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चंद्रयान-3 का मून लैंडर -‘शिवशक्ति’ के नाम से जाना जाएगा – 23 अगस्‍त को अब नैशनल स्‍पेस डे के रूप में मनाया जाएगा -पीएम मोदी,

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बेंगलुरु: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-3 की सफलता पर अभिभूत हैं। ग्रीस से लौटते ही वह सीधे बेंगलुरु गए। वहां इसरो के वैज्ञानिकों से मिले। उनके सामने पहुंचकर कहा, ‘मैं जल्‍द से जल्‍द आपके दर्शन करना चाहता था। आप सबको सैल्‍यूट करना चाहता था…’ इतना बोलते-बोलते पीएम मोदी का गला रुंध गया। वह बोले, ‘सैल्‍यूट आपके परिश्रम को, सैल्‍यूट आपके धैर्य को, सैल्‍यूट आपकी लगन को, सैल्‍यूट आपकी जीवटता को, सैल्‍यूट आपके जज्‍बे को… आप देश को जिस ऊंचाई पर लेकर गए हैं, ये कोई साधारण सफलता नहीं है। ये अनंत अंतरिक्ष में भारत के वैज्ञानिक सामर्थ्‍य का शंखनाद है।’ बेंगलुरु में इसरो टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क मिशन कंट्रोल कॉम्प्लेक्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया, जिस स्थान पर चंद्रयान-3 का मून लैंडर उतरा है, उस स्थान को ‘शिवशक्ति’ के नाम से जाना जाएगा। पीएम ने घोषणा की कि 23 अगस्‍त को अब नैशनल स्‍पेस डे के रूप में मनाया जाएगा।
पीएम मोदी ने ऐलान किया, ‘चंद्रमा के जिस स्थान पर चंद्रयान-2 अपने पदचिन्ह छोड़े हैं, वह प्वाइंट अब ‘तिरंगा’ कहलाएगा। ये तिरंगा प्वाइंट भारत के हर प्रयास की प्रेरणा बनेगा, ये तिरंगा प्वाइंट हमें सीख देगा कि कोई भी विफलता आखिरी नहीं होती।’

पीएम मोदी ने ISRO वैज्ञान‍िकों से कहा, ‘आज मैं एक अलग ही खुशी महसूस कर रहा हूं, ऐसे मौके बहुत कम आते हैं…व्यक्ति के जीवन में कई बार ऐसी घटनाएं घटती हैं कि वो बेसब्री हावी हो जाती है और इस बार मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है…मैं दक्षिण अफ्रीका में था लेकिन मेरा मन पूरी तरह से आपके साथ ही लगा हुआ था।’ मोदी ने कहा, ‘आप सभी के बीच आकर आज एक अलग ही खुशी महसूस कर रहा हूं। शायद ऐसी खुशी बहुत दुर्लभ अवसरों पर होती है, जब ऐसी घटनाएं घटती हैं कि बेसब्री हावी हो जाती हैं। इस बार मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है।’

मेरा मन वैज्ञानिकों के पास पहुंचने के लिए बहुत उत्सुक: पीएम मोदी

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दक्षिण अफ्रीका और ग्रीस की अपनी दो देशों की यात्रा के समापन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगलूरू के एचएएल हवाई अड्डे पहुंचे। यहां पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए एक नया नारा दिया- ‘जय विज्ञान-जय अनुसंधान’। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ISRO टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क मिशन कंट्रोल कॉम्प्लेक्स में चंद्रयान-3 मिशन में शामिल ISOR टीम के वैज्ञानिकों से मुलाकात की।
यहां पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘हमारे ISRO वैज्ञानिकों के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं, जिन्होंने चंद्रयान-3 की सफलता से भारत को गौरवान्वित किया है। उनका समर्पण और जुनून वास्तव में अंतरिक्ष क्षेत्र में हमारे देश की उपलब्धियों के पीछे प्रेरक शक्ति है।
हवाईअड्डे के बाहर एकत्र लोगों का अभिवादन किया
प्रधानमंत्री मोदी ने बेंगलुरु में एचएएल हवाईअड्डे के बाहर एकत्र लोगों का अभिवादन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि देश के वैज्ञानिक जब देश को इतनी बड़ी सौगात देते हैं, इतनी बड़ी सिद्धी प्राप्त करते हैं तो यह दृश्य जो मुझे बंगलूरू में दिख रहा है, वही दृश्य मुझे ग्रीस में भी दिखा, जोहान्सबर्ग में भी दिखाई दिया। दुनिया के हर कोने में न सिर्फ भारतीय बल्कि विज्ञान में विश्वास करने वाले, भविष्य को देखने वाले, मानवता को समर्पित सब लोग इतने ही उमंग और उत्साह से भरे हुए हैं।
मेरा मन वैज्ञानिकों के पास पहुंचने के लिए बहुत उत्सुक: पीएम मोदी
उन्होंने कहा कि आप लोग सुबह-सुबह इतने जल्दी यहां आए। छोटे-छोटे बच्चे, जो भारत के भविष्य हैं, वे भी इतने सुबह यहां आए हैं। चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग के वक्त मैं विदेश में था, लेकिन मैंने सोचा था कि भारत जाते ही सबसे पहले बंगलूरू जाउंगा। भारत जाते ही सबसे पहले मैं वैज्ञानिकों को नमन करूंगा। यह समय मेरे संबोधन का नहीं है, क्योंकि मेरा मन वैज्ञानिकों के पास पहुंचने के लिए बहुत उत्सुक है।
सड़कों पर ढोल बजाते और नृत्य करते नजर आए लोग
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए स्थानीय कलाकार एचएएल हवाई अड्डे के बाहर सड़कों पर ढोल बजाते और नृत्य करते नजर आए। भाजपा कार्यकर्ता और नेता भी भारी संख्या में एयरपोर्ट के बाहर एकत्र हुए। HAL हवाई अड्डे के बाहर एकत्र हुए लोगों में से एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि  भारत विश्व में पहला देश बना है जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 को उतारा है। वैज्ञानिकों को जो भी जानकारी मिलेगी वह भारत और विश्व के लिए एक बड़ा पड़ाव होगा। वहां से जो भी वैज्ञानिक प्रमाण मिलेंगे उसकी मदद से भारत पूरे विश्व की मदद करेगा।

