकर 58 मिनट से हो रही है। इसका समापन 31 अगस्त को सुबह 07 बजकर 05 मिनट पर होगा। 30 अगस्त को पूर्णिमा तिथि की शुरुआत से ही यानी सुबह 10 बजकर 58 मिनट से भद्रा शुरू हो जा रही है और रात 09 बजकर 01 मिनट तक है।
ऐसे में 30 अगस्त को भद्रा के कारण राखी बांधने का मुहूर्त दिन में नहीं है। इस दिन रात में 9 बजे के बाद राखी बांधने का मुहूर्त है। यह मुहूर्त अगले दिन 31 अगस्त को 07 बजकर 05 मिनट तक है। इस समय में भद्रा नहीं है। ऐसे में रात 9 से 31 अगस्त को सुबह 7 बजे तक बहनें भाई को राखी बांध सकती हैं।

क्या होती है भद्रा?
रक्षाबंधन के पर्व पर भद्राकाल का विशेष ध्यान रखा जाता है। भद्रा में राखी न बंधवाने के पीछे एक पौराणिक मान्यता प्रचलित है। मान्यता के अनुसार लंकापति राजा रावण ने अपनी बहन से भद्रा के समय ही राखी बंधवाई थी। भद्राकाल में राखी बांधने के कारण ही रावण का सर्वनाश हुआ था। इसी मान्यता के आधार पर जब भी भद्राकाल होता है तो उस समय बहनों को अपने भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांधती हैं। इसके अलावा भद्राकाल में भगवान शिव तांडव नृत्य करते हैं इस कारण से भी भद्रा में शुभ कार्य नहीं किया जाता है।

Krishna Janmashtami – इस साल कब मनाई जाएगी जन्माष्टमी 2023

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Krishna Janmashtami Date: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, जन्माष्टमी का त्योहार कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन मनाया जाता है. इस दिन को भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है. जन्माष्टमी का त्योहार पूरे भारत में धूम-धाम से मनाया जाता है. इस त्योहार को कृष्ण जन्माष्टमी, श्री जयंती, गोकुलाष्टमी और श्रीकृष्ण जयंती जैसे अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान श्री कृष्ण के बाल गोपाल स्वरूप की पूजा होती है.

इस साल कब मनाई जाएगी जन्माष्टमी

कृष्ण जन्मोत्सव के दिन लोग व्रत रखते हैं और रात में 12 बजे कान्हा के जन्म के बाद प्रसाद वितरण करके अपना व्रत खोलते हैं. इस साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की 6 सितंबर को दोपहर 03 बजकर 37 मिनट से हो रही है और इसका समापन अगले दिन 7 सितंबर की शाम 04 बजकर 14 मिनट पर होगा.

पुराणों के अनुसार श्रीकृष्ण का जन्म रात्रि 12 बजे रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. इस मान्यता के अनुसार गृहस्थ जीवन वाले 6 सितंबर को जन्मोत्सव मनाएंगे. इसी दिन रोहिनी नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है. वहीं वैष्णव संप्रदाय में श्रीकृष्ण की पूजा का अलग विधान है. इसलिए वैष्णव संप्रदाय में 07 सिंतबर को जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा.

जन्माष्टमी व्रत और पूजन विधि

जन्माष्टमी व्रत में अष्टमी के उपवास से पूजन और नवमी के पारणा से व्रत की पूर्ति होती है. इस व्रत से एक दिन पहले यानी सप्तमी के दिन हल्का और सात्विक भोजन करना चाहिए. उपवास वाले दिन प्रातः स्नानादि से निवृत होकर सभी देवताओं को नमस्कार करके पूर्व या उत्तर को मुख करके बैठें. अब हाथ में जल, फल और पुष्प लेकर व्रत का संकल्प लें. मध्यान्ह के समय काले तिलों का जल छिड़क कर देवकी जी के लिए प्रसूति गृह बनाएं. अब इस सूतिका गृह में सुन्दर बिछौना बिछाकर उस पर शुभ कलश स्थापित करें.

भगवान श्रीकृष्ण के साथा माता देवकी जी की मूर्ति या सुन्दर चित्र की स्थापना करें. देवकी, वासुदेव, बलदेव, नन्द, यशोदा और लक्ष्मी जी इन सबका नाम लेते हुए विधिवत पूजन करें. यह व्रत रात में बारह बजे के बाद ही खोला जाता है. इस व्रत में अनाज का उपयोग नहीं किया जाता. फलहार के रूप में कुट्टू के आटे की पकौड़ी, मावे की बर्फी और सिंघाड़े के आटे का हलवे का सेवन कर सकते हैं.