Mumbai: अदालत ने ट्रेन फायरिंग के आरोपी का नार्को परीक्षण कराने से किया इनकार

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Mumbai – चलती ट्रेन में चार लोगों की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी बर्खास्त आरपीएफ कांस्टेबल चेतनसिंह चौधरी का नार्को टेस्ट कराने अदालत ने इनकार कर दिया और अपने तर्क में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने कहा कि चुप रहना आरोपी व्यक्ति का मौलिक अधिकार है।

चलती ट्रेन में चार लोगों की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी बर्खास्त आरपीएफ कांस्टेबल चेतनसिंह चौधरी का नार्को टेस्ट कराने अदालत ने इनकार कर दिया और अपने तर्क में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने कहा कि चुप रहना आरोपी व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने आरोपी चौधरी को नार्को टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ के अधीन करने के लिए बोरीवली मजिस्ट्रेट अदालत की मंजूरी मांगी थी।
अदालत ने 11 अगस्त को पारित आदेश में कहा कि किसी आरोपी को केवल सुचारू जांच के लिए ऐसे परीक्षणों के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। अदालत का विस्तृत आदेश शुक्रवार को उपलब्ध हुआ। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और पड़ोसी ठाणे जिले की जेल में बंद है।
अभियोजन पक्ष ने दलील दी थी कि उस पर गंभीर अपराध का आरोप है और जांच पूरी करने के लिए नार्को और अन्य परीक्षण जरूरी हैं। चौधरी के वकील सुरेंद्र लांडगे, अमित मिश्रा और जयवंत पाटिल ने आवेदन का विरोध करते हुए दलील दी कि नार्को परीक्षण मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और यदि कोई आरोपी यह परीक्षण कराने के लिए तैयार नहीं है तो यह परीक्षण नहीं किया जा सकता है।
मजिस्ट्रेट ने उच्चतम न्यायालय के एक आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि अगर हम पूरे फैसले का गहराई से अध्ययन करें, तो इससे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि केवल बाहरी परिस्थितियों में, वह भी आरोपी की सहमति के साथ, परीक्षण कराया जा सकता है। लेकिन, आरोपी को उसकी सहमति के बिना परीक्षण के लिए बाध्य करने की कोई गुंजाइश नहीं है। आरोपी अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए इस तरह के परीक्षणों के लिए तैयार नहीं है, इसलिए आवेदन खारिज कर दिया जाना चाहिए।
अदालत ने यह भी कहा कि चुप रहना आरोपी का मौलिक अधिकार है। यह घटना 31 जुलाई को महाराष्ट्र में पालघर रेलवे स्टेशन के पास जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस में हुई थी। आरोप है कि चौधरी (34) ने अपने वरिष्ठ अधिकारी सहायक उप-निरीक्षक टीका राम मीना और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

Cow Economy – देश में पशुपालन किसानों के लिए दैनिक आय के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार का अच्छा जरिया है

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देश में पशुपालन किसानों के लिए दैनिक आय के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार का अच्छा जरिया है। ऐसे में पशुपालन को लाभ का धंधा बनाने के लिए पशुओं की उचित देखभाल करना जरुरी होता है, ताकि पशु को बीमारी से बचाया जा सके। देश में बारिश का मौसम जून महीने से सितंबर महीने तक रहता है। इस दौरान कई कारणों से पशु स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जिससे पशु पालकों को आर्थिक हानि का सामना करना पड़ता है।

बरसात के मौसम में पशुओं में कई तरह के रोग लगने की संभावना होती है, साथ ही अधिक बारिश से बाढ़ आने के कारण, बिजली गिरने के चलते या अन्य प्राकृतिक कारणों से पशुओं की मृत्यु भी होने की संभावना रहती है। ऐसे में पशुपालकों को पशुओं के रहने की उचित व्यवस्था के साथ ही अच्छी तरह से देखरेख करना चाहिए ताकि आर्थिक नुक़सान से बचा जा सके।

पशुओं के बाड़े में करें चुने का छिड़काव

बारिश में जमीन गीली होने के कारण फिसलन बढ़ जाती है जिससे पशुओं में गिरकर गंभीर चोट लगने या पैर टूटने का खतरा बना रहता है। इसके लिए पशुपालकों को विशेष ध्यान देना चाहिए। पशु बाड़ें की छत से पानी का रिसाव नहीं होने देना चाहिए। बाड़े में जल–जमाव के कारण पशुओं में गंभीर रोगों जैसे काँक्सीडीयता या कुकड़िया रोग, पैर सड़ांध या फुट रॉट, आदि का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है। बाड़े की छत के निर्माण के लिए स्टील या लोहे की जस्ता चढ़ी नालीदार चादर का उपयोग करना लाभकारी होता है। सप्ताह में कम से कम दो बार बाड़े में चुने के छिडकाव से पशुओं में पैर सड़ांध की समस्या को कम किया जा सकता है।

समय–समय पर करें बाड़े की सफाई
अस्वच्छ बाड़ें में थनैला रोग होने की आशंका भी अधिक होती है। यदि बाड़े में पानी का जमाव हो रहा हो, तो ऐसी स्थिति में बाड़े की समय–समय पर सफाई करना चाहिए और बाड़े को शुष्क रखना चाहिए। इससे घातक रोगों के जनक कहे जाने वाले जीवाणुओं व परजीवियों को नियंत्रित किया जा सकता है। पशुपालकों को बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही गाय–भैंसों को गल–घोंटू और लंगड़ी बुखार का टीका लगवा लेना चाहिए।

पशु बांधने के स्थान पर रखें इन पौधों के पत्ते
बरसात के मौसम में पशुओं में किलनी की समस्या भी बढ़ सकती है। यदि बाड़ें में अत्यधिक संख्या में किलनियां होगीं, तो मवेशियों में सर्रा, थिलेरिया रोग, बबेसिओसिस, आदि का खतरा भी बना रहेगा। ऐसी स्थिति में यदि पशु को तेज बुखार और खून की कमी की शिकायत हो, तो उपचार के लिए तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय ले जाना चाहिए। पशुओं के बाड़ों में तुलसी के पत्ते या लेमनग्रास रखने से परजीवी संक्रमण कम किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त पशुपालन परजीवीनाशक औषधि (बुटोक्स स्प्रे 2 मि.ली. प्रति लीटर पानी, शरीर पर स्प्रे ) के प्रयोग से पशुओं को किलनी और मक्खियों से निजात दिला सकते हैं।

बरसात में खासकर बछडों को बाड़ें में ही सीमित रखना चाहिए और अन्य दिनों के मुकाबले दूध का थोड़ा ज्यादा सेवन करवाना चाहिए। इससे बछड़े के शरीर में पर्याप्त मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न होती है। एक माह से अधिक उम्र के बछड़ों में अनुशंसित अंतराल पर कृमिहरण किया जाना चाहिए। बरसात में पेट के कीटों का संक्रमण तेजी से फैलने लगता है। इसी प्रकार भेड़–बकरियों में भी कृमिहरण और उसके पश्चात पी.पी.आर. व फडकिया रोग का टीकाकरण करवाना महत्वपूर्ण है। भेड़ों में मानसून के दैरान ऊन की कटाई न करने की सलाह दी जाती है। इसके अतिरिक्त, बरसात के दिनों में पशुओं को बिजली के खंभों से बांधकर नहीं रखना चाहिए।

बारिश में पशुओं को क्या खिलायें
बरसात के मौसम में पशुओं को चारे के साथ–साथ सूखा चारा भी दिया जाना चाहिए। हरी घास में बरसात के दौरान पानी की मात्रा अधिक होती हैं, जो केवल पशुओं का पेट भरने का काम करती है और अनुशंसित मात्रा में ऊर्जा प्रदान नहीं कर पाती है। यदि संभव हो, तो हरी घास को पशुओं को खिलाने से पहले धूप में सुखा लें। गाभिन पशु (छह माह से अधिक) को अतिरिक्त चारा और खनिज मिश्रिण खिलाएं। पशुओं के चारे में धीरे–धीरे परिवर्तन करें। एकाएक परिवर्तन करने से पशु पेट फूलने (अफारा) और पोषण–संबंधी रोगों से ग्रसित हो सकते हैं।

मानसून में अत्यधिक हरे चारे के सेवन से पशु पतला गोबर करने लगते हैं, जो की एक सामान्य व्यवहार है। पशुपालकों को मानसून में चारे को फफूंद से बचाकर रखने की जरूरत होती है। वातावरण में अत्यधिक आद्रता होने की वजह से सूखे चारे में अक्सर फफूंदी लग जाती है। बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही सूखे चारे का पर्याप्त मात्रा में भंडारण कर लेना चाहिए। इसके लिए बरसात के पानी के स्तर से ऊपर किसी सुरक्षित स्थान का चयन किया जाना महत्वपूर्ण होता है।

किसान समय–समय पर लें पशु चिकित्सकों से परामर्श
पशुओं के शरीर के जख्मों और घावों का शीघ्र ही पशु चिकित्सक से उपचार करवाना चाहिए अन्यथा खुले घावों में कीट (मैगट) पड़ सकते हैं। इससे बेचैनी, उत्पादन में गिरावट, मांसपेशियों की गलन व अन्य गंभीर लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं।

पशुपालकों को बरसात के दिनों में पशु प्रबंधन के लिए जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेकर तथा पशुओं की देखभाल करने के लिए अपने निकटतम पशु चिकित्सक से परामर्श कर, पशु–स्वस्थ्य प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां समय–समय पर एकत्रित करते रहना चाहिए। साथ ही पशुओं के असामान्य व्यवहार पर भी पशु चिकित्सक की सलाह लेना उचित रहता है।

पुलिस मुठभेड़ में गौ तस्कर गिरफ्तार, पैर में लगी गोली, दस हजार का इनाम था घोषित

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इटावा, । कोतवाली पुलिस ने गुरूवार की रात को भिंड रोड पर हनुमान टीला के पास से एक मुठभेड के बाद दस हजार के इनामी गौ तस्कर को गिरफ्तार कर लिया। फायरिंग में गोली गौ तस्कर के पैर में जा लगी जिससे वह घायल हो गया। पुलिस को उसके पास से तमंचा, कारतूस व खोखा के अलावा एक बाइक बरामद हई है। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि 21 अगस्त को कोतवाली पुलिस ने प्रतिबंधित मांस की बिक्री करने के लिए जाते समय दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि एक व्यक्ति भाग जाने में सफल रहा था। पुलिस तभी से उसकी तलाश में थी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर दस हजार का इनाम घोषित किया था।
गुरूवार की रात को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विक्रम सिंह चौहान अपने हमराह फोर्स के साथ बदमाशों की तलाश में थे। तभी मुखबिर ने सूचना दी कि दस हजार का इनामी व गौ तस्करी में वांछित चल रहा आरोपी बाइक से मानिक पुर मोड होत हुए इटावा की ओर आ रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने हनुमान टीला के पास चेकिंग शुरू कर दी। तभी उन्हें एक बाइक सवार आता दिखाई दिया।
पुलिस ने जब उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जबाबी कार्रवाई की। जबाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह घायल होकर गिर पडा। तलाशी में उसके पास से तमंचा कारतूस के अलावा एक बाइक बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपना नाम जफर उर्फ जफरूद्दीन उर्फ भल्लू पुत्र मुख्तयार निवासी कुदरकोट औरैया बताया। पुलिस घायल को अस्पताल ले गई जहां उसका उपचार कराया गया।

शाहरुख खान ने जवान के नए पोस्टर से उठाया पर्दा और कहा, ‘हर चेहरे के पीछे होता है मकसद’

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मुम्बई। बॉलीवुड के रोमांस किंग यानी शाहरुख खान और उनके जवान के लुक ने प्रीव्यू के लॉन्च के बाद से ही दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया है। जहां, प्रीव्यू ने पहले ही दर्शकों को नए लेवल के एक्शन्स की झलक दिखाई है, वहीं जवान को लेकर सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाले एलिमेंट्स में से एक शाहरुख के अलग-अलग अवतार हैं, जिसे लेकर सभी के बीच उत्सुकता बढ़ गयी है कि आखिर उनके हर एक लुक के पीछे की कहानी होगी।
“जवान” में शाहरुख खान के सभी अवतारों को एक सिंगल फ्रेम में मिलाकर, नया पोस्टर आज पेश किया गया है, जो फ़िल्म से पांच अलग-अलग दिखने वाले रूपों को शानदार तरीके से पेश कर रहा है। जिस खूबसूरत तरीके से शाहरुख इन अलग-अलग अवतारों के बीच बेहद आसानी से बदलाव करते हैं, वह उनकी शानदार वर्सटिलिटी प्रतिभा का सबूत है।
“जवान” दर्शकों को शाहरुख के अलग-अलग वर्जन से परिचित कराने के लिए तैयार है, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया है।
‘जवान’ एटली द्वारा निर्देशित, गौरी खान द्वारा निर्मित और गौरव वर्मा द्वारा सह-निर्मित और रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट की प्रस्तुति है। यह फिल्म 7 सितंबर, 2023 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज होगी।

https://x.com/iamsrk/status/1694998797871685875?s=46&t=PusltWkTns46RNMqjWxAeA

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने मुस्तफा युसूफ अली गोम को डॉ.बीआर अंबेडकर अवार्ड से सम्मानित किया

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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने मुस्तफा युसूफ अली गोम को डॉ.बीआर अंबेडकर अवार्ड से सम्मानित किया
कोलकाता। केयर टेकर्स एक्सटीरियर एंड इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ.मुस्तफा युसूफ अली गोम को डॉ.बीआर अंबेडकर अवार्ड से सम्मानित किया गया उन्हें यह सम्मान वेस्ट बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बॉस द्वारा राजभवन में आयोजित एक समारोह में दिया गया। डॉ.मुस्तफा युसूफ अली गोम को उनके उल्लेखनीय सामाजिक कार्यों को देखते हुए दिया गया।
बता दें कि पश्चिम बंगाल के राजभवन में मैत्री पीस फ़ाउंडेशन द्वारा डॉ.बीआर अंबेडकर अवार्ड तथा इंटरनैशनल बुद्धा पीस अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया था।
जिसमें राज्यपाल डॉ. सी.वी, आनंद बॉस ने लोक सभा सांसद मुकेश राजपूत, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य और मंत्री डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, पद्मभूषण एवं गायक उदित नारायण और केयर टेकर्स एक्सटीरियर एंड इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ.मुस्तफा युसूफ अली गोम को डॉ.बीआर अंबेडकर अवार्ड से सम्मानित किया।
ग़ौरतलब है कि केयर टेकर्स एक्सटीरियर एंड इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड बिल्डिंग रिपेयरिंग के क्षेत्र में बहुत ही सराहनीय भूमिका निभा रही है। बहुत कम समय में केयर टेकर्स एक्सटीरियर एंड इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड ने एक बड़ी क़ामयाबी हासिल की है।
डॉ.मुस्तफ़ा युसूफ अली गोम को यह सम्मान उनके द्वारा किये जा रहे सामाजिक कार्यो मद्देनज़र रखते हुए दिया गया। ज्ञात हो कि श्री गोम मुंबई के कांदिवली में एक सामूहिक किचन चलाते है जिससे लोगो को काफी लाभ मिल रहा है।
कोलकाता के राजभवन में हुए इस कार्यक्रम के आयोजक बुद्धिस्ट मोंक सुरजीत बरुआ थे जो सिक्किम में कई अनाथआश्रम का संचालन करते हैं।
श्री गोम को अब तक उनके अच्छे सामाजिक कामो के लिए बहुत से सम्मान मिल चुके है। महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें ” गऊ भारत भारती ” के सर्वोत्तम सम्मान से सम्मानित किया साथ ही साथ केरल के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद खान ने वाग्धारा सम्मान से भी सम्मानित किया है।
विशाल विचार नेतृत्व के कारण उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि से भी सम्मानित किया गया है । इंस्टीट्यूट ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (आईईएमएस) ने मरम्मत बहाली और रखरखाव उद्योग में उनके 30 वर्षों के अनुभव और मुंबई शहर में 500 से अधिक इमारतों के मरम्मत करने में उनके जबरदस्त काम के लिए डॉ. मुस्तफा युसुफ अली गोम को , वेस्ट बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बॉस द्वारा राजभवन में आयोजित एक समारोह में आमंत्रित कर उन्हें यह सम्मान दिया गया।

कश्मीर में राजवीर शर्मा के सॉन्ग ‘रात हूं मैं’ की शूटिंग कंप्लीट

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– अनिल बेदाग,
मुंबई – फिल्मजॉइंट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अगले म्यूजिक एल्बम ‘रात हूं मैं’ की शूटिंग कंप्लीट हो गई है। इस गाने की शूटिंग कश्मीर के श्रीनगर, डल झील और सोनमर्ग में की गई है।
    इस गाने में अभिनेता राजवीर शर्मा और अभिनेत्री युक्ता शर्मा की हिट जोड़ी एक बार फिर से साथ नज़र आएगी।  राजवीर शर्मा ने बताया कि हाल ही में उनका गाना ‘अपनी मोहब्बत’ रिलीज़ हुआ था जिसकी सफलता को देखते हुए निर्माताओं ने एक बार फिर से राजवीर शर्मा, युक्ता शर्मा, संगीतकार रईस और सिंगर सैम के साथ ‘रात हूं मैं’ गाने का निर्माण किया हैl
    इस गाने में गायक सैम और प्रसिद्ध गायिका ऐश्वर्या पंडित ने अपनी आवाज दी है। संगीतकार रईस ने संगीत दिया हैl
फिल्मजॉइंट्स कंपनी लगातार कई भाषाओं में गानों का निर्माण कर रही है। पिछले 1 महीने में ही कंपनी दो बड़े हिट पंजाबी म्यूजिक वीडियो रिलीज़ कर चुकी है। एक ’80 कीले’ गायक और कलाकार यश खान और अभिनेत्री सोनी धवन और दूसरा ‘क्या बात’ अभिनेता कुलविंदर बाबा और अभिनेत्री सनी धवन और गायक रवि मदर पर फिल्माया गया है दोनों के डायरेक्टर गुरी ग्रेवाल हैं।
    हाल ही में फिल्मजॉइंट्स कंपनी ने हरियाणा के प्रसिद्ध गायक विकाश कुमार के भी कई गाने रिकॉर्ड करवाएं हैं। जिनकी शूटिंग जल्द ही नए कलाकारों के साथ शुरू की जाएगी।
इस गाने की प्रोड्यूसर मधु शर्मा और को-प्रोड्यूसर शिखर वर्मा हैl सौरभ तोमर इस गाने के प्रोडक्शन हेड हैं और कैमरामैन स्वामी, लाइन प्रोडक्शन हेड कश्मीर के जावेद खान और गुरी ग्रेवाल हैl प्रिंट पब्लिसिटी और एडिटिंग इट्स के डिजाइन द्वारा की जा रही हैl
     फिल्मजॉइंट्स कंपनी के पिछले गाने ‘अपनी मोहब्बत’ का म्यूजिक रिलीज़ 14 जून को राजधानी दिल्ली के फाइव स्टार होटल ली मेरिडियन में किया गया था। अपने रिकॉर्डिंग के समय से ही यह गाना सुर्खियों में रहा है इसके गीतकार भारत सरकार के ऑफिसर श्री सौरभ तिवारी जी (जॉइंट सेक्रेटरी केबिनेट सेक्रेटेरिएट)  हैं। इस गाने की रिलीज के अवसर पर बॉलीवुड के अनेकों सितारे, ब्यूरोक्रेट नेता और बड़े बड़े बिजनेसमैन पहुंचे थे।
     समारोह में शामिल बॉलीवुड के अभिनेताओं में दर्शन कुमार, गुरमीत चौधरी, देबिना बनर्जी, प्रसिद्ध कोरियोग्राफर शबीना खान, अभिनेत्री रिया सेन, द ग्रेट खली, बलवान, इरॉस कंपनी की मालिक कृषिका लुल्ला, अलख ज्योति आश्रम पीठाधीश्वर संत श्री राजेंद्र शर्मा, रिदम दत्ता, संजीव जैन, राजन शर्मा, धमाका रिकॉर्ड्स के मलिक पारस मेहता, आज तक की एंकर नेहा बाथम सरीखे लोग शामिल हुए।
    उनके साथ साथ देश विदेश की जानी-मानी हस्तियां शामिल हुई एवं  समारोह का उद्घाटन श्री केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले जी और केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी बघेल ने किया।
मुख्य अतिथियों में अनेक मंत्री और ब्यूरोक्रेसी के श्री सज्जन सिंह यादव (एडीशनल सेक्रेट्री मिनिस्ट्री ऑफ़ फाइनेंस भारत सरकार) और श्री ओपी मिश्रा (सेक्रेटरी दिल्ली सरकार) भी मौजूद रहे थेl गौरतलब है कि अभिनेता राजवीर शर्मा पिछले कुछ महीनों से खासा चर्चा में बने हुए हैंl उनके आने वाले गाने ‘रात हूं मैं’ की चर्चा फिल्मी गलियारों में काफी जोरों पर हैl दर्शकों को यह गाना जल्दी देखने को मिलेगाl

हाथ के इशारे से जिनपिंग से क्या कह रहे थे PM मोदी

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नई दिल्ली: ब्रिक्स समिट के लिए जोहान्सबर्ग गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच संक्षिप्त बातचीत हुई है। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर और वीडियो काफी शेयर हो रही है जिसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के नेता मुस्कुराते हुए मिलते दिख रहे हैं। इसमें जिनपिंग मोदी की तरफ देख रहे हैं। एक वीडियो में मोदी हाथ के इशारे से जिनपिंग से कुछ कहते भी दिखते हैं। दक्षिण अफ्रीकी मीडिया में प्रसारित वीडियो में मोदी और शी बातचीत करते दिखे तो भारत में चर्चा शुरू हो गई। पिछले साल नवंबर में बाली में जी20 शिखर सम्मेलन में रात्रिभोज के दौरान दोनों नेताओं के बीच कुछ इसी तरह की बातचीत हुई थी। ​ऐसे में जब दक्षिण अफ्रीका में मोदी और शी के बीच मुलाकात हुई तो लोग यह जानना चाहते हैं कि दोनों नेताओं में क्या बात हुई? मई 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के बाद से दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण चल रहे हैं। चीन कई इलाकों में अड़ा हुआ है। तीन साल से राजनयिक और सैन्य स्तर पर चर्चा हो रही है लेकिन समस्या जस की तस है। कई क्षेत्रों से दोनों देश अपने सैनिक पीछे हटा चुके हैं लेकिन पूर्वी लद्दाख के देपसांग और डेमचोक पर बात नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अनसुलझे मुद्दों को लेकर भारत की चिंताओं से अवगत कराया। मोदी ने शिखर सम्मेलन से इतर शी से यह बातचीत की। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बताया कि पीएम ने साफ कहा कि बॉर्डर पर शांति बनाए रखना और LAC का सम्मान भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने के लिए आवश्यक है।

क्या मोदी-जिनपिंग में द्विपक्षीय बातचीत हुई?
नहीं। पहले से मोदी-शी के बीच द्विपक्षीय बैठक की संभावना को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि विदेश सचिव ने मोदी और शी की मुलाकात को द्विपक्षीय बातचीत नहीं कहा। उन्होंने यह जरूर बताया कि दोनों नेताओं की बातचीत बुधवार को हुई।

… तो क्या मान गया चीन?
मोदी-शी की मुलाकात के बाद एक संयुक्त बयान आया। इसमें बातचीत को सकारात्मक और रचनात्मक बताया गया है। कहा गया कि दोनों पक्ष बाकी मुद्दों को जल्द से जल्द हल करने पर सहमत हुए हैं।

विदेश सचिव ने कहा कि दोनों नेता अपने-अपने अधिकारियों को सैनिकों की जल्द वापसी और तनाव कम करने के प्रयास तेज करने का निर्देश देने पर सहमत हुए हैं। भारत और चीन ने इसी महीने 13 और 14 अगस्त को 19वें दौर की कोर कमांडर-स्तर की बातचीत की थी। इस दौरान पूर्वी लद्दाख के देपसांग और डेमचोक के गतिरोध वाले क्षेत्रों पर बात की गई थी।

क्या मोदी ने जिनपिंग को दिया न्योता?
क्या प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के लिए शी जिनपिंग को आमंत्रित किया है? विदेश सचिव ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया।

बॉर्डर पर भारत का रुख क्या होगा?
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने पूर्वी लद्दाख में चल रहे सैन्य टकराव को लेकर अलग रणनीति बनाई है। भारत चाहता है कि सबसे पहले देपसांग और डेमचोक में सैनिकों के पीछे हटने की क्रमिक प्रक्रिया शुरू हो। डेमचोक के पास चार्डिंग निंगलुंग नाला (CNN) ट्रैक जंक्शन पर सैनिकों की वापसी के मसले को सुलझाना थोड़ा आसान है। यहां चीनियों ने भारतीय क्षेत्र में कुछ तंबू गाड़े हैं। हालांकि बड़ा गतिरोध 16,000 फीट की ऊंचाई पर देपसांग के मैदानों को लेकर है, जहां चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी भारतीय गश्ती दल को भारत के क्षेत्र में लगभग 18 किमी अंदर आकर रोक रही है। भारत की मंशा स्पष्ट है कि इन दोनों क्षेत्रों से चीनी सैनिकों के पीछे हटने के बाद ही बॉर्डर से भारी हथियारों के साथ तैनात 50,000 से ज्यादा सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। डी-एस्केलेशन का मतलब यह होगा कि सैनिक अपने शांतिकाल वाले बेस पर लौट आएंगे।

चंद्रयान-3: ‘फुल ऑन’ होकर मूनवॉक करने लगा अपना प्रज्ञान, जानिए चांद से आए 5 बड़े अपडेट

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Chandrayaan-3 News: चंद्रयान-3 के चांद के साउथ पोल पर उतरने के अगले दिन रोवर प्रज्ञान ने काम शुरू कर दिया। वह चांद की सतह पर चहलकदमी कर रहा है। लैंडर विक्रम के सभी पेलोड्स का स्विच ON कर दिया गया है। ISRO ने कहा कि लैंडर विक्रम के तीन पेलोड्स- ILSA (Instrument for Lunar Seismic Activity), RAMBHA (Radio Anatomy of Moon Bound Hypersensitive Ionosphere and Atmosphere) और ChaSTE (Chandra’s Surface Thermophysical Experiment) काम करने लगे हैं। चंद्रयान-3 मिशन की सभी गतिविधियां प्‍लान के मुताबिक हो रही हैं। चांद पर मौजूद चंद्रयान-3 के सारे सिस्टम ‘नॉर्मल’ हैं। चंद्रयान-3 के बारे में 5 बडे अपडेट्स देखिए।
चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने चंद्रयान-3 के लैंडर को देख लिया है। चंद्रयान-2 का Orbiter High-Resolution Camera (OHRC) अभी चांद के आसपास मौजूद सबसे अच्‍छा कैमरा है।

चंद्रयान-3 मिशन के लैंडर ‘विक्रम’ ने चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए अपेक्षाकृत एक समतल क्षेत्र को चुना। इसरो ने बताया कि लैंडर विक्रम के कैमरे से ली गई तस्वीरों से यह पता चला है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि विक्रम के सफलतापूर्वक चंद्रमा पर पहुंचने के तुरंत बाद ‘लैंडिंग इमेजर कैमरा’ ने ये तस्वीरें कैद कीं। तस्वीरें चंद्रयान-3 के लैंडिंग स्थल का एक हिस्सा दिखाती हैं। उसने कहा कि लैंडर का एक पैर और उसके साथ की परछाई भी दिखाई दी।

वैज्ञानिकों का कहना है कि चंद्रयान-3 की लैंडिंग के बाद अब सबसे अहम चुनौती चांद के दुर्गम दक्षिणी ध्रुव में पानी की मौजूदगी की संभावना की पुष्टि और खानिज-धातुओं का पता लगाने की होगी। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन स्टडी से वहां जीवन की संभावना और सौरमंडल के बनने के रहस्यों से परदा हटाने में भी मदद मिलेगी।
IIT गुवाहाटी के फिजिक्स विभाग के प्रफेसर शांतब्रत दास ने बताया, ‘चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव बेहद दुर्गम इलाका है। इसमें 30 किलोमीटर तक गहरी घाटियां और 6-7 किलोमीटर तक ऊंचे पहाड़ हैं। इस हिस्से में कई इलाके ऐसे हैं जहां सूर्य की किरणें पड़ी ही नहीं हैं । ऐसे में यहां जमे हुए पानी के अहम भंडार हो सकते हैं।’
प्रफेसर दास ने बताया कि रोवर पर दो पेलोड लगे हैं। इसमें पहला ‘लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप’ है जो चांद की सतह पर मौजूद रसायनों की मात्रा की स्टडी के साथ ही खनिजों की खोज करेगा। दूसरा पेलोड ‘अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर’ है जो तत्वों की बनावट का जांचेगा। मैग्नीशियम, अल्यूमिनियम, सिलिकान, पोटैशियम, कैल्शियम, टिन, लोहे के बारे में पता लगाएगा।


चांद पृथ्वी के बाद बना है, ऐसे में वहां भारी धातुओं की मौजूदगी की मात्रा स्टडी का विषय होगी। पुणे के इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स के वैज्ञानिक प्रफेसर दुर्गेश त्रिपाठी ने बताया कि स्टडी से सौरमंडल बनने से जुड़े रहस्यों को जानने में मदद मिलेगी। अगर चंद्रमा पर पानी की मौजूदगी का पता चलता है तो इसमें से हाइड्रोजन-ऑक्सिजन के रूप में अलग किया जा सकता है।
IIT जोधुपर के प्रफेसर डॉ. अरुण कुमार ने बताया, ‘इस अभियान के तहत चंद्रमा की सतह पर भूकंपीय गतिविधि का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा, इलैक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों से जुड़ी स्टडी भी किया जाएगा।’ (पीटीआई)​

इसरो ने ट्वीट कर बताया कि चंद्रयान-3 लैंडर और मॉक्स-आईएसटीआरएसी, बेंगलुरु के बीच कम्युनिकेशन लिंक स्थापित हो गया है। इससे पहले इसरो ने कहा था कि चंद्रयान-3 के लैंडर ने चंद्रयान-2 मिशन के ऑर्बिटर के साथ संचार संपर्क स्थापित किया है, जो 2019 से चंद्रमा का चक्कर लगा रहा है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने यह भी कहा कि मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स के पास अब लैंडर के साथ कम्युनिकेशन के लिए ज्यादा रूट्स हैं। दूसरे शब्दों में समझें तो चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर मौजूदा लैंडर के साथ इसरो के लिए बैकअप कम्युनिकेशन पैनल होगा